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संख्या-38/2022/948 /77-6-2022-8(TH)/20i7¢crat 7टीसी
प्रेषक,
अरविन्द कुमार,
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त,
SOU0 शासन ।
सेवा में,
.प्रमुख सचिव,
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ0प्र0 शासन।
2.आयुक््त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 06 सितम्बर, 2022
विषय:-औद्योगिक नीतियों के अन्तर्गत स्टाम्प ड्यूटी से छूट एवं बंधक रखी गई बैंक गारण्टी को
जब्त/अवमुक्त किए जाने के आ रही समस्याओं के निवारण के सम्बन्ध A
महोदय,
उपर्युक्त विषयक आयुक्त स्टाम्प, उ0प्र0 प्रयागराज के पत्रांक-2680/स्टाम्प विविध-
32/2022 दिनांक 27.07.2022 (प्रति Yay) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें। जिसके
माध्यम से शासन के निर्गत कार्यवृत्त संख्या-488/77-6-2022 दिनांक 26.05.2022
(प्रति Say) के प्रथम प्रस्तर एवं तृतीय WER के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करने का अनुरोध
किया गया है।
2. ... इस सम्बन्ध में अवगत कराना है कि औद्योगिक नीतियों के अन्तर्गत पात्र इकाईयों को
स्टाम्प शुल्क में छूट हेतु KT एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं के क्रम में
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 के शासनादेश दिनांक 04.06.20:3 एवं शासनादेश दिनांक
07.08.2022 द्वारा दिशा-निर्देश निर्गत किए गए हैं तथा उक्त शासनादेशों के क्रम में औद्योगिक
नीतियों तथा इससे इतर मामलों में स्टाम्प विभाग से सम्बन्धित आ रही समस्याओं के निवारण
हेतु अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास विभाग उ0प्र0शासन की अध्यक्षता में दिनांक
4.03.2022 को सम्पन्न बैठक में लिए निर्णयानुसार निर्गत कार्यवृत्त GeA-7488/77-6-2022
दिनांक 26.05.2022 का प्रथम VER संगत शासनादेशों के साथ प्रभावी होगा तथा तदनुसार ही
कार्यवृत्त निर्गत होने के पूर्व के प्रकरणों पर भी नियमानुसार पुर्नविचार हेतु प्रभावी होगा।
3. उक्त कार्यवृत्त के प्रस्तर-3 में लिए निर्णय तथा संगत शासनादेशों में वर्णित प्राविधानुसार
'' ... जिन प्रकरणों में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट या महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र द्वारा
लिखत पर संबंधित नीति के अधीन अन्तरण होने की पुष्टि करने के प्रयोजन से साक्षी के रूप
हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं. उन समस्त प्रकरणों की सूची संबंधित जिलाधिकारी/उपायुक्त उद्योग
को प्रेषित कर उनके इस आशय की पुष्टि करा ली जाए कि इकाई को किस औद्योगिक नीति के
अन्तर्गत स्टाम्प ड्यूटी से छूट अनुमन्य की गई है, तदोपरान्त ही बैंक गारण्टी जब्त/अवमुक्त की
कार्यवाही की जाए।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4. अत: इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया औद्योगिक नीतियों के
अन्तर्गत erg छूट से संबंधित प्रकरणों में संगत शासनादेशों तथा कार्यवृत्त दिनांक
26.05.2022 के निर्णयानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।
Yeah: यथोपरि।
भवदीय,
अरविन्द कुमार
HATTA एवं औद्योगिक विकास sya |
संख्या एवं दिनांक तदैव-
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
।. आयुक्त स्टाम्प, उ0प्र0 प्रयागराज।
2. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण |
3. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 |
4. समस्त मण्डलायुक्त/ जिलाधिकारी, उ0प्र0 |
5. प्रबंध निदेशक, पिकप/उ0प्र0 वित्तीय निगम |
6. समस्त संयुक्त आयुक्त/उपायुक्त, जिला उद्योग केन्द्र ।
7. समस्त उपायुक्त स्टाम्प/उप महानिरीक्षक निबंधन, उ0प्र0।
8. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रेषक,
आयुक्त FIT
Foye, प्रयागराज।
सेवा 4H,
अपर. मुख्य सचिव,
en
अवस्थापना एवं औऑंद्योंगिक विभाग,
पंत्रांक- 24J o7ye८ श /ास्सटनाम,् प लवखिवनिऊध] 3 2 2022 feat 27| ) ov / 20५
विषय उ०प्र० औद्योगिक विकास अनुभाग-6 के कार्यवृत्त दिनांक
26-05-2022 के निर्गत होने कें पूर्व गत 0 वर्ष मैं, इकाई व
प्रमाणीकरण संस्था के मध्य निष्पादित्त अनुबन्ध में प्रयोजनं
पूर्ति हेतु दी गई अवधि में प्रयोजन पूर्ति में असफल रहने के
आधार पर॑ जब्त की गई बैंक गारण्टियों के संबंध में।
ee
महोदय,
कृपयां उपरोक्त विषय का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें। तत्क्रम में
अवगत कराना है कि. गत 0 वर्ष में, इकाई व' प्रमाणीकरण संस्था के मध्य निष्पादित
अनुबन्ध मैं प्रयोजन पूर्ति हेतु दी ag अवधि में प्रयोजन पूर्ति में असफल रंहनें के आधार
पर शासनादेश मैं विहित प्रावधानानुसार आठ इकाईयों gant बंधक रखी गईं बैंक गारण्टी
को भुनाकर धनराशि' को स्टाम्प एवं निबन्धन विभाग के लेंखाशीर्षक में जमा कराने के
आदेश निर्गत किये गये हैं, जिनका विवरण निम्नवत है -
न,
सीति में | TOS करने shear eta |
इक़ाई, का. नाम. _ | |eअ वधि पoद yमे | जकबा'् तक ारकरनेण || महोंदयाअ नुमोकदना | करनेaf का | अद्यतन स्थिति
2.
.
| 3 Ta | 8 | Te | 7. | C—O 7 6.
ho. विनियर wi मि कक
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ह िर पाद यो ुई क ्त उद्योग ay | 20fe 2 0 . 40 89, | पअP ्पr रधa यि ोt ज नमे ं पूर्ति 42.07.2022 क 2022ी दबवै िासा नद ा ंसज क् म ट 2ाा म 5् .प 0न व 9ह ा .दी 2 ं 0द ह 2रु 0्ज आ स, े( िश 2ं 4ा क . स 0A 9न . 2A 0क 2े 4) की अवधथ िे
द्वारा अंवमुक्त करने त्तक नहीं। Wet
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. 'नियमानुसार देय नहीं है। प्रश्नंगत fa |
थारण्टी' में, निहित 'घनराशि में उक्त अतिरिक्त
भूमि पर प्रमार्य स्टाम्स शुल्क के बराबर at
राशि' भी शामिल है. अतः. यदि wo, न्यायालय |
द्वारा मफनि0 महोदया के Sa गारण्टी जब्ते
करने' के आदेश को निरस्त किया गया है तो
इकाई द्वारा -अतिरिक्त i:02 वर्गमी0 भूमि पर.
SIT शुल्क , जिस पर RM शुल्क छूट
देय नहीं है, स्वतः करापबंचन प्रकरण बन
ey
a eke: anesage LA | 02.02209 से $t,0i.2022
जाता हैं Ga गारण्टी को अवध मंदेनाक |
he. बM ुO ल न्दट श्रॉप हिकल र Ta os वर्ष | कन ीिबन ्धन | नज िब र् ्त ध ारित 02.02.2022 | 22 02 220 ..2 .. | | रe ाn जकd ो ष Wo में- ' O5 ज0 म2 ा g कr िt य ा 0 ग या6 ,0 ह2 ै।, 00 प0 ि/ ं— क
छिपायुक्त उदधोग तिथि से | अवधि... में FREY की aaah दिनोंक 47.24 2000-S 46;
हारा अवमुक्त करने 07 we | प्रयोजन 42.2023)
की Peder ay गई पके न हीने के
है!) अन्दर अतिरिक्त i
विलेंख नीति |
से fra है |
wr के |
| अतिरिक्त
समर्पण
,'विलेख
— | अप्राप्त )
ही AD राजा उद्योग, कर पर्ष | निबन्धन | जस 02.02.2022 | 46.02... | So 58,00:000,/- राजकीय कोष में जमा
वाराणसी ' की पनिर्धारित 2022 कराया गया है। We गारंण्टी. की अवधि |
' (उपायुक्त उद्योग तिथि. | अवधि. मैं विनाक: 09.0209- से 47.07.2020)
BRT ane AT करने 22.08. | प्रयोजन ff
की की गई. 209 से | न होने के
है 09 Are | अतिरिक्त
के पूर्व आवंटियों
अन्दर | को दी गई
छूट की
प्रतिपूति न
होने. के,
कारण
कि 0 इंजी & फूड की वर्ष | निष्पादन | निर्धारि 29.04:2022' कि दूरमाष W अवगत कराया गया हैं कि
"W वाe
रा
णब सेव ीर ेजेज 'क ती
िथ ि
पअव ्ध रि य.. ो.
ज न
पूर्म ते िं : 2022 हस ैज ।कीय 'कोष में पैसा जमा करा feat गया
;
e(उपा aयुक n्त उद्योग 24.05. | नहीं। जब्त . , (कि गारण्टी की are दिनांक 08.052020
SALT करने 20i6 से से 0a5,2024)
की की गई |, 02 माह
bi) के
| अन्दर . __
AO दृवीमटेव दी me i fre | निर्धारित... [02022022 | रू ज्सिहायक आयुक्त wert द्वारा दुरमाव पर
इण्डिया डुलन्देंशहर की अवधि... में श्022 | अंवंगत कराया rar है 'कि। संबंधित बैंक को
(उपायुक्त उद्योग ' तिथि प्रयोजन पूर्ति पत्र प्रेषित किया गया है, किन्तु बैंक॑ द्वारा
A TAHT करने 7.02. | नहीं। जब्त wart कोई -कार्यवाही किये जाने की सूचना
की Wea की गई र08 से : नहीं हैं। (बैंक गारण्टी' की. अवधि ' दिनांक 49
है 0 माह | | | 04.2048 से 49:03:20:9
बA ुO ल नअ ्म द् शबा ह र शक्ति Ta | कf ीr ag अr वधT ि. में 70.0i:2022 | 2प 0ि 2त 2ा, गस यंह ाा हयक ै आयुक्त स्टाम्प द्वारा अवगत कराया कि संबंधित tar को 'पंत्र प्रेषित किया
(उपायुक्त उद्योग 'तिथि से | प्रयोजन पूर्ति गंयां है, किन्तु de द्वारा संस्पति कोई
द्वारा अवमुकत करने फ ate | नहीं। कंर्यवोंही किये जाने की सूचना नहीं है|
| की संस्तुति की गई जब्त। "उक्त
8) के अतिरिक्त
' समर्पण
विलेख
~ अप्राप्त
_
~ 40 यीटा सं दी वर्ष | आवंटन | Traits 07.04.2022 | 074.02. | पैसा जमा, चालान सेठ-9000 05 दिनाक 09.
बाराबंकी की Ci: में 2022 03.2022,
(उपायुक्त -उद्योग.. . तिथि प्रयोजन पूर्ति (0 27,30,000 /-)
द्वारा अवमुक्त करने 2603. | नहीं। wer a गाएग्टी at ऊंवधि दिनांक :20.0820:0
| की संस्तुति की गई 20 ee से 28.06.2022)
i) 02 व _..
सूच्य है कि उक्त समस्त बैंक गारण्टियों को sed करनें का. आदेश,
औद्योगिक विकास अनुभाग के कार्यवृत्त सं०-88/77-6-2022 दिनांक 26-05-2022 के
निर्गत होने के पूर्व, बैंक गारण्टी से संबंधित संगत शासनादेशों दिनांक ए4-06-203 के
प्रस्तर-4(2)(घ) व 04-05-2098 के प्रस्तर6(2)(घ) A यथाप्रवृत्त व्यवस्थानुसार दिया गया
है।i a श्र
उक्त के सन्दर्भ में अवगत कराना है कि कार्यवृत्त We-4488/77-6-2022
दिनांक: 26-05-2022 के प्रथम प्रस्तर में यह प्रावधानित है कि - किसी Weg
न
(GER, wee अथवां विश्ाग' मैं निबन्धित पट्टा facta) अथवा प्राधिक्रा ८ उद्योग:
विभाग के आवंटन /हस्तान्सरण पत्र A दीं WS अवधि के आधार UX बैंक गारण्टी जब्त a,
की जाए।......”, किन्तु उक्त | कार्यवृत्त मैं यह 'प्रावधानित नहीं है कि कार्यवृत्त॑ के जा में यह प्रावधानित नहीं है कि कार्यवृत्त॑ के जारी
होने के पूर्व में यदि उपरीक्त आधार पर बैंक गारण्टी जब्त की गई हैं तो उस पर कर के पूर्व में यदि उपरोक्त आधार पर बैंक गारण्टी जब्त की गई हैं तो उस पर क्या
पुनर्विचार किया जाना है अथवा नहीं।.
वि... सन अनिल
प्रकरणों में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट या महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र TENT
लिखत॑ पर संबंधित नीति के अधीन अन्तरण होने कीं पुष्टि करने के' प्रयोजन से साक्षी के
रूप हस्ताक्षर नहीं किये' गये हैं, उने समस्त प्रकरणों की सूचीं संबंधित जिलाधिकारी /
उपायुक्त उद्योग को प्रेषित AC उनसे इस आशय की पुष्टि करा ली जाए कि. इकाई' को
किस ऑद्योगिक नीति के अन्तर्गत स्टाम्प इयूटी से ye अनुमन्यें की गई हैं, तदोपरान्त
ही बैंक गारण्टी जब्ती की कार्यवाही की जाए|.......” तो कया' ऐसें प्रकरणों में जिलाधिकारी
/उपायुक्त उद्योग से पुष्टि करायें जानें के बाद भी मांत्र जब्ती की कार्यवाही कीं: जानी हैं;
Falter Aged के. संगत प्रस्तर में 'जब्त' शब्द ही अंकिंत है। wel | tTelead C.
oo _” fg eh. \ a
कृपया उपरोक्तानुसार अवगत होना चाहें Va कार्यवृत्त॑ दिनांक॑ 26-05-
2022 के उपरोक्त बिन्दुओं पर Haat कार्यवाही हेतु मार्ग देर्शन प्रदान करना Tel
अवदीया,
Coo es
(कंचन वर्मा)
' आयुक्त स्टाम्पअपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में, दिनांक 74.03.2022 को
औद्योगिक नीति तथा इससे इतर मामलों के स्टाम्प विभाग से सम्बन्धित आ रही
समस्याओं के निवारण हेतु सम्पन्न बैठक का कार्यवुत्त-
बैठक में उपस्थित(भौतिक):--
सुश्री सुजाता शर्मा, सचिव, औद्योगिक विकास विभाग |
Slo FHA st, विशेष सचिव, औद्योगिक विकास विभाग |
सुश्री रौशन जैकब, महानिरीक्षक निबन्धन, उत्त्तर प्रदेश प्रयागराज |
. श्री ए0के0अवस्थीविशेष सचिव, स्टॉम्प एवं पंजीयन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन |
. श्री अरविन्द प्रताप सिंह, अपर महानिरीक्षक, निबन्धन।
. श्री ware सिंह, उपमहानिरीक्षक, निबन्धन |
. श्री श्रीश चन्द्र वर्मा, ए०्सी0ई0०आओ0,यूपीडा |
. श्री भरत सिन्हा,यू0पी0एएल0सी0
9. श्री ओम प्रकाश पाठक, विशेष कार्याधिकारी,यूपीडा |
0. श्री डी0के0शर्मा, पिकप |
44. सुश्री संध्या यादव, सहायक निदेशक, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, मुख्यालय |
42. इन्वेस्ट यूपी के प्रतिनिधि |
(वीडियो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थिति)
43. Mae रितु माहेश्वरी,सी0ई0ओए0, नोएडा।
4. श्री मयूरी माहेश्वरी,सी0ई0आओए0,यूपीसी
ON
डा |
5. श्री नरेन्द्र भूषण, सी0ई0ओए0, ग्रेटर नोयडा |
6. श्री अरूणवीर सिंह,सी0ई0ओए0,यीडा |
सर्वप्रथम Fete, निबन्धन द्वारा यह अवगत कराया गया कि औद्योगिक निवेश
नीतियों के अन्तर्गत परियोजना के उद्देश्य की पूर्ति किये जाने की अधिकतम अवधि 5
वर्ष अवधारित की गयी है, किन्तु यह देखा जाता है कि प्रमाणीकरण संस्था एवं निवेशकर्ता
इकाई के मध्य 5 वर्ष से न्यून अवधि अर्थात् एक वर्ष, दो वर्ष एवं 3 वर्ष प्रयोजन की पूर्ति
हेतु करते हुये, अनुबन्ध पत्र एवं लीज डीड पंजीकुत कराये जाते हैं। इसी कम में
प्रारूप-क (प्रति संलग्न), जो प्रमाणीकरण संस्था तथा इकाई के मध्य निष्पादित होता है,
में भिन्न-भिन्न प्रयोजन पूर्ति की अवधि प्रदर्शित की जाती है और प्रदर्शित अवधि के लिए
ही बैंक गारण्टी भी उपलब्ध करायी जाती है, परिणाम स्वरूप विभाग द्वारा vad अवधि के
बाद, इकाई दारा प्रस्तुत बैंक गारण्टी विभाग द्वारा जब्त कर ली जाती है, रो काफी विवाद
बढ़ रहा है। औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेश नीति-2004, अवस्थापना एवं औद्योगिक
निवेश “fa—20i2 एवं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन Af-20:7 से आच्छादित
कतिपय प्रकरणों में ऐसी समस्याएं प्रकट हुई हैं |
अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा
स्टाम्प एवं निबन्धन विभाग को स्पष्ट किया गया कि औद्योगिक विकास विभाग द्वारा
Feta औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2047 के कम में विभिन्न विभागों
|
oak wh =द्वारा सेक्टोरल नीतियां प्रख्यापित की गई है जिसके अन्तर्गत परियोजना की
स्थापना /वाणिज्यक उत्पादन प्रारम्भ करने के लिए विभिन्न समयावधियां निर्धारित की गई
हैं। जैसे औद्योगिक नीति के अन्तर्गत ही निवेश की राशि के अनुसार इकाईयों को विभिन्न
श्रेणियों में वर्गीकृत करते हुए उनके वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने के लिए 3 से 7 वर्ष
की अवधि का प्राविधान किया गया है। नीतियों. के अन्तर्गत cera ड्यूटी में अनुमन्य छूट
की वापसी इसी अवधि के व्यतीत होने तथा उसके भीतर वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ न
होने पर ही नीति से सम्बन्धित विभाग द्वारा तदुविषयक पुष्टि किए जाने के उपरान्त ही
की जा सकती है। बैंक गारंटी की जब्ती का प्राधिकरण के साथ हुई लीज Sts के अन्दर
दी गई अवधि से कोई सरोकार नहीं है। लीज डीड के अन्तर्गत अनुमन्य अवधि प्राधिकरण
के बाई लाज के अनुरूप नियत की जाती है जिसके समाप्त होने के उपरान्त इकाई द्वारा
प्राधिकरण को समय वृद्धि शुल्क की देयता बनती है। cla डीड के अन्तर्गत दी गई
अवधि के समापन पर बैंक गारंटी जब्त नहीं की जा संकती | किसी प्रारूप (प्रारूप-क,
प्रारूप--ख अथवा विभाग में निबन्धित पट्टा विलेख) अथवा प्राधिकरण ,/ उद्योग विभाग के
आवंटन, हस्तान्तरण पत्र में दी गयी अवधि के आधार पर बैंक गारण्टी जब्त न की जाए।
उक्त तथ्य को स्पष्ट करते हुए पिकप द्वारा बताया गया कि अमूमन इकाई को
लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाता है, जिसमें स्टाम्प शुल्क से छूट तथा कट ऑफ डेट
से कितनी अवधि / औद्योगिक नीति में दी गयी अवधि में, जो पहले हो, के आधार पर
अवधि निर्धारित की जाती है। कहीं कहीं ऐसा भी होता है कि नीति में नियत अधिकतम
अवधि के पूर्व ही इकाई द्वारा स्वयं कम समय में उत्पादन में आने की तिथि निर्धारित की
जाती है, ऐसे में भी बैंक गारण्टी, नीति में दी गयी अवधि समाप्त होने पर ही वाणिज्यिक
उत्पादन प्रारम्भ न होने जब्त की जा सकेगी।
द्वितीय- महानिरीक्षक, निबन्धन द्वारा यह भी संज्ञानित कराया गया कि आवंटी द्वारा
प्रयोजन पूर्ति न किये जाने पर दूसरे आवंटी / संस्था को भूमि ged पर बिना पूर्व पट्टा
विलेख को सरेण्डर ऑफ लीज करा दी जा रही है, इससे उनके विभाग में भूमि ,/ सम्पत्ति
का पंजीयन जिसके नाम हैं, वह सम्पत्ति उसके नाम ही अंकित रहती है, ऐसी दशा में
सम्पत्ति का विधिक परिवर्तन होने पर मूल संस्था से मूल लीज का सरेण्डर कर उसका
पंजीकरण कराना होगा। उसके बाद जिस कम्पनी / संस्था के नाम आवंटन / SAAT
हो, उसके लिए अवशेष अवधि के लिए पट्टा विलेख कराकर उसका पंजीयन कराना
होगा। स्टाम्प एवं पंजीयन अधिनियम के अन्तर्गत यही प्राविधान दिये गये हैं। यह भी
बताया गया कि var कार्य के लिए मूल आवंटी को प्राधिरण अथवा उद्योग विभाग के
साथ 00रुपये के स्टाम्प पेपर पर पट्टा सरेण्डर करना होगा और यदि मूल आवंटी द्वारा
आवंटित भूखण्ड पर कोई निर्माण या मशीनरी स्थापित की गयी है तो उसका AAR पत्र
द्वितीय आवंटी के पक्ष में कराना होगा।इस सम्बन्ध में चर्चा के उपरान्त यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में सभी
प्राधिकरणों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि वांछित cra शुल्क सरेंडर आफ लीज
पर (वर्तमान में G.i00) अदा करते हुए सरेंडर विलेख के पंजीयन के उपरान्त ही नवीन
veel विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराएं। जहाँ तक इस प्रकार के पूर्व प्रकरणों का
प्रश्न है उनमें पूर्व के पट्टाघारकों से सरेंडर आफ cho वांछित स्टॉम्प शुल्क(वर्तमान में
.00) की अदायगी पर निष्पादित कराकर प्राधिकरण अपने अभिलेखों में संरक्षित करते
हुए एक प्रति स्टॉम्प एवं निबंधन विभाग को उपलब्ध करा दें। इसका पंजीकरण कराने की
कार्यवाही अब न की जाए। निबंधन विभाग इस विलेख को साक्ष्य में ग्रहण करते हुए
तदनुसार कार्यवाही करेगा। इस त्रुटि के आधार पर बैंक गारंटी अवरूद्ध न की जाए
क्योंकि उसकी wel, मात्र नीति में निर्धारित अवधि में उत्पादन प्रारम्भ न करने पर ही की
जा सकती है किसी अन्य विसंगति के उत्पन्न होने पर नहीं |
तृतीय-महानिरीक्षक निबन्धन द्वारा अवगत कराया गया कि सभी औद्योगिक नीति में इस
बात का स्पष्ट उल्लेख है कि “इस अधिसूचना के अधीन छूट तभी अनुमन्य होगी यदि
: सम्बन्धित जिले का जिला मजिस्ट्रेट या महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र ऐसे लिखत पर
इस तथ्य की पुष्टि करने के प्रयोजन के लिए साक्षी के रूप में हस्ताक्षर करेगा कि
SRT उक्त नीति के अन्तर्गत निष्पादित किया जा रहा है।” उक्त स्पष्ट व्यवस्था होने
के बावजूद, ऐसे मामलें ऐसे लम्म्बित हैं, जिनमें जिलाधिकारी अथवा उनकी ओर से
सम्बन्धित जनपद के महाप्रबन्घक, जिला उद्योग केन्द्र द्वारा विलेख पर हस्ताक्षर नहीं किये
गये है |
इस संबंध में निर्णय लिया गया कि उक्त समस्त मामलों का विवरण सूची
संबंधित जिलाधिकारी / उपायुक्त उद्योगों को प्रेषित कर उनसे इस आशय की पुष्टि करा
ली जाए कि इकाई को किस औद्योगिक नीति के अन्तर्गत स्टॉम्प ड्यूटी से छूट अनुमन्य
की गई है। तदुपरान्त ही बैंक गारंटी जब्ती की कार्यवाही की जाए।
चतुर्थ- औद्योगिक निवेश नीतियों के अन्तर्गत era शुल्क से छूट केवल अनुच्छेद-23
(विकय विलेख) एवं अनुच्छेद-35 (पट्टा विलेख) हेतु ही प्राविधानित की गयी हैं। ऐसी
दशा में aid के अनुच्छेद-48(नीलामी) एवं अनुच्छेद-63 (लीज का अन्तरण) से
छूट दिया जाना सम्भव नहीं है|
यह अपेक्षा की गई कि बैठक के कार्यवृत्त को महानिरीक्षक, निंबंधन के स्तर से भी
समस्त अधीनस्थ को परिचालित करा दिया जाए जिससे भ्रम की स्थिति न रहे। यह भी
अपेक्षा की गई कि कार्यवृत्त की प्रति सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन
विभाग की त्तरफ से समस्त जनपदों में तैनात उद्योग विभाग के अधिकौरियों को तथा
औद्योगिक विकास विभाग की तरफ से समस्त प्राधिकरणों को तदनुसार अनुपालन
सुनिश्चित कराने हेतु प्रेषित कर दी जाए।
अंत में बैठक सधन्यवाद समाप्त हुई |
(अरविन्द Bar)
अपर मुख्य सचिव |उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-6
UeAN— 8 / 77—-6—2022
लखनऊ: दिनांक:#£मई, 2022
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित:--
4. अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव, आईए0टी0 एवं इलेक्ट्रानिक्स / yey एवं मध्यम
उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन ,/स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ०प्रण्शासन |
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 | ं
An
समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण,उ0प्र0 |
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग |
प्रबन्घ निदेशक, fray |
गार्ड फाइल |
फ WN
आज्ञा[से.
( रजनी कान्त पाण्डेय)
अनु सचिव।