Date: 2026-01-27Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी लल्लू पुत्र श्री हसमत अली, निवासी जनपद-शाहजहांपुर की सामान्य दयायाचिका के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा जारी किया गया एक आदेश है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्रीय कारागार, बरेली में निरुद्ध सिद्धदोष बंदी लल्लू की सजा को माफ करता है। शाहजहांपुर के जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करना होगा कि अगर लल्लू को किसी अन्य मामले में हिरासत में रखने की आवश्यकता न हो तो उसे शांति बनाए रखने के लिए संतोषजनक जमानत और बांड प्रस्तुत करने के बाद रिहा कर दिया जाए। यह आदेश 27 जनवरी, 2026 को जारी किया गया है।
**मुख्य बातें**
* **सजा की माफी:**
* केंद्रीय कारागार, बरेली में कैद लल्लू की सजा माफ कर दी गई है।
* सजा को अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-04, शाहजहांपुर ने 23.10.1982 को धारा 302/34 में आजीवन कारावास के रूप में दी थी, और 10.04.2019 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने इसे बरकरार रखा था।
* **रिहाई की शर्त:**
* रिहाई इस शर्त पर है कि लल्लू को किसी अन्य मामले में हिरासत में रखने की आवश्यकता न हो।
* रिहाई के लिए उसे अपनी शेष सजा के दौरान शांति बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर द्वारा स्वीकृत जमानत और निजी मुचलका देना होगा।
* **वितरण:**
* इस आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0 लखनऊ; जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर; वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, बरेली; निजी सचिव, मा0 मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन और निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को भेजी गई है।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** लल्लू (कैदी)
**प्रभाव:** रिहाई के लिए पात्र हो जाता है यदि कोई अन्य गिरफ्तारी वारंट न हो और जिला मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर के पास बांड जमा करने की शर्तें पूरी करता हो।
**आवश्यक कार्रवाई:** यदि किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो, जेल से रिहाई हासिल करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर के साथ रिहाई के लिए आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करें।
**हितधारक:** जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर
**प्रभाव:** लल्लू की रिहाई को आसान बनाने के लिए शामिल।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि लल्लू को किसी अन्य मामले में हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है और जमानत की शर्तें पूरी होने के बाद रिहाई का समन्वय करें।
**हितधारक:** कारागार प्रशासन
**प्रभाव:** लल्लू को जेल से रिहा करना होगा।
**आवश्यक कार्रवाई:** जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर से रिहाई के कागजात मिलने पर लल्लू को जेल से रिहा कर दें।
Key Entities Referenced
अनुच्छेद-161: भारत के संविधान का अनुच्छेद जो राज्यपाल को क्षमादान की शक्ति प्रदान करता है।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2, उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो जेल प्रशासन और सुधार से संबंधित मामलों को देखता है।
केंद्रीय कारागार, बरेली: बरेली स्थित केंद्रीय जेल, जहाँ एक कैदी, लल्लू, को कारावास की सजा सुनाई गई है।
जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर: शाहजहांपुर जिले के जिला मजिस्ट्रेट, जिन्हें कैदी की रिहाई के लिए जमानत शर्तों को सत्यापित करना है।
पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0 लखनऊ: लखनऊ में स्थित उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन और सुधार सेवाओं के पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक।
रजिस्टर्ड/सील्ड
उत्तर प्रदेश शासन
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2
AAT-90/2026/897/22-2-2024-7(626)/2025
लखनऊ: दिनांक: 27 जनवरी, 2026
आदेश
उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल, भारत का संविधान के stelesda-64 के अधीन शक्तियों का
प्रयोग करते हुए केन्द्रीय कारागार, बरेली में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी लल्लू (बन्दी सं0-48722) पुत्र
श्री हसमत अली, जो मौहल्ला महमद जंगला, थाना-सदर बाजार, जनपद-शाहजहांपुर का निवासी है,
जिसे सत्र परीक्षण Aee-60/798i, भा0द0वि0 की धारा-302/34 A Alo saad, अपर सत्र
न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-04, शाहजहांपुर के आदेश दिनांक 23.0.982 द्वारा आजीवन कारावास से
दण्डित किया गया, जिसकी अपील AIO उच्च न्यायात्रय इलाहाबाद के आदेश fecih-0-04-209
द्वारा निर्णीत करते हुए आजीवन कारावास की सजा को यथावत रखा गया। बंदी द्वारा दिनांक
0.04.2024 तक अपरिहार 04 वर्ष, 0 माह, 08 दिन तथा सपरिहार 06 वर्ष, 02 माह 8 दिन की
सजा भोगी जाने, संतोषजनक जेल आचरण होने के दृष्टिगत शेष सजा का परिहार करते है तथा यह
आदेश देते हैं कि यदि उक्त बंदी को किसी अन्य वाद में निरूद्ध रखा जाना वांछित न हो तो उसे
अपनी शेष दण्डावधि में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिये जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर के
संतोषानुसार दो जमानतें तथा उतनी ही धनराशि का एक निजी मुचल्का प्रस्तुत करने पर बन्दी को
कारागार से मुक्त कर दिया जाय।
कमलेश कुमार
उप सचिव।
HAT-90/2026/4897()/22-2-2024 तददिनांक। दिनां |
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I- पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0 लखनऊ।
2- fate मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर।
3- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर।
4- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, बरेली।
5- निजी सचिव, AIO AA, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को AIO AAT के
सूचनार्थ।
6- निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को ATO
राज्य मंत्री के सूचनार्थ।
7- PRA प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उ0प्र0 शासन।
8- गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।
l. यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।