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Date: 2026-01-29 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

फरीदपुर राजवाहा के अर्न्तगत गैप्स में नहर निर्माण की परियोजना प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग · सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document outlines the administrative and financial approval for the Faridpur Rajwaha canal construction project. It includes the allocation of funds for construction and land acquisition, totaling ₹201.37 lakh, and specifies spending conditions according to financial regulations, with work to be completed by the end of the current fiscal year 2025-26. The document requires compliance with various financial guidelines and standards and outlines specific actions for relevant departments to ensure proper fund utilization and project execution. **Key Points / Main Content** * **Project Approval and Funding:** * Administrative and financial approval is granted for the Faridpur Rajwaha canal construction project, totaling ₹201.37 lakh. * ₹15.55 lakh is allocated from budget head 4700-19-051-10-14 for construction (Work Standard Item-24). * ₹181.93 lakh is allocated from budget head 4700-19-051-10-14 for land acquisition (Work Standard Item-60). * The total released amount for project activities is ₹1,97,48,000. * **Conditions and Restrictions:** * Technical approval must be obtained from a competent authority before commencing work. * The Chief Engineer is responsible for the specifications, standards, and quality of the project work. * Funds should be withdrawn as needed and not deposited in bank/deposit accounts. * Financial approvals must comply with guidelines issued on March 27, 2025. * Expenditure must follow relevant financial manuals and government orders, ensuring thriftiness. * Funds can only be used for the approved purpose; otherwise, the department will be held accountable. * Compliance with UP Budget Manual Prastar-12 and financial propriety standards is required. * Legal and environmental clearances must be obtained before starting construction. * An utilization certificate must be submitted to the government in the prescribed format after fund utilization. * Conditions set during the departmental technical committee meeting must be fully complied with. * **Financial Management and Compliance:** * Adherence to Government Order 01/2023/A-2-60/Das-2023-17(4)/75 dated 17.05.2023 and Government Order 02/2023/A-2-66/Das-2023-17(4)/75 dated 19.05.2023 regarding Sentej charges (percentage charges). * Establishment expenses must be deposited against the amount approved. * Compliance with GO S0-A-2-23/Das-2011-17(4)/75 dated 25.01.2011 along with GO A-2-1606/Das-2014-17(4)/75, dated 11 November, 2014, regarding establishment expenditure. * One percent labor cess must be paid to the labor department. * Duplication of proposed works must be prevented, with the project not being approved or covered under any other scheme. * Audited accounts and expenditure details on form BM-8 must be regularly submitted to the Finance Department and Government. * Ensure proper allocation and utilization of funds in accordance with budgetary provisions. **Impact Analysis** **Stakeholder:** Principal Engineer (Project), Irrigation Department. * **Impact:** Responsible for ensuring the project is completed on time, within budget, and to the required quality standards. * **Action Required:** Ensure compliance with all guidelines, financial regulations, and conditions stipulated in the document. **Stakeholder:** Finance Department and Accounts Department. * **Impact:** Oversight and monitoring of fund allocation, expenditure, and compliance with financial rules. * **Action Required:** Ensure funds are released and utilized according to the outlined budgetary provisions. **Stakeholder:** Chief Engineer. * **Impact:** Responsible for ensuring no duplication of project works. * **Action Required:** Certify that the work has not been approved or covered under any other project. **Stakeholder:** Labor Department. * **Impact:** Recipient of the 1% labor cess. * **Action Required:** Receive and manage the funds as per the applicable labor laws.

Key Entities Referenced

फरीदपुर राजवाहा: A canal system in Uttar Pradesh, specifically the "Faridpur Rajwaha", which is the subject of a canal construction project mentioned in the document. सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०: The Irrigation and Water Resources Department of Uttar Pradesh, the primary administrative body overseeing the project. Uttar Pradesh: The state in India where the policy is applicable.
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UEAI-7 6/2026/333/25-27-fA0-4/00I-75-SeeY-TR0-2023 प्रेषक, रमाकान्त वर्मा, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ। सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक: 29-0:-2026 विषय: फरीदपुर राजवाहा के अर्न्तगत गैप्स में नहर निर्माण की परियोजना प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई एवं Ta संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ के पत्र संख्या-549/8207/परियोजना/कैम्प/बजट, दिनांक 02 जून, 2025 एवं WeA-663/207/ परियोजना / कैम्प» बजट, दिनांक 43 अक्टूबर, 2025 के प्रस्ताव के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि “ फरीदपुर राजवाहा के Heda गैप्स में नहर निर्माण की परियोजना ” की लागत धनराशि wo 20i.37 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लेखाशीर्षक 4700-9-054-0-4- के अन्तर्गत Alda मद-24 (निर्माण कार्य) हेतु प्राविधानित धनराशि रू० 79.44 लाख में से धनराशि wo is55sarg (रुपये use लाख पचपन हजार मात्र) तथा लेखाशीर्षक 4700-9-05-0-4-h अन्तर्गत मानद मद-60 (भूमि क्रय) हेतु प्राविधानित धनराशि BO 8.93 लाख (रुपये एक करोड़ इक्यासी लाख तिरानबे हजार मात्र) कुल धनराशि HO ,97,48,000 (रुपये एक करोड़ सत्तानबे लाख अड़तालीस हजार मात्र) परियोजना के कार्यों हेतु अवमुक्त करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों 4. प्रश्नगत परियोजना के कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग -6 के अध्याय - i2 के प्रस्तर - 3॥8 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य Wet कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्रास्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। 2. परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलत्रित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। 3. स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायगी तथा आहरित धनराशि बैंक»डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। 4. वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या: 6/2025/a--352/aa-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियां facta किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। 5. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानो, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शामनादेशों के अनुरूप किया जायेगा तथा मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित विभाग द्वारा समय- समय पर निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.gov.inat सत्यापित की जा सकती है।विभाग द्वारा प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य / मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य / मद में किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की so l0 l] i2 43 4 5 - 2- अनियमितता के लिए इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के wea-i2 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनेन्शियल प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। विभाग द्वारा वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्राप्ति करके ही परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। vad कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वितीय वर्ष में कर लिया जाय तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। . विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में ल्रगायी गयी शर्तों का विभाग द्वारा पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा | प्रायोजना पर मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था» विभाग का होगा। . परियोजनान्तर्गत सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-0/2023/ए-2-60/दस- 2023-7(4)/75 दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश संख्या-02/ 2023/ए-2-66/दस-2023-7 (4) /75 दिनांक 9.05.2023 में निहित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। . परियोजनान्तर्गत अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत / आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश सं0-ए-2-23/दस- 200-7(4)/75 दिनांक 25.0:.20Ii के साथ पठित शासनादेश ALAI-V-2-606/GH-2074-77(4)/ 75, दिनांक ॥॥ नवम्बर, 20I4 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी । . | प्रतिशत लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। . प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना / कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। . कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु अवमुक्त की गयी धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रपत्र बीएएम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना ससुुनिश्चित किया जायेगा। यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.gov.inat सत्यापित की जा सकती है।-3- 2- इस संबंध में होने वाला व्यय (7) रुपये 75,55,000 (रुपये पन्द्रह लाख पचपन हजार मात्र) को aq वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 470090504 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24 वृहत्‌ निर्माण कार्य (2) रुपये 7,8,93,000 (रुपये एक करोड़ sera लाख तिरानबे हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 4700:90504 सम्बद्ध कार्य मानक मद 60 भूमि क्रय के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय -व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/el-7-352/ea-2025- 23/2025, दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को sad प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, रमाकान्त वर्मा संयुक्त सचिव। ACA -76/2026/333/25-27-THO-4/00I-75-SseY-WNO-2023, तद्दिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु Wa:- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी प्रथम“द्वितीय), 50प्र0, प्रयागराज। महालेखाकार(लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, 50प्र0, प्रयागराज। प्रमुख अभियन्ता (परियोजना),सिंचाई विभाग, SOW, लखनऊ। मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता EN-i (रूहेलखण्ड), बरेली /मुख्य अभियन्ता (पूर्वीगंगा),सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50प्र0, मुरादाबाद। वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ। वरिष्ठ/मुख्य कोषाधिकारी, बिजनौर, 50प्र0। अनु सचिव (लेखा), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, SOU! वित्त व्यय नियंत्रण अनुभाग-8 नियोजन अनुभाग-3 सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 गार्ड फाईल। आज्ञा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव। यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.gov.inat सत्यापित की जा सकती है।

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