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नौम�न,भारत सरकार के ई-नय् ूज़लटै र का तीसरा अंक, जनवर� 2017
भारत सरकार,
पोत प�रवहन मतं ारा,
नौवहन महा�नदेशारा,
बीटा �बिल्ंं , 9 वी ं मिं ज़ र, आई-�थकं टेक्नो कैमप् स, कांजूर मां र (पवू )र
मबुं ई –400 042.
नौम�न, भारत सरकार का ई-ना-ज़ू रटै र
(नौवहन महा�नदेशारा, भारत सरकार का �तमाह� ई-ना् जू ज़रटै र)
1डॉ. मािलनी वी. शं्र, भा�से, संपाद्�य. . .
संरक्: नौवहन महािनदेश् एव ंपदेन अपर
सिचव, भारत सर्ार िव्ास ्े िलए अिधरचना ्ा आधारभूत अंग प�रवहन है और नौवहन
सलाह्ार इस्ा अिभन्न अंग ह.ै राष्�ीय अथरवय् वस्था म� वािणज्य पोत प�रवहन
मंडल: 1. �ी अिमताभ ्ुमार, भारासे, ्� महतवपूणर भूिम्ा होने ्े ्ारण वािणज्य पोत प�रवहन ्ो
अपर नौवहन महािनदेश्.
वािणिजय्, आ�थ्, और औ�ोिग् िव्ास ्े िलए अप�रहायर समझा
2. �ी बी आर शेखर, मुख्य सव�क्
जाता ह.ै इस संबंध म�, िन:संदेह, ्ारगर तरी्े से सेवाएं �दान ्रने ्े
3. �ी सुरेश ्ुमार, मुख्य पोत
सव�क् िलए उतत् रदायी वािणिजय् पोत और समु�्म� इस्े महतव् पूणर घट् ह.ै
4. ्प्तान ्ेपी जय्ुमार,
उप नौ�ट्ल सलाह्ार
समु�ीय सुरका, पयारवरण िनयं�ण और पोत� ् े�चालन म �समु�्�मय� ्�
भूिम्ा अनुपम ह.ै समु�्�मय� ्ा ्ायर तथा इन्� जीवन ्� िसथितयां
संपाद् : जी एल �सह , ्न्सलट् �ट हले ्प डेस््
और ्ायर ्� �्ृित सबसे अलग होती ह.ै इसी वजह से अंतररा�ीय �म
1. �ीमती आर. आई. सोल्र, संगठन ्ो िविशष्ट तौर पर समु�ीय जगत ्े िलए अलग से �म मान्�
संपाद्�य ्नस् ल्ट�ट
्ो स्थािपत ्रन े् ेिलए ्नव् �शन अपनानी पड़�. समु�ीय �म ्न्व�शन
सहायता : 2. �ीमती वी. आई. शमार,
(एमएलसी) ने इनह� समे�्त �्या, और समु�्�मय� हते ु ्ायर ्�
्नस् ल्ट�ट
आरामदाय् िसथितय� ् ेअिध्ार� ्� सथापना ्�. �स�ता ्� बात ह ै
3. �ी डी. डी. मं्�्र, ्न्सलट् �ट
हले ्प डेस्् �् भारत सर्ार ने 09.10.15 ्े एमएलसी ्ा अनुसमथरन �्या और
�दनां् 09 . 10. 16 से यह भारत म� �वृतत् हो गया. भारतीय समु�ीय
�हदी अं्:
�शासन ने समु�ीय �म �माणप� जारी ्रने ्े िलए वषर 2016 ्�
वािणज्य पोत प�रवहन सूचना संख्या 16 समु�ीय �म �माणप� जारी
संपादन तथा िवमलेन्� भदौ�रया
्रने हते ु �दनां् 08.12.2016 म� यथाव�णत रीित से पहले से ही
अनुवाद:
मानय् ता �ाप्त संगठन� (आईआरएस, एबीएस, एलआर, डीएनवी, बीवी,
टाइपसे�टग: �ीयुत �ीराम एन्े्े, ्ेआर आरआईएनए) ्ो �ािध्ृत �्या जा चु्ा ह.ै
समु�ीय के� म� चाहे जो लोग शािमल ह� �्तु समस्या ्ा सामना सबसे
पहले समु�्म� ्ो ही ्रना होता है. जब भी ्ुछ िवपरीत घटता है तो
सबसे पहले इस्ा असर समु�्म� पर होता ह.ै समय-समय पर
समु�्�मय� ्ो सखती स ेयह िहदायत दी जाती रही ह ै�् व ेपोत पर भत�
और िनयोजन सेवा� ्े िलए अ�ािध्ृत एजेनट� ्े फेर म� न पड़�. अनय्
बात� ्े साथ-साथ समु�्�मय� ्� सहायता ्े िलए िश्ायत ्ा
समाधान होने पर जान्ारी देने ्� �णाली बनाई गई, इन िश्ायत� और
समाधान� ्े बारे म� जान्ारी नौमिन ्ो �ाप्त होती ह.ै नौमिन ्े ई-
न्यूज़लैटर ्े माध्यम से अपने सदस्य� और िहतधा�रय� ्े बीच सूचना
प�चं ाई जाती ह.ै इस ई-न्यूज़लैटर म� सुधार लाने ्े िलए हर सुझाव ्ा
सवागत ह.ै
जीएल �सह.
असव् ी्रण :इस नय् ूज़लैटर म � िनिहत बात� मा� सूचना ्े �योजन से ह � .इसम� िनिहत बात� ्े सही होने या �फर
इन्� अिध�ामािण्ता ्ा न तो ्ोई दावा ह ै न ही इस नय् ूज़लैटर म� दी गई जान्ारी या �्सी संदभर से इसम �
शािमल ्� गई जान्ारी ् े �ित �्सी व्यि� ्ा ्ोई दाियतव् ही ह ै.
2नौवहन महािनदेश् एवं पदेन अपर सिचव, भारत सर्ार, पोत
प�रवहन मं�ालय, मुंबई.
डॉ. मािलनी वी. शं्र , (भा�स े (महाराष�् , :1984) ने �दनां्19 . 12. 2016्ो नौवहन महािनदेश् एवं पदेन
अपर सिचव, भारत सर्ार ् े�प म � ्ायभर ार संभाला.
इस िनयुि� से पहले आप महाराष�् सर्ार म� राजसव् , राहत और पुनवारस िवभाग ्� �भारी अपर मुखय सिचव ्े
�प म� ्ायरर त थ�. आप्े गितवान नेतृतव और मागरदशरन म� अपेका्ृत �प से अिध् सुरिकत और समुतथानशील
समुदाय� ्� रचना ्े �ित सर्ार ्� �ितब�ता ्े ए् भाग ्े �प म� आपदा �बंधन/ शमन ्ायर्म हते ु ्ारगर
तरी् े स े िविभनन् नीितय� तथा मागरदश� िस�ांत� ्ा िन�पण �्या गया.
इससे पहले अपर मुखय् सिचव, पयारवरण ्े �प म� आपने पयारवरण िन्ािसय�, तटवत� िविनयम और �बंधन
योजना�, मौसम प�रवतरन, जल तथा वायु �दषू ण ्� रो्थाम, नमभूिम प�ररकण और �चालन ्े �ित सहमित
संबंधी मु�� ्ा समाधान ्रन े्� चुनौितय� पर ्ाय र �्या.
�धान सिचव, जल संसाधन ्े तौर पर आपने बांध और नहर� ्े �बंधन, जल आवंटन, संसाधन�, जल ्ुशलता म�
सुधार, �ितभािगतापूण र �सचाई �बंधन ्ा संवधरन ्रन ेआ�द म � अपना भारी योगदान �दया.
महाराष्� राजय् ्े शहरी और �ामीण दोन� ही के�� म� पेय जलापू�त और सव् च्छता ्� नीित िन�िपत ्रने और
इसे ्ायािर नवत ्रन े म� आप अधय् ेता रही ह.� सब्े िलए जल और शहरी जल सुधार ्� पहल आपन े ्� और जनता
इस े ्भी भुला नह� स्ेगी.
िव्ास आयु्त् , उ�ोग रहत े आपने महाराष�् म� – बड़े, मधयम और छोटे उ�ोग� म � िनवेश� ्े साथ-साथ औ�ोिग्
समुच्चय� ् े ्ायर्म ्ा संवधरन �्या.
वािणज्य मं�ालय, भारत सर्ार म� जेडीसी, एमईपीज़ैड ्े �प म� अपने ्तरवय् � ्ा िनवरहन ्रते �ए आपने अपने
यहां आने वाली एफडीआई ्ो बढ़ाने और �्ए जाने वाले िनयारत� ्ो बढ़ावा देने म� अपने उत्तरदाियतव् ्ा िनवारह
�्या.
आप सावरजिन् नीित – संसथानगत अथशर ास�् म� �िति�त भा�ौसं, म�ास �ारा डॉ्ट् र ऑफ �फलॉसॉफ�
(पीएच. डी.) स े िवभूिषत ह.�
नौवहन महािनदेशालय, भारत सर्ार ्� ओर स े संपाद् मंडल और समूच े नौवहन जगत ्� ओर स े इस िव�ास ्े
साथ नौवहन महािनदेश् ्ा स्वागत ह ै �् आप भारतीय समु�ीय जगत ्ो नई ऊंचाइय� त् ले्र जाएंगी.
. . . . ई-नय् ूज़लैटर ्ा संपाद् मंडल.
3नौवहन महािनदेश् एव ंपदेन अपर सिचव, भारत सर्ार
्ा व्त् वय् . . .
�ाचीन ्ाल से ही नौवहन जहा ं प�रवहन ्ा साधन रहा ह ै
तो वह� इसन ेतटवत� नगर�, राष�् � और महा�ीप� ् ेलोग�
्ो परसप् र जोड़े रखा ह.ै आज िवशव् ्ा लगभग 90
�ितशत वय् ापार अनत् रराष�् ीय नौवहन उ�ोग �ारा ही
�्या जाता ह.ै िवश्व म� समु�ीय ्ायर व्यापार ्ा
िवस्तार �्ए जाने तथा लोग� ्े िलए इसे और अिध्
लाभ्ारी बनाए जान े ्� आवश्् ता ह.ै
2. �बंधन �णािलय� से समु�ीय जगत ्ा लाभ होगा िजससे इस्� दीघर्ािल् िनरंतरता बनी रहगे ी साथ ही
राष्�ीय तथा अनत् रराष�् ीय िविनयम� और संलेख� ् े ्ायानर ्वयन स े अभी त् अनसुलझ ेमु�� और िन्ट भिवषय् म �
िसर उठा स्ने वाली संभािवत समस्या� ्ा समाधान होगा. इस पर िवचार ्रते �ए, लंबे समय से �तीिकत
�मुख और वय् ावहा�र् �प स ेसंगत नौ अिध्रण (समु�ीय दाव� ्ा न्यायके� और िनपटान) िवधेय्, 2016 संसद
म� रखा गया जो �् समु�ीय समुदाय हते ु अतय् ंत महतव् ्ा है और वय् ावहा�र् �प से संगत ह.ै इस िवधेय् से नौ
अिध्रण नयायके� सुचा� हो जाएगा. इसी तरह से संसद ्े गत स� म� भारत म� ए् नया संिहताब�, आधुिन्,
त्सर ंगत, सहज और �यो्त् ा अनु्ूल वािणज्य पोत प�रवहन िवधान लाने ्े िलए वािणजय् पोत प�रवहन
िवधेय्, 2016 लाया गया. आशा ह ै�् इसस े ��्याए ंऔर प�ितया ं सहज ह�गी.
3. वैि�् प�रदशृ य् और भारत ्े सतत् आ�थ् िव्ास ्ो दिृ �गत रखते �ए ्ारोबार म� आसानी ्ा बड़ा महतव्
ह.ै आज इस बात ्� आवशय् ्ता बढ़ती चली जा रही ह ै �् ्ारोबार ्रन े म,� व्यापार ्रन,े भारतीय पतत् न� पर
भारतीय धव् ज पोत�/ जलयान� ्े िनबारध आवागमन म� आसानी बढ़ाने ्े िलए चार� ओर से सहयोग �्या जाए इस
संबंध म� भारतीय समु�ीय �शासन ने यह िनणरय िलया है �् य�द घोषणा-सह-प�रवचन दे �दया गया हो तो पतत् न
िन्ासी ्े �योजन से अपेिकत सांिविध् �माणप�� और �लेख� ्ो �सत् ुत �्ए जाने ्� अपेका से छूट �दान ्�
जाए.
44. नए तौर-तरी्� और त्नी् ्ो परीका �णाली म� िनरंतर शािमल �्या जा रहा ह,ै िनदेशालय ने ्ागज पर
परीका देने ्� चली आ रही �णाली ्� जगह एनसीवी ्े सकमता �माणप� ्े िविभन्न �ेड� ्ो �दान �्ए जान े
् े िलए परीका देन े हते ु इलेक�ॉिन् टेबलेट ्� शु�आत ्� ह.ै ्ागजी �र्ॉड र पर िनभरर बन े रहन े म � ्मी लान े तथा
पारद�शता बढ़ान े ् े िलए िबना ्ागज ्� िडिजटल त्नी् ्ो आरंभ �्या गया ह.ै
5. समु�ीय के� म� पोत� पर ्ायर ्रने वाले समु�्�मय� और �ोफेशनल� ्� महतवपूणर भूिम्ा होती ह.ै
समु�्�मय� और िहतधा�रय� ्ो सुिवधा उपलब्ध ्रवाने ्े �यास म� ए् सहवत� फ�डबै् �णाली चलाई गई है
और वतरमान म� 1400 से अिध् ��� ्ा उतत् र �दया गया ह.ै िश्ायत� दजर ्र जलद् समाधान ्रने और
आवशय् ् फ�डबै् देन े ्� वजह स े यह सुिवधा उन् ेिलए लाभदाय् िस� �ई ह.ै
6. नौमिन ्ा ई-न्यूज़लैटर समु�ीय के� ्� संगत जान्ारी सब त् प�चं ाने और इसे �्ािशत ्रने ्े िलए
ए् उिचत माधयम ह.ै मेरी ्ामना ह ै �् यह �यास महती �प स े सफल हो.
(डॉ. मािलनी शं्र, भा�से)
नौवहन महािनदेश्
एव ं
पदेन अपर सिचव, भारत सर्ार.
5समु�ीय वािणजय् िवभाग� और समु�ीय राजय् � तथा संघ राजय् के� �शासन� �ारा भारतीय
माितसय्� नौ्ा� ् े पंजी्रण, सव�कण और �माणन ्� मानय् ता बढ़ाया जाना .
भारतीय धव् ज माितसय्� नौ्ा स्वामी अपनी सुिवधाथर
अपने वतरमान पंजी्ार ्े यहां से अपने समु�ी राजय् /संघ
राज्य के� �शासन म� पंजीयन ्रवाएं तो ऐसे म� संबंिधत
अिध्ार के� ् ेसमु�ीय राज्य /संघ राज्य के� �शासन ्�
�शासिन् सुिवधा और इस्े साथ ही यह �् वे अभी त्
पूव�््त ्ाय� ्े िलए पूरी तरह से तैयार भी नह� हो पाए
ह�गे तो ऐसे म� नौवहन महािनदेशालय अपने गत नौमिन
आदेश संख्या1 / 2015�दनां् ्� मान्यता आगे बढ़ाता ह.ै
इस संबंध म� �दनां्09 . 11. 2016्ा नौमिन आदेश
संख्या6 / 2016पढ़�.
भारत म� समु�्�मय� ्े �िशकणाथर अनुमो�दत समु�-पूवर पा�्म� ्ो आयोिजत ्रने ्े िलए नए
मागरदश� िस�ांत और ��्याए ं.
नौवहन महािनदेशालय ने अपने नौमिन आदेश2 / 2007्े
अिध्मण म � नौमिन आदेश7 / 2016जारी �्या ह,ै िजस् े
अंतगरत भारत म� समु�्�मय� ्े �िशकणाथर अनुमो�दत
समु�-पूवर पा�्म� ्े आयोजन ्े संबंध म� मागरदश�
िस�ांत और ��्याएं दी गई ह.� ये मागरदश� िस�ांत
तत्् ाल �भाव स े �वृतत् ह�ग.े
6सर्ार न ेिनमन् ो्त् ् े अनुमोदन स े �ितबंध हटा िलया ह ै :
(1) मॉ�ूलर, िसमय् ूलेटर और समु�ोपरांत सकमता पा�्म :
नौवहन महािनदेश् ने वषर 2007 ्े
�िशकण प�रप� संख्या 5 ्ा पुन :
अवलो्न �्या जो �् समु�ोपरांत
मॉ�ूलर पा�्म� ्े अनुमोदन ्े
बारे म� ह.ै नौमिन और सकम
�ािध्ारी ने वषर 2016 ्े नौमिन
आदेश संखय् ा 5 म� िनिहत मागरदश�
िस�ांत� ्े अनुसार भारत म�
समु�्�मय� ्े �िशकणाथर मॉ�ूलर,
िसम्यूलेटर और समु�ोपरांत सकमता
पा�्म� ् ेअनुमोदन स ेसहष र�ितबंध
समाप्त ्र �दया ह.ै ये मागरदश�
िस�ांत 1 नंवबर, 2016 स े �वृतत् ह.�
ये मागरदश� िस�ांत 25 जून, 2010 ्ो मनीला म� एसटीसीडबलयू ्नव् �शन ्े पक� ्े सम्मेलन पोत
प�रवहन अिधिनयम, 1958 ्े अंतगरत (एसटीसीडबलयू) िनयम, 2014 �ारा अंगी्ृत �प म � �िशकण और
िनगरानी पर अंतरराष�् ीय ्ा पूणर�पेण ्ायानर व् यन ्रन े ् ेिलए बनाए गए ह.�
7(2) जीपी रे�टग समु�ीय �िशकण पा�्म :
�दनां्07 . 05. 2015् ेनौमिन �िशकण प�रप� संखय् ा 4
(फाइल नंबर :3-टीआर/(15)/2003 और �दनां्07 . 09.
2010 ्ा वषर 2010 ्ा गत �िशकण प�रप� संखय् ा 9
(फाइल नंबर :11-टीआर (25)/2008) (िजसम� नए जीपी
रे�टग समु�ीय �िशकण संसथ् ान-सह-ऐसे संस्थान� ्�
कमता बढ़ाय े जान ेऔर जीपी रे�टग पा�्म� ्� पा�चया र
्े अनुमोदन पर �ितबंध लगाया गया था) ्े अिध्मण म�
सकम �ािध्ारी ने ए् नया प�रप� (वषर 2016 ्ा
�िशकण अनुभाग ्ा प�रप� संख्या08 ) जारी ्र इस
प�रप� ्ो जारी �्ए जाने ्� तारीख से जीपी रे�टग
पा�्म स े �ितबंध हटा िलया गया ह.ै
्ायरवय् ा पार ्ो िनरंतर आसान ्रते रहना, वापोप अिधिनयम, 1958 ्े अंतगरत पंजी्ृत भारतीय धवज
पोत�/जलयान� ्ा िनबारध आवागमन.
यथा संशोिधत वािणजय् पोत प�रवहन अिधिनयम,
1958्ा उ�ेशय यह है �् अनय् बात� ्े साथ-साथ
वािणज्य पोत प�रवहन जगत ् ेसम� िव्ास ्ा ्ाय र
िनरंतर चलता रहे और भारतीय िहत� ्� िसि� ्े
िलए सवरथा उपयु््त तरी्े से भारतीय समु�ी
वािणज्य म � सुरका और ्ौशल सुिनि�त हो.
8पतत् न िन्ासी ्े �योजन से वािणज्य पोत प�रवहन अिधिनयम, 1958 ्े अंतगरत िविहत �माणप�� और
�लेख� ्ो �सत् ुत �्ए जाने ्� अपेका भारतीय पंजी्ृत पोत� और अनय् पोत� से थी. ्रोबार ्रने म�
सुभीता बनाए रखने ्े िलए सकम �ािध्ारी ने पतत् न िन्ासी ्े िलए सभी भारतीय पतत् न� पर इस
अपेका से छूट �दान ्� ह.ै ऐसा तब होगा जब पोत ्े मास्टर �ारा िविधवत हसत् ाक�रत ए् घोषणा-सह-
प�रवचन �दया जाए �् सभी उ्त् सांिविध् �माणप� मानय् ह� और यह भी �् पोत से संबंिधत ्ोई
सव�कण (ए्ािध्) या लेखापरीका (ए्ािध्) ब्ाया नह� ह.ै यह घोषणा-सह-प�रवचन आवशय् ्ता होन े
पर के�ािध्ार वाले समु�ीय वािणज्य िवभाग (सिववा) �ारा सतयािपत �्या जाएगा. इस संबंध म�
नौमिन आदेश संखय् ा 08 �दनां्30 . 11. 2016्ा अवलो्न ्र�.
9भारतीय समु� म� चल रहे िवदेशी
धवज जलयान� हेतु मागरदश�
िस�ांत .
यथा संशोिधत, वापोप अिधिनयम, 1958 ्� धारा 406 या 407 ् ेअंतगरत नौमिन, भारत सर्ार
�ारा जारी लाइसेनस् वाले िवदेशी धव् ज जलयान भारतीय समु� म� ए् से दसू रे पतत् न ्े बीच याि�य� ्ो
लान-े ले जाने ्े ्ायर म� लगाए जा रहे ह.� भारतीय समु� म� ऐसे िवदेशी या�ी जलयान� ्ो अनुमित देते
समय नौमिन, भारत सर्ार ्ो यह सुिनि�त ्रना होता है �् इन जलयान� हते ु सुरका, संरका और
�दषू ण ्� रो्थाम ् े जो नय् ूनतम मान् इन् े िलए िविहत ह � व े इन्ा पालन ्र� और इन् े या�ी और ् ू
अनत् रराष�् ीय समु�ीय संगठन �ारा िविहत �्ए गए मान्� ्ा पालन ्र�. इस े दिृ �गत रखत े �ए नौवहन
महािनदेश्, भारत सर्ार रा�ीय समु�ीय �शास् होने ्े नाते यथा संशोिधत, वापोप अिधिनयम,
1958्� धारा 406 और 407 ् ेअंतगरत उस े �दतत् शि�य� ्ा �योग ्रत े�ए �दनां्02 . 12. 2016् े
नौवहन िव्ास प�रप� संख्या 07 ् ेअनुसार, वापोप अिधिनयम, 1958 ्� धारा 406 या 407 म �स े �्सी
् े अंतगरत िवदेशी धवज ् े या�ी पात� ्ो अनुमित/ लाइसेनस् �दान ्रन े्� शत � तय ्रता ह.ै
10आमोद-�मोद वाल ेजलयान :मागरदश� िस�ांत/ अनुदेश
आमोद-�मोद हते ु जलयान� ्ो चलाए जाने ्े
िलए अलग से जब त् िनयम अिधसूिचत नह�
�्ए जाते ह� तब त् ्े िलए नौवहन
महािनदेश्, भारत सर्ार न े आमोद-�मोद हते ु
जलयान� ्ो चलाए जाने ्े िलए मागरदश�
िस�ांत/ अनुदेश (�दनां्30 . 11. 2016्ा
आदेश संखय् ा7 /2016) जारी �्ए ह �जो �् इस
�योजनाथर आमोद-�मोद हते ु जलयान� ्ो
चलाए जाने ्े िलए इन्े िनमारण, सव�कण,
�माणन और �चालन हते ु ह.�
नौ अिध्रण (नय् ायके� और समु�ीय दाव� ्ा
िनपटान) िवधेय्, 2016 और वािणज्य पोत
प�रवहन िवधेय्, 2016 संसद म � ह.�
(1) नौ अिध्रण (नय् ायके� और समु�ीय दाव� ्ा िनपटान) िवधेय्,2016 .
नौ अिध्रण (नय् ायके� और समु�ीय दाव� ्ा िनपटान) िवधेय्, 2016 सदन ् े िवचाराथ र �दनां्21 . 11. 16्ो
लो् सभा म� लाया गया. �सत् ािवत िवधेय् म� नय् ायालय� ्े नौ अिध्रण नय् ायके�, समु�ीय दाव� पर नौ
अिध्रण ्ायवर ािहय�, जलयान� ्ो बंदी बनाए जाने और संबंिधत मु�� ्े बारे म� िव�मान िविधय� ्ो समे�्त
�्या गया ह.ै अं�ेज़� ्े ज़माने ्े पुराने पड़ चु्े चार नगरीय नौ अिध्ार ्ानून� ्� जगह इसे लाया गया ह.ै इन
11चार नौ अिध्रण ्ानून� ्ो सर्ार ्� उस �ितब�ता ्े अंतगरत समा� �्या गया है िजसम� यह िनिहत था �्
्ुशल शासन म � बाधा बनन े वाल े पुरान ेपड़ चु्� िविधय� ्ो समा� ्र �दया जाए.
(2) वािणजय् पोत प�रवहन िवधेय्, 2016
�दनां् 23.11.16 ्ो संघीय मंि�मंडल �ारा वािणजय् पोत पिवहन िवधेय्, 2016 ्ा अनुमोदन �्या गया. �दनां् 16.
12.16 ्ो यह िवधेय् लो् सभा म � लाया गया. इस नए िवधान स े िव�मान वािणजय् पोत प�रवहन अिधिनयम, 1958 और
तटवत� जलयान अिधिनयम, 1838 समाप्त हो जाएंगे. इस िवधेय् ्े �ावधान� से भारत म� वािणजय् पोत प�रवहन ्ो
शािसत ्रने वाली िविध सहज �प म� बन पाएगी. इस्े अलावा, ्ुछ पुराने पड़ चु्े �ावधान समाप्त ्र �दए जाएंगे और
शेष �ावधान� ्ो समे�्त �्या जाएगा और आसान �्या जाएगा ता�् ्ारोबार ्रने म� आसानी, पारद�शता और सेवा�
्ो ्ारगर तरी् ेस े �दान �्य ेजान े ्ो बढ़ावा �दया जा स्.े
िवधेय् ्ा अिधिनयमन हो जान े ् े बाद िनमन् ो्त् भारी सुधार लाए जाएंग े:
ए. भारत म � भारतीय टनभार ् े संवधरन/ तटवत� नौवहन ् े िव्ास ्ो इन् े �ारा बढ़ावा �दया जाना :
(ए) भारतीय धव् ज जलयान� ्े �प म� पंजी्ृत होने ्े िलए भारतीय संसथा� ्े भारी स्वािमत्व वाले जलयान� और बेयर
बोट-सह-िडमाइस (बीबीसीडी) संिवद े पर चाटरर �्ए गए जलयान� ्ो अनुमित �दया जाना.
बी) भारत ् ेिनयं�ण वाल े टनभार ्ो अलग स े ए् �ेणी म � मान्यता �दया जाना
सी) भारतीय धव् ज जलयान� ्ो तटवत� �प से चलाए जाने और ्स्टम �ािध्ा�रय� �ारा पतत् न िन्ासी �्ए जाने हते ु
लाइसेनस् � ्ो जारी �्ए जान े ्� आवशय् ्ता समाप्त �्या जाना, और
डी) भारत म� तटवत� नौवहन ्ो िव्िसत ्रने और इस्ा संवधरन ्रने ्े िलए तटवत� जलयान� हते ु अलग से िनयम बनाया
जाना.
बी. समु�्�मय� हते ु ्लय् ाण उपाय� ्ो आरंभ �्या जाना, जैस े �् :
ए) समु�ी दसय् ु� �ारा बंध् बनाए गए समु�्�मय� ्ो तब त् मज़दरू ी दी जाएगी जब त् �् वे छूट ्र अपने घर सुरिकत
�प स े प�चं नह� जात.े
बी) जलयान� ्े सव् ािमय� ्े िलए यह अिनवायर है �् वे मािसतसय्�, पाल जलयान िजनम� �णोदन ्� मशीन नह� लगी है और
िजन्ा टनभार 15 स े ्म ्ा ह ै उन सिहत जलयान� पर ्ाय र ्र रह े ् ू्ा बीमा ्रवाए,ं और
सी) अब ् ेबाद स े यह आवशय् ् नह� होगा �् ् ू नािव् पाल ् ेसामन े ्रारनाम ेपर हसत् ाकर ्रे.
12सी. ्ुछ बची �ई �ेणी ्े जलयान� ्ा पंजी्रण जो �् �्सी ्ानून ्े अंतगरत नह� आते और सुरका
संबंधी पहलु� पर �ावधान बनाया जाना.
सभी समु�गामी जलयान� ् े िलए यह आवशय् ् होगा �् व े इस नए ्ानून ् े अंतगरत पंजी्ृत हो जाए ं
ता�् सुरका एव ं संरका ्ो बर्रार रखा जा स्.े
डी. नए अनत् रराष�् ीय ्नव् �शन� ्ो शािमल �्या जाना :
इस िवधेय् म� नौ नए आईएमओ ्नव् �शन शािमल �्ए गए ह.� िव�मान अिधिनयम ्े िविभन्न
भाग� म� जो जलयान� ्े सव�कण, िनरीकण और �माणन हते ु �ावधान िबखरे पड़े थे उनह् � ए् जगह
लाया गया ह ै ता�् भारतीय नौवहन उ�ोग ्� सुिवधाथ र आसान वय् वस्था बनाई जा स्.े
भारतीय नौवहन टनभार
भारतीय िनयं�ण वाले पोत� सिहत भारतीय पोत� ्े टनभार ्� िसथित िमिलयन स्ल टनभार म� नीचे �दए गए
�ाफ म � दशारई गई ह ै:
13टैबलेट पर एनसीवी परीका – िडिजटल
टै�ोलॉजी म � ए् सराहनीय ्दम :
िनदेशालय िनरंतर िविभनन् �ेड� ्े सकमता �माणप� �दान ्रने हते ु परीका �णाली म� िनत नए टूल और
त्नी्� ्ो लान ेतथा इन्ा �योग ्रन े् े�ित सनन् ध ह.ै इनम � स े ऐसा ए् ्दम ह ै�् ्ागज पर िलखवा ्र ली
जाने वाली परीका ्� परंपरागत �णाली ्� जगह अब िलिखत परीका हते ु इलेक�ॉिन् टैबलेट ्ा �योग �्या जाए.
सम� और ए्�पता वाले तरी्े से अभय् �थय� ्े िवषयिनषठ् उतत् र� ्ो आसानी और तेज़ी से जांचने ्े िलए,
पारद�शता ्ो बढ़ाने और ्ागजी �र्ॉडर पर आि�त रहन े म� ्मी लाने ्े �योजन से नौमिन ने यह िनणरय िलया ह ै
�् एनसीवी ्े सभी �ेड� ्� परीका ्ो आयोिजत �्ए जाने ्े िलए िलिखत परीका �णाली म� ्ागज रिहत
िडिजटल टै्न् ोलॉजी ्ा �योग आरंभ �्या जाए. अभय् �थय� अपने उतत् र टैबलेट पर द�ग े और इनह् � ऑनलाइन ही
जांच िलया जाएगा, इसम� वे पेपर शािमल नह� ह�गे िजनम� �् िवशेष तरह ्े रेखािच� या ऐसे डाटा होते ह� जो
वतरमान त्नी्� सीमा� ्े ्ारण टैबलेट पर नह� आ स्त.े अिध् जान्ारी ्े िलए आप �दनां् 25.11.16 ्ा
इंजीिनय�रग प�रप� संखय् ा133 / 2016देख.�
पतत् न राष�् िनयं�ण – अिध् जोिखम वाल ेजलयान� पर नज़र :
U
हमारे पतत् न� पर आने वाले िवदेशी पोत� ्े आवागमन ्ो दिृ �गत रखते �ए भारतीय समु� सुरिकत, संरिकत और
�्ए जाने वाले �दषू ण ्ा पूरी तरह से �ित्ार ्रते ह.� ्ुल िमला्र 132 िवदेशी धव् ज वाले पोत� ्ा िनरीकण
�्या गया और इनम� से अनत् रराष्�ीय िविनयम� ्ा पालन न ्रने वाले 06 पोत� ्ो रो् ्र रखा गया. िविभन्न
िविनयम� ्ो दिृ �गत रखते �ए इन्े अनुपालन हते ु 75 भारतीय पोत� ्ा भी िनरीकण �्या गया िजनम� से 09
पोत� ्ो रो् ्र रखा गया. इन सभी मामल� म� ब�त ही बारी्� बरतते �ए इन्� जान्ारी �दान ्� गई. इसी
14बीच, िवदेशी पतत् न� पर 03 भारतीय पोत� ्ो रो् ्र रखा गया. इस बात ्ो सुिनि�त ्रने ् े �यास �्ए गए
�् हमारे पतत् न� पर आने वाले अिध् जोिखम वाले जलयान� ्ो पतत् न राष�् िनयं�ण िनरीक्� �ारा अिध्
ध्यान म � रखा जाए.
सुरका �बंधन �णाली :
�चालन� म � सुरका संबंधी जोिखम� ्ो िनयंि�त ्रन े ् े िलए ए् संरिचत �बंधन दिृ �्ोण उपलबध् ्रवाए जान े ् े
उ�ेश्य से 08 नई ्ंपिनय� ्ो अनुपालन �माणप� ्ा अंत�रम �लेख, ्ंपिनय� ्ो 07 पूणर्ािल् अनुपालन �लेख
और पोत� ्ो 45 सुरका �बंधन �माणप� जारी �्ए गए ह.�
इंजीिनय�रग परीका – सबस ेअिध् पारदश� �णाली :
U
(1) सभी मौिख् परीकाएं बाहरी परीक्� �ारा उिचत रीित से सीसीटीवी ्वरेज ्े अंतगरत आयोिजत ्� ग�
िजससे यह परीका �णाली िवश्व ्� सबसे अिध् पारदश� परीका �णाली ्े �प म� सामने आई ह.ै �्सी
अभय् �थय� ्ो य�द िश्ायत हो तो वह मौिख् परीका ्� �र्ॉ�डग ्ो देख स्ता/ ती ह.ै
(2) सभी िलिखत परीकाएं भी सीसीटीवी ्वरेज म� ही आयोिजत ्� जाती ह� और उ�र पुिसत्ा� ्ा
मूलय् ां्न बाहरी परीक्� �ारा ्रवाया जाता ह.ै
सकमता �माणप� (सीओसी) :
U
योजनाब� �प से इंजीिनय�रग परीकाएं आयोिजत ्� ग� और सभी समु�ी वािणज्य िवभाग� �ारा यथा
समय प�रणाम घोिषत ्र �दए. इंजीिनय�रग ्े सभी �ेड� ्� परीका� ्े िलए अ�ूबर 16 से �दसंबर
16 ्� ितमाही ्े दौरान ्ुल िमला्र 1638 सकमता �माणप� जारी �्ए गए और वषर ्� िपछली
ितमािहय� ्� तुलना म� ये अिध् थ.े स््��नग और मूलय् ां्न ��्या सुदढ़ृ है और मा� सकम अभय् �थय�
्ो ही �मािणत �्या जाता है िजससे गुणवतत् ा बनी रहती ह.ै अ्त् ूबर और नवंबर 2016 ्े महीन� म�
औसतन26 . 2 �ितशत अभय् �थय� न े परीका� म � सफलता �ापत् ्�.
15अनािध्ृत
सभी समु�्�मय� ्ो सलाह (वतरमान तथा भावी)
एजेनट्
जलयान� पर नौ्री �दलान े ्ा झांसा दे्र अनािध्ृत एजेनट् � �ारा ठगी �्ए जान े ् े संबंध म � समु�्�मय� ्� ओर स े िमली
तमाम िश्ायत� ्ो दिृ �गत रखते �ए नौमिन ने सभी समु�्�मय� ्ो ए् सूचना जारी ्� िजसम� यह सलाह दी गई �्
अनािध्ृत एजेनट् � ् े माध्यम स े नौ्री म � आन े ्ा ्तई �यास न ्र�. यह भी ्हा गया �् िवदेशी ध्वज पोत सिहत पोत�
पर नौ्री पान े ् ेिलए व े मा� पंजी्ृत िनयोजन और सेवा अिभ्रण� यानी एजेनट् � ् े माध्यम स े ही आए.ं ऐसी अनुमो�दत
एजेिनसय� ्� सूची www. dgshipping. gov. in. पर उपलबध् ह.ै िनयोजन अिभ्रण� से �ापत् िनयुि� ्े �सत् ाव पर
िवचार ्रने से पहले समु�्म� आवशय् ् �प से नौमिन ्� वैबसाइट देख ल� और िनि�त ्र ल� �् यह एजेनस् ी पंजी्ृत है
भी या नह�. इस े सभी संबंिधत� �ारा धयान म � रखा जाए.
आयात-िनयारत वय् ापार म� होने वाले लेनदने ्े खचर पर सलाह ्े संबंध म�
सपषटी्रण:
लेनदेन से संबंिधत शुल्् � ्े बारे म� पारद�शता और मधय् स्यतता ्े अभाव ्े संबंध म� आयात-िनयारत व्यापा�रय�
्� िश्ायत� ्ा समाधान ्रने ्े िलए नौमिन ने िहतधा�रय� से व्याप् परामशर ्र उसम� से जो मतै्य् ता ्�
िसथित बनी उस्े अनुसार �दनां् 26.12.16 ्ो प� संखय् ा एमटीओ-2(1)/2015 जारी ्र इस सलाह ्े बारे म�
स्पष्टी्रण जारी �्या.
िवदेशी धव् ज पोत� ् े पोत सव् ािमय� �ारा �तय् क �प स े िनयोिजत समु�्म� ्� समु�ी सेवा म �छूट/ मानय् ता .
16(1) सकमता �माणप� ्ा पुनव�धी्रण और जीएमडीएसएस �माणप�� ्ा पृषठ् ां्न.
वािणज्य पोत प�रवहन (समु�्�मय� ्� भत� और िनयोजन) िनयम, 2016 म� ऐसी �णाली दी गई है
िजसस े भारतीय और िवदेशी धव् ज जलयान� पर ्ाय र्र रह ेभारतीय समु�्�मय� ्� रका ्� जा स् ेऔर
उन्े ्ह� फंस जाने ्� दशा म�, या अन्य िवपदा ्े दौरान, जब संबंिधत पोत स्वामी ऐसे समु�्�मय� ्ो
उन् े देश ् ेपतत् न पर वापस ला स्न े ् ेअपन े्तरवय् ्ा िनवरहन न ्र पा रहा हो तो ऐस े म � उनह् � वापस
लाए जान े ्ा ्ाय र ्रन े् े संबंध म � आवशय् ् सुरकोपाय ्रना.
नौवहन महािनदेशालय, भारत सर्ार ने इस बात पर बल �दया है �् उ� िनयम ्े अंतगरत �ािध्ृत
आरपीएस �दाता� ्े माधय् म से ही समु�्म� नौ्री पर लगाए जाए.ं तथािप, ऐसा देखा गया है �्
समु�्म� अब भी अन्य बात� ्े साथ-साथ पोत पर या तो िवदेशी ध्वज स्वािमय� �ारा सीधे ही भत� ्र
िलए जाते ह � या �फर इनह् � अब भी अनिध्ृत आरपीएस एजेिनसय� ्े माध्यम से भत� �्या जाता ह.ै ऐसे
मामल� ्ा समाधान ्रने ्े िलए यह भी बताया गया �् सकमता �माणप�� और �माणन� ्े �योजन से
ऐसी समु�ी सेवा जो �् अपंजी्ृत आरपीएस ससथ् ा� ्े माधय् म से ्� गई होगी उसे मानय् ता नह� दी
जाएगी. बावजूद इस्,े तमाम समु�्�मय� ्ो सीध े ही या �फर अपंजी्ृत आरपीएस संस्था� ् ेमाधय् म
से नौ्�रयां दी ग�. िनदेशालय ्ो िमले िविभन्न अभय् ावेदन� पर आवशय् ् बातचीत और आंत�र्
परामशर �्ए जाने ्े बाद यह िनणरय िलया गया है �् िवदेशी धव् ज पोत� ्े स्वािमय� �ारा सीधे ही
िनयोिजत ऐसे समु�्�मय� ्� मा� 01.11.16 से पहले ्� गई सेवा पर सकमता �माणप�� ्े
पुनव�धी्रण ्े �योजन से तथा जीएमडीएसएस �माणप�� ्े पृष्ठां्न हते ु िवचार �्या जा स्ेगा. यह
भी जान िलया जाए �् इस समु�ी सेवा ्ो सकमता �माणप� ्� परीका� ्े �योजन� हते ु नह� िगना
जाएगा. इस संबंध म,� ् ू अनुभाग ्ा प�रप� �दनां 25.11.16. संख्या4 / 2016देख.�
(2) इले्�् ो त्नी्� अिध्ारी :
इसी तरह स,े नौमिन न े िनणरय िलया ह ै �् िवदेशी धव् ज पोत� ् े सवािमय� �ारा सीध े ही नौ्री पर लगाए
गए ऐस े इलेक�ो त्नी्� अिध्ा�रय� ्�01 . 11. 16से पहल े ्� गई समु�ी सेवा पर ही इस परीका और
�माणन ्े �योजन से िवचार �्या जा स्ेगा. इस संबंध म� �दनां्5 . 12. 16्ा नौमिन प�रप� संख्या
5/ 2016देख.�
नौमिन न े पहल े ही सभी संबंिधत� ्ो यह सप� ्र �दया ह ै �् वापोप (वािणजय् पोत प�रवहन म � रसोइए
्े �प म� सकमता �माणप�) िनयम, 1991 ्े अंतगरत जारी �्या गया रसोइए हते ु सकमता �माणप�
समु�ीय �म ्नव् �शन, 2006 ्े �ावधान� ् ेअनुसार ह.ै इस अनुरोध ् े अभयावेदन �ा� �ए ह � �् उ�
पृष्ठां्न म� �माणप� पर ही यह बात िलखी हो. तदनुसार यह िनणरय िलया गया �् नािव् पाल� �ारा
जारी �्ए गए रसोइए ् ेतौर पर सकमता �माणप�� पर िन�ो� व�� छपा होगा :
यह �माणप� समु�ीय �म ्नव् �शन, 2006 ् े िविनयम3 . 2् े अनुपालन म � जारी �्या गया ह.ै
17िजन समु�्�मय� ्ो पहल ेस े ही सकमता �माणप� जारी �्या जा चु्ा ह ैऔर जो उपयुर� पृषठ् ां्न
्े साथ नए �माणप� चाहते ह� वे इस ्ायालर य ्� वैबसाइट www. dgshipping.gov.in से
ऑनलाइन आवेदन ्र �माणप�� ्� दसू री �ित �ा� ्र स्ते ह.� उपयुर� पृषठ् ां्न वाला नया
�माणप� मूल �माणप� ्� जगह पर जारी �्या जाएगा. इस संबंध म� �दनां्20 . 10. 2016्ा ्ू
अनुभाग ्� वापोप सूचना संखय् ा11 / 2016देखी जा स्ती ह.ै
बीडबलयूएम ्नवेनशन :
अनतररा�ीय या�ा म� ए् अप�रहायर
आवशय्ता
पोत� ्े अनुपूर् जल और तलछट ्ो िनयंि�त रखने और इस्ा �बंधन ्रने ्े िलए अनत् रराष�् ीय ्नव् �शन,
2004(बीडबलयूएम ्नव् �शन) िसतंबर, 2017 से �वृ� हो जाएगा. भारत ्ो अभी बीडबलयूएम ्नव् �शन ्ा
अनुसमथरन ्रना ह.ै 400 स्ल टनभार और इसस ेअिध् टनभार वाल ेभारतीय धव् ज वाल े जलयान जब ऐस ेदेश ् े
पतत् न म� जाते ह� िजनह�ने ्नव् �शन ्ा अनुसमथरन ्र �दय है तो वहां बीडबलयूएम ्नव् �शन ्े अंतगरत �माणप�
्� आवशय् ्ता होती ह.ै चूं�् भारत ने अभी त् ्नव् �शन ्ा अनुसमथरन नह� �्या ह ै इसिलए यह अनत् रराष�् ीय
अनुपूर् जल �बंधन �माणप� जारी नह� ्र स्ता. इसिलए, ्नव् �शन म� यथानुमत �प से अनत् रराष�् ीय
अनुपूर् जल �बंधन �माणप� ्� जगह पर भारत अनुपालन िववरण जारी ्रेगा.
सभी मानयता �ा� संगठन� (आरओ) ्ो यह सलाह दी गई है �् ये बीडबलयूएम ्नव् �शन ्� अपेका� से शािसत
ह�गे. इनह� बीडबलयूएम योजना� ्ो अनुमो�दत ्रने और सव�कण ्रने और �दनां्06 . 12. 2016्े
इंजीिनय�रग प�रप� संख्या2 / 2016म� यथािविन�द� �योजनीय अपेका� ्े अनुसार बीडबलयूएम अपेका� ्ा
संतोषजन् सतयापन ्र िलए जाने ्े बाद ऐसे सभी भारतीय जलयान� ्ो बीडबलयूएम ्नव् �शन हते ु अनुपालन
िववरण जारी ्र�.
जान्ारी िमलन े् े साथ ही समाधान ्� �णाली
18नौवहन महािनदेशालय ने ए् ऑनलाइन ऐसी �णाली िव्िसत ्� है िजसम� िश्ायत िमलने ्े साथ ही समाधान
�्या जाता ह.ै समु�्�मय� और िहतधा�रय� �ारा �सतुत �्ए गए डाटा और फ�डबै् ् े आधार पर नीचे �दए गए
�ाफ म � रे�टग ्ा �ितशत देखा जा स्ता ह ै:
इसी तरह स,े िलए गए समय ्ो नीच े ् े�ाफ म � बताया गया ह ै:
नौमिन ्ा सुधार पर भरोसा ह ैऔर �ाफ स े सेवा� म � सुधार ्� �वृि� नज़र आ रही ह.ै
19्ेन�् ीय्ृत सावरजिन् िश्ायत समाधान और अनुवीकण �णाली (सीपीजीआरएएमएस)
यह भारत सर्ार ्ा पोटरल है और इस्ा ल�य है �् नाग�र्� ्ो िश्ायत समाधान ्ा ए् मंच �दान �्या
जाए. इस्ा शीषर अिभ्रण �शासिन् सुधार और लो् िश्ायत िवभाग ह.ै िश्ायत िमलने पर इसे तत्ाल
मं�ालय/िवभाग/राजय् सर्ार ्ो भेजा जाता ह.ै पोत प�रवहन मं�ालय से संबंिधत िश्ायत ्े िमलन े पर नौमिन
िश्ायत� ्ा समाधान ्रता ह.ै वषर ्े अंत म�, ए् ्ो छोड़ ्र सभी ्े उत्तर दे �दए गए थ,े इस शेष ए् ्ा
उत्तर भी �दनां् 04. 01. 2017 ्ो दे �दया गया. नौमिन म� िश्ायत और ततसंबंधी फ�डबै् ्ा स्वागत ्रता
ह.ै
रसोइए ् े िलए सकमता �माणप� (सीओसी)
नौमिन न े पहल े ही सभी संबंिधत� ्ो यह सप् षट् ्र �दया ह ै�् वापोप (वािणज्य पोत प�रवहन म � रसोइए ् े�प म �
सकमता �माणप�) िनयम, 1991 ्े अंतगरत जारी �्या गया रसोइए हते ु सकमता �माणप� समु�ीय �म ्नव् �शन,
2006 ्े �ावधान� ्े अनुसार ह.ै इस अनुरोध ्े अभय् ावेदन �ापत् �ए ह� �् उ्त् पृषठ् ां्न म� �माणप� पर ही
यह बात िलखी हो. तदनुसार यह िनणरय िलया गया �् नािव् पाल� �ारा जारी �्ए गए रसोइए ्े तौर पर
सकमता �माणप�� पर िनमन् ो्त् व्त् व्य छपा होगा :
यह �माणप� समु�ीय �म ्नव् �शन, 2006 ् े िविनयम 3. 2 ् े अनुपालन म � जारी �्या गया ह.ै
िजन समु�्�मय� ्ो पहले से ही सकमता �माणप� जारी �्या जा चु्ा है और जो उपयुर� पृषठ् ां्न ्े साथ नए
�माणप� चाहते ह� वे इस ्ायालर य ्� वैबसाइट ्े माधय् म से ऑनलाइन आवेदन ्र �माणप�� ्� दसू री �ित
�ाप्त ्र स्ते ह.� उपयुर््त पृष्ठां्न वाला नया �माणप� मूल �माणप� ्� जगह पर जारी �्या जाएगा. इस
संबंध म � �दनां् 20.10. 2016 ्ा ् ूअनुभाग ्� वापोप सूचना संख्या11 / 2016देखी जा स्ती ह.ै
समु�ीय �म ्नव् �शन, 2006 – ए् अिनवायर
समु�ीय �म ्नव् �शन (एमएलसी),2006
अपेका
500 या इससे अिध् स्ल टनभार वाले सभी भारतीय धव् ज पोत और जो पोत वषर 2014 ्े नौमिन आदेश संखय् ा
01्े अंतगरत नदी समु� और भारतीय तटवत� जलयान ्े � म� वग�्ृत ह� उनसे अपेका है �् वे अपने अनुपालन
िववरण (एसओसी) ्� मान्यता समा� होन े से पहल े या 09 .10. 2016 स े ए् वष र ्� अविध्े भीतर म� से जो पहल े
हो तब त् समु�ीय �म �माणाप� �ा� ्र ल.�
आज ्� िसथित ् ेअनुसार, �ािध्ृत आरओ ् ेनाम ह �:((ए) इिनडयन रिजसटर ऑफ िश�पग (बी) लॉयडस रिजस्टर �ुप
िलिमटेड (सी) ब्यूरो वेरीटस (डी) अमे�र्न ब्यूरो ऑफ िश�पग (ई) िनपप् न ्ाइजी ्य् ो्ाई (एफ) ्ो�रयन रिजस्टर
ऑफ िश�पग (जी) आरआईएनए स�वसेज़ एसपीए (एच) डीएनवी जीएल एएस. िवस्तृत जान्ारी हते ु �दनां् 08.
12. 2016 ्� वापोप सूचना संख्या16 / 2016देख.�
20आईएमओ �ितभािगता : ए् बाधय् ्ारी
अपेका
भारत आईएमओ ्ा स�्य सदसय ह.ै 31.12.2016 ्ो समा� होने वाली ितमाही ्े दौरान, िन�िलिखत
अिध्ा�रय� ने आईएमओ, लंदन ्े स��/बैठ्� म� भाग िलया : 1. आईएमओ, लंदन म� �दनां् 24.10.16 से
28.10.16 त् एमईपीसी ्े 70व� स� म� सवर �ी बीआर शेखर, मुख्य सव�क् और एबी दतत् ा, इंजीिनयर और पोत
सव�क् न े भाग िलया.
2. आईएमओ, लंदन म� �दनां् 21.11.16 से 25.11.16 त् एमएससी ्े 97व� स� म� �ी अजी वासुदेवन,
उप मुख्य पोत सव�क् न े भाग िलया.
3. �दनां् 05.12.16 से 09.12.16 त् छठे अनत् रराष�् ीय फोरम आ्�र ट् टूडे और फयूचर ऑन सेनट्
पीटसरबग र म � �ी अजी वासुदेवन, उप मुखय् सव�क् न े भाग िलया.
पदोनन् ित :
1. �ी अजीत ्ुमार सु्ुमारन, उप मुखय् सव�क् ्ो �दनां् 20.10.16 से �धान अिध्ारी (इंजीिनय�रग)
् े पद पर पदोनन् त �्या गया.
2. ्पतान रणजीत ्ुमार मुदलु ी, नॉ�ट्ल सव�क् ्ो �दनां् 10.11.16 से उप नॉ�ट्ल सलाह्ारी-सह-
व�रष्ठ उप महािनदेश् (त्नी्�) ् े पद पर पदोनन् त �्या गया.
3. ्पत् ान रिवन�् सागर, नॉ�ट्ल सव�क् ्ो �दनां् 10.11.16 स े उप नॉ�ट्ल सलाह्ार-सह-व�रष्ठ उप
महािनदेश् (त्नी्�) ् े�प म � पदोनन् त �्या गया.
के� ्ायारलय� म � गितिविधया ं:
समु�ी वािणजय् िवभाग (सवािव),
्ोल्ाता
21समु�ी वािणज्य िवभाग, ्ोल्ाता ने 117 िनरीकण/सव�कण �्ए. इसी तरह से सवािव, ्ोल्ाता जो �् िविभनन्
�ेड� ्े सकमता �माणप�� ्� परीका� ्े सबसे बड़े ्ेन�् � म� से ए् ह,ै ने 4 नॉ�ट्ल और 03 एनडबलय् ू्ेओ
परीकाएं आयोिजत ्� िजनम� ्मश :700 और 13 अभय् �थय� ने भाग िलया. ितमाही ्े दौरान 653
जीएमडीएसएस पृष्ठां्न �माणप� जारी �्ए गए. इंजीिनय�रग �ेड 18 एमईओ और 09 एनसीवी (मौिख्)
आयोिजत �्ए गए िजनम� ्मश :1086 और 26 अभय् �थय� ने भाग िलया. ितमाही ्े दौरान ए् िहनद् ी गृह
पि�्ा ्ा िवमोचन �्या गया और ्ायालर य ने संघ ्� राजभाषा नीित ्े अंतगरत अपेका� ्े ्ायानर ्वयन हते ु
राजभाषा ्ायानर ्वयन सिमित ्� बैठ् ्ा आयोजन �्या. समु�्�मय� ्� िश्ायत ्ा तं� सीधे तौर पर �धान
अिध्ारी, सवािव ्े िनयं�ण म� ्ायर ्रता ह.ै ितमाही ्े दौरान समु�्�मय� ्� ओर से 01 िश्ायत िमली,
िजस्ा िनपटान ्र �दया गया. सत्रता जाग�्ता सपत् ाह (�दनां् 31.10.16 से 05.11.16 त्) मनाया गया
िजसम� �धान अिध्ारी, सवािव, ्ोल्ाता न े सभी अिध्ा�रय� और ्मचर ा�रय� ्ो शपथ �दलाई. सत्रता ् े बारे
म � जाग�्ता बढ़ान े हते ु बैनर/पोसट् र लगाए गए. इस पर 04 .11.16 ्ो ए् सेमीनार ्ा आयोजन भी �्या गया.
समु�ी वािणजय् िवभाग (सवािव), चेनन् ई :
ितमाही ् े दौरान, पतत् न राष�् िनयं�ण/धव् ज राष�् ्ायानर ्वयन ् ेअंतगरत 17 िनरीकण �्ए गए. �िशकण संसथ् ान�
्ो अनुमोदन �दान ्रने ्े िलए ितमाही ्े दौरान 09 िनरीकण �्ए गए. इंजीिनय�रग परीका� ्े िलए 604 और
नॉ�ट्ल परीका� ् ेिलए 193 अभय् �थय� न े भाग िलया.
ितमाही ्े दौरान 2389 �माणप� जारी �्ए गए िजनम� सीओसी, सीओसी-जीएमडीएसएस और डीसीई आ�द ्ा
पुनव�धी्रण शािमल ह.ै प�रसर ्� सफाई ्र सव् च्छ भारत अिभयान मनाया गया. 31.10.16 ्ो राष�् ीय ए्ता
�दवस ्� शपथ ली गई. �दनां् 31.10.16 से 05.11.16 त् सत्रता जाग�्ता सपत् ाह मनाया गया. �दनां्
02.11.16 ्ो, ईमानदारी बढ़ाने और �षट् ाचार ्ो समाप्त ्रने म� जन �ितभािगता िवषय पर ए् िनबंध
�ितयोिगता ्ा आयोजन �्या गया.
�दनां् 12.12.16 ्ो चेनन् ई तट पर वदार नाम् ए् बड़ा भारी तूफानी च्वात आया िजस्े प�रणामसव् �प ब�त
तेज़ हवाए ं चल� और एं्र गेट भवन ्� दसू री और तीसरी मंि़जल ्� िखड़�्य� ् ेदरवाज़ े(07 ) टूट गए. मरमम् त ्ा
्ाय र �्या जा रहा ह.ै
�दनां् 12.12.16 ्ो 1530 बजे च्वात वदार ् े ्ारण मौसम िबगड़ गया और एनन् ोर पतत् न पर �फगर बोट जे�ी ् े
पास पायलट लॉनच् एआरएएनआई, ओ नंबर 2829, पंजीयन ्ा पतत् न-चेनन् ई, उलट गई. �दनां् 16.12.16 ्ो
डीजी ्ॉम सेन्टर, मुंबई ्ो समु�ी अपघात/घटना/बाल-बाल बचने से संबंिधत �थम सूचना भेजी गई. सवािव, चेनन् ई
्� सथ् ानीय एजी लेखापरीका �दनां् 26.12.16 स े 30.12.16 त् ्� गई.
�दनां् 28.12.16 ्ो �हदी ्ायशर ाला ्ा आयोजन �्या गया. अपने दैनं�दन सर्ारी ्ाम्ाज म� सभी
अिध्ा�रय� और ्मचर ा�रय� ्ो राजभाषा �हदी ्ा �योग ्रन े ् ेिलए �ोतस् ािहत �्या गया.
22�ी दीप् शे�ी, भारास,े(सीएनडसीई : 1980)
�दनां् 30.11. 2016 ्ो
सर्ारी सेवा स े सेवािनवृतत्
�दनां् 30. 11. 2016्ो अिधव�षता ्� आयु होने पर �ी दीप् शे�ी, भारासे (सीएनडसीई :1980) नौवहन
महािनदेश् एव ं पदेन सिचव, भारत सर्ार सर्ारी सेवा स े सेवािनवृत्त हो गए.
उलल् ेखनीय है �् आप अपन े सर्ारी ्ाम्ाज ्े दौरान उप/संयु््त आयु्त् , राजसव् आसूचना, मुंबई, अपर वस�्
आयु्त् , भारत सर्ार (अपनी पूवर ्ेन�् ीय �ितिनयुि� पर), मुंबई, अपर आयु्त् और उतप् ाद शुल्् आयु्त् ,
सीएसआई िवमानपत्तन, सहार, मुंबई, अपर महािनदेश्, ्ेन�् ीय सीमाशुल्् आसूचना, पि�मी के�, मुंबई,
आयु्त् , सीमा शुल्् , ्ेन�् ीय ्ेन�् ीय उतप् ाद शुल्् और सेवा ्र, उड़ीसा, भुवनेश्वर, आयु्त् , सीमा शुल्् ,
्ेन�् ीय उतप् ाद शुल्् और सेवा ्र, दमन और संयु� नौवहन महािनदेश्, भारत सर्ार (संयु््त सिचव ्े
स्तर पर, आरंिभ् �प स े और बाद म � अपर सिचव, भारत सर्ार) ् े पद� पर आसीन रह.े
�ी दीप् शे�ी ने अनत् रराष�् ीय समु�ीय संगठन (आईएमओ) म� ्ई आिध्ा�र् भारतीय िशषट् मंडल� और
सीजीपीसीएस (सोमािलया ्े तट से परे समु�ी दसय् ुता पर संप्र समूह) ्ा नेतृतव् �्या. िपछल े साढ़े पांच साल से
सोमािलया ्े तट से परे अदल ्� खाड़ी/हॉनर ऑफ अ��्ा म� समु�ी दसय् ुता से िनपटने म� आपने सम�पत भाव से
श्लाघनीय एव ं उलल् ेखनीय योगदान �दया जो �् िवशेष �प स े भारतीय समु�्�मय� और उन् ेप�रवार� �ारा सदैव
याद रखा जाएगा. मई, 2014 म � नय् ूयॉ्र, यूएसए िसथत संयु््त राष�् संघ म �आयोिजत सीजीपीसीएस ्� प्लेनरी म �
सावरजिन् और औपचा�र् तौर पर इसम � आप्� भूिम्ा ्� भू�र-भू�र �शंसा ्� गई.
�ी दीप् शे�ी न े नौवहन �बंधन म � ए् िवशेषज ् े �प म � �ितषठ् ा अ�जत ्�.
नौमिन और नौवहन जगत ्� ्ामना ह ै �् आप्ा सेवािनवृत्त जीवन सुखद-सव्स थर.ह.े
�ीमती िव�ा रण�दव,े �वर �ेणी िलिप् ्� सेवािनवृि� :�दनां् 30.11.16 ्ो अिधव�षता ्� आय ुहोन ेपर �वर
�ेणी िलिप् सर्ारी सेवा स े सेवािनवृत्त हो ग�.
नौमिन और नौवहन जगत ्� ्ामना ह ै �् आप्ा सेवािनवृत्त जीवन सुखद-स्वस्थ रह े
पेनश् न स ेसंबंिधत ्ागज-प� लेखा एव ंवेतन अिध्ारी (नौवहन) ्ो भेज �दए गए :
1. �ी दीप् शे�ी, भारासे, नौवहन महािनदेश् एव ं पदेन सिचव भारत सर्ार.
2. �ीमती िव�ा रण�दव,े �वर �ेणी िलिप्
3. �ी ए् े ठा्ुर, नॉ�ट्ल अिध्ारी, भारतीय समु�ीय िवश्विव�ालय, मुंबई
4. �ीमती रेखा डी दलाल, �योगशाला सहाय्, भारतीय समु�ीय िवश्विव�ालय, मुंबई ्ो प�रशोिधत
सेवािनवृि� लाभ
5. �ी राम �सह एम एल हॉट, टोपस, भारतीय समु�ीय िवश्विव�ालय, मुंबई
6. �ी राम �सह एम एल हॉट, टोपस, भारतीय समु�ीय िवश्विव�ालय, मुंबई
23राजभाषा ् े िविभनन्
U
संवैधािन् �ावधान�,
राजभाषा अिधिनयम,
राजभाषा िनयम आ�द ् े
्ायानर व् यन
महािनदशे ालय म � डॉ. मािलनी िब. शं्र, (भा.�.स.े,) महािनदशे ् एव ं पदने अपर सिचव,
भारत सर्ार ् े �प म � �दनां् 19.12.16 ्ो ्ायरभार �हण �्या. उन्� अधय् कता म �
राजभाषा ्ायारनव् यन सिमित ्� बैठ् �दनां् 28 �दसंबर, 2016 ्ो आयोिजत ्� गई.
राजभाषा ्ायारनव् यन सिमित ्� बैठ् म� पॉवर प्वाइंट ्े माध्यम से िविभनन् िवषय�
पर �स्तुित्रण �्या गया.
राजभाषा �हदी म� ्ायर ्रन े ्े िझझ् ्ो दरू ्रन े ् े िलए �हदी ्ायरशाला ्ा आयोजन
�दनां् 19.12.16 ्ो �्या गया. आय्र िवभाग ्े अिध्ारी �ी रमण �सह इस
्ायरशाला म� ितमाही �गित �रपोटर ्ो भरे जाने ्े संबंध म� िविशष्ट जान्ारी दी गई.
�दनां्01 /12/ 2016एवं02 /12/ 2016्ो ्मश: समु�ी वािणज्य िवभाग, मुंबई, के�ीय
पाल, मुंबई, सर्ारी नौवहन ्ायारलय और नािव् रोजगार ्ायारलय, मुंबई ्ा राजभाषा
संबंधी िनरीकण �्या गया. इस िनरीकण ्े दौरान सुधार हते ु आवशय् ् सुझाव �दए गए
और राजभाषा संबंिधत �र्ॉड� ्ो �विसथत �प स े रख े जान े ् े िलए ्हा गया.
नौवहन महािनदशे ालय ्े 4 अनुभाग नामत : नॉ�ट्ल, समनव् य, नौवासत् ु और सत्रता
अनुभाग ्ा ्मश : �दनां्13 /12/ 2016स1े 6 /12/ 2016त् राजभाषा संबंधी िनरीकण
�्या गया. िनरीकण ्े दौरान राजभाषा �हदी ्े िविभनन् पहलु� ्ो समझाते �ए
ितमाही �गित �रपोटर म� अनुमािनत �प से आं्ड़े न दशारए.ं उन सभी अनुभाग� ्ो यह
बताया गया �् राजभाषा िवभाग ्े आदशे � एवं वा�ष् ्ायर्म म� �दए गए लक्य� ्ो
ध्यान म � रखत े �ए फाइल� पर �टप्पणी होनी चािहए.
“्ौमी ए्ता सप्ताह” �दनां् 19 नवम्बर, 2016 से 25 नवम्बर, 2016 ्े दौरान
आयोिजत �्या गया. �दनां् 22 नवम्बर, 2016 ्ो �ात :11 बजे �ी दीप् शे�ी,
भा.रा.से., नौवहन महािनदशे ् एवं सिचव, भारत सर्ार ने सभी अिध्ा�रय� एवं
्मरचा�रय� ्ो �हदी एव ं अं�ेजी म � शपथ �दलवायी.
�दनां् 31.10.2016 ्ो इस िनदशे ालय म� “रा�ीय ए्ता �दवस” ्ा आयोजन �्या
गया इस “रा�ीय ए्ता �दवस” पर �ी अिमताभ ्ुमार, भा.रा.से., अपर नौवहन
महािनदशे ्, भारत सर्ार ने सभी अिध्ा�रय� एवं ्मरचा�रय� ्ो �हदी और अं�ेजी म�
शपथ �दलवायी.
�ी सुनील ्ुमार, संयु� िनदशे ् (रा. भा. ), पोत प�रवहन मं�ालय, नई �दल्ली �ारा
इस िनदशे ालय ्ा िनरीकण �दनां् 26.10.2016 ्ो �्या गया. उनह् �ने राजभाषा
24िवभाग ्े आदशे � एवं वा�ष् ्ायर्म म� �दए गए लक्य� ्ो धय् ान म� रखते �ए
महािनदशे ालय ्े अिध्ा�रय� एवं ्मरचा�रय� ्ा �हदी ्े �ित �झान बढे़ इस्े िलए
�ोत्सािहत �्या.
मान् �चालन ��्याए ं:समय ्� मांग :
मान् �चालन ��्या ्ो िव्िसत ्रने ्े �योजन से नौमिन ने �दनां् 8-9.12.2016 ्ो िविभन्न ��्या�/
गितिविधय� हते ु ए् �िशकण ्ायशर ाला ्ा आयोजन �्या. इस ्ायशर ाला म� नौमिन ्े अिध्ा�रय� और समु�ी
वािणज्य िवभाग और अनय् अधीनसथ् ्ायालर य� ् े�ितिनिधय� न े भाग िलया.
नौमिन ्� नई ई-गवन�नस प�रयोजना संबंधी भावी ्ाय रयोजना ्� �रपोट:र
िनदेशालय ्� नई ई-गवन�नस् �णाली म� �सत् ाव है �् पोत� ओर समु�्�मय� दोनो ्ो िमला्र सेवा� और
्ायर्लाप� ्ो पूरी तरह से समे�्त ्र रखा जाए. इस संबंध म� मैससर अनट्र एनड यंग एलएलपी टीम �ारा भावी
्ाय र योजना संबंधी �रपोट र बनाई गई ह.ै यही भावी ्ाय र योजना �रपोट र नई ्ाय र�णाली ्ा आधार बनेगी.
यह �रपोटर सभी संबंिधत अिध्ा�रय� और िनदेशलाय ्े अधीनसथ् ्ायालर य� ्ो इस मामले म� आवशय् ् आशोधन/
मत/ िवचार रखन े हते ु भेजी गई ह.ै
25�ा्ृित् गैस – �धन वाले पोत� और एलएनजी बं्�रग संबंधी सुरका हेतु त्नी्� मान् बनाया
जाना .
न�दय �, नहर�, भूभाग म� फैले समु�ी जल और सं्री खाि़डय� ्े �प म� भारत भर म� अनतद�शीय जलमाग� ्ा ए्
व्याप् जाल फैला �आ ह.ै वतरमान म,� अनत् द�शीय और तटवत� जल माग� दोन� ही म� जलयान� �ारा �धन ्े �प
म� भारी �धन तेल और डीज़ल तेल ्ा �योग �्या जाता ह.ै इन के�� म � �दषू ण ्म ्रन े्� �दशा म� �ा्ृित् गैस
्ा �योग बढ़ाना ए् सही ्दम होगा. अनत् रराष�् ीय �प स े पयारवरण संबंधी िनयम� ्ा दबाव ह ै �् जल प�रवहन
्े माधय् म� से होने वाले उ�जरन म� ्मी लाई जाए. दिु नया भर म� सखती से सलफ् र ्� सीमा म� ्मी लाए जाने ्े
्ारण समु�ी बं्र �धन ्ो िडज़ाइन और इस्ा िनमारण इस तरह से �्या जा रहा है �् एलएनजी से चलने वाले
पोत बनाए जा रह े ह �और एलएनजी �धन ्� अिधरचना ्ा िनमारण हो रहा ह.ै
एलएनजी स े चलन े वाल े पोत� ् े िडज़ाइन और इन् े िनमारण ्ो बढ़ान े ्ो दिृ �गत रखत े �ए और भारत म � एलएनजी
�धन ्� अिधरचना ्ो खड़ा ्रने ्े िलए पोत प�रवहन मं�ालय ने अपने आदेश संखय् ा एसडी-11018/7/2016
�दनां् 7 अ�ूबर , 2016 ्े अनुसार िवशेषज� ्� ए् सिमित ग�ठत ्� गई है ता�् �ा्ृित् गैस से चलने वाले
जलयान� और एलएनजी बं्�रग संबंधी सुरका ् े त्नी्� मान्� ्� जांच ्� जा स् े और मागरदश� िस�ांत बनाए
जा स्.� इस सिमित म� नौवहन महािनदेशालय, इिनडयन रिजसटर ऑफ िश�पग, तेल उ�ोग सुरका िनदेशालय
(ओआईएसडी), पे�ोिलयम एनड् ए्स् प्लोिसव सेफटी संगठन (पीईएसओ), आईपीए, तेल उ�ोग िव्ास बोडर
(ओआईबीडी), जीएआईएल, डीएनवी-जीएल, लॉयडस रिजसटर, बयूरो वेरीटस, पे�ोनेट ्े िवशेषज और पोत
प�रवहन मं�ालय ् े �ितिनिध शािमल ह.�
�दनां् 26.10.16, 18.11.16 और 01.12.16 ्ो �ी सुरेश ्ुमार आरएम, मुख्य पोत सव�क्, नौमिन, भारत
सर्ार, मुंबई ्� अधय् कता म� सिमित ने तीन बैठ्� ्� और ई-मेल प�ाचार ्े माध्यम से ्ई बार िवचार-िवमशर
�्ए गए.
िवस्तृत बातचीत ् ेउपरांत सिमित न ेएलएनजी स े चलन ेवाल ेपोत� और एलएनजी बं्�रग ्� सुिवधा� स ेसंबंिधत
त्नी्� मागरदश� िस�ांत िन�िपत �्ए. सिमित ्� �रपोटर आवशय् ् िवचाराथर पोत प�रवहन मं�ालय ्ो भेजी
गई ह.ै
26्ैबोटेज ्ो जान �:ए् सं्लन
्ैबोटेज शब्द स्पेिनश भाषा ् े्ैबो शबद् स े बना िजस्ा मतलब होता ह ै्ेप यानी अंतरीप या आग े ्� ओर िन्ली
�ई भूिम. ्नसाइज़ ऑ्स् फोडर िड्श् नरी म� ्ैबोटेज ्ा अथर वह तटवत� व्यापार बताया गया ह ै जो �् �्सी देश
िवशेष ् े अपन े ही के� ् ेभीतर यातायात �चालन� स े होता हो.
भारतीय नौवहन हते ु तटवत� व्यापार ्ो आरिकत ्रने ्े िलए अतीत म� ्ई �यास �्ए गए. पहला �यास
संवग�य माननीय सर एल भाई शामलदास �ारा माचर 1922 म� �्या गया, आपने राज्य प�रषद म� ए् सं्लप्
पा�रत �्या िजसम� ऐसी संस्तुित थी �् संबंिधत िवभाग� ्ो ऐसे अनुदेश जारी �्ए जाएं �् वे भारतीय ्ंपिनय�
्ो अपनी दर� बतान े ्ा अवसर द.� इस्ा ब�त लाभ्ारी प�रणाम न �आ.
दसू रा �यास सन ् 1928 म � एसएन हाजी न े �्या, हालां�् सर्ार न ेअपना मत �्ट �्या �् ऐसा �्या जाना उन
भारतीय� ् े िहत म � न होगा जो �् बमा र और अनय् अं�ेज़ी �्ूमत� ् े अधीन रह रह े ह.�
तीसरा �यास सर अबदलु हलीम ग़ज़नवी �ारा 1937 म� �्या गया आपने भारत म� तटवत� नौवहन ्ो िनयंि�त
्रने ्े िलए ए् िवधेय् पेश �्या ता�् िविभन्न �चालन ्ंपिनय� ्े बीच चल रही अनुिचत �ितयोिगता ्ो
रो्ा जा स्.े आपने बात ्ो िवभे�दत छूट �णाली ्ो समाप्त ्र देने त् बढ़ाया. आम जनता �ारा हालां�् इस
िवधेय् ्ो �ाप् समथरन िमला इसिलए सर्ार ्ो लगा �् इस े ्ायािर नवत �्या जाना ्�ठन होगा.
अंत म,� 1945 म� भारत सर्ार ने सर पीसी रामसव् ामी ऐयर ्� अधय् कता म� नौवहन पर यु�ोपरांत पुन :िनमारण
नीित उप सिमित ्ा गठन �्या. इस उप सिमित ने संसत् ुत �्या �् अनय् बात� ्े साथ अगले 5 से 7 साल त्
तटवत� व्यापार ्ो आरिकत रखा जाए. सर्ार �ारा यह संसत् ुित मान ली गई. अगसत् , 1950 म � तटवत� वय् ापार
् े पूरे आरकण ्� नीित घोिषत ्� गई.
अंततोगतव् ा वािणज्य पोत प�रवहन अिधिनयम, 1958 ्े अंतगरत भारतीय नौवहन ्े िलए तटवत� व्यापार ्ो
आरिकत ्र �दया गया.
वतरमान म�, सर्ार �्सी िवदेशी जलयान ्ो अनुमित नह� देती �् वह भारतीय तट ्े �्सी पत्तन से अनय्
भारतीय पतत् न पर ्ाग� ले्र जाए. वािणजय् पोत प�रवहन अिधिनयम, 1958 ्� धारा 407 ्े अंतगरत ्ोई
िवदेशी पोत भारतीय तट पर ्ाग� नह� ल े जा स्ता.
य�द िवदेशी पोत भारतीय तट पर ्ाग� ले जाना चाहता ह ै तो उसे नौमिन ्े यहां तटवत� लाइसेनस् ्े िलए आवेदन
्रना होगा या �फर समु�ी या�ा ्े लाइसेन्स हते ु आवेदन ्रना होगा ता�् वह उस समु�ी या�ा ्े उस िहस्से ्े
तट पर अपना ्ाय र ्र स्.े
27हमारे ि�य समु�्�मय� ्ा ्हना ह ै �् :
�ट्ट नंबर �दनां् और समय �टपपिणयां समु�्म� ्ा नाम
132957 10/ 1042 142016:42 बज े सवािव ्� सेवा उत््ृषट् ह ै �जभान �सह
717987 10/15/2016 1:49 बजे सवािव ् े ्मचर ारी अतय् ंत ्ुशल वैभव भड़भड़े
और सेवाभावी ह �
206542 10/25/2016 4:44 बजे उत््ृषट् सेवा �जभान �सह
240375 11/01/2016 11:51 बजे ब�त अचछ् ी अनुभव रतुल घोष
464217 11/07/2016 4:19 बजे अचछ् ी ए�े हसन
976101 11/10/2016 10:17 बजे अचछ् ी सेवा �ती् ्ुमार
641244 11/17/2016 10:15 बजे ब�त अचछ् ी अंबर तािलयान
526778 11/25/2016 2:14 बजे अचछ् ी सेवा शंभ ू झा
998048 12/01/2016 2:18 बजे ब�त अचछ् ी सेवा. ब�त-ब�त अशो् ्ुमार
धनय् वाद
204744 11/29/2016 10:52 बजे संतु� ्नगराज स�गुटटूवेल
819766 21/01/2016 10:05 बजे िडिजटल इिनडया ् े ्ािनत्ारी िव�रल यादव
्दम हते ु धनय् वाद
262559 12/01/2017 1400 बजे नौमिन और सवािव �ारा उत्् ृषट् िवशाल सराफ
और िनबारध ऑनलाइन सेवा आरंभ
्� गई.
160169 12/01/2017 12:10 बजे पोतसथ मासटर ्ो सकमता मोिनतना लवीना
�माणप� �दान ्रन े् ेततप् र
सहयोग हते ु धनय् वाद.
297348 09/12/2016 16:56 बजे ब�त अचछ् ी और ऑनलाइन फाम र ्ुमार संगीत
भरा जाना आरंभ ्रन ेस े समय ्�
बचत. अितशय धनय् वाद.
871554 10/24/2016 11:04 बजे िवशेष �प स े ्ोि� ् े ्मचर ा�रय� व�ण शमार
�ारा सहायता हते ु उन्ा और आप
सब्ा ब�त-ब�त धनय् वाद.
998048 12/01/2016 1400 बजे मेरा बदला �आ सकमता �माणप� अशो् ्ुमार
मुझे िमल गया ह,ै ब�त ही अचछ् ी
सेवा है. ्ोल्ाता सवािव ्े
्मचर ा�रय� ्ो बधाई.
28874805 12/09/2016 16:35 बजे संतोषजन् सिचन पंवार
398523 12/09/2016 1704 बजे ऑनलाइन आवेदन ्� ��्या वा्ई आ�दतय् ्ाळे
अचछ् ी ्दम ह.ै ्ई �ाउज़र लगाए
जाए ं तो और भी अचछ् ी रहगे ा.
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