Date: 2015-05-11Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
श्री यादव सिंह (निलम्बित), तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, नौएडा, एवं तत्कालीन महाप्रबंधक, ग्रेटर नौएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के विरूद्ध कथित अनियमितताओं के संबंध में गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जाॅच आयोग में नियुक्त सचिव की सेवा शर्तें।
ज़रूर, ये रहा सारांश:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग में सचिव के पद पर नियुक्त सेवानिवृत्त H.J.S. अधिकारी श्री ज्ञान चंद्रा की सेवा शर्तों से संबंधित है। यह आदेश 25 फरवरी, 2015 को पद ग्रहण करने की तिथि से आयोग के कार्यकाल की समाप्ति तक सिविल सर्विस रेगुलेशन के अनुच्छेद-520 के तहत पुनर्नियोजन को मंजूरी देता है। इस दस्तावेज़ में पुनर्नियोजन अवधि के दौरान देय वेतन, भत्ता और अन्य सेवा शर्तों को स्पष्ट किया गया है।
**मुख्य बातें**
* **पुनर्नियोजन अवधि और वेतन:**
* श्री ज्ञान चंद्रा की पुनर्नियोजन अवधि 25 फरवरी, 2015 से शुरू होगी और आयोग के कार्यकाल की समाप्ति तक जारी रहेगी।
* उन्हें वह नियत वेतन मिलेगा जो पुनर्नियोजित कर्मचारी के अंतिम आहरित वेतन में से शुद्ध पेंशन की राशि (राशिकरण से पहले, यदि कोई हो) घटाने पर आये, या पुनर्नियोजित पद के वेतनमान की अधिकतम राशि, जो भी कम हो, से अधिक नहीं होगा।
* **भत्ते और लाभ:**
* वेतन और पेंशन के योग पर महंगाई भत्ता देय होगा, लेकिन पेंशन पर कोई अलग राहत अनुमन्य नहीं होगी।
* पुनर्नियोजन अवधि पेंशन गणना के लिए अनुमन्य नहीं होगी।
* उन्हें अस्थायी राज्य कर्मचारियों पर लागू नियमों के तहत अवकाश मिलेगा, लेकिन पुनर्नियोजन अवधि में नकदीकरण की सुविधा अनुमन्य नहीं होगी।
* **अन्य शर्तें:**
* पुनर्नियोजन अवधि पेंशन के लिए नहीं जोड़ी जाएगी।
* पुनर्नियोजन अवधि की समाप्ति के बाद कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
* उन्हें पेंशन पर महंगाई राहत या अस्थायी वृद्धि (तदर्थ वृद्धि) आदि कोई देय नहीं होगी।
* सेवानिवृत्ति से पहले शासन द्वारा भुगतान की गई धनराशि, जिसमें वह धनराशि शामिल है जो सरकारी सेवा में ना रहने के कारण बट्टे खाते में डाल दी गई हो, पर यह धनराशि शामिल नहीं है जो कठिनाई के आधार पर बट्टे खाते में डाली गई हो, पुनर्नियोजन की अवधि में देय वेतन तथा भत्ते में समायोजन द्वारा वसूल की जा सकेगी।
* उनकी सेवाएं पुनर्नियोजन अवधि समाप्त होने से पहले किसी भी समय बिना नोटिस के समाप्त की जा सकती है।
* उनकी अन्य सेवा शर्तें भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अधीन होंगी।
* **वित्तीय पहलू:**
* इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2015-16 के सुसंगत लेखा शीर्षक से वहन किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **श्री ज्ञान चंद्रा:**
* **प्रभाव:** उन्हें एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग में सचिव के पद पर पुनर्नियुक्त किया गया है, जिसमें वेतन, भत्ते और अन्य सेवा शर्तें निर्धारित हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पुनर्नियोजन की शर्तों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना।
* **उत्तर प्रदेश सरकार:**
* **प्रभाव:** न्यायिक जांच आयोग के सचिव के पद के लिए वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को पूरा करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** बजट आवंटन सुनिश्चित करना और आयोग के सचिव के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करना।
* **वित्त विभाग:**
* **प्रभाव:** उक्त आदेश में अपनी सहमति दी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि पुनर्नियोजन से संबंधित वित्तीय पहलुओं को मौजूदा नियमों और विनियमों के अनुरूप प्रबंधित किया जाता है।
* **संबंधित प्रशासनिक विभाग (जैसे औद्योगिक विकास अनुभाग-4):**
* **प्रभाव:** इन सेवा शर्तों के अनुसार भुगतान की व्यवस्था करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** इस आदेश को कार्यान्वित करना और श्री चंद्रा के वेतन और भत्तों के सुचारू भुगतान की निगरानी करना।
* **लेखा विभाग:**
* **प्रभाव:** 2015-16 में वहन किए जाने वाले व्यय के लिए लेखा शीर्ष प्रदान करता है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सही लेखा शीर्ष के तहत उचित व्यय करना सुनिश्चित करें।
Key Entities Referenced
ज्ञान चन्द्रा: सेवानिवृत्त न्यायाधीश, जिन्हें नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण में कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है
नोएडा: वह स्थान जहाँ तत्कालीन मुख्य अभियन्ता कार्यरत थे, जाँच से संबंधित है
यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण: वह संगठन जिसके विरुद्ध कथित अनियमितताओं की जाँच की जा रही है
उत्तर प्रदेश शासन: वह सरकारी निकाय जिसने न्यायिक जाँच आयोग के सचिव की नियुक्ति और सेवा शर्तों को अधिकृत किया है
सिविल सर्विस रेगुलेशन के अनुच्छेद-520: वह नियम जिसके तहत ज्ञान चंद्रा को पुन: नियोजित किया गया है