**Policy Summary**
This policy, effective August 20, 2025, focuses on educational standards and assessments. It outlines changes and goals for the year 2024, building upon previous initiatives from 2020. Key components include adjustments to examination structures and evaluation methodologies for students in grades 3, 6, and 9. A budget of 74,000 (currency unspecified) was allocated in 2020, with subsequent expenditures of 21.15 and 2.70. Specific targets for 2024 include achieving scores of 64 for a cohort of 60, 57 for a cohort of 46, and 54 for a cohort of 37 in grades 3, 6, and 9 respectively. Further information and resources are available at: https://dashboard.parakh.ncert.gov.inen. The policy references performance data from 2020, 2022 and 2023, with a baseline established in 2021. There appears to be a focus on improving student outcomes and refining assessment practices to better measure and support educational progress. The policy also mentions modules and a review process involving various stakeholders.
Key Entities Referenced
2024: A year mentioned frequently in the document, possibly indicating a target year for the policy.
2020: A year mentioned in relation to some data or initiatives, possibly the start of a program.
PARAKH: An initiative or platform, as indicated by the URL dashboard.parakh.ncert.gov.in.
NCERT: National Council of Educational Research and Training, the organization related to the PARAKH dashboard.
2022: A year mentioned, potentially indicating a timeline or period of activity covered by the policy.
2023: A year mentioned, potentially indicating a timeline or period of activity covered by the policy.
21.15: A numerical value, likely representing a percentage or quantity within the policy's data.
74,000: A numerical value, likely representing a quantity or target within the policy's data.
भारत सरकार
शिक्षा मंत्रालय
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग
लोक सभा
अताराांककत प्रश् न सांख् या- 3621
उत् तर देने की तारीख 11/08/2025
'परख' सर्वेक्षण की समीक्षा
†3621. श्री श्रीभरत मतुकुममल्ली:
क्या मिक्षा मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कक:
(क) क्या सरकार ने हाल के राष्ट्रव्यापी 'परख' आरएस सिेक्षण, जिसने 21 लाख से अधिक
छात्रों का आकलन ककया है और वििषे रूप से अनुप्रयुक्त गणणत और विश्लेषणात्मक पठन में
अत्यधिक शिक्षण अतं राल पर प्रकाि डाला है, की समीक्षा की है और यदद हां, तो तत्संबंिी
ब्यौरा क्या है;
(ख) समस्या-समािान और समझ कौिल में सुिार करने के शलए कक्षा 6 से 9 हेतु बनाई गई
विशिष्ट्ट नीतत या िैक्षणणक हस्तक्षेपों - िैसे स्थानीयकृत उपचारात्मक काययक्रम, शिक्षक कौिल
उन्नयन या पाठ्यक्रम पनु रयचना का ब्यौरा क्या है;
(ग) क्या सरकार अच्छा प्रदिनय नहीं करने िाले विद्यालयों, वििषे कर प्रारंशभक संख्यात्मकता
िैसे क्षेत्रों में वपछड़ रहे सरकारी और केंद्रीय विद्यालयों के शलए लक्षक्षत सहायता िुरू करेगी
और यदद हां, तो तत्संबंिी ब्यौरा क्या है; और
(घ) क्या इन क्षेत्रों में प्रगतत को अनुिती 'परख' या एनएएस चक्रों के माध्यम से रैक ककया
िाएगा, जिसमें जिला-स्तरीय सुिारों को साििय तनक ककया िाएगा?
उत्तर
मिक्षा मांत्रालय में राज् य मांत्री
(श्री जयन् त चौधरी)
(क) और (ख): परख राष्ट्रीय सिेक्षण 2024 का आयोिन राष्ट्रीय मूलयांकन केंद्र, परख,
एनसीईआरटी द्िारा स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय के तत्िाििान में ककया
गया था ताकक स्कूली शिक्षा के आिारभूत, प्रारंशभक और मध्य चरणों (क्रमिः कक्षा 3, 6 और9) के अतं में छात्रों के बीच दक्षताओं के विकास में राष्ट्रीय शिक्षा नीतत (एनईपी) 2020 के तहत
आिारभूत प्रदिनय को समझा िा सके।
देि भर में 781 जिलों के 74,000 से अधिक स्कूलों के 21.15 लाख से अधिक छात्रों और 2.70
लाख शिक्षकों एिं स्कूल प्रमुखों ने इस मूलयांकन में भाग शलया। परख राष्ट्रीय सिेक्षण 2024
के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर भाषा और गणणत में छात्रों के प्रदिनय का वििरण नीच े ददया गया
है:
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में राष्ट्रीय प्रदिनश (प्रततित सही स्कोर)
कक्षा भाषा गणणत
64 60
कक्षा 3
57 46
कक्षा 6
54 37
कक्षा 9
परख राष्ट्रीय सिेक्षण 2024 के शलए राष्ट्रीय, राज्य और ज़िला स्तरीय ररपोटय, पररणामों के
विस्ततृ विश्लेषण सदहत, https://dashboard.parakh.ncert.gov.in/en पर उपलब्ि हैं, िो मूलयांकन-
सह-सिेक्षण के तनष्ट्कषों को प्रसाररत करने के शलए एक समवपतय पोटयल है। यह पोटयल राज्यों/सघं
राज् य क्षेत्रों के नीतत तनमायताओं को अधिगम पररणामों और ऐसे पररणामों को प्रभावित करने
िाले प्रासंधगक चरों पर म़िबूत, ज़िला-स्तरीय डटे ा प्रदान करता है ताकक िे संबंधित राज्य/ सघं
राज् य क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा की गुणित्ता और प्रभाििीलता बढाने के शलए डेटा-आिाररत, स्थानीय
हस्तक्षेप तैयार कर सकें।
शिक्षा संवििान की समिती सूची में है और अधिकांि स्कूल संबंधित राज्य और संघ राज् य
क्षेत्रों की सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आत े हैं। परख राष्ट्रीय सिेक्षण 2024 डिै बोड य के माध्यम
से, केंद्र सरकार राज्यों और संघ राज् य क्षेत्रों को कक्षा 6 और 9 सदहत विशभन्न स्तरों पर
महत्िपूण य शिक्षण कशमयों की पहचान करने में सहायता करती है, और ऐसी कशमयों को पूरा
करने के शलए संभावित हस्तक्षेपों का सुझाि देती है।
इसके अलािा, केंद्र सरकार समग्र शिक्षा िैसी केंद्र प्रायोजित योिनाओ ं के माध्यम से राज्यों
और संघ राज् य क्षेत्रों को सहायता प्रदान करती है, जिसमें विशभन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से
गुणित्तापूण य शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंदद्रत करते हुए वित्तीय सहायता प्रदान की िाती है,
जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों का सेिाकालीन प्रशिक्षण, अनुकूलशिक्षण िातािरण प्रदान करने के शलए प्रत्येक स्कूल को समग्र स्कूल अनुदान, पुस्तकालय, खेल
और िारीररक गततविधियों के शलए अनुदान, राष्ट्रीय आविष्ट्कार अशभयान, आईसीटी और डडजिटल
पहलों के शलए सहायता, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपलजब्ि सिेक्षण का संचालन, स्कूल नेतत्ृ ि
विकास कायक्रय म, िैक्षणणक रूप से कमिोर छात्रों के शलए उपचारात्मक शिक्षण आदद िाशमल
हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीतत (एनईपी) 2020 में पररकजलपत योग्यता-आिाररत शिक्षा के साथ पाठ्यक्रम
को संरेणखत करने के शलए, एनसीईआरटी ने व् यापक फाउंडिे न स्टेि के शलए राष्ट्रीय पाठ्यचयाय
रूपरेखा (एनसीएफ-एफएस) 2022 और स्कूल शिक्षा के शलए राष्ट्रीय पाठ्यचयाय रूपरेखा
(एनसीएफ-एसई) 2023 पेि की है, िो स्कूली शिक्षा के विशभन्न चरणों में प्राप्त की िाने िाली
योग्यताओ ं को पररभावषत करती है और इस े परू े भारत में स्कूल बोडों द्िारा अपनाया िा
सकता है।
(ग): स्कूल शिक्षा एिं साक्षरता विभाग (डीओएसईएंडएल), शिक्षा मंत्रालय ने 5 िुलाई, 2021 को
'समझ के साथ पढने और अकं गणणत में दक्षता के शलए राष्ट्रीय पहल (तनपुण भारत)' नामक
एक राष्ट्रीय शमिन िुरू ककया है, ताकक यह सुतनजश्चत ककया िा सके कक देि का प्रत्येक बच्चा
कक्षा 2 के अतं तक अतनिाय य रूप से बुतनयादी साक्षरता और अकं गणणत (एफएलएन) प्राप्त कर
ले। डीओएसईएंडएल के दायरे में आने िाले सभी केंद्र सरकार के स्कूल, जिनमें केंद्रीय विद्यालय
और 36 राज्य/ संघ राज् य क्षेत्र िाशमल हैं, तनपणु भारत शमिन को कायायजन्ित कर रहे हैं।
तनपुण के अतं गतय पहलों में 'िादईु वपटारा (िेपी)' िाशमल है, िो 3 से 6 िषय आयु िग य के शलए
शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) का संग्रह है, जिसमें णखलौने, खेल, पहेशलयााँ, कठपुतशलया,ाँ
पोस्टर, फ्लैिकाड,य कहानी काड,य छात्रों के शलए प्ले बुक सेट और शिक्षकों के शलए हैंडबुक िाशमल
हैं और इसका ऐप और िेबसाइट संस्करण 'ई-िादईु वपटारा (ई-िेपी)' है, जिसमें निीनतम
तकनीक का एकीकरण है िो खेल-आिाररत शिक्षािास्त्र, मातभृ ाषा में एफएलएन सीखने के शलए
121 स्थानीय भाषाओं में प्राइमर और विद्या प्रिेि - 3 महीने का खेल आिाररत 'स्कूल तैयारी
मॉड्यूल और ददिातनदेि' है, िो विविि पष्ट्ृ ठभूशम से कक्षा- I में प्रिेि करने िाले सभी बच्चों में
स्कूल की तैयारी को बढािा देता है और समग्र विकास के शलए एक आनंदमय और उत्तेिक
िातािरण में खेल आिाररत, आयु और विकास के अनुसार उपयुक्त सीखने के अनुभि प्रदान
करता है।
उपरोक्त के अलािा, एनसीईआरटी के राष्ट्रीय मूलयांकन केंद्र- परख ने समग्र प्रगतत काड य और
योग्यता-आिाररत मूलयांकन उपकरणों सदहत, एफएलएन पररणामों को बेहतर बनाने के शलए
संरधचत िैक्षणणक हस्तक्षेप विकशसत ककए हैं। इन उपायों के कायायन्ियन की तनगरानी राज्यऔर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदिनय ग्रेडडगं सूचकांक (पीिीआई), आिधिक अधिगम मूलयांकन, विद्या
समीक्षा केंद्र और राज्य स् कूल मानक तनिायरण प्राधिकरणों के माध्यम से तनयशमत रूप से की
िाती है ताकक वपछड़ े क्षेत्रों में लक्षक्षत सहायता प्रदान की िा सके।
(घ): भारत सरकार, राष्ट्रीय उपलजब्ि सिेक्षण (एनएएस), जिसे अब 'परख राष्ट्रीय सिेक्षण' कहा
िाता है, के माध्यम से समय-समय पर देि भर के स्कूलों में अधिगम पररणामों को मापने के
शलए बड़ े पैमाने पर मूलयांकन करती है। मूलयांकन-सह-सिेक्षण के तनष्ट्कषों को समवपतय िेबसाइट
के माध्यम से साििय तनक ककया िाता है ताकक दहतिारकों को स्कूलों में सीखने केपररणामों में
सुिार हेतु लक्षक्षत, स्थानीय हस्तक्षेप तैयार करने हेतु सुदृढ, जिला-स्तरीय डटे ा उपलब्ि कराया
िा सके।
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