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Date: 2026-01-21 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

राजकीय महिला शरणालय, गाजीपुर के निर्माणाधीन भवन हेतु पुनरीक्षित आगणन/नवीन परियोजना लागत के क्रम में प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति के संबंध में।

Issued by महिला कल्याण एवं बाल विकास · महिला कल्याण एवं बाल विकास

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document pertains to the administrative and financial approval for the revised estimate/new project cost for the construction of a State Women's Shelter in Ghazipur, Uttar Pradesh. The total sanctioned amount for this project is ₹314.18 lakhs, allocated from the budget for the financial year 2025-26. The order is issued on January 21, 2026. **Key Points / Main Content** * **Project Approval and Funding:** * Administrative and financial sanction is granted for the revised project cost of ₹1328.36 lakhs for the construction of the State Women's Shelter in Ghazipur. * ₹314.18 lakhs are sanctioned under Grant No. 49 for the financial year 2025-26. * The expenditure will be charged to the account head "4235-Social Security and Welfare-Capital Outlay". * **Conditions and Directives:** * The Director of Women's Welfare must ensure compliance with the guidelines issued by the Finance (Income-Expenditure) Section-1 office. * The Director of Women's Welfare is responsible for the quality, standards, and specifications of the work. * The Director of Women's Welfare must ensure that the project is not included in any other scheme and that funds have not been sanctioned from any other scheme/source for the same purpose. * The disbursal of funds must be in installments based on the need. * The executing agency will be able to charge the approved Surcharge within the approved limit in the estimate. * Strict compliance with guidelines issued by the government and budget manual paragraph 212 to avoid cost overruns. * A GST of 12% is allowed on the works done from 01.07.2017 to 18.07.2022 and 18% on the works done after 18.07.2022. * The Director of Women’s Welfare will ensure procurement and installation of solar lights, solar panels, solar water heaters and steel racks based on competitive rates from manufacturers before implementation. * The Director of Women's Welfare shall ensure that the design drawings for the project construction are approved by the local development authority/competent local authority before construction work commences. * The Director of Women's Welfare shall obtain all necessary statutory clearances and environmental clearances from the competent level. * The amount of expenditure to be incurred in this regard is ₹3,14,18,000 (Rupees Three Crore Fourteen Lakh Eighteen Thousand only) in the current financial year 2025-26 in grant number-49. **Impact Analysis** **Director, Women's Welfare** *Impact* * Ensuring compliance with all directives, maintaining quality standards, managing finances responsibly, obtaining necessary approvals, and preventing duplication of funding. *Action Required* * Ensure adherence to all listed conditions and directives. Implement and oversee the project execution. Ensure timely and accurate reporting. * Compliance with PFAD's recommendations/mentioned restrictions. **Executing Agency (Unspecified)** *Impact* * Responsible for the actual construction and adherence to the approved plans and specifications. Ensuring the quality and timely completion of the project. *Action Required* * Execute the project according to the approved plans, specifications, and quality standards. Ensure proper utilization of funds and provide regular progress updates. **Project Formulation and Evaluation Division (PFAD)** *Impact* * Their assessed project cost is used for administrative/financial approval and budget allocation. Their opinion is that construction should commence only after technical approval is obtained from a competent level. *Action Required* * Continue testing the proposal and ensure compliance with specifications and work provisions.

Key Entities Referenced

Directorate of Women Welfare: Responsible for implementing and monitoring the construction of the women's shelter in Ghazipur and ensuring compliance with the specified terms and conditions. State Women's Shelter, Ghazipur: Subject of the administrative and financial approval for the revised cost of the under-construction building. Project Formulation and Appraisal Division (PFAD): Evaluated the new project cost for the construction of the state women's shelter in Ghazipur. Their assessment is referenced in the order. Lucknow: Location of the Directorate of Women Welfare and key offices mentioned in the document.
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UeA-5 /2026/205/60--2025 (सी-370009) प्रेषक, प्रेम प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, निदेशक, महिला कल्याण, उ0प्र0 लखनऊ। महिला कल्याण अनुभाग- लखनऊ:ः:दिनांक:: 2। जनवरी, 2026 विषयः- राजकीय महिला शरणालय, गाजीपुर के निर्माणधीन भवन हेतु पुनरीक्षित आगणन“/नवीन परियोजना लागत के क्रम में प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदया, उपर्युक्त विषयक निदेशालय के पत्र संख्या-ग003/निदेटम0क0/अनुदान/रा0म0श0- निर्माण/ 2025-26, दिनांक 08.08.2025 के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि जनपद-गाजीपुर में राजकीय महिला शरणालय के निर्माणाधीन भवन हद्ेतु प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग (पी०एफ०ए०डी०) द्वारा मूल्यांकित नवीन परियोजना लागत BO 328.36 लाख (रूपये Ae करोड अट्ठाईस लाख छत्तीस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए राजकीय महिला शरणाल्य, गाजीपुर के अग्रेतर भवन निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-49 के अन्तर्गत पूँजीगत परिव्यय में व्यवस्थित लेखाशीर्षक-4235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण पर पूंजीगत परिव्यय-02- समाज कल्याण-403-महिला कल्याण-05-राजकीय महिला शरणालय एवं सदनों का निर्माण के मानक मद-24-वृहद निर्माण कार्य में प्राविधानित धनराशि BO :692.32 लाख (रूपये सोलह करोड़ बानवे लाख मात्र) के सापेक्ष FO 344.8 लाख (रूपये तीन करोड़ चौदह लाख अट्ठारह हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करते हुए निम्नलिखित शर्तों /प्रतिबन्धों के अधीन निदेशक, महिला कल्याण के निवर्तन पर रखे जाने हेतु श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं :- (!) निदेशक, महिला कल्याण द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के के कार्यालय AT दिनॉक-27.03.2025 में दिये गये दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(2) निदेशक, महिला कल्याण द्वारा प्रश्नगत कार्य हेतु प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग द्वारा पुनरीक्षित लागत के अन्तर्गत उल्लिखित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (3) निदेशक, महिला कल्याण यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी निदेशक, महिला कल्याण की होगी। (4) निदेशक, महिला कल्याण यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नहीं है तथा इस हेतु पूर्व में किसी अन्य योजना/स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है। (5) बजट प्राविधान के सापेक्ष धनराशि की उपलब्धता का दायित्व निदेशक, महिला कल्याण का होगा। वित्तीय स्वीकृति का आदेश निदेशक, महिला कल्याण द्वारा बजट प्राविधान के सापेक्ष अवशेष धनराशि की उपलब्धता की स्थिति में ही निर्गत किया जायेगा। (6) अवमुक्त धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किश्तों में किया जायेगा। (7) कार्यदायी संस्था द्वारा आगणन में अनुमोदित सीमा तकही सेंटेज चार्ज लिया जायेगा। (8) आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (9) परियोजना की लागत में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन न होफ अतः इस संबंध में शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश एवं बजट मैनुअल के प्रस्तर-22 में दिये गये निर्देशों काकड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (0) यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्यों की गुणवत्ता उच्चकोटि की हो तथा समय-समय पर सम्पादित कराये जा रहे निर्माण कार्यों की मानीटरिंग भी किया जायेगा। (i) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। (2) प्रश्नगत स्वीकृति मानक के संबंध में निदेशक, महिला कल्याण द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के आधार पर दी जा रही है, यदि मानक के संबंध में कोई सूचना गलत पायी जाती है तो इसका उत्तरदायित्व निदेशक, महिला कल्याण विभाग का होगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(3) Wadd धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान योजना से सम्बन्धित राज्य सरकार की गाइडलाइन्स का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। (4) योजनान्तर्गत बाटआउटस आइटम्स की श्रेणी से आच्छादित कार्यों हेतु कार्यदायी संस्था को कोई भी सेन्‍्टेज चार्ज देय नहीं होगा | (5) निदेशक, महिला कल्याण द्वारा प्रश्नगत निर्माण कार्य हेतु व्यय के प्रस्ताव/वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने हेतु पैरा-94 के तहत सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करेंगे। (6)qa प्रायोजना में 00 ass महिला शरणाल्रय का कुर्सी क्षैत्रफल 244.00 (aomo+si) प्रस्तावित था, जबकि पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में 00 बेडेड महिला शरणालय का कुर्सी क्षेत्रफल (3048.00 व0मी0+जी2) का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कार्यदायी संस्था द्वारा बिना सक्षम स्तर के अनुमोदन के ही 637.00 व०्मी० कुर्सी क्षेत्रफल में वृद्धि करते हुए महिला शरणालय भवन का निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त कार्यदायी संस्था द्वारा कुर्सी की अतिरिक्त ऊँचाई का कार्य सक्षम का अनुमोदन प्राप्त किये बिना ही करा लिया गया है। अतः कार्यदायी संस्था द्वारा बिना सक्षम स्तर के अनुमोदन (I7) (78) (9) के कुर्स क्षेत्रफल में वृद्धि व कुर्सी की अतिरिक्त ऊँचाई का कार्य कराये जाने के सम्बन्ध में निदेशालय, महिला कल्याण द्वारा स्वयं संतुष्ट होने के पश्चात्‌ ही अग्रेत्तर कार्यवाही किया जाना अपेक्षित है। पुनरीक्षित प्रायोजना में जीएसण्टी०ण,. दिनाक 0.07.20I7 से 8.07.2022 तक कराये गये कार्यों पर i2 प्रतिशत तथा दिनांक 8.07.2022 के उपरान्त कराये कार्यों पर ॥8 प्रतिशत अनुमन्य कर प्रायोजना की लागत को आकलित किया गया है। Waleed विभिन्‍न कार्यमदों से सम्बन्धित सामग्री की लागत प्रायोजना में उपभोग (CONSUMED) की गयी सामग्री यथा-सीमेन्ट स्टील इत्यादि की मात्राओं का अनुपातिक मिलान करते हुए जी०एस०टी० का भुगतान किया जाये। प्रश्नगत पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव आगणन में कराये गये कार्यो की लागत को प्रभाग द्वारा Wels की आकलित लागत में यथावत सम्मिलित करते हुए त्रागत को आंकलित किया गया है, जिसका समस्त उत्तरदायित्व निदेशालय, महिला कल्याण#/कार्यदायी संस्था का होगा। प्रायोजना के अन्तर्गत सोलर लाईट, सोलर पैनल, सोलर वाटर हीटर एवं स्टील रैक का प्रावधान किया गया है। अतः क्रियान्वयन से पूर्व कार्यदायी संस्था इस हेतु निर्माताओं से प्रतिस्पर्धी के आधार पर लागत I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |दरें प्राप्त करे। निदेशालय, महिला कल्याण द्वारा निर्माण के समय इनका क्रय एवं स्थापना सुसंगत वित्तीय नियमों के आधार पर सुनिश्चित कराया जाय। (20) प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप निदेशालय, महिला कल्याण द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण /सक्षम लोकल अथॉरिटी से स्वीकृत कराया जाय। (2) निदेशालय, महिला कल्याण द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियों एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। (22) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं एवं विशिष्टियों कोयथावत मानते हुए लागत का अनुमोदन किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/ निदेशालय, महिला कल्याण का होगा। (23) पी0एफ0ए0डी0. द्वारा Walser की लागत का आकलन प्रशासकीय /वित्तीयअनुमोदन तथा बजट आवंटन के उद्देश्य से किया गया है। पीएएफ0ए0डी0 का मत है कि प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात्‌ ही निर्माण प्रारम्भ कराया जाय। (24) पी0एफ0ए0डी0 द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्रावधानों को यथावत्‌ मानते हुए किया गया है, जिनमें कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियों इस्तेमाल करना इत्यादि, सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। निदेशालय, महिला कल्याण द्वारा इस आशय का उल्लेख सम्बन्धित स्वीकृति आदेश में सम्मिलित किया जायेगा। (25) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व निदेशालय, महिला कल्याण द्वारा यह सुनिश्चित कर लें कि उक्त कार्य न तो स्वीकृत है और न वर्तमान एवं भविष्य में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम में अच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। (26) प्रकरण में पी0एफ0ए0डी0 द्वारा दिए गए परामर्श/उल्लिखित प्रतिबन्धों का अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने का दायित्व निदेशक, महिला कल्याण का होगा। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 3,।4+,।8,000 (रुपये तीन करोड़ चौदह लाख अठारह हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-49 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |लेखा शीर्षक-423502030500-राजकीय महिला शरणालय एवं सदनों का निर्माण मानक मद-24 वृहत्‌ निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न यू0ओ0 AGA-E-4-77-x-2025-26, दिनांक 6.0i.2026 A प्राप्त वित्त विभाग की सहमति A निर्गत किये जा रहे है। भवदीय (प्रेम प्रकाश सिंह) संयुक्त सचिव संख्या एवं दिनांक तदैव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हद्ेतु प्रेषित:- l- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। 2- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। 3- मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ। 4- मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, निदेशालय महिल्रा कल्याण, उ0प्र0 लखनऊ। 5- वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-4 6- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। 7- ws फाइल। आज्ञा से, (अवनीश कुमार सिंह) अनु सचिव 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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