Date: 2026-01-13Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी रामौतार पुत्र श्री नौरंग, निवासी जनपद-बदायूं की स्थायी नीति के अन्तर्गत दयायाचिका के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा जारी एक आदेश है, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्रीय कारागार, बरेली में बंद रामौतार नामक एक दोषी कैदी की शेष सजा को माफ करने की बात कही गई है। यह फैसला विश्व स्वास्थ्य दिवस (07 अप्रैल, 2024) के अवसर पर लिया गया है। कैदी को अन्य मामलों में निरुद्ध न होने और 50000/- रुपये का मुचलका जमा करने पर रिहा किया जाएगा।
**मुख्य बातें**
* **सजा माफी:**
* रामौतार नामक कैदी (बंदी संख्या-43245) की शेष सजा माफ की गई है।
* वह भा0द0वि0 की धारा-364ए के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
* **रिहाई की शर्तें:**
* कैदी को किसी अन्य मामले में निरुद्ध नहीं होना चाहिए।
* उसे 50000/- रुपये का मुचलका जमा करना होगा।
* **संदर्भ:**
* यह आदेश शासनादेश संख्या-564/2018/1106/22-2-2018-07जी/2018, दिनांक 01 अगस्त 2018, शासनादेश संख्या-120/2021/1382/22-2-2021-07जी/2018, दिनांक 28.7.2021 तथा शासनादेश संख्या-52/2022/1240/22-2-2022-07जी0/2018, दिनांक 27.05.2022 के प्रस्तर-2(च) में निहित प्राविधानों के अंतर्गत है।
**प्रभाव विश्लेषण**
**पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** आदेश के बारे में जानकारी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कोई कार्यवाही की आवश्यकता नहीं।
**जिला मजिस्ट्रेट, बदायूँ:**
* **प्रभाव:** जिले में कैदी की रिहाई से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने की आवश्यकता होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कैदी की रिहाई के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करना।
**वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूँ:**
* **प्रभाव:** जिले में कैदी की रिहाई से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कैदी की रिहाई के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाना।
**वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, बरेली:**
* **प्रभाव:** कैदी को रिहा करने की जिम्मेदारी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कैदी से मुचलका प्राप्त कर उसे रिहा करना।
**नोडल अधिकारी/अधीक्षक, जिला कारागार, गाजियाबाद:**
* **प्रभाव:** उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन मामलों के संदर्भ में आदेश की जानकारी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कोई कार्यवाही की आवश्यकता नहीं।
**निजी सचिव, मा0 मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन:**
* **प्रभाव:** माननीय मंत्री जी को आदेश की सूचना देना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** माननीय मंत्री जी को सूचित करना।
**निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन:**
* **प्रभाव:** माननीय राज्यमंत्री जी को आदेश की सूचना देना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** माननीय राज्यमंत्री जी को सूचित करना।
**कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन:**
* **प्रभाव:** अभिलेखों का रखरखाव करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कोई कार्यवाही की आवश्यकता नहीं।
Key Entities Referenced
भारत का संविधान अनुच्छेद-161: भारत के संविधान का अनुच्छेद जिसके तहत उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को शक्तियां प्रदान की गई हैं।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2: कारागार प्रशासन और सुधार विभाग का वह अनुभाग जो इस आदेश को जारी कर रहा है।
केंद्रीय कारागार, बरेली: वह जेल जहाँ कैदी रामौतार बंद है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार
जिला बदायूं: रामौतार का गृह जनपद और न्यायालय का स्थान।
रजिस्टर्ड/सील्ड
उत्तर प्रदेश शासन
कारागार प्रशासन एव सधार अनभाग-2
GM-27/2026/995/22-2-2024-7(326)/2024
लखनऊ : दिनांक: 3 जनवरी, 2026
आदेश
उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल, भारत का संविधान के sefede-(64 के अधीन शक्तियों का प्रयोग
करते हुए शासनादेश ACA-564/20 8/406/22-2-208-0759/208, दिनांक 04 अगस्त 208 एवं
सपठित संशोधन विषयक शासनादेश | AAT-20/202/382/22-2-202-0759/208, feate
28.7.202 तथा शासनादेश ACAM-52/2022/240/22-2-2022-0750/208, दिनांक 27.05.2022 के
प्रस्तर-2(च) में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत विश्व स्वास्थ्य दिवस (07 अप्रैल, 2024) के अवसर पर
केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी रामौतार (बन्दी संख्या-43245) पुत्र श्री नौरंग, निवासी
ग्राम-कटैला चापर HN, थाना-दातागंज, जनपद-बदायूं, जिन्हें सत्र परीक्षण AeA-90/4998, में भा0द0वि0
की धारा-364ए के अन्तर्गत मा0 HUM, स्पेशल जज (5स्यु प्रभावित क्षेत्र) बदायूं के आदेश दिनांक
29-05-2007 द्वारा आजीवन कारावास से दण्डित किया गया है, जिसकी अपील मा0 उच्च न््यायाल्रय,
इलाहाबाद के आदेश दिनांक 09-03-207 द्वारा निर्णीत करते हुये उक्त सजा को यथावत रखा गया।
बन्दी CANT दिनांक 07.04.2023 तक 20 वर्ष, (7 दिन की अपरिहार सजा तथा 25 वर्ष, 07 माह, 24
दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है। तथा जेल आचरण सनन्तोषजनक है, की शेष सजा का परिहार करते
हैं तथा यह आदेश देते हैं कि यदि उक्त बन्दी को किसी अन्य वाद A निरूद्ध रखा जाना वांछित न हो
तो उसे अपनी शेष दण्डावधि में विधि सम्मत आचरण एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए रूपये
50000/-(रूपये पचास हजार मात्र) से अनधिक धनराशि का एक निजी मुचलका अपने सम्बन्धित कारागार
के वरिष्ठ अधीक्षक/अधीक्षक को प्रस्तुत करने पर बन्दी को कारागार से मुक्त कर दिया जाय।
सूर्य प्रकाश मिश्र
संयुक्त सचिव।
PRAMT-27/2026/995()/22-2-2024 तददिनांक : टिनां :
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I- पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, HRN प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0, लखनऊ।
2- जिला मजिस्ट्रेट, Far
3- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ICRI
4- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, बरेली।
5- नोडल अधिकारी/अधीक्षक, जिला कारागार, गाजियाबाद को मा0 उच्चतम rasa नई दिल्ली में
योजित विशेष अनुज्ञा याचिका (क्रि0) AO-529/2027 सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य तथा सुओ मोटो
fre पिटीशन(क्रिमि0) WO-04/202 पॉलिसी स्ट्रेटजी HN Tee ऑफ बेल में मा0 उच्चतम नन््यायात्रय,
नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक (0.09.2024 के सन्दर्भ में।
6- निजी सचिव, AIO Aa, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को AO AAT जी के
सूचनार्थ।
7- निजी सचिव, माए0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को AIO राज्य मंत्री
जी के सूचनार्थ।
8- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन।
9- गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।
l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |