Executive Summary & Key Takeaways
ज़रूर, यहां सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश राज्य में सिंगल विंडो पोर्टल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिशानिर्देश प्रदान करता है। यह औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को कारगर बनाने, समयबद्ध अनुमोदन सुनिश्चित करने और निवेश-अनुकूल वातावरण बनाने पर केंद्रित है। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होते हैं, और 30 जून, 2018 तक संबंधित विभागों की वर्तमान प्रक्रियाओं के साथ-साथ लागू रहेंगे, जिसके बाद 1 जुलाई, 2018 से केवल उल्लिखित प्रावधान ही प्रभावी होंगे।
**मुख्य बातें**
* **ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस:**
* औद्योगिक इकाइयां सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करती हैं।
* उद्यमियों को पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और एक डैशबोर्ड मिलेगा जहां वे अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
* विभागीय मंजूरी, नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी), पंजीकरण और लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आवश्यक है।
* **ऑनलाइन भुगतान:**
* पोर्टल इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और अन्य अनुमोदित भुगतान गेटवे के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान की अनुमति देता है।
* उद्यमियों द्वारा भुगतान की गई फीस संबंधित विभाग के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, जिसकी जानकारी बैंकों द्वारा पोर्टल के माध्यम से साझा की जाएगी।
* पूल खाते से संबंधित लेनदेन के सामंजस्य के लिए उद्योग बंधु स्तर पर मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।
* **अनुमोदन की प्रक्रिया:**
* आवेदन जमा करने के बाद, जिला स्तरीय नोडल अधिकारी फॉर्म की समीक्षा करते हैं और यदि आवश्यक हो तो कमियों के साथ उद्यमियों को वापस कर देते हैं।
* नोडल अधिकारी के पास आगे की कार्रवाई पर विवेक है यदि उद्यमी समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी प्रदान नहीं करता है।
* स्वीकृत अनुमोदन/एनओसी/लाइसेंस ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, और प्रतियों को पोर्टल पर डिजिटली रूप से साइन किया जाएगा।
* **एनआईसी लखनऊ की भूमिका:**
* एनआईसी लखनऊ पोर्टल विकसित करता है और उसे एनआईसी डेटा सेंटर, उत्तर प्रदेश के माध्यम से तैनात करता है।
* वे पोर्टल को अपग्रेड और बनाए रखते हैं और विभागों और उद्योग बंधु के नामित अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
* **बैंकों की भूमिका:**
* बैंकों को उद्यमियों द्वारा जमा की गई फीस का विवरण पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होगा।
* उन्हें संबंधित विभाग के खाते में राशि हस्तांतरित करने और पोर्टल पर लेनदेन की जानकारी अपडेट करने की आवश्यकता है।
* उन्हें सामंजस्य बैठकों में भाग लेना होगा और भुगतान से संबंधित समस्याओं का समाधान करना होगा।
* **जिलाधिकारियों की भूमिका:**
* जिलाधिकारी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों की निगरानी करते हैं और जनपद स्तरीय उद्योग बंधु की बैठकों में उनकी देखरेख में सभी कार्य पूर्ण किए जाएंगे।
* **विभागों की भूमिका:**
* विभाग निवेश को बढ़ावा देने के लिए पहले और बाद में सभी आवश्यक अनुमोदन, अनापत्ति, पंजीकरण और लाइसेंस सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से प्रदान करते हैं।
* विभाग अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करते हैं, पोर्टल को अन्य सेवा पोर्टलों के साथ इंटीग्रेट करते हैं और उद्यमियों की मदद करते हैं।
* अधिकारी सुनिश्चित करें कि उद्यमियों से मैन्युअल रूप से शुल्क नहीं लिया जाए और वे आवेदनों पर समय पर निर्णय लें।
* **उद्योग बंधु की भूमिका:**
* उद्योग बंधु सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के संचालन, निगरानी और समाधान के लिए अधिकृत है।
* सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के कुशल संचालन और समस्याओं के समय पर समाधान के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाता है।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **औद्योगिक इकाइयां:**
* **प्रभाव:** आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, बेहतर पारदर्शिता और समय पर मंजूरी देना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सिंगल विंडो पोर्टल पर पंजीकरण करें, आवश्यकताओं के अनुसार ऑनलाइन आवेदन जमा करें, और लंबित रहने की स्थिति में समय पर जानकारी प्रदान करें।
* **विभागीय अधिकारी:**
* **प्रभाव:** अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, जवाबदेही में वृद्धि और बेहतर समन्वय।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नोडल अधिकारी नामित करें, पोर्टल के साथ इंटीग्रेट करें, और सुनिश्चित करें कि आवेदन के साथ लगे सभी शुल्क ऑनलाइन लिए जाएं।
* **एनआईसी लखनऊ:**
* **प्रभाव:** पोर्टल के सुचारू कामकाज को बनाए रखने के लिए निरंतर विकास और समर्थन प्रदान करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पोर्टल को अपडेट और बनाए रखें, और विभागों और उद्योग बंधु के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करें।
* **बैंक:**
* **प्रभाव:** समय पर फंड ट्रांसफर और सामंजस्य सुनिश्चित करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** लेनदेन के विवरण प्रदान करें, सामंजस्य बैठकों में भाग लें और भुगतान से संबंधित मुद्दों का समाधान करें।
* **जिलाधिकारी:**
* **प्रभाव:** जनपद स्तरीय उद्योग बंधु की बैठकों में पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों का अनुश्रवण करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** जनपद स्तरीय उद्योग बंधु की बैठकों में पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों का अनुश्रवण उनकी देखरेख में सुनिश्चित किया जाए।
* **उद्योग बंधु:**
* **प्रभाव:** सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली का संचालन, निगरानी और समाधान करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के कुशल संचालन और समस्याओं के समय पर समाधान के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करना।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 : उत्तर प्रदेश सरकार की एक नीति जिसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
उद्योग बन्धु : एक प्राधिकृत संस्था जिसे नवनिर्मित वेब पोर्टल के अन्तर्गत सर्वनिष्ठ आवेदन प्रारूप के माध्यम से विभागीय अनुमतियों को ऑनलाइन आवेदन करने तथा सम्बन्धित विभागों से समन्वय का कार्य संपादित करने एवं प्रभावी अनुश्रवण हेतु नामित किया गया है।
निवेश मित्र : उद्योग बन्धु में एक सशक्त ऑनलाइन सिंगल विण्डो पोर्टल जो सभी औद्योगिक सेवाओं को ऑनलाइन तथा एक स्रोत से प्रदान करने के आशय से प्रदेश सरकार द्वारा विकसित किया गया है।
एन.आई.सी. लखनऊ : एन.आई.सी लखनऊ द्वारा पोर्टल को विकसित कर उसका परिनियोजन एन.आई.सी डाटा सेंटर उत्तर प्रदेश के माध्यम से किया जाएगा।
जिलाधिकारी : जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु की बैठकों में पोर्टल से प्राप्त आवेदन पत्रों का अनुश्रवण किया जाएगा।
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UCAT- 488/ 77-6-8-08(एम)/ 20i2eRN 8( कैबिनेट)
प्रेषक,
राजीव कुमार,
मुख्य सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
'- समस्त अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव/ सचिव, उ.प्र. शासन।
2-.... समस्त मण्डलायुक्त। जिलाधिकारी, उ.प्र. |
3-.... समस्त विभागाध्यक्ष, उ.प्र. |
औद्योगिक विकास अलुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 09 अप्रैल, 208
विषय:सिंगल विण्डो पोर्टल को प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किये जाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश/ मार्गदर्शी
सिद्धांत।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रदेश A Hain औद्योगिक निवेश एवं
रोजगार सृजन के उद्ददेश्य से शासन द्वारा festa "उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-
20(7" के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं & सरलीकरण, सर्वोत्तम समयबद्ध मानदण्डों
के अनुरुप स्वीकृति/ सुविधा सेवाएं ससमय सुनिश्चित करने. एवं निवेशपरक वातावरण बनाये जाने पर विशेष
बल दिया गया है। इस हेतु मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा समय-समय पर दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी
औद्योगिक सेवाओं/ स्वीकृतियों/ अनुमोदनों। अनुमत्तियों। लाइसेंस को ऑनलाइन तथा एक स्रोत से प्रदान करने
के आशय से प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग dey में एक सशक्त ऑनलाइन सिंगल विण्डो पोर्टल-निवेश मित्र
विकसित किया गया है।
2- .... इस नवनिर्मित वेब पोर्टल के. अन्तर्गत सर्वनिष्ठ आवेदन प्रारूप के माध्यम से विभागीय अनुमतियों,
अनापत्तियों, पंजीयन, asa आदि Wa करने हेतु ऑनलाइन आवेदन करने तथा सम्बन्धित विभागों से
समन्वय का कार्य संपादित करने एवं प्रभावी अनुश्रवण हेतु उद्योग बन्धु को प्राधिकृत संस्था नामित किया
जाता है।
3- यह वेब पोर्टल तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा।
4- पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया निम्नवत निर्धारित की जाती हैं:-
(4.') _ औद्योगिक इकाइयों को ऑनलाइन सिंगल विण्डो पोर्टल- निवेश मित्र व्यवस्थान्तर्गत
"सर्वनिष्ठ आवेदन प्रपत्र (Common Application Form)" व्यवस्था का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा
जिसके अन्तर्गत उद्यमियों को आवेदन प्रपत्रों में अंकित कामन फील्ड केवल एक बार ही भरनी होगी
जो की यथावश्यकता संबंधित आवेदन प्रपत्रों में स्वतः प्रदर्शित हो जायेगी।
(4.2) सर्वप्रथम पोर्टल पर उद्यमी द्वारा पंजीकरण कराया जायेगा, पंजीकरण करते ही उद्यमी की
पंजीकृत ई.मेल पर उसका यूज़र आई.डी. व पासवर्ड तथा एक एकाउन्ट वेरीफिकेशन लिंक उपलब्ध
होगा। उक्त लिंक पर क्लिक करने पर पंजीकृत मोबाइल नं. पर ओ.टी.पी. प्रदर्शित होगा, जिसको
पोर्टल पर अंकित करने के पश्चात् उद्यमी अपनी प्रोफाईल अपडेट करेगा, जिसके उपरान्त उसे अपनेलागिन आई.डी. पर एक डैश-बोर्ड उपलब्ध हो जायेगा जिसमें उसे, उसके द्वारा किये गये आवेदन से
संबन्धित समस्त कार्यवाहियों की अद्यतन स्थिति ज्ञात हो सकेगी।
(4.3) औद्योगिक इकाईयों के लिए समस्त विभागीय अनुमतियों, अनापत्तियों, पंजीयन, लाइसेन्स
आदि प्रास करने हेतु आन लाइन सिंगल विण्डो पोर्टल पर ही आवेदन करना अनिवार्य होगा। इसके
क्रियान्यवन हेतु सभी संबंधित विभाग अपने विभागीय पोर्टल पर औद्योगिक इकाईयों के आवेदन
प्रपत्र सिंगल विण्डो पोर्टल-निवेश मित्र के माध्यम से कराये जाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से
बनायेगें |
(4.4) आन लाइन सिंगल विण्डो पोर्टल में यह व्यवस्था होगी कि उद्यमी द्वारा सर्वनिष्ठ आवेदन
प्रारूप भरने एवं प्रोफाइल अपडेट करने के पश्चात उद्योग की प्रकृति एवं श्रेणीतुसार संबन्धित विभागों
से प्राप्त होने वाली अनुमतियां, अनापत्ति, पंजीयन, लाइसेन्स के आवेदन प्रारूप का .विवरण उद्यमी को
अपने लागिन आई.डी. पर दिखायी दे जिसके अन्तर्गत Saal उन्हे अपनी आवश्यकता के अनुसार
चिन्हित कर पृथक-पृथक आवेदन पत्रों का अवलोकन एवं आवेदन कर सकेगें।
(4.5) आवेदन पत्र खोलने के पश्चात वे सूचनाएं जो उद्यमी द्वारा सर्वनिष्ठ आवेदन प्रपत्र में भरी गयी
थीं, वह स्वतः उन आवेदन-पत्र में भरी हुई होंगी, उन्हे बार-बार भरने की. आवश्यकता नहीं पढड़ेगी।
(4.6) उद्यमी को सम्बन्धित आवेदन-पत्र के साथ संलग्न किये जाने वाले आवश्यक प्रपत्रों को
अपलोड किये जाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
(4.7) उद्यमी को फार्म भरने में आने वाली व अन्य कठिनाइयों के सम्यक निवारण हेतु उद्योग
dey की tou लाइन सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। इसके लिये न्यूनतम दो कार्मिकों को उद्योग
बन्धु में सहायक के रूप में सेवायोजित किया AWM! इसका स्वरूप एवं संरचना काल सेन्टर के
साइश्य होगी।
आन लाइन भुगतान की प्रक्रिया
(5. आन लाइन सिंगल विण्डो. ules व्यवस्थान्तर्गत आवेदन करने के साथ विभाग द्वारा समय-
समय पर निर्धारित Yow के Ha लाइन भुगतान यथा-इन्टरनेट बैकिंग, डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड
आदि के माध्यम से किये जाने हेतु “Wee गेट-वे", सुविधा अनुमन्य करते हुये, सार्वजनिक क्षेत्र
एवं रिज़र्व बैंक आफ इण्डिया द्वारा अधिसूचित शैड़्यूल्ड बैंकों से भुगतान Wa करने/ भुगतान करने
के लिये उद्योग dey अधिकृत होगें।
(5.2) आन लाइन सिंगल विण्डो पोर्टल A यह व्यवस्था होगी कि asa अनुमति, अनापत्ति,
पंजीयन, लाइसेन्स इत्यादि हेतु विभागवार निर्धारित शुल्क के साथ-साथ समेकित शुल्क का विवरण
उद्यमी को इृष्टब्य हो ताकि उद्यमी द्वारा उसका भुगतान एक मुश्त अथवा प्रपत्र-वार आनलाइन किया
a सके, जोकि आर.बी.आई. की गाइडलाइन्स के अनुरूप स्वतः ही उद्योग बन्धु-निवेश मित्र के पूल
खाते A क्रेडिट हो जायेगी।
(5.3) उद्योग बन्धु-निवेश मित्र के पूल खाते मे क्रेडिट हुई उक्त समेकित धनराशि A सें राज्य
सरकार के संबन्धित विभागों के लेखा शीर्ष A समतुल्य धनराशि कोषागार में अथवा राज्य सरकार
के अधीन निगम, बोर्ड, प्राधिकरण के विनिर्दिष्ट बैंक wal में, उद्योग बन्धु-निवेश मित्र के पूल खाते
को संचालित कर रहे बैंकों द्वारा हस्तांतरित की जायेगी। उक्त समेकित शुल्क/ धनराशि का विभागवार
विवरण भी ज्ञात किया जा सकेगा।
(5.4) उक्त की सूचना समस्त विभागों को स्वतः आन-लाइन सम्प्रेषित हो जायेगी। सभी संबंधित
विभागों द्वारा उद्योग बन्धु-निवेश मित्र के पूल खाते में प्राप्त धनराशि को संबंधित कार्य हेतु प्रास
मानते हुए आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी।(5.5) सिंगल विण्डो सिस्टम में उद्यमियों द्वारा आन-लाइन भुगतान करने हेतु निम्नलिखित विकल्प
उपलब्ध होंगे:-
(5.5.) WAec ded सुविधा (Payment Gateway Facility)- इसके अन्तर्गत उद्यमी
वीजा/ मास्टर डेबिट/ क्रेडिट कार्ड आदि का प्रयोग कर भुगतान कर सकता हैं।
(5.5.2) नेट बैंकिग (Net छाताए)-सुविधा के अन्तर्गत sal सार्वजनिक क्षेत्र एवं रिज़र्व
बैंक आफ इण्डिया द्वारा अधिसूचित शैड़्यूल्ड बैंक (लगभग 40 मान्यबैंकों) के
माध्यम से भुगतान कर सकता है।
(5.6) उद्यमी द्वारा जमा कराई गई फीस की धनराशि के सम्बन्धित विभाग के खाते में हस्तान्तरण
की प्रक्रिया के अन्तर्गत बैंको को पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन एक ई-मेल स्वतः उपलब्ध कराई
जायेगी, जिसमें पूर्व दिनांक में उद्यमियों से प्राप्त शुल्क की एम.आई.एस. उपलब्ध होगी।
(5.7) संबंधित बैंको द्वारा इस ई-मेल A इंगित प्राप्त शुल्क को निम्न व्यवस्था अनुसार हस्तांतरित
किया जाएगाः:-
(5.7.॥ सम्बन्धित उन विभागों जिनके खाते बैंक में हैं, उनके बैंक खाते में NEFT/RIGS
के माध्यम से हस्तांतरण किया जाएगा।
(5.7.2) सम्बंधित उन विभागों जिनके कोषागार खाते हैं, उनके कोषागार (E-Rajkosh) में
ट्रेजरी चालान स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा Glee कर E-Net/Net Banking के
माध्यम से संबंधित विभागों के कोषागार. स्थित खातों में धनराशि हस्तांतरित किया
जायेगा।
(5.8) बैंको द्वारा Transfer प्रक्रिया के दौरान किये. गये प्रत्येक Transaction का एक पृथक Unique
Transaction Reference (UTR) Number स्वतः generate होगा जो कि Entrepreneur Id, Service Id and
Unit Ids से AT होगा। बैंको द्वारा Edd: generated UTR No. के माध्यम से बनाई गई एम.आई.एस.
पोर्टल पर स्वतः अपलोड होगा, ran Sua सम्बन्धित विभाग द्वारा उद्यमी से आवेदन पत्र के
सापेक्ष प्राप्त शुल्क की धनराशि के reconciliation éq किया जा सकेगा। इसी UTRNow माध्यम से
बनाई गई एम.आई.एस. का. उपयोग उयमी भी उसके द्वारा भुगतान की गई फीस की धनराशि के
सापेक्ष विभाग द्वारा प्राप्त की गई धनराशि के reconciliation हेतु कर सकेगा।
(5.9) पूल खाते के reconciliation हेतु एक बैठक उद्योग dey स्तर पर प्रत्येक माह आदत की
जायेगी, जिसमें . उद्योग बन्धु, सम्बन्धित विभागों, एन.आई.सी. लखनऊ एवं सम्बन्धित बैंको के
प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग कर reconciliation का कार्य सम्पादित किया जायेगा।
(5.0) "यदि किसी परिस्थिति में किसी कारणवश saat द्वारा किया गया भुगतान गलत हो जाता है
अथवा एक से ज्यादा बार भुगतान कर दिया जाता है तो ऐसी स्थिति में जिस सम्बन्धित विभाग
को Weld भुगतान अथवा एक से ज्यादा बार भुगतान Wa हो गया है, उस विभाग की जिम्मेदारी
होगी कि वह ऐसे प्रकरण में we भुगतान की धनराषि उद्यमी को सीधे वापस करें, एवं उसका
विवरण उद्योग बन्धु को भी उपलब्ध कराये।
आन लाइन अनुमोदन की प्रक्रिया
(6.]) Saal द्वारा आन लाइन सिंगल विण्डो पोर्टल के माध्यम से स्वीकृतियों को wa करने हेतु
आवेदन-पत्र Submit करते ही आवेदन फार्म स्वतः ही विभाग के पोर्टल के माध्यम से जिला स्तरीय
नोडल अधिकारी के एकाउन्ट में प्रदर्शित हो जायेगा एवं नोडल अधिकारी को इसकी सूचना ई-मेल व
एस.एम.एस. के माध्यम से भी प्रास हो जायेगी।(6.2) उद्यमी द्वारा आन लाइन सिंगल विण्डो पोर्टल के माध्यम से आवेदन के सापेक्ष फीस हेतु
धनराशि जैसे ही उद्योग बन्धु-निवेश मित्र पूल खाते में जमा कराई जाती है तथा भुगतान सफलता
पूर्वक पूल में जमा होना प्रदर्शित हो जाता है, विभाग द्वारा भौतिक रूप से उनके खाते में फीस
हस्तान्तरित होने की प्रतीक्षा किए बिना ही तत्काल अनुमोदन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी।
(6.3) विभाग के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी द्वारा अपने यूजर आई.डी. पासवर्ड को प्रयोग करते
हुए फार्म को पूर्ण रूप से चेक किया जाएगा। चेक करने के उपरान्त यदि किसी बिन्दु पर कमियां
पाई जाती है तो उन कमियों से उद्यमी को पोर्टल पर आवेदन पत्र Wa होने के 07 कार्य दिवस के
भीतर अधिकतम 0 (एक बार) रिव्यू हेतु भेजा जाएगा। विभाग का नोडल अधिकारी रिव्यू के साथ
अपनी टिप्पणी भी भेज सकता है। इसकी जानकारी उद्यमी को ई-मेल व एस.एम.एस. के माध्यम से
स्वतः उपलब्ध हो जायेगी, साथ ही उद्यमी को उसके लागिन आई.डी. में स्थित sa als ut भी यह
सूचना प्रदर्शित होगी।
(6.4) उद्यमी को रिव्यू हेतु फार्म में मार्क बिन्दुओं पर सही एवं पूर्ण सूचना भरकर फार्म को 07
दिन के अन्दर पुनः Submit करना होगा। यदि उद्यमी 07 दिन के अन्दर फार्म में मांगी गई सूचना
उपलब्ध नहीं कराता है तो विभाग के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी को फार्म पर अग्रेतर कार्यवाही
करने की स्वविवेक छूट होगी।
(6.5) यदि पोर्टल पर आवेदन पत्र प्राप्त होने के 07 कार्य दिवस के भीतर विभाग द्वारा उद्यमी को
रिव्यू हेतु फार्म नहीं भेजा जाता है तो यह स्वतः माना. जायेगा कि उद्यमी द्वारा भरे गये आवेदन
प्रपत्र में कोई कमी नहीं पाई गयी हैं।
(6.6) विभाग द्वारा अनुमोदित कर जारी की गई अनुमति/ अनापत्ति/ लाइसेन्स की प्रति आन लाइन
सिंगल विण्डो पोर्टल पर विभाग के राज्य/ fore स्तरीय नोडल अधिकारी द्वारा उद्यमी के द्वारा भरे
गये फार्म के नीचे दिये गये approve .बटनैं पर क्लिक करने के उपरान्त Digitally Signed NOC
स्वतः festa हो जाएगी। जिन विभागों A यह व्यवस्था वर्तमान में नहीं हैं वे शीर्ष प्राथमिकता पर
इस व्यवस्था को पूर्ण करेगें और जब तक यह व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित नहीं की जाती हैं तब
तक NOC की स्कैन कापी sels की जाएगी, जो कि स्वतः ही उद्यमी के द्वारा भरे गये फार्म के
सापेक्ष अपलोड होगी। अनुमोदन के उपरान्त उद्यमी को उसके पंजीकृत ई-मेल एवं एस.एम.एस. के
माध्यम से भी सूचित किया जाएगा। साथ ही इसकी Hdda सूचना उद्यमी को उसके लागिन
आई.डी. में स्थित Ser बोर्ड पर भी प्रदर्शित होगी।
एन.आई.सी.. लखनऊ के कार्य/ कार्यक्षेत्र:-
(7.॥ *एन.आई.सी लखनऊ द्वारा पोर्टल को विकसित कर उसका परिनियोजन एन.आई.सी डाटा
सेंटर उत्तर प्रदेश के माध्यम से किया जाएगा।
(7.2) ' विकसित साफ्टवेयर में आवश्यक परिवर्तन का कार्य उनके द्वारा प्राथमिकता के आधार पर
संपादित कराया जाएगा।
(7.3) उनके द्वारा समस्त संबंधित विभागों va उद्योग बन्धु से नामित अधिकारियों को पोर्टल से
संबंधित क्रिया कलापों की जानकारी एवं समय-समय पर ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।
(7.4) उनके द्वारा उद्योग dey को पोर्टल से संबंधित संपूर्ण क्रिया कलापों का स्वामित्व प्रदान किया
जाएगा।
(7.5) उद्यमियों की पोर्टल के साफ्टवेयर सम्बन्धित समस्याओं के निदान, पूल खाते में जमा
करायी गयी फीस के Reconciliation में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण एवं पोर्टल मेंसम्मिलित विभागों, बैंको एवं उद्योग बन्धु को आने वाली तकनीकी कठिनाइयों के निराकरण हेतु
एक्टिव बैक-एण्ड सपोर्ट प्रदान किया जायेगा।
(7.6) उनके द्वारा निकट भविष्य में पोर्टल को और अधिक Yeo बनाए जाने की दिशा में नवीन
तकनीकियों का समावेश करते हुए पोर्टल का वर्जन शीघ्र ही विकसित किया जाएगा।
(7.7) नये विभागों/ उपक्रम को भी उद्योग बन्धु और नये विभाग के अनुरोध पर पोर्टल से जोड़ा
जाएगा।
बैंको की भूमिका एवं दायित्व
(8.) dat को, उद्यमी द्वारा जमा कराई गई फीस विषयक विवरण, पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन
ई-मेल द्वारा स्वतः उपलब्ध होगा। इस ई-मेल A इंगित प्रास शुल्क के अनुसार धनराशि को संबंधित
बैंको द्वारा निम्न व्यवस्था अनुसार हस्तांतरित किया जाएगा:-
(8.4.!) सम्बन्धित उन विभागों जिनके खाते बैंक में हैं, उनके बैंक Gd मैं NEFT/RIGS
के माध्यम से हस्तांतरण किया जाएगा।
(8..2) सम्बंधित उन विभागों जिनके कोषागार खाते हैं, उनके HOI (E-Rajkosh) में
ट्रेजरी चालान sete कर संबंधित बैंक द्वारा E-Net/Net Banking के माध्यम से
Transfer कराया जायेगा।
(8.2) उद्योग dey-fade मित्र के पूल खाते से सम्बन्धित बैंक का यह दायित्व होगा कि जिस
तिथि को पोर्टल से उसे स्वतः जनित एम.आई.एस. we होता है, वह उसी तिथि को उस
एम.आई.एस. के आधार पर उन विभागों, जिनके we tent में हैं, के लिये एक एम.आई.एस.
तैयार कर पूल एकाउन्ट में प्रास शुल्क भुगतान कीं धनराशि को हस्तांतरित कर al
(8.3) उद्योग बन्धु-निवेश मित्र के पूल खाते से सम्बन्धित बैंक यह सुनिश्चित करेगा कि जिस
तिथि को उसे एम.आई.एस. के साथ You भुगतान की धनराशि wa होती है, उसी तिथि को
एम.आई.एस. के आधार पर सम्बन्धित विभागों के टेनरी खाते में धनराशि को हस्तांतरित कर दिया
जाएगा तथा सफल ट्रान्जेक्शन... होने के बाद उसी तिथि को सम्बन्धित बैंक द्वारा उसका
एम.आई.एस. बनाकर प्रेषित fat जायेगा। उद्योग बन्धु-निवेश मित्र के पूल खाते से सम्बन्धित बैंक
द्वारा उसी तिथि को उक्त की सूचना रियल टाइम में पोर्टल पर अपडेट किया जायेगा।
(8.4) बैंको द्वारा .यंदि पेमेन्ट died में कोई शैड़्यूल्ड मेन्टीनेन्स किया जाता है तो उसकी पूर्व
सूचना उद्योग dey को ससमय प्रदान की जायेगी।
(8.5) बैंको द्वारा उद्योग बन्धु-निवेश मित्र पूल खाते के Reconciliation हेतु उद्योग बन्धु स्तर पर
प्रत्येक Ale में होने वाली बैठक में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग किया जायेगा तथा Reconciliation
सम्बन्धित प्रकरणों का समयोचित समाधान किया जायेगा।
(8.6) dat द्वारा उद्यमियों से प्राप्त धनराशि के हस्तांतरण विवरण विषयक एम.आई.एस. अनिवार्य
रूप से ससमय पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा तथा इस सूचना की एक प्रति ई-मेल के माध्यम से
उद्योग FY तथा एन.आई.सी. को उपलब्ध कराया जायेगा।
जिलाधिकारियों के दायित्व
उनके द्वारा निम्नलिखित कार्य अपने पर्यवेक्षण में संपादित किये area:
(9. जनपद स्तरीय उद्योग aey की बैठकों में पोर्टल से Wa आवेदन पत्रों का अनुश्रवण किया
जाएगा। अनुश्रवण हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी को उद्योग बन्थु द्वारा यूजर आईडी व पासवर्ड उपलब्ध
कराया जाएगा।|(9.2) जिलाधिकारी समस्त जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारियों की पोर्टल संबंधित समस्याओं के
निराकरण में अपेक्षित सहयोग प्रदान करेगें तथा भूमि आदि उपलब्ध कराने में यथावश्यक सहयोग
प्रदान करेंगे तथा इस दिशा में शासन से समन्वय करेगें।
0- विभागों की भूमिका
प्रदेश में निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने की दिशा में उद्यमियों को व्यापार करने में सहजता
प्रदान करने की दिशा में उद्योग स्थापना के पूर्व तथा बाद के सभी वांछित अनुमति, अनापत्ति, पंजीयन,
लाइसेन्स इत्यादि केवल इस पोर्टल के माध्यम से प्रदान किये जायेंगें। इस हेतु विभागों द्वारा निम्नवत
व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगीः-
(0.॥ समस्त सम्बन्धित विभागों द्वारा राज्य एवं जनपद स्तर पर सक्षम स्तर के अधिकारी को
नोडल अधिकारी नामित किया जायेगा।
(0.2) समस्त विभागों के सेवा प्रदायी पोर्टल को आन लाइन सिंगल विण्डो पोर्टल से इन्टीग्रेट किये
जा चुके हैं, तथापि यदि कोई असुविधा उत्पन्न होती है तो विभागों द्वारा. उसका समुचित समाधान
करते हुये वांछित अनुमति, अनापत्ति, पंजीयन, लाइसेन्स इत्यादि केवल आन लाइन सिंगल विण्डो
पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन WS एवं अनुमोदित किये जायेंगे। sa कार्य हेतु सम्बन्धित विभागों
द्वारा अपने बेव डेवलेपर्स एवं विभागीय तकनीकी विशेषज्ञों. के माध्यम से उद्योग aey को
आवश्यकतानुसार अपेक्षित सहयोग प्रदान किया जायेगा।
(0.3) इस व्यवस्था के अन्तर्गत समय-समय पर आच्छादित विभागों अथवा नये विभागों की
सेवाओं को बढ़ाने अथवा संशोधित करने के साथ. उन विभागों की सम्मिलित सेवाओं की शर्तों एवं
शुल्क में किये गये संशोधन के अनुसार व्यवस्था में तद्रुसार संशोधन स्वतः प्रभावी माने जाएंगे।
(0.4) समस्त सम्बन्धित विभाग ant fet भी दशा में उद्यमी से आवेदन पत्र तथा उससे
सम्बन्धित शुल्क सीधे (मैनुअली) प्राप्त नहीं किये जायेंगे अपितु केवल आन लाईन सिंगल विण्डो
पोर्टल व्यवस्था के माध्यम से ही. प्रास किये जायेंगे।
(.5) यदि किसी उद्यमी को आन लाईन आवेदन करने में कोई कठिनाई आती है तो वह
सम्बन्धित जिला उद्योग. केन्द्र कार्यालय में स्थापित sou डेस्क की सहायता से आवेदन कर सकता
el समस्त उपायुक्त, जिला उद्योग केन्द्र यह सुनिश्चित करेंगे कि tou डेस्क में आने वाले उयमियों
को पूर्ण सहायता Ud सहयोग प्रदान किया जाये।
(५0.6) समस्त. सम्बन्धित विभाग यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उद्मियों द्वारा उनको दिये गये
आवेदन-पत्रों में विभाग में आवेदन-पत्र की प्राप्ति की तिथि के 07 कार्यदिवस के अन्दर एक बार में
ही समस्त प्रकार की पृच्छायें (Queries) आन लाईन ही किया जाना सुनिश्चित किया जाए। यदि
विभाग द्वारा आवेदन प्रास होने के 07 कार्यदिवस के भीतर कोई पृच्छा नहीं की जाती है तो यह
संमझा जायेगा कि उद्यमी द्वारा दिये गये आवेदन में कोई कमी नहीं है तथा वह हर प्रकार से पूर्ण
el यदि उद्यमी 07 कार्य दिवस के अन्दर आवेदन-पत्र में मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराता है
तो विभाग के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी को फार्म पर अग्रेतर कार्यवाही करने की स्वविवेक छूट
होगी।
(0.7) सभी सम्बंधित विभाग अपने विभागीय स्तर पर अनुमति/ अनापत्ति/ लाइसेन्स जारी करने
की समय-सीमा एवं प्रक्रिया निर्धारित करते हुए जनपद एवं राज्य स्तर पर अधिकारियों को Power
Delegate करेगें। wie किसी. प्रकरण A _ जनपद FR W asa अधिकारीअनुमति/ अनापत्ति/ लाइसेन्स जारी करने में असमर्थ है तो उनके द्वारा ऐसे प्रकरण निर्धारित समय-
सारणी के अनुसार उच्च स्तर पर निर्णय हेतु संदर्भित किए जाएगें।
(0.8) सभी सम्बन्धित विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि जैसे ही उयमी द्वारा आन लाइन सिंगल
विण्डो पोर्टल के माध्यम से आवेदन के सापेक्ष फीस हेतु धनराशि उद्योग बन्धु-निवेश मित्र पूल खाते
में जमा कराई जाती है तथा भुगतान सफलता पूर्वक पूल में जमा होना प्रदर्शित हो जाता है, विभाग
द्वारा भौतिक रूप से उनके खाते में फीस हस्तान्तरित होने की प्रतिक्षा किए बिना ही तत्काल
अनुमोदन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी।
(0.9) विभिन्न विभागों द्वारा प्रदत्त सभी औद्योगिक सेवाओं हेतु पूर्व में निर्धारित की गई समय-
सीमा पर पुनर्विंचार करते हुए यथा-सम्भव समयावधि कम कराई जायेगी। जिन विभागों A डीम्ड
waa की व्यवस्था लागू है, उनके द्वारा जिन प्रकरणों A डीम्ड Wyse प्रदान .की as है उसकी
सूचना उद्योग FY को आन लाइन उपलब्ध करवाई जायेगी।
(0.0) इस व्यवस्था के अन्तर्गत आच्छादित सेवाओं को निर्गत करने हेतु संबन्धित विभागों द्वारा
निर्धारित समयावधि जैसा कि जनहित गारण्टी अधिनियम-20। के Hedda यथा संशोधित
अधिसूचना -27-4-2043 एवं 26-2-2044 में निहित उद्योगों की सेवांओं की समयावधि तथा
संबन्धित विभागों के अधिनियम एवं नियमों के अन्तर्गत समय-समय, पर जारी/ संशोधित समयावधि
के अनुसार समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी।
(0.i!) सभी सम्बंधित सेवाओं को विभागों द्वारा जनहित -गारण्टी अधिनियम के दायरे में लाया
जायेगा तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही उद्यमियों को औद्योगिक सेवाएं प्रदान किया जाना
सुनिश्चित किया जायेगा।
- उद्योग gee की भूमिका
(44.) सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली. के संचालन, अनुश्रवण एवं निस्तारण के लिये उद्योग gry
प्राधिकृत संस्था होगी। पोर्टल से. संबंधित कोई भी कार्यकारी आदेश sat ay द्वारा कार्यहित में
संबंधित विभाग/ विभागों को festa किया जा सकेगा।
(॥.2) सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के प्रभावी संचालन एवं समस्याओं के ससमय निस्तारण हेतु
अवस्थापना एवं औद्योगिक. विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय
समिति गठित की जाती है, जिसका स्वरूप निम्नवत् होगाः-
०. अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त - अध्यक्ष
© अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव - सदस्य
(अवंस्थापना एवं औद्योगिक विकास / ऊर्जा/ गृह एवं अग्निशमन/ लोक निर्माण / स्टाम्प एण्ड
रजिस्ट्रेशन राजस्व विभाग/ खाय सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन/ वन/ पर्यावरण/ आबकारी / लोक
सेवा प्रबन्धन/ श्रम/ सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम/ आवास एवं शहरी नियोजन/ नगर विकास विभाग)
०. अधिशासी निदेशक, उद्योग बन्धु - सदस्य सचिव
(.3) प्रत्येक ' दिवस पर सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली का अनुश्रवण संयुक्त अधिशासी
निदेशक/ अधिशासी निदेशक उद्योग FY द्वारा किया जाएगा।
(4.4) प्रत्येक माह सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली का अनुश्रवण अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
आयुक्त द्वारा किया जाएगा।(.5) प्रत्येक दो माह में एक बार सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली का अनुश्रवण मुख्य सचिव द्वारा
किया जाएगा।
(4.6) किसी ज्वलन्त प्रकरण के त्वरित समाधान हेतु बिना किसी पूर्व सूचना के आपात बैठक
आदत करने के लिये उद्योग बन्धु अधिकृत होगा, इस के लिये संबंधित विभागों को बैठक की सूचना
ससमय उपलब्ध करा दी जाएगी।
2- - Sa शासनादेश में उल्लिखित उक्त व्यवस्था के साथ-साथ सभी सम्बन्धित विभागों की वर्तमान में
प्रचलित व्यवस्था भी दिनांक 30 जून 208 तक प्रभावी रहेगी। दिनांक 0। जुलाई 20i8 से केवल इस
शासनादेश में उल्लिखित प्राविधान ही प्रभावी होंगे। इस संबंध में समय समय पर निर्गत संगत शासनादेशों
को उक्त सीमा तक संशोधित समझा जाय, शेष प्राविधान यथावत रहेगें।
अतः कृपया उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करानें का कष्ट करें।
भवदीय,
(राजीव कुमार)
मुख्य सचिव।
PEAT- 488(4)/ 77-6-8-08(VA)/ 202टी.सी..8(कैबिनेट) तद्विनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
(l) अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ.प्र. शासन।
(2) महालेखाकार, लेखा परीक्षा प्रथम एवं द्वितीय, उ.प्र. इंलाहाबाद।
(3) प्रमुख सचिव/ सचिव, मुख्यमंत्री, उ.प्र. Weal
(4) गाई फाइल।
आज्ञा से,
(संतोष कुमार यादव)
सचिव।