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Official TranscriptAEAI-342/2026/98 %-2/22-3-2026-7(53)/2026 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3 लखनऊ दिनांक 30 सितम्बर, 2026 विषय:- जिला कारागार, मैनपुरी में निरूदूध सीमित सजा अवधि से दण्डित सिद्धदोष बंदी नीरज पुत्र श्री सुरेश चन्द्र, निवासी जनपद-मैनपुरी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार...
AEAI-342/2026/98 %-2/22-3-2026-7(53)/2026 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3 लखनऊ दिनांक 30 सितम्बर, 2026 विषय:- जिला कारागार, मैनपुरी में निरूदूध सीमित सजा अवधि से दण्डित सिद्धदोष बंदी नीरज पुत्र श्री सुरेश चन्द्र, निवासी जनपद-मैनपुरी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक, (मु0) कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र संख्या-4400/प्रो0अनु0(7)/4/2025(बैठक दिनांक 79.07.2026), दिनांक-6.02.2026 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें। 2- उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार जिला कारागार, मैनपुरी में निरूद्ध सीमित सजा अवधि से दण्डित सिद्धदोष बंदी नीरज पुत्र श्री सुरेश चन्द्र, जो ग्राम-घुसूपुर, थाना-कुर्रा, जनपद- मैनपुरी का निवासी है। दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर दिनांक 23-04-206 को बंदी द्वारा अवैध असलहों से गोली मारकर अपनी पत्नी श्रीमती अनीता की हत्या करने का अपराध कारित किया गया। उक्त अपराध हेतु बन्दी को सत्र परीक्षण संख्या-299/206 में भा0द0वि0 की धारा-498ए, 304बी, व 4 डी0पी0 wee के अन्तर्गत मा0 अपर सत्र न्यायाधीश/एफ0टी0सी0, कोर्ट संख्या-0।, मैनपुरी के आदेश दिनांक 07.0.2023 द्वारा 0 at के कारावास से दण्डित किया गया। ser रिपोर्ट के अनुसार बंदी द्वारा दिनांक 27-0-2024 तक 07 वर्ष, 09 माह, 02 दिन की अपरिहार तथा 07 वर्ष, 09 माह, 74 दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है तथा बंदी की आयु. 28 वर्ष है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुल्निस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, मैनपुरी द्वारा बन्दी का अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने, भविष्य में अपराध करने की पूर्ण संभावना होने, पुन: अपराध करने में सशक्त होने, जेल में निरूद्ध रखने का सार्थक प्रयोजन होने, परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति समयपूर्व रिहाई हेतु उपयुक्त नहीं होने की आख्या अंकित करते हुए बंदी की समयपूर्व रिहाई की Ueda नहीं की गयी है। प्रोबेशन बोर्ड द्वारा सिद्धदोष बंदी की फार्म-ए/ल्लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई पर विचार- विमर्श किया गया। प्रकरण में दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर दिनांक 23-04-206 को I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ina सत्यापित की जा सकती है।बंदी द्वारा अवैध असलहों से गोली मारकर अपनी पत्नी श्रीमती अनीता की हत्या करने का अपराध कारित किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सम्यक् परीक्षण कर माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित ऐसा कोई तथ्य परिलक्षित नहीं है, जिसके आधार पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट की आख्या/संस्तुति के प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बंदी द्वारा किये गये अपराध की गंभीरता एवं जघन्यता के इष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन vec-938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी नीरज पुत्र श्री सुरेश चन्द्र को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी FI 3- अत: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि जिला कारागार, मैनपुरी में निरूदूध सीमित सजा अवधि से दण्डित सिद्धदोष बंदी नीरज (बंदी संख्या-240/23) पुत्र श्री सुरेश चन्द्र, निवासी जनपद-मैनपुरी के फार्म-ए/लाईसेंस पर यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के प्राविधानों के अन्तर्गत सम्यक् विचारोपरान्त मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया है। अतएव उक्त deal की फार्म-ए/लाइसेन्स पर मुक्ति श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है। तदनुसार फार्म-ए पर शासन के आदेश अंकित करके एतदूदवारा वापस लॉंटाया जा रहा है। कृपया प्राप्ति स्वीकार करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें। संलग्नक: यथोपरि। (बन्दी का फार्म-ए एवं समस्त पत्रादि सहित) भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। संख्या व दिनांक तदैव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - जिला मजिस्ट्रेट, मैनपुरी। 2- अधीक्षक, जिला कारागार, मैनपुरी। 3- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2, उ0प्र0 शासन 4- गार्ड फाईल। आज्ञा से, अभ्रय कुमार त्रिपाठी अनु सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ina सत्यापित की जा सकती है।शासनादेश ACA-32/2026/98 H-2/22-3-2026-7(53)/2026 TEA-32/2026/98 H-2/22-3-2026-7(53)/2026 दिनांक 30 सितम्बर, 2026 का संलग्नक सरकार के आदेश जिला कारागार, मैनपुरी में निरूृदूध सीमित सजा अवधि से दण्डित सिद्धदोष बंदी नीरज पुत्र श्री सुरेश चन्द्र, जो ग्राम-घुसूपुर, थाना-कुर्रा, जनपद-मैनपुरी का निवासी है। दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर दिनांक 23-04-206 को बंदी cant अवैध असलहों से गोली मारकर अपनी पत्नी श्रीमती अनीता की हत्या करने का अपराध HA किया गया। seq अपराध हेतु edt को सत्र परीक्षण WEM-299/20i6 में भा0द0वि0 की धारा-498ए, 304बी, व 4 डी0पी0 wee के अन्तर्गत मा0 अपर सत्र न्यायाधीश/एफ0टी0सी0, कोर्ट संख्या-0।, मैनपुरी के आदेश दिनांक 07.40.2023 cant 0 वर्ष के कारावास से दण्डित किया गया। ster रिपोर्ट के अनुसार बंदी द्वारा दिनांक 27-0-2024 तक 07 वर्ष, 09 माह, 02 दिन की अपरिहार तथा 07 वर्ष, 09 माह, (4 दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है तथा बंदी की आयु 28 वर्ष है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, मैनपुरी द्वारा बन्दी का अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने, भविष्य में अपराध करने की पूर्ण संभावना होने, पुन: अपराध करने में सशक्त होने, जेल में निरूद्ध रखने का सार्थक प्रयोजन होने, परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति समयपूर्व रिहाई हेतु उपयुक्त नहीं होने की आख्या अंकित करते हुए बंदी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। प्रोबेशन बोर्ड द्वारा सिद्धदोष बंदी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई पर विचार-विमर्श किया गया। प्रकरण में दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर दिनांक 23-04-206 को बंदी द्वारा अवैध असलहों से गोली मारकर अपनी पत्नी श्रीमती अनीता की हत्या करने का अपराध कारित किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सम्यक् परीक्षण कर माननीय उच्चतम न्यायात्रय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित ऐसा कोई तथ्य परिलक्षित नहीं है, जिसके आधार पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट की आख्या/संस्तुति के प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बंदी द्वारा किये गये अपराध की गंभीरता एवं जघन्यता के इष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन Wre-938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी नीरज पुत्र श्री सुरेश चन्द्र को फार्म-ए/ल्राईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है। उक्त के इष्टिगत सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा बंदी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दिया गया है। कमलेश कुमार उप सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ina सत्यापित की जा सकती है।