**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ जनपद सीतापुर में महिला थाने के प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य के लिए बकाया धनराशि जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की स्वीकृति से संबंधित है। स्वीकृत अतिरिक्त धनराशि 2,52,39,000 रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 527.87 लाख रुपये के मूल परियोजना बजट के ऊपर जारी की गई है, बशर्ते कुछ विशिष्ट शर्तों का अनुपालन किया जाए। यह आदेश 1 मार्च, 2026 को जारी किया गया था।
**मुख्य बातें**
*अनुदान अनुमोदन:*
* जनपद सीतापुर में महिला पुलिस स्टेशन के प्रशासनिक भवन के निर्माण को पूरा करने के लिए कुल 2,52,39,000 रुपये का अतिरिक्त अनुदान स्वीकृत किया गया है।
* यह राशि 527.87 लाख रुपये की मूल लागत वाली परियोजना के ऊपर है, जिसमें से 263.93 लाख रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
*अनुपालन और शर्तें:*
* निर्माण शुरू करने से पहले उचित वैधानिक अनापत्ति और पर्यावरणीय स्वीकृति आवश्यक है।
* स्थानीय विकास प्राधिकरणों से लेआउट की स्वीकृति की जानी चाहिए।
* धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही किया जाना चाहिए, और स्वीकृत परियोजना के दायरे में महत्वपूर्ण परिवर्तनों के लिए सरकारी मंजूरी की आवश्यकता होती है।
* विभाग को समय पर परियोजना पूरी होने पर कब्जा कर लेना चाहिए, और लागत को नियंत्रित करने के लिए वित्तीय नियमों का पालन करना चाहिए।
* श्रम विभाग को श्रम उपकर का भुगतान किया जाना चाहिए और उपकरण की खरीद एमएसएमई नियमों का पालन करनी चाहिए।
*वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेही:*
* जीएसटी नियमों का पालन किया जाना चाहिए।
* निर्माण के लिए प्रतिस्पर्धी दरें प्राप्त की जानी चाहिएं और बिजली कनेक्शन स्वीकृत लागत के अनुसार होने चाहिए।
* संटेज, वित्तीय स्वीकृतियां और भौतिक प्रगति से संबंधित वित्तीय प्रबंधन विनियमों का अनुपालन किया जाना चाहिए।
* धन की उपयोगिता और जी एस टी गणना के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस जिम्मेदार होगी।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक किया जाना है।
**प्रभाव विश्लेषण**
*उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय*
**प्रभाव:** सुनिश्चित करें कि भवन निर्माण को पूरा करने के लिए आवश्यक धन उपलब्ध है।
**आवश्यक कार्रवाई:** राज्य की नीतियों का पालन करते हुए धन का उचित उपयोग करें, और भवन के निर्माण कार्य को पूरा करें।
*कार्यदायी संस्था*
**प्रभाव:** निर्माण कार्य शुरू करने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की क्षमता प्रभावित।
**आवश्यक कार्रवाई:** समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए आवंटित धनराशि का कुशलतापूर्वक उपयोग करें और सरकार द्वारा निर्दिष्ट निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
*जनपद सीतापुर का प्रशासन*
**प्रभाव:** क्षेत्र में पुलिस बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की क्षमता प्रभावित।
**आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना की प्रगति की निगरानी करें और निर्माण कार्य को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करें।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय: राज्य पुलिस संगठन का प्रशासनिक मुख्यालय, जो विभिन्न पुलिस गतिविधियों का समन्वय और निरीक्षण करता है।
सीतापुर: वह जिला जहाँ महिला पुलिस स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण प्रस्तावित है, इस नीति की प्रयोज्यता के लिए एक मुख्य स्थान है।
गृह (पुलिस) अनुभाग-7: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो कानून और व्यवस्था से संबंधित मामलों को देखता है, इस मामले में धन जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: राज्य सरकार का विभाग जो वित्तीय मामलों और बजट आवंटन से संबंधित है, यह सुनिश्चित करता है कि धन को उचित रूप से उपयोग किया जाए।
महिला थाना: यह कानून प्रवर्तन एजेंसी है जो महिलाओं से संबंधित अपराधों से निपटती है, भवन निर्माण के लिए नीति की प्रयोज्यता को प्रभावित करती है।
aeal- 30/2026/I/425550/2026/00-6-7099-334-2023
प्रेषक,
अन्नावि दिनेशकुमार,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय,
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय,
लखनऊ |
गृह(पुलिस)अनुभाग-7 लखनऊ : दिनांक 0-03-2026
विषय:- जनपद सीतापुर में महिला थाना के प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य की अवशेष धनराशि अवमुक्त किये जाने के
सम्बन्ध मे।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के पत्र संख्या-ग्यारह-244-2023 दिनांक 27.02.2026 के संबंध में
मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि जनपद सीतापुर में महिला थाना के प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य हेतु शासनादेश
WeAT-723/2024/I/784407/2024/00I-CN-69784-6-7099-334-2023 दिनांक 30.0.2024 द्वारा धनराशि
रू0 527.87 लाख की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि रू0 263.93 लाख व्यय हेतु
अवमुक्त की गयी, जिसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया गया। प्रश्नगत निर्माण कार्य
हेतु उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर प्रायोजना की स्वीकृत लागत धनराशि रू0 527.87 लाख के सापेक्ष
निविदा/अनुबन्ध की धनराशि रू0 56.32 लाख में से कार्यदायी संस्था को भुगतान की गयी धनराशि BO 263.93 लाख
को समायोजित करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल अवशेष धनराशि रू0 2,52,39,000/- ( रुपये दो करोड़
बावन लाख उनतालीस हजार मात्र ) अवमुक्त किये जाने की सहर्ष स्वीकृति श्री राज्यपाल निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते
—
(4) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियों एवं पर्यावरण किलयरेन्स सक्षम
स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा |
(2) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप विभाग
द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण/ सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जाना होगा।
(3) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की द्विरावृति को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व उ0प्र0 पुलिस
मुख्यालय द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि स्वीकृत किए जा रहे इस कार्य हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा किसी अन्य
श्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गई है तथा न ही यह कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित है |
(4) कार्ययोजना मेंकोई उल्लेखनीय Tags जैसे नये कार्य बढ़ाना, कार्यो के आकार। क्षेत्रफल में वृद्धि एवं अन्य उच्च
विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि बिना शासन के पूर्व अनुमोदन के प्राप्त किये बिना नही किया जायेगा ।
(5) निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर उसका कब्जा विभाग को उपलब्ध करा दिया जायेगा। उ0प्र0 पुलिस
मुख्यालय द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त (आय-व्ययक)
अनुभाग - के शासनादेश दि0 27.06.2047 का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
(6) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत
शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा |
(7) प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य/ मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जायेगा ।
(8) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्त (आय-व्ययक) STAT 7 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 में निहित
प्राविधानित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये अवशेष धनराशि स्वीकृत की जायेगी तथा शासनादेश दिनांक 26-
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |08-2044 एवं दि0 45.06.2048 के अनुसार परीक्षणोपरान्त सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर लिया जायेगा ।
(9) लेबर सेस की धनराशि का भुगतान श्रम विभाग को किया जायेगा ।
(0) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा उपकरणों का क्रय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम अनु- 2 के शा0दि0 23.08.20॥7 में दी
गई व्यवस्था के माध्यम से किया जायेगा |
(44) प्रायोजना हेतु जीएसटी की वास्तविक धनराशि नियमानुसार देय होगी ।
((2) क्रियान्वयन से पूर्व कार्यदायी संस्था इस प्रकार के कार्यों हेतु निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा के आधार पर दरें प्राप्त करें ।
चूंकि यह प्रोप्राइटरी श्रेणी के कार्य है एवं उनके शिड्यूल आफ रेट्स उपलब्ध नहीं होते है तथा इनके मेक, माडल एवं
स्पेसिफिकेशन के अन्तर आना स्वाभाविक = |
(43) प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकि स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारभ कराया जाए।
(4) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि विद्युत संयोजन हेतु धनराशि विद्युत विभाग द्वारा
सक्षम स्तर से अनुमोदित प्राप्त आगणन के अनुसार वास्तविकता के आधार पर देय होगी।
(45) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से सम्बन्धित
वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश सं0-04 /2023/ ए-2-60 /दस-2023-47 (4)/ 75
दिनांक 47.05.2023 एवं 9.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा |
(6) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना की भौतिक प्रगति, धनराशि अवमुक्त तथा सी0एम0आई0एस0
पोर्टल पर दर्ज किये जाने आदि के सम्बन्ध में नियोजन अनुभाग-4 के शासनादेश दिनांक 07.06.2022 में निहित
प्रतिबन्धों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा |
(7) जी0एस0टी0 गणना की शुद्धता का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय का होगा |
(48) किसी भी अनियमितता हेतु उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था उत्तरदायी होंगे।
((9) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्रावधानों समय - समय पर निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा |
(20) प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य / मद के लिए स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य / मद में किया
जाय |
(27) प्रश्नगत कार्य हेतु पूर्व में जारी शासनादेश दिनांक 30.40.2024 में अंकित शर्तों के अधीन अग्नेत्तर कार्यवाही की जाये।
(22) उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग 34.03.2026 तक कर लिया जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 2,52,39,000 ( रुपये दो करोड़ बावन लाख उनतालीस हजार मात्र ) को चालू
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 026 लेखा शीर्षक 4055002070600 पुलिस विभाग के
अनावासीय भवतनों का निर्माण मानक मद 24 Fed निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - a कार्यालय ATT संख्या - 6/2025/e7- -352/e4-2025-23/2025,
दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अन्नावि दिनेशकुमार
विशेष सचिव।
TeAT- 30/2026/I/25550/2026/00-6-7099-334-2023, तद दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
2- महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, FOTO प्रयागराज।
3- पुलिस महानिदेशक, SOW लखनऊ।
4- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 प्रोजेक्ट कार्पोरोशन लि0, लखनऊ।
5- सम्बन्धित जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक |
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6- वित्त नियंत्रक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ।
7- निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ |
8- मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन लखनऊ।
9- मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार कलेक्ट्रेट लखनऊ।
40- वित्त (व्यय-नियंत्रण) ATATT-2
(- गार्ड फाइल हेतु |
आज्ञा से,
दीपक पटेल
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |