ज़रूर, यहां अनुरोध के अनुसार संरचित सारांश है।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ अम्बेडकरनगर जिले के इब्राहिमपुर पुलिस स्टेशन में 40 आवासीय भवनों के निर्माण के लिए लंबित धनराशि के रिलीज़ को मंजूरी देता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 90,00,05,000/- रुपये की अतिरिक्त धनराशि जारी की है, जो कुछ शर्तों के अधीन है। यह आदेश 1 मार्च, 2026 को जारी किया गया था और वित्तीय वर्ष 2025-2026 से संबंधित है, जिसका उपयोग 31 मार्च, 2026 तक किया जाना है।
**मुख्य बातें**
*धन की स्वीकृति और उपयोग*
* अम्बेडकरनगर जिले के इब्राहिमपुर पुलिस स्टेशन में 40 घरों के निर्माण के लिए 90,00,05,000/- रुपये की धनराशि जारी की जा रही है।
* स्वीकृत राशि का उपयोग 31 मार्च, 2026 तक किया जाना है और वित्तीय वर्ष 2025-2026 से आवंटित किया गया है।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उसी कार्य/मद के लिए किया जाना है, जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
* GST (वस्तु एवं सेवा कर) राशि नियमानुसार देय होगी।
*नियामक अनुपालन और अनुमोदन*
* उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को आवश्यक कानूनी मंजूरी और पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करनी होगी।
* निर्माण शुरू करने से पहले, उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम स्थानीय प्राधिकारी से योजना के मानचित्र को मंजूरी लेनी होगी।
* सरकार या किसी अन्य स्रोत से कोई धन प्राप्त नहीं हुआ है, और यह कार्य किसी अन्य कार्य योजना में शामिल नहीं है।
* सरकार से पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी बड़ा परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।
*कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंधन*
* उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को समय-समय पर सरकार द्वारा जारी वित्तीय हैंडबुक और सरकारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
* परियोजना का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
* व्यय, राजस्व और व्यय पर नियंत्रण बनाए रखना।
* उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, अनु- 2 के सरकारी आदेश दिनांक 23 अगस्त, 2017 का पालन करेगा।
*अन्य बिंदु*
* श्रम विभाग को श्रम उपकर का भुगतान किया जाना है।
* स्वीकृत धनराशि के उपयोग को लेकर किसी भी अनियमितता के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय/कार्यान्वयन एजेंसी जिम्मेदार होगी।
* विद्युत कनेक्शन के लिए, उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि विद्युत विभाग द्वारा स्वीकृत अनुमान के अनुसार धनराशि का भुगतान किया जाए।
* सेंटीज शुल्क के प्रबंधन के लिए, वित्त (लेखा) अनुभाग -2 के सरकारी आदेश दिनांक 17 मई, 2023 और 19 मई, 2023 का पालन किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
**प्रमुख हितधारक:**
* उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय
**प्रभाव:** निर्माण परियोजना की निगरानी और निष्पादन की जिम्मेदारी
**आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करें, निर्माण की निगरानी करें, और वित्तीय दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।
* उत्तर प्रदेश सरकार
**प्रभाव:** धनराशि की मंजूरी और परियोजना की निगरानी।
**आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना की प्रगति की निगरानी करना और धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करना।
* सी एंड डीएस उत्तर प्रदेश जल निगम लि., लखनऊ (कार्यान्वयन एजेंसी)
**प्रभाव:** निर्माण कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी
**आवश्यक कार्रवाई:** समय पर और बजट के भीतर निर्माण कार्य को पूरा करें।
* अम्बेडकरनगर के जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक
**प्रभाव:** परियोजना के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा की देखरेख।
**आवश्यक कार्रवाई:** निर्माण के लिए आवश्यक सहायता और मंजूरी प्रदान करना।
* स्थानीय विकास प्राधिकरण
**प्रभाव:** योजना के मानचित्र को मंजूरी देना और अनुपालन सुनिश्चित करना
**आवश्यक कार्रवाई:** योजना के मानचित्र की समीक्षा और अनुमोदन करना।
* श्रम विभाग
**प्रभाव:** श्रम उपकर का संग्रह।
**आवश्यक कार्रवाई:** श्रम उपकर भुगतान का संग्रह।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के मुख्यालय, जो निर्माण परियोजनाओं के लिए धनराशि के अनुरोध और कार्यान्वयन की देखरेख करता है।
इब्राहिमपुर पुलिस स्टेशन, अम्बेडकरनगर: अम्बेडकरनगर जिले में एक पुलिस स्टेशन, जहाँ 40 आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए स्वीकृत धनराशि जारी की जा रही है।
अन्नावि दिनेशकुमार, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार: अधिकारी जो निधि जारी करने वाले शासनादेश (सरकारी आदेश) पर हस्ताक्षर करता है।
उत्तर प्रदेश शासनादेश: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश, खासकर वे जो वित्तीय नियमों और धनराशि के व्यय को निर्देशित करते हैं।
राज्यपाल: राज्य के राज्यपाल की औपचारिक स्वीकृति के अधीन निर्माण परियोजनाएँ हैं।
HeT-27/2026/I/256206/2026/00-6-7099-833-2024
प्रेषक,
अन्नावि दिनेशकुमार,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय,
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय,
लखनऊ |
गृह(पुलिस) अनुभाग-7 लखनऊ : दिनांक 0I-03-2026
विषय:- जनपद अम्बेडकरनगर के थाना इब्राहिमपुर में 40 नग आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु अवशेष धनराशि अवमुक्त
किये जाने के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के पत्र संख्या-ग्यारह-54-2023 दिनांक 26.02.2026 के संबंध में मुझे यह
कहने का निदेश हुआ है कि जनपद अम्बेडकरनगर के थाना इब्राहिमपुर में 40 नग आवासीय Aaa के निर्माण कार्य हेतु
शासनादेश संख्या-778/2024॥/804638/2024/004-03-4843774-6-7099-833-2024 दिनांक 26.4.2024 art
धनराशि BO 7879.98 लाख की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि रू0 909.99 लाख व्यय
हेतु अवमुक्त की गयी, जिसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया गया। प्रश्नगत निर्माण कार्य हेतु
उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर प्रायोजना की स्वीकृत लागत धनराशि BO 7879.98 लाख के सापेक्ष निविदा/अनुबन्ध की
धनराशि BO (840.04 लाख में से कार्यदायी संस्था को भुगतान की गयी धनराशि रू0 909.99 लाख को समायोजित करते हुए
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल अवशेष धनराशि रू0 9,00,05,000/- ( रुपये नौ करोड़ पाँच हजार मात्र ) अवमुक्त किये
जाने की सहर्ष स्वीकृति श्री राज्यपाल निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते हैं-
नियम/शर्तें
() उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियों एवं पर्यावरण किलयरेन्स सक्षम स्तर से
प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा |
(2) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप विभाग द्वारा
स्थानीय विकास प्राधिकरण/ सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जाना होगा I
(3) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की द्विरावृति को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय
द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि स्वीकृत किए जा रहे इस कार्य हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा किसी अन्य श्रोत से धनराशि
स्वीकृत नहीं की गई है तथा न ही यह कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित है।
(4) कार्ययोजना में कोई उल्लेखनीय परिर्वतन जैसे नये कार्य बढ़ाना, कार्यो के आकार! क्षेत्रफल में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियां
इस्तेमाल करना इत्यादि बिना शासन के पूर्व अनुमोदन के प्राप्त किये बिना नही किया जायेगा।
(5) निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर उसका कब्जा विभाग को उपलब्ध करा दिया जायेगा। उ0प्र0 पुलिस
मुख्यालय द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त (आय-व्ययक)
अनुभाग -7 के शासनादेश दि0 _27.06.2077 का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
(6) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों
के अनुरूप किया जायेगा।
(7) प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य/ मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जायेगा |
(8) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 में निहित प्राविधानित
व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये अवशेष धनराशि स्वीकृत की जायेगी तथा शासनादेश दिनांक 26-08-2044 एवं दि0
5.06.208 के अनुसार परीक्षणोपरान्त सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर लिया जायेगा।
(9) लेबर सेस की धनराशि का भुगतान श्रम विभाग को किया जायेगा ।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(0) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा उपकरणों का क्रय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम अनु- 2 के शा0दि0 23.08.207 में दी गई
व्यवस्था के माध्यम से किया जायेगा |
(44) प्रायोजना हेतु जीएसटी की वास्तविक धनराशि नियमानुसार देय होगी ।
((2) क्रियान्वयन से पूर्व कार्यदायी संस्था इस प्रकार के कार्यों हेतु निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा के आधार पर दरें प्राप्त करें । चूंकि यह
प्रोप्राइटरी श्रेणी के कार्य है एवं उनके शिड्यूल आफ रेट्स उपलब्ध नहीं होते है तथा इनके मेक, माडल एवं स्पेसिफिकेशन के
अन्तर आना स्वाभाविक है।
(3) प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकि स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारभ कराया जाए।
(4) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि विद्युत संयोजन हेतु धनराशि विद्युत विभाग द्वारा सक्षम
स्तर से अनुमोदित प्राप्त आगणन के अनुसार वास्तविकता के आधार पर देय होगी।
(5) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा सेन्टेज चार्जज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से सम्बन्धित
वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश सं0-04 /2023/ ए-2-60 /zA-2023-7 (4)/ 75 दिनांक
7.05.2023 एवं 49.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा |
(6) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना की भौतिक प्रगति, धनराशि अवमुक्त तथा सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर
दर्ज किये जाने आदि के सम्बन्ध में नियोजन अनुभाग-4 के शासनादेश दिनांक 07.06.2022 में निहित प्रतिबन्धों का अनुपालन
सुनिश्चित किया जायेगा।
(47) जी0एस0टी0 गणना की शुद्धता का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय का होगा |
((8) किसी भी अनियमितता हेतु उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था उत्तरदायी होंगे ।
(49) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्रावधानों समय - समय पर निर्गत शासनादेशों के अनुरूप
किया जायेगा।
(20) serra धनराशि जिस कार्य / मद के लिए स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य / मद में किया जाय ।
(2॥) प्रश्नगत कार्य हेतु पूर्व में जारी शासनादेश दिनांक 26.44.2024 में अंकित शर्तों के अधीन अग्रेत्तर कार्यवाही की जाये।
(22) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग 37.03.2026 तक कर लिया जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 9,00,05,000 ( रुपये नौ करोड़ पाँच हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के
आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 026 लेखा शीर्षक 4055002440600 पुलिस विभाग के आवासीय भवतनों का निर्माण मानक
मद 24 Fed निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - 4 के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/at--352/eA-2025-23/2025,
दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अन्नावि दिनेशकुमार
विशेष सचिव।
WeAT- 27/2026/|/256206/2026/00-6-7099-833-2024, aa दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, SOTO प्रयागराज।
2- महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
3- पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ।
4- प्रबन्ध निदेशक,सी0एण्ड डी0एस0 उ0प्र0 जल निगम लि0, लखनऊ।
5- सम्बन्धित जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक |
6- वित्त नियंत्रक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ।
7- निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ |
8- मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन लखनऊ।
9- मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार कलेक्ट्रेट लखनऊ।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |40- वित्त (व्यय-नियंत्रण) ATATT-2
44- गार्ड फाइल हेतु |
आज्ञा से,
दीपक पटेल
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |