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Date: 2015-03-09 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़, दिनांक 9 मार्च, 2015 को, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी किया गया एक आदेश है, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट में आवंटित 50 करोड़ रुपये की शेष धनराशि से संबंधित है। धनराशि का उपयोग कुछ शर्तों के अधीन, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथा संशोधित) के अनुसार मेगा इकाइयों को ऋण प्रदान करने के लिए किया जाएगा। **मुख्य बातें** *स्वीकृति और प्रबंधन* * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा। * स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। *ऋण वितरण के लिए पात्रता* * यह धनराशि उन पात्र मेगा इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथा संशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। * यह धनराशि ऐसी पात्र नई मेगा इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। * पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। *ऋण वसूली और ब्याज* * पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। * ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। * यदि पिकप द्वारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप द्वारा शासन को 1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। *अनुपालन और उपयोगिता प्रमाण पत्र* * स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-बी-1-2457/दस-2014-231/2014 दिनांक 22 जुलाई, 2014 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। * उक्त धनराशि को आहरित करके पिकप को उपलब्ध कराया जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग (अनुभाग-6)/ वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। *अन्य* * वितरित धनराशि के सापेक्ष इकाइयों द्वारा ऋण का भुगतान वित्तीय वर्ष 2016-2017 से प्रारम्भ होगा। **प्रभाव विश्लेषण** **पिकप (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम) (पिकप) **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत इकाइयों को ऋण वितरण में शामिल है। **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत धनराशि के लिए लेखा-जोखा रखें, ऋण का वितरण करें, ऋण की वसूली करें और निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। **मेगा औद्योगिक इकाइयाँ** **प्रभाव:** प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथा संशोधित) का अनुपालन करने के अधीन प्रारंभिक वर्षों में कार्यशील पूंजी तक पहुँच प्राप्त होती है। **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना होगा कि वे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथा संशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूरी तरह से पालन करते हैं। ऋण के पुनर्भुगतान के लिए तैयार रहें, जो वित्तीय वर्ष 2016-2017 से शुरू होगा। **संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ** **प्रभाव:** योजना के क्रियान्वयन और धनराशि के उचित उपयोग की निगरानी में शामिल। **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत धनराशि की आवश्यकता का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि ऋण वितरण का अनुश्रवण किया जाए। **उत्तर प्रदेश सरकार (उद्योग विभाग और वित्त विभाग)** **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना को क्रियान्वित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि धन का उपयोग प्रभावी ढंग से किया जाए। **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें और यह सुनिश्चित करें कि योजना वित्तीय और नियामक दिशानिर्देशों का पालन करती है।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना: उत्तर प्रदेश में मेगा इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए पिकप द्वारा संचालित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना पिकप (PICUP): उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (UPFC) औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित): पात्र इकाइयों को ऋण की वसूली के लिए संदर्भित नियम पुस्तिका। उत्तर प्रदेश शासन: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना को मंजूरी देने वाली सरकारी निकाय। लखनऊ मण्डल, लखनऊ: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के वितरण और निगरानी के लिए स्थान की विशिष्टता।
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संख्या: सेवा में, 2053/77-6-5-5(Tate)/( 3ETO SO कंचन वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ।| औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 09 मार्च, 20i5 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषय पर मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तर प्रदेश A मेगा इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन के प्रारम्भिक वर्षों में कार्यशील पूंजी उपलब्ध केराने हेतु पिकप cant संचालित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया है। इस हेतु चालू वित्तीय वर्ष 20i4-5 के आय-व्ययक में रूपये 70.00 एवं 50.00 करोड़ (रुपये एक अरब बीस करोड़ मात्र) की बजट व्यवस्था की गई है। इसके सापेक्ष उपरोक्त योजना मैं से उत्तर प्रदेश स्टेट स्पिनिंग कम्पनी लि. बाराबंकी कताई मिल को वित्तीय वर्ष 20i4-5 मैं कार्यशील पूंजी हेतु रु. 4.95 करोड़ के ऋण की स्वीकृति एवं उ0प्र0 वित्तीय निगम को धनराशि रु. 65,05,00,000.00 (रु. पैंसठ करोड़ पांच लाख) At facia स्वीकृति दिनांक 07--204 को जारी की जा चुकी है। अवशेष धनराशि 50.00 करोड़ रूपये की वित्तीय स्वीकृति. प्रश्कगत योजना के क्रियान्वयन हेतु निम्नलिखित शर्तों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपात्र महोदय स्वीकृति प्रदान करते go- 4- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप SANT रखा जाएगा। 2- यह धनराशि उन पात्र AT : इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्नी 2003 (यथा संशोधित) मैं उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। यह धनराशि: ऐसी. पांत्र नई मेगा इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम मैं वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाइयों. को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्री-2003 (यथा संशोधित) में दिए... गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औषचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। यदि पिकप दूवारा किसी किश्त के भुगतान मैं डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप दूवारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से fares की अवधि मे ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ GANT किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्षपिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ SANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 8- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-बी-4-2457/ दस-204- 23/20i4 दिनांक 22 जुलाई, 204 cant जारी दिशा-निर्देशां का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 9- उक्त धनराशि को आहरित करके पिकप को उपलब्ध कराया जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप दूवारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग (अनुभाग-6)/ वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया. जाएंगो।. पिकप द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से स्थिति स्पष्ट कर लेंगे। वितरित धनराशि के सापेक्ष इकाइयों CANT ऋण का भुगतान वित्तीय वर्ष 206-207 सें प्रारम्भ होगा। 0 उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20:4-45 के आय-व्ययक में उद्योग. विश्वाग की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य Hat-0I- औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य -उपक्रमों को कर्ज-06-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा। {4- यह आदेश वित्त विक्ाग के अशासकीय संख्या-यू.ओ.-बी-4- 4/q8-20i5 A दिनांक 04.03.20i5 A प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीया, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव। संख्या: 2053(4)/77-6-4-5(aate)/(3e0H0, तद॒दिनांक उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित. al Gaal एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः {- महालेखाकार, (लेखा Ud SHANI) प्रथम, उ.प्र., इलाहाबाद | 2- कोषाधिकारी, लखनऊ। 3- प्रबंध निदेशक, Hao, Ha भवन, गोमती नगर, लखनऊ को उनके पत्र संख्या-इन्स-आईएआईएपी0एस0 /(0/07-08/aIeYa-2/2448 दिनांक (8-2-204 के क्रम मैं अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित। 4- आयुक्त Ves निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HAT 5- निदेशक, वित्तीय aera निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 6- वित्त (आयःव्ययक) अनुभाग-/4 7- वित्त. (व्यय-नियंत्रण) अनुभा-6 8- नियोजन अनुभाग-4/4 9- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 0- गार्ड फाइल। आजा से, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव।

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