Date: 2026-01-21Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जिला कारागार, कानपुर नगर में निरूद्ध सिद्धदोष महिला बंदी माया (बन्दी संख्या-539/2019) पत्नी श्री रोशनलाल कठेरिया, निवासिनी म0नं0-95बी, ईडब्लूएस, बर्रा-7, थाना-बर्रा, जनपद-कानपुर नगर को दयायाचिका के आधार पर समयपूर्व मुक्ति के सम्बन्ध में।
यह आदेश उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा पारित किया गया है जो संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए जिला कारागार, कानपुर नगर में कैद माया (बन्दी संख्या-539/2019) को रिहा करने का आदेश देता है। सत्र परीक्षण संख्या-792/2014 के तहत धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जेल रिकॉर्ड के अनुसार, कैदी ने 30-12-2021 तक 2 वर्ष, 4 महीने और 17 दिन की अपरिहार्य सजा और 3 वर्ष, 26 दिन की सपरिहार सजा काटी है, और रजिस्टर नंबर 1 के अनुसार उसकी उम्र 62 वर्ष है, जिला मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर के संतोषानुसार दो जमानतें और एक निजी मुचलका प्रस्तुत करने पर, यदि उसे किसी अन्य मामले में हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है, तो उसे रिहा कर दिया जाएगा।
कमलेश कुमार, उप सचिव द्वारा हस्ताक्षरित, प्रतिलिपि सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए विभिन्न अधिकारियों को भेजी जाती है, जिनमें महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएँ, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक, नोडल अधिकारी/अधीक्षक, निजी सचिव, कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 और गार्ड फाइल शामिल हैं।
Key Entities Referenced
अनुच्छेद-161, भारत का संविधान: भारतीय संविधान का अनुच्छेद जिसके तहत उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को कुछ मामलों में सजा को कम करने या माफ करने की शक्ति दी गई है।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो जेल प्रशासन और सुधार से संबंधित मामलों को देखता है।
जिला कारागार, कानपुर नगर: कानपुर नगर जिले में स्थित जेल, जहां महिला बंदी माया को रखा गया था।
जिला मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर: कानपुर नगर जिले का प्रशासनिक प्रमुख, जो शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।
धारा-302/34, भा0द0वि0: भारतीय दंड संहिता की धारा जो हत्या से संबंधित है।
उत्तर प्रदेश शासन
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3
WEAT-24/2026/423%-2/22-3-25-7(67)/22
लखनऊ: दिनांक: 2 जनवरी, 2026
आदेश
उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल, भारत का संविधान के अनुच्छेद-6। के अधीन शक्तियों का
प्रयोग करते हुए जिला कारागार, कानपुर नगर में निरूद्ध सिद्धदोष महिला बंदी माया (ect संख्या-
539/209) पत्नी श्री रोशनलाल कठेरिया, निवासिनी म0नं0-95बी, ईडब्लूएस, बर्रा-7, थाना-बर्रा, जनपद-
कानपुर नगर, जिन्हें सत्र परीक्षण WEA-792/20i4 में भा0द0वि0 की धारा-302/34 के अन्तर्गत मा0
न्यायालय, अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-6, कानपुर नगर के आदेश दिनांक 24-08-209 द्वारा
आजीवन कारावास से दण्डित किया गया, द्वारा जेल रिपोर्ट के अनुसार दिनांक 30-72-202] तक
भोगी गई 02 वर्ष, 04 माह, 7 दिन की अपरिहार सजा तथा 03 वर्ष, 26 दिन की सपरिहार सजा,
संतोषजनक जेल आचरण होने व रजिस्टर नं0- के अनुसार आयु 62 वर्ष होने के इष्टिगत शेष सजा
का परिहार करते हैं तथा यह आदेश देते हैं कि यदि sea महिला बंदी को किसी अन्य वाद में निरूद्ध
रखा जाना वांछित न हो तो उसे अपनी शेष दण्डावधि में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिये जिला
मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर के संतोषानुसार दो जमानतें तथा उतनी ही धनराशि का एक निजी Aaa
प्रस्तुत करने पर महिला बन्दी को कारागार से मुक्त कर दिया जाय।
कमलेश कुमार
उप सचिव।
संख्या व तदनांक तदैव।
vitae निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
(- महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, 3070 लखनऊ।
2- जिला मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर।
3- पुलिस अधीक्षक, कानपुर नगर।
4- अधीक्षक, जिला कारागार, कानपुर नगर।
5- नोडल अधिकारी/अधीक्षक, जिला कारागार, गाजियाबाद।
6- निजी सचिव, मा0 मंत्री/मा0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, 30प्र0 को मा0 मंत्री
जी के सूचनार्थ।
7- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2, SOTO शासन।
8- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।