Date: 2026-01-27Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
केन्द्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज में निरूद्ध सिद्धदोष बंदी राकेश कुमार प्रजापति पुत्र श्री गोल्ला प्रजापति, निवासी जनपद-बांदा की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ केंद्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज में कैद राकेश कुमार प्रजापति की समय से पहले रिहाई के संबंध में है, जिन्हें 17 अगस्त, 2009 को कु. माया के साथ जघन्य अपराध करने और मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 27 जनवरी, 2026 के पत्र में कहा गया है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट, बांदा ने 10 सितंबर, 2024 के एक आदेश के अनुसार उनकी रिहाई की सिफारिश नहीं की। परिणामस्वरूप, राज्यपाल ने फार्म-ए/लाइसेंस के आधार पर बंदी की समय से पहले रिहाई को अस्वीकार कर दिया है।
**मुख्य बातें**
* **पृष्ठभूमि और अपराध:**
* राकेश कुमार प्रजापति, कुम्हेड़ा सानी, थाना-कमासिन, जनपद-बांदा के निवासी हैं।
* 17 अगस्त, 2009 को कु. माया के साथ जबरदस्ती बुरा काम किया और मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी।
* अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-01, बांदा के 3 अक्टूबर, 2013 के आदेश द्वारा भा०द०वि० की धारा-302, 376/511, 506, 452 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
* **जेल रिपोर्ट:**
* 19 दिसंबर, 2024 तक 15 वर्ष, 3 महीने और 29 दिन की अपरिहार्य सजा और 18 वर्ष, 9 महीने की सपरिहार सजा काटी।
* बंदी की आयु 35 वर्ष, 2 महीने और 28 दिन है।
* **रिहाई की सिफारिश:**
* जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट, बांदा ने रिहाई की सिफारिश नहीं की।
* उन्हें समाज में अपराध के व्यापक प्रभाव, भविष्य में अपराध करने की संभावना और रिहाई के बाद फिर से अपराध करने से इनकार करने की संभावना के बारे में चिंता थी।
* **प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत:**
* प्रोबेशन बोर्ड ने 17 अगस्त, 2009 को बंदी द्वारा किए गए जघन्य अपराध की पुष्टि की।
* स्थानीय परिस्थितियों के मूल्यांकन के आधार पर, जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने समयपूर्व रिहाई का विरोध किया।
* **राज्यपाल का निर्णय:**
* सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करने के बाद, राज्यपाल ने बंदी की फार्म-ए/लाइसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई को अस्वीकार कर दिया।
* उ०प्र० प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 1938 की धारा-2 के प्रावधानों के अंतर्गत रिहाई के लिए पात्र नहीं पाया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** राकेश कुमार प्रजापति (बंदी)
* **प्रभाव:** बंदी राकेश कुमार प्रजापति की समय से पहले रिहाई की याचिका को अस्वीकार कर दिया गया है और उसे जेल में रहना होगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कारागार प्रशासन को तुरंत बंदी को राज्यपाल के फैसले से अवगत कराने और फार्म-ए को वापस करने की आवश्यकता है।
**हितधारक:** कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
* **प्रभाव:** कारागार प्रशासन को राज्यपाल के फैसले से अवगत कराया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कारागार प्रशासन को शासन के आदेशों का पालन करना होगा और बंदी को सूचित करना होगा।
**हितधारक:** जिला मजिस्ट्रेट, बांदा।
* **प्रभाव:** जिला मजिस्ट्रेट को मामले के बारे में सूचित किया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
**हितधारक:** वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज।
* **प्रभाव:** वरिष्ठ अधीक्षक को सूचित किया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
**हितधारक:** नोडल अधिकारी/अधीक्षक, जिला कारागार, गाजियाबाद
* **प्रभाव:** नोडल अधिकारी/अधीक्षक को माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में योजित विशेष अनुज्ञा याचिका (क्रिमि०) संख्या-529/2021 सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य तथा सुओ मोटो रिट पिटीशन (क्रिमि०) संख्या-04/2021 पॉलिसी स्ट्रेट्जी फार ग्रान्ट ऑफ बेल में पारित आदेश दिनांक 10.09.2024 के सन्दर्भ में सूचित किया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
**हितधारक:** कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2, उ0प्र0 शासन
* **प्रभाव:** कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 को मामले के बारे में सूचित किया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
Key Entities Referenced
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश: कारागारों के प्रशासन और सुधार के लिए जिम्मेदार उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग
केन्द्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज: प्रयागराज (इलाहाबाद) में स्थित एक केंद्रीय जेल, जहाँ बंदी राकेश कुमार प्रजापति को रखा गया है
राकेश कुमार प्रजापति: नैनी केंद्रीय कारागार, प्रयागराज में बंदी, जिनकी समयपूर्व रिहाई फार्म-ए/लाइसेंस के आधार पर इस दस्तावेज़ के माध्यम से अस्वीकार की गई है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, बांदा: बांदा जिले के ये अधिकारी राकेश कुमार प्रजापति की समयपूर्व रिहाई की सिफारिश नहीं करने में शामिल थे।
प्रिजनर्स रिलीज ऑन प्रोबेशन एक्ट-1938: एक अधिनियम जिसके तहत राकेश कुमार प्रजापति की समयपूर्व रिहाई अस्वीकार की गई थी (धारा-2 के संदर्भ में)
EAI-32/2026/i52 H-2/22-3-2025-7(292)/2025
प्रेषक,
कमलेश कुमार,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
महानिदेशक»महानिरीक्षक,
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें,
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3 लखनऊ दिनांक 27 जनवरी, 2026
विषय:- केन्द्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज में निरूद्ध सिद्धदोष बंदी राकेश कुमार प्रजापति पुत्र श्री गोल्ला
प्रजापति, निवासी जनपद-बांदा की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक, (मु0) कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
के पत्र संख्या-359/प्रोवेशन-3-फार्म-ए/ (VA-27.0.2025) feetlh-28.0:.2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें।
2- अक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार केन्द्रीय कारागार, acl, प्रयागराज में निरूद्ध सिद्धदोष
बंदी राकेश कुमार प्रजापति पुत्र श्री Meet प्रजापति, जो कुम्हेड़ा सानी, थाना-कमासिन, जनपद-बांदा का
निवासी है। दिनांक 7-08-2009 को बन्दी ने HO माया के साथ जबरदस्ती बुरा काम किया तथा मिट्टी
का तेल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी। उक्त अपराध हेतु Feel को सत्र परीक्षण सं0-237/2009 के
अन्तर्गत भा०द0वि०0 की धारा-302, 376/5ii, 506, 452 में मा0 अपर न्यायाधीश, कोर्ट ALA-Ol, बांदा
के आदेश दिनांक 03.0.20I3 द्वारा आजावीन कारावास से दण्डित किया गया। sta रिपोर्ट के अनुसार बंदी
द्वारा दिनांक 9.42.2024 तक ॥5 वर्ष, 03 माह, 29 दिन की अपरिहार तथा ॥8 वर्ष, 09 माह की सपरिहार
सजा भोगी गयी है तथा बंदी की आयु 35 वर्ष, 02 माह, 28 दिन है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, बांदा द्वारा Feel द्वारा कारित अपराध
पूरे समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने, भविष्य में अपराध करने का अवसर होने, Ya: अपराध करने
में सक्षम प्रतीत होने, रिहा होने पर पुन: अपराध करने से इंकार नहीं किये जाने के दृष्टिगत बंदी की समयपूर्व
रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है।
प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में दिनांक 7-08-2009 को deel ने HO माया के साथ
जबरदस्ती बुरा काम किया तथा मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या करने का AIT अपराध कारित
किया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान
परिस्थितियों का सम्यक् परीक्षण कर मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में
समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित ऐसा कोई तथ्य परित्क्षित नहीं है, जिसके
आधार पर fate प्रोबेशन अधिकारी, पुत्रिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट की आख्या»संस्तुति के प्रतिकूल
अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गंभीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है I
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन Vee-938 की धारा-2 के अन्तर्गत Mealy बंदी राकेश कुमार प्रजापति पुत्र
श्री Teal प्रजापति को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है।
3- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि केन्द्रीय
कारागार, नैनी, प्रयागराज में निरूद्ध सिद्धदोष बंदी राकेश कुमार प्रजापति (बंदी WeA-473/204) Ya श्री
Teal प्रजापति, निवासी जनपद-बांदा के फार्म-ए/लाईसेंस पर यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट,
938 की धारा-2 के प्राविधानों के अन्तर्गत सम्यक् विचारोपरान्त उसे मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया है।
अतएव उक्त बन्दी की फार्म-ए“लाइसेन्स पर मुक्ति श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दी गयी है। तदनुसार
उसके फार्म-ए पर शासन के आदेश अंकित करके एतदद्वारा वापस ल्रौटाया जा रहा है। कृपया प्राप्ति स्वीकार
करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें।
संलग्नक: यथोपरि।
(deel का फार्म-ए एवं समस्त पत्रादि सहित)
भवदीय,
कमलेश कुमार
उप सचिव।
संख्या व दिनांक तटैव।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: -
- जिला मजिस्ट्रेट, बांदा।
2- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज।
3- नोडल अधिकारी/अधीक्षक, जिला कारागार, गाजियाबाद को AlO उच्चतम न्यायाल्रय, नई दिल्ली में
योजित विशेष अनुज्ञा याचिका (क्रिमि0) WEA-529/202] सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य तथा
सुओ मोटो Re पिटीशन (क्रिमि0) संख्या-04/202। पॉलिसी स्ट्रेटजी फार lee ऑफ बेल A पारित
आदेश दिनांक 0.09.2024 के सन्दर्भ में।
4- PRI प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2, SOUO शासन
5- गार्ड फाईल।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है I
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।शासनादेश WEAT-32/2026/i52 h-2/22-3-2025-47(292)/2025
दिनांक 27 जनवरी, 2026 का संलग्नक
सरकार के आदेश
केन्द्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज में निरूद्ध सिद्धदोष बंदी राकेश कुमार प्रजापति पुत्र श्री गोल्ला
प्रजापति, जो कुम्हेड़ा सानी, थाना-कमासिन, जनपद-बांदा का निवासी है। दिनांक 7-08-2009 को बन्दी ने
PO माया के साथ जबरदस्ती बुरा काम किया तथा मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी। उक्त
अपराध हेतु बन्दी को सत्र परीक्षण सं0-237/2009 के अन्तर्गत भा0द0वि0 की धारा-302, 376/54, 506,
452 में AO अपर न्यायाधीश, कोर्ट ALA-Ol, बांदा के आदेश दिनांक 03.0.20i3 द्वारा आजावीन कारावास
से दण्डित किया गया। set रिपोर्ट के अनुसार बंदी द्वारा दिनांक 9.:2.2024 तक i5 वर्ष, 03 माह, 29
दिन की अपरिहार तथा ॥8 वर्ष, 09 माह की सपरिहार सजा भोगी गयी है तथा बंदी की आयु 35 वर्ष, 02
माह, 28 दिन है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, बांदा द्वारा deel द्वारा कारित अपराध
पूरे समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने, भविष्य में अपराध करने का अवसर होने, Ya: अपराध करने
में सक्षम प्रतीत होने, रिहा होने पर पुन: अपराध करने से इंकार नहीं किये जाने के दृष्टिगत बंदी की समयपूर्व
रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है।
प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में दिनांक 7-08-2009 को deel ने HO माया के साथ
जबरदस्ती बुरा काम किया तथा मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या करने का AIT अपराध कारित
किया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान
परिस्थितियों का सम्यक् परीक्षण कर मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में
समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित ऐसा कोई तथ्य परित्रक्षित नहीं है, जिसके
आधार पर fate प्रोबेशन अधिकारी, पुत्रिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट की आख्या»संस्तुति के प्रतिकूल
अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गंभीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत
प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन VeC-938 की धारा-2 के अन्तर्गत Mealy बंदी राकेश कुमार प्रजापति पुत्र
श्री Weel प्रजापति को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है।
उक्त के दृष्टिगत सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा बंदी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर
समय पूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है।
कमलेश कुमार
उप सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है I
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।