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EXTRAORDINARY
Hkkx I—[k.M 1
PART I—Section 1
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PUBLISHED BY AUTHORITY
la- 259] ubZ fnYyh] lkseokj] tqykbZ 30] 2018@Jko.k 8] 1940
No. 259] NEW DELHI, MONDAY, JULY 30, 2018/SHRAVANA 8, 1940
पपपप(cid:3)(cid:3)ेे(cid:3)(cid:3)ेे ोोोोििििललललययययमममम औऔऔऔरररर (cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)ााााककककृृृृििििततततकककक गगगगससैैससैै मममम(cid:21)(cid:21)(cid:21)(cid:21)ंंंं ााााललललयययय
शशशशििुुििुु (cid:24)(cid:24)(cid:24)(cid:24) पपपप(cid:21)(cid:21)(cid:21)(cid:21)
नई (cid:4)द(cid:6) ली, 23 जुलाई, 2018
रररराााा(cid:25)(cid:25)(cid:25)(cid:25)(cid:3)(cid:3) (cid:3)(cid:3) ीीीीयययय जजजजववववैैैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधनननन ननननीीीीिििितततत –––– 2222000011118888 ककककाााा ससससशशंंशशंं ोोोोििििधधधधतततत पपपपाााांतंतंतंतरररर
फफफफाााा.... सससस..ंं..ंं पपपपीीीी----11113333000033332222 ((((11116666))))////11118888////2222000011117777----ससससीीीीससससीीीी....————रा(cid:11) (cid:12)ीय जैव-(cid:13)धन नीित-2018 क(cid:18) अं(cid:21)जी और िह(cid:25) दी (cid:26)पातं र को
(cid:4)दनाकं 4 जनू , 2018 क(cid:30) अिधसूचना स.ं पी-13032 (16)/18/2017-सीसी !ारा 8 जून, 2018 को सरकारी राजप’ म (cid:18)
)कािशत (cid:4)कया गया था। तथािप अिधसचू ना के िह(cid:25) दी (cid:26)पांतर म(cid:18) कुछ िवसंगितया ं 3 यान म (cid:18) आई ह।5 तदनसु ार, पूव6 म(cid:18)
अिधसिू चत िह(cid:25)द ी (cid:26)पांतर के अिध7मण म (cid:18) एक शुि: प’ जारी करन ेऔर रा(cid:11)(cid:12) ीय जवै -(cid:13)धन नीित-2018 का सशं ोिधत िह(cid:25)द ी
(cid:26)पातं र पुन: अिधसूिचत करने का िनण6य िलया गया ह।ै
2. नीित का संशोिधत िह(cid:25)द ी पाठ अनलु =न क म (cid:18)(cid:4)दया गया ह।ै
संदीप पौ? डरीक, संयुAत सिचव
रररराााा(cid:25)(cid:25)(cid:25)(cid:25)(cid:3)(cid:3) (cid:3)(cid:3) ीीीीयययय जजजजववववैैैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधनननन ननननीीीीिििितततत –––– 2222000011118888
1111....0000 (cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)!!!!तत तत ााााववववननननाााा
1.1 भारत दिुनया क(cid:30) सबस े तजे ी स े बढ़ती अथ6DवEथाF म (cid:18)स े एक ह ैऔर आगामी कुछ दशकG तक जनसािं Hयक(cid:30)य लाभ भी
इसे िमलता रहगे ा। िवकास का उLेMय समावेश पर क(cid:18)(cid:4)Nत ह,ै समावेश अथात6 राOीय िवकास, )ौPोिगक(cid:30) उQयन एवं Rमता
िनमा6ण, आSथक िवकास, इ(cid:4)Tटी और मानव क(cid:6)याण का साझा िवजन। नागWरकG के जीवन Eतर को बढ़ाने के िलए ऊजा 6एक
महYवपूण 6 इनपुट है। दशे क(cid:30) ऊजा6 नीित का उLेMय ऊजा 6 Rे’ म(cid:18) सरकार क(cid:30) हाल क(cid:30) महYवाकाRं ी घोषणाF को जीवाMम
(cid:13)धन आधाWरत Rमता क(cid:30) 40% से अिधक साझदे ारी का उLेMय ह।ै भल ेही आन े वाले दशक म (cid:18)तेल, गैस, कोयला, नवीकरणीय
4406 GI/2018 (1)2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
संसाधनG, परमाणु और हाइ\ो ऊजा6 के योगदान म (cid:18) सभं ािवत िवEतार हो, ऊजा 6 भंडार म (cid:18) जीवाMम (cid:13)धन क(cid:30) एक ख़ासी
िहEसेदारी जारी रहेगी। हाला(cid:4)ं क, परंपरागत या जीवाMम (cid:13)धन संसाधन सीिमत, गैर- नवीकरणीय और )दषू णकारी ह,5
इसिलए इनका समझदारी स े उपयोग (cid:4)कए जान े क(cid:30) आवMयकता ह ै । जब(cid:4)क दसू री ओर, नवीकरणीय ऊजा 6 ससं ाधन Eवदशे ी,
गैर )दषू णकारी और वाEत व म(cid:18) अRय ह।5 भारत )चरु नवीकरणीय ऊजा 6 ससं ाधनG स े संपQ ह।ै इसिलए, हर सभं व तरीके स े
इनका उपयोग )ोYसािहत (cid:4)कया जाना चािहए। राOीय जैव (cid:13)धन नीित – 2018, जैव (cid:13)धन पर पहले क(cid:30) राOीय नीित क(cid:30)
उपलि‘धयG पर आधाWरत ह ै और नवीकरणीय Rे’ म(cid:18) उभरती aई िवकास क(cid:30) पनु : पWरभािषत भूिमका के अनcु प नए एज(cid:18)डे
का िनमा6ण करती ह।ै
1.2 िवd बाजार म(cid:18) कeे तले क(cid:30) क(cid:30)मत म (cid:18)उतार-चढ़ाव होता रहा ह।ै इस तरह के उतार-चढ़ाव दिुनया भर क(cid:30) िविभQ
अथD6 वEथाF म,(cid:18) िवशषे cप से, िवकासशील दशे G पर दबाव डाल रह े ह।5 सड़क पWरवहन Rे’ भारत के सकल घरेलू उYपाद
(जीडीपी) का 6.7% ह।ै वत6मान म,(cid:18) पWरवहन (cid:13)धन क(cid:30) 72% अनमु ािनत मांग केवल डीजल और इसके बाद पे(cid:12)ोल 23% मांग
और शषे अ(cid:25)य (cid:13)धन जसै े सीएनजी, एलपीजी इY या(cid:4)द परू ी करत े ह 5 िजनक(cid:30) मांग लगातार बढ़ रही ह।ै अEथायी अनमु ानG न े
सकं ेत (cid:4)दया ह ै (cid:4)क िवn वष6 2017-18 म(cid:18) पे(cid:12)ोिलयम उYपादG के Eवदशे ी उपभोग के िलए 210 एमएमटी कeा तेल आवMयक
ह।ै घरेल ूकeे तेल का उYपादन केवल 17.9% मांग को पूरा करन ेम(cid:18) सRम ह,ै जब(cid:4)क शषे आयाितत कe े तेल स े पूरा होता ह।ै
जब तक Eवदशे ी तौर पर उYपा(cid:4)दत नवीकरणीय फ(cid:30)डEटॉक के आधार पर पे(cid:12)ो आधाWरत (cid:13)धन का िवक(cid:6)प/परू क वकै ि(cid:6)पक
(cid:13)धन का िवकास नहs होता तब तक भारत क(cid:30) ऊजा 6 सरु Rा कमजोर रहगे ी। इन tचताF को दरू करने के िलए, सरकार न े
2022 तक आयात िनभर6 ता को 10 )ितशत तक कम करन ेका लuय रखा है।"
1.3 सरकार ने पांच आयामी नीित अपनाकर, िजसम(cid:18) घरेल ू उYपादन बढ़ाना, जैव (cid:13)धन और नवीकरण, ऊजा6 दRता
मानदडं अपनाना, Wरफाइनरी )(cid:4)7याF म (cid:18) सुधार और मांग )ितEथापन शािमल करके तले और गैस Rे’ म (cid:18) आयात िनभर6 ता
को कम करन े के िलए एक रोड मैप तैयार (cid:4)कया ह।ै इसम(cid:18) भारतीय ऊजा 6 बाE केट म (cid:18) जैव (cid:13)धन के िलए एक रणनीितक भूिमका
क(cid:30) पWरक(cid:6)पना क(cid:30) गई ह।ै
1.4 जैव (cid:13)धन नवीकरणीय बायोमास ससं ाधनG और अपिशx पदाथy जसै े zलािEटक, नगरपािलका ठोस अपिशx
(एमएसड‘लू), अपिशx गसै G आ(cid:4)द से )ा{ (cid:4)कया जाता ह ैऔर इसिलए पारंपWरक ऊजा6 ससं ाधनG क(cid:30) आपSू त !ारा पया6वरण के
अनकु ूल संपोषणीय तरीके से, आयाितत जीवाMम (cid:13)धन पर िनभर6 ता कम करन े और भारत क(cid:30) शहरी और िवशाल (cid:21)ामीण
आबादी क(cid:30) ऊजा6 आवMयकताF को परू ा करने के िलए उe Eतर क(cid:30) राOीय ऊजा6 सुरRा )दान करन ेक(cid:30) आवM यकता ह।ै
1.5 ऊजा 6 सरु Rा और पया6वरण सबं ंधी मुददG के कारण विै dक Eतर पर जैव (cid:13)धन को महYवपूण6 माना गया ह।ै जैव
(cid:13)धन के उपयोग को )ोYसािहत करने के िलए कई दशे G ने अपनी घरेलू आवMयकताF के अनcु प िविभQ काय6)णािलयG,
)ोYसाहन और सि‘सडी के मा3य म को अपनाया ह।ै (cid:21)ामीण िवकास और रोजगार सृजन के िलए एक )भावी उपकरण के cप
म(cid:18), )ाथिमक दिृxकोण एक )थम उपाय के cप म (cid:18)भारत म(cid:18) जवै (cid:13)धन म (cid:18)Eवदशे ी फ(cid:30)डEटॉक के उYपादन को बढ़ावा दने ा ह।ै
1.6 िपछल े दशक म(cid:18), सरकार ने एथेनॉल िमि}त पे(cid:12)ोल काय76 म, राOीय बायो डीजल िमशन, बायोडीजल अपिम}ण
काय67म जैस ेसुDविEथत काय76 मG के मा3यम से दशे म(cid:18) जैव (cid:13)धन को बढ़ावा देने के िलए कई )यास (cid:4)कए ह।5 िपछल े अनुभवG¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3
और मांग आपूSत क(cid:30) िEथित के आधार पर, सरकार न े मू(cid:6)य िनधार6 ण, )ोYसाहन, इथेनॉल उYपादन के िलए वकै ि(cid:6)पक माग 6
खोलकर, थोक और खुदरा (cid:21)ाहकG को बायोडीजल क(cid:30) िब7(cid:30), अनसु ंधान एवं िवकास आ(cid:4)द पर 3यान क(cid:18)(cid:4)Nत करके इन काय67मG
म(cid:18) सधु ार (cid:4)कया ह।ै इन उपायG से दशे म (cid:18)जैव (cid:13)धन काय76 म म (cid:18)सकाराYमक )भाव पड़ा ह।ै
1.7 भारत म(cid:18) जैव (cid:13)धन का काय6नीितक महYव ह,ै AयG(cid:4)क इससे सरकार !ारा चलाए जा रह ेमेक इन इंिडया और Eव~छ
भारत अिभयान जसै े )यासG म (cid:18) अ~छ े पWरणाम )ाz त हो रह े ह 5 और यह (cid:4)कसानG क(cid:30) आय को दगु ुना करन,े आयात म(cid:18) कमी
करन,े रोजगार सृजन करन,े अपिशx स े स(cid:127) पदा का िनमाण6 करन े के महY वाकांRी लu यG के साथ एक(cid:30)कृत करन े के िलए
शानदार अवसर )दान करता ह।ै इसके साथ ही, दशे क(cid:30) मौजूदा जैव िविवधता को Eथानीय आबादी के िलए स(cid:127) पदा सजृ न
करने के िलए सुदरू इलाकG का उपयोग करके और Eथायी िवकास के िलए योगदान करके इसका अिधकतम उपयोग (cid:4)कया जा
सकता ह।ै
1.8 जैव (cid:13)धन ने िवd Eतर पर िपछल े दशक म (cid:18) 3यान आकSषत (cid:4)कया ह ैऔर जैव (cid:13)धन के Rे’ म(cid:18) aए िवकास क(cid:30) गित
के साथ तालमेल बनाए रखना जcरी ह।ै अंतरराOीय पWर)ेuय और राOीय पWरदMृ य के सदं भ6 म (cid:18) इस नीित का उLेMय जवै
(cid:13)धन के उYपादन के िलए Eवदशे ी फ(cid:30)डEटॉAस के )योग पर नए िसरे स े 3 यान दने ा ह।ै यह नीित नई फ(cid:30)डEटॉAस पर आधाWरत
अगली पीढ़ी के जैव (cid:13)धन क(cid:30) cपांतरण तकनीक के िवकास और दशे क(cid:30) जैव िविवधता का उपयोग करके घरेल ू Eतर पर
उपल‘ध फ(cid:30)डEटॉक को बढ़ावा दने े पर भी िनभ6र ह।ै भारत म (cid:18) जैव (cid:13)धन के िवकास के िलए दिृx, लuय, रणनीित और
अवधारणा का िनधार6 ण तकनीक(cid:30) cपरेखा, िवnीय, संEथागत हEतRेप और सRम तं’ के मा3यम स े(cid:4)कया गया ह।ै
2222....0000 ििििववववज़ज़ज़ज़नननन औऔऔऔरररर लललल""""यययय
2.1 इस नीित का उLेMय आने वाले दशक के दौरान दशे के ऊजा 6और पWरवहन Rे’G म(cid:18) जैव (cid:13)धन के उपयोग को बढावा
दने ा ह।ै नीित का उLेMय घरेल ू फ(cid:30)डEटॉक को बढ़ावा दने ा और जैव (cid:13)धन के उYपादन के िलए इसक(cid:30) उपयोिगता के साथ-साथ
एक Eथायी तरीके स े नए रोजगार के अवसर पैदा करन े के अलावा रा(cid:11) (cid:12)ीय ऊजा6 सुरRा, जलवाय ु पWरवतन6 के अ(cid:6) पीकरण म(cid:18)
योगदान करते aए जीवाMम (cid:13)धन का तेजी से िवक(cid:6)प बनाना ह।ै साथ ही, यह नीित जैव (cid:13)धन बनान ेके िलए उ(cid:129)त तकनीकG के
अनु)योग को )ोYसािहत करेगी।
2.2 नीित का लuय बाजार म (cid:18) जैव (cid:13)धन क(cid:30) उपल‘धता को सुगम बनाना ह ै िजसस े उसके िम}ण )ितशत म (cid:18) विृ : हो
सके। वतम6 ान म(cid:18) पे(cid:12)ोल म (cid:18) एथेनॉल का सि(cid:127)म}ण )ितशत लगभग 2.0% ह ै और डीजल म (cid:18) बायोडीजल िम}ण )ितशत 0.1%
से कम ह।ै 2030 तक पे(cid:12)ोल म(cid:18) एथेनॉल के 20% िम}ण और डीजल म(cid:18) बायोडीजल के 5% िम}ण का साकं ेितक लu य ह।ै य े
लuय िन(cid:127)न िलिखत के मा3य म से हािसल (cid:4)कए जाएंग:े
क) बढ़त ेघरेल ूउYपादन के मा3य म स ेएथने ॉल / बायोडीजल आपSू त को सुदढ़ृ करना।
ख) ि!तीय पीढ़ी (2 जी) बायो Wरफाइनरीज क(cid:30) Eथापना
ग) जैव (cid:13)धन के िलए नए फ(cid:30)डEटॉक का िवकास
घ) जैव (cid:13)धन म (cid:18)पWरवSतत करने वाली नई )ौPोिग(cid:4)कयG का िवकास
ड.) जैव (cid:13)धन के िलए उपय(cid:130)ु वातावरण बनाना और मुHय (cid:13)धन के साथ इस ेएक(cid:30)कृत करना4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
3333....0000 पपपप####ररररभभभभााााषषषषााााएएएएं ं ं ं औऔऔऔरररर ककककाााायययय((’’((’’ (cid:21)(cid:21)ेे(cid:21)(cid:21)ेे
3.1 इस नीित के उLेMय के िलए जवै (cid:13)धन क(cid:30) िन(cid:131)िलिखत पWरभाषाएं लागू हGगी:
i 'जैव (cid:13)धन' नवीकरणीय ससं ाधनG स े उYप ा(cid:4)दत (cid:13)धन ह 5 और पWरवहन, Eटेशनरी, पोट(cid:132)बल और अ(cid:25)य
अनु)योगG के िलए डीजल, पे(cid:12)ोल या अ(cid:25)य जीवाMम (cid:13)धन के E थान पर अथवा उसके साथ िम}ण म (cid:18) इसका
)योग (cid:4)कया जाता ह;ै
ii नवीकरणीय ससं ाधन कृिष, वािनक(cid:30), वृR आधाWरत तेल, अ(cid:25)य गरै -खाP तले G और संबंिधत उPोगG के
उYप ादG के बायोिड(cid:21)ेडबे ल अंश तथा उनके साथ ही औPोिगक और नगरपािलका अपिशxG के
बायोिड(cid:21)ेडबे ल अंश भी ह।5
3.2 नीित के अंतगत6 "जैव (cid:13)धन" के cप म(cid:18) (cid:13)धन क(cid:30) िन(cid:131)िलिखत }ेिणयां शािमल ह ैिजस े पWरवहन (cid:13)धन के cप म(cid:18) या
िEथ र अनु)योगG म (cid:18)इEतमे ाल (cid:4)कया जा सकता ह:ै -
i. 'बायोएथेनॉल': बायोमास स े उYपQ एथेनॉल जैसे (cid:4)क चीनी य(cid:130)ु साम(cid:21)ी, जैस े गQा, चकु ंदर, मीठा चारा
आ(cid:4)द; Eटाच6 यु(cid:130) पदाथ 6जसै े मकई, कसावा, सड़ े आल,ू शैवाल आ(cid:4)द; और, से(cid:6)यूलोिजक सामि(cid:21)यG जसै े (cid:4)क
बगैस, लकड़ी का कचरा, कृिष और वन अवशेष या औPोिगक अपिशx जैस ेअ(cid:25)य नवीकरणीय ससं ाधन;
ii. 'बायोडीजल': गैर-खाP वनEपित तले G, एिसड तेल, खाना पकान े के तेल या पश ु वसा और जवै -तेल से बन े
फैटी एिसड के िमथाइल या एिथल एEटर;
iii. 'उQत जैव (cid:13)धन': (1) िलगोनोAलुलोिजक फ(cid:30)डEटॉAस (जसै ेकृिष और वनG के अवशेष, जैसे चावल और गे(cid:133) ं
के भसू े / मकई सीओएस और Eटेवर / बैगेस, वुडी बायोमास), गैर-खाP फसलG (यानी घास, शैवाल) स े
उYपQ (cid:13)धन या औPोिगक कचरे और अवशेष )वाह, (2) कम सीओ उYसज6न या उe जीएचजी म (cid:18) कमी
2
और भिू म उपयोग के िलए खाP फसलG के साथ )ितEपधा6 नहs करत,े ि!तीय पीढ़ी (2 जी) एथेनॉल, \ॉप-
इन (cid:13)धन, शैवाल आधाWरत 3 जी जैव (cid:13)धन, जैव-सीएनजी, जैव-मेथनॉल, जैव-मेथनॉल से उYसृिजत
डाय-िमथाइल ईथर (डीएमई) जैव-हाइ\ोजन, एमएसड‘(cid:6)य ू के साथ (cid:13)धन म(cid:18) िगरावट जसै े (cid:13)धन (cid:134)ोत/
फ(cid:30)डEटॉक साम(cid:21)ी "उQत जैव (cid:13)धन" के cप म (cid:18)मा(cid:25)य हGगे।
iv. '\ॉप-इन (cid:13)धन': बायोमास, कृिष अपिशxG, िनगम ठोस अपिश(cid:11) ट (एमएसड‘ल)ू , zलािEटक अपिशx,
औPोिगक अपिशx आ(cid:4)द से उYपा(cid:4)दत तरल (cid:13)धन, जो (cid:4)क एमएस, एचएसडी और जेट (cid:13)धन के िलए
भारतीय मानकG पर खरा उतरता ह ैऔर जो यथावत या िमि}त cप म(cid:18) बाद म,(cid:18) इंजन िसEटम म(cid:18) (cid:4)कसी भी
संशोधन के िबना वाहनG म (cid:18)उपयोग (cid:4)कया जाता ह ैऔर वतम6 ान पे(cid:12)ोिलयम िवतरण )णाली का उपयोग कर
सकता ह।5
v. 'जैव-सीएनजी': जैव-गैस का श:ु cप िजसक(cid:30) संरचना और ऊजा 6 Rमता जीवाMम आधाWरत )ाकृितक गैस
के समान ह ै और इस े कृिष अवशेषG, पशुF के गोबर, खाP अपिशx, एमएसड‘ल ू और सीवेज पानी स े
उYपQ (cid:4)कया जाता है।¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5
4.0 ररररणणणणननननीीीीिििितततत औऔऔऔरररर ददददििििृृृृ++++ककककोोोोणणणण
4.1 सरकार जैव (cid:13)धन के उपयोग को बढ़ावा एव ं )ोYसाहन दने े के िलए बa-आयामी दिृxकोण को इस )कार अपना
रही ह:ै
o एथेनॉल िमि}त पे(cid:12)ोल (ईबीपी) )ो(cid:21)ाम के मा3यम स े कई फ(cid:30)डEटॉAस स े )ा{ एथने ॉल का उपयोग करके
पे(cid:12)ोिलयम म(cid:18) एथेनॉल का सि(cid:127)म}ण ।
o सके ंड जनरेशन (2जी) एथने ॉल )ौPोिग(cid:4)कयG का िवकास और इसका Dावसायीकरण।
o िEथ र, कम आरपीएम इंजनG म(cid:18) सीध े वनEपित तले के इEतमे ाल सिहत कई फ(cid:30)डEटॉक क(cid:30) खोज करके
बायोडीजल ‘ल(cid:18)tडग काय67म के मा3यम से डीजल म (cid:18)बायोडीजल को सि(cid:127)मि}त करना ।
o एमएसड‘ल,ू औPोिगक अपिशx, बायोमास आ(cid:4)द से बन े\ॉप-इन (cid:13)धन पर िवशषे 3यान।
o जैव-सीएनजी, जैव-मथे नॉल, डीएमई, जैव-हाइ\ोजन, जैव-जेट (cid:13)धन आ(cid:4)द सिहत उQत जैव (cid:13)धनG पर
िवशेष 3यान ।
4.2 इस नीित का मुHय बल Eवदशे ी फ(cid:30)डEटॉक से जैव (cid:13)धन क(cid:30) उपल‘धता सिु नि(cid:135)त करना ह।ै इस (cid:4)दशा म(cid:18) कदम
बढ़ाते aए,,,, दशे भर म (cid:18)बायोमास के मू(cid:6)याकं न के िलए राOीय बायोमास भंडार तैयार (cid:4)कया जाएगा।
4.3 जब(cid:4)क जैव (cid:13)धन क(cid:30) मांग और आपSू त के बीच पुनः सतं ुलन बनान ेके िलए )यास (cid:4)कए जाएंगे, सरकार का उLेMय
जैव (cid:13)धन के घरेल ूउYपादन, भडं ारण और िवतरण के संबंध म (cid:18)जब भी आवMयकता पड़,े सभी िहतधारकG को शािमल करत ेaए
परामश(cid:137) अवधारणा अपनाकर जcरी कार6वाई करना ह।ै
4.4 इस कायन6 ीित के अंतग6त समय-समय पर ऐस े उपय(cid:130)ु िवnीय एवं राजकोषीय उपाय (cid:4)कए जाएगं े िजसस े जैव
(cid:13)धन के िवकास और संवध6न को समथन6 िमले ता(cid:4)क िविभQ R’े G म (cid:18)इनका उपयोग बढ़े।
4.5 िविभQ अिं तम-उपयोग अनु)योगG के िलए फ(cid:30)डEटॉक उYपादन और जैव (cid:13)धन )संEकरण के सभी पहलुF तक
पaचँ के िलए अनसु ंधान, िवकास और )ितपादन का समथन6 (cid:4)कया जाएगा। उQत जैव (cid:13)धन और अ(cid:25)य नए फ(cid:30)डEटॉक के
िवकास के िलए जोर (cid:4)दया जाएगा।
5555....0000 अअअअततंंततंं रररर---- हहहह!!!!तततत((((पपेेपपेे एएएएवववव ंं ंंससससममममििििुुुुचचचचतततत (cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)....////ययययााााएएएए ँँ ँँ
कककक.... फफफफ2222डडडड!!!!टटटटॉॉॉॉकककक कककक2222 उउउउपपपपलललल7777धधधधतततताााा एएएएवववव ंं ंंइइइइससससककककाााा ििििववववककककाााासससस
5.1 भारत म(cid:18), बायोएथेनॉल कई (cid:134)ोतG से उYपQ (cid:4)कया जा सकता ह ैजसै े (cid:4)क शक6रा यु(cid:130) साम(cid:21)ी, Eटाच6 यु(cid:130) साम(cid:21)ी,
से(cid:6)यूलोज और पे(cid:12)ोरसायिनक माग6 सिहत िलगोनोसेललु ोज साम(cid:21)ी। तथािप, एथेनॉल िमि}त पे(cid:12)ोिलयम (ईबीपी) काय76 म क(cid:30)
मौजूदा नीित गैर-खाP फ(cid:30)डEटॉक जसै े शीरा, सले लू ोज़ और पे(cid:12)ोकेिमकल cट सिहत िलगोनोले(cid:6)ज साम(cid:21)ी से बायोएथने ॉल क(cid:30)
खरीद क(cid:30) अनमु ित दते ी ह ै l इसी तरह, (cid:4)कसी भी खाP / गैर खाP तेल स े बायोडीजल का उYपादन (cid:4)कया जा सकता ह।ै6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
हाला(cid:4)ं क, सि(cid:127)म}ण काय76 म के िलए उपयोग (cid:4)कये जान े वाला बायोडीजल वतम6 ान म (cid:18) आयाितत (cid:134)ोतG जैस े पाम EटीयWरन स े
िनSमत (cid:4)कया जा रहा ह।ै
5.2 दशे म(cid:18) जैव (cid:13)धन के उYपादन के िलए सभं ािवत घरेल ूकeे माल के cप म (cid:18)िन(cid:131) पदाथ 6उपल‘ध ह,5
एथेनॉल उYपादन के िलए : बी-शीरा, ग(cid:25) न े का रस, घास के cप म(cid:18) बायोमास, कृिष अवशेष (चावल का
पुआल, कपास क(cid:30) डठं ल, मकई के कोष, लकड़ी का बुरादा, खोई इYया(cid:4)द), श(cid:141)र
यु(cid:130) साम(cid:21)ी, जैसे चकु ंदर, चारा इYया(cid:4)द और Eटाच6 य(cid:130)ु साम(cid:21)ी जैसे मकई,
कसावा, सड़ा aआ आल ू आ(cid:4)द, अनाज जैस े गे(cid:133),ं चावल इYया(cid:4)द के खराब दान े
जो (cid:4)क खाने यो=य नहs हG, आिधAय के समय अनाज के कण l शैवाल यु(cid:130)
फ(cid:30)डEटॉक और समुNी शैवाल क(cid:30) खेती भी एथेनॉल उYपादन के िलए एक
सभं ािवत फ(cid:30)डEटॉक हो सकती ह।ै
बायो-डीजल उYपादन के िलए: अखाP ितलहन, इEतेमाल (cid:4)कया aआ खाना पकाने का तले (UCO), पशुF क(cid:30)
चब(cid:137), एिसड आयल, शैवाल फ(cid:30)डEटॉक इYया(cid:4)दl
उQत जैव (cid:13)धन के िलए : बायोमास, एमएसड‘ल,ू औPोिगक अपिशx, zलािEटक अपिशx आ(cid:4)द l
5.3 ईबीपी काय76 म के तहत एथने ॉल क(cid:30) खरीद के िलए कe े माल का दायरा बढ़ाया जाएगा। इस नीित म (cid:18) बी-शीरे
और सीधे ग(cid:25)न े के रस स े एथेनॉल के उYप ादन क(cid:30) अनमु ित होगी। इस नीित म (cid:18)मानव उपभोग हते ु अयो=य खराब खाPानो जसै े
गे(cid:133),ं खराब चावल आ(cid:4)द स े एथेनॉल का उYपादन करन े क(cid:30) भी अनमु ित होगी। एक कृिष फसल वष6 के दौरान जब कृिष और
(cid:4)कसान क(cid:6)याण मं’ालय !ारा यह अनमु ान लगाया जाए (cid:4)क खाPाQ क(cid:30) पैदावार आपSू त स ेकाफ(cid:30) अिधक होगी तो इस नीित
के तहत )Eतािवत राOीय जैव (cid:13)धन सम(cid:25)वय सिमित के अनमु ोदन के आधार पर, इस अितWर(cid:130) खाPाQ क(cid:30) मा’ा को एथने ॉल
म(cid:18) पWरवSतत करन ेक(cid:30) अनमु ित होगी। एथेनॉल उYपादन के िलए इस माग6 के खलु न ेसे न केवल खाPाQ आधाWरत िडिEटलरीज
क(cid:30) Eथािपत Rमता का उपयोग करने म(cid:18) मदद िमलेगी, अिपत ु (cid:25)यूनतम िनवेश के साथ परू ी तरह से िवकिसत 1जी तकनीक का
इEतेमाल करके इसम(cid:18) उन सभी कeी सामि(cid:21)यG को भी शािमल (cid:4)कया जा सकेगा, िजनस ेएथेनॉल का उYपादन (cid:4)कया जा सकता
ह।ै
5.4 औPोिगक Eथापना को बढ़ावा दने े के िलए अितWर(cid:130) उपल‘ध बायोमास वाल ेEथानG क(cid:30) पहचान और ऊजा 6घास
और बके ार जमीन पर छोटी अविध क(cid:30) फसलG का उपयोग जैस े फ(cid:30)डEटॉक का उYपादन इस (cid:4)दशा म (cid:18) महY वपूण6 होगा l दशे म (cid:18)
अिधशेष बायोमास वाले EथानG क(cid:30) पहचान करन ेपर िवशषे बल (cid:4)दया जाएगा।
5.5 जैव (cid:13)धन उYपादन के िलए Eवदशे ी फ(cid:30)डEटॉक क(cid:30) आपSू त बढ़ाने म(cid:18) (cid:21)ाम पंचायत और समुदाय महYवपूण6 भिू मका
िनभाएंगे। फ़(cid:30)डEटॉक जनरेशन के िलए बंजर भिू म के उपयोग से संबंिधत मामलG म,(cid:18) (cid:21)ाम पंचायत/तालुकG के Eथानीय
समुदायG को पौधG के िलए गरै -खाP ितलहन/फसलG जैसे पGगािमया िपQता (करंज), मिे लया अजा(cid:4)दरच(cid:143)ा (नीम), एरंड,
जा(cid:12)ोपा केरकस, कॉलो(cid:4)फलम इनो(cid:4)फलम, िसमरोबा =लॉका, िहिबEकस कैनिबनस आ(cid:4)द के पौधारोपण के िलए )Wे रत (cid:4)कया जा
सकता ह।ै पूरे देश म(cid:18) बायोएथने ॉल के उYपादन के िलए अितWर(cid:130) फ(cid:30)डEटॉक बनान े के िलए लघु रोटेशन फसल जैसे (cid:4)क मीठे
(cid:144)वार और ऊजा6 घास जैस ेिमसकेनथुस जाईगंटम, िEवच(cid:21)ास (पैिनकम िव(cid:21)ाटम), िवशालकाय रीड (अ(cid:26)ंडो डोनाAस) इYया(cid:4)द
को बंजर भूिम म(cid:18) लगाया जा सकता ह।ै¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7
5.6 जहाँ वषा6 िनभ6र पWरिEथितयG के चलत े केवल एक ही फसल उगाई जाती ह,ै वहाँ के (cid:4)कसानG को ितलहन के
साथ ही अपनी सीमा(cid:25)त भूिम पर अलग-अलग बायोमास क(cid:30) िविवध )जाितयG को अतं र फसल एवं दसू री फसल के cप म (cid:18)
लगान ेके िलए )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा।
5.7 Eथानीय िनकायG, रा(cid:144)यG और संबिं धत िहतधारकG के साथ बेहतर तालमले रखकर स(cid:127)ब: समदु ायG के िलए
समुिचत आपSू त }ृंखला तं’, फ(cid:30)डEटॉक कलेAशन क(cid:18)N और उिचत मू(cid:6)य तं’ िवकिसत (cid:4)कए जाएंगे ।
5.8 एमएसड‘ल,ू औPोिगक अपिशx, zलािEटक कचरा आ(cid:4)द जैस े कचरे क(cid:30) पया{6 मा’ा दशे भर म (cid:18) उपल‘ध सं(cid:21)ह
तं’ के साथ उपल‘ध ह।ै यह जवै -सीएनजी, \ॉप-इन (cid:13)धन, जैव-मथे नॉल, डीएमई, जैव-हाइ\ोजन आ(cid:4)द जैस े जैव (cid:13)धन पदै ा
करने के िलए फ(cid:30)डEटॉक के cप म (cid:18)काय 6करेगा।
खखखख. ससससिििि9999मममम::::णणणण औऔऔऔरररर बबबबााााययययोोोो####ररररफफफफााााइइइइननननररररीीीी ककककाााायययय//’’//’’ मममम
5555....9999.... एएएएथथथथननेेननेे ॉॉॉॉलललल ििििममममिििि::::तततत पपपप(cid:3)(cid:3)ेे(cid:3)(cid:3)ेे ोोोोलललल ककककाााायययय////’’’’ मममम
5.9.1 वत6मान म,(cid:18) ईबीपी काय76 म के िलए एथने ॉल चीनी उPोग के उप-उYपाद के cप म (cid:18) शीरा उYपाद स े आ रहा ह।ै
गQा और चीनी उYपादन के वत6मान Eतर (7मशः 350 एमएमटी और 26-28 एमएमटी )ित वष)6 म(cid:18) उपल‘ध अिधकतम
शीरा लगभग 13 एमएमटी ह,ै जो लगभग 300 करोड़ लीटर अ(cid:6)कोहल / एथने ॉल का उYपादन करने के िलए पया6{ ह।ै
वत6मान म,(cid:18) अ(cid:6)क ोहल / एथेनॉल का उYपादन करने के िलए सी-भारी शीरा का इEतमे ाल (cid:4)कया जा रहा ह।ै
5.9.2 चीनी क(cid:30) उपल‘धता के अनुसार एथेनॉल उYपादन के िलए बी-भारी शीरा cट को अपनान े के िलए )ोYसािहत
(cid:4)कया जाएगा। एक एमएमटी शुगर के उYसग6 पर 60 करोड़ लीटर एथेनॉल का उYपादन (cid:4)कया जा सकता ह।ै इस िवक(cid:6)प का
उपयोग करन ेस ेएथने ॉल उYपादन म (cid:18)सहयोगी िडिEटलरीज़ म (cid:18)सुधार हो सकेगा। िम}ण )ितशत को बढ़ान ेके िलए सीध ेग(cid:25)न े
के रस से एथेनॉल उYप ा(cid:4)दत (cid:4)कए जाने क(cid:30) अनमु ित होगी।
5.9.3 एथेनॉल के उYपादन के िलए अ(cid:25)य वकै ि(cid:6)पक कeी सामि(cid:21)या ं जैस े (cid:4)क शुगर य(cid:130)ु साम(cid:21)ी- चुक(cid:25)दर, (cid:144)वार, आ(cid:4)द
तथा Eटाच 6 यु(cid:130) जैस े - मकई, कसावा, सड़ा aआ आलू आ(cid:4)द जसै ी सामि(cid:21)यG का पहली पीढ़ी क(cid:30) पणू 6cपणे िवकिसत
)ौPोिग(cid:4)कयG का उपयोग करके (cid:4)कया जाएगा। रा(cid:11) (cid:12)ीय जैव-(cid:13)धन सम(cid:25) वय सिमित के िनणय6 के अनसु ार खाPान क(cid:30) अिधशेष
उपल‘ध ता होने पर खाPानG जसै े मAक ा आ(cid:4)द स ेएथने ॉल उY पा(cid:4)दत (cid:4)कए जाने क(cid:30) अनमु ित होगी।
5555....11110000 ददददससससूूूू ररररीीीी पपपपीीीीढ़ढ़ढ़ढ़ीीीी ((((2222 जजजजीीीी)))) एएएएथथथथननननेेेे ॉॉॉॉलललल
5.10.1 शीरे के मा3यम स े एथने ॉल उYपादन क(cid:30) अपनी सीमाए ं ह 5 और मPपान और केिमकल उPोगG म (cid:18) इसका
)ितEपधाY6 मक उपयोग होन े स े ईबीपी काय67म के िलए इसक(cid:30) उपल‘धता बaत कम रह जाएगी। इस कारण पारंपWरक शीरा
cट और ग(cid:25)न ा रस cट स ेअलग एथेनॉल के अ(cid:25)य (cid:134)ोतG क(cid:30) तलाश करनी होगी।
5.10.2 भारत म (cid:18) (cid:4)कए गए कुछ अ3ययनG म (cid:18) )ित वष6 120 -160 एमएमटी क(cid:30) अितWर(cid:130) बायोमास उपल‘धता का
सकं ेत (cid:4)दया गया ह,,,,ै िजसे पWरवSतत करन े पर )ित वष6 3000 करोड़ लीटर एथेनॉल )ा{ (cid:4)कया जा सकता ह।ै अितWर(cid:130)
बायोमास / कृिष अपिशx जो से(cid:6)यूलोिसक और िल(cid:145)ोके(cid:6)लोिसक (cid:4)कEम क(cid:30) साम(cid:21)ी ह,,ै,, इसको दसू री पीढ़ी (2 जी) क(cid:30)
)ौPोिग(cid:4)कयG का उपयोग करके एथेनॉल म (cid:18) पWरवSतत (cid:4)कया जा सकता ह।ै भारत सरकार न े (cid:21)ामीण अथ6DवEथा और ईबीपी
काय67म को आगे बढ़ाने म (cid:18) बायोमास क(cid:30) भूिमका को मा(cid:25)यता दी ह ै और शीरे के अलावा प(cid:12)े ोकेिमकल माग6 सिहत अ(cid:25)य गैर-
खाP फ(cid:30)डEटॉक जसै े से(cid:6)यलू ोिजक और िल(cid:145)ॉसे(cid:6)यूलोजी साम(cid:21)ी स े उYपा(cid:4)दत एथेनॉल क(cid:30) खरीद क(cid:30) अनमु ित दी ह ै बशत (cid:132) (cid:4)क8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
संबंिधत बीआईएस मानकG का अनुपालन होता हG। इस नीित के तहत कार6वाई के िलए िन(cid:131)िलिखत Rे’G क(cid:30) पWरक(cid:6)पना क(cid:30)
गई ह::ै::
5.10.3 )ोYसाहन: वैिdक cप स,े 2 जी इथेनॉल उPोग )ोYसाहनG के मा3 यम स े संचािलत (cid:4)कया जाता ह ै AयG(cid:4)क अभी
इस )ौPोिगक(cid:30) को Dावसाियक पमै ान ेपर िस: होना ह ैऔर इस )कार उYपा(cid:4)दत एथनॉल अिधक पया6वरण अनकु ूल ह।ै यह
2 जी एथनॉल बायो Wरफाइनरीज के बुिनयादी ढांचागत िवकास को संचािलत करने म (cid:18)एक )मुख साधन होगा।
5.10.4 ऑफटेक आdासन: साव6जिनक Rे’ क(cid:30) तेल िवपणन कंपिनया ंिनजी िहतधारकG को आM वE त बाजार )दान करन े
और 2 जी एथनॉल अ(cid:147)य ुपायG म (cid:18) सहायता दने े के िलए 15 वष6 क(cid:30) अविध के िलए 2 जी एथनॉल आपूरकG के साथ एथनॉल
खरीद समझौते (ईपीए) पर हEताRर करने के िलए सहमत हो गई ह।5 साव6जिनक Rे’ क(cid:30) गैस िवपणन कंपिनयG !ारा जवै -
सीएनजी को 2जी इथनॉल बायो Wरफाइनरीज म(cid:18) )मुख उप-उYपाद और पWरवहन (cid:13)धन होने के कारण ऑफटेक आdासन के
तहत लाया जाएगा।
5555....11111111.... बबबबााााययययोोोोडडडडीीीीजजजजलललल ससससिििि9999मममम::::णणणण ककककाााायययय//’’//’’ मममम
5.11.1 फ(cid:30)डEटॉक उपल‘धता स े संबंिधत बाधाF के कारण दशे म (cid:18) डीजल म (cid:18) बायोडीजल का सम(cid:21) सि(cid:127)म}ण 0.5
)ितशत स ेकम रहा ह।ै इसके अलावा, सि(cid:127)म}ण काय76 म के िलए जो भी बायोडीजल आ रहा ह ैवह आयाितत (cid:134)ोतG से तैयार
होता ह।ै इस काय76 म क(cid:30) दीघ6कािलक सफलता के िलए इस )कार के बायोडीजल उYपादन के िलए घरेल ू कe े माल का
सुिनMच य करना अYय ावMय क ह।ै
5.11.2 घरेलू उYपा(cid:4)दत )युAत /अपिशx कु(cid:149)कग ऑयल (यसू ीओ/ड‘(cid:6)यसू ीओ) म(cid:18) बायोडीजल उYपादन के (cid:134)ोत होन े क(cid:30)
सभं ावना )दान करता ह।ै ले(cid:4)कन )युAत /अपिशx कु(cid:149)कग ऑयल (यूसीओ/ड‘(cid:6)यूसीओ) का )योग जब छोटे-छोटे
भोजनालयG/िव7ेताF और DापाWरयG के मा3यम से खाP तेल के cप म(cid:18) होता ह,ै तो )योग के इस (cid:4)दशा-पWरवतन6 स े
बायोडीजल उYपादन म (cid:18) अवरोध आता ह।ै खाP )वाह म (cid:18) )यAु त कु(cid:149)कग तेलG के )वेश को रोकन े और बायोडीजल उYपादन के
िलए इसक(cid:30) आपूSत बढ़ान े के िलए उपय(cid:130)ु सं(cid:21)हण तं’ िवकिसत करन े के िलए कड़ े मानदडं बनाने पर 3 यान केि(cid:25) Nत (cid:4)कया
जाएगा।
5555....11112222 अअअअ>>>>यययय जजजजववैैववैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधनननन ((((@@@@ॉॉॉॉपपपप----इइइइनननन----(cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधनननन,,,, जजजजववैैववैै ----ससससीीीीएएएएननननजजजजीीीी,,,, जजजजैवैवैवैव----हहहहााााइइइइ@@@@ोोोोजजजजनननन,,,,जजजजववैैववैै ----ममममथथथथेेेे ननननॉॉॉॉलललल,,,, डडडडीीीीएएएएममममईईईई,,,,आआआआ....दददद))))
5.12.1 नीित आयोग !ारा बनाए गए अपिशx से ऊजा 6 काय6बल न े अनुमान लगाया ह ै (cid:4)क भारत म(cid:18) हर वष6 62
एमएमटी नगरीय ठोस अपिश(cid:11)ट (एमएसड‘ल)ू उY प(cid:25) न होता ह।ै Wर(cid:150)यू(cid:144) ड उYसSजत (cid:13)धन, बायो गैस/िबजली और कृिष म (cid:18)
सहायता के िलए इस अपिश(cid:11)ट म (cid:18)खाद सिहत \ॉप-इन-(cid:13)धन तैयार करने और िबजली उYपQ करने क(cid:30) भारी Rमता ह।ै
5.12.2 िवdभर म(cid:18), कचरे को \ाप-इन-(cid:13)धन, जैव-सीएनजी, जैव-हाइ\ोजन आ(cid:4)द जैस े जैव (cid:13)धनG म(cid:18) पWरवSतत करन े
के िलए उपल‘ध )ौPोिग(cid:4)कया ं नव)वत6नशील चरण म (cid:18) ह 5 और इ(cid:25) ह (cid:18) Dावसाियक Eतर पर सािबत होन े क(cid:30) जcरत ह।ै ऐसे
कचरे का जैव-सीएनजी म(cid:18) cपातं रण एक मॉडल ह ैिजसे (cid:21)ामीण इलाकG म(cid:18) ऊजा6 क(cid:30) मांग को पूरा करने और पया6वरण संबंधी
मसलG का समाधान करन े के िलए )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा। इस नीित के अनुcप )ित यूिनट ससं ािधत अपिश(cid:11) ट स े बायो-
सीएनजी का अिधक उYप ादन करन े वाली )ोPोिग(cid:4)कया ं )ोYस ािहत क(cid:30) जाएगं ी। िविभQ )ोYसाहनG और ऑफटेक आdासन के
मा3यम स ेउQत (cid:13)धनG के उYपादन के िलए ऐस ेसंयं’ लगान ेम (cid:18)भी विृ : क(cid:30) जाएगी। इसी तरह, हाइ\ोजन, जो (cid:4)क एक बaत¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9
ही मँहगा (cid:13)धन ह,ै ने WरफाइनWरयG सिहत कई उPोगG म(cid:18) अपनी उपयोिगता बनायी ह।ै बायोमास और अपिश(cid:11) ट स े जवै -
हाइ\ोजन का उYप ादन करने क(cid:30) सभं ावनाF का पता लगाना होगा।
5.12.3 िवdभर म,(cid:18) पWरवहन (cid:13)धन के cप म(cid:18) मोटर िE)ट के साथ सि(cid:127)म}ण म(cid:18) मेथनॉल के उपयोग का पता लगाया गया ह।ै
कृिष अपिश(cid:11)ट G, )ाकृितक गैस, उe राख कोयला आ(cid:4)द सिहत िविभQ (cid:134)ोतG स ेइसका उYप ादन (cid:4)कया जा सकता ह।ै इस समय
भारत मेथनॉल का िनवल आयातक ह।ै अितWर(cid:130) बायोमास उपल‘धता म(cid:18) जैव-मेथनॉल और बायो-बॉWटयनॉल के उYपादन क(cid:30)
सभं ावना ह ैऔर भारतीय पWरवहन DवEथा म (cid:18)उसके अनु)योग का पता लगाया जाएगा।
5.12.4 डाय-िमथाइल ईथर (डीएमई) मथे नॉल के 2 अणFु म (cid:18) से पानी के 1 अण ु को िनकालकर )ा{ (cid:4)कया जाता ह,ै
जो एक रासायिनक )(cid:4)7या ह,ै जो आमतौर पर उY)ेरक क(cid:30) सहायता स ेपरू ी होती ह।ै आरएंडडी संEथानG !ारा घरेल ूएलपीजी
म(cid:18) )ोपेन के Eथ ान पर (डीएमई) के वकै ि(cid:6)प क )योग क(cid:30) सभं ावनाय(cid:18) तलाशी जा रही ह।5 डीएमई धीमे आरपीएम डीजल इंजनG
म(cid:18) डीजल के िलए भी एक िवक(cid:6)प भी हो सकता ह ैऔर इसिलए Dापक उपयोग, औPोिगक अनु)योग और सभं ािवत (cid:13)धन के
cप म (cid:18)डीएमई क(cid:30) Eवीकृित मथे नॉल के औPोिगक उYपादन को बढ़ावा दने ेके िलए उिचत ह।ै
5.12.5 उe तले घटक, सीिमत अपिश(cid:11)ट E (cid:12)ीम और (cid:25)यूनतम भिू म आवMयकताF (बायोमास क(cid:30) तुलना म(cid:18)), उY पादन
माग6 पर िनभ6रता क(cid:30) दिृx से शवै ाल (3 जी) से जैव (cid:13)धन के उYपादन क(cid:30) काफ(cid:30) अ~छी संभावनाए ँह।5 वतम6 ान म,(cid:18) इस तरह के
(cid:13)धन का उYपादन अपने )ारंिभक चरण म(cid:18) ह ै और वािणि(cid:144)यक Dवहाय6ता के संबधं म (cid:18) आग े के परीRण क(cid:30) आवMयकता ह।ै
तकनीक(cid:30)-Dावसाियक Dवहायत6 ा )ा{ करन ेके िलए शैवाल आधाWरत जैव (cid:13)धन और इस िवषय पर अपेिRत आर एडं डी को
भी )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा।
गगगग. ििििववववCCCCतत तत DDDDयय यय वववव!!!!थथ थथ ाााा
5.13 सरकार िवnीय संEथानG !ारा उधार दने ेके उLेMय स ेबायोडीजल के उY पादन और भ? डारण तथा जैव-(cid:13)धनG के
िवतरण का ढांचा तैयार करने के िलए तेल िन(cid:11) कासन/िन(cid:11) कषण6 और )संE करण इकाइयG को )ाथिमक R’े के तौर पर घोिषत
करने पर िवचार करेगी।
5.14 काबन6 िवnपोषण के अवसरG सिहत जैव (cid:13)धन िवकास के िलए बa-पRीय और ि!पRीय िवn पोषण के
(cid:134)ोतीकरण को )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा।
5.15 जैव (cid:13)धन Rे’ म(cid:18) संयु(cid:130) उPम और िनवेश को )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा। जैव (cid:13)धन )ौPोिग(cid:4)कयG म (cid:18) 100%
िवदशे ी )YयR िनवेश (एफडीआई) को Eवचािलत अनुमोदन माग6 के मा3यम स े )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा, बशत(cid:132) (cid:4)क इस )कार
उYपा(cid:4)दत जैव (cid:13)धन घरेल ूउपयोग के िलए ही हो।
घघघघ. ििििववववCCCCतत तत ीीीीयययय औऔऔऔरररर ररररााााजजजजककककोोोोषषषषीीीीयययय (cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)ोोोोCCCCसससस ााााहहहहनननन
5.16 सरकार जैव (cid:13)धन के िलए Dवहाय6ता अंतरण िवnपोषण, कEटम (cid:151)ूटी Wरयायत,(cid:18) सि‘सडी और अनदु ान सिहत
िवnीय )ोYसाहनG का िवEतार करने पर िवचार करेगी। सरकार उQत जैव (cid:13)धन के cप म (cid:18)ि!तीय पीढ़ी (2 जी) एथेनॉल, \ॉप-10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
इन (cid:13)धन, बायो-सीएनजी, शैवाल आधाWरत 3 जी जैव (cid:13)धन, जैव-मथे नॉल, डीएमई, जैव-हाइ\ोजन आ(cid:4)द का "उQत जवै -
(cid:13)धन" के cप म (cid:18)वग(cid:137)करण करेगी। िवnीय )ोYसाहन दने े के िलए एक राOीय जैव (cid:13)धन कोष पर िवचार (cid:4)कया जा सकता ह।ै
5.17 2जी एथेनॉल बायो Wरफाइनरीज E थािपत करन े के िलए िहतधारकG को )ोYस ािहत करने के िलए इस पॉिलसी
म(cid:18) टैAस 7ेिडट, संयं’ खच6 पर अि(cid:21)म मू(cid:6)य(cid:152)ास, 1 जी एथेनॉल के साथ-साथ अंतर मू(cid:6) य िनधार6 ण, Dवहाय6ता गैप फंtडग
(वीजीएफ) आ(cid:4)द के cप म(cid:18) िवnीय )ोYसाहन के साथ )ारंिभक "उQत जैव-(cid:13)धन" उPोग को )ोYसािहत करन े पर िवचार
करना ह।ै "उQत जैव (cid:13)धन" काय67म को आगे बढ़ान ेके िलए योजनाएं शुc क(cid:30) जाएंगी।
5.18 जैव (cid:13)धन फ(cid:30)डEटॉक के िनमाण6 और शु: या िमि}त cप म (cid:18) जैव (cid:13)धन के उपयोग स े काबन6 -डाइऑA साइड के
उYसजन6 म (cid:18)बचत के फलEव cप काब6न 7ेिडट िनSमत होन ेक(cid:30) सभं ावनाय(cid:18) तलाशी जाएगं ी।
5.19 नाबाड 6 और अ(cid:25)य साव6जिनक Rे’ के बक5 G को िवn पोषण, सा(cid:150)ट ऋण आ(cid:4)द के मा3यम से िवnीय सहायता
)दान करने के िलए )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा।
डडडड. अअअअननननससुुससुु धधधधंंंं ाााानननन एएएएवववव ंं ंंििििववववककककाााासससस औऔऔऔरररर (cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)ददददशशशशनन’’नन’’
5.20 दसू री पीढ़ी के िवकास और घरेलू फ(cid:30)डEटॉक का उपयोग करने वाले उQत जैव (cid:13)धनG के िलए मजबूत
)ौPोिगक(cid:30) पर 3य ान केि(cid:25)N त करना आवMय क ह।ै यह पॉिलसी इनोवेशन को )ोYसािहत करती ह ै और अनसु ंधान एवं िवकास
गितिविधया ं करत ेसमय िवकिसत / उभरती )ौPोिग(cid:4)कयG का उपयोग करत े aए जैव (cid:13)धनG के Rे’ म (cid:18) अनसु ंधान एव ं िवकास
(आर एडं डी) और )दश6न पर बल देती ह।ै अनसु ंधान और िवकास गितिविधयां जैव (cid:13)धन उYपादन, बागान, )संEकरण और
cपातं रण )ौPोिग(cid:4)कयG के िलए नए कeे माल के िवकास के Rे’ म(cid:18) हGगी। िविभQ अतं -उपयोग अन)ु योगG और उप-उYपादG के
उपयोग क(cid:30) Rमता बढ़ाने के िलए दRता सुधार और नवाचार को )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा। Eथानीय फ(cid:30)डEटॉAस के आधार पर
Eवदेशी अनसु ंधान एव ं िवकास तथा )ौPोिगक(cid:30) िवकास को उe )ाथिमकता दी जाएगी। जहा ं सभं व हो पेट(cid:18)ट पंजीकृत (cid:4)कए
जाएंगे। Eपx cप स े पWरभािषत लuय और उपलि‘धयG के साथ बa संEथानG को शािमल करते aए जैव-(cid:13)धनG के Rे’ म(cid:18)
अनसु ंधान काय76 म म(cid:18) सहयोग (cid:4)कया जाएगा।
5.21 गहन अनसु ंधान एवं िवकास काय 6के अिभ(cid:154)ात Rे’G म (cid:18)शािमल ह.ै
(क): बायो (cid:13)धन फ(cid:30)डEट ाक उYप ादन
(ख): अिभ(cid:154)ात फ(cid:30)डEट ॉक स ेउ(cid:25)न त अंतरण )ोPोिग(cid:4)कयां
(ग): बायो (cid:13)धनG के आशोधनG सिहत अ(cid:25) Yय )योAत ा अनु)योगG क(cid:30) )ोPोिग(cid:4)कया ं
(घ): बायो इ(cid:155)धनG के उप उYप ादG का उपयोग
5.22 जैव (cid:13)धन उYपादन के िलए )ायोिगक/ )दश6न पWरयोजनाए ं Eथािपत क(cid:30) जाएगं ी। अनुसंधान संगठनG, आर एडं डी के
िलए संEथानG और )दश6न पWरयोजनाF क(cid:30) Eथापना, उe )ौPोिगक(cid:30) वाले Rे’G म(cid:18) िवशेष क(cid:18)NG के िलए अनुदान )दान (cid:4)कया
जाएगा। मौजूदा अनसु ंधान एवं िवकास के(cid:25)NG को मजबूत (cid:4)कया जाएगा और Dापक उपयोग/अनु)योग के िलए अनसु धं ान
संगठन, संEथाF और उPोगG के बीच संबंध Eथािपत (cid:4)कए जाएंगे। सरकार अनसु ंधान एवं िवकास तथा )ौPोिगक(cid:30) के Rे’ म (cid:18)
उPोग क(cid:30) भागीदारी को )ोYसािहत करेगी, िजसम(cid:18) उPोग को सुिवधा )दान करन ेके बारे म(cid:18) जानकारी )दान क(cid:30) जाएगी।
5.23 कम से कम जीएचजी उYसज6न के िलए अंतरराOीय मंचG पर हमारी )ितब:ताF को देखते aए जैव (cid:13)धन Rे’ म (cid:18)
उभरती aई )ौPोिगक(cid:30) के जीवन च7 िव(cid:156)ेषण (एलसीए) महYवपूण 6 ह।ै )ोY सािहत काय6 िन(cid:11) पादन, एलसीए Wरपोट6 का वादा¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 11
और जलवायु पWरवतन6 पर हमारी )ितब:ताF के अनुसार, )दश6न/ Dावसाियक Eतर पर परवत(cid:137) उपयोग के िलए )ायोिगक
चरण म (cid:18))ौPोिग(cid:4)कयG को Eव~छ )ौPोिगक(cid:30) के cप म(cid:18) )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा।
5.24 राOीय, ि!पRीय और बaपRीय अनसु ंधान काय76 मG के मा3यम से (cid:154)ान को जोड़न ेके िलए संबंिधत म’ं ालयG के साथ-
साथ अकादिमक और उPोग के )ितिनिधयG वाले जैव (cid:13)धन के Rे’G म (cid:18) अनसु ंधान और िवकास को बढ़ावा दने े के िलए एक
सकं (cid:18)(cid:4)Nत समूह का गठन (cid:4)कया जा सकता ह।ै
चचचच. गगगगुणुणुणुणववववCCCCतततत ाााा ममममााााननननकककक
5.25 िविभQ जैव (cid:13)धन और अंत उपयोग अनु)योगG के िलए मानकG और )माणीकरण क(cid:30) शु(cid:26)आत के साथ-साथ परीRण
िविधयG, )(cid:4)7याF और )ोटोकॉल का िवकास )ाथिमकता पर (cid:4)कया जाएगा। भारतीय मानक ‘यूरो (बीआईएस) न े पहल े स े
ही Eवैि~छक और िमि}त cप म(cid:18) अनु)योगG के िलए बायोएथनॉल, बायोडीजल के मानकG का िवकास (cid:4)कया ह।ै उe सि(cid:127)म}ण
Eतर के िलए िविनदश(cid:132) िवकिसत (cid:4)कए जा रह ेह।5
5.26 भारतीय मानक ‘यूरो (बीआईएस) मौजूदा मानकG क(cid:30) समीRा करेगा और उ(cid:25) ह (cid:18) अपडटे करेगा, साथ ही िविभQ अतं -
उपयोग अनु)योगG के िलए उपकरणG और )णािलयG के नए मानकG को िवकिसत करेगा। उYपाद के )दशन6 और िवdसनीयता
के िलए (cid:4)दशा-िनदश(cid:132) सभी )ासिं गक िहतधारकG के परामश 6से भी िवकिसत और संEथागत हGगे।
5.27 यह नीित आवMयक मानकG कौशल के िवकास को )ोYसािहत करेगी ता(cid:4)क जैव (cid:13)धन उPोग क(cid:30) नई मांगG के अनुकूल
होन ेके िलए )िशिRत और कुशल जनशि(cid:130) उपल‘ध हो।
छछछछ. जजजजववैैववैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधननननEEEE ककककाााा ििििववववततततररररणणणण एएएएवववव ंंंंििििववववपपपपणणणणनननन
5.28 तेल िवपणन कंपिनयां जैव (cid:13)धनG का भंडारण, िवतरण और िवपणन जारी रख(cid:18)गे। वे जैव (cid:13)धनG क(cid:30) आवMयकताF को
पूरा करने के िलए भंडारण, िवतरण और िवपणन बुिनयादी ढांचे को बनाए रखन ेऔर सुधारने के िलए मुHय cप स े िज(cid:127)मेदार
हGगे। सरकार गुणवnा मानक सुिनि(cid:135)त करन,े सि(cid:127)म}ण )ितशतता के बारे म(cid:18) उपभो(cid:130)ा जागcकता, वारंटी क(cid:30) आवMयकता
आ(cid:4)द जसै े घटकG के आधार पर जैव (cid:13)धनG के िवतरण और िवपणन के िलए अ(cid:25) य कंपिनयG को अनमु ित दने े पर भी िवचार कर
सकती ह।ै
जजजज. जजजजववैैववैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधननननEEEE ककककाााा ममममGGूूGGूू यय यय ििििननननधधधधाााारर’’रर’’ णणणण
5.29 इस उLेMय के िलए गWठत एक सिमित क(cid:30) िसफाWरश के आधार पर वत6मान म (cid:18)ईबीपी काय76 म के िलए पहली पीढ़ी के
एथनॉल आधाWरत शीरे क(cid:30) क(cid:30)मत का िनधा6रण सरकार !ारा (cid:4)कया जा रहा ह।ै डीजल म (cid:18) िम}ण के िलए बायोडीजल क(cid:30)
खरीद के िलए ओएमसी !ारा मू(cid:6)य (cid:4)कया जा रहा ह।ै बाजार क(cid:30) िEथितयG, घरेल ूबाजार म (cid:18)जैव (cid:13)धन क(cid:30) उपल‘धता, आयात
)ितEथापन आवMयकता आ(cid:4)द सिहत िविभQ कारकG के आधार पर सरकार )शािसत क(cid:30)मतG या बाजार िनधा6Wरत क(cid:30)मतG स े
पहली पीढ़ी के जैव (cid:13)धन को )ोYसािहत करना जारी रखेगी। उQत जैव (cid:13)धनG को और )ोYसािहत करन ेके िलए एक अतं र मू(cid:6)य12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
(cid:4)दया जाएगा। उQत जैव (cid:13)धन के िलए अंतर मू(cid:6)य िनधा6रण के िलए तं’ का िनण6य रा(cid:11) (cid:12)ीय जैव (cid:13)धन सम(cid:25) वय सिमित !ारा
(cid:4)कया जाएगा।
6.0 जजजजववैैववैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधननननEEEE ककककाााा आआआआययययाााातततत एएएएवववव ंं ंंििििननननययययाााातत’’तत’’
6.1 जैव (cid:13)धन के Eव -दशे ी उYपादन को सुE प(cid:11) ट DावहाWरक और युि(cid:130)युA त )ोYसाहनG के मा3 यम से बढ़ावा (cid:4)दया
जाएगा। यह नीित घरेल ू जैव-(cid:13)धन उPोग और फ(cid:30)ड-E टॉक के िवकास को बढ़ावा दने े पर बल दते ी ह।ै आयात क(cid:30) अनमु ित दने े
से घरेलू जैव-(cid:13)धनG पर )ितकूल )भाव पड़गे ा। अत: जैव-(cid:13)धनG के आयात क(cid:30) अनमु ित नहs होगी।
6.2 यह नीित फ(cid:30)ड-Eटॉक उYप ादन के िलए बंजर भूिम का उपयोग करके जैव-(cid:13)धन उY पादन के िलए E वदशे ी फ(cid:30)ड-E टॉक
क(cid:30) आपूSत बढ़ाने के िलए उYस ािहत करती ह।ै तथािप, घरेल ू फ(cid:30)डEटॉक क(cid:30) उपल‘धता और सि(cid:127)म}ण क(cid:30) अपRे ा के आधार
पर, जैव डीजल के उYपादन के िलए फ(cid:30)डEटॉक के आयात क(cid:30) आवMयक सीमा तक अनमु ित होगी। फ(cid:30)ड-E टॉक आयात क(cid:30)
आवMय कताF का िनणय6 इस नीित म (cid:18))Eतािवत राOीय जैव (cid:13)धन सम(cid:25)वय सिमित !ारा िलया जाएगा।
6.3 चूं(cid:4)क घरेलू जैव-(cid:13)धनG क(cid:30) उपल‘ध ता दशे क(cid:30) आवM यकता से बaत कम ह ैइसिलए जैव-(cid:13)धनG के िनया6त क(cid:30) अनमु ित
नहs होगी।
7.0 ििििहहहहततततधधधधााााररररककककEEEE कककक2222 भभभभििििूूूूममममककककाााा
7.1 सभी िहतधारकG अथा6त मं’ालयG / िवभागG, रा(cid:144)य सरकारG, (cid:4)कसानG, Dवसाय और उPोग और पशे ेवर
(cid:157)य वसािययG क(cid:30) िन(cid:131)िलिखत Rे’G म (cid:18)स(cid:4)7य भागीदारी सुिनि(cid:135)त क(cid:30) जाएगी:
i) बंजर भूिम पर Wटकाऊ तरीके स ेफ़(cid:30)डEटॉक का उYपादन
ii) (cid:4)कसानG को अपनी सीमातं भिू म पर फ़(cid:30)ड Eटॉक क(cid:30) (cid:4)कEमG को िवकिसत करने के िलए )ोYसाहन
iii) फ(cid:30)डEटॉक के िलए उपयु(cid:130) आपSू त }ृंखला क(cid:30) Eथापना
iv) फ(cid:30)डEटॉक Eटोरेज इं(cid:158)ाE(cid:12)Aचर
v) एकल िखड़क(cid:30) क(cid:30) मंजूरी और शी(cid:159) अनमु ोदन
vi) जैव (cid:13)धन संयं’G के िलए कर )ोYसाहन, सि‘सडी वाली िबजली, पानी क(cid:30) आपSू त, E थल तक सड़कG क(cid:30)
पaचं इYया(cid:4)द जैस े)ोYसाहन
कककक.... ररररााााHHHHययययEEEE कककक2222 भभभभििििूूूूममममककककाााा
7.2 जैव इ(cid:155)धन काय76 म का सफलतापूवक6 काया6(cid:25)वयन रा(cid:144)यG क(cid:30) स(cid:4)7य भागीदारी पर काफ(cid:30) हद तक िनभ6र करता ह।ै
िजन रा(cid:144)यG ने अपने यहां जैव (cid:13)धन बोड 6 Eथािपत (cid:4)कए ह 5 उनके अनभु वG का उपयोग करके अ(cid:25)य रा(cid:144)यG म(cid:18) जैव (cid:13)धन बोड 6
Eथािपत (cid:4)कए जाएगं (cid:18) तथा रा(cid:144)य सरकारG को अपन े यहां जैव (cid:13)धन के िवकास एव ं बढ़ाव े के िलए इन एज(cid:18)िसयG/बोडy को
उपयु(cid:130) cप स ेसश(cid:130) बनाने के िलए )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा। अ(cid:25)य Eटेक धारकG को भी काय67म हते ु नामं(cid:4)कत (cid:4)कया जाएगा।
7.3 रा(cid:144)य सरकारG को अखाP ितलहन पौधG क(cid:30) रोपण या जैव (cid:13)धन के अ(cid:25)य फ(cid:30)डEटॉAस हते ु भिू म के )योग तथा इस
)कार के पौधG को उगान े के िलए परती तथा खाली पडी सरकारी भिू म के आवंटन पर भी िनण6य लने े क(cid:30) आवMयकता होगी।
समEत मू(cid:6)य }ृंखला म (cid:18)जैव (cid:13)धन पWरयोजनाF को सहारा देन ेके िलए आवMयक बुिनयादी ढ़ाचं े का भी िनमाण6 करना होगा।
7.4 जैव (cid:13)धन संयं’G को लगान े के िलए एकल िखड़क(cid:30) क(cid:30) मंजूरी दने े हते ु रा(cid:144)यG को भी )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा। रा(cid:144)य
सरकार(cid:18) राजकोषीय )ोYसाहनG, कर छूट, सि‘सडी वाली िबजली क(cid:30) आपूSत, )ाथिमकता स ेसि‘सडी दरG पर भूिम आवंटन के
साथ शु(cid:26)आती कुछ जैव (cid:13)धन सयं ं’G को सहारा दने े के िलए )ितब: रहग(cid:18) ी।¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13
खखखख.... मममम(cid:21)(cid:21)ंं(cid:21)(cid:21)ंं ााााललललययययEEEE////ििििववववभभभभाााागगगगEEEE कककक2222 भभभभििििूूूूममममककककाााा
7.5 दशे म(cid:18) जैव (cid:13)धन काय67म के )भावी काया6(cid:25)वयन हते ुिविभQ मं’ालयG और िवभागG क(cid:30) भिू मका को िन(cid:131) सारणीब:
(cid:4)कया गया ह ै:
मममम(cid:21)(cid:21)ंं(cid:21)(cid:21)ंं ााााललललयययय////ििििववववभभभभाााागगगग भभभभूिूिूिूिममममककककाााा
पे(cid:12)ोिलयम एवं )ाकृितक गैस • जैव (cid:13)धन के िवकास के हते ु सम(cid:21) सम(cid:25)वय म’ं ालय
मं’ालय • राOीय जैव (cid:13)धन नीित और इसका काया(cid:25)6 वयन
• जैव (cid:13)धन के अनु)योग पर अनसु ंधान, िवकास और )दश6न
• जैव (cid:13)धन का िवपणन और िवतरण
• जैव (cid:13)धन के िम}ण का Eतर
• मू(cid:6)य िनधार6 ण और खरीद नीित का िवकास और काया(cid:25)6 वयन
• िववाद िनवारण
• उQत जैव (cid:13)धन अनसु ंधान और Rमता िनमा6ण के िलए अतं रराOीय सहयोग को
बढ़ावा देना
• पWरवहन (cid:13)धन के िलए एमएसड‘लू
(cid:21)ामीण िवकास मं’ालय (cid:21)ामीण आजीिवका काय76 मG, मनरेगा आ(cid:4)द के साथ बागवानी, आपूSत }ृंखला
गितिविधयां ।
कृिष और सहयोग िवभाग (कृिष और अ(cid:25)य मं’ालयG के साथ सम(cid:25)वय करके जैव (cid:13)धन के िलए वRृ ारोपण और नसर6 ी के
पWरवार क(cid:6)याण मं’ालय) जWरए संयं’ साम(cid:21)ी का उYपादन।
पया6वरण, वन और जलवाय ु • वन भिू म पर जैव (cid:13)धन वृRारोपण और जैव (cid:13)धन स ेसंबिं धत पया6वरण संबधं ी मुLे
पWरवतन6 मं’ालय (एमईईएफ और • बागानG और आपSू त }खृं ला के रखरखाव म(cid:18) समुदायG क(cid:30) भागीदारी
सीसी)
िव(cid:154)ान और )ौPोिगक(cid:30) म’ं ालय • िविवध फ(cid:30)डEटॉAस पर अनसु धं ान एवं िवकास और जैव (cid:13)धन िवकास के िलए
(जैव )ौPोिगक(cid:30) िवभाग तथा )ौPोिग(cid:4)कयG म (cid:18)सुधार।
िव(cid:154)ान एव ं)ौPोिगक(cid:30) िवभाग) • जैव (cid:13)धन (बायो(cid:150)यलू ) Rे’ म (cid:18) नवाचार और अYयाधुिनक अनुसंधान को बढ़ावा
दने ा।
• बायोWरफ़ाइनरी और मू(cid:6) य वSधत उYपादG के िलए )ौPोिग(cid:4)कयG का िवकास।
सड़क पWरवहन और राजमाग 6 • पWरवहन Rे’ म (cid:18)जैव (cid:13)धन के उपभोग / उपयोग को बढ़ावा दने ा।
मं’ालय
रेल मं’ालय • जैव (cid:13)धन क(cid:30) खपत / उपयोग को )ोYसाहन ।
उपभो(cid:130)ा मामलG के िवभाग (एम ओ • अंितम उपयोग हते ु जैव (cid:13)धन क(cid:30) गुणवnा िनयं’ण को सिु नि(cid:135)त करने के िलए
सीए, एफ व पी डी) िविनदश(cid:132) G, मानकG और कोडG को िनधाW6 रत करना ।
भारी उPोग और साव6जिनक उPम • बाजार म(cid:18) उपल‘ध जैव (cid:13)धन के अनकु ूल बनाने के िलए उपEकर िनमा6ताF को
मं’ालय सलाह दने ा ।
नवीन और नवीकरणीय ऊजा 6 • बायोमास / शहरी, औPोिगक और कृिष कचरे से बायोगैस के मा3यम से ऊजा 6
मं’ालय
उYपQ / उYप ा(cid:4)दत करना।
आवास और शहरी गरीबी उ(cid:25)मलू न • एमएसड‘ल ू क(cid:30) उपल‘धता हते ु शहरी E थानीय िनकायG और रा(cid:144)यG के साथ
मं’ालय सम(cid:25)वय करना। यह शहरी R’े G म(cid:18) पािलकाF के ठोस अपिश x सिहत जैव (cid:13)धन
हते ु महY वपूण 6 फ(cid:30)ड Eटॅाक ह,ै िजसके िलए इस मं’ालय !ारा नीितयG को जारी14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
(cid:4)कया जा रहा ह।ै
उपभो(cid:130)ा, खाP एवं सावज6 िनक • खाP एवं साव6जिनक िवतरण िवभाग एथेनॉल िडिEटलरीज Eथािपत करने के िलए
चीनी Rे’ म(cid:18) उपय(cid:130)ु िवnीय )ोYसाहन )दान करेगा।
िवतरण मं’ालय, खाP और
साव6जिनक िवतरण िवभाग
8888....0000 अअअअततंंततंं ररररररररााााJJJJीीीीयययय ससससहहहहययययोोोोगगगग
8.1 जैव (cid:13)धन के Rे’ म (cid:18) नए िसरे स े 3यान देन े के कारण, राOीय )ाथिमकता के अनसु ार अंतरराOीय Eतर पर वै(cid:154)ािनक
और तकनीक(cid:30) सहयोग Eथािपत (cid:4)कए जाएगं े । इसम(cid:18) अनसु ंधान एवं िवकास संEथानG और उPोगG से जुड़ ेसंयु(cid:130) अनसु धं ान और
)ौPोिगक(cid:30) िवकास, Rे’ीय अ3ययन, पायलट पमै ाने के सयं’ और )दशन6 पWरयोजनाF म (cid:18) सहयोग शािमल होगा।
)ौPोिग(cid:4)कयG को साझा करन े और िवnपोषण के िलए उपयु(cid:130) ि!पRीय और बaपRीय सहयोग काय67म िवकिसत (cid:4)कए
जाएंगे।
9999....0000 सससस!!ंं!!ंं थथथथाााागगगगतततत तततत(cid:21)(cid:21)ंं(cid:21)(cid:21)ंं
कककक.... ककककKKKKLLLL मममम KKKKजजजजववैैववैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधनननन ननननीीीीिििितततत सससस!!ंं!!ंं थथथथाााागगगगतततत तततत(cid:21)(cid:21)ंं(cid:21)(cid:21)ंं
9.1 काय6 आबंटन िनयमG के तहत, दशे म(cid:18) जैव (cid:13)धन के िवकास और उQयन के िविभ Q पहलुF स े िनपटने के िलए िविवध
मं’ालयG को िज(cid:127)मेदारी स¡पी गयी ह।ै Dापक दिृxकोण / काय6 Rे’ शािमल होने के कारण िविभQ िवभागG और एज(cid:18)िसयG के
बीच तालमेल आवMयक ह।ै इसके िलए जैव (cid:13)धन िवकास, उQयन और उपयोग के िविभQ पहलुF पर नीितगत मागद6 श6न और
)ारंिभक समीRा के िलए एक सश(cid:130) सिमित का होना आवM यक ह।ै
9.2 पे(cid:12)ोिलयम और )ाकृितक गसै मं’ी क(cid:30) अ3यRता म (cid:18) राOीय जैव (cid:13)धन सम(cid:25)वय सिमित (एनबीसीसी) Eथािपत करन े
क(cid:30) पWरक(cid:6)पना क(cid:30) गई ह।ै सबं ंिधत मं’ालयG के )ितिनिध इस सिमित के सदEय हGगे। सम(cid:21) सम(cid:25)वयन, शुc से अतं तक
)भावी काया6(cid:25)वयन तथा जैव (cid:13)धन काय76 मG क(cid:30) िनगरानी हते ु सिमित समय-समय पर बठै क आयोिजत करेगी। राOीय जैव
(cid:13)धन सम(cid:25)वय सिमित क(cid:30) सरं चना िन(cid:131) )कार स ेहोगी:
अअअअMMMMयययय(((( :::: पपपप(cid:3)(cid:3)ेे(cid:3)(cid:3)ेे ोोोोििििललललययययमममम औऔऔऔरररर (cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)ााााककककृृृृििििततततकककक गगगगससैैससैै मममम(cid:21)(cid:21)ंं(cid:21)(cid:21)ंं ीीीी
ससससदददद!!!!यययय::::
i. सिचव, पे(cid:12)ोिलयम और )ाकृितक गसै मं’ालय
ii. सिचव, (cid:21)ामीण िवकास िवभाग, (cid:21)ामीण िवकास मं’ालय
iii. सिचव, कृिष, सहयोग और (cid:4)कसान क(cid:6)याण, कृिष और (cid:4)कसान क(cid:6)याण मं’ालय
iv. सिचव, पया6वरण, वन एवं जलवायु पWरवतन6 मं’ालय
v. सिचव, िव(cid:154)ान और )ौPोिगक(cid:30) िवभाग, िव(cid:154)ान और )ौPोिगक(cid:30) मं’ालय
vi. सिचव, Dय िवभाग, िवn मं’ालय
vii. सिचव, सड़क पWरवहन और राजमाग6 मं’ालय
viii. अ3यR, रेलव ेबोड 6
ix. सिचव, खाP और साव6जिनक िवतरण िवभाग, उपभो(cid:130)ा, खाP और साव6जिनक िवतरण मं’ालय¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 15
x. सिचव, भारी उPोग िवभाग, भारी उPोग और साव6जिनक उPम मं’ालय
xi. सिचव , जैव )ौPोिगक(cid:30) िवभाग, िव(cid:154)ान और )ौPोिगक(cid:30) म’ं ालय
xii. सिचव, नवीन और नवीकरणीय ऊजा6 मं’ालय
xiii. सिचव, आवास और शहरी गरीबी उ(cid:25)मलू न मं’ालय
xiv. मुHय कायक6 ारी अिधक ारी, नीित आयोग
xv. संयु(cid:130) सिचव (Wरफाइनरी), पे(cid:12)ोिलयम और )ाकृितक गसै मं’ालय - सदEय सिचव,
9.3 जैव (cid:13)धन के काय6 समहू – जैव (cid:13)धन काय76 म के काया6(cid:25)वयन क(cid:30) िनगरानी हते ु एक काय 6 समहू गWठ त (cid:4)कया जाएगा।
इस काय 6समूह क(cid:30) संरचना िन(cid:131) )कार होगी -
अ3यR: संयु(cid:130) सिचव (Wरफाइनरी), पे(cid:12)ोिलयम और )ाकृितक गैस मं’ालय
सदEय :
i) एमओपीएंडएनजी !ारा नामा(cid:4)ं कत जैव (cid:13)धनG के Rे’ म(cid:18) )Hयात िवशेष(cid:154)
ii) जैव (cid:13)धनG के Rे’ म (cid:18)अनुसधं ान और शैRिणक संEथानG के तकनीक(cid:30) िवशेष(cid:154)
iii) उपयु6(cid:130) 9.2 म (cid:18)उि(cid:6)ल िखत संबंिधत मं’ालयG / िवभागG के )ितिनिध
iv) ओएमसी के )ितिनिध
v) पीसीआरए के )ितिनिध
vi) उPोग, सीएसआईआर लैब, राOीय शक6रा संEथान और जैव (cid:13)धन संघ से िवशेष(cid:154)/ )ितिनिध
खखखख.... ररररााााHHHHयययय !!!!ततततरररर पपपपरररर जजजजववैैववैै (cid:29)(cid:29)(cid:29)(cid:29)धधधधनननन सससस!!ंं!!ंं थथथथाााागगगगतततत तततत(cid:21)(cid:21)ंं(cid:21)(cid:21)ंं
9.4 राOीय जैव (cid:13)धन नीित के )ावधानG और cप रेखा के अनुcप रा(cid:144)य Eतरीय जैव (cid:13)धन िवकास बोड 6 क(cid:30) Eथापना को
यह नीित )ोYसािहत करती है। छnीसगढ़, उnर)दशे , कना6टक, राजEथान और उnराखंड जैसे पांच रा(cid:144)यG म (cid:18) इस )कार के
बोड 6 काय6 कर रह े ह।5 रा(cid:144)य सरकार(cid:18) इन बोडy को अनुदान दते ी ह 5 जो इनके काय 6 के िलए पणू 6त: जवाबदेह ह।ै जैव (cid:13)धन पर
राOीय नीित के Dापक उLेMयG के अनसु ार अ(cid:25)य रा(cid:144)यG को अपने यहां जैव (cid:13)धन को बढ़ावा दने े के िलए इसी )कार के बोड 6
Eथािपत करन े के िलए )ोYसािहत (cid:4)कया जाएगा। मौजूदा बोडy को सहयोगाYमक गितिविध यG को बढ़ावा देन े हते ु )ोYसािहत
(cid:4)कया जाएगा ता(cid:4)क जैव (cid:13)धन काय67म म(cid:18) अिध क स ेअिध क रा(cid:144)य भाग ल ेसक(cid:18)।
संदीप पौ?डरीक, संयु(cid:130) सिचव
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