**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ चित्रकूट नोड के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक और वित्तीय अनुमोदन को संबोधित करता है। 4 जनवरी, 2024 के पत्र में, उत्तर प्रदेश सरकार, यूपीडा को परियोजना के लिए 1016.35 लाख रुपये की अनुमानित लागत के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 508.17 लाख रुपये जारी करने का अनुमोदन करती है। अनुमोदन विशिष्ट शर्तों और विनियमों के अधीन है, जिसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*स्वीकृति और वित्त पोषण:*
* चित्रकूट में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए बाउंड्री वॉल के निर्माण को मंजूरी।
* वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 1016.35 लाख रुपये की अनुमानित लागत के विरुद्ध 508.17 लाख रुपये आवंटित किए गए।
*शर्ते और नियम:*
* परियोजना शुरू करने से पहले तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है।
* यूपीडा परियोजना की विशिष्टताओं, मानकों और गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार है।
* स्वीकृत धन का उपयोग वित्तीय संहिता और सरकारी आदेशों के अनुसार किया जाना चाहिए।
* धनराशि केवल स्वीकृत कार्य/मद के लिए ही खर्च की जाएगी।
* लेबर सेस का भुगतान श्रम विभाग को किया जाना चाहिए।
* यूपीडा सभी वैधानिक अनापत्तियाँ और पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार है।
* परियोजना के तहत 18% जीएसटी की अनुमति है।
* परियोजना के स्कोप में परिवर्तन के लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है।
* धनराशि निकालने और खर्च करने में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञापन के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
*महत्वपूर्ण प्रावधान:*
* पहले से किसी अन्य योजना के अंतर्गत स्वीकृत या प्रस्तावित कार्यों से बचने के लिए डुप्लिकेसी जाँची जानी चाहिए।
* स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए मंजूरी दी गई है।
* यूपीडा किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए उत्तरदायी होगा।
* खर्च की गई राशि के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय सरकार को उपलब्ध कराना होगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
**प्रभाव:** यूपीडा को चित्रकूट नोड के डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की बाउंड्री वाल के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि सभी निर्माण कार्य अनुमोदित मानकों के अनुरूप हों और वित्तीय नियमों का पालन किया जाए।
**आवश्यक कार्रवाई:** यूपीडा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियां प्राप्त हो जाएं, आवंटित धन का सही उपयोग किया जाए, निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखी जाए, सभी वैधानिक और पर्यावरणीय अनापत्तियां प्राप्त की जाएं, और परियोजना के पूरा होने पर सरकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने वाली प्राथमिक संस्था।
डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर चित्रकूट नोड: जिसकी बाउण्ड्रीवाल के निर्माण कार्य के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
यूपीडा (UPEIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण के लिए जिम्मेदार कार्यान्वयन एजेंसी है।
वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6: वित्तीय नियम और प्रक्रियाओं से संबंधित एक संदर्भित दस्तावेज़।
बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस - वे: जिसके आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033370800 के अंतर्गत डिफेन्स कॉरिडोर परियोजना मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे खर्च डाला जायेगा।
संख्या-2/2024//463580/2024/00-77-3002-003-24-2023
प्रेषक,
शैलेन्द्र कुमार,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में, Ne
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीडा, पर्यटन भवन,
गोमती नगर लखनऊ ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 We TAS: दिनांक 04/07/2024
WN
विषय:- डिफेन्स इण्डस्ट्रियन कॉरिडोर चित्रकूट als की बाउण्ड्रीवाल के निर्माण कार्य
की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबध मैं] की
महोदय, &
aa.
उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा के पत्रांक
5092/283/यूपीडा/2023 दिनांक 8..2023 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश
हुआ है कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर चित्रकूट als की बाउण्ड्रीवाल के निर्माण के
कार्य हेतु पीएफएडी द्वारा आंकल्रित लागत रू0 0I6.35 लाख की प्रशासकीय एवं
वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 मैं व्यय हेतु लागत के
सापेक्ष रू0 508.7 लाख (रुपये Wa करोड़ आठ लाख सत्तरह हजार
मात्र ) निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तों/प्रतिबन्धों सहित staged किये जाने की
श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
( धनराशि रू0 लाख में)
जनपद कार्य का नाम स्वीकृत sara
लागत धनराशि
चित्रकूट (डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कारिडोर , चित्रकूट als की १06.35 508.7
बाउण्ड्रीवाल के निर्माण का कार्य
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों
- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के
प्रस्तर-38 A वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी
स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने
के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय।
2- कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी यूपीडा की होगी। प्रायोजना
का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।
3- स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय
पर शासन SANT निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा
आहरित धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद
के लिये है, उसी कार्य/मद पर प्रत्येक दशा में व्यय किया जायेगा।
5- यह सुनिश्चित किया जाय कि स्वीकृत किये जा रहे इस कार्य हेतु पूर्व में राज्य
सरकार अथवा किसी Hea स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है तथा न ही यह
कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित है।
6- लेबर BS की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि
का नियमानुसार भुगतान किया जायेगा।
7- मूल्य हास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी
जायेगी।
8- यूपीडा दूवारा नियमानुसार समस्त् आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय
क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
9- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत जी0एस0टी0 की धनराशि अनुमन्य कर दी गयी है।
प्रायोनान्तर्गत जी0एस0टी0 की धनराशि वास्ताविक रूप से जितनी देय होगी उतनी ही
भुगतान की. जायेगी। यूपीडा द्वारा अपने स्तर से सुनिश्चित किया जाय कि
प्रायोजनान्तर्गत विभिन्न कार्यमदों में जी0एएस0टी0 सम्मिलित न हो।
0- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का
परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण
उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा।
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |- प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्रावधानों
को यथावत मानते हुए किया गया है। प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि शासन
का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
|2- प्रस्तावित कार्यों की दविरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की इष्टि से प्रायोजना की
स्वीकृति से पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य
योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान A किसी अन्य
योजना/कार्यक्रम में प्रस्तावित है।
|3- धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा
तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय AMG
संख्या सं0- 2/2023/बी--227/दस-2023-23/2023 दिनांक 7.03.2023 द्वारा जारी
दिशा निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
|4- प्रश्नगत परियोजना का कार्य ससमय पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाय ताकि
भविष्य में कास्ट ओवर रन एवं टाईम ओवर रन की स्थिति न उत्पन्न होने पाये।
|5-उ0प्र0 इण्डस्ट्रियल एरिया डेवलपमेन्ट एक्ट 976 के प्राविधानों का पूर्णतया
अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
|6-स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिसके लिए
धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
|7-किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
|8-आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण-पत्र यथासमय शासन को उपलब्ध
कराया जायेगा।
AAO
2- S38 संबंध में होने वाला व्यय रुपये 5,08,7,000 ( रुपये पांच करोड़ आठ लाख
सत्रह हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक मे अनुदान
संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033370800 बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस - वे के साथ thea
कॉरीडोर परियोजना मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के aA डाला. जायेगा।
3- ... यह आदेश कंप्यूटर दूवारा उत्पन्न संख्या-ट-6-444-2(-2023-24, दिनांक
|9.2.2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(शैलेन्द्र कुमार),
अनु सचिव
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या एवं दिनांक Add!
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनाथ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I. निजी सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
2. निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0
शासन।
3. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ/प्रयागराज।
4. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज।
5. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ।
6. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ।
7.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज।
8. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2
9.वित्त नियंत्रक, यूपीडा, पर्यटन भवन,गोमती नगर लखनऊ।
0, वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-
.गा्ड फाइल।
आजा से,
(शैलेन्द्र कुमार),
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |