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सख्ं या-15/2026/1085/96-आयुष-1-2026/ई0-1764802
प्रेषक,
रंजन कुमार,
प्रमुख सचिव,
उत् तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
ननदेशक,
आयुवेद सेवाय,ें
उत् तर प्रदेश लखनऊ।
आयुषअनुभाग-1 लखनऊदिनाकं 29.05.2026
पवषय- स् वामी कल् यािदेव राजकीय आयुवेद महापवद्यालय एवं चिककत् सालय, मजु फ्फरनगर में पंिकम म भवन
ननमामि काय म हेतु ततृ ीय ककश्त अवमुक्ट् त ककये जाने के संबंध में।
महोदय,
उपयुकम त पवषयक अपने पत्र संख् या-20/502/का0नन0/2026-27/योजना, ददनाकं 17 अप्रैल, 2026 का
संदभ म ग्रहि करने का कष् ट करें।
2- इस संबंध में मुझे यह कहने का ननदेश हुआ है कक स्व ामी कल् यािदेव राजकीय आयुवेद महापवद्यालय
एवं चिककत् सालय, मुजफ्फरनगर में पंिकम म भवन ननमामि काय म हेतु शासनादेश संख् या-03/2024/6361/001-
1764802, ददनांक 20.02.2024 द्वारा धनराशश रू0-843.57 लाख की प्रशासकीय स्वीकृनत एव ं उक्ट्त के क्रम
में प्रथम ककश्त के रूप में धनराशश रू0-100.00 लाख तथा शासनादेश संख् या-20/2025/2299/001-96-आयुष-
1-2025-ई0पत्रा0-1908683, ददनांक 25.07.2025 द्वारा द्पवतीय ककश्त के रूप में धनराशश रू0-500.00
लाख अथामत अद्यतन कुल धनराशश रू0-600.00 लाख अवमुक्ट् त की जा िुकी है। िालू पवत् तीय वष म 2026-27
में अनुदान संख् या-33 के अन् तगतम प्रश् नगत ननमामि काय म हेतु ततृ ीय ककश्त के रूप में धनराशश रू0-200.00
लाख (रूपया दो करोड़ मात्र) अवमुक्ट् त ककये जाने की ननम् नशलणखत शतों एवं प्रनतबन्ध ों के अधीन श्री राज् यपाल
सहष म स् वीकृनत प्रदान करते हैं-
(1)- पवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1, उ0प्र0 शासन के कायामलय-ज्ञाप ददनॉक-28-03-2026 एवं
समय-समय पर ननगतम अन् य मागदम शी शासनादेशों/ननयमों में उल्ल्लणखत ददशा-ननदेशों का पिू म
अनुपालन सुननल्श्ित ककया जायेगा।
(2)- प्रायोजना अन्त गतम संबंचधत उपकरि/संयंत्र के क्रय में सुसंगत पवत् तीय ननयमों तथा लघु एव ं
मध् यम उद्यम अनुभाग-2 द्वारा ननगतम जेम पोटमल से सम् बल्न्धत शासनादेश संख् या-57/18-2-2024-
97(ल0उ0)/2016, ददनांक 26 नवम् बर, 2024 का अनपु ालन सुननल्श्ित ककया जायेगा।
(3)- प्रायोजना को स् वीकृत लागत में पूि म कराने का दानयत् व ननदेशक, आयुवेद सेवाएँ, उ0प्र0 तथा
कायदम ायी संस्थ ा का होगा। प्रायोजना का कोई पनु रीक्षि अनुमन् य नहीं होगा। पररयोजना को
यथावश्य कता ननरीक्षि करने तथा पुि म गिु वत् ता के साथ ननयत समयावचध में पूि म करने का दानयत् व
ननदेशक आयुवेद सेवाएँ, उ0प्र0 का होगा।
(4)- बजट प्रापवधान के सापेक्ष धनराशश की उपलब्धता का दानयत्व ननदेशक, आयुवेद, उ0प्र0 तथा
सम् बल्न्धत प्रधानािाय म का होगा। ननदेशक, आयुवेद, उ0प्र0 तथा सम् बल्न्धत प्रधानािाय म द्वारा बजट
प्रापवधान के सापेक्ष अवशेष धनराशश की उपलब्धता की ल्स्थनत में अवमुक्ट्त धनराशश को आवंदटत/व्यय
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है ।
2-
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट स े सत् यापपत की जा सकती है।ककया जायेगा। अवमक्ट्ु त धनराशश का आहरि एव ं व् यय आवश् यकतानुसार एवं ननयमानुसार ककया
जायेगा। स्वीकृत धनराशश को ककसी पोस् ट आकफस/बकैं खाते में नहीं रखा जायेगा।
(5)- प्रायोजना का ननमािम काय म ननधारम रत लागत में ससमय पिू म कराया जाना सुननल्श्ित ककया
जाये, ल्जससे टाईम ओवर रन एवं कास् ट ओवर रन की ल्स्थनत उत् पन् न न हो। इस हेतु पवत् त (आय-
व्ययक) अनुभाग-1 द्वारा ननगतम शासनादेश संख्या-07/2017/बी-1-823/ दस-2017-एम-04/2017,
ददनांक 21.06.2017 एव ं अन् य सुसंगत शासनादेशों/ननयमों के अनुसार कायवम ाही की जाएगी।
(6)- प्रश्नगत धनराशश ल्जस काय/ममद हेतु अवमक्ट्ु त की जा रही है उसका उपयोग ननयमानुसार उसी
काय/ममद हेतु ककया जायेगा। इस हेतु ननदेशालय स् तर पर एक लेजर बनाया जायेगा, ल्जसको ननयशमत
रूप से अद्यावचधक रखने का उत् तरदानयत् व ननदेशक, आयुवेद, उ0प्र0 का होगा।
(7)- ननदेशक, आयुवेद/संबचं धत प्रधानािाय म तथा कायदम ायी संस्था द्वारा काय म सम्पाददत करत े समय
पवत्त पवभाग/लोक ननमािम पवभाग द्वारा समय समय-समय पर ननगतम सुसंगत शासनादेशों एवं अन् य
संगत प्रापवधानों का अनुपालन सुननल्श्ित करते हुए अवमुक्ट्त धनराशश का व्यय ककया जायेगा।
(8)- प्रायोजना में प्रस्तापवत की गयी मात्राओं/प्रापवधानों/दरों के औचित्य की पूि म ल्जम्मेदारी
ननदेशक, आयुवेद, उ0प्र0 तथा कायदम ायी सस्ं था की होगी। पररयोजना में प्रस्तापवत की गयी मात्राओं
को ननमामि/स्थ ापना के समय ननयमानुसार सुननल्श्ित ककये जाने का पूि म उत् तरदानयत् व
ननदेशक, आयुवेद, उ0प्र0 तथा कायदम ायी संस्था का होगा।
(9)- प्रायोजना की उत् तरवती ककश्त ें ननगतम ककये जाने हेतु आयुष अनुभाग-2,उ0प्र0 शासन के
शासनादेश संख् या-461/96-आयुष-2-2019-09(बी)/2018, ददनॉक 13-03-2019 एवं अन् य सुसंगत
शासनादेशों/ननयमों का पिू म अनुपालन सुननल्श्ित ककया जाय।
(10)- उक्ट् त धनराशश को व् यय करने के पूव म की जाने वाली समस् त औपिररकताओं की पनू त म
अननवायतम : सुननल्श्ित कर ली जाय। यह भी स्प ष् ट ककया जाता है कक उक्ट् त धनराशश को
पवभागाध् यक्ष/ननयंत्रक अचधकारी के ननवतम न पर रख े जाने के मात्र से ककसी प्रकार के व् यय करन े का
प्राचधकार नहीं शमल जाता है। ल्जन मामलों में उ0प्र0 बजट मैनुअल और पवत् तीय ननयम संग्रहों तथा
स् थायी आदेशों के अंतगतम राज् य सरकार/केन् र सरकार अथवा अन् य सक्षम प्राचधकारी की
स् वीकृनत पवभागाध् यक्ष/ननयंत्रक अचधकारी द्वारा प्राप् त की जानी हो, उन मामलों में धनराशश व् यय करन े
के पूव म ऐसी स् वीकृनत सुसंगत ननयमों के अंतगतम ननयमानुसार आवश् यक प्राप् त कर ली जाय।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 2,00,00,000 (रुपये दो करोड़ मात्र) को िालू पवत्तीय वष म 2026-
27 के आय-व्ययक में अनिु ानसंख्या 033 लखे ाशीषकष 4210018000500 आयुवेददक कालेज तथा सम्बद्ध
अस्पताल मानकमि 24 वहृ त ् ननमामि काय म के नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश पवत्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कायालम य ज्ञाप संख्या-4/2026/बी-1-812/दस-2026-
231/2026, ददनाकं - 28-माि,म 2026 में प्रशासकीय पवभाग को उक्ट्तवत प्रनतननधाननत अचधकार के अंतगतम
ननगतम ककये जा रहे है।
भवदीय,
रंजन कुमार
प्रमुख सचिव।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है ।
2-
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट स े सत् यापपत की जा सकती है।संख्या-15/2026/1085/96-आयुष-1-2026, तद्दिनाकं ।
प्रततललपि ननम् नशलणखत को सूिनाथ म एवं आवश् यक कायवम ाही हेतु प्रेपषत:-
1- महालेखाकार (लखे ा एव ं हकदारी) प्रथम/द्पवतीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
2- महालेखाकार, लेखा परीक्षा प्रथम/द्पवतीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
3- पवत् त ननयत्रं क, आयुवेद सेवायें, उ0प्र0, लखनऊ।
4- संबंचधत मुख् य कोषाचधकारी (द्वारा ननदेशक आयवु ेद)।
5- संबंचधत प्रधानािाय/म अधीक्षक, राजकीय आयुवेद महापवद्यालय एवं चिककत् सालय मुजफ्फरनगर (द्वारा
ननदेशक आयुवेद)।
6- प्रबंध ननदेशक/संबचं धत पररयोजना अचधकारी, उ0प्र0 प्रोजेक्ट्ट कारपोरेशन शलशमटेड।
7- आयुष अनुभाग-2/पवत् त (व् यय-ननयंत्रि) अनुभाग-3/पवत् त(आय-व् ययक) अनुभाग-1/2
8- गाड म फाइल।
आज्ञा से,
बजरंगी मौया म
अनु सचिव।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है ।
2-
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट स े सत् यापपत की जा सकती है।