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Official Transcriptसंख्या- 180 /2026/ 2143 /चार-2026-2073175 प्रेषक, राज कु मार, संयुक्त सनिव, उत् तर प्रदेश शासन। सेवा में, ननदेशक, संस् कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0, जवाहर भवन, लखनऊ । संस्कृ ति अनुभाग लखनऊ : तिनांक 30 जुलाई, 2026 तिषय:- जनपद वारािसी में संत नशरोमनि श्री गुरू रनवदास जी महाराज की 650वी ं जयन्ती समारोह पर आयोनजत प्रदशशनी एवं सांस् कृ नतक कायशक्रमो ंपर होने वाले व् यय की प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नत...
संख्या- 180 /2026/ 2143 /चार-2026-2073175 प्रेषक, राज कु मार, संयुक्त सनिव, उत् तर प्रदेश शासन। सेवा में, ननदेशक, संस् कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0, जवाहर भवन, लखनऊ । संस्कृ ति अनुभाग लखनऊ : तिनांक 30 जुलाई, 2026 तिषय:- जनपद वारािसी में संत नशरोमनि श्री गुरू रनवदास जी महाराज की 650वी ं जयन्ती समारोह पर आयोनजत प्रदशशनी एवं सांस् कृ नतक कायशक्रमो ंपर होने वाले व् यय की प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नत के संबंध में। महोदय, उपयुशक्त नवषयक कृ पया अपने पत्र संख्या-1065/सं0नन0-15(57)/2026-27, नदनांक 27 जुलाई, 2026 का संदभश ग्रहि करने का कष्ट करें नजसके द्वारा नदनांक 29 एवं 30 जुलाई, 2026 को जनपद वारािसी में संत नशरोमनि श्री गुरू रनवदास जी महाराज की 650वी ंजयन्ती समारोह का आयोजन कराया जाना प्रस् तानवत नकया गया है तथा कायशक्रम की व् यवस्थ ाओ ं पर होने वाला व् यय सूिना एवं जनसम् पकश नवभाग एवं सनिवालय प्रशासन नवभाग की अनुमोनदत दरो ं पर कराया जाना प्रस् तानवत करते हुए कायशक्रम के आयोजन पर होने वाले व् यय का नववरि ननम् नवत् उपलब्ध कराया गया है:- क्र0 तििरण अनुमातनि धनराति ( रू0 लाख में)
1. कायशक्रम में प्रनतभाग करने वाले कलाकारो ंके मानदेय पर व्य य 5.00 2 संत नशरोमनि श्री गुरू रनवदास महाराज की जीवनशैली पर आधाररत 7.50 प्रदशशनी (02 स् थलो ंपर) हेतु वुडनवॉल, वॉलबेस, फ्लावर डेकोरेशन, नवनायल सनबोडश बोडश इत् यानद
3. सांस् कृ नतक कायशक्रम हेतु भजन संध् या स् थल पर वाटर प्रूफ मंि पाण् डाल, 16.00 जमशन हैंगर, लाइट, साउण्ड , साज-सज् जा, बैकडराप, बैनर, होनडशग् स इत् यानद पर व् यय इत् यानद
4. कायशक्रम में प्रनतभाग करने वाले कलाकारो ं के आवास, भोजन, यातायात, 4.50 बैकस् टेज इत्य ानद पर व् यय योग- (रूपये िैंिीस लाख मात्र) 33.00
2. इस संबंध में मुझे यह कहने का ननदेश हुआ है नक प्रस् तावानुसार िालू नवत् तीय वषश 2026-27 में संि तिरोमतण श्री गुरू रतििास जी महाराज की 650िी ं जयन्ती समारोह पर आयोतजि प्रििशनी एिं सांस् कृ तिक कायशक्रमो ं पर होने िाले अनुमातनि व् यय रू0 33.00 लाख (रूपये िैंिीस लाख मात्र) की प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नत ननम्ननलखख त शतों के अधीन प्रदान करते हुए धनरानश अवमुक्त करने की अनुमनत श्री राज् यपाल महोदय सहषश प्रदान करते हैं:-
(1) स्वीकृ त धनरानश के आहरि/ व्यय एवं अन्य कायशवानहयो ं में नवत्त (आय - व्ययक) अनुभाग - 1 के कायाशलय ज्ञाप संख्या - 4/2026/बी-1-812/दस-2026-231/2025, नदनााँक- 28-मािश, 2026 में नदये गये नदशा ननदेशो ंका पूिश अनुपालन सुनननच त नकया जायेगा। 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।(2) ननदेशक, संस्कृ नत ननदेशालय, लखनऊ द्वारा सुनननचत नकया जायेगा नक यह कायश न तो पूवश में नकसी अन् य योजना/कायशक्रम के अन्त गशत स् वीकृ त है और न वतशमान में नकसी अन् य योजना/ कायशक्रम से आच्छानदत नकया जाना प्रस्तानवत है।
(3) उक्त कायशक्रम में प्रनतभाग करने वाले कलाकारो ं का मानदेय एवं आवागमन भत्ता शासनादेश नदनांक 27.12.2022 में नननहत व्यवस्थानुसार नकया जायेगा।
(4) उक्त स्वीकृ त धनरानश का भुगतान वास्तनवक नबल/ बाउिसश के आधार पर नकया जायेगा।
(5) समस्त कायों का भौनतक सत्यापन कर ननधाशररत मानको ं का अनुपालन करते हुए ननयमानुसार भुगतान की कायशवाही सुनननचत की जायेगी।
(6) उक्त स्वीकृ त धनरानश का आहरि/उपयोग ननयमानुसार नकया जायेगा।
(7) उक् त स् वीकृ नत इस प्रनतबंध के अधीन है नक उपरोक् त स् वीकृ त धनरानश आवंनटत मदो ं पर व् यय की जायेगी, व् यय की अन् य मदो ंहेतु कदानप उपयोग नही ंनकया जायेगा। यह भी सुनननचत कर नलया जाय नक इन धनरानशयो ं का प्रदेशन ही अके ले नकसी प्रकार के व् यय करने का अनधकार नही ंदेता, व् यय करने के नलए बजट मैनुअल और नवत् तीय हस् तपुखस्तका के सुसंगत ननयमो ंअथवा अन् य स्थ ाई आदेशो ं से शासकीय अथवा अन् य सक्षम प्रानधकारी की, जहॉ आवश् यकता हो, व् यय करने के पूवश स् वीकृ नत प्राप् त कर ली जाय।
(8) संबंनधत संस्था/ कलाकार द्वारा उपलब्ध कराये गये नबल बाउिर के परीक्षिोपरान्त स्वीकृ त धनरानश को संस्थान के बैंक खाते में समयान्तगशत भुगतान कराने की कायशवाही संस्कृ नत ननदेशालय द्वारा कराते हुए यथाशीघ्र शासन को सूनित नकया जायेगा।
(9) उक्त धनरानश ननदेशक, संस्कृ नत ननदेशालय के ननवतशन पर है, अत: बजट प्रानवधान के सापेक्ष धनरानश की उपलब्ध ता का दानयत् व संस् कृ नत ननदेशालय का होगा। नवत् तीय स् वीकृ नत का आदेश संस् कृ नत ननदेशालय द्वारा बजट प्रानवधान के सापेक्ष अवशेष धनरानश की उपलब्ध ता की खस्थनत में ही ननगशत नकया जायेगा।
(10) धनरानश व्यय करने में समस्त नवत्तीय ननयमो ं का पालन सुनननच त नकया जायेगा। उक्त धनरानश को व्यय नकये जाने में नवत्त नवभाग द्वारा समय-समय पर जारी एवं वतशमान में प्रभावी नमतव्यनयता संबंधी शासनादेशो ंका कडाई से अनुपालन सुनननचत नकया जायेगा।
(11) स्वीकृ त धनरानश के सापेक्ष हुए व्यय से शासन को एक माह में अवगत कराना सुनननच त नकया जायेगा।
3. उक्त धनरानश का व् यय िालू नवत् तीय वषश 2026-27 के आय-व् ययक के अनुदान सं0-92 के अन् तगशत लेखाशीषशक-2205-कला एवं संस्कृ नत-800-अन्य व्यय- 13-आजादी का अमृत काल महोत्सव-42 अन्य व्यय मद में उपलब्ध धनरानश से नकया जायेगा।
4. यह आदेश नवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1 के कायाशलय- ज्ञाप संख्या - 4/2026/बी-1-812/दस- 2026-231/2025, नदनााँक- 28-मािश, 2026 में प्राप् त नदशा ननदेशो ं के अन् तगशत प्रशासकीय नवभागो ं को प्रनतननधाननत अनधकारो ंके अन्त गशत ननगशत नकये जा रहे हैं। भििीय, राज कु मार संयुक्त सतचि। संख्य ा एिं तिनांक ििैि। प्रनतनलनप: ननम्न नलखखत को सूिनाथश एवं आवश् यक कायशवाही हेतु प्रेनषत:-
1. महालेखाकार (लेखा व हकदारी) प्रथम/नद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
2. महालेखाकार (लेखा - परीक्षा) प्रथम/नद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
3. नजलानधक ारी, वारािसी।
4. नवत्त ननयंत्रक, संस्कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0 जवाहर भवन, लखनऊ।
5. मुख् य कोषानधकारी, कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ।
6. नवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1/नवत् त (ई-7) अनुभाग, उ0प्र0 शासन।
7. गाडश फाइल। आज्ञा से, राज कु मार संयुक्त सतचि। 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।