Home India औद्योगिक विकास विभाग राज्य स्तरीय उद्योग बन्धु द्वारा प्रारम्भ की गई 'समाधान-दिवस...
Date: 2016-02-02 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

राज्य स्तरीय उद्योग बन्धु द्वारा प्रारम्भ की गई 'समाधान-दिवस' व्यवस्था को जि़ला स्तर पर भी क्रियान्वित किया जाना।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहां अनुरोध के अनुसार आवश्यक संरचना का उपयोग करके दिए गए नीति पाठ का सारांश दिया गया है। **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उद्योग बंधु द्वारा शुरू किए गए "समाधान दिवस" ​​को जिला स्तर पर लागू करने के संबंध में निर्देश प्रदान करता है ताकि निवेश आकर्षित किया जा सके, औद्योगिक विकास को सुव्यवस्थित किया जा सके और समस्याओं का समाधान किया जा सके। 2 फरवरी, 2016 को जारी, यह ज्ञापन जिला अधिकारियों को इस पहल को क्रियान्वित करने के लिए विशिष्ट कदम उठाने का निर्देश देता है, जिसमें साप्ताहिक बैठकें और समय पर शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करना शामिल है। **मुख्य बातें** * जिला स्तरीय कार्यान्वयन: * जिला उद्योग और एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर में हर शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक समाधान दिवस की बैठकें आयोजित करें। * उपायुक्त-उद्योग इन बैठकों का समन्वय करेंगे। * सदस्यता और भागीदारी: * स्थायी सदस्यों में विद्युत सुरक्षा विभाग, DISCOM, उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग, वन विभाग, UP प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, UP राज्य औद्योगिक विकास निगम, UP वित्तीय निगम, व्यापार कर विभाग, श्रम विभाग, विकास प्राधिकरण, नगर विकास, अग्निशमन विभाग और औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल होंगे। * उपायुक्त-उद्योग को प्रासंगिक समस्याओं/जिज्ञासाओं वाले अन्य विभागीय अधिकारियों को आमंत्रित करना होगा और उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। * शिकायत समाधान: * उद्यमियों से प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा, जिसमें उद्यमियों को अपनी चिंताओं को प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। * शिकायतों का समाधान एक सप्ताह के भीतर लिखित रूप में उद्यमियों को सूचित किया जाएगा। * जिन मुद्दों का समाधान मंडल स्तर पर किया जा सकता है, उन्हें 15 दिनों के भीतर समाधान के लिए संबंधित क्षेत्रीय संयुक्त आयुक्त-उद्योग को भेजा जाएगा। * जिन समस्याओं का समाधान जिले या मंडल स्तर पर नहीं किया जा सकता, उन्हें आगे मूल्यांकन के लिए राज्य स्तरीय उद्योग बंधु को भेजा जाएगा। * अनुमतियों का समय पर प्रसंस्करण: * विभागीय अधिकारियों को निवेश-मित्र पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के समय पर निस्तारण और यूपीआईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों को सुनिश्चित करना चाहिए। * अधिकारियों का प्रशिक्षण: * उद्यमियों का समर्थन करने के लिए समय-समय पर जारी किए गए शासनादेशों, व्यवस्थाओं और सुधारों पर अधिकारियों को अपडेट रखें। * शिकायतों का समाधान: * जिन समस्याओं का समाधान समाधान दिवस के दौरान नहीं किया जा सकता, उन पर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में अगली जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक में विचार किया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण** * हितधारक: जिला प्रशासन * **प्रभाव:** उन्हें जिला स्तर पर "समाधान दिवस" ​​को लागू करने के लिए उल्लिखित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** साप्ताहिक बैठकों का आयोजन करें, विभागीय अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करें और उद्यमियों की शिकायतों का समय पर समाधान करें। * हितधारक: विभागीय अधिकारी * **प्रभाव:** उन्हें "समाधान दिवस" ​​की बैठकों में भाग लेना होगा और उनकी विशेषज्ञता के अंतर्गत आने वाले मुद्दों का समाधान करना होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** साप्ताहिक बैठकों में भाग लें, समय पर जानकारी प्रदान करें और संबंधित मुद्दों का समाधान करें। * हितधारक: उद्यमी * **प्रभाव:** उनके पास अपनी शिकायतों को दूर करने और त्वरित समस्या समाधान के लिए एक मंच होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** बैठकों में भाग लें, अपनी चिंताएँ प्रस्तुत करें और आवश्यक जानकारी प्रदान करें।

Key Entities Referenced

राज्य स्तरीय उद्योग बन्धु: राज्य स्तरीय निकाय, जो उद्योग क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए समाधान दिवस आयोजित करता है। समाधान दिवस: जिला स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित कार्यक्रम। उद्योग बन्धु: औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक निकाय। उ.प्र. जनहित गारण्टी अधिनियम: उत्तर प्रदेश सरकार का एक अधिनियम जो निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर सार्वजनिक सेवाओं के वितरण को सुनिश्चित करता है। औद्योगिक विकास विभाग, उ.प्र. शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास की देखरेख करता है और इस नीति का संचालन करता है।
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संख्या: 90/ 77-6-6-एल.सी. 455/ 2044 प्रेषक, श्री आलोक रंजन, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, + समस्त संबंधित प्रमुख सचिव/ सचिव, उ.प्र. शासन। 2- .... समस्त मण्डलायुक्त/ जिलाधिकारी, उ.प्र. शासन। 3-.... आयुक्त एवं निदेशक, उ.प्र. | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: फरवरी, 2046 विषय: राज्य स्तरीय उद्योग dey द्वारा प्रारम्भ की गई समाधान- को ,जिला स्तर पर भी क्रियान्वित किया जाना। महोदय, कृपया औद्योगिक विकास विभाग (अनुभाग सन के शासनादेश संख्या 562/ 77-6- ॥4-एल.सी.55/ 2044, दिनांक 20-70-2044 ण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा प्रदेश के बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश को आकर्षित [प्रदेश को अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक गंतव्य के रूप क उद्योगों की स्थापना के उद्देश्य की पूर्ति हेतु प्रदेश मैं स्थापित की जा रही विभिन्‍न एवं तत्क्रम में औद्योगीकरण के मार्ग में आने वाली समस्याओं का त्वरित ere हेतु प्रमुख सचिव-औद्योगिक विकास/ अधशासी निदेशक ay एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र में प्रत्येक शुक्रवार को प्रातः 70.30 से 2.00 बजे तक Ie की बैठक का आयोजन किया जाए, जिसके समन्वय का कार्य उपायुक्त-ऊद्योग द्वारा किया जाएगा (2) fae स्तर पर आयोजनीय समाधान दिवस की बैठकों में निम्नलिखित विभागों के अधिकारी स्थाई सदस्य के रूप में उपस्थित होंगे: - . विद्युत सुरक्षा विभाग 2. डिस्काम3 उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग 4 वन विभाग 5 उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 6. उ.प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम 7 उ.प्र. वित्तीय निगम 8 व्यापार-कर विभाग 9. श्रम विभाग 0. ... विकास प्राधिकरण . नगर विकास 2. - अग्निशमन विभाग 3. ... औद्योगिक विकास प्राधिकरण (3) उपरोक्त के अतिरिक्त, यदि किसी अन्य विभाग से सम्बंधित समर ज्ञासा प्राप्त होती है, तो उपायुक्त-उद्योग द्वारा सम्बंधित अधिकारी को आमंत्रित किए जाने उस अधिकारी की प्रतिभागिता अनिवार्य होगी। अधिकारी द्वारा प्रतिभाग न ठि में उपायुक्त-उद्योग द्वारा ऐसे प्रकरण को ,जिलाधिकारी के साथ-साथ राज्य उद्योग dey के : *भी लाया जाएगा। (4) जिन विभागों में जनपद स्तर के अधिकारी है, वहाँ आयोजित होने वाले समाधान दिवस में मण्डल मुख्यालय के जनपदों में म पर रहने वाले वरिष्ठतम अधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा। यदि उस विभाग स्तर पर अन्य अधिकारी उपलब्ध हैं तो उन्हें मण्डलीय अधिकारी द्वारा सम्बंधित 7 नामित किया जाएगा और सम्बंधित अधिकारी द्वारा सम्बंधित जनपद में आयोजित होने दिवस में प्रतिभाग किया जाएगा। (5) .जिला स्तर WS थर्तें। प्रत्यावेदन/ जिज्ञासाएं/ संदर्भ इत्यादि, जो प्रत्येक Aare वृहस्पतिवार तक प्राप्त ea को सम्बंधित विभागीय अधिकारी के समक्ष उपायुक्त-ठद्योग द्वारा रखा जाएगा सम्बंधित उद्यमी/ प्रत्यावेदक को भी अपना पक्ष रखने हेतु बैठक में आमंत्रित किया किसी कारणवश सम्बंधित उद्यमी/ प्रत्यावेदक स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता है तो प्रस्तुत समस्या/ पृच्छा पर प्राप्त विभागीय अधिकारी के अभिमत/ आख्या से उद्यमी/ प्रत्यावेदक को एक Bale के अन्दर लिखित रूप में अवश्य अवगत करा प्रकार, जिन समस्याओं का निस्तारण मण्डल स्तर पर हो सकता हो, उन्हें सम्बंधित परिक्षेत्रीय संयुक्त आयुक्त-उद्योग को संदर्भित कर दिया जाए, जो i5 दिन के अन्दर समस्या का समाधान करायेंगे। (7) किन्तु जिन समस्याओं का समाधान, जिला अथवा मण्डल स्तर पर सम्भव ही नहीं है, उन्हें उपायुक्त-उद्योग/ संयुक्त आयुक्त-उद्योग द्वारा अविलम्ब, स्थानीय स्तर से विभागीय अभिमत/ आख्या प्राप्तकरते हुए राज्य स्तरीय उद्योग sey को समस्या प्राप्ति के एक ससाह के Heat पूर्ण विवरण सहित संदर्भित कर दिया जाएगा। (8) उपायुक्त-उद्योग द्वारा प्रत्येक सप्ताह समाधान दिवस के अवसर पर विभागीय अधिकारियों के साथ नये उद्योगों की स्थापना के सम्बन्ध में निवेश-मित्र पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण (अनुमतियाँ। अनापत्तियाँ आदि) एवं यू.पी.आई.जी.आर.एस. के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण की भी नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी, जिससे उद्यमियों को वांछित अनुमतियों। अनापत्तियों आदि के साथ-साथ उनकी विविध समस्याओं का भी ससमय निस्तारण हो सके। (9)... उपायुक्त-उद्योग द्वारा उ.प्र. जनहित गारण्टी अधिनियम में वर्णित सेवाओं. भागीय अधिकारियों को भी विधिवत्‌ अवगत कराया जाएगा तथा यह सुनिश्चित mm कि इस अधिनियम एवं निवेश मित्र में निर्धारित समयावधि, जो भी पहले हो, का पाल | है। समयावधि का पालन न होने की दषा में उपायुक्त-उद्योग द्वारा प्रकरण, ,जिलाधिकारी राज्य उद्योग Jey के संज्ञान में भी लाए जाएंगे। (0) उपायुक्त-उद्योग द्वारा ईज़-आफ-इईंग-बिज़नेस Ae अधिकारियों को, उद्यमियों को सुगमतापूर्वक उद्यम स्थापित एवं संचालित करने में स करने के उद्देश्य से समय-समय पर निर्गत किए जाने वाले शासनादेशों, प्रचलित व्यवस इत्यादि के बारे मैं भी सूचनाएं प्रदान करते हुए अद्यावधिक किया जाएगा। (i) fetaer मित्र। यूपीआईजीआरएस मे से. Wa एवं अन्य समस्त आवेदन/ प्रकरण!/ प्रत्यावेदन, जिनका 'निस्तारण' F ian के माध्यम से नहीं हो पाए, उन्हैं उपायुक्त-उद्योग द्वारा .जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आः अगली .जिला स्तरीय उद्योग sey समिति की बैठक में रखकर निस्तारित कराया उपरोक्त feen-f स्तर पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। भवदीय, (आलोक रंजन) मुख्य सचिव। संख्या: _90()/ 77-6-6-एल.सी. १55/ 2044 तददिनांक प्रतिलिपि: निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - . प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, उ.प्र. शासन। 2. अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ.प्र. शासन। 3. प्रमुख स्टाफ आफिसर, मुख्य सचिव, उ.प्र. शासन। 4. प्रमुख सचिव, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ.प्र. शासन।अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के नियंत्रणाधीन समस्त विभागाध्यक्ष/। कार्याल्याध्यक्ष। निगमों / प्राधिकरणों के प्रबन्ध निदेशक/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी | अधिशासी निदेशक/ संयुक्त अधिशासी निदेशक, उद्योग बन्धु, i2-A मॉल्‌ Way, लखनऊ। निजी सचिव, प्रमुख सचिव/ विशेष सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ.प्र. शासन। समस्त संयुक्त आयुक्त-उद्योग, उ.प्र. | समस्त उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, उ.प्र. | 0. औद्योगिक विकास विभाग के समस्त विशेष/ संयुक्त/ उप/ अनु सचिव एवं Tae H अधिकारी। निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्त्तर प्रदेश शासन। . MS फाइल/ अनुभागीय आदेश पुस्तिका। 2. (ACM कुमार गुप्ता) , प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग

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