**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, दिनांक 25 फरवरी, 2020, उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 2018 के नियम-37 में निर्दिष्ट अवकाश विषयक अधिकारों के प्रतिनिधित्व से संबंधित है। इसका उद्देश्य ग्रेड पे 4600 रुपये से ऊपर के कर्मचारियों के लिए तीन महीने तक की छुट्टी स्वीकृत करने के अधिकार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपना है। यह पत्र राज्यपाल द्वारा स्वीकृत राज्य सरकार की शक्तियों के कार्यान्वयन का अनुरोध करता है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*शक्तियों का प्रत्यायोजन:*
* सरकार प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति को, जिसे वह उचित समझे, अपनी शक्तियों और कार्यों का प्रतिनिधित्व कर सकती है।
*अवकाश स्वीकृति अधिकार:*
* उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के ग्रेड पे 4600 रुपये से ऊपर के सभी कर्मचारियों के तीन महीने तक के अवकाश की स्वीकृति से संबंधित शक्तियों का प्रतिनिधित्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
* ये प्रतिनिधित्व संख्या 474/77-4-19-474, दिनांक 08.03.2019 के शासनादेश को रद्द करते हैं।
*स्वीकृति:*
* राज्यपाल ने संबंधित मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अवकाश अनुमोदन अधिकार के लिए सहमति दे दी है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**मुख्य कार्यपालक अधिकारी:**
* **प्रभाव:** ग्रेड पे 4600 रुपये से ऊपर के सभी कर्मचारियों को तीन महीने तक का अवकाश स्वीकृत करने की शक्ति प्राप्त होती है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** राज्य सरकार की शक्तियों का कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करें।
**ग्रेड पे रू0 4600 से ऊपर के समस्त कार्मिक:**
* **प्रभाव:** अवकाश आवेदन प्रक्रिया में संभावित परिवर्तन, जो अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा नियंत्रित की जाएगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यकतानुसार अवकाश के लिए आवेदन करने के लिए संशोधित प्रक्रियाओं से अवगत रहें।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 2018: एक नियमावली जिसके नियम 37 में अधिकारों के प्रतिनिधायन का प्राविधान है।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण: वह प्राधिकरण जिससे संबंधित कर्मचारी (ग्रेड पे 4600 से ऊपर) तीन महीने तक के अवकाश की स्वीकृति संबंधित शक्तियों और कृत्यों का प्रतिनिधायन प्राप्त करेंगे।
नियम 37: उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 2018 का एक नियम जो शक्तियों का उपयोग करते हुए अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी: प्राधिकरण का एक अधिकारी जिसे सरकार नियमावली के तहत अपनी शक्तियों और कृत्यों को प्रत्यायोजित कर सकती है।
शासनादेश संख्या-474/77-4-19-474, दिनांक 08.03.2019: एक शासनादेश (सरकारी आदेश) जो पहले जारी किया गया था और कर्मचारियों के अवकाश से संबंधित है, अब अवक्रमित हो गया है।
ive,
आलोक कुमार,
प्रमुख सचिव,
OHO शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
नोएडा /ग्रेटर नोएडा /वीडा,/गीडा/सीडा/लीडा
यूपीसीडा/यूपीडा।
औद्योगिक विकार्स अनुभाग-4 लखनऊ : दिनांक -2.5 ._ फरवरी, 2020
विषय: अवकाश विषयक अधिकारों के प्रतिनिधायन के सम्बन्ध में ।
महोदय,
उपर्युक्त के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तर प्रदेश
औद्योगिक विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 20v8 के नियम-37 में यह
safer किया गया है कि-
“सरकार इस नियमावली के अधीन अपनी किन्हीं शक्तियों और कृत्यों
को प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी या ऐसे किसी अन्य व्यक्ति को
जिसे वह उचित समझे, प्रत्यायोजित कर सकती है।”
2. उक्त नियम 37 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिकारों के
प्रतिनिधायन के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या-404/77-4-9-44, दिनांक
os0az0.0 को अवकमित करते हुए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के
ग्रेड पे रू0 4600 से ऊपर के समस्त कार्मिकों के तीन माह तक के अवकाश की
स्वीकृति सम्बन्धित शक्तियों एवं कृत्यों का प्रतिनिधायन सम्बन्धित मुख्य कार्यपालक
अधिकारी को किए जाने के सम्बन्ध में श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है।
3... er प्रतिनिधायन के अनुसार राज्य सरकार की शक्तियों का विधि सम्मत
कियान्वयन सुनिश्चित करने का कष्ट करें।
'भवदीय,
कैश,
(आलोक कुमार)
प्रमुख, सचिव |
__ 00/77-4-2एतदुदिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित ।
4. अधिशाषी निदेशक, उद्योग ey)
2. समस्त अनुमाग।
3. गार्ड फाईल।
an
& sas
संयुक्त सचिव।