**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ 8 जनवरी, 2026 की एक अधिसूचना है, जिसके द्वारा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 9 की उपधारा (1) के खंड (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके कुछ दान विलेखों पर स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान की है। यह छूट सरकारी गजट में प्रकाशन की तारीख से लागू होगी और अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगी। 3 अगस्त, 2023 की पिछली अधिसूचना को रद्द कर दिया गया है।
**मुख्य बातें**
*छूट पात्रता:*
* यह छूट परिवार के सदस्यों (पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू, सगा भाई, सगी बहन, दामाद या पोता/पोती) को दान के रूप में अचल संपत्ति के अंतरण पर लागू होती है।
* छूट का अधिकतम स्टाम्प शुल्क ₹5,000 है।
*पात्रता सीमाएँ:*
* यदि छूट का लाभ उठाकर प्राप्त संपत्ति को पंजीकरण की तारीख से पांच साल के भीतर दान कर दिया जाता है, तो संपत्ति इस अधिसूचना के अंतर्गत नहीं आएगी।
* यह अधिसूचना केवल प्राकृतिक व्यक्ति द्वारा प्राकृतिक व्यक्ति को दिए गए दानों पर लागू होती है। यह फर्म, कंपनी, ट्रस्ट या संस्था जैसे कानूनी व्यक्तियों के लिए प्रभावी नहीं है।
* केवल आवासीय, कृषि, वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान इस अधिसूचना के अंतर्गत आएंगे।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** दाता (संपत्ति दान करने वाला व्यक्ति)
**प्रभाव:** स्टाम्प शुल्क में छूट केवल तभी लागू होती है जब दान परिवार के योग्य सदस्यों को अचल संपत्ति से हो, साथ ही उन्हें विलेख के नियमों और शर्तों को समझना चाहिए।
**आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि दान सभी शर्तों को पूरा करता है और उचित दस्तावेज के साथ छूट के लिए आवेदन करें।
**हितधारक:** प्राप्तकर्ता (दान प्राप्त करने वाला व्यक्ति)
**प्रभाव:** प्राप्तकर्ता को दान किए गए संपत्ति पर कर लाभ मिलेगा लेकिन यदि वे पंजीकरण की तारीख से 5 वर्षों के भीतर इसे दान करते हैं, तो वे छूट खो देंगे।
**आवश्यक कार्रवाई:** यदि वे भविष्य में संपत्ति दान करने की योजना बना रहे हैं तो उन्हें स्टाम्प शुल्क और कर निहितार्थों पर विचार करना चाहिए।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (राजस्व विभाग)
**प्रभाव:** अधिसूचना के परिणामस्वरूप दान विलेखों पर राजस्व संग्रह में कमी आ सकती है।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह अधिसूचना उत्तर प्रदेश राज्य में इस प्रकार के लेनदेन की निगरानी और संचालन के लिए राजस्व विभाग को प्रशिक्षित करने के लिए प्रभावी होनी चाहिए।
Key Entities Referenced
भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899: भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899, जो उत्तर प्रदेश राज्य में यथासंशोधित है, जिसके तहत दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश की सरकार जिसने यह अधिसूचना जारी की है।
अनुसूची-1 (ख) के अनुच्छेद 33: भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1 (ख) का अनुच्छेद 33, जिसके तहत दान विलेख आते हैं।
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2: उत्तर प्रदेश सरकार का वह अनुभाग जो स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन से संबंधित मामलों को संभालता है और जिसने अधिसूचना जारी की है।
दान विलेख (Gift deed): यह दस्तावेज़ दान विलेख पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क से संबंधित है।
उत्तर प्रदेश शासन
स्टाम्प Ud रजिस्टेशन अनुभाग-2
संख्या : /2026/26/94-2-2026-700(29)/202
लखनऊ, दिनांक : 08 जनवरी, 2026
अधिसूचना
आदेश
उत्तर प्रदेश राज्य में अपनी प्रवृत्ति के सम्बन्ध में यथा संशोधित भारतीय स्टाम्प अधिनियम,
899 (अधिनियम संख्या 2, सन् 899) की धारा 9 की उपधारा () के खण्ड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों
का प्रयोग करके, अग्रिम आदेशों तक, और अधिसूचना PWM-78/2023/995/94-WHoHRo-2-
2023-700(29)/2024 दिनांक 03.08.2023 का उन बातों के सिवाय अधिक्रमण करके जो ऐसे
अधिक्रमण के पूर्व की गयी हों या किये जाने हेतु लोपित हों, इस अधिसूचना के सरकारी गजट में
प्रकाशित किये जाने के दिनांक से, राज्यपाल, नीचे सारणी के weay-7 में यथा उल्लिखित पूर्वोक््त
अधिनियम की अनुसूची-(ख) के अनुच्छेद 33 के अधीन दान विलेख पर सारणी के स्तम्भ-2 में यथा
दर्शित धनराशि की सीमा से अधिक प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करते हैं -
सारणी
|... स्तम्भ]. | स्तम्भ2 |
लिखत का विवरण अधिकतम स्टाम्प शुल्व
कोई दान विलेख, जिसके द्वारा दाता, अचल सम्पत्ति का अंतरण दान के रूप में रूपये 5,000/-
परिवार के निम्न सदस्यों -
पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र वधू (पुत्र की पत्नी), सगा भाई, सगे भाई के
मृतक होने की दशा में उसकी पत्नी, सगी बहन, दामाद (पुत्री का पति) या
पौत्र/पौत्री, (पुत्र/पुत्री के पुत्र/पुत्री) के पक्ष में करें।
- यदि ऐसी छूट का लाभ उठाने वाले दान विलेख के लिखत द्वारा प्राप्त कोई सम्पत्ति,
रजिस्ट्रीकरण के दिनांक से पाँच वर्ष की समयावधि के भीतर प्राप्तकर्ता द्वारा दान में दी जा रही हो तो
Odd सम्पत्ति का दान इस अधिसूचना के अधीन आच्छादित नहीं होगा।
2- यह अधिसूचना केवल किसी प्राकृतिक व्यक्ति द्वारा प्राकृतिक व्यक्ति को दिये गये दान पर
लागू होगी। इस अधिसूचना के उपबन्ध किसी वैधानिक विधिक व्यक्ति यथा-फर्म, कंपनी, ट्रस्ट या
संस्था, चाहे वह दानकर्ता हो या दान प्राप्तकर्ता, या ऐसी इकाइयों के स्वामित्व वाली किसी सम्पत्ति के
लिए प्रभावी नहीं होंगे।
3- इस अधिसूचना के अधीन मात्र आवासीय, कृष्य, वाणिज्यिक तथा औद्योगिक सम्पत्तियों का
दान आच्छादित होगा। किसी अन्य प्रकार की सम्पत्ति का दान इस अधिसूचना के उपबन्धों के अंतर्गत
नहीं आयेगा।
आज्ञा से,
अमित गुप्ता
प्रमुख सचिव।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या : /2026/26()/94-2-2026-700(29)/202 दिनांक : 08 जनवरी , 2026
प्रतिलिपि- हिंदी एवं अंग्रेजी अधिसूचना की प्रति सहित संयुक्त निदेशक, राजकीय मुद्रणालय ऐशबाग,
लखनऊ को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि वह कृपया इसे दिनांक 08 जनवरी, 2026 के असाधारण
गजट के विधायी परिशिष्ट भाग-4 खण्ड (ख) में अवश्य प्रकाशित करा दें और तत्पश्चात गजट की 00
प्रतियाँ आयुक्त, स्टाम्प उत्तर प्रदेश, लखनऊ को तथा 50 प्रतियाँ शासन के इस विभाग को उपलब्ध
कराने का HY करें।
सुधीर कुमार
विशेष सचिव।
संख्या : /2026/26(2)/94-2-2026-700(29)/202 दिनांक : 08 जनवरी , 2026
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I- अपर मुख्य सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उ०प्र० शासन।
2- स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन।
3- महानिरीक्षक निबन्धन/आयुकत स्टाम्प, उ०प्र०।
4- समस्त मण्डलायुक्त, उ०प्र०।
5- आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद्, उ०प्र० लखनऊ।
6- समस्त जिलाधिकारी, Foo |
7- समस्त उप महानिरीक्षक निबन्धन, उ०प्र०।
8- समस्त अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), FoYo |
9- समस्त सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, Soyo |
0- विधायी अनुभाग-॥
77- भाषा अनुभाग-5
2- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
सुधीर कुमार
विशेष सचिव।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |UTTAR PRADESH SHASAN
STAMP EVAM REGISTRATION ANUBHAG-2
The Governor is pleased to order the publication of the following English
translation of Government Notification no. /2026/26/94-2-2026-700(29) /202,
dated : 08 January, 2026 :
NOTIFICATION
Order
No. /2026/26/94-2-2026-700(29)/202
Lucknow, Dated : 08 January, 2026
In exercise of the powers conferred by clause (a) of sub-section () of section 9
of the Indian Stamp Act, 899 (Act No. 2 of 899), as amended in its application to the
State of Uttar Pradesh, until further orders, and in supersession of Notification No.
8/2023/995/94-S.R.-2-2023-700(29)/202] dated 03-08-2023, except as respects things
done or omitted to be done before such supersession, with effect from the date of
publication of this notification in the Official Gazette, the Governor is pleased to
remit the stamp duty, exceeding the extent of the amount as shown in Column-2 of
the table below, chargeable on the gift deed under Article 33 of Schedule I-B of the
aforesaid Act as mentioned in Column-! thereof.
Table
Column-l Column-2
Description of Instrument Maximum
stamp dut
A gift deed whereby the donor transfers immovable property by %5,000/-
way of gift to the following family members - son, daughter,
father, mother, husband, wife, daughter-in-law (wife of son), real
brother, in case of deceased real brother to his widow, real sister,
son-in-law (husband of daughter), or grandson/ granddaughter
son/daughter of son/daughter).
I- If any property received by the instrument of a gift deed availing such
exemption is being gifted by the recipient within five years from the date of
registration, the gift of the said property shall not be covered under this notification.
2- This notification shall apply only to gifts made by a natural person to natural
person. The provisions of this notification shall not be effective to any legal/juristic
person such as a firm, company, trust, or institution, either as donor or donee, or to
any property owned by such entities.
3- Only the gift of residential, agricultural, commercial, and industrial properties
will be covered under this notification. Gifts of any other type of property shall not
fall within the provisions of this notification.
By order,
Amit Gupta
Pramukh Sachiv.
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |