Executive Summary & Key Takeaways
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जा रही एक योजना को रेखांकित करता है जिसके तहत राज्य के युवाओं को तकनीकी सशक्तिकरण और शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे। यह योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है। दस्तावेज़ लक्षित लाभार्थियों, वितरण प्रक्रिया, चयन मानदंड और कार्यान्वयन के लिए आवश्यक संबंधित विभागीय जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालता है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **योजना का उद्देश्य:**
* छात्रों और युवाओं के बीच डिजिटल सशक्तिकरण में वृद्धि करना।
* उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के लिए डिजिटल संसाधनों से जोड़ना।
* **लक्षित लाभार्थी:**
* स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास, पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रम के छात्र।
* सेवा मित्र पोर्टल के साथ पंजीकृत कुशल कारीगर।
* **योजना कार्यान्वयन:**
* योजना के कार्यान्वयन के लिए यूपी डेस्को को नामित नोडल एजेंसी।
* लाभार्थी डेटा को प्रबंधित करने के लिए एक वेब पोर्टल का निर्माण।
* सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से टैबलेट/स्मार्टफोन की खरीद।
* विशिष्टताओं को परिभाषित करने और तकनीकी मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन।
* वितरण, निगरानी और समस्या निवारण के लिए जिला स्तरीय समितियाँ।
* **वित्तीय पहलू:**
* प्रशासनिक व्यय और कार्यान्वयन के लिए धनराशि का आवंटन।
* **विभागीय उत्तरदायित्व:**
* डेटाबेस प्रबंधन और शुद्धता सुनिश्चित करना।
* योजना का समन्वय और निगरानी करना।
* डिजिटल सामग्री तैयार करना और वितरित करना।
* **योजना में संशोधन का प्राधिकार:**
* किसी भी आवश्यक परिवर्तन करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**छात्र और युवा:**
* **प्रभाव:** डिजिटल सशक्तिकरण और शैक्षिक संसाधनों और रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच।
* **आवश्यक कार्रवाई:** डिजिटल माध्यमों से जुड़े रहें और वेब पोर्टल पर सही डेटाबेस बनाए रखें।
**शैक्षणिक संस्थान:**
* **प्रभाव:** छात्रों के लिए बेहतर शैक्षिक संसाधन, वितरण रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कार्यान्वयन के लिए समितियों का गठन करें, सही डेटा एकत्र करें और वितरण प्रोटोकॉल का पालन करें।
**कुशल कारीगर (सेवा मित्र पोर्टल के माध्यम से):**
* **प्रभाव:** बेहतर सेवा प्रावधान और आजीविका के लिए डिजिटल उपकरण तक पहुँच।
* **आवश्यक कार्रवाई:** अपडेट रहें और बेहतर सेवाओं के लिए उपकरणों का उपयोग करें।
**जिला प्रशासन:**
* **प्रभाव:** योजना के निष्पादन और निगरानी की जिम्मेदारी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कार्यान्वयन की देखरेख करें, समन्वय सुनिश्चित करें और समस्याओं का समाधान करें।
**उत्तर प्रदेश सरकार (संबंधित विभाग):**
* **प्रभाव:** यह सुनिश्चित करना कि योजना प्रभावी ढंग से लागू की जाए और युवाओं तक पहुंचे।
* **आवश्यक कार्रवाई:** संसाधनों का आवंटन करना, प्रक्रिया की निगरानी करना और नीतिगत समर्थन प्रदान करना।
**यूपी डेस्को (नोडल एजेंसी):**
* **प्रभाव:** खरीद, वेब पोर्टल निर्माण और योजना का समग्र प्रबंधन।
* **आवश्यक कार्रवाई:** वेब पोर्टल, अनुबंध विक्रेताओं का विकास और प्रबंधन करना, और सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
Key Entities Referenced
भारत सरकार के डिजिटल इण्डिया इनिशियेटिव (Digital India Initiative) : एक राष्ट्रीय कार्यक्रम जिसका उद्देश्य सरकार से नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है।
उत्तर प्रदेश सरकार : स्मार्टफोन/टैबलेट वितरण योजना लागू करने वाली शासी निकाय।
प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण हेतु टैबलेट/स्मार्ट फोन वितरण योजना : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को मुफ्त टैबलेट/स्मार्टफोन प्रदान करने की योजना तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से शिक्षा और रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए।
यूपी डेस्को (UPDESCO) : योजना के तहत टैबलेट/स्मार्टफोन की खरीद, वितरण और निगरानी के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित।
तकनीकी विशेषज्ञ समिति : स्मार्टफोन/टैबलेट के लिए विशिष्टताओं (स्पेसिफिकेशन्स) का निर्धारण करने और बोली प्रक्रिया को संभालने के लिए गठित।
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संख्या- 4/202/502/77--202-56/202
अरविन्द कुमार,
अपर मुख्य सचिव,
उ0प्र0शासन।
सेवा में,
l- ... समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, उ0प्र0 शासन।
2- ... समस्त मण्डलायुक्त/ जिलाधिकारी, Soak प्रदेश।
3- .... प्रबन्ध निदेशक, यू0पी0 Seal, गोमती नगर, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग- लखनऊ: दिनांक: 06 अक्टूबर, 202'
विषय- प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण हेतु टैबलेट/स्मार्ट फोन वितरण योजना।
महोदय,
उपर्युक्त विषयांकित योजना के संबंध में अवगत कराना है कि भारत सरकार के
डिजिटल इण्डिया इनिशियेटिव के ded विभिन्न स्तरों पर डिजिटल एवं ऑनलाइन माध्यमों
से सरकार से नागरिकों (9 2 C) तथा व्यवसायियों से ग्राहकों (8 2 C) को प्रदान की जाने
वाली सेवाओं के प्रचलन मैं तेजी से वृद्धि हुई है। भारत सरकार aan Ease of doing
business तथा Ease of living के तत्वाधान में अब शासन से अपेक्षित विभिन्न
स्वीकृतियों/अनुमतियों तथा सेवाओं को ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त किया जाना सम्भव हो
सका है। वर्तमान में राज्य सरकार की अधिकांश सेवाएं इंटरनेट के माध्यम से लाभार्थी द्वारा
स्वयं अथवा जन सुविधा केन्द्रोंई-डिस्ट्रिक्ट केन्द्रों/सुविधा केन्द्रों के माध्यम से प्राप्त की जा
रही है।
2. कोरोना काल में विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं CaN ऑनलाइन माध्यमों से ही अपनी
शैक्षिक गतिविधियों को जारी रखा जाना सम्भव हो सका है, जिससे छात्र-छात्राओं एवं युवाओं
के डिजिटल सशक्तिकरण की अपरिहार्य आवश्यकता हर स्तर पर अनुभव की गई है। युवाओं
को विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी नौकरियों A आवेदन करना, उनके लिए
कोचिंग/प्रशिक्षण प्राप्त करना अथवा किसी अन्य रोजगार में आवेदन करने आदि के लिए भी
डिजिटल माध्यमों का अधिकाधिक प्रयोग किया जा रहा है। तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थाओं
द्वारा भी अपने अध्ययनरत छात्रों को शिक्षण सामग्री, ट्यूटोरियल लेक्चर इत्यादि का
वितरण एवं प्रसारण भी ऑनलाइन माध्यमों से ही किया जा रहा है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के
माध्यम से डेटा एक्सेस की सुविधा को भी सस्ती दरों पर प्राप्त किया जा सकता है। अतः
प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षित, प्रशिक्षित एवं स्वावलम्बी बनाये
जाने के लिए उन्हें स्मार्ट फोन/टैबलेट नि:शुल्क प्रदान करते हुए सशक्त एवं समर्थ बनाए
जाने के लिए उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3. इस संबंध में शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त निम्नवत निर्णय लिये गये हैं-
(i) प्राथमिक रूप से यह योजना वित्तीय वर्ष 202/-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में
लाई जा रही है।
(2) ल्क्षित युवा लाभार्थी वर्ग:
l. प्रदेश के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास, पैरा मैडिकल तथा
नर्सिंग आदि विभिन्न शिक्षण/प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत लाभार्थी युवा वर्ग को
स्मार्ट फोन/टैबलेट निःशुल्क प्रदान करने से न केवल वे अपने शैक्षिक पाठ्यक्रमों को
सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकेंगें अपितु उसके उपरान्त विभिन्न शासकीय/गैर शासकीय
तथा स्वावलम्बन की योजनाओं में भी वे इसका सदुपयोग कर सेवारत/व्यवसायरत हो
सकेगें।
2. सेवा मित्र पोर्टल कौशल विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसके माध्यम से
विभिन्न कुशल कारीगरों को पंजीकृत कराकर चिन्हित एजेन्सियों के माध्यम से
विभिन्न नागरिक सेवाएं यथा प्लम्बर, कारपेन्टर, नर्स, इलेक्ट्रिशीयन, ए0सी0
मेकैनिक आदि जन सामान्य को प्रदान की जा रही Sl अतः: उन्हें भी टैबलेट/स्मार्ट
फोन प्रदान करा दिए जाएं जिससे कि वे नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए
अपनी जीविका भी चला सकें।
3. योजनान्तर्गत जिन लाभार्थी युवा वर्गों को टैबलेट/स्मार्ट फोन का वितरण किया जाना
है उनकी संभावित संख्या निम्नवत हैः:-
चिन्हित युवा वर्ग | कुल संख्या. संख्या
वर्ष 2020 में उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत छात्रों की संख्या 50,2,277
वर्ष 202 A तकनीकी शिक्षा के अन्तर्गत छात्रों की अनुमानित संख्या /,95,022
(डिग्री कोर्स)
वर्ष 202 में तकनीकी शिक्षा (डिप्लोमा) के अन्तर्गत छात्रों की संख्या 2,29,703
वर्ष 202 में कौशल प्रशिक्षण के अन्तर्गत प्रशिक्षणरत छात्रों की 5,00,000
अनुमानित संख्या
विगत तीन वर्षों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों की संख्या 3,00,000
वर्ष 202। में आई.टी.आई. के अन्तर्गत प्रशिक्षणरत छात्रों की अनुमानित /,29,000
संख्या
वर्ष 202 में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय मेडिकल ,34,655
कालेज/निजी मेडिकल कालेज/राजकीय seca कालेज/निजी Seca कालेज
के अन्तर्गत स्नातकोत्तर/स्नातक (एमबीबीएस)/एमडी एस/बीडीएस में
STUN Gass vd राजकीय/निजी मेडिकल कालेजों A
बीएससी/एमएससी नर्सिंग कोर्स के अन्तर्गत अध्ययनरत छात्र/छात्राओं की
अनुमानित संख्या
वर्ष 202 में पैरामैडिकल तथा नर्सिंग (GNM/ANM) के छात्रों की संख्या ,7,80
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |वर्ष 202 में सेवा मित्र पोर्टल पर पंजीकृत कुशल श्रमिकों की संख्या 7,00,000
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत विश्वकर्मा श्रम सम्मान 50,000
योजना, अनु0जाति/जनजाति स्वरोजगार प्रशिक्षण योजना, पिछड़ा वर्ग
प्रशिक्षण योजना एवं एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत प्रशिक्षण योजना
के अन्तर्गत प्रशिक्षणार्थियों की संख्या
योग 68,30,837
उपर्युक्त के अतिरिक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पुरूष हेल्थ वर्कर एवं
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के प्रशिक्षणार्थियों को भी योजना मैं सम्मिलित किया
गया है। इस सम्बन्ध में वितरण से पूर्व वास्तविक आंकडे तथा निर्धारित प्रारूप पर
सूची सम्बन्धित विभागों से प्राप्त की जाएगी।
4. इस लाभार्थी वर्ग में अन्य वर्ग के युवाओं को भी समय-समय पर AIO मुख्य मंत्री जी
के अनुमोदन से सम्मिलित किया जा सकेगा। किस लाभार्थी वर्ग को टैबलेट प्रदान
किया जाना है तथा किसे स्मार्ट फोन्स प्रदान किया जाना है इसका निर्णय यथासमय
मा0 मुख्यमंत्री जी के स्तर पर लिया जायेगा। स्मार्ट फोन/टैबलेट के वितरण हेतु
लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण तथा चरणबदूध क्रय के सम्बन्ध में भी
निर्णय यथासमय AO मुख्यमंत्री जी के स्तर पर लिया जायेगा।
(3) लाभार्थियों का चयन :
योजनान्तर्गत लाभार्थियों का चिन्हांकन प्रदेश के सम्बन्धित विभागों के अधीनस्थ
संस्थानों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, इन्जीनियरिंग/चिकित्सा, पॉललीटेक्निक, कौशल
विकास मिशन, आई.टी.आई. आदि में अध्ययनरत/पंजीकृत तथा प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं से
सम्बन्धित संस्थानों के प्रमुखो के सहयोग से, सम्बन्धित विभागाध्यक्ष के माध्यम से,
सम्बन्धित विभाग cant किया जाएगा। सम्बन्धित विभाग cant विभागाध्यक्ष के माध्यम
से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रश्नगत योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किये जाने वाले
युवाओं को राज्य सरकार की अन्य किसी योजना (स्कूली शिक्षा के छोड़कर) के अन्तर्गत
स्मार्टफोन/टेबलेट प्राप्त न हुए हों। ऐसी समस्त योजनायें West योजना A समाहित समझी
जायेंगी |
सामान्यतः सभी विभागों के पास aaa लाभार्थी युवा वर्ग का डेटा बेस डिजिटल
फॉरमेट में विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध है, जिसको संग्रहित कर प्रश्नगत योजना हेतु विशेष
वेब पोर्टल बना कर उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी विभागीय संस्था का डेटा बेस
निर्धारित फॉरमेट में उपलब्ध नहीं है तो सम्बन्धित संस्था के स्तर पर इसे अपलोड कराते
हुए तथा इसके सत्यापन की व्यवस्था करते हुए डेटा बेस तैयार कराया जाएगा। इस प्रकार
संकलित किये जाने वाले समस्त डाटा को पोर्टल पर अपलोड किये जाने, पुष्टिकृत किये जाने
एवं उसकी शुदूधता सुनिश्चित किये जाने का सम्पूर्ण दायित्व सम्बन्धित विभाग/विभागाध्यक्ष
तथा सम्बन्धित संस्था प्रमुख का होगा।
(4) . योजना क्रियान्वयन हेतु वेब पोर्टल:
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |योजनान्तर्गत लाभार्थी चयन तथा टैबलेट/स्मार्ट फोन की आपूर्ति, वितरण एवं
अनुश्रवण की व्यवस्था सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए एक वेब पोर्टल यूपी Seal के
माध्यम से बनवाया जाएगा जिस पर निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी:-
. विभिन्न विभागों के अन्तर्गत त्रक्षित तथा उसमें संस्थावार, कक्षावार, विषयवार
अध्ययनरत छात्रों की AeA!
अध्ययनरत छात्रों के सम्बन्ध में नियत प्रपत्र पर सम्पूर्ण विवरण।
संस्था को आवंटित टैबलेट/स्मार्ट फोन के आपूर्तिकर्ता दूवारा किये गये डिस्पैच तथा
संस्था द्वारा प्राप्ति सम्बन्धी पूर्ण जानकारी।
अध्ययनरत छात्रों को टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण तथा उसकी प्राप्ति एवं सत्यापन
की सम्पूर्ण जानकारी।
पोर्टल को विभिन्न स्तरीय प्राधिकृत अधिकारियों/छात्र-छात्राओं दूवारा एक्सेस करने के
लिए यूजर आईए0डी0/पासवर्ड का प्राविधान।
जनपद स्तर पर आपूर्तिकर्ता संस्था द्वारा स्थापित सेवा केन्द्रों का विवरण।
वारंटी अवधि के दौरान टैबलेट/स्मार्ट फोन के संचालन एवं अनुरक्षण के सम्बन्ध मैं
प्राप्त शिकायतों के प्रबन्धन एवं निस्तारण की व्यवस्था।
संस्था स्तर से वितरण हेतु नामित नोडल अधिकारी/समिति का विवरण।
अन्य सुसंगत विवरण जिसे योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु आवश्यक समझा
जाए।
(5) स्मार्ट फोन/टैबलेट के क्रय के सम्बन्ध में कार्ययोजनाः
. टैबलेट/स्मार्टफोन के क्रय तथा पोर्टल के निर्माण एवं उसके संचालन के लिए यूपी
डेस्को को नोडल एजेन्सी नामित किया गया है।
. पोर्टल बनाने एवं उसके संचालन आदि के लिए नोडल Waa को रू0-5.00 करोड की
धनराशि प्रशासकीय व्यय के मद मैं अनुमन्य होगी तथा विभिन्न विभागों एवं जनपद
के स्तर पर योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन तथा वितरण आदि के लिए
धनराशि रू0-5.00 करोड प्राविधानित की जाएगी। इस सीमा के अन्तर्गत विभिन्न
संस्थाओं/जनपदों हेतु अनुमन्य सीमाओं का निर्धारण अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना
एवं औद्योगिक विकास विभाग के स्तर पर गठित समिति cant किया जायेगा।
.. टैबलेट/स्मार्टफोन का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इस हेतु
प्रशासकीय विभाग के सहायतार्थ राज्य स्थित GeM-PMU से एक dedicated टीम
का गठन किया जाएगा। स्मार्ट फोन/टैबलेट की विशिष्टियों का निर्धारण करते समय
इस सम्बन्ध में इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार (Meity)
दूवारा समय-समय पर तद्विषयक निर्गत विशिष्टियों का संज्ञान लिया जायेगा।
. टैबलेट/स्मींट फोन का क्रय चूंकि अधिक मात्रा में किया जाना है, अतः fas के
उपरान्त प्राप्त न्यूनतम क्रय मूल्य पर आवश्यकतानुसार एक से अधिक dese को
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in A सत्यापित की जा सकती है |आपूर्ति हेतु नियमानुसार आबदूध किया जाएगा जिससे आपूर्ति एवं वितरण समय से
हो सके।
(6) तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन एवं दायित्व
स्मार्टफोन्स/टैबलेट्स की विशिष्टियों के निर्धारण fas डाक्यूमेन्टस की तैयारी तथा
प्राप्त fast के तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण हेतु विशेष सचिव, आईएटी0 की अध्यक्षता में
एक समिति का गठन किया जायेगा जिसके सदस्य सचिव एम0डी0, यूपीडेस्को होंगे। इस
समिति में आई.आई.टी. कानपुर, सेन्टर फॉर Saou, स्टेट ई-मिशन टीम, एकेटीयू,
एनआईसी, वित्त विभाग तथा न्याय विभाग के प्रतिनिधि होंगे। यह समिति
स्मार्टफोन्स/टैबलेट्स हेतु सर्वथा उपयुक्त विशिष्टियों का चयन कर fas अभिलेखों की
संस्तुति करेगी तथा fas मूल्यांकन समिति का अनुमोदन प्राप्त कर प्री fas की कार्यवाही
सम्पादित करते हुए अपनी संस्तुतियाँ पुनः fas मूल्यांकन समिति को प्रेषित करेगी। सक्षम
स्तर से fas अभिलेखों का अनुमोदन प्राप्त होने तथा यूपीडेस्को द्वारा जेम के माध्यम से
fas आमंत्रण के उपरान्त प्राप्त fast का तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण कर अपनी संस्तुतियाँ
fas मूल्यांकन समिति को प्रेषित करेगी।
(7) शासन स्तर पर fas मूल्यांकन समिति का गठन
शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की
अध्यक्षता में fas मूल्यांकन समिति का गठन किया जायेगा। इसके सदस्य सचिव एम0डी0,
यूपीडेस्को होंगे। इस समिति में न्याय, वित्त, नियोजन, एनआईसी एवं अन्य सम्बन्धित
विभागों के अधिकारी जो विशेष सचिव स्तर से Hegel स्तर के हों, नामित किये जाएंगे। यह
समिति तकनीकी विशेषज्ञ समिति cant प्राप्त fas डाक्यूमेन्टस का परीक्षण कर fas
आमंत्रित करने पर अनुमोदन प्रदान करेगी। प्री बिड के आधार पर तकनीकी विशेषज्ञ समिति
की संस्तुतियों के उपरान्त अन्तिम fas डाक्यूमेन्ट्स पर AO मंत्रि-परिषद के अनुमोदन हेतु
अपनी संस्तुति प्रेषित करेगी। Tas प्राप्त होने पर तकनीकी विशेषज्ञ समिति की संस्तुतियों के
उपरान्त उनका परीक्षण करते हुए आपूर्ति संस्था के चयन के सम्बन्ध में मा0 मंत्रि-परिषद के
अनुमोदन हेतु अपनी संस्तुति प्रेषित करेगी।
(8) परियोजना अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति का गठन एवं दायित्व
मुख्य सचिव के स्तर पर एक समिति का गठन किया जायेगा जो विभिन्न
विभागों/उनके अधीनस्थ संस्थाओं तथा जनपद स्तरीय अधिकारियों से समन्वय कर योजना
को समय से लागू कराने मैं आ रही बाधाओं का निराकरण सुनिश्चित करायेगी तथा
नीतिगत संशोधनों/निर्णयों हेतु अपनी संस्तुतियां प्रदान करेंगी। इस समिति के सदस्य सचिव
अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग होंगे।
(9) नामित कार्यदायी संस्था (यूपीडेस्को) के दायित्वः-
t. प्रस्तर-(4) के अनुसार योजना के क्रियान्वयन हेतु वेब पोर्टल एवं मोबाईल एप्स का
आवश्यकतानुसार निर्माण, अनुरक्षण तथा संचालन सुनिश्चित कराना।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |0.
7.
2.
3.
4.
(0)
oa जप ७ ०
तकनीकी विशेषज्ञ समिति तथा शासन स्तरीय समितियों को आवश्यक सहयोग प्रदान
करना।
जेम पोर्टल के माध्यम से cust आमंत्रित करना।
प्री बिड मीटिंग आयोजित कराना।
तकनीकी विशेषज्ञ समितियों के अनुसार फाइनल fas डाक्यूमेन्ट तैयार कराकर शासन
को प्रेषित कराना।
शासन से अनुमोदन प्राप्त होने पर चयनित आपूर्तिकर्ता को एल.ओ.आई. निर्गत
करना।
चयनित आपूर्तिकर्ता के साथ अनुबन्ध करना।
अनुबन्ध का क्रियान्वयन कराना।
यह सुनिश्चित करना कि आपूर्तिकर्ता मांग के अनुसार स्मार्टफोन्स/टैबलेट्स ससमय
लक्षित संस्थाओं को पहुँंचाएं।
प्री-डिस्पैच इन्स्पेक्शन तथा पोस्ट डिस्पैच इन्स्पेक्शन सुनिश्चित कराना।
आपूर्तिकर्ता के माध्यम से जनपदवार सर्विस सेन्टर स्थापित कराया जाना।
शासन के अनुमोदन के उपरान्त प्री-लोडेड कन्टेन्ट्स आपूर्तिकर्ता को उपलब्ध कराया
जाना एवं अन्य कार्य जो शासन स्तर से समय-समय पर योजना के क्रियान्वयन के
लिए दिये जाएं उनका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना।
समस्त औचारिकताएं पूर्ण कराकर आपूर्तिकर्ता संस्था को भुगतान सुनिश्चित करना।
समस्त अभिलेखों का रखरखाव तथा लेखा परीक्षा सुनिश्चित कराना।
जनपद स्तरीय समिति का गठन एवं उसके दायित्वः
जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में योजना का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण
के लिए निम्न समिति का गठन किया जायेगाः-
= जिलाधिकारी अध्यक्ष
मुख्य विकास अधिकारी सदस्य
सम्बन्धित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सदस्य
वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी सदस्य
जिलाधिकारी दृवारा नामित अपर जिलाधिकारी सदस्य सचिव
अभ्यक्ति- जिलाधिकारी यदि चाहें तो अपने विवेक से आवश्यकतानुसार अन्य
अधिकारियों के साथ-साथ विषय-विशेषज्ञ तथा कतिपय संस्थाओं के प्रमुखों को भी
उक्त समिति में आमंत्रित कर सकते हैं।
उक्त जनपद स्तरीय समिति द्वारा निम्न कार्य किये जायेंगेः-
. चिन्हित संस्थाओं के लाभार्थियों की सूची निर्धारित प्रारूप पर ससमय संकलित कराया
जाना।
आपूर्तिकर्ता तथा नोडल एजेंसी से समन्वय कर समय से आपूर्ति सुनिश्चित करना।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |जनपद मैं किस क्रम में स्मार्टफोन्स/टैबलेट्स का वितरण होना है; की रूपरेखा बनाना
वितरण में यह सुनिश्चित किया जाना कि सम्बन्धित संस्था में सभी पात्र लाभार्थियों
को स्मार्टफोन्स/टैबलेट्स का वितरण सुगमतापूर्वक एवं पारदर्शिता के साथ एक साथ
हो।
यह सुनिश्चित करना कि संबंधित संस्थानों के स्तर पर वितरण के संबंध मैं
आवश्यक अभिलेख संरक्षित कर लिये गये हैं अथवा नहीं।
संस्थाओं में टैबलेट/स्मार्ट फोन का वितरण माए प्रभारी मंत्री/मा0 सांसद/मा0 विधायक
की उपस्थिति में सुनिश्चित कराया जाना।
शासन द्वारा समय समय पर दिये जाने वाले निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित
कराना।
() लाभार्थी संस्था के
(2)
प्राचार्य/प्रमुख के दायित्वः-
.. योजना के क्रियान्वयन हेतु संस्था स्तर पर समिति का गठन एवं नोडल अधिकारी की
तैनाती।
यह सुनिश्चित करना कि योजनान्तर्गत सभी लाभार्थियों का. सही-सही sera
निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड हो जाय।
आपूर्तिकर्ता संस्था से आपूर्ति प्राप्त कर उसके स्टोरेज तथा वितरण की व्यवस्था
करना।
संस्था स्तर पर वितरण हेतु प्राप्त टैबलेट/स्मार्ट फोन को सुरक्षित रखा जाना एवं
शासन के निर्देशानुसार वितरण की व्यवस्था कराना।
वितरण से संबंधित आवश्यक अभिलेखों का रखरखाव सुनिश्चित करना।
उपलब्ध कराये जा रहे टैबलेट/स्मार्ट फोन के माध्यम से शिक्षण/प्रशिक्षण कार्य से
सम्बन्धित स्थानीय डिजिटल कान्टेन्ट तैयार कराना तथा छात्र-छात्राओं को उपलब्ध
कराना।
जिलाधिकारी/शासन को वांछित सहयोग प्रदान करना।
सम्बन्धित विभागों के दायित्वः
. लाभार्थियों के डेटाबेस की फीडिंग योजना हेतु निर्मित वेब पोर्टल पर कराया जाना एवं
सम्पूर्ण डेटाबेस की etal बनायें रखना।
विभागीय स्तर पर अधीनस्थ संस्थाओं के माध्यम से योजना को क्रियान्वित कराया
जाना एवं नियमित अनुश्रवण करना।|
समयान्तर्गत शासकीय योजनाओं एवं शिक्षण, प्रशिक्षण से सम्बन्धित अन्य relevant
digital content को डिजटली तैयार कर उपलब्ध कराया जाना।
लाभार्थियों को वितरित टैबलेट/स्मार्ट फोन के शिक्षण/शिक्षणोत्तर उपयोग को व्यापक
बनायें जाने हेतु सतत प्रयास करना।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5. योजनान्तर्गत जनपद स्तर पर प्राप्त टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण से पूर्व उन्हें
सम्बन्धित संस्थाओं A सुरक्षित रखे जाने की व्यवस्था एवं निर्दिष्ट वितरण प्रक्रिया
के अधीन अधीनस्थ संस्थाओं के माध्यम से वितरण कराया जाना।
(3) सूचना विभाग का दायित्वः
टैबलेट/मोबाइल के माध्यम से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी
छात्र/छात्राओं को हो सके इसके लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न विभागों से समन्वय करते
हुए उनकी योजनाओं के बारे मैं डिजिटल कान्टेन्ट्स तैयार कराकर टैबलेट/मोबाइल के
माध्यम से उन्हें उपलब्ध कराया जाये। सूचना विभाग द्वारा विभिन्न विभागों/संस्थाओं से
समन्वय कर उनकी प्रचलित योजनाओं के बारे मैं कान्टेन्ट तैयार कराते हुए उपलब्ध कराये
जाने की व्यवस्था की जायेगी। सूचना विभाग का यह भी दायित्व होगा कि वह समय-समय
पर प्राप्त डिजिटल कान्टेन्ट्स को अनवरत रूप से अपडेट भी करेंगे।
(4) Weer के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण हेतु स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरण के
लिए उपरोक्तानुसार योजना लागू की जाती है। समय-समय पर भविष्य में आने वाली
व्यवहारिक कठिनाईयों के निराकरण हेतु योजनान्तर्गत किसी भी प्रकार के संशोधन हेतु मा0
मुख्यमंत्री जी अधिकृत होंगे।
4. इस संबंध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया शासन cant लिये गये
उक्त निर्णयों का अनुपालन समस्त संबंधित से तत्परतापूर्वक सुनिश्चित कराने का कष्ट He
भवदीय,
अरविन्द कुमार
अपर मुख्य सचिव
संख्या-502()/77--202, तददिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
= मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ।
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय, उ0प्र0, स्वास्थ्य भवन, लखनऊ।
निदेशक, उच्च शिक्षा, उ0प्र0, इलाहाबाद।
निदेशक, प्राविधिक शिक्षा, उ0प्र0, विकास नगर, कानपुर।
निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, उ0प्र0, गुरू गोविन्द सिंह मार्ग, लखनऊ।
मिशन निदेशक, कौशल विकास मिशन, उ0प्र0, लखनऊ।
सचिव, उ0प्र0 स्टेट मेडिकल एण्ड Vass फेकल्टी, 5 सर्वपल्ली मार्ग, माल एवेन्यु, लखनऊ।
गार्ड wise |
sa OBO WON OTF WON =
—- ©
आज्ञा से,
अरविन्द कुमार
अपर मुख्य सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |