Date: 2021-01-11Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
अधिसूचना संख्या-976/77-6-2019-एल.सी.03/2018, दिनांक 05-12-2019 द्वारा निर्गत उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (प्रथम संशोधन) 2019 के प्रस्तर-3.3(2)1 में संशोधन
**कार्यकारी सारांश:**
दस्तावेज़ में उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (प्रथम संशोधन) 2019 के प्रस्तर 3.3(2) में संशोधन की सूचना दी गई है। यह संशोधन 11 जनवरी 2021 को जारी किया गया है, और इसका उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में प्रथम बार कार्य करने वाले स्टार्टअप तथा एमएसएमई को कुछ शर्तों के अधीन प्रोत्साहन प्रदान करना है। इसका सीधा प्रभाव रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में काम करने वाली इकाइयों और स्टार्टअप्स पर पड़ेगा।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*रक्षा और एयरोस्पेस इकाइयों की परिभाषा*
* रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला (Value Chain) में रक्षा तथा एयरोस्पेस उत्पादों का विनिर्माण करने वाले समस्त आपूर्तिकर्ताओं को इस नीति के अन्तर्गत रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई माना जाएगा।
* नीति में परिभाषित मेगा एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां, एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां, वेण्डर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.ई.) इकाइयां इस नीति के अधीन रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयों के रूप में प्रोत्साहन की पात्र होंगी।
*स्टार्टअप और एमएसएमई प्रोत्साहन*
* रक्षा/एयरोस्पेस परिक्षेत्र जैसा कि पूर्व में परिभाषित किया गया है, से संबंधित सामग्री/उपस्कर आपूर्ति की गयी हो।
* रक्षा/एयरोस्पेस क्षेत्र में प्रथम बार कार्य करने वाली इच्छुक स्टार्टअप अथवा एम0एस0एम0ई0 इकाईयों को भी नीति के अन्तर्गत लाभ अनुमन्य कराए जाने पर निम्न शर्तों के अन्तर्गत विचार किया जाएगा:
*आवंटित भूमि का उपयोग कंपनी द्वारा केवल "राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (प्रथम संशोधन) 2019" के अन्दर परिभाषित रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित सामग्री/उपस्कर आपूर्ति की गयी हो अथवा प्रस्तावित हो जिसका साक्ष्य उपक्रम के शुरू होने पर देना अनिवार्य होगा अन्यथा पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा।
*यदि कोई ऐसी स्टार्टअप अथवा एमएसएमई नीति के अन्तर्गत उत्पादन प्रारम्भ करने से पूर्व कोई अन्य लाभ जैसे कि स्टाम्प ड्यूटी से छूट, प्राप्त करती हो तो उसके समतुल्य धनराशि की बैंक गारण्टी दिए जाने के पश्चात ही ऐसे लाभ प्रदान किए जाए और यदि प्रश्नगत इकाई नीति में परिभाषित रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित सामग्री/उपस्कर की आपूर्ति करने में विफल रहती है तो दिए गए लाभ को वापस करने के लिए उसकी बैंक गारण्टी को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
*रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में कार्यरत मौजूदा इकाइयां:*
**प्रभाव:** संशोधित परिभाषा और स्टार्टअप/एमएसएमई के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहनों पर स्पष्टता।
**आवश्यक कार्रवाई:** नीति का पालन सुनिश्चित करना और अपने संचालन के साथ संरेखित करना।
*रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में प्रवेश करने के इच्छुक स्टार्टअप और एमएसएमई:*
**प्रभाव:** पात्रता और प्रोत्साहन के लिए नए अवसर।
**आवश्यक कार्रवाई:** प्रावधानों का ध्यानपूर्वक आकलन करें और आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करें।
*राज्य सरकार:*
**प्रभाव:** रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में निवेश और रोजगार सृजन पर संभावित वृद्धि।
**आवश्यक कार्रवाई:** प्रोत्साहन प्रावधानों के माध्यम से नीति के कार्यान्वयन की निगरानी करें और समीक्षा करें।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (प्रथम संशोधन) 2019: उत्तर प्रदेश की एक नीति जो रक्षा और एयरोस्पेस इकाइयों को प्रोत्साहन और रोजगार सृजन से संबंधित है, जिसका यह संशोधन है।
रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाईयां: रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में लगी इकाइयाँ, नीति के दायरे के भीतर।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.ई.): सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम जो रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में लगे हैं और जो इस नीति के तहत प्रोत्साहन के पात्र हैं।
राज्य सरकार: उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार, जो इस नीति को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-6
WEAT-02/202/26/77-6-2-wer.4.03/208 टी.सी. 4
लखनऊ : दिनाक i] swaradt, 202
अधिसूचना
अधिसूचना संख्या-976/77-6-209-एल.सी.03/208, दिनांक 05-72-20i9 द्वारा निर्गत
उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (प्रथम संशोधन) 209 के प्रस्तर-
3.3(2)i में निम्नवत संशोधन करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
| प्रस्तर | वर्तमान प्राविधान संशोधित प्राविधान
3.3(2) 3.3(2) रक्षा तथा. एयरोस्पेस | 3.3(2) रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाईया:
इकाईयां: रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्र की मूल्य-
रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्र की श्रृंखखा (Value Chain) में उपर्युक्त परिभाषित
मूल्य- श्रृंखला (Value Chain) में रक्षा तथा एयरोस्पेस उत्पादों का विनिर्माण करने
उपर्युक्त परिभाषित रक्षा तथा वाले समस्त आपूर्तिकर्ताओं को इस नीति के
एयरोस्पेस उत्पादों का. विनिर्माण अन्तर्गत रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई माना गया
करने वाले समस्त आपूर्तिकर्ताओं है। इस नीति में परिभाषित मेगा एंकर रक्षा तथा
को इस नीति के अन्तर्गत रक्षा एयरोस्पेस इकाइयां, एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस
तथा एयरोस्पेस इकाई माना गया इकाइयां, वेण्डर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां
el इस नीति में परिभाषित मेगा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.
एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां, ई.) इकाईयां इस नीति के अधीन रक्षा तथा
एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां, एयरोस्पेस इकाइयों के रूप में प्रोत्साहन की पात्र
वेण्डर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाइयां होंगी।
तथा सूक्ष्म, ag एवं. मध्यम किसी भी इकाई में निम्नलिखित में से
उद्यम (एम.एस.एम. ई.) इकाईयां न्यूनतम एक मापदण्ड पूरा किया जाना अनिवार्य
इस नीति के अधीन रक्षा तथा होगा-
एयरोस्पेस इकाइयों के रूप में i, रक्षा/(एयरोस्पेस परिक्षेत्र जैसा कि पूर्व में
प्रोत्साहन की पात्र होंगी। परिभाषित किया. गया. है, से. संबंधित
किसी. भी. इकाई में सामग्री/उपस्कर आपूर्ति की गयी हो।
निम्नलिखित में से न्यूनतम एक ii, रक्षा/एयरोस्पेस क्षेत्र में प्रथम बार कार्य करने
मापदण्ड पूरा किया जाना अनिवार्य वाली Sesh स्टार्टअप अथवा एम0एस0एम0ई0
होगा- इकाईयों को भी नीति के अन्तर्गत लाभ अनुमन्य
i. रक्षा/एयरोस्पेस परिक्षेत्र जैसा कि कराए जाने पर निम्न शर्तों के अन्तर्गत विचार
पूर्व में परिभाषित किया गया है, से किया जाएगाः:-
संबंधित सामग्री/उपस्कर आपूर्ति की () आवंटित भूमि का उपयोग कम्पनी दूवारा
गयी हो। केवल "राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित उत्तर
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार
प्रोत्साहन नीति (प्रथम संशोधन) 209" के
अन्दर परिभाषित रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र से
संबंधित सामग्री/उपस्कर आपूर्ति की गयी हो
अथवा प्रस्तावित हो जिसका साक्ष्य उपक्रम के
शुरू होने पर देना अनिवार्य होगा अन्यथा Geer
निरस्त कर दिया जाएगा।
(2) ue कोई. CWT स्टार्टअप अथवा
एम0एस0एम0ई नीति. के. अन्तर्गत उत्पादन
प्रारम्भ करने से पूर्व कोई अन्य लाभ जैसे कि
स्टाम्प इयूटी से छूट, प्राप्त करती हो तो उसके
समतुल्य धनराशि की बैंक गारण्टी दिए जाने के
पश्चात ही ऐसे लाभ प्रदान किए जाए और यदि
प्रश्गगत इकाई नीति में परिभाषित रक्षा एवं
एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित सामग्री/उपस्कर की
आपूर्ति करने में विफल रहती है तो दिए गए
लाभ को वापस करने के लिए उसकी बैंक गारण्टी
को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया
जाएगा।
आलोक कुमार
अपर मुख्य Ufa |
WSA-02/202 /426/7 7-6-2 -wet.F7.03/208 Cah. tae itara
प्रतिल्रिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
. अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
2. समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, उ0प्र0 शासन।
3. अपर मुख्य सचिव/ सचिव/विशेष सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0
QT |
स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, SOW शासन।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |7. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 को इस आशय के साथ प्रेषित कि कृपया
Wad नीति को अपनी वेबसाइड पर अपलोड कराते हुए 750 प्रतियां शासन को उपलब्ध
कराने का कष्ट करें।
8. समस्त मण्डलायक्त पुक्त/जिलाधिकारी, उ0प्र0।
9. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
0. निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, 3040!
4. समस्त अनुभाग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग।
|2. गार्ड फाइल।
आज़ा से,
रजनी कान्त पाण्डेय
अनु सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |