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संख्या-5]/2026/297 /3S--26-754460
प्रेषक,
राजेश कुमार राय,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवामें,
उपाध्यक्ष,
अयोध्या विकास प्राधिकरण,
अयोध्या।
आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग- लखनऊ : दिनांक 66 मार्च; 2026
विषयः- अयोध्या नगर में श्री राम जन्म भूमि मंदिर एवं आस-पास के निचले क्षेत्रॉँ७की<समुचित जल
निकासी हेतु जलवानपुरा में स्थित क्षीर सागर तालाब में पम्पिंग स्टेशन Hila कार्य सम्बन्धी
परियोजना की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक शासनादेश AEAT-76/2023/2074/002-987/2023, *दिनांक 08.42.2023, शासनादेश
UCAM-50/ 2024/347/00I-987/2023 दिनांक 3.05.202% संख्या*62/2024/590/002-987/2023
दिनांक 27.08.2024 एवं शासनादेश A0-39/2026/20/HTS=-26-754460, दिनांक 20.02.2026 का संदर्भ
ग्रहण करने का कष्ट करें।
2- शासनादेश दिनांक 08.42.2023 के माध्यमश्सेध्अयोध्या नगर में श्री राम जन्म भूमि मंदिर एवं
आस-पास के निचले क्षेत्रों की समुचित जल#निकासी td जलवानपुरा में स्थित क्षीर सागर तालाब में
पम्पिंग स्टेशन के निर्माण कार्य सम्बन्धीनप्रियोजना हेतु धनराशि रू0 3748.58 लाख की प्रशासकीय एवं
वित्तीय स्वीकृति निर्गत करते हुए उसके झापेक्ष प्रथम किशत के रूप में धनराशि BO I3/2.00 लाख एवं
शासनादेश दिनांक 3.05.2024 ent fedia fered के रूप में की धनराशि BO 32.00 लाख तथा शासनादेश
दिनांक 27.08.2024 ant ddr किश्त के रूप में धनराशि FO 937.45 लाख अर्थात अब तक कुल
धनराशि BO 356.45 लाख अवमुक्त की गयी Sl शासनादेश दिनांक 20.02.2026 के माध्यम से प्रश्नगत
परियोजना हेतु धनराशि BO 3969.64 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति fasta की
गयी।
3- इस सम्बंध A उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण अयोध्या के पत्र संख्या-/अयो0वि0प्रा0-
अभि0/2024-25 दिनांक 28.02.2026 के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि अयोध्या नगर
में श्री राम जन्म, भूमि मंदिर एवं आस-पास के निचले क्षेत्रों की समुचित जल निकासी हेतु जलवानपुरा में
feud क्षीर सांगर तालाब में पम्पिंग स्टेशन के निर्माण कार्य सम्बन्धी परियोजना हेतु निविदा के अनुसार
आंकलिल्न, अन्तिम लागत धनराशि BO 3979.64 लाख के सापेक्ष अवशेष धनराशि BO 48.495 लाख (रूपये
चार करोड अट्ठारह लाख उनचास हजार Ula सौ मात्र) को ae वित्तीय वर्ष 2025-26 में आहरित कर
व्यय किए जाने की सहर्ष स्वीकृति राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान करती €:-
QQ) परियोजना का क्रियान्वयन प्रारम्भ किए जाने से पूर्व परियोजना में निहित भूमि के सम्बंध में
अयोध्या विकास प्राधिकरण अयोध्या द्वारा जिलाधिकारी, अयोध्या से इस आशय का प्रमाण-पत्र
प्राप्त किया जाएगा कि परियोजना की निहित भूमि सरकारी है एवं निर्विवादित है।
(2) प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग-6 के HCMA-i2 के प्रस्तर-38 में
वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर लीजायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया
जायेगा।
(3) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं एवं विशिष्टियों को यथावत मानते हुए लागत का
परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व
कार्यदायी संस्था/अयोध्या विकास प्राधिकरण का होगा तथा अयोध्या विकास प्राधिकरण यह
सुनिश्चित करेंगे कि कार्य निर्धारित समय सीमा अवधि में ही पूर्ण हो जाये।
(4) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि में प्रायोजना की
स्वीकृति से पूर्व अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में
किसी अन्य योजना#कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान A_ किसी ses
योजना#»कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
(5) Waisted ॥8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मित्रित की गयी है।
प्रशासकीय विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वाराध्त्रिर्धथारित वयवस्था के
अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित कराये। साथ ही कार्यदायी संस्था को यह भी दायित्व
होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री
(सीमेंट/स्टील/बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिकं/मोज्षक मिलान करते हुए
जी0एस0टी0 भुगतान किया जायेगा। जी0एस0टी0 के सम्बंध में fae (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8
के शासनादेश संख्या-2/2022/ई-8-202/दस-2022, दिल्नांक0।३3 सितम्बर, 2022 में निहित
व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
(6) स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित&कर cay की जायेगी तथा आहरित धनराशि
बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी।
(7) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन
द्वारा fasta शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। प्रायोजना अंतर्गत सामग्री का क्रय सुसंगत
वित्तीय नियमों के अनुसार किया जायेगा।
(8) प्रशतगत धनराशि जिस कार्य/मद. a स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में
उसी कार्य/मद में किया ae अन्यथा की स्थिति में सम्पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी
संस्था/अयोध्या TPA OTA LOT का होगा।
(9) प्रायोजन्तर्गत. अयोध्या -विकास प्राधिकरण अयोध्या कार्यदायी संस्था ef) कार्यदायी संस्था को
सेन्टेज देय नहीं होगा।<कार्यदायी संस्था द्वारा ॥ प्रतिशत लेबर Ba की धनराशि श्रम विभाग को
भुगतान की oat |
(0) अयोध्या बिकास्र॒ (प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं
UMA FeAl सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा।
(Id) अयोध्या “विकास प्राधिकरण, व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णत: अनुपालन
सुनिश्चित करेंगे।
(I2) अयोध्या विकास प्राधिकरण/कार्यदायी संस्था द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय AT
UEM-6 /2025 /Al-I-352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27.03.2025 का अनुपालन सुनिश्चित
किया जायेगा।
(I3) प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप अयोध्या विकास
प्राधिकरण /कार्यदायी संस्था द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथॉरिटी से स्वीकृत
कराया जाए।
(I4) भूमि के संबंध में संबंधित विभागों से अनापत्ति प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य प्रारम्भ किया
जाए।(5) कार्यदायी संस्था/अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर
स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा)
अनुभाग-2 के शासनादेश WSA-V-2-23/GA-20-7(4)/75 दिनांक 25.0:.20ii के साथ पठित
शासनादेश AWEA-V-2-606/GH-20I4-47-(4)/75 दिनांक 77.44.204 द्वारा जारी विस्तृत दिशा
निर्देशों के
(I6)
(I7)
(I8)
(I9)
(20)
(2)
4-
अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
प्रायोजनान्तर्गत बाजार दरों पर प्रस्तावित कार्यो की त्रागत को इन्डीकेटिव दरें मानते हुए ल्रागत का
परीक्षण किया गया हैं। अतः क्रियान्वयन से पूर्व कार्यदायी संस्था इस प्रकार के कार्यो हेतु
निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा के आधार पर दरें प्राप्त करें। अयोध्या विकास प्राधिकरण से यह अपेक्षा
की जाती है कि निर्माण के समय इनका क्रय एवं स्थापना सुसंगत वित्तीय नियमों 'के अन्नुसार
किया जाए। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व, कार्यदायी
संस्था/अयोध्या विकास प्राधिकरण का होगा।
प्रायोजना प्रस्ताव का परीक्षण प्राविधानों को यथावत मानते हुये fay wae, जिनमें कोई
उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे नये कार्य को सम्मिलित करना, कार्यों के आकार में॥ वृद्धि एवं अन्य उच्च
विशिष्टियों इस्तेमाल करना इत्यादि सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया
जायेगा।
उक्त परियोजना की नोडल एजेन्सी-मुख्य नगर एवं MA fags aM कार्यदायी संस्था-अयोध्या
विकास प्राधिकरण होगी। कार्यदायी संस्था-अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा नोडल एजेन्सी-मुख्य
नगर एवं ग्राम नियोजक के माध्यम से स्वीकृत कार्यों कीशवित्तीय एवं भौतिक प्रगति का विवरण
प्रत्येक माह शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
कार्यदायी संस्था/अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा ध्ञनपद अयोध्या में प्रस्तावित कार्य को सही
स्थल पर, मानक अनुरूप व गुणवत्ता पूर्वक समयबद्ध पूर्ण कराये जाए, कार्य के पूर्व, दौरान व
उपरान्त के गूगल मैप फोटो (जियो कीआर्डीनेट्स व दिनांक के अंकन सहित) रक्षित किये जाए व
मण्डलायुक्त/अध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा भी नियमित पर्यवेक्षण कर रिपोर्ट शासन को
उपलब्ध करायी जायेगी।
स्वीकृत धनराशि का, बिल आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के लेखा अनुभाग द्वारा बनाया
जायेगा तथा उसे तत्काल, कोषागार से आहरित करके आहरण के बाउचर संख्या व तिथि की सूचना
शासन तथा महालेखाकार) उत्तर प्रदेश, प्रयागराज को दी जायेगी। आहरित धनराशि कार्यदायी संस्था-
अयोध्या विकास प्राधिकरण को तुरन्त उपलब्ध करायी जायेगी।
कार्यदायी _ संस्था» अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा व्यय वित्त समिति की बैठक दिनांक
34.42,2025 'के कार्यवृत्त में उल्लिखित निर्देश/शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
उक्त” स्वीकृत धनराशि का व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या-2 के
लेखाशीर्षक-42॥ 7-शहरी विकास पर पूँजीगत परिव्यय-60-अन्य शहरी विकास योजनायें-054-निर्माण-04-
अयोध्या को सर्वागीण विकास-24-वृहत निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT AWEMN-6/2025/a--352/qa-
5-
2025-23i/2025, दिनांक 27.03.2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के
अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
राजेश कुमार राय
विशेष सचिव।FeA-5/2026/297()/3S--26-754460 तद्दिनांक।
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\<e) 00 N
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), प्रथम /द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
. ASRS (लेखा-परीक्षा), प्रथम /द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
. मण्डलायुक्त, अयोध्या।
. जिलाधिकारी, अयोध्या।
. उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण, अयोध्या को इस आशय
Oo
से प्रेषित कि उक्त धनराशिल्ठपलब्ध
कराने हेतु प्राधिकरण का बैंक खाता (राष्ट्रीयूत बैंक) एवं आई0एफ0एस0सी0 कोड की सूचना
ईमेल आई0डी0 ddoawash@gmail.com पर एवं SSH शासन को तत्काल उपलब्ध कराये।
. मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
. निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
. मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, लखनऊ।
. निदेशक, आवास Fey को शासनादेश की प्रति विभागीय वेबसाइड परे अपलोड करने हेतु।
0. वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन।
i. नियोजन अनुभाग-4, उ.प्र. शासन।
2. लेखा अनुभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग»#50प्र0 शासन को इस अनुरोध के साथ कि
धनराशि का कोषागार से आहरण कर कार्यदायी संस्था को धनराशि उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
3. गार्ड फाइल
आज्ञा से,
गिरीश चन्द्र मिश्र
संयुक्त सचिव |