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Date: 2026-03-01Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जनपद चित्रकूट के तहसील मानिकपुर के अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में स्थापित नवीन पुलिस चौकी कल्यानपुर के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य एवं कमिश्नरेट वाराणसी के अधिकारीयों की आवासीय व्यवस्था के ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्ती्य स्वीकृति के सम्बन्ध में
ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना का उपयोग करके नीति पाठ का सारांश दिया गया है।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ चित्रकूट जिले में मानिकपुर तहसील के कल्याणपुर गाँव में स्थापित होने वाली नई कल्याणपुर पुलिस चौकी के आवासीय भवनों के निर्माण और वाराणसी कमिश्नरेट के अधिकारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है, जिसकी कुल लागत 6,23,76,000 रुपये है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने कुछ शर्तों के अधीन इस राशि को जारी करने की मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के लिए समय सीमा 31.03.2026 है।
**मुख्य बातें**
**वित्तीय स्वीकृति और आवंटन**
* कल्याणपुर पुलिस चौकी के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 422.92 लाख रुपये और वाराणसी में ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण के लिए 200.84 लाख रुपये के आवंटन को मंजूरी।
* कुल 6,23,76,000 रुपये की धनराशि जारी करने की मंजूरी शर्तों के अधीन है।
**अनुपालन और क्रियान्वयन की शर्तें**
* निर्माण कार्य के लिए नामित कार्यदायी संस्था से उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने के लिए अनुबंध अनिवार्य रूप से निष्पादित किया जाय।
* निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ और पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ प्राप्त की जानी चाहिए।
* परियोजना के निर्माण कार्य से पहले स्थानीय विकास प्राधिकरण से आवश्यकतानुरूप पुलिस मुख्यालय द्वारा मानचित्र स्वीकृत कराए जाएँ।
* पुलिस मुख्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्य डुप्लीकेट न हों और किसी अन्य योजना के तहत स्वीकृत या आच्छादित न हों।
* पुलिस मुख्यालय को सक्षम स्तर से पूर्व अनुमोदन प्राप्त किए बिना नये कार्य बढ़ाने, प्रस्तावित कार्यों के आकार में वृद्धि और अन्य उच्च विशिष्टियाँ इस्तेमाल करने जैसे कोई भी महत्वपूर्ण परिवर्तन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
* पुलिस मुख्यालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो जाए और वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के शासनादेश दिनांक 21.06.2017 का अनुपालन करें।
* स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
* स्वीकृत धनराशि प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में व्यय की जाये जिसके लिए स्वीकृत की गई है।
* आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि श्रम विभाग को भुगतान की जाएगी।
* उपकरणों की खरीद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 के शासनादेश दिनांक 23.08.2017 में दी गयी व्यवस्था के माध्यम से की जाएगी।
* कार्यदायी संस्था के पास कार्य की आवश्यकता से अधिक धनराशि न हो, इस बात का ध्यान पुलिस मुख्यालय द्वारा रखा जाएगा।
* दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार दिव्यांगजन के लिए भवनों को दिव्यांगजन हितैषी/बाधारहित बनाया जाए।
**प्रशासनिक और वित्तीय दिशानिर्देश**
* धनराशि अवमुक्त की जाएगी और वित्तीय हस्तपुस्तिका के अनुसार खर्च की जाएगी और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सरकारी आदेशों का अनुपालन किया जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि को बैंक/डाकघर/पी0एल0ए0/डिपाजिट खाते में नहीं रखा जायेगा।
* सेंटेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित वित्तीय प्रबंधन के संबंध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के नवीनतम शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
* 31.03.2026 तक स्वीकृत धनराशि का उपयोग किया जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
**प्रमुख हितधारक: उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय**
* **प्रभाव:**
उन्हें कल्याणपुर पुलिस चौकी के लिए आवासीय भवनों का निर्माण सुनिश्चित करना होगा और वाराणसी में ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण समय पर और निर्धारित बजट के भीतर करना होगा। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण कार्य सभी प्रासंगिक दिशानिर्देशों और विनियमों का अनुपालन करे।
* **आवश्यक कार्रवाई:**
निर्धारित शर्तों के अनुसार धन आवंटित करें और परियोजना की प्रगति की निगरानी करें, अनुपालन सुनिश्चित करें और आवश्यक रिपोर्ट तैयार करें।
**प्रमुख हितधारक: कार्यदायी संस्था**
* **प्रभाव:** उन्हें समझौते की शर्तों के अनुसार, समय पर और आवंटित बजट के भीतर निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए जिम्मेदार हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:**
संबंधित सभी प्रासंगिक दिशानिर्देशों और विनियमों का अनुपालन करते हुए कुशलतापूर्वक निर्माण कार्य करें।
**प्रमुख हितधारक: वित्त विभाग**
* **प्रभाव:** परियोजना के लिए धन का उचित आवंटन और व्यय सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** आवंटित निधियों की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि उनका उपयोग नियमों और विनियमों के अनुसार किया जाता है।
Key Entities Referenced
उ०प्र० पुलिस मुख्यालय: उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, नीति के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार प्राथमिक विभाग।
जनपद चित्रकूट: उत्तर प्रदेश का जिला जहां कल्याणपुर में नई पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
कमिश्नरेट वाराणसी: वाराणसी कमिश्नरी, जहां अधिकारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण होगा।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: वित्त विभाग का विभाग जो वित्तीय प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है।
वित्तीय हस्तपुस्तिका: वित्तीय नियमों और विनियमों का संदर्भ दिया गया दस्तावेज़ जिसका पालन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है।
AeaT-73/2026/I/256246/2026/0 -6-7099-739-2025
प्रेषक,
अन्नावि दिनेशकुमार,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय,
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय,
लखनऊ |
गृह (पुलिस) अनुभाग-7 लखनऊ : दिनांक 04-03-2026
विषय:- जनपद चित्रकूट के तहसील मानिकपुर के अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में स्थापित नवीन पुलिस चौकी कल्यानपुर के आवासीय
भवनों के निर्माण कार्य एवं कमिश्नरेट वाराणसी के अधिकारीयों की आवासीय व्यवस्था के ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कार्य की
प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के पत्र संख्या-ग्यारह-विविध नामित/2024(पु0चौ0कल्याणपुर), दिनांक
27.0.2026 एवं ग्यारह-238/2024 दिनांक 27.02.2026 % संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि जनपद चित्रकूट के
तहसील मानिकपुर के अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में स्थापित नवीन पुलिस चौकी कल्यानपुर के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य एवं
BAAS वाराणसी के अधिकारीयों की आवासीय व्यवस्था के ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कार्य हेतु HAM: धनराशि BO 422.92 लाख
एवं 200.84 लाख की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए सम्पूर्ण धनराशि क्रमश: BO 422.92 लाख एवं रू0
200.84 लाख कुल धनराशि रू0 6,23,76,000/- ( रुपये छह करोड़ तेईस लाख feat हजार मात्र) अवमुक्त किये जाने की सहर्ष
स्वीकृति श्री राज्यपाल निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते हैं-
नियम/शर्तें-
q. निर्माण कार्यों हेतु नामित कार्यदायी संस्था से उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण जाने तथा कार्यदायी संस्था
द्वारा किसी भी दशा में कार्यों की लागत में कोई पुनरीक्षण न किये जाने के संबंध में अनुबन्ध अनिवार्य रूप से निष्पादित करा लिए
जाय।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक बैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त
करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
3. प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थानीय विकास
प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जायेगा।
4. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया
जाय कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना॥/कार्यक्रम में
आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
5. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजनान्तर्गत कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, प्रस्तावित कार्यों के आकार/क्षेत्रफल
में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि पर सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नही किया जायेगा। प्रश्नगत
कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य कराया जाएगा।
6. पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय सीमा अवधि में ही पूर्ण कराया जाय। परियोजना के
क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के शासनादेश दिनांक
27.06.2077 का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप
किया जायेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता/आडिट आपत्ति हेतु उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय उत्तरदायी होंगे।
8. प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य/मद के लिए स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जाय।
9. आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा।
0. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था द्वारा उपकरणों का क्रय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 के शासनादेश दिनांक
23.08.20(7 में दी गयी व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।
7. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप ASAT-6/2025/at- -352/e4-2025-
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |23/2025, दिनांक 27.03.2025 में विहित व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यदायी संस्था को धनराशि अवमुक्त की जायेगी। SOMO पुलिस
मुख्यालय द्वारा इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि कार्यदायी संस्था के पास कार्य की आवश्यकता से अधिक धनराशि न SM
42. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नही है तथा
इस हेतु पूर्व मे किसी अन्य योजना/खोत से धनराशि स्वीकृत नही की गयी है। यह भी सुनिश्चित करेगें कि प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति
नही हो रही है।
3. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के अध्याय-42 के प्रस्तर-348 में वर्णित व्यवस्थानुसार प्रयोजना का
सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी।
44. दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा शासनदेश AO -5/202 Tze FO-65-203/2/209-2, दिनांक 45 जनवरी, 2024 के
अनुपालन के क्रम में दिव्यांगजन हेतु भवनों को दिव्यांगजन हितैषी/बाधारहित बनाये जाने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्गत
"Harmonized guidelines and standards for universal accessibility in india, 202(" दिये गये प्रावधानों के अनुसार
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था द्वारा भवन का निर्माण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये
5. कार्यदायी संस्था को आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज देय होगा।
6. जी0एस0टी0 की धनराशि नियमानुसार देय होगी। उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रायोजनान्तर्गत
विभिन्न कार्यमदों में जी0एस0टी0 सम्मिलित न हों।
I7. स्वीकृत धनराशि को आहरित कर बैंक/डाकघर/पी0एल0ए0/डिपाजिट खाते में नही रखा जायेगा।
8. कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी। प्रायोजना का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण
कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।
49. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका से सुसंगत, प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप
किया जायेगा।
20. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा सेंटेज चार्जज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित वित्तीय प्रबन्धन
के संबंध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के नवीनतम शासनादेश ASAT-0 /2023/0-2-60/z4-2023-7(4)/75 दिनांक 47.05.2023
एवं शासनादेश संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-47(4)/75 दिनांक 49.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना की भौतिक प्रगति, धनराशि अवमुक्त तथा सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर दर्ज
किये जाने आदि के संबंध में नियोजन अनुभाग-4 के शासनादेश दिनांक 07.06.2022 में निहित प्रतिबन्धों का अनुपालन सुनिश्चित
किया जायेगा।
22. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग दिनांक 34.03.2026 तक कर लिया जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 6,23,76,000 ( रुपये छह करोड़ Tes लाख छिहृत्तर हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-
26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 026 लेखा शीर्षक 405500270600 पुलिस विभाग के आवासीय भवनों का निर्माण मानक
मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - 7 के कार्यालय ज्ञाप HEAT - 6/2025/at--352/e4-2025-23/2025, दिनाँक- 27-
ara, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अन्नावि दिनेशकुमार
विशेष सचिव।
FeAT- 3/2026//256246/2026/04 -6-7099-739-2025, तद् दिनांका। दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
q. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
2. महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज ।
3. पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0, लखनऊ।
4. निदेशक, उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद्, लखनऊ।
5. प्रबन्ध निदेशक, यू0पी0 स्टेट कान्स्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर Saas कार्पोरोशन लि0, लखनऊ।
6. संबंधित जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक |
7. वित्त नियंत्रक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ |
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ।
9. मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन लखनऊ।
I0. संबंधित मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी, SOW |
d4. मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार कलेक्ट्रेट लखनऊ।
42. वित्त (व्यय-नियंत्रण) ATATT-2
43. गार्ड फाइल हेतु |
आज्ञा से,
दीपक पटेल
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |