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Date: 2026-01-13 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

डिपो कार्यशाला सम्भाल का नवनिर्माण कार्य कराये जाने के संबंध में।

Issued by परिवहन विभाग · परिवहन विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर। यहां अनुरोधित संरचना का उपयोग करते हुए प्रदान किए गए नीति पाठ का सारांश दिया गया है। **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़, दिनांक 13 जनवरी, 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है, जो डिपो कार्यशाला, संभल के पुनर्निर्माण को मंजूरी देता है। यह अनुमोदित लागत 1366.86 लाख रुपये पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है, और वित्तीय वर्ष 2025-26 में खर्च के लिए 400.00 लाख रुपये की पहली किस्त जारी करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी की शर्तों को रेखांकित करता है। **मुख्य बातें** *वित्तीय स्वीकृति और व्यय:* - संभल डिपो वर्कशॉप के पुनर्निर्माण के लिए 1366.86 लाख रुपये की कुल लागत को मंजूरी दी गई है। - वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 400.00 लाख रुपये की शुरुआती किस्त को मंजूरी दी गई है। - धन का उपयोग वित्तीय मैनुअल के निर्देशों और सरकारी आदेशों के अनुसार किया जाना चाहिए। - मंजूरी दिए गए काम या मद के लिए आवंटित धन का उपयोग केवल उसी विशिष्ट काम या मद पर किया जाना चाहिए। *परियोजना प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण:* - परियोजना की लागत की समीक्षा की जानी चाहिए और निविदा में प्राप्त मूल्य के साथ संरेखित किया जाना चाहिए, जिसमें बाद की किस्तों को संशोधित लागत के आधार पर जारी किया जाना चाहिए। - सिविल कार्यों के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल के लिए 0.5% की राशि आवंटित की गई है, जिसमें परिवहन निगम द्वारा प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा कम से कम 5 साइट निरीक्षण करने की आवश्यकता होती है। - बाहरी विद्युत कनेक्शन की एकमुश्त लागत 15.00 लाख रुपये की मंजूरी। विद्युत कनेक्शन के लिए यूपीपीसीसीएल से एक विस्तृत आकलन प्राप्त किया जाना चाहिए और सक्षम स्तरों से तकनीकी अनुमोदन प्राप्त किया जाना चाहिए। *जीएसटी और कर:* - परियोजना लागत में 18% की दर से जीएसटी शामिल है। परिवहन निगम/क्रियान्वयन एजेंसी भारत सरकार/राज्य सरकार के नियमों के अनुसार जीएसटी का भुगतान सुनिश्चित करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्यों में वास्तविक उपयोग हुई मुख्य सामग्री (सीमेंट/स्टील/ग्रिट/मोरम आदि) की मात्राओं का आनुपातिक मिलान करते हुए जीएसटी का भुगतान किया जाए। *अन्य प्रावधान:* - दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के दिनांक 15.01.2021 के शासनादेश के अनुपालन के क्रम में दिव्यांगजन हेतु भवनों को दिव्यांगजन हितैषी/बाधारहित बनाया जाए। - प्रस्ताव में शामिल फर्नीचर (7.82 लाख रुपये) की आवश्यकता और औचित्य के लिए एक समिति गठित की जाएगी, यह सुनिश्चित करते हुए कि खर्च प्रासंगिक वित्तीय नियमों के अनुरूप है। **प्रभाव विश्लेषण** *परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार* **प्रभाव:** वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होती है और डिपो कार्यशाला के पुनर्निर्माण को संचालित करने की जिम्मेदारी दी जाती है। **आवश्यक कार्रवाई:** वित्तीय मैनुअल का पालन करें, परियोजना की लागत की निगरानी करें, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करें और समय पर क्रियान्वयन की निगरानी करें। *उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी)* **प्रभाव:** संभल में डिपो कार्यशाला के पुनर्निर्माण परियोजना का क्रियान्वयन। **आवश्यक कार्रवाई:** प्रोजेक्ट दिशानिर्देशों का पालन करना, निविदा प्रक्रिया संचालित करना, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करना और उत्तर प्रदेश सरकार को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना। *उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम लिमिटेड (यूपीआरएनएन)* **प्रभाव:** संभल में डिपो कार्यशाला के पुनर्निर्माण के लिए परियोजना का संचालन करना। **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत लागत के भीतर पुनर्निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करना, गुणवत्ता मानकों को पूरा करना और यूपीएसआरटीसी के साथ समन्वय करना। *वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार* **प्रभाव:** परियोजना के लिए धन की उपलब्धता और व्यय की निगरानी। **आवश्यक कार्रवाई:** अनुरोधित शेड्यूल के अनुसार धनराशि जारी करें और वित्तीय नियमों के अनुपालन की निगरानी करें।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ: सड़क परिवहन निगम जो सम्भल में डिपो कार्यशाला के निर्माण में शामिल है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लि0: नामित कार्यदायी संस्था (नामित एग्जीक्यूटिंग एजेंसी) डिपो कार्यशाला सम्भल के निर्माण के लिए। प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग: मूल्यांकन प्रभाग जिसने डिपो कार्यशाला सम्भल के लिए लागत का अनुमान लगाया है। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: वित्तीय स्वीकृतियां और निर्देश जारी करने वाला वित्तीय विभाग। वित्त विभाग: विभाग जो परियोजना की लागत को पुनरीक्षित करने के निर्देश जारी करता है।
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GRAMT_3/2026/708/aRT-4-2025 प्रेषक, के0पी0 सिंह, विशेष सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | परिवहन अनुभाग-। लखनऊ: दिनांक: 3 जनवरी, 2026 विषय: डिपो कार्यशाला सम्भल का नवनिर्माण कार्य कराये जाने के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ के पत्र संख्या- 843बी/डीए/प0/25, दिनांक 22.08.2025 के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि डिपो कार्यशाला सम्भल का नवनिर्माण कराये जाने के सम्बन्ध में नामित कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम feo से आंकलित लागत धनराशि SO 7388.68 लाख के प्रस्ताव का प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग द्वारा धनराशि रू0 366.86 लाख आंकलित की गयी है। 2-.. प्रश्गगत डिपो कार्यशाला सम्भल का नवनिर्माण कराये जाने हेतु प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग द्वारा द्वारा आंकलित लागत रू0 366.86 लाख पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के कार्यालय ज्ञाप PAT-6/2025/a--352/4H-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में निहित निर्देशों के क्रम में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यय हेतु प्रथम किश्त के रूप में रू0 400.00 लाख (रूपये चार करोड़ मात्र) की धनराशि waged किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के साथ सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं :- (॥) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त पुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। (2) प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिए है उसी कार्य/मद पर व्यय प्रत्येक दशा में किया जाएगा। (3) परिवहन निगम द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के कार्यालय-ज्ञाप संख्या - 6/2025/a--352/aa-2025- 23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (4) वित्त विभाग के शासनादेश BSAM-0/2023/U-2-60/4H-2023-7(4)/75, दिनांक 47 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर PRE) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुये पुनरीक्षित करा लिया जाय। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि saya न हो सके। (5) प्रायोजनान्तर्गत थर्ड पार्टी कवालिटी mca हेतु सिविल कार्यो कीलागत पर 0.5 प्रतिशत की दर से धनराशि सम्मिलित कर दी गयी है। थर्ड पार्टी क्वालिटी कन्ट्रोल हेतु परिवहन निगम/कार्यदायी संस्था द्वारा प्रतिष्ठित एवं अनुभवी संस्था का चयन किया जाये। चयनित संस्था द्वारा AGA 05 बार स्थलीय निरीक्षण कार्य किया जायेगा तथा प्रत्येक निरीक्षण कार्य करने के उपरान्त परिवहन निगम/कार्यदायी संस्था द्वारा स्थलीय रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी। Sad रिपोर्ट के पूर्ण रूप से संतुष्ट होने के उपरान्त ही क्वालिटी कमन्ट्रोल हेतु चयनित संस्था को धनराशि saga की जायेगी। (6) प्रायोजना में प्रस्तावित फर्नीचर (रू0 7.82 लाख) की धनराशि अनुमन्य की गयी है। शासन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाये। इस समिति द्वारा इन कार्यमदों की आवश्यकता एवं औचित्य के परीक्षणोपरान्त जो लागत न्यूनतम आवश्यकता के आधार पर सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत व्यय किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।प्रायोजनान्तर्गत del विदूयुत संयोजन हेतु एकमुश्त लागत SO 75.00 लाख की धनराशि अनुमन्य की गयी है। (/) निर्माण कार्य कराये जाने से पूर्व विदूयुत संयोजन हेतु यू0पी0पी0सी0एल0 से विस्तृत आगणन प्राप्त कर लिया जाय तथा सक्षम स्तर की तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त कर ली जाय। प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। परिवहन निगम/कार्यदायी संस्था का दायित्व होगा कि भारत MORAY सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाय। साथ ही परिवहन निगम/कार्यदायी संस्था का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यों में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट/स्टील/ग्रिट/मोरम इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 का भुगतान किया जाये। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के शासनादेश संख्या- 5/202/File No. 65-203/2/209-2, दिनांक 5.04.202 के अनुपालन (70) (77) (72) (73) (74) (75) (76) (77) (78) के क्रम में दिव्यांगजन हेतु भवनों को दिव्यांगजन हितैषी/बाधारहित बनाये जाने के लिये भारत सरकार द्वारा निर्गत “Harmonized guidelines and standards for universal accessibility in india, 202” दिये गये प्रावधानों के अनुसार परिवहन निगम/कार्यदायी संस्था ERI भवन का निर्माण कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। कार्यो की द्विरावृत्ति/पुनरावृत्ति न हो इसे भी परिवहन निगम द्वारा अपने स्तर से सुनिश्चित किया जायेगा। परिवहन निगम द्वारा योजना की गाइडलाइन्स का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता होने पर ही किया जाएगा और धनराशि आहरित करके अनावश्यक रूप से धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। Wet निर्माण कार्य में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, कार्यो के आकार में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियाँ इस्तेमाल करना इत्यादि, सक्षम स्तर का पूर्ण अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य निर्धारित समय में तथा उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जायेगा। स्वीकृत की जा रही Gad धनराशि का मासिक विवरण प्रपत्र बी0एम0-43 में प्रतिमाह वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-9 एवं परिवहन अनुभाग-4 एवं 3, उत्तर प्रदेश शासन को उपलब्ध कराया जायेगा | निर्माण के समय कार्य की विशिष्टियां, मानक, गुणवत्ता एवं समयबद्धता अवश्य सुनिश्चित किया जाये, जिसका उत्तर-दायित्र कार्यदायी संस्था तथा उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम का होगा | परिवहन निगम/कार्यदायी संस्था द्वारा नियमानुसार समस्त यथा आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी Fey परिवहन निगम का होगा। (9) उक्त धनराशि का व्यय सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त किया जायेगा | उक्त धनराशि पूर्व में निर्गत नहीं की गयी है, को सुनिश्चित किए जाने के उपरान्त व्यय की जायेगी। (20) परिवहन निगम द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रस्तावित बस स्टेशन/डिपो पीपीपी Arse पर विकसित किये (2) जाने वाले बस स्टेशन/डिपो की सूची में सम्मिलित नहीं है। इस संबंध में होने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष-2025-26 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या 043-परिवहन 3- विभाग के अंतर्गत लेखाशीर्ष 5055-सड़क परिवहन पर पूंजीगत परिव्यय-00-सड़क परिवहन पर पूंजीगत GReTg-790- सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों में निवेश-0404-बस अड़डों के निर्माण में अंशपूंजी विनियोजन-30-निवेश/ऋण के नामें डाला जाएगा । यह आदेश वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-9 के यू0ओ0 GA-E-9-706-X-2025-26- दिनांक: 08-0-2026 4- में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीय, ह0/- के0पी0 सिंह विशेष सचिव। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।संख्या: 3 /2026 /08(7) /AM--2025, तद्दिनांक। प्रतिलिपि, निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज। 6970 महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज । मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ | प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ। प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0, लखनऊ | वित्त नियनत्रक, परिवहन AY, कार्यालय लखनऊ | वित्त नियन्रक, उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ | वित्त नियन्त्रक, उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0, लखनऊ | नियोजन अनुभाग-4 | वित्त (व्यय-नियन्त्रण) अनुभाग-9, उ0प्र0 शासन। नोडल अधिकारी (बजट आवंटन)/ परिवहन अनुभाग-3, उ0प्र0 शासन | निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ | गार्ड फाइल | ४ 90 पशञ #++ ४० [७ > SS ee ee ee) WN ro’ आज्ञा से, ह0/- नितिन कुमार गुप्त उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।

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