This press release from the Reserve Bank of India (RBI) announces decisions made on February 5, 2025, following the 56th meeting. The RBI's website is www.rbi.org.in. Communications can be directed to the Department of Communication, Central Office, Shahid Bhagat Singh Marg, Fort, Mumbai – 400 001, via email at helpdoc@rbi.org.in, or by phone at 022 2266 0502. Key highlights include that the RBI was established in 1949. The policy repo rate remains unchanged at 5.50%. 464i increased to 471. Furthermore, the release references circulars 23, 25 and 31 from 2005 and December 2024. The release outlines policy objectives for the fiscal year 2025-2026, including targeting an inflation rate of 46%.
Key Entities Referenced
Reserve Bank of India: The central bank of India, responsible for monetary policy and regulation of the banking system.
Mumbai, Maharashtra: City in India where the Central Office of the Reserve Bank of India is located.
Shahid Bhagat Singh Marg: The street address of the Department of Communication, Central Office of the Reserve Bank of India in Mumbai.
Fort: Area in Mumbai where the Central Office of the Reserve Bank of India is located
Banking Regulation Act, 1949: An Act of the Parliament of India to regulate banking companies in India.
2025-2026: A fiscal year, likely the period to which some policy or initiative discussed applies.
प्रेस प्रकाशनी PRESS RELEASE
भारतीय ररज़र्व ब ैंक
RESERVE BANK OF INDIA
वेबसाइट
:
www.rbi.org.in/hindi
संचार वर्भाग, केंद्रीय कायाालय, शहीद भगत ससिंह मागा, फोटा, म िंबई - 400 001
Website : www.rbi.org.in Department of Communication, Central Office, Shahid Bhagat Singh Marg, Fort,
ई-मेल/email : helpdoc@rbi.org.in Mumbai - 400 001 फोन/Phone: 022 - 2266 0502
5 सितंबर 2025
भारतीय ररज़र् व बकैं न े दि रोसिका िट्रें ल को-ऑपरेरिर् बकैं सलसििेड, सबिार पर िौदिक िडं लगाया
भारतीय ररज़र् व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 2 सितंबर 2025 के आिेश द्वारा दि रोसिका िेंट्रल को-ऑपरेरिर् बैंक
सलसििेड, सबिार (बैंक) पर बैंककारी सर्सनयिन असिसनयि, 1949 (बीआर असिसनयि) की िारा 56 के िाथ परित
िारा 9 के प्रार्िानों के उल्लंघन तथा भारतीय ररज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘ििकारी बैंकों द्वारा िाख िूचना कंपसनयों
(िीआईिी) की ििस्यता’ और ‘अपने ग्रािक को जासनए (केर्ाईिी)’ िंबंिी कसतपय सनिेशों के अननुपालन िते ु ₹
5.50 लाख (पााँच लाख पचाि िजार रुपये िात्र) का िौदिक िंड लगाया ि।ै यि िंड, बीआर असिसनयि की िारा
46(4)(i) और 56 के िाथ परित िारा 47ए(1)(िी) और प्रत्यय सर्षयक जानकारी कंपनी (सर्सनयिन) असिसनयि,
2005 की िारा 23 के िाथ परित िारा 25 के प्रार्िानों के अंतगवत भारतीय ररज़र् व बैंक को प्रित्त शसियों का प्रयोग
करते हुए लगाया गया ि।ै
31 िाचव 2024 को बैंक की सर्त्तीय सस्थसत के िंिभव िें राष्ट्रीय कृसष और ग्रािीण सर्काि बैंक (नाबाडव) द्वारा बैंक
का िांसर्सिक सनरीक्षण दकया गया। िांसर्सिक प्रार्िानों/ भारतीय ररज़र्व बैंक के सनिशे ों के अननुपालन के पयवर्ेक्षी
सनष्कषों और उििे िंबंसित पत्राचार के आिार पर, बैंक को एक नोरिि जारी दकया गया सजििें उििे यि पूछा गया
दक र्ि कारण बताए दक उि प्रार्िानों और सनिेशों के अनुपालन िें सर्फलता के सलए उि पर िंड क्यों न लगाया
जाए। नोरिि पर बैंक के उत्तर और व्यसिगत िुनर्ाई के िौरान दकए गए िौसखक प्रस्तुसतयों पर सर्चार करने के बाि,
भारतीय ररज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के िाथ-िाथ, यि पाया दक बैंक के सर्रुद्ध सनम्नसलसखत आरोप सिद्ध हुए ि,ैं सजिके
सलए िौदिक िंड लगाया जाना आर्श्यक ि:ै
बैंक सनम्नसलसखत िें सर्फल रिा:
i) सनिावररत अर्सि के भीतर कुछ गैर-बैंककंग आसस्तयों का सनपिान;
ii) िभी चार िाख िूचना कंपसनयों को अपन े ग्रािकों की ऋण िंबंिी जानकारी प्रस्तुत करना; और
iii) सनिावररत ििय-िीिा के भीतर ग्रािकों के केर्ाईिी ररकॉडव केंिीय केर्ाईिी ररकॉडव रसजस्ट्री
(िीकेर्ाईिीआर) पर अपलोड करना।
यि कारवर्ाई, सर्सनयािकीय अनुपालन िें कसियों पर आिाररत ि ै और इिका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्रािकों के
िाथ दकए गए दकिी भी लेनिेन या करार की र्ैिता पर िर्ाल करना निीं ि।ै इिके अलार्ा, इि िौदिक िंड को
लगान े िे भारतीय ररज़र्व बैंक द्वारा बैंक के सर्रुद्ध की जान े र्ाली दकिी भी अन्य कारवर्ाई पर कोई प्रसतकूल प्रभार्
निीं पडेगा।
(पनु ीत पचं ोली)
प्रेि प्रकाशनी: 2025-2026/1046 िुख्य ििाप्रबंिक