उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार, केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरुद्ध सिद्धदोष बंदी नासिर, जो बदायूँ का निवासी है, जिसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 323/34 के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गई थी, जिसकी उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा पुष्टि की गई थी और उसने 19.03.2023 तक 8 वर्ष, 7 महीने और 1 दिन तथा कुल 11 वर्ष, 4 महीने और 29 दिन की सजा भोग ली है, संतोषजनक जेल आचरण के कारण, शेष सजा को माफ किया जाता है। यदि नासिर किसी अन्य मामले में निरुद्ध न हो, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट, बदायूँ की संतुष्टि के अनुसार दो जमानतें और उतनी ही धनराशि का एक निजी मुचलका प्रस्तुत करने पर कारागार से मुक्त कर दिया जाए। यह आदेश सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए कई अधिकारियों को भेजा गया है।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2: कारागार प्रशासन और सुधार अनुभाग-2
केन्द्रीय कारागार, बरेली: बरेली में स्थित केंद्रीय कारागार
जिला मजिस्ट्रेट, बदायूँ: बदायूं के जिला मजिस्ट्रेट
भारत का संविधान के अनुच्छेद-161: भारत के संविधान का अनुच्छेद-161
उत्तर प्रदेश शासन
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2
FKAT-93/2026/2049/22-2-2023-47(557)/2025
लखनऊ: दिनांक: 28 जनवरी, 2026
आदेश
उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल, भारत का संविधान के HeTCSE-67 के अधीन शक्तियों का प्रयोग
करते हुए केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूद्ध सिद्धदोष बंदी नासिर (बन्दी सं0-47809) पुत्र श्री वली
मोहम्मद, जो मो0 अपरपारा, थाना-कोतवाली, जनपद- बदायूँ का निवासी है, जिन्हें सत्र परीक्षण संख्या-
9/986 में भा0द0वि0 की धारा-302/34, 323/34 के अन्तर्गत Alo न्यायात्रय, अपर जिला एवं सत्र
न््यायाधीश/स्पेशल जज (ईशण्सी०एक्ट), बदायूँ के आदेश दिनांक 04.05.4989 द्वारा आजीवन कारावास से
दण्डित किया गया, जिसे Alo उच्च न्यायात्रय, इलाहाबाद के आदेश दिनांक 28.07.20i4 द्वारा उक्त
सजा को यथावत रखा गया, बंदी cant दिनांक 79.03.2023 तक अपरिहार 08 वर्ष, 07 माह, 04 दिन
तथा सपरिहार 4 वर्ष, 04 माह, 29 दिन की सजा भोगी गयी है, संतोषजनक जेल आचरण के दृष्टिगत
शेष सजा का परिहार करते है तथा यह आदेश देते हैं कि यदि उक्त बंदी को किसी अन्य वाद A निरूद्ध
रखा जाना वांछित न हो तो उसे अपनी शेष दण्डावधि में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिये जिला
मजिस्ट्रेट, बदायूँ के संतोषानुसार दो जमानतें तथा उतनी ही धनराशि का एक निजी मुचल्रका प्रस्तुत करने
पर बन्दी को कारागार से मुक्त कर दिया जाय।
कमलेश कुमार
उप सचिव।
FAT-93/2026/2049(4)/22-2-2023 तददिनांक | दिनां |
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
|- पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, 3040!
2- जिला मजिस्ट्रेट, Fa!
3- पुलिस अधीक्षक, बदायूँ|
4- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, बरेली।
5- निजी सचिव, माए0 मंत्री/ मा0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को
मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ।
6- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन।
7- गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |