Home India पशुधन विभाग ''विकास खण्ड स्तर पर आई.टी. इनैबल्ड पशु गर्भ परीक्षण प्रयोग...
Date: 2026-02-03 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

''विकास खण्ड स्तर पर आई.टी. इनैबल्ड पशु गर्भ परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना योजना'' की गाइडलाईन्स।

Issued by पशुधन विभाग · पशुधन विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार के तहत पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्तावित विकास खंड स्तर पर आईटी-सक्षम पशु गर्भावस्था परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना योजना के लिए दिशानिर्देशों को रेखांकित करता है। इसका उद्देश्य कृत्रिम गर्भाधान के बाद गर्भावस्था परीक्षण में तेजी लाना है, जिससे डेयरी पशुधन के प्रबंधन में सुधार हो और कृषि उत्पादकता में वृद्धि हो। यह योजना 2026 की शुरुआत में होने वाली है और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पायलट आधार पर शुरू की जाएगी। **मुख्य बातें** *योजना का उद्देश्य और आवश्यकता:* * पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए प्रारंभिक और सटीक गर्भावस्था निदान के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। * कृत्रिम गर्भाधान के बाद गर्भावस्था परीक्षण में तेजी लाने का लक्ष्य है ताकि गैर-गर्भवती पशुओं की समय पर पहचान और पुनर्गर्भाधान हो सके। *योजना का संरचना:* * उत्तर प्रदेश के चार क्षेत्रों (बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में पायलट आधार पर आईटी-सक्षम गर्भावस्था परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रस्तावित है। * चयनित विकास खंड स्तर के पशु चिकित्सालयों पर प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएंगी। *वित्तीय प्रावधान:* * प्रयोगशालाओं की स्थापना से संबंधित विभिन्न मदों के लिए बजट आवंटित किया जाएगा, जिसमें लेखन सामग्री, कार्यालय फर्नीचर, उपकरण और गर्भावस्था परीक्षण किट शामिल हैं। *कार्यान्वयन और निगरानी:* * पशुपालन विभाग के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों द्वारा योजना के कार्यान्वयन और निगरानी की जाएगी। * कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं द्वारा रक्त के नमूने एकत्र किए जाएंगे और प्रयोगशाला प्रभारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। * गर्भावस्था परीक्षण किट के निष्कर्ष नियमित रूप से पशुपालकों और विभाग को बताए जाएंगे। **प्रभाव विश्लेषण** *हितधारक:* * पशुपालक: * प्रभाव: प्रारंभिक गर्भावस्था परीक्षण के माध्यम से बेहतर पशुधन प्रबंधन से लाभ होगा। * अपेक्षित कार्रवाई: कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता द्वारा रक्त के नमूने एकत्रित किए जाने पर सहयोग करें। * कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता: * प्रभाव: गर्भावस्था परीक्षण के लिए रक्त के नमूने एकत्र करने में शामिल होंगे। * आवश्यक कार्रवाई: रक्त के नमूने एकत्रित करें और उन्हें प्रयोगशाला प्रभारी को प्रदान करें। * प्रयोगशाला प्रभारी/पशु चिकित्सक: * प्रभाव: गर्भावस्था परीक्षण किट का उपयोग करके गर्भावस्था परीक्षण के लिए जिम्मेदार होंगे। * आवश्यक कार्रवाई: गर्भावस्था परीक्षण किट का उपयोग करके गर्भावस्था परीक्षण करें और परिषद को परिणाम बताएं। * पशुपालन विभाग: * प्रभाव: योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए जिम्मेदार। * आवश्यक कार्रवाई: यह सुनिश्चित करें कि योजना कुशलतापूर्वक कार्यान्वित की जा रही है।

Key Entities Referenced

"विकास खण्ड स्तर पर आई.टी. इनैबल्ड पशु गर्भ परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना योजना" (रा०यो०): विकास खण्ड स्तर पर आई.टी. आधारित पशु गर्भ परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना, जिसका उद्देश्य गर्भ परीक्षण किट का उपयोग करके गर्भ परीक्षण को जल्दी पूरा करना है। पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश: विभाग जो उत्तर प्रदेश में 'विकास खण्ड स्तर पर आई.टी. इनैबल्ड पशु गर्भ परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना योजना' लागू करने के लिए जिम्मेदार है। उत्तर प्रदेश: राज्य जहां यह पॉलिसी लागू होती है।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
स(cid:201)ं या-16/2026/46/स(cid:583)तीस-2-2026-1(16)/2023 (cid:292)ेषक, देवे(cid:219)(cid:289) कुमार पा(cid:214)ड ेय, (cid:466)वशेष सिचव, उ(cid:215)त र (cid:292)देश शासन। सेवा म(cid:581), 1- सम(cid:232)त (cid:468)जलािधकार(cid:547), उ(cid:215)त र (cid:292)देश। 2- िनदेशक, (cid:292)शासन एवं (cid:466)वकास, पशुपालन (cid:466)वभाग, उ(cid:215)त र (cid:292)देश, लखनऊ। पशुधन अनभु ाग-2 लखनऊ :: (cid:465)दनाकं -03 फरवर(cid:547), 2026 (cid:466)वषयः- ''(cid:466)वकास ख(cid:214) ड (cid:232) तर पर आई.ट(cid:547). इनबै (cid:227)ड पश ु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला क(cid:551) (cid:232)थ ापना योजना'' क(cid:551) गाइडलाई(cid:219)स। महोदय, अवगत ह(cid:583) (cid:465)क (cid:292)देश म(cid:581) 20वीं पशुगणना 2019 के अनसु ार कुल 190.20 लाख गोवंशीय व 330.18 लाख म(cid:465)हशवंशीय पशु ह(cid:583), (cid:468)जसम(cid:581) से (cid:292)जनन यो(cid:202)य 89.36 लाख गोवंशीय व 153.12 लाख म(cid:465)हशवंशीय मादा पशु ह(cid:583), जो कुल बोवाईन पशओु ं क(cid:551) स(cid:201)ं या के आधे स े भी कम है। पशुधन (cid:466)वकास काय(cid:272)(cid:91) म म(cid:201)ु य (cid:510)प से गुणव(cid:419)ाय(cid:416)ु पशु (cid:292)जनन पर आधा(cid:464)रत है। कम समय म(cid:581) आनुविं शक उ(cid:219)नित के िलए कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान एक सरल व सश(cid:416) मा(cid:218)यम है तथा पशु (cid:292)जनन काय(cid:91)(cid:272)म क(cid:551) र(cid:547)ढ़ है। कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान के उपरा(cid:219)त अितशी(cid:275) मादा पशु के गिभत(cid:91) होने/न होने के स(cid:224)ब(cid:219)ध म(cid:581) (cid:466)वभाग अ(cid:219)तगत(cid:91) कोई तकनीक आधा(cid:464)रत योजना संचािलत न होने के कारण गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण पार(cid:224)प(cid:464)रक/(cid:292)चिलत (cid:466)विध से 03 माह के प(cid:433)ात ् (cid:465)कया जाता है। उ(cid:416) अविध कम करने के उ (cid:423)े(cid:230)य से नवीन तकनीक आधा(cid:464)रत गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट से गिभत(cid:91) पशु के गभ(cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण एवं प(cid:464)रणाम (cid:292)ा(cid:431) करने हेतु (cid:466)वकास ख(cid:214)ड (cid:232)तर पर आई०ट(cid:547)० इनेब(cid:227)ड पशु गभ(cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला क(cid:551) (cid:232)थापना योजना (रा०यो०) का (cid:292)ार(cid:224)भ (cid:465)कये जाने का िनणय(cid:91) िलया गया है, (cid:468)जसक(cid:551) गाइडलाइ(cid:219)स िन(cid:224) नवत ् है:- (cid:466)वकास ख(cid:214)ड (cid:232)तर पर आई०ट(cid:547)० इनेब(cid:227)ड पशु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला क(cid:551) (cid:232)थापना योजना (रा०यो०) योजना का औिच(cid:215)य एवं उ(cid:423)े(cid:230)य :- पशुपालक के िलए उसका पशु आिथक(cid:91) सुर(cid:162)ा हेत ु अ(cid:215)य(cid:219)त मह(cid:215)वपूण (cid:91) होता है और पशु का गिभत(cid:91) होना या न होना उसक(cid:551) इस आिथ(cid:91)क सुर(cid:162)ा का आधार है। डेयर(cid:547) पशुओ ं म(cid:581) बेहतर (cid:292)जनन (cid:292)ब(cid:219)धन एवं गाय/भ(cid:583)स से औसतन (cid:292)ित वष (cid:91) एक ब(cid:205)चा (cid:292)ा(cid:431) करने के िलए (cid:292)ार(cid:468)(cid:224)भक और सट(cid:547)क गभा(cid:91)व(cid:232)था िनदान एक मह(cid:215)वपणू (cid:91) मापद(cid:214)ड है, ता(cid:465)क अगिभत(cid:91) (खुले) पशु क(cid:551) पहचान कर पुनः गभाध(cid:91) ान कराया जा सके एव ं दो (cid:222)यात के अ(cid:219)तराल को कम (cid:465)कया जा सके। उ(cid:219)नत सतं ित (cid:292)ा(cid:431) करने हेतु कृ(cid:466)(cid:287)म गभा(cid:91)धान करना ह(cid:547) मह(cid:215)वपणू (cid:91) नह(cid:547) ं है अ(cid:466)पतु (cid:292)ारंिभक अव(cid:232)था म(cid:581) ह(cid:547) गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण कराना भी उतना ह(cid:547) मह(cid:215)वपणू (cid:91) है। 1- यह शासनादेश इल(cid:200)े (cid:282)ािनकली जार(cid:547) (cid:465)कया गया है, अत: इस पर ह(cid:232) ता(cid:162)र क(cid:551) आव(cid:230) यकता नह(cid:547)ं है । 2- इस शासनादेश क(cid:551) (cid:292)मा(cid:468)णकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in स े स(cid:215)य ा(cid:466)पत क(cid:551) जा सकती है ।सामा(cid:219)यतः फ(cid:551)(cid:227)ड (cid:232)तर पर कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान कायक(cid:91) ता(cid:91) (cid:430)ारा गोवंशीय पशुओं म(cid:581) कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान करने के तीन माह उपरा(cid:219)त मलाशय (cid:430)ारा गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कया जाता है, (cid:465)क(cid:219)त ु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट के मा(cid:218)यम से गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण 01 माह के अ(cid:219)दर (cid:465)कया जा सकता है। अथात(cid:91) ् मलाशय (cid:430)ारा गभ(cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण म(cid:581) पशुपालक को तीन माह तक पश ु के गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण के प(cid:464)रणाम का इंतजार करना पड़ता है और य(cid:465)द पशु अगिभत(cid:91) होता है, तो पशुपालक को लगभग दो माह के द(cid:202)ु ध उ(cid:215)पादन का नुकसान होता है साथ ह(cid:547) चारे, दाने एव ं रख- रखाव म(cid:581) अित(cid:464)र(cid:416) (cid:229)यय भी करना पड़ता है, जो (cid:465)क पशुपालक के िलए आिथ(cid:91)क भार है। उ(cid:416) के (cid:506)(cid:466)(cid:436)गत कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान के सापे(cid:162) पशु के गिभत(cid:91) होने/न होने का पर(cid:547)(cid:162)ण गभप(cid:91) र(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट के मा(cid:218)यम से (cid:465)कया जाना बेहतर (cid:466)वक(cid:227)प है। इस (cid:466)विध (cid:430)ारा गोवंशीय पशुओ ं म(cid:581) कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान के 28 (cid:465)दन के उपरा(cid:219)त गभाव(cid:91) (cid:232)था क(cid:551) (cid:468)(cid:232)थित का पता लगाया जा सकता है। योजना के सुचा(cid:510) संचालन हेतु (cid:292)देश के 04 (cid:162)े(cid:287)(cid:585) (यथा बु(cid:219)देलख(cid:214)ड, पूवाच(cid:589) ल, म(cid:218)य उ(cid:419)र (cid:292)देश एवं प(cid:468)(cid:433)मी उ(cid:419)र (cid:292)देश) के 04 िच(cid:468)(cid:219)हत जनपद(cid:585) के 05 िच(cid:468)(cid:219)हत (cid:466)वकास ख(cid:214)ड(cid:585) पर पायलेट बेिसस पर आई ट(cid:547) इनबै (cid:227)ड गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला (cid:232)था(cid:466)पत कराया जाना (cid:292)(cid:232)ता(cid:466)वत है। योजना का (cid:232)व(cid:510)प :- योजना(cid:219)तगत(cid:91) (cid:292)देश के 04 (cid:162)े(cid:287)(cid:585) (यथा बु(cid:219)देलख(cid:214)ड, पूवाच(cid:589) ल म(cid:218)य उ(cid:419)र (cid:292)देश एवं प(cid:468)(cid:433)मी उ(cid:419)र (cid:292)देश) के 04 िच(cid:468)(cid:219)हत जनपद(cid:585) के 05 िच(cid:468)(cid:219)हत (cid:466)वकास ख(cid:214)ड(cid:585) म(cid:581) आई.ट(cid:547). इनबै (cid:227)ड गभ(cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला क(cid:551) पायलेट बेिसस पर (cid:232)थापना (cid:465)कया जाना (cid:292)(cid:232)ता(cid:466)वत है। काय (cid:91) योजना म(cid:581) िच(cid:468)(cid:219)हत (cid:466)वकास ख(cid:214)ड (cid:232)तर(cid:547)य पशुिच(cid:465)क(cid:215)सालय(cid:585) पर एक-एक (cid:292)योगशाला (cid:232)था(cid:466)पत क(cid:551) जायेगी। (cid:292)(cid:215)येक (cid:292)योगशाला हेतु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (वग(cid:568)कृत वीय (cid:91) से (cid:465)कये गये कृ(cid:466)(cid:287)म गभा(cid:91)धान) के िलए गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट उपल(cid:222)ध कराया जाना है। योजना(cid:219)तग(cid:91)त उपल(cid:222)ध बजट क(cid:551) सीमा(cid:219)तग(cid:91)त कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान (cid:465)कट उपल(cid:222)ध कराया जाना (cid:292)(cid:232)ता(cid:466)वत है। (cid:292)(cid:215)येक (cid:292)योगशाला म(cid:581) कायर(cid:91) त (cid:292)योगशाला (cid:292)भार(cid:547) (पशुिच(cid:465)क(cid:215)सा(cid:466)वद) को टैबलेट उपल(cid:222)ध कराया जाना (cid:292)(cid:232)ता(cid:466)वत है। (cid:292)योगशाला (cid:292)भार(cid:547) (पशुिच(cid:465)क(cid:215)सा(cid:466)वद) को गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट (cid:466)विध (cid:430)ारा गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण हेतु (cid:292)िश(cid:468)(cid:162)त (cid:465)कया जायेगा। योजना के (cid:465)(cid:272)या(cid:219)वयन हेत ु कृ(cid:466)(cid:287)म गभा(cid:91)धान कायक(cid:91) ता (cid:91) (cid:430)ारा (cid:222)लड कले(cid:200)शन बॉयल म(cid:581) पशु का र(cid:416) नमूना एक(cid:466)(cid:287)त कर (cid:292)योगशाला (cid:292)भार(cid:547)/पशुिच(cid:465)क(cid:215)सा(cid:466)व(cid:622) को उपल(cid:222)ध कराया जायेगा। उ(cid:416) (cid:292)योजन हेत ु पशुपालक से कोई भी शु(cid:227)क/ धनरािश नह(cid:547)ं िलया जायेगा तथा गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट के िन(cid:231)कष (cid:91) से पशुपालक को दैिनक (cid:510)प से एव ं प(cid:464)रषद को एक िन(cid:468)(cid:433)त समय अ(cid:219)तराल पर संकिलत सचू ना उपल(cid:222)ध करायी जायेगी। (cid:465)(cid:272)या(cid:219)वयन/अन(cid:302)ु वण :-  (cid:292)देश के 04 (cid:162)े(cid:287)(cid:585) (यथा बु(cid:219)देलख(cid:214)ड, पूवा(cid:589)चल, म(cid:218)य उ(cid:419)र (cid:292)देश (cid:292)देश एवं प(cid:468)(cid:433)मी उ(cid:419)र (cid:292)देश) के 04 िच(cid:468)(cid:219)हत जनपद(cid:585) के 05 िच(cid:468)(cid:219)हत (cid:466)वकास ख(cid:214)ड(cid:585) के पशुिच(cid:465)क(cid:215)सालय के मा(cid:218)यम से आई०ट(cid:547)० इनेब(cid:227)ड गभ(cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला पायलेट बेिसस पर (cid:232)था(cid:466)पत (cid:465)कया जाना (cid:292)(cid:232)ता(cid:466)वत है।  (cid:292)(cid:215)येक (cid:292)योगशाला हेतु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (वग(cid:568)कृत वीय (cid:91) से (cid:465)कये गये कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान) हेत ु उपल(cid:222)ध बजट क(cid:551) सीमा(cid:219)तग(cid:91)त गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट उपल(cid:222)ध करायी जायेगी।  (cid:292)(cid:215)येक (cid:292)योगशाला म(cid:581) कायर(cid:91) त (cid:292)योगशाला (cid:292)भार(cid:547)/पशुिच(cid:465)क(cid:215)सा(cid:466)व(cid:622) को आंकड़(cid:585) के (cid:465)ड(cid:468)जटल सं(cid:274)हण हेत ु टैबलेट उपल(cid:222)ध कराया जायेगा।  पशुिच(cid:465)क(cid:215)सािधकार(cid:547) को गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट (cid:466)विध (cid:430)ारा गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण हेतु (cid:292)िश(cid:468)(cid:162)त (cid:465)कया जायेगा। 1- यह शासनादेश इल(cid:200)े (cid:282)ािनकली जार(cid:547) (cid:465)कया गया है, अत: इस पर ह(cid:232) ता(cid:162)र क(cid:551) आव(cid:230) यकता नह(cid:547)ं है । 2- इस शासनादेश क(cid:551) (cid:292)मा(cid:468)णकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in स े स(cid:215)य ा(cid:466)पत क(cid:551) जा सकती है । योजना के (cid:465)(cid:272)या(cid:219)वयन हेतु कृ(cid:466)(cid:287)म गभाध(cid:91) ान कायक(cid:91) ता (cid:91) (cid:430)ारा (cid:222)लड कले(cid:200)शन वॉयल म(cid:581) पशु का र(cid:416) नमूना एक(cid:466)(cid:287)त कर (cid:292)योगशाला (cid:292)भार(cid:547)/पशुिच(cid:465)क(cid:215)सा(cid:466)व(cid:622) को उपल(cid:222)ध कराया जायेगा। उ(cid:416) हेतु पशुपालक से कोई भी धनरािश नह(cid:547) ं ली जायेगी।  गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट के िन(cid:231)कष (cid:91) से पशपु ालक को दैिनक (cid:510)प से एव ं प(cid:464)रषद को एक िन(cid:468)(cid:433)त समय अ(cid:219)तराल पर सूचना उपल(cid:222)ध करायी जायेगी।  योजना का अन(cid:302)ु वण तहसील (cid:232)तर(cid:547)य उप मु(cid:201)य पशु िच(cid:465)क(cid:215)सा अिधकार(cid:547) एवं जनपद (cid:232)तर पर म(cid:201)ु य पशुिच(cid:465)क(cid:215)सािधकार(cid:547), म(cid:214)डल (cid:232)तर पर म(cid:214)डलीय अपर िनदेशक-(cid:274)ेड-2 एव ं रा(cid:207)य (cid:232)तर पर म(cid:201)ु य काय(cid:91)कार(cid:547) अिधकार(cid:547), उ०(cid:292)० पशुधन (cid:466)वकास प(cid:464)रषद, लखनऊ तथा िनदेशक (cid:292)शासन एवं (cid:466)वकास, पशुपालन (cid:466)वभाग, उ०(cid:292)०, लखनऊ (cid:430)ारा (cid:465)कया जायेगा। (cid:466)व(cid:419)ीय उपाशय :- (राज(cid:232)व) (cid:466)वकास ख(cid:214)ड (cid:232)तर पर आई०ट(cid:547)० इनबै (cid:227)ड पशु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:292)योगशाला क(cid:551) (cid:232)थापना योजना (रा०यो०) को चालू काय(cid:272)(cid:91) म के अ(cid:219)तगत(cid:91) संचािलत (cid:465)कये जाने हेत ु राज(cid:232)व प(cid:162) म(cid:581) िन(cid:224)नानुसार (cid:466)विभ(cid:219)न मादक मद(cid:585) म(cid:581) धनरािश का (cid:292)ा(cid:466)वधान (cid:465)कया जायेगा :- 1. मानक मद 11-लेखन साम(cid:274)ी और फाम(cid:607) क(cid:551) छपाई आव(cid:465)ं टत बजट के सापे(cid:162) (cid:292)(cid:215)येक के(cid:219)(cid:289) पर लेखन साम(cid:274)ी और फाम(cid:607)/(cid:292)ा(cid:510)प क(cid:551) छपाई पर (cid:229)यय (cid:465)कया जायेगा। 2. मानक मद 12-कायाल(cid:91) य फन(cid:568)चर एवं उपकरण म(cid:581) आवं(cid:465)टत बजट के सापे(cid:162) (cid:292)(cid:215)येक के(cid:219)(cid:289) हेतु कायाल(cid:91) य फन(cid:568)चर एवं उपकरण का उपाजन(cid:91) (cid:465)कया जायेगा। 3. मानक मद 43-साम(cid:274)ी एवं स(cid:224)पूित (cid:91) म(cid:581) आवं(cid:465)टत बजट के सापे(cid:162) (cid:292)(cid:215)येक के(cid:219)(cid:289) हेतु गभ (cid:91) पर(cid:547)(cid:162)ण (cid:465)कट, (cid:222)लड कले(cid:200)शन वॉयल आ(cid:465)द का उपाजन(cid:91) (cid:465)कया जायेगा। 4. मानक मद 48-क(cid:224)(cid:220)यूटर हाड(cid:91)वेयर/सा(cid:221)टवेयर का (cid:272)य म(cid:581) आव(cid:465)ं टत बजट के सापे(cid:162) (cid:292)(cid:215)येक के(cid:219)(cid:289) पर कायाल(cid:91) य उपयोग के िलए (cid:292)योगशाला (cid:292)भार(cid:547) को एक-एक टेबलेट का उपाजन(cid:91) कर उपल(cid:222)ध कराया जाना है। (cid:292)(cid:232)ता(cid:466)वत योजना पशुपालक(cid:585) के आिथक(cid:91) एव ं सामा(cid:468)जक उ(cid:219)नयन के साथ-साथ (cid:292)देश क(cid:551) संक(cid:468)(cid:227)पत वन (cid:465)(cid:282)िलयन डॉलर (ओ०ट(cid:547)०ड(cid:547)०) के ल(cid:468)(cid:222)ध म(cid:581) सहायक होगी। 2- इस स(cid:224)ब(cid:219)ध म(cid:581) मुझे यह कहने का िनदेश हुआ है (cid:465)क कृपया उपय(cid:416)ु(cid:91) ानसु ार योजना का (cid:292)ाथिमकता पर (cid:465)(cid:272)या(cid:219)वयन सुिन(cid:468)(cid:433)त कराने का क(cid:436) कर(cid:581)। भवद(cid:547)य, (देवे(cid:219)(cid:289) कुमार पा(cid:214)ड ेय) (cid:466)वशेष सिचव। प0ृ सं0-16/2026/46(1)/स(cid:583)तीस-2-2026-1(16)/2023, त(cid:465)(cid:423)नांक । (cid:292)ितिल(cid:466)प िन(cid:224)निल(cid:468)खत को सचू नाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कायव(cid:91) ाह(cid:547) हेतु (cid:292)े(cid:466)षत:- 1. (cid:292)मुख (cid:232)टाफ आ(cid:465)फसर, म(cid:201)ु य सिचव, उ(cid:419)र (cid:292)देश शासन। 2. िनजी सिचव, कृ(cid:466)ष उ(cid:215)पादन आय(cid:416)ु , उ(cid:419)र (cid:292)देश शासन। 1- यह शासनादेश इल(cid:200)े (cid:282)ािनकली जार(cid:547) (cid:465)कया गया है, अत: इस पर ह(cid:232) ता(cid:162)र क(cid:551) आव(cid:230) यकता नह(cid:547)ं है । 2- इस शासनादेश क(cid:551) (cid:292)मा(cid:468)णकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in स े स(cid:215)य ा(cid:466)पत क(cid:551) जा सकती है ।3. अपर म(cid:201)ु य सिचव/(cid:292)मुख सिचव, उ(cid:419)र (cid:292)देश शासन, (cid:466)व(cid:419)/िनयोजन/कृ(cid:466)ष (cid:466)वभाग। 4. सम(cid:232)त म(cid:214)डलाय(cid:416)ु , उ(cid:419)र (cid:292)देश। 5. िनदेशक, रोग िनय(cid:287)ं ण एव ं (cid:292)(cid:162)े(cid:287), पशुपालन (cid:466)वभाग, उ0(cid:292)0, लखनऊ। 6. म(cid:201)ु य काय(cid:91)कार(cid:547) अिधकार(cid:547), उ0(cid:292)0 पशुधन (cid:466)वकास प(cid:464)रषद, लखनऊ। 7. सम(cid:232)त म(cid:214)डलीय अपर िनदेशक (cid:274)ेड-2, पशुपालन (cid:466)वभाग, उ(cid:419)र (cid:292)देश। 8. सम(cid:232)त म(cid:201)ु य पशु िच(cid:465)क(cid:215)सा अिधकार(cid:547), उ(cid:419)र (cid:292)देश/गाड(cid:91) फाईल। आ(cid:163)ा से, (रवी(cid:219)(cid:289) (cid:292)ताप िसंह) उप सिचव। 1- यह शासनादेश इल(cid:200)े (cid:282)ािनकली जार(cid:547) (cid:465)कया गया है, अत: इस पर ह(cid:232) ता(cid:162)र क(cid:551) आव(cid:230) यकता नह(cid:547)ं है । 2- इस शासनादेश क(cid:551) (cid:292)मा(cid:468)णकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in स े स(cid:215)य ा(cid:466)पत क(cid:551) जा सकती है ।

Continue your research