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संख्य ा-168 /2026/1440/चार-2026-2031643
प्रेषक,
राज कु मार
संयुक्त सनिव,
उत् तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
ननदेशक,
संस् कृ नत ननदेशालय,उ0प्र0
जवाहर भवन, लखनऊ।
संस्कृ तिअनुभाग लखनऊ:तिनांक:29मई, 2026
नवषय:- ज्ञान भारतम नमशन के अन्तगगत पाण्डुनलनप नमत्र रखे जाने हेतु प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नत प्रदान
नकये जाने के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपयुगक्त नवषयक कृ पया अपने पत्र संख् या-408/सं0नन0-15(25)/2026-27, नदनांक 19 मई, 2026 का
संदभग ग्रहि करने का कष्ट करें नजसके द्वारा ननदेशक, उ0प्र0 राजकीय अनभल ेखागार, लखनऊ के पत्र संख्या-
95/ नौ-70/2026-27 नदनांक 18 मई, 2026 व कै नबनेट सनिव, भारत सरकार, सेवा तीर्ग की अध्यक्षता में ‘ज्ञान
भारतम राष्टरीय पाण्डुनलनप सवे’ के संबंध में नदनांक 12 मई, 2026 को विुगअल माध्यम से सम्पन्न बैठक के
कायगवृत्त संख्या- 1/91/2025-CA.V नदनांक 14 मई, 2026 के नबन्दु 4.4 में नदये गये ननदेश के क्रम में 250
नवद्यानर् गयो ंकी कायगशाला कर 100 पाण्डुनलनप नमत्रो ं(यू0 जी0 सी0 की दरो ंके आधार पर रू0 1000/- प्रनतनदन
की दर से 15 नदवस हेतु) के ियन पर होने वाले व्यय रू0 15.00 लाख की स्वीकृ नत प्रदान नकये जाने के संबंध
में अनुरोध नकया गया है।
2. उपयुगक्त के क्रम में मुझे यह कहने का ननदेश हुआ है नक प्रस्तावानुसार ज्ञान भारतम नमशन के अन्तगगत
100 पाण्डुनलनप नमत्रो ं(यू0 जी0 सी0 की दरो ंके आधार पर रू0 1000/- प्रनतनदन की दर से 15 नदवस हेतु) को
रखे जाने पर होने वाले व्यय रू015.00लाख(रूपये-पन्द्रहलाखमात्र)की प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नत
प्रदान करते हुए ननम्ननलखख त शतों/ प्रनतबन् धो ं के अधीन धनरानश अवमुक् त करने की अनुमनत एतद्द्वारा श्री
राज् यपाल सहषग प्रदान करते हैं:-
शिें/प्रतिबन्ध:-
(1) स्वीकृ त धनरानश के आहरि/ व्यय एवं अन्य कायगवानहयो ं में नवत्त (आय - व्ययक) अनुभाग - 1 के
कायागलय ज्ञाप संख्या - 4/2026/बी-1-812/दस-2026-231/2025, नदनााँक- 28-मािग, 2026 में नदये
गये नदशा ननदेशो ंका पूिग अनुपालन सुनननच त नकया जायेगा।
(2) संस्कृ नत ननदेशालय द्वारा सुनननचत नकया जायेगा नक यह कायग न तो पूवग में नकसी अन्य योजना/कायगक्रम
के अन्तगगत स्वीकृ त है और न वतगमान में नकसी अन्य योजना/कायगक्रम से आच्छानदत नकया जाना
प्रस्तानवत है।
(3) उक्त स्वीकृ त धनरानश का भुगतान वास्तनवक नबल / बाउिसग के आधार पर नकया जायेगा।
(4) समस्त कायों का भौनतक सत्यापन कर ननधागररत मानको ंका अनुपालन करते हुए ननयमानुसार भुगतान
की कायगवाही सुनननचत की जायेगी।
(5) उक्त स्वीकृ त धनरानश का आहरि/उपयोग ननयमानुसार नकया जायेगा।
(6) उक्त स्वीकृ त धनरानश का व्यय ननधागररत समय-सीमा के अन्तगगत करते हुए कायग की पूिगता सुनननच त
की जायेगी।
(7) उक्त स्वीकृ नत इस प्रनतबंध के अधीन है नक उपरोक्त स्वीकृ त धनरानश आवंनटत मदी पर व्यय की
जायेगी, व्यय की अन्य मदो ंहेतु कदानप उपयोग नही ंनकया जायेगा।
(8) उक्त धनरानश ननदेशक, संस्कृ नत ननदेशालय के ननवतगन पर है, अतः बजट प्रानवधान के सापेक्ष धनरानश
की उपलब्धता का दानयत्व संस्कृ नत ननदेशालय का होगा। नवत्तीय स्वीकृ नत का आदेश संस्कृ नत
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।ननदेशालय द्वारा बजट प्रानवधान के सापेक्ष अवशेष धनरानश की उपलब्धता की खिनत में ही ननगगत नकया
जायेगा।
(9) धनरानश व्यय करने में समस्त नवत्तीय ननयमो ंका पालन सुनननचत नकया जायेगा। उक्त धनरानश को व्यय
नकये जाने में नवत नवभाग द्वारा समय-समय पर जारी एवं वतगमान में प्रभावी नमतव्यनयता संबंधी
शासनादेशों का कडाई से अनुपालन सुनननचत नकया जायेगा।
(10) स्वीकृ त धनरानश आहररत कर उ0 प्र0 राजकीय अनभल ेखागार, लखनऊ को उपलब्ध करायी जायेगी।
राजकीय अनभ लेखागार द्वारा धनरानश का व्यय नववरि संस्कृ नत ननदेशालय तर्ा शासन को एक माह में
उपलब्ध कराया जायेगा।
3. इस संबंध में होने वाला व्यय रू015,00,000.00(रूपयेपन्द्रहलाखमात्र)को िालू नवत्तीय वषग
2026-27 के आय-व्ययक के अनुदान सं0 92 के अन्तगगत लेखाशीषगक-2205-कला एवं संस्कृ नत-800-अन्य
व्यय -13-आजादी का अमृत काल महोत्सव-42 अन्य व्यय मद के नामे डाला जायेगा।
4. यह आदेश नवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1 के कायागलय- ज्ञाप संख्या - 4/2026/बी-1-812/दस-
2026-231/2025, नदनााँक- 28-मािग, 2026 में प्राप् त नदशा ननदेशो ं के अन् तगगत प्रशासकीय नवभागो ं को
प्रनतननधाननत अनधकारो ंके अन्त गगत ननगगत नकये जा रहे हैं।
भविीय,
राजकु मार
संयुक्तसतचव।
संख्य ाएवंतिनांकििैव।
प्रनतनलनप: ननम्न नलखखत को सूिनार्ग एवं आवश् यक कायगवाही हेतु प्रेनषत:-
1. महालेखाकार (लेखा व हकदारी) प्रर्म/नद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
2. महालेखाकार (लेखा - परीक्षा) प्रर्म/नद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
3. मुख्य कोषानधकारी, कोषागार,जवाहर भवन, लखनऊ।
4. ननदेशक, उ0 प्र0 राजकीय अनभ लेखागार, लखनऊ।
5. नवत् त ननयंत्रक, संस् कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0 लखनऊ।
6. नवत् त (व्यय ननयंत्रि) अनुभाग-7/नवत् त (आय-व्ययक) अनुभाग-1, उ0प्र0 शासन।
7. गाडग फाइल।
आज्ञासे,
राजकु मार
संयुक्तसतचव।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।