Home India सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग जनपद बिजनौर में पूर्वीगंगा नहर निर्माण खण्ड-6, नजीबाबाद के अ...
Date: 2026-01-23 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद बिजनौर में पूर्वीगंगा नहर निर्माण खण्ड-6, नजीबाबाद के अन्तर्गत नगीना शाखा कम स्के‍प के किमी० 10.000 पर टेल फाल के पुनर्निर्माण एवं किमी० 0.000 से किमी० 10.200 के मध्य आन्तरिक सेक्शन के सुधारात्मक एवं अन्य संबंधित कार्यों की परियेाजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति ।

Issued by सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग · सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जनपद बिजनौर में पूर्वीगंगा नहर निर्माण खण्ड-6, नजीबाबाद के अन्तर्गत नगीना शाखा कम स्केप के किमी 10.000 पर टेल फाल के पुनर्निर्माण एवं किमी 0.000 से किमी 10.200 के मध्य आन्तरिक सेक्शन के सुधारात्मक एवं अन्य संबंधित कार्यों की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति से संबंधित है। परियोजना के लिए स्वीकृत कुल राशि 441.76 लाख रुपये है, जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,50,00,000 रुपये की पहली किस्त जारी की जा रही है। **मुख्य बातें** *तकनीकी स्वीकृति और कार्य प्रारंभ:* * वित्तीय नियम संग्रह भाग-6 के अध्याय-12 के प्रस्तर-318 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। *गुणवत्ता और समय सीमा:* * परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता का होगा, जिन्हें निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना होगा। *वित्तीय प्रबंधन:* * स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। * वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत करने के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाना चाहिए। * स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के प्राविधानों एवं मितव्ययिता के शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। * वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। * परियोजना के लिए आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वित्तीय वर्ष में कर लिया जाय तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र शासन को उपलब्ध कराया जाय। *अन्य शर्तें:* * विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में लगायी गयी शर्तों का विभाग द्वारा पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्रित कराया जाएगा। * परियोजनान्तर्गत सेंटेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार) से संबंधित शासनादेशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। * अधिष्ठान व्यय की धनराशि जमा की जायेगी। * 1 प्रतिशत लेबर सेस की धनराशि श्रम विभाग को देय होगी। * परियोजना के कार्य में डुप्लीकेसी नहीं होनी चाहिए। * कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा व्यय का विवरण शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। **प्रभाव विश्लेषण** **प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ** *प्रभाव:* परियोजना को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए जिम्मेदार हैं। *आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करें कि सभी तकनीकी और वित्तीय दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। परियोजना का समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा होना सुनिश्चित करें। **मुख्य अभियंता** *प्रभाव:* परियोजना का तकनीकी अनुमोदन सुनिश्चित करना। *आवश्यक कार्रवाई:* तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही परियोजना शुरू करना। **वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ** *प्रभाव:* परियोजना के लिए आवंटित धन का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार हैं। *आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करें कि सभी वित्तीय दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए और परियोजना के लिए आवंटित धन का सही तरीके से उपयोग किया जाए। **वरिष्ठ/मुख्य कोषाधिकारी, बिजनौर, उ०प्र०** *प्रभाव:* परियोजना के लिए धन के वितरण को संभालने के लिए जिम्मेदार हैं। *आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करें कि परियोजना के लिए धन समय पर और सही तरीके से वितरित किया जाए। **श्रम विभाग** *प्रभाव:* निर्माण श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित करना। *आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करें कि 1% श्रम उपकर का भुगतान किया जाए और श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया जाए।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, शासनादेश जारी करने वाली संस्था। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०: उत्तर प्रदेश का सिंचाई और जल संसाधन विभाग, जो इस नीति के कार्यान्वयन में शामिल है। जनपद बिजनौर: बिजनौर ज़िला, जहाँ परियोजना का काम होना है। पूर्वीगंगा नहर निर्माण खण्ड-6, नजीबाबाद: पूर्वीगंगा नहर निर्माण खंड-6, नजीबाबाद, जहाँ परियोजना का काम होना है। वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों: वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या: 6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
ACAT-5 2/2026/642P/25-27-fee-4-004 -CN-2005649 रमा Bled वर्मा, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, Solo, लखनऊ | सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक 23-0I-2026 विषय: जनपद बिजनौर में पूर्वीगंगा नहर निर्माण खण्ड-6, नजीबाबाद के अन्तर्गत नगीना शाख़ा»क्रमं्स्क्रेप के किमी० 0.000 पर ta Ge के पुनर्निर्माण एवं किमी० 0.000 से किमी० 0.200 Hearty आन््तरिक सेक्शन के सुधारात्मक एवं अन्य संबंधित कार्यों की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय edit महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई एवं जल संसाधत विभाग, Soyo, लखनऊ के पत्र संख्या- 946/2429/परियोजना/कैम्प/बजट, दिनांक (7.42.2025 & Wedd 'ज्ञथानसिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 के पत्र संख्या-374/25-27-सिं-9-63एसएवी/2।, दिनांक 08.42.2025 द्वारा Cpa कार्य-योजना के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि “जनपद बिजनौर में पूर्वीगंगा नहर निर्माण खण्डः6, नजीबाबाद के अन्तर्गत नगीना शाखा Hat To के किमी० 40.000 पर टेल फाल के पुननिर्माण एवं किमी० 0:000 से./किमी० 40.200 के मध्य आन्तरिक सेक्शन के सुधारात्मक एवं अन्य संबंधित कार्यों की परियोजना ” की. लोगत धनराशि Ko 447.76 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक, में अनुदान संख्या-94 -लेखाशीर्षक 4700-97-05-0-44-24- “ राज्य वित्त पोषित नई सिंचाई परियोजना हेतु एकमुश्त ब्यवरूथा ” में प्राविधानित बजट धनराशि wo 5000.00 लाख में से उक्त परियोजना हेतु धनराशि रू० 7,50,00,000/(fua एक करोड़ पचास लाख मात्र) को प्रथम किश्त के रूप में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना-« peat पर व्यय करने हेतु अवमुक्त किये जाने के लिए निम्नलिखित शर्तों /प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष,वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हैं :- नियम व शर्ते £ प्रतिबन्ध t. Waa परियोजना के कार्य, प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग -6 के अध्याय- i2 h प्रस्तर- 38 में वर्णित cade के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य wa ax ली जायेगी तथा सैक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति ws होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। 2. परियोजना के) अन्तर्गत सम्मिलित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्त्रा का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता/के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। 3. स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। 4. वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या: 6/2025/al-I-352/GH-2025-234/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।-2 स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानो, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शामनादेशों के अनुरूप किया जायेगा तथा मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग द्वारा प्रश्षगत धनराशि जिस कार्य / मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य / मद में किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के प्रस्तर-2 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनेन्शियल्र प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। विभाग द्वारा वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्राम्ति करके हीं॥ परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वितीय वर्ष में कर लिया जाय तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूपे॥परे॥ठपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में लगायी गयी शर्तों ar (विभोग द्वारा पूर्ण रूप से अनुपात्रन सुनिश्रित कराया जाएगा | प्रायोजना पर मात्राओं को निर्माण केछसमय! सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था» विभाग का होगा। परियोजनान्तर्गत Seca चार्जेज (प्रतिशत WAR) Aap लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध A वित्त (लेखा) «अनुभाग-2 के शासनादेश AKA-0/2023/U-2-60/aa-2023- 7(4)/75 दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश संख्या-02/ 2023/U-2-66/48-2023-i7(4) /75 दिनांक 9.05.2023 में निहित दिशा-निर्देशोंब्के. अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। परियोजनान्तर्गत अधिष्ठान ढयय/ की५धनराशि समय-समय पर स्वीकृत / आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की $जायेगी। 'अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश AWO-V-2-23/qa-20II- 7(4)/75 दिनांक 25.0i.20i के साथ पठित शासनादेश WeA-V-2-606/GA-20i4-7(4)/ 75, दिनांक ] नवम्बर, 20I4 ENT जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी | । प्रतिशत लेबर SS की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। प्रायोजेज्नान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियन्ता एवं बिभागाध्यक्ष द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना / कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु अवमुक्त की गयी धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रपत्र बीएएम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।- 3 - 2- इस संबंध A होने वाला व्यय रुपये ,50,00,000 (रुपये एक करोड़ पचास लाख मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 470097050i4 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24 वृहत्‌ निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - ॥ के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/e-7-352/Ea-2025- 23/2025, दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को shad प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, रमा Bled वर्मा संयुक्त सचिव | EAT-5 2()/2026/642P/25-27-T0-4-00-CN-2005649, तद्दिनांक प्रतिलिपि-निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु Ava: - - महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी प्रथम»द्वितीय), S0U0, प्रयागरीौज। 2- महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम“द्वितीय, 50प्र0, प्रयागराज। 3- प्रमुख अभियनन्‍्ता (परियोजना),सिंचाई विभाग, 5000, त्रखनऊ। 4- मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन्न विभाग, SOU, लखनऊ | 5- मुख्य अभियन्ता, FN-l (रूहेलखण्ड), बरेली / मुख्य अभियमन्ता, (पूर्वीगंगा), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, मुरादाबाद ५ 6- वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50U0, लखनऊ । 7- वरिष्ठ / मुख्य कोषाधिकारी, बिजनौर,.50प्र७। 8- अनु सचिव (लेखा), सिंचाई Va ae ser विभाग, उ0प्र0। 9- वित्त व्यय नियंत्रण अनुभाग-8 0- नियोजन अनुभाग-3 - «= fas एवं जल्ल संसाधन अनुभाग-9 i2- - TS ser आज्ञा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव | I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।

Continue your research