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Official Transcriptसंख्या- 757/2026/337पी/26-27-सिं ०-4-004-0|५-4686257 प्रेषक, रमा led Far, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्रग, लखनऊ | सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 विषय: जनपद रायबरेली की चौधरी चरण सिंह डलमऊ 'ए' पम्प नहर प्रथम सोपान पर स्थापित alan एवं विद्युत उपकरणों के आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित परियोजना”...
संख्या- 757/2026/337पी/26-27-सिं ०-4-004-0|५-4686257 प्रेषक, रमा led Far, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्रग, लखनऊ | सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 विषय: जनपद रायबरेली की चौधरी चरण सिंह डलमऊ 'ए' पम्प नहर प्रथम सोपान पर स्थापित alan एवं विद्युत उपकरणों के आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित परियोजना” (Aas पोषित) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी (नलकूप) HA मुख्य अभियन्ता (अग्रिम नियोजन) HA प्रमुख अभियन्ता (Aish), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र>० लखनऊ के पत्र AGA-223/0-22 8/वृहद व मध्यम पम्प नहरों का आधुनिकीकरण/नलकूप (नियंत्रण), दिनांक 5.05.2026 & प्रस्ताव के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि जनपद रायबरेली की चौधरी चरण सिंह डत्रमऊ 'ए' पम्प नहर प्रथम सोपान पर स्थापित याँत्रिक एवं विद्युत उपकरणों के आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित परियोजना” (नाबार्ड पोषित) लागत रू0 402.29 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तो/प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हैं :- नियम व शर्ते / प्रतिबन्ध
4. Wad परियोजना के कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-42 के प्रस्तर- 348 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति wae होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
2. विभाग द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या M-2-2528/GH-204-0/77, दिनांक
26.08.2044 का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
3. विभाग द्वारा व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णत: अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
4. विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में लगायी गयी शर्तों का विभाग द्वारा पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा । प्रायोजना पर मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी Geary विभाग का होगा।प्रायोजना का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण करा त्रिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन करते हुये समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत प्रयोजन पर ही किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिये इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। उक्त धनराशि को कोषागार से एकमुश्त न आहरित कर आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय किया जायेगा तथा आहरित धनराशि बैंक/ डाकघर»डिपाजिट खाते में न रखी जाये। विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय। वित्त विभाग के शासनादेश ACIT-0/202i/a-96-GH-202I-0/99, दिनांक 22 मार्च, 2024 का
0. यथा आवश्यकतानुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत ॥8 प्रतिशत की दर से जी०एस०्टी० की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का i.
दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी०एसण०्टी० का भुगतान सुनिश्चित कराये। जी०एस०टी० के संबंध में वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8 के शासनादेश सं०-2/2022/ई-8-202/दस-2022 दिनांक ॥3 सितम्बर, 2022 में निहित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। विभाग द्वारा सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित
2. वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-04/2023/ए-2-60/दस- 2023-7(4)/75 दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश AWAT-02/2023/V-2-66/GH-2023-7(4)/75 दिनांक 49.05.2023 में निहित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। विभाग अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/ आवंटित की जा रही धनराशि के
3. सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश सं0-ए-2-23/दस-2044- 7(4)/75 दिनांक 25.04.2044 के साथ पठित शासनादेश AGAl-W-2-606/GH-204-7(4)/ 75, दिनांक 4 नवम्बर, 2044 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। प्रायोजना आगणन का परीक्षण आगणन में प्रस्तावित विशिष्टयों एवं तदनुसार प्रस्तावित प्राविधानों
4. को यथावत मानते हुए किया गया है। जिनमें उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, कार्यो के आकार,क्षेत्रफल में वृद्धि तथा उच्च विशिष्टियों इस्तेमाल करना इत्यादि, व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का परीक्षण किया
5. गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी AEA विभाग का होगा। 4 प्रतिशत लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का
6. भुगतान किया जायेगा।प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की ete से प्रायोजना की
7. स्वीकृति से पूर्व प्रशासकीय विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना#/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। विभाग द्वारा वित्त विभाग (आय-व्ययक) AGH-I के कार्यात्य-ज्ञाप संख्याः 4/2026/बी-4-84 2/दस-
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2026-234/2026, दिनांक 28 मार्च, 2026 वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों का
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22. अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के WEAN-i2 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनेन्शियल प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। Vad कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वितीय वर्ष में कर लिया जाय तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु अवमुक्त की गयी धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रपत्र बीएएम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। 2- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न AGA-E-8-238-X-2026-27, दिनांक- 23 जुलाई, 2026 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, रमा tied Gar संयुक्त सचिव | संख्या- 757/2026/337पी।/26-27-सिं ०-4-004-0|9-4686257, तद्दिनांक प्रतिलिपि-निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी प्रथम»द्वितीय), उ०प्र०, प्रयागराज | महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज | प्रमुख अभियन्ता (योंत्रिक), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, Seo, लखनऊ | प्रमुख अभियन्ता (परि० एवं नियो०), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, SV, लखनऊ | प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, SoU, लखनऊ | नाबाई, उ०प्र० क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता (अग्रिम नियोजन), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, Soo, लखनऊ |मुख्य अभियन्ता, (नलकूप मध्य), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, Soyo, लखनऊ। 0- मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी, रायबरेली, Soo | - वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ | 2- वित्त व्यय नियंत्रण अनुभाग-8/नियोजन अनुभाग-3/सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 उ०प्र० शासन, लखनऊ | 3- अनु सचिव /नोडल अधिकारी (बजट एलाटमेंट सिस्टम), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0 शासन लखनऊ | 4- गार्ड tise | आज्ञा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव |