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Official Transcriptसील्ड/रजिस्टर्ड FAT-63/2026/358/22-2-2025-77(44)/2022 358/22-2-2025-7(4)/2022 प्रेषक, कमलेश कमार, उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, वाराणसी। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 Aaa feats 22 जनवरी,2026 महोदय मुझे निदेश हआ है कि मैं आपके पास आपकी जेल के निम्नलिखित कैदी का लाइसेन्स भेजं और आपको यह सूचित He कि BO पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 (सन् 938...
सील्ड/रजिस्टर्ड FAT-63/2026/358/22-2-2025-77(44)/2022 358/22-2-2025-7(4)/2022 प्रेषक, कमलेश कमार, उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, वाराणसी। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 Aaa feats 22 जनवरी,2026 महोदय मुझे निदेश हआ है कि मैं आपके पास आपकी जेल के निम्नलिखित कैदी का लाइसेन्स भेजं और आपको यह सूचित He कि BO पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 (सन् 938 का एक्ट-8) की धारा-2 के अन्तर्गत श्री राज्यपाल इस बन्दी को यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन रूल्स के नियम- 8 के अनुसार लाइसेन्स के द्वारा मुक्त किये जाने की अनुज्ञा प्रदान करते हैं। बन्दी का नाम-शम्भू दयाल (Seal HO-0/207) बन्दी के पिता का नाम- श्री इन्द्रासन निवासी ग्राम-खुर्दही बाजार, पो०-बक्काश, थाना-गोसाईगंज, जनपद-लखनऊ, उत्तर प्रदेश। 2- कृपया इन आदेशों की प्राप्ति स्वीकार करें। संलग्नक: लाइसेन्स की मूल प्रति। भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। PAT-63/2026/358()/22-2-2025 तददिनांक... 358()/22-2-2025 Th...
प्रतित्रेषि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- (लाइसेन्स की द्वितीय प्रति के साथ) I- पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0 लखनऊ। 2- जिला मजिस्ट्रेट, लखनऊ। 3- पुलिस आयुक्त, लखनऊ। 4- निजी सचिव, माए मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को AO मंत्री जी के सूचनार्थ। 5- निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री,कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ। 6- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन। 7- गार्ड Wisc आज्ञा से, ममता श्रीवास्तव अनु सचिव | l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |फार्म-घ (डी) (देखिए नियम -7) यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के अधीन शर्तों पर छोड़े जाने का लाइसेन्स। यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, (938 की धारा-2 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके श्री राज्यपाल, इस पाबन्दी के साथ कि आगे त्रिखी शर्तों का पात्रन किया जायेगा, बन्दी शम्भू cate, जिसके पिता का नाम- श्री इन्द्रासन और दिनांक 27.05.2022 तक बन्दी की आयु 54 वर्ष, 09 माह, 06 दिन है, निवासी- ग्राम-खुर्दही बाजार, पो०-बक्काश, थाना-गोसाईगंज, जनपद-लखनऊ, उत्तर प्रदेश का है, जिसकी बन्दी GeM-0/20i7 है, जो इस समय केन्द्रीय कारागार, वाराणसी में बन्द है, बंदी cant दिनांक 27.05.2022 तक अपरिहार 76 वर्ष, 09 माह, 08 दिन तथा 20 वर्ष, 07 माह, (/ दिन की सपरिहार सजा काटी गयी है, को छोड़ने की स्वीकृति और निर्देश देते हैं और उक्त कैदी का अभिभावक जिला प्रोबेशन अधिकारी, लखनऊ को नियुक्त किया जाता है, की देखरेख और अधिकार में रखते हैं। यह लाइसेंस यदि वह पहले ही निरस्त न कर दिया गया हो, तो बन्दी की मृत्यु के पश्चात् समाप्त हो जायेगा। शर्तें जिनका पालन लाइसेंसदार को करना होगा I- लाइसेंस की अवधि में लाइसेंसदार उपर्युक्त अभिभावक की देख-रेख और अधिकार A रहेगा। वह उन सभी आदेशों का अनुपालन करेगा, जो अभिभावक उसके निवास स्थान, रोजगार और चाल- चलन के विषय में उसे मौखिक रूप से या लिख कर दें। 2- उसके अभिभावक ने जिन स्थानों की सीमाओं के भीतर रहने का उसे आदेश दिया हो उसके बाहर वह बिना उसकी अनुमति के नहीं जायेगा। वह उस स्थान पर चला जायेगा, जहां जाने का निदेश उसे अभिभावक ने दिया हो और वह उस मार्ग से जायेगा, जिसे उसके अभिभावक ने निर्धारित कर दिया हो। 3- वह उस समय और उन स्थानों पर और उन व्यक्तियों के सम्मुख उपस्थित होगा, जिनके सम्बन्ध में अभिभावक समय-समय पर निदेश करे। 4- वह स्वयं यथोचित परिश्रम से अभिभावक के संतोषानुसार उस काम को करेगा जिसमें लगाने का अभिभावक उसे निर्देश करें। 5- वह कोई ऐसा अपराध न करेगा, जो किसी ऐसे कानून GaN दण्डनीय हो, जो भारत में इस समय लागू हो। 6- वह ऐसे व्यक्तियों के साथ किसी भी रूप में मेल न रखेगा, जिनके विषय में यह प्रसिद्ध हो कि वे बदमाश हैं या दुराचारपूर्ण या कुत्सित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 7- यदि राज्य सरकार यह समझे कि उसने उपर्युक्त शर्तों का उल्लंघन किया है तो राज्य सरकार सम्बन्धित व्यक्ति को अपना मामल्रा, जिस जिले में वह उस समय रह रहा है, उसके जिला मजिस्ट्रेट के सम्मुख रखने का एक अवसर देने के उपरान्त उसके लाइसेंस का निरसन कर सकती है और यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-4 के उपबन्धों का पात्नन करते हुए कैद की बाकी सजा भुगतने के लिए उसे फिर से ster A बन्द किये जाने का निदेश दे सकती है। 8- इस लाइसेंस के निरसन पर उक्त कैदी निरसन के आदेश पत्र में बताई हुई उस तारीख पर या उससे पहले ही जेल में वापस आ जायेगा। 9- अभिभावक की मृत्यु हो जाने की दशा A लाइसेन्सदार उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट को, जहां कि वह रहता है, इस बात की सूचना Kea देगा और यदि सम्भव हो तो मृतक के स्थान पर किसी दूसरे उपयुक्त अभिभावक का नाम प्रस्तावित करेगा और प्रस्तावित अभिभावक के सम्बन्ध मेँ पूरी जानकारी देगा। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |अभिभावक का कर्तव्य लाइसेन्स की शर्तों का पात्नन पूर्ण रूप से कराना अभिभावक का कर्तव्य होगा। वह लाइसेंसदार के चाल-चलन और उसकी भलाई का ध्यान रखेगा और साधारणतया उसके स्थानीय संरक्षक के रूप में कार्य करेगा। यदि लाइसेंसदार का आचरण खराब पाया जाये तो अभिभावक का कर्तव्य होगा कि इस बात की रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट से करें। यदि इस एक्ट के अधीन लाइसेन्स पर छोड़ा गया कोई कैदी अभिभावक की देख-रेख या अधिकार से निकल भागे या उसका लाइसेंस निरस्त कर दिये जाने पर जेल वापस न लौटे तो अभिभावक Red उसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट और सुपरिन्टेंडेन्ट को देगा और निकटतम थाने मैं रिपोर्ट करेगा और कैदी के विरूद्ध उसी प्रकार कार्यवाही की जायेगी, जिस प्रकार पुलिस के हस्तक्षेप योग्य मामले A की जाती है। दिनांक : 22 जनवरी, 2026 कमलेश कुमार उप सचिव। कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग उत्तर प्रदेश शासन। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |