Home India दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग जनपद-आगरा में बचपन डे केयर सेन्टर के भवन निर्माण कार्य हेतु ...
Date: 2026-02-27 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद-आगरा में बचपन डे केयर सेन्टर के भवन निर्माण कार्य हेतु पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति सहित वित्तीय स्वीकृति (द्वितीय किस्त) के सम्बन्ध में।

Issued by दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग · दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document, issued by the Uttar Pradesh government on February 27, 2026, concerns the revised administrative and financial sanction, including the financial sanction for the second installment, for the construction of a 'Bachpan Day Care Center' in Janpad-Agra. The document approves the release of ₹150.00 lakh as the second installment, subject to several terms and conditions. This approval is contingent upon the consent received from the Finance Department on February 26, 2026. **Key Points / Main Content** * **Financial Approval:** * Sanctions the release of ₹150.00 lakh (Rupees One Crore Fifty Lakh only) as the second installment for the construction of the Day Care Center in Janpad-Agra. * The revised cost of the project is ₹420.09 lakh, based on the tender value. * **Conditions and Restrictions:** * The expenditure should be within the sanctioned budget and adhere to financial regulations and government orders. * Director, Divyangjan Empowerment Department and the executing agency will be responsible for the correct drawing and expenditure of funds. * Any funds generated from unusable equipment must be deposited in the treasury. * No revisions will be accepted later in the proposed work. * The quality of work must be of high standards. * The sanctioned amount should be drawn in installments as needed and not kept in PLA/bank accounts. * The construction work should be completed on time and the budget guidelines should be followed. * Strict adherence to the terms and conditions outlined in Government Order No. 90/2025/I/1130158/2025/FileNo.65-2099/198/2023 dated 03.11.2025. * **Expenditure Allocation:** * Expenditure will be charged to the budget head "4235-Social Security and Welfare" under the relevant grant for the financial year 2025-26. **Impact Analysis** **Director, Divyangjan Empowerment Department, Uttar Pradesh, and Executing Agency** * **Impact:** * Responsible for adhering to financial rules, government orders, and ensuring quality of construction. * Full responsibility for drawing the money and expenses. * **Action Required:** * Ensure compliance with the terms and conditions specified in the document. * Complete the construction work within the stipulated time frame. * Obtain necessary statutory clearances. **Finance Department** * **Impact:** * The release of funds is subject to their prior consent. * **Action Required:** * Monitor the expenditure and ensure it aligns with approved allocations. **Construction and Design Services (U.P. Jal Nigam)** * **Impact:** * Responsible for the successful construction of the project. * **Action Required:** * Ensure the successful construction of the project.

Key Entities Referenced

Divyangjan Sashaktikaran Vibhag (Department of Empowerment of Persons with Disabilities): The primary department responsible for the implementation and oversight of the project. Janpad-Agra: The specific district where the 'Bachpan Day Care Center' is to be constructed, making it the location most central to the policy's applicability. Bachpan Day Care Center: The scheme/program that is the subject of this document, regarding the construction and financial approvals for the building in Agra. Finance Department, Uttar Pradesh: Referenced due to their role in approving the expenditure and financial aspects of the project, and the need for their consent. Shasanadesh (Government Order): Multiple references to previous government orders which are critical for understanding the historical and regulatory context of the current order.
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Weat-36/2026/I/253283/2026/File |४०.65-2099/498/2023 प्रेषक, राकेश कुमार यादव, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। दिवयांगजन सशक्तीकरण अनुभाग-2 लखनऊ: दिनांक 27 फरवरी, 2026 विषय: जनपद-आगरा में बचपन डे केयर सेन्टर के भवन निर्माण कार्य हेतु पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति सहित वित्तीय स्वीकृति (द्वितीय किस्त) के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक अपने पत्र संखया-4746/दि0ज0स0वि0/निर्माण/बचपन-आगरा/2025-26 दिनांक 20.02.2026 का कृपया सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा जनपद-आगरा में बचपन डे केयर सेन्टर के भवन निर्माण कार्य हेतु वित्त विभाग के शासनादेश दिनांक 77.05.2023 के प्रस्तर-2(2)(॥) में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार कार्यदायी संस्था के स्तर पर निविदा प्रक्रिया के पश्चात निविदा से प्राप्त मूल्य के अनुसार प्रश्नगत कार्य की लागत रू0 420.09 लाख (रू0 चार करोड़ बीस लाख नौ हजार मात्र) को पुनरीक्षित कराते हुये द्वितीय het के रूप में रू0 50.00 लाख (रू0 करोड़ पचास लाख मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही कराये जाने की अपेक्षा की गयी है। 2. अवगत कराना है कि जनपद-आगरा में बचपन डे केयर सेन्टर के भवन निर्माण कार्य हेतु मूल्यांकित लागत रू0 435.24 लाख (रूपये चार करोड़ पैंतीस लाख इक्कीस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा इस कार्य हेतु प्रथम किश्त के रूप में रु० 00.00 लाख की धनराशि शासनादेश संख्या- 55/2024/आई/844844/2024/65-2099/98/2023 दिनांक 03.42.2024 द्वारा एवं उक्त कार्य हेतु रू0 429.88 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति शासनादेश संख्या-90/2025/॥/ 73058/2025/FileNo.65-2099/7 98/2023 दिनांक 03.44.2025 द्वारा निर्गत की गयी है। 3. अतः इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया वित्त विभाग के शासनादेश दिनांक 47.05.2023 के प्रस्तर-2(2)(4) में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार जनपद-आगरा में बचपन डे केयर सेन्टर के भवन निर्माण कार्य की निविदा से प्राप्त मूल्य के अनुसार पुनरीक्षित लागत रू0 420.09 लाख (SO चार करोड़ बीस लाख नौ हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृत तथा इस कार्य हेतु द्वितीय किश्त के रूप में रू0 (50.00 लाख (रू0 करोड़ पचास लाख मात्र) की वित्तीय स्वीकृत को व्यय किये जाने 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |हेतु आपके निवर्तन पर रखे जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान करते हैं:- (i) प्रश्नगत कार्य हेतु धनराशि राज्य बजट से स्वीकृत की जा रही Sl धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार व नियमानुसार किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग एवं कार्यदायी संस्था का होगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों तथा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों के अनुरूप सुनिश्चित किया जायेगा। (ii) स्वीकृत धनराशि आहरण/ब्यय एवं अन्य कार्यवाहियों में वित्त आय-व्ययक अनुभाग- कार्यालय ज्ञाप WeAT-6/2025/at--352/e4-2025-23/2025 दिनांक 27.03.2025 एवं वित्त (लेखा) अनुभाग-2 द्वारा निर्गत शासनादेश संख्या-0/2023/ए-2-60/दस-2023-47(4)/75 दिनांक 47 मई, 2023 में दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशकतीकरण विभाग, SOTO का होगा। (ii) निष्प्रयोज्य होने वाले उपकरणों/सामग्री से प्राप्त धनराशि राजकोष में जमा करना निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 एवं कार्यदायी संस्था द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। (५) उक्त प्रस्तावित कार्य से संबंधित कोई पुनरीक्षण भविष्य में स्वीकार नहीं किया जायेगा। (५) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं एवं विशिष्टियों को यथावत मानते हुये लागत का परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा। (vi) कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की होगी। यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्यों की गुणवत्ता उच्चकोटि की हो तथा समय- समय पर सम्पादित कराये जा रहे निर्माण कार्यों की मानीटर्रिंग भी की जायेगी। (vil) अवमुक्त धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किश्तों में किया जायेगा। स्वीकृत की जा रही धनराशि को पी0एल000/बैंक खाते इत्यादि में नहीं रखा जायेगा | (viii) कार्यदायी संस्था द्वारा आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज चार्ज लिया जायेगा। आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (ix) प्रायोजना का निर्माण कार्य निर्धारित अविधि में ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय, जिससे टाईम ओवर रन एवं कास्ट ओवर रन की स्थिति उत्पन्न न हो। अतः इस संबंध में शासन द्वारा निर्गत दिशा निर्देश एवं बजट मैनुअल के WeAL-22 में दिये गये निर्देशों का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (X) आगणन का परीक्षण आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं तद्नुसार प्रस्तावित प्राविधानों को यथावत मानते हुए किया गया है, जिनमें उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, कार्यों के आकार/क्षेत्रफल में वृद्धि तथा उच्च विशिष्टियाँ इस्तेमाल करना इत्यादि, सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा इस आशय का उल्लेख संबंधित स्वीकृति आदेश में भी किया जायेगा। (xi) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (ड्प्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्ृतीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान एवं भविष्य में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। (xii) जिस कार्य/मद में वित्तीय स्वीकृति की जा रही है, उसका उपयोग नियमानुसार उसी कार्य/मद हेतु किया जायेगा और इसका समस्त दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी संस्था का होगा। (xiii) निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा। (xiv) प्रश्नगत स्वीकृति मानक के संबंध में निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के आधार पर दी जा रही है, यदि मानक के संबंध में कोई सूचना गलत पायी जाती है, तो उसका उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी संस्था का होगा। (xv) यह सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशकतीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी संस्था का होगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित नहीं है तथा इस हेतु पूर्व में किसी अन्य योजना/खस्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है। (xvi) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्रावधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किये जाने का पूर्ण दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी संस्था का होगा। (xvii) वित्त विभाग के समय-समय पर निर्गत सुसंगत शासनादेशों एवं इस शासनादेश में अंकित शर्तों का अनुपालन निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, SOW एवं निदेशालय में तैनात वित्त नियंत्रक/ लेखाधिकारी/वित्तीय सलाहकार द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। (XViii) TATA धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान योजना से सम्बन्धित राज्य सरकार/भारत सरकार की गाइडलाइन्स का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। स्वीकृत की जा रही धनराशि पर कार्यदायी संस्था द्वारा जो भी ब्याज अर्जित किया जायेगा, वह नियमानुसार राजकोष में जमा कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। (xix) प्रायोजना की लागत का आकलन प्रशासकीय/वित्तीय अनुमोदन तथा बजट आवंटन के उद्देश्य से किया गया है। (xx) योजनार्न्गत बाटआउटस आइटसम्स की श्रेणी से आच्छादित कार्यों हेतु कार्यदायी संस्था को कोई भी सेन्टेज चार्ज देय नहीं होगा | (000) प्रश्नगत कार्य हेतु आंकलित लागत के अन्तर्गत उल्लिखित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने का दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी संस्था का होगा। (xxii) प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। (xxv) शासनादेश संख्या-90/2025॥/4430458/2025/7॥2५०.65-2099/498/2023. दिनांक 03.7.2025 की शर्तें यथावत रहेंगी। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4... उपर्युक्त निर्माण कार्य पर होने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या-79 के लेखाशीर्ष 4235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण पर पूंजीगत परिव्यय-02-समाज कल्याण- 404-विकलांग व्यक्तियों का कल्याण-48-बचपन डे केयर सेंटर्स का भवन निर्माण-24-वृहत्‌ निर्माण कार्य मद के नामे डाला जायेगा। 5. यह आदेश वित्त विभाग के अशा0 संख्या-£-4-234->(-2025-26 दिनांक 26.02.2026 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीय, राकेश कुमार यादव संयुक्त सचिव। संख्या/दिनांक तदैव। प्रतिलिपि-निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- d. महालेखाकार-लेखा एवं हकदारी प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज | 2. मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ | 3. जिलाधिकारी, आगरा | 4. प्रबन्ध निदेशक, कन्स्ट्रक्शन एण्ड डिजाईन सर्विसेज (उ0प्र0 जल निगम), लखनऊ/ परियोजना प्रबंधक, Pease एण्ड ated सर्विसेज, उ0प्र0 जल निगम, आगरा। 5. उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, आगरा मण्डल, आगरा। 6. जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, आगरा। 7. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-4/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/राज्य योजना आयोग-4। 8. गार्ड फाइल | आज्ञा से, राकेश कुमार यादव संयुक्त सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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