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AAT-72/2026/332/22-2-2025-77(465)/2023
प्रेषक,
सूर्य प्रकाश मिश्र,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक,
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं,
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ,टिनांक: 6 मार्च, 2026
विषय:- केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी राकेश उर्फ cre पुत्र श्री प्रकाश dea, निवासी
जनपद-बुलन्दशहर की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक(मु0), कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं उ0प्र0, लखनऊ के पत्र
संख्या-25779/प्रोवेशन-3-फार्म-ए/(एम-3.06.2025) दिनांक-25-06-2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें।
2-.. उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष
gel राकेश उर्फ टीटू पुत्र श्री प्रकाश ded, जो ग्राम-नीम चाना, थाना-अगौता, जनपद-बुलन्दशहर का
निवासी है। दिनांक 8/09.07.2007 को seer ने 06 सह-अभियुक्कतों के साथ मिलकर रनवीर का अपहरण
करने के उदददेश्य से अवैध सभा का गठन करने के बाद अपहरण कर रनवीर की हत्या की तथा उसी
स्थान पर प्रकाश की हत्या की और साक्ष्य छुपाने की नियत से दोंनों के शवों को निकट स्थल पर रखे
बिटौरे में डालकर जला दिया। उक्त अपराध हेतु बन्दी को एस0टी0 aA0-290/2007 में भा०्द०्वि० की
@i-47, 364/49, 302/49, 20 A मा० saree अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष कोर्ट सं०-09,
बुलन्दशहर के आदेश दिनांक 07.04.20i0 द्वारा आजीवन कारावास से दण्डित किया गया। Alo उच्च
न्यायालय द्वारा दिनांक 09.09.20i3 को बंदी की अपील्र निर्णीत करते हुए आजीवन कारावास की सजा
को यथावत रखा। बन्दी द्वारा दिनांक 02.44.202 तक अपरिहार 74 वर्ष, 03 माह, 2 दिन तथा
सपरिहार 7 वर्ष, 07 माह, 23 दिन की सजा भोगी गयी है।
3- जिल्रा प्रोबेशन अधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, बुलन्दशहर द्वारा शासनादेश
UEAT- 658/22-02-2004-25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के प्रस्तर 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05
बिन्दुओं (जो लक्ष्मण ARR बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 क्रि० veto sto 47 A Alo उच्चतम
TOMAS द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या में बन्दी
द्वारा किया गया अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावति करने, भविष्य मेँ अपराध करने की घटना से
इंकार नही किये जाने, पूर्व में किये गये अपराध के कारण पुनः अपराध कारित किये जा सकने का अंकन
करते हुए समयपूर्व रिहाई की Atala नहीं की गयी है।
4- प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में दिनांक 8/09.07.2007 को बन्दी ने 06 सह-
अभियुक्तों के साथ मिलकर रनवीर का अपहरण करने के उद्देश्य से अवैध सभा का गठन करने के बाद
अपहरण कर रनवीर की हत्या की तथा उसी स्थान पर प्रकाश की हत्या की और साक्ष्य छुपाने की नियत
से दोंनों के शवों को निकट cao पर रखे बिटोरे में डालकर जला दिया। fete प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ
पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों का सम्यक परीक्षण
कर माननीय उच्चतम नन््यायात्रय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में समयपूर्व रिहाई का विरोध
किया गया है। प्रकरण से सम्बंधित ऐसा कोई तथ्य परिल्क्षित नहीं है, जिसके जिसके आधार पर जिला
प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिला मजिस्ट्रेट, बुलन्दशहर की आख्या/संस्तुति के
l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता
के दृष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन Vec-938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी राकेश उर्फ
टीटू पुत्र श्री प्रकाश dee को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है।
S अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि केन्द्रीय
कारागार, आगरा मेँ निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी राकेश उर्फ टीटू (बन्दी संख्या-692॥) पुत्र श्री प्रकाश चन्द,
निवासी जनपद-बुलन्दशहर को यू०पी० प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के प्राविधानों
के अन्तर्गत फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया है। अतएव उक्त बन््दी की
फार्म-ए/लाइसेंस पर मुक्ति सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दी गयी है। तदनुसार
उसके फार्म-ए पर शासन के आदेश अंकित करके एतददवारा वापस ler जा रहा sl कृपया प्राप्ति
स्वीकार करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें।
संलग्नक: यथोपरि।
(बन्दी का फार्म-ए एवं समस्त are सहित)
भवदीय,
सूर्य प्रकाश मिश्र
संयुक्त सचिव।
HAI-72/2026/332()/22-2-2025 तददिनांक...
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेलु प्रेषित:-
I- जिला मजिस्ट्रेट, बुलन्दशहर।
2- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, आगरा।
3- निजी सचिव, माए मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ।
4- निजी सचिव, AO राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ।
5- गार्ड फाईल्र।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।
l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |शासनादेश WA-772/2026/332/22-2-2025-7(465)/2023
दिनांक: (6 मार्च, 2026 का संलग्नक
सरकार के आदेश
केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी राकेश उर्फ ce पुत्र श्री प्रकाश ded, जो
ग्राम-नीम चाना, थाना-अगौता, जनपद-बुलन्दशहर का निवासी है। दिनांक 8/09.07.2007 को sect ने 06
सह-अभियुक्तों के साथ AAR रनवीर का अपहरण करने के उदददेश्य से अवैध सभा का गठन करने के
बाद अपहरण कर रनवीर की हत्या की तथा उसी स्थान पर प्रकाश की हत्या की और साक्ष्य छुपाने की
नियत से दोंनों के शवों को निकट स्थल पर रखे बिटौरे में डालकर जला दिया। उक्त अपराध हेतु बन्दी को
एस0टी0 aAO0-290/2007 में भा०्दग्वि० की GRI-I47, 364/49, 302/49, 20 में Ale न््यायात्रय
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष कोर्ट सं०-09, बुलन्दशहर के आदेश दिनांक 07.04.20i0 द्वारा आजीवन
कारावास से दण्डित किया गया। Ale उच्च न््यायात्रय द्वारा दिनांक 09.09.20i3 को बंदी की अपील
निर्णीत करते हुए आजीवन कारावास की सजा को यथावत रखा। Feel GANT दिनांक 02.44.202] तक
अपरिहार 74 वर्ष, 03 माह, 27 दिन तथा सपरिहार i7 वर्ष, 07 माह, 23 दिन की सजा भोगी गयी है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, बुलन्दशहर द्वारा शासनादेश
UEAT- 658/22-02-2004-25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के प्रस्तर 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05
बिन्दुओं (जो लक्ष्मण AR बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 क्रि० veto sto 47 A Alo उच्चतम
TOMA द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर sear प्रेषित की गई है। उक्त आख्या में बन्दी
द्वारा किया गया अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावति करने, भविष्य में अपराध करने की घटना से
इंकार नही किये जाने, पूर्व में किये गये अपराध के कारण पुनः अपराध कारित किये जा सकने का अंकन
करते हुए समयपूर्व रिहाई की Atala नहीं की गयी है।
प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में दिनांक 8/09.07.2007 को बन्दी ने 06 सह-
अभियुक्तों के साथ मिलकर रनवीर का अपहरण करने के उद्देश्य से अवैध सभा का गठन करने के बाद
अपहरण कर रनवीर की हत्या की तथा उसी स्थान पर प्रकाश की हत्या की और साक्ष्य छुपाने की नियत
से दोनों केशवों को निकट Fart पर रखे बिटोरे में डालकर जला दिया। जिल्रा प्रोबेशन अधिकारी, वरिष्ठ
पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों का सम्यक परीक्षण
कर माननीय उच्चतम नन््यायात्रय द्वारा निर्टिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में समयपूर्व रिहाई का विरोध
किया गया है। प्रकरण से सम्बंधित ऐसा कोई तथ्य परिल्क्षित नहीं है, जिसके जिसके आधार पर जिला
Weert अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिला मजिस्ट्रेट, बुलन्दशहर की आख्या/संस्तुति के
प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता
के दृष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन Vec-938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी राकेश उर्फ
टीटू पुत्र श्री प्रकाश चन्द को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है।
उक्त के दृष्टिगत सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा बन्दी की फार्म-ए/लाइसेंस के आधार
पर समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है।
सूर्य प्रकाश मिश्र
संयुक्त सचिव।
l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |