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Official Transcriptसंख्या-26/2026/245 h-2/22-3-2025-7(397)/25 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक /महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3 लखनऊ दिनांक 23 जनवरी, 2026 विषय:- केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम पुत्र श्री महाराज सिंह, निवासी जनपद-इटावा की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार...
संख्या-26/2026/245 h-2/22-3-2025-7(397)/25 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक /महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3 लखनऊ दिनांक 23 जनवरी, 2026 विषय:- केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम पुत्र श्री महाराज सिंह, निवासी जनपद-इटावा की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक अपने कार्यालय के पत्र संख्या-3840/प्रोवेशन-3-फार्म-ए/ (एम-24.04.2025) दिनांक-
29.04.2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें। 2- उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम पुत्र श्री महाराज सिंह, जो नगला बाबा, थाना-बसरेहर, जनपद-इटावा का निवासी है ने अपने 0॥ सहअभियुक्त के साथ मिलकर दिनांक 9.04.2009 को पुरानी रंजिश के चलते वादी के ॥॥ वर्षीय पुत्र का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या करके शव को कुएं में the दिया। उक्त अपराध हेतु बन्दी को सत्र परीक्षण संख्या--70/2009, में भा0द0वि0 की धारा-364, 302, 20। के अन्तर्गत मा0 न्यायालय, जिला एवं सत्र न््यायाधीश/विशेष न्यायाधीश(द0प्र0क्षे0) कक्ष GO-ii, फिरोजाबाद के आदेश दिनांक 02.02.2023 द्वारा आजीवन कारावास से दण्डित किया गया। जेल रिपोर्ट के अनुसार दिनांक 05.09.2024 तक 45 वर्ष, 04 माह, 0 दिन की अपरिहार तथा i5 वर्ष, 08 माह, 0 दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है तथा बंदी की आयु 39 वर्ष, 07 माह, Ot दिन है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा मा० उच्चतम Mas द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में बंदी द्वारा कारित अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने, भविष्य में अपराध करने का अवसर होने, पुन: अपराध करने में HEA नहीं होने, जेल में और आगे निरूद्ध रखने का सार्थक प्रयोजन होने की आख्या अंकित करते हुये बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। Weert बोर्ड का अभिमत है कि बन्दी ने अपने 0। सहअभियुकत के साथ मिलकर दिनांक 9.04.2009 को पुरानी रंजिश के चलते वादी के ॥ वर्षीय पुत्र का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या करके शव को कुएं में फेंक दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों का सम्यक परीक्षण कर माननीय उच्चतम न्यायात्रय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित ऐसा कोई तथ्य परिल्रक्षित नही है, जिसके आधार पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा जिला मजिस्ट्रेट की आख्या»संस्तुति के प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार Sec! द्वारा किये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन Vee-938 की धारा-2 के अन्तर्गत edly बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम पुत्र श्री महाराज सिंह को फार्म-ए/लाइसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गई BI 3- अत: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि केन्द्रीय कारागार, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम (बन्दी संख्या-9447) पुत्र श्री महाराज सिंह, निवासी जनपद- इटावा को फार्म-ए/लाईसेंस पर यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के प्राविधानों के अन्तर्गत सम्यक् विचारोपरान्त मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया है। अतएव उक्त बन्दी की लाइसेन्स पर मुक्ति श्री राज्यपाल द्वारा 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है I 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।अस्वीकार कर दी गयी है। तदनुसार बंदी के फार्म-ए पर शासन के आदेश अंकित करके एतदद्वारा वापस लौटाया जा रहा है। कृपया प्राप्ति स्वीकार करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें। संलग्नक: यथोपरि। (बन्दी का फार्म-ए एवं समस्त पत्रादि सहित) भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। संख्या एवं दिनांक तदैव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- जिला मजिस्ट्रेट, इटावा। 2- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, आगरा। 3- नोडल अधिकारी /अधीक्षक जिला कारागार, गाजियाबाद को ATO उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में योजित विशेष He याचिका (क्रिमि0) GEAT-529/202 सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य तथा सुओ मोटो Re पिटीशन (क्रिमि0) संख्या-04/2024 पॉलिसी स्ट्रेटजी फार Mec ऑफ बेल में दिनांक 40.09.2024 को पारित आदेशों के सन्दर्भ में। 4- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2, SOU0 शासन। 5- गार्ड फाईल। आज्ञा से, ममता श्रीवास्तव अनु सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है I 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।शासनादेश संख्या-26/2026/245 के-2/22-3-2025-47(397)/25 दिनांक- 23 जनवरी, 2026 का संलग्नक सरकार के आदेश केन्द्रीय ORK, आगरा में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम पुत्र श्री महाराज सिंह, जो नगला बाबा, थाना-बसरेहर, जनपद-इटावा का निवासी है ने अपने 0। सहअभियुकत के साथ मिलकर दिनांक 39.04.2009 को पुरानी रंजिश के चलते वादी के ॥ वर्षीय पुत्र का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या करके शव को कुएं में फेंक दिया। उक्त अपराध हेतु बन्दी को सत्र परीक्षण संख्या-।70/2009, में भा0द0वि० की धारा-364, 302, 20। के अन्तर्गत AIO न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश»विशेष न्यायाधीश(द0प्र0क्षे0) कक्ष HO-i4, फिरोजाबाद के आदेश दिनांक
02.02.2023 द्वारा आजीवन कारावास से दण्डित किया गया। जेल रिपोर्ट के अनुसार दिनांक 05.09.2024 तक 45 वर्ष, 04 माह, i0 दिन की अपरिहार तथा i5 वर्ष, 08 माह, 0 दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है तथा बंदी की आयु 39 वर्ष, 07 माह, 0 दिन है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा मा० उच्चतम नन््यायात्रय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या में बंदी द्वारा कारित अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने, भविष्य में अपराध करने का अवसर होने, पुन: अपराध करने में HEA नहीं होने, जेल में और आगे निरूद्ध रखने का सार्थक प्रयोजन होने की आख्या अंकित करते हुये बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। Weert बोर्ड का अभिमत है कि बन्दी ने अपने 0। सहअभियुकत के साथ मिलकर दिनांक :9.04.2009 को पुरानी रंजिश के चलते वादी के ॥ वर्षीय पुत्र का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या करके शव को कुएं में फेंक दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों का सम्यक परीक्षण कर माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की seat में समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित ऐसा कोई तथ्य परिल्रक्षित नही है, जिसके आधार पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा जिला मजिस्ट्रेट की आख्या»संस्तुति के प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार Sec! द्वारा किये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन Vee-938 की धारा-2 के अन्तर्गत edly बन्दी संजय कुमार उर्फ गंगाराम पुत्र श्री महाराज सिंह को फार्म-ए/लाइसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गई BI उक्त के Seared सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा बंदी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है। कमलेश कुमार उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है I 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।