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Official TranscriptPAT-382/2026/868/22-2-2025-7(776)/2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ,दिनांक: 06 अक्टूबर, 2026 विषय:- केन्द्रीय कारागार, बरेली A freee सिद्धदोष sect मोमीन पुत्र श्री जिन्दा हसन, निवासी जनपद- सहारनपुर की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के...
PAT-382/2026/868/22-2-2025-7(776)/2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ,दिनांक: 06 अक्टूबर, 2026 विषय:- केन्द्रीय कारागार, बरेली A freee सिद्धदोष sect मोमीन पुत्र श्री जिन्दा हसन, निवासी जनपद- सहारनपुर की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक(मु0), कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उ0प्र0, लखनऊ के पत्र संख्या-35274/प्रो०3-फार्म-ए/(एम-25.08.2025) दिनांक-08-09-2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें। 2- उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूदथ सिद्धदोष बन्दी मोमीन पुत्र श्री जिन्दा हसन, जो ग्राम-संसारपुर, थाना-बहेट, जनपद-सहारनपुर का निवासी है। दिनांक
09.0.2008 को geet ने अपने 02 सहअभियुक्क्तों के साथ मिल्रकर मिट्टी का तेल डालकर अपनी पत्नी ho इसराना की आग लगाकर हत्या कर दी। SHA अपराध हेतु बन्दी को (4) एस०्टी० नं0- 379/2008, भा०्द०वि० की धारा- 302/420 बी, 207/20 बी में मा० अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं0-02, सहारनपुर के आदेश दिनांक 27.07.200 द्वारा आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया एवं (2) एस“्टी० नं0- 76/2008, भाग्द०्वि० की धारा- 363, 366 में Alo अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं0-02, सहारनपुर के आदेश दिनांक 27.07.200 द्वारा 07 वर्ष का कारावास। बन्दी द्वारा दिनांक 25.0.2024 तक अपरिहार 4 वर्ष, 06 माह, 04 दिन तथा सपरिहार (9 वर्ष, 02 माह, 24 दिन की सजा भोगी गयी है। 3- जिला प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एव जिला मजिस्ट्रेट, सहारनपुर द्वारा शासनादेश संख्या 658/22-02-2004-25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के प्रस्तर 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05 बिन्दुओं (जो AFA ARAL बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 क्रि०एल० sto 47 में Alo उच्चतम नयायात्रय द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या A बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति की गयी है। 4- प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में दिनांक 09.0:.2008 को बन्दी ने अपने 02 सहअभियुक्तों के साथ मिल्रकर ech का तेल डालकर अपनी पत्नी Ho इसराना की आग लगाकर हत्या किये जाने का अपराध कारित किया गया है। जिल्रा प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं Tote मजिस्ट्रेट द्वारा Alo उच्चतम eases में निर्टिष्ट 05 बिन्दुओं की seat में बन्दी cant भविष्य में अपराध करने का अवसर होने एवं पुनः अपराध करने A अशक्त न होने के सम्बन्ध A कोई ठोस तथ्यात्मक आधार अंकित नहीं किया गया है। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के ect प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट 938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी मोमीन पुत्र श्री जिन्दा हसन को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की सस्तुति नहीं की गयी है। S अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूद्ध सिद्धदोष sect मोमीन (बन्दी संख्या-49337) पुत्र श्री जिन्दा हसन, निवासी जनपद-सहारनपुर को यू०“पी० प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के प्राविधानों के l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |अन्तर्गत फार्म-ए/ल्राईसेंस के आधार पर मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया Sl अतएव उक्त बन््दी की फार्म- ए/लाइसेंस पर मुक्ति सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दी गयी है। तदनुसार उसके फार्म-ए पर शासन के आदेश अंकित करके एतददवारा वापस लौटाया जा रहा है। कृपया प्राप्ति स्वीकार करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें। संलग्नक: यथोपरि। (बन्दी का फार्म-ए एवं समस्त are सहित) भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। PAT-382/2026/868()/22-2-2025 तटदिनांक...
प्रतित्रेषि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- जिला मजिस्ट्रेट, सहारनपुर। 2- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, बरेली। 3- निजी सचिव, माए0 मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ। 4- निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को AIO AAT जी के सूचनार्थ। 5- गार्ड फाईल्र। आज्ञा से, अभय कुमार त्रिपाठी अनु सचिव | l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |शासनादेश WA-7382/2026/868/22-2-2025-77(776)/2025 दिनांक: 06 अक्टूबर, 2026 का संलग्नक सरकार के आदेश केन्द्रीय कारागार, बरेली A निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी मोमीन पुत्र श्री जिन्दा हसन, जो ग्राम- संसारपुर, थाना-बहेट, जनपद-सहारनपुर का निवासी है। दिनांक 09.07.2008 को geet ने अपने 02 सहअभियुक्कतों के साथ मिल्रकर मिट्टी का तेल डालकर अपनी पत्नी Ho इसराना की आग लगाकर हत्या कर दी। उक्त अपराध हेतु बन्दी को () एस०्टी० नं0- 379/2008, भाग्द०वि० की धारा- 302/420 बी, 204/20 बी में मा० अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं0-02, सहारनपुर के आदेश दिनांक 2.07.20i0 द्वारा आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया एवं (2) एस०्टी० नं0- 767/2008, भाग्द०वि० की धारा- 363, 366 A Alo अपर जिला एवं Ba न्यायाधीश कोर्ट सं0-02, सहारनपुर के आदेश दिनांक
2.07.200 द्वारा 07 वर्ष का कारावास। बन्दी द्वारा दिनांक 25.0.2024 तक अपरिहार 74 वर्ष, 06 माह, 04 दिन तथा सपरिहार 9 वर्ष, 02 माह, 24 दिन की सजा भोगी गयी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एव जिला मजिस्ट्रेट, सहारनपुर द्वारा शासनादेश संख्या 7658/22-02-2004-25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के प्रस्तर 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05 बिन्दुओं (जो लक्ष्मण ARAL बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 क्रिग्एल० sto 447 A Alo उच्चतम नयायात्रय द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या A बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति की गयी है। प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में दिनांक 09.0.2008 को बन्दी ने अपने 02 सहअभियुक्कतों के साथ मिल्रकर मिट्टी का तेल डालकर अपनी पत्नी Ho इसराना की आग लगाकर हत्या किये जाने का अपराध कारित किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं Tote मजिस्ट्रेट CANT Alo उच्चतम eases में निर्टिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में बन्दी cant भविष्य में अपराध करने का अवसर होने एवं पुनः अपराध करने A अशक्त न होने के सम्बन्ध A कोई ठोस तथ्यात्मक आधार अंकित नहीं किया गया है। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के ect प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट 938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी मोमीन पुत्र श्री जिन्दा हसन को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की सस्तुति नहीं की गयी है। उक्त के दृष्टिगत सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल्र द्वारा बन्दी की फार्म-ए/ल्राइसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है। कमलेश कुमार उप सचिव। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |