संख्या- (4 /2026 /4(42/22-2-2025-7(943) /2025
प्रेषक,
कमलेश कुमार,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक,
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें,
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ: दिनांक 08 जनवरी, 2026
विषय:-केन्द्रीय कारागार फतेहगढ में निरूदध सिद्धदोष बन्दी रज्जन लाल पुत्र श्री रामचरन
यादव, निवासी जनपद-उन्नाव की सामान्य दयायाचिका के आधार पर...
संख्या- (4 /2026 /4(42/22-2-2025-7(943) /2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ: दिनांक 08 जनवरी, 2026 विषय:-केन्द्रीय कारागार फतेहगढ में निरूदध सिद्धदोष बन्दी रज्जन लाल पुत्र श्री रामचरन यादव, निवासी जनपद-उन्नाव की सामान्य दयायाचिका के आधार पर समयपूर्व रिहाई के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक(मु0) कारागार के पत्र AeAM-(96(3/Wa0-5- दया0/बैठक-दिनांक 25.04.2025, दिनांक 08.05.2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें। 2- उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार केन्द्रीय कारागार फतेहगढ में निरूद्ध सिद्धदोष deel रज्जन लाल पुत्र श्री रामचरन यादव जो भवन खेडा, मजरा-बछौली थाना- औरास, जनपद-उनन्नाव का निवासी है। बन्दी द्वारा मृतक श्रीपाल से शादी किये जाने की रंजिश को लेकर दिनांक 0.09.(987 को 04 सहअभियुकतों के साथ मिलकर देशी पिस्तौल, बन्दूक व कुल्हाड़ी से मारकर 03 व्यक्तियों की हत्या कारित की गयी। उक्त अपराध हेतु बन्दी को सत्र परीक्षण AEM-770/982 में भा०्द०वि० की URT-48, 20I, 302/49 आई0पी0सी0 के अन्तर्गत Alo न्यायात्रय, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश उन्नाव के दण्डादेश दिनांक 7.07.983 द्वारा आजीवन कारावास से दण्डित किया गया, Alo उच्च न्यायालय लखनऊ खण्डपीठ, लखनऊ के आदेश दिनांक 24.02.20i6 द्वारा बन्दी की अपील निर्णित करते हुये दिये गये आजीवन कारावास को यथावत रखा गया। बंदी द्वारा दिनांक
26..2024 तक अपरिहार 09 वर्ष, 0। माह, 74 दिन तथा 4 वर्ष, 03 माह, 7 दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है। बन्दी की आयु 26.44.2024 तक 70 वर्ष, 07 माह, 0 दिन है। 3- सिद्धदोष aed} रज्जन लाल पुत्र श्री रामचरन यादव की दयायाचिका के आधार पर समयपूर्व रिहाई प्रकरण पर विचार किया गया। बन्दी द्वारा भोगी गयी सजा के सापेक्ष रिहा होने पर समाज में प्रतिकूल संदेश जाने, बन्दी द्वारा कारित अपराध की प्रकृति (03 व्यक्तियों की हत्या) तथा पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, उन्नाव द्वारा समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं किए जाने के दृष्टिगत सभी बिन्दुओं पर सम्यक् विचारोपरान्त समिति द्वारा बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट ॥00://5095303485॥.७0.20५.॥से सत्यापित की जा सकती है |4- इस सम्बन्ध में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि केन्द्रीय कारागार, फतेहगढ़ में निरूदूध सिद्धदोष बन्दी रज्जन लात्र(बन्दी संख्या-26928) पुत्र श्री रामचरन यादव, निवासी जनपद-उन्नाव की भारत का संविधान के Heaqedse-i6l के अन्तर्गत दयायाचिका के आधार पर समयपूर्व रिहाई की संस्तुति सम्यक् विचारोपरान्त राज्यपाल महोदया द्वारा अस्वीकार कर दी गयी Sl कृपया उपरोक्त A बन्दी को भी अवगत कराने का कष्ट करें। भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। संख्या- (7_/2026/(742()/22-2-2025 तददिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - निजी सचिव, माए मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन। 2- निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन। 3- जिला मजिस्ट्रेट, उन्नाव। 4- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़। 5- गार्ड Wise आज्ञा से, ममता श्रीवास्तव अनु सचिव। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |