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Prime Minister's Office
Text of PM’s reply to the Motion of Thanks on the
President’s Address in Rajya Sabha
Posted On: 05 FEB 2026 9:19PM by PIB Delhi
आदरणीय सभापत जी,
राष्ट्रपत जी के अभभाषण पर आभार व्यक्त करन े के लए म उपस्थत हुआ ।ं
आदरणीय सभापत जी,
इस धन्यवाद प्रस्ताव पर समथन के लए इस सदन म अपनी भावनाओ ंको व्यक्त करना म अपना सौभाग्य मानता ।ं
आदरणीय सभापत जी,
वकसत भारत क यात्रा म बीते वष दश के तेज प्रगत से वकास के वष रह ह। जीवन के हर क्षेत्र म, समाज के हर वग को,
उनके जीवन म परवतन का एक कालखंड रहा ह, एक सही दशा म, तेज गत स े दश आग े बढ़ रहा ह। आदरणीय राष्ट्रपत
जी ने बहुत ही बढ़या तरीके स,े पूरी संवेदनशीलता के साथ, उने इस वषय को हम सबके सामने प्रस्तुत कया ह।
आदरणीय सभापत जी,
मेरी एक प्राथना ह, आदरणीय खड़गे जी क उम्र दखत े हुए, वो बैठ करके भी नार बोल सकते ह, तो अा होगा, ताक
उनको कष्ट ना हो, पीछ नौजवान बहुत लोग ह, तो खड़ग े जी को आप बैठते-बैठते भी नार वह स े अनुमत द दीजए।
आदरणीय सभापत जी,
राष्ट्रपत जी न े इस दश के मध्यम वग, इस दश के नम्न मध्यम वग, इस दश के गरीब, इस दश के गांव, इस दश के
कसान, महलाएं, वज्ञान हो, प्रौद्योगक हो, कृष हो, सभी वषय को लेकर के बहुत ही वस्तार से भारत के प्रगत का एक
स्वर संसद म गूंजा ह। दश के नौजवान भारत के सामथ्य को कैस े आग े बढ़ा रह ह, इसक भी वस्तार स े चचा क ह। हर वग
के सामथ्य को उन े शब्दांकत कया ह, और इतना ही नह, आदरणीय राष्ट्रपत जी ने भारत के उज्ज्वल भवष्य का प्रत
एक वश्वास व्यक्त कया ह, य े अपन े आप म, हम सबके लए प्रेरक ह।
आदरणीय सभापत जी,
21व सदी का प्रथम ाटर पूरा हो चुका ह, लेकन ये ूसरा ाटर जैस े पछली शताब्दी म भारत क आजादी के जंग म
ूसरा ाटर बहुत ही नणायक रहा था। म साफ़-साफ़ दख रहा ं क वकसत भारत के नमाण क दशा म ये ूसरा
ाटर भी उतना ही सामथ्यवान होने वाला ह, उतना ही तेज गत से आग े बढ़न े वाला ह।
और इसलए आदरणीय सभापत जी,
राष्ट्र का हर व्यक्त ये महसूस कर रहा ह क, एक अहम पड़ाव पर हम पहुचं चुके ह, अब ना हम रुकना ह, ना हम पीछ
मुड़कर के दखना ह, अब हम आग े ही आग े दखना ह, और तेज गत स े चलना ह, और लक्ष्य को प्राप्त करके ही हम सांस लेनी
ह, उस े दशा म हम आग े बढ़ रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
वतमान म अगर हम दख तो भारत के भाग्य के अनेक सुयोग एक साथ हम नसीब हुए ह। ये अपने आप म बहुत ही उत्तम
संयोग ह ऐसा म मानता ।ं सबस े बड़ी बात ह, वश्व के समृद्ध से समृद्ध दश भी बुजुग होते जा रह ह, वहां क आबादी उम के
उस पड़ाव पर पहुचं ी ह, हम ज बुजुग के रूप म जानते थे। हमारा दश ऐसा ह, जो वकास क नई ऊंचाइयां छ रहा ह, उसी
समय दन-दन हमारा दश युवा होता जा रहा ह, युवा आबादी वाला दश ह, य े अपन े आप म एक बहुत अा सुयोग ह।आदरणीय सभापत जी,
ूसरी तरफ म दख रहा ,ं जस प्रकार से वश्व का भारत के प्रत आकषण बढ़ा ह, और उसम भी वश्व भारत के टलट का
माहात्म्य समझ रहा ह। हमार पास आज ुनया का बहुत ही महत्वपूण टलट पूल ह, युवा टलट पूल ह, जसके पास सपने भी
ह, संकल्प भी ह, सामथ्य भी ह, और इसलए ये ूसरा सुयोग ह, शक्त का आशीवाद हमार साथ ह।
आदरणीय सभापत जी,
भारत आज वश्व म जो चुनौतया ं पैदा हो रही ह, उन चुनौतय का समाधान दने वाला एक दश आशा क करण बना हुआ
ह, और हम समाधान द रह ह। वैसा एक महत्वपूण सुयोग ह क आज मेजर इकोनॉमी म भारत का ग्रोथ बहुत हाई ह, और
हाई ग्रोथ और लो इन्ेशन, ये बहुत ही यूनक संयोग ह, और ये हमारी अथव्यवस्था क मजबूती को प्रदशत करता ह।
आदरणीय सभापत जी,
हम जस गत से आग े बढ़ रह ह, जब हम दश क जनता न े सेवा करने का मौका दया, तब ‘Fragile Five’ के रूप म ये दश
जाना जाता था, जब हम अवसर मला तब, दश आजाद हुआ तब हम ुनया म 6 नंबर क इकोनॉमी थे लेकन इन लोग ने
ऐसे हाल करके रखा क 11 पर पहुचं ा दया, आज हम तीन पर जाने क दशा म तेज गत स े आग े बढ़ रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
आज कोई भी सेक्टर दख लीजए चाह साइंस हो, चाह स्पेस हो, चाह स्पोट्स हो, हर क्षेत्र म आज भारत एक कॉडस के
साथ, आत्मवश्वास से भरा हुआ भारत ह। कोवड के बाद वश्व म जो स्थतयां पैदा हुई, और ऐसी नई-नई चीज जुड़ती
गई, आज ुनया संभल नह पा रही ह, ऐसे म साफ-साफ नज़र आ रहा ह क ुनया एक नए ोबल ऑडर क तरफ, नए
व ऑडर क तरफ आगे बढ़ रहा ह। सेकड व वॉर के बाद, एक व ऑडर बना था, अब एक नए व ऑडर क तरफ
वश्व बहुत तेजी से आग े बढ़ रहा ह, और सबस े बड़ी खुशी क बात ह, सारी घटनाओ ं का अराजनीतक तरीके स,े नष्पक्ष
भाव स े वेषण करग े, तो ुकाव भारत क तरफ ह। वश्व मत्र के रूप म, वश्व बंध ु के रूप म, आज भारत अनेक दश
का वश्वस्थ पाटनर बना ह, और हम कंध े से कंधा मला करके, वश्व काण क दशा म भी अपनी उचत भूमका नभा
रह ह, अपने सामथ्य स े सहाय भी कर रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
आज पूरा वश्व ोबल साउथ क चचा करता ह, लेकन उस चचा के सूत्रधार के रूप म आज भारत वैश्वक मंच पर
ोबल साउथ क बुलंद आवाज बन गया ह। अनेक दश के साथ आज भारत ‘ूचर रड ी ट्रड डील्स’ कर रहा ह। पछले
कुछ ही समय म ुनया के महत्वपूण 9 बड़ दश के साथ, 9 बड़, हमार ट्रड डील हुए ह, और उसम “Mother of all
Deals” एक साथ 27 दश के साथ, यूरोपयन यूनयन के साथ। जो लोग थक गए, बेचार चले गए, लेकन कभी ना कभी
उनको जवाब दना पड़गा क दश क ऐसी हालत कैस े बना कर रखी थे क ुनया का कोई दश हमस े डील करन े के लए
आग े नह आता था। आपने कोशश क होगी, पीछ-पीछ-पीछ बहुत चक्कर लगाए हग,े लेकन कसी न े आपक तरफ दखा
भी नह होगा। ा स्थत ऐसी पैदा हुई? ुनया के दश ऐसे ही भारत के साथ डील नह कर रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
इसके पीछ सबस े बड़ी बात डवलप्ड कंट्रीज, एक डवलपग कंट्री के साथ डील करता ह ना, वो अपने आप म भी अथ जगत
के लए एक बहुत बड़ा संदश ह और मेर लए नई बात नह ह। जब मुझे गुजरात म सेवा करन े का अवसर मला था, तो म
एक वाइब्रट गुजरात समट करता था और मेर लए गव क बात थी क एक स्टेट, हुस्तान का एक स्टेट, मेर इस वाइब्रट
समट क पाटनर कंट्री डवलप कंट्री जापान हुआ करता था। एक राज्य न े यह सामथ्य दखाया था, आज मेरा दश यह
सामथ्य दखा रहा ह। यह तब होता ह, जब आपके पास आथक सामथ्य हो, आपके पास आपके नागरक के अंदर
दशवासय म एक ऊजा हो और खास करके मैन्युफैक्चरग के लए एक मजबूत इकोसस्टम हो, तब जाकर के वश्व
आपके साथ डील करन े के लए आगे आता ह। वोट बक क राजनीत म डब े हुए लोग ने कभी भी दश के ऐस े अनेक
पहलुओ ं पर मजबूती दनी चाहए, यह कभी उनक प्राथमकता नह रही और उसी का परणाम ह। और जहां तक कांग्रेस
पाट का सवाल ह, म साफ-साफ कहना चाहता ं और मेर शब्द पर भरोसा नह ह, तो म दश के लोग को क ं कुछ मत
करो, सफ लाल कले से कांग्रेस के प्रधानमंत्रय के जो भाषण ह, सफ उन भाषण के एनालसस कर लो, आपको साफ-
साफ लगेगा क ना उनके पास कोई सोच थी, ना उनके पास कोई वजन था और ना ही कोई इाशक्त थी और इसका
परणाम ह क दश को इतना भुगतना पड़ा।
आदरणीय सभापत जी,म कोट-कोट दशवासय का आभारी ,ं उने सेवा करन े का अवसर दया। हमारी काफ शक्त उनक गलतय को ठीक
करन े म जा रही ह। ुनया के मन म जो उनके समय क छव ह, उस छव को धोने म मेरी ताकत लगती ह। ऐसा बबाद
करके रखा हुआ था और इस काम के लए हमने ूचर रड ी पॉलसीज़ पर बल दया ह और आज आपने दखा होगा, दश
नीत के आधार पर चल रहा ह, पॉलसीज़ के आधार पर चल रहा ह, adhocism को हमने ाग कर दया ह और उसके
कारण वश्व का वश्वास बनता ह। हमने रफॉम, परफॉम, ट्रांसफॉम के मंत्र को लेकर के आग े बढ़ और आज स्थत ऐसी ह
क दश रफॉम एक्सप्रेस पर सवार हो चुका ह। हमन े स्ट्रक्चरल रफॉ कए ह, प्रोसेस स े जुड़ रफॉ कए ह, पॉलसीज़
म रफॉम कए ह। हमारा मैन्युफैक्चरग सेक्टर, हमारी उद्यमी, यह सशक्त हो, भारत क हर चीज का वै ू एडशन हो, उस
दशा म हमन े प्रयास कया ह और म आज वश्वास के साथ कह सकता ,ं आज भारत वश्व के साथ स्पधा करने के लए
पूरी तरह तैयार ह। जब म वश्व के CEO फोरम क समट दखता ,ं आज ुनया हमार उद्यमय को समानता के रूप म
दखती ह, और जब पछले दन सभी दल के डलगेशन वश्व म गए थे, यह भाव उने भी अनुभव कया और आकर के
मुझे सभी दल के माननीय सांसद न े अपने अनुभव बताएं, वो बड़ा गव से कह रह थे क हा ं बराबरी स े बात हो रही ह। यह
हमार लए अपने आप म बात ह।
आदरणीय सभापत जी,
MSME का बहुत बड़ा नेटवक जतना सामथ्यवान होता ह, वह लंब े अरसे तक इकोनॉमी को एक ताकत दता ह। हमन े उस
दशा म बल दया ह और हमने कई रफॉ कए ह। आज हमार MSMEs नेटवक पर ुनया का भरोसा बढ़ रहा ह। बड़-
बड़ हो सकता ह, हम हवाई जहाज नह बनात े हगे, लेकन कई हवाई जहाज होत े ह, हवाई जहाज ह, जसम कई पुज मेर
दश के छोट से छोट MSMEs बनात े ह।
आदरणीय सभापत जी,
दश म हुए इन प्रयास का नतीजा सबके सामन े ह। बड़-बड़ दश भारत के साथ व्यापारक संबंध बनान े के लए बहुत ही
आतुर ह। यूरोपीय संघ का ट्रड डील हो, अमेरका के साथ अभी-अभी हुआ, जो ट्रड डील हो और कल हमार पीयूष जी ने
सदन म वस्तृत जानकारी भी दी ह और पूरा वश्व खुल करके इस ट्रड डील क तारीफ कर रहा ह और उसम जब यूरोपयन
यूनयन के साथ ट्रड डील हुआ, तो वश्व को एक भरोसा हुआ क अब वैश्वक स्तर पर स्थरता क संभावना बढ़गी।
अमेरका के साथ ट्रड डील होन े के बाद वश्व को और भरोसा हो गया क जो स्थरता का एहसास हो रहा था, अब गत का
भी एहसास होन े लगा ह और यह वश्व के लए शुभ संकेत ह।
आदरणीय सभापत जी,
इसका सबसे बड़ा लाभ हमार दश के नौजवान को होगा और जब म नौजवान कहता ,ं तो उसम मध्यम वग का भी नौजवान
होता ह, शहर का नौजवान भी होता ह, गांव का नौजवान भी होता ह। बेटा भी होता ह, बेटी भी होती ह और इसलए उसे
टकड़ म न दखा जाए। मेर दश के युवा के सामथ्य का हम गौरव करना चाहए और उनके लए पूरा वश्व बाजार अब खुल
चुका ह। अब उनके लए अवसर ही अवसर ह और म उनको कहता ,ं आइए दोस्त, म आपके साथ कंधे स े कंधा मलाकर
के खड़ा ,ं हम्मत कजए! बढ़ए! दश आपके साथ खड़ा ह और ुनया आपका स्वागत करन े के लए इंतजार कर रही ह।
आदरणीय सभापत जी,
जस प्रकार स े ुनया म हमार युवा प्रोफेशनल्स क मांग बढ़ रही ह, even caregivers क मांग बढ़ रही ह। हर कोई
मलता ह, हम इस प्रकार के लोग चाहए, कुछ लोग तो अपना स्पेशल ऑफसेज यहां बना रह ह रक्रूट करने के लए, यो य
टलट क खोज के लए। इसका मतलब हुआ क भारत के प्रोफेशनल्स के लए भी वश्व म बहुत बड़ अवसर बन रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
यह संसद का उच्च सदन, यह एक प्रकार से राज्य का प्रतनधत्व करता ह और अब जो चचा क बारीकयां मने दख, मेरा
मन कहता ह क थोड़ा स् तर इसका ऊपर होना चाहए था और वहा ं से तो ज्यादा होना ह, वह तो कतने साल तक सरकार म
रह ह। वहा ं से जरा चचा का स्तर ऊंचा होना चाहए था, लेकन उने यह मौका भी गंवा दया। दश उन पर कैसे भरोसा कर
सकता ह।
आदरणीय सभापत जी,
म कल एक माननीय सदस्य को सुन रहा था, यूं तो वो अपने आप को राजा कहलान े म बहुत गव करते ह, लेकन वह आथक
असमानता क चचा कर रह थे, बताइए! जो खुद को राजा माने और वह आथक असमानता क बात कर, तब लगता ह क
ा यही दन दखने के बाक रह गए था ा?आदरणीय सभापत जी,
हमार टीएमसी के साथय ने काफ कुछ कहा। जरा खुद तो अपने गरब ान म दख। नमम सरकार, पतन के जतन े भी
पैरामीटर ह, उन सब पैरामीटस म नए-नए रकॉड बनाते जा रह ह और यहां उपदश द रह ह। ा हल करके रखा हुआ ह?
ऐसी नमम सरकार स े वहां के लोग का भवष्य अंधकार के अंदर डब रहा ह, लेकन उनका कोई परवाह नह ह। सत्ता सुख
के सवा कोई आकांक्षा नह ह और वह यहा ं उपदश दते ह। घुसपैठ ुनया का समृद्ध से समृद्ध दश भी अपने यहां गैरकानूनी
नागरक को बाहर नकाल रहा ह। हमार दश म घुसपैठय को बचान े के लए अदालत तक के ऊपर प्रेशर पैदा कया जा
रहा ह। मेर दश का नौजवान कैस े ऐसे लोग को माफ करग ा, जो घुसपैठय क वकालत करन े के लए ताकत लगा रह ह,
और घुसपैठए मेर दश के नौजवान के हक छीन रह ह, उनक रोजी-रोटी छीन रह ह, आदवासय क जमीन छीन रह ह,
बेट-बेटय के जदगी पर खतर पैदा हो रह ह, लेकन उनके लए महलाओ ं पर अाचार होत े रह, होते रह। सत्ता नीत के
सवाय कुछ करना नह और वह यहा ं आकर हम उपदश द रह ह और ऐसे चताजनक सभी वषय पर आंख मूंदकर के बैठ
हुए वो लोग ह। एक हमार माननीय सदस्य काफ कुछ बोल रह थे, जनक पूरी सरकार शराब म डब गई हो, जनके
शीशमहल घर-घर म नफरत का कारण बन गए, अब शायद उनको ैक श द ज्यादा पसंद ह, हर एक का अपना-अपना एक
भूतकाल होता ह। पता नह लैक के साथ उनका ा पुराना रा ह।
आदरणीय सभापत जी,
ऐसे सभी साथय से म आज जरूर कगं ा, तुम कतना ुनया को धोखा दोगे, तुम कतना ुनया को धोखा दोगे, आईना
दख लया तो अपनी सच्चाई कहा ं छपाओग?े कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो, यह दशक स े कद्र म सत्ता म
रह ह, सत्ता के भागीदार रह ह। राज्य म भी उनको सरकार चलान े का अवसर मला ह, लेकन उनक पहचान ा बनी?
आज डील क चचा होती ह, तो गौरव से कहत े ह, तब डील क चचा होती थी, तो बोफोस डील याद आता था, यह डील
होते थे। उन े सफ जेब भरने का काम कया। नागरक के जीवन म बदलाव आना, यह उनके प्राथमकता नह थी।
आदरणीय सभापत जी,
म कुछ उदाहरण के साथ भी बात बताना चाहता ं यक यहां चचा म यह सार वषय आए ह और इसलए मुझे यह कहना
बहुत जरूरी ह। अब एक उदाहरण दता ं म बक ग सेक्टर का, बक ग सेक्टर एक प्रकार स े अथव्यवस्था क एक रीढ होता
ह। 2014 से पहले, फोन बक ग का कालखंड था। नेता के फोन जाते थ े और उसके आधार पर करोड़ रुपया द दए जाते थे
और गरीब को तो बक म ुतकार मलती थी, नफरत मलती थी। दश क 50% स े ज्यादा आबादी बक के दरवाज े तक
नह दख पाई थी। कांग्रेस के नेताओ ं के फोन पर अरब रुपए लोग को द दए गए और जो ले जाते थे, वह अपनी पसनल
प्रॉपट मान करके पैसे हजम कर जाते थ,े यही खेल चलता रहा। कांग्रेस और यूपीए के राज म और आज जो इंडी एलायंस
बनकर के बैठ ह, उनके राज्य म बक ग व्यवस्था तबाही के कगार पर खड़ी थी। म नया-नया प्रधानमंत्री के पद का दायत्व
मुझे मला, म एक दश के मुखया से म मला, ऐसे ही बात कर रहा था। मने कहा बक ग क दृष्ट स े हम कुछ आग े बढ़ना
चाहए, उन े कहा पहले एक बार साहब जरा आप अभी नए-नए हो, आपके बक क व्यवस्था का अध्ययन कर लीजए।
हम कैसे हम्मत कर? एक दश के नेता को यह जानकारया ं थी, उसन े मुझ े बताया। यहां इनको कोई परवाह ही नह, यानी
एक प्रकार से उन े जस प्रकार से बक ग यवस् था ह, एनपीए के पहाड़ खड़ हो गए थे। जहां भी दखो, चचा चलती थी,
एनपीए का ा होगा? एनपीए का ा होगा? कैस े बचगे?
आदरणीय सभापत जी,
चुनौती बड़ी थी, लेकन हमन े समझदारी से काम लया। बक ग यवस् था के सब कता- धताओ ंका वश्वास म लया। रफॉम
क आवश्यकता थी, हम्मत के साथ रफॉम कए। पारदश व्यवस्था बनाई, ढर सार बक ग रफॉ हुए और जो सरकारी
बक ुबल हो चुक थी, ठीक नह चल पाती थी, उसको हमन े बड़ बक के साथ मजर कर दया और मुझे याद ह, कसी एक
महाशय, बड़ अपन े आप को वान मानन े वाले न े लखा था, अगर मोदी सरकार बक म यह कर ले, तो हुस्तान का बहुत
बड़ा रफॉम हो जाएगा। वह काम मन े आत े ही कर दए थे।
आदरणीय सभापत जी,
और इन सारी चीज का नतीजा यह हुआ, बक म जो बीमारी घर कर गई थी, उस बीमारी स े बक को मुक्त मली। बक
का स्वास्थ्य सुधरा, लगातार सुधरा और अभी भी तेजी से आग े दौड़ रह ह और बक ग का जब स्वास्थ्य सुधरा, तो लेन-दन का
कारोबार भी उनका बढ़ा, लोग को पैसे मलन े लगे, सामान्य मानवीय व्यक्त को पैस े मले। ऐस-े ऐसे गरीब लोग को लोन
मले, जनके लए कभी बक के दरवाज े बंद थ,े वो बेचारा ूर से दखकर के उनको जाना पड़ता था। आज मुद्रा योजना, मुद्रा
योजना जो दश के नौजवान को अपन े पैर पर खड़ रहन े क ताकत दता ह। मुद्रा योजना जो स्वरोजगार क प्रेरणा दता ह,
लेकन स्वरोजगार के भाषण के काम नह होता ह, उसका हाथ पकड़ना पड़ता ह, उसको साथ दना पड़ता ह, उसको सहायदनी पड़ती ह और हमन े मुद्रा योजना के ारा 30 लाख करोड़ रूपया, 30 लाख करोड रुपए स े ज्यादा लोन मुद्रा योजना के
माध्यम स े और बना गारटं ी दश के नौजवान के हाथ म दया और उने अपने कारोबार को आग े बढ़ाया और गव क बात
ह, उसम बहुत बड़ी मात्रा म माताएं-बहने भी हकदार बनी ह, इसक लाभाथ ह। सेल्फ हल्प ग्रुप, इन दन ग्रामीण महलाएं
बड़ सपने दखती ह। खुद अपने पैर पर खड़ा होना चाहती थी। वूमेन सेल्फ हल्प ग्रुप का हमने वस्तार तो कया ही कया,
लेकन 10 करोड़ बहन को हमने सीधी आथक मदद क व्यवस्था क। हमार एमएसएमई सेक्टर को हमने भरपूर लोन दी
और म आज बड़ संतोष के साथ, बड़ी जम्मेवारी के साथ, इस पवत्र सदन म कहना चाहता ।ं हमने एनपीए जसके पहाड़
हुआ करते थ,े 2014 के पहल,े आज इसको हमने नीच े नम्न स्तर पर लाकर के खड़ा कर दया ह। आज एनपीए एक परसट
से भी नीच े ह, यह अपने आप म बक के स्वास्थ्य के लए बहुत उत्तम काम हमन े कया ह। इतना ही नह, हमार बक का
प्रॉफट आज रकॉड पर ह, हाई रकॉड ह उसके, यह अपने आप म दश क अथव्यवस्था को ताकत दने के लए बक ग
व्यवस्था मजबूत होती ह, तो बाक अथव्यवस्था को भी मजबूत मलती ह, उस काम को कया ह।
आदरणीय सभापत जी,
म एक और उदाहरण दना चाहता ।ं हमार PSUs, आमतौर पर PSUs के संबंध म यह मान्यता बन चुक थी, वह बनते ही
ह बीमार होने के लए, वह बनत े ही ह बबाद होने के लए, वह बनते ही ह बंद होने के लए, हमन े इस पूरी मानसकता को
हककत के आधार पर बदलने म सफलता प्राप्त क ह और यह यह लोग PSUs को लेकर के कतनी गलत बात फैलाते
थे। अबन नक्सल क तरह, ऐसे PSUs के दरवाजे के बाहर मजूर क मीटग करके भड़काने का पाप करते थे, गुमराह
करन े का काम करते थे। इन े LIC, स्टेट बक ऑफ़ इंडया और भी HAL ऐसे हर एक को बड़ा भला-बुरा और इतना भ
तरीके से, जब उनक सरकार थी, तब तो यह इन चीज का संभाल नह पात े थे। उसको कुछ कर भी नह पात े थे।
आदरणीय सभापत जी,
हमन े इसम भी हम्मत दखाई। हमने PSUs के संबंध म भी रफॉ कए। रफॉ क एक लगातार परपं रा चलाई। आज
LIC बेस्ट तरीके स,े उसने पूर कायकाल म अपना LIC का जन्म हुआ तब से, उत्तम स े उत्तम परफॉमस का कालखंड उनका
गुजरा ह। जन PSUs को कांग्रेस के नेता ताल े लगवान े क कगार पर पहुचं चुका था और उसी पर अपनी राजनीतक
रोटीया ं सेकन े का प्रयास भी कया गया था, आज हमार PSUs रकॉड प्रॉफट पर ह। इतना ही नह, वह अपने परफॉमस से
मेक इन इंडया को भी गत द रह ह। मेक इन इंडया का जो सपना ह, उसको पूरा करने म वह भी एक बहुत बड़ catalytic
agent के रूप म आज भूमका अदा कर रह ह। रकॉड संख्या म रोजगार बना रह ह। इतना ही नह, हमार कुछ PSUs
आज वश्व के अदं र जा रह ह। वश्व म भी अपनी ताकत दखा रह ह। वश्व के साथ जुड़ रह ह, ुनया के कई दश क
वकास यात्रा म वह भागीदार बन रह ह। आज हमार PSUs को बहुत बड़-बड़ ऑडर दश स े भी और दश के बाहर से भी
मलने लग े ह, यह अपने आप म म जो कहता ं ना, एक बहुत महत्वपूण पड़ाव पर यह दश ह, यह जो 25 साल ह, उसका
संकेत यहां नज़र आता ह।
आदरणीय सभापत जी,
कांग्रेस न े वश्वासघात करन े के वषय म भी हमार दश का अन्नदाता को भी नह छोड़ा। इस दश म 10 करोड़ कसान ऐस े ह,
जनके पास 2 हक्ट ेयर स े भी कम जमीन ह, छोट कसान ह। उनक तरफ कभी परवाह नह क गई, उनक तरफ कभी दखा
नह गया, ना ही उनके दमाग म इन छोट कसान का कोई माहात्म्य था। उनको लगता ह क कुछ बड़ लोग को संभाल
लया, तो गाड़ी चल जाएगी और यही राजनीत करते रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
हमार दल म छोट कसान के प्रत एक दद था। हम जमीनी हककत से परचत थे और उसी के कारण हम पीएम कसान
सम्मान नध योजना लेकर के आए ह और आप इतन े कम समय म हमार छोट कसान के खाते म 4 लाख करोड़ रुपया
हमन े दया ह। 4 लाख करोड़ रूपया आंकड़ा छोटा नह होता ह आदरणीय सभापत जी और उसने हमार छोट कसान को
एक नई ताकत दी ह। नए सपन े दखन े का सामथ्य दया ह और मुझे यह पक्का वश्वास ह क हमारा कसान उस दशा म
जरूर भारत क आशा-अपेक्षा के अनुरूप परणाम दगा।
आदरणीय सभापत जी,
यहां कुछ साथय ने इंीमटशन के संबंध म शकायत का भाषण काफ कए ह। शायद वह तय करके आए थ े क ऐसा-
ऐसा बोलना ह, तो इसम तो उनका एलायंस दखता था, बाकय म तो नह दखता ह।
आदरणीय सभापत जी,जब यह इंीमटशन को लेकर के कतनी बड़ी-बड़ी बात करत े ह। म एक जरा का सुनाता ।ं म कसी का भला-बुरा
कहन े के लए नह कह रहा ,ं म सफ हककत रख रहा ।ं परश ानी जनको होगी, उनको होगी, लेकन तथ्य तो तथ्य ही
होते ह। हमार दश के एक नेता हमाचल प्रदश के दौर पर गए थे और वहा ं स े आने के बाद उने खुद ने यह घटना कह
सुनाई, रकॉड पर उपलब्ध ह। उसम उन े कहा, उस नेता ने ा कहा, म उ के शब्द पढ़ रहा ।ं “काफ लंब े समय तक
मुझे योजना आयोग से संघष करना पड़ा क वह पहाड़ी क्षेत्र के लए अलग योजनाएं बनाने को तैयार ही नह थे, म
हमाचल प्रदश गई थी। जब म वापस आई, तो मन े योजना आयोग म कहा क हमार कामदार को, वकस को जीप क
जरूरत नह ह ब खच्चर क आवश्यकता ह, ताक कम स े कम उन पर सामान आद लादा जा सके।” आगे उने कहा,
लेकन मुझ े बताया गया, “हम पैसा तो जीप के लए ही दगे क ख चर के लए पैस े दने क पॉलसी नह ह। ” इसी
भाषण म आग े वह कहती ह, “अब वहां सड़के ही नह थी”, उनका कहन े का कारण यह था क हमाचल म जहा ं वो गईं, वहां
सड़के ही नह थी। अब वहां सड़के ही नह थी, तो फर उस पर जीप का ा लाभ हो सकता ह? जीप लेकर के कौन
जाएगा, जहां रोड नह ह। लेकन उस समय योजना आयोग का जोर था या तो जीप या तो कुछ भी नह।
आदरणीय सभापत जी,
यह भाषण कसी और का नह, यह कांग्रेस के वरष्ठ नेता और तालीन प्रधानमंत्री इंदरा गांधी का भाषण ह। कांग्रेस के
लंब े शासन काल म यही कायशाली रही और जसको इंदरा जी खुद जानती भी थी क यह पाप चल रहा ह, लेकन इस
काय संृत को सुधारन े के लए उन े कोई कदम नह उठाया और इंदरा गांधी जस ानग कमशन क धज्जया ं उड़ा
रही थी, उसके जन्मदाता उनके स्वयं के पताजी थे और यह ानग कमीशन को बना और इंदरा जी ने जब कहा, उसके
बीच म दो दशक बीत चुके थ,े लेकन हाल यही था और 2014 तक, सब ुखी थे, सब परश ान थ,े सब गलती दख रह थे,
लेकन सुधार करन े के लए तैयार ही नह। 2014 के बाद, जब आपन े हम मौका और कांग्रेस न े जस प्रकार से ानग
कमीशन अटकना, लटकाना, भटकना वाले कायशाली बना दी थी, 2014 म जब हम मौका मला, तो हमन े आकर के काम
कया। ानग कमीशन को खत्म कर दया और नीत आयोग को बनाया। आज नीत आयोग बहुत तेज गत स े काम कर
रहा ह। आप दखए एस्परश नल डिस्ट्रक्ट, वह भी एक बड़ा प्रेरक उदाहरण और म तो दख रहा ं क डवलपग कंट्रीज़ के
लए वकास के लए एक मॉडल के रूप म वैश्वक संस्थाएं इसको अनुमोदन द रही ह। यह एस्परश नल डिस्ट्रक्ट क यह
सफलता बनी ह। दश के कई जल े ऐसे ह, जसको कोई पछड़ मान करके छोड़ दया गया था और वहां करोड़ लोग क
जो मौलक ज़रूरत थी, उसको भी नकार दया गया था। उनको तो ऐसे ही जीने के लए मजबूर कर दया गया था और जो
पछड़ इलाके थ,े वह और पछड़ होत े गए और बबादी आती गई और हालत तो सरकार म ऐसी थी क जब कसी को
पनशमट ट्रांसफर करने होती थी, पनशमट पोस्टग दना होता था, तो ऐसे ही जल म भेजा जाता था, ताक और खराब कर
वह, यह हाल बन गया था, यह वक कल्चर बन गया था। हमन े इस स्थत को बदला, सबस े पहल े आकर के यंग होनहार
अफसर को लगाया जाएगा और पूरा तीन साल का मौका उसको दया जाए काम करन े का, एक के बाद एक नणय कए
और आज दखए क सीमाएं छत्तीसगढ़ का हमारा बस्तर एस्परश नल डिस्ट्रक्ट म था। आज वह बस्तर पूर दश म बस्तर
ओलंपक के नाम से चचा म ह। आज वकास क धारा बस्तर के गांव-गांव पहुचं रही ह। अभी कुछ गांव म पहली बार बस
दखी ह। पूर गांव ने उत्सव बनाया बस्तर म, यह परस्थतय छोड़कर के गए हुए ह लोग और यहां पर पता नह कस तरीके
से दश को कहां ले जाना चाहते ह लोग!
आदरणीय सभापत जी,
इंीमटशन ा होता ह, यह एस्परश नल डिस्ट्रक्ट एक बहुत बड़ा शानदार उदाहरण ह। ऐस े तो सैकड़ उदाहरण ह, लेकन
म एक कहन े के लए इसको उ लेख कर रहा ।ं कांग्रेस के हमार साथय को यह जो बदलाव आ रहा ह, उसम इंीमटशन
नजर नह आ रहा ह और उनका तो एक ही ानग कमीशन वाला मॉडल ह। जीप और खच्चर वाला मॉडल, यही वह लोग
जानत े ह। उससे आग े कुछ नह जानते और यह इंीमटशन कैस े करते ह, मेरा जन्म नह हुआ था, उसके पहल े सरदार
वल्लभभाई पटल ने नमदा नदी पर बांध बांधने क कल्पना क, वषय तो पक्का हो गया, सरदार साहब नह रह। खैर, नेहरू
जी ने शलान्यास कया। अब इंीमट दखए इनको, मेरा जन्म नह हुआ था, जब इसक कल्पना क गई थी और
प्रधानमंत्री बनन े के बाद मने इसका उाटन कया, यह हाल ह और उनका इंीमटशन दखए, मुझ े मुख्यमंत्री रहत े हुए तीन
दन अनशन पर बैठना पड़ा था, नमदा सरदार सरोवर डम के लए मेर दश, मेर राज्य के कसान के लए, मने अपने आप को
दाव पर लगा दया था, तब जाकर के भारत सरकार को ुकना पड़ा और तब जाकर के सरदार सरोवर डम क कंस्ट्रक्शन
को गत मली और यहा ं म पहुचं ा, तब मुझ े इसका उाटन करन े का सौभाग्य मला और आज क छ तक खावड़ा बीएसएफ
के लोग जहा ं बैठत े ह, वहां तक नमदा का शुद्ध पानी पीन े के लए पहुचं रहा ह। इंीमटशन ा होता ह और यहा ं पर
इंीमटशन इंीमटशन कसने शब्द पकड़ा दया, हर एक के मुंह से वही नकल रहा था। हमने कांग्रेस क कायशैली को
बदलन े के लए जब मने दखा, कई ऐसे काम थ,े अटके पड़ हुए थे, कोई पूछन े वाला नह था, फाइल म और पॉलटकल
फायद के लए अनाउंसमट कर दए, दए जला दए, पत्थर लगा दया, करना कुछ नह। आखरकार मन े एक टोलॉजीवाला ेटफाम बनाया यहा ं आकर के प्रगत के नाम से, यह प्रगत ेटफाम का म उदाहरण दता ,ं आप हर ान हो जाएंगे,
मुझे एैक्ट याद नह ह, लेकन शायद हमाचल म एक ट्रन उने पालयामट म घोषत क थी, शायद ऊना, ऊना या और
कोई, मेर आने तक वो कागज पर भी उसका ाइंग नह बना था, बताओ! और चुनाव जीतने के लए वह घोषणा कर दी।
प्रगत के अदं र मेर सामने यह वषय आया। ऐसे कई वषय मेर सामन े आए और उस प्रगत के अंदर हमन े एक-एक प्रोजेक्ट
अटके हुए, कोस्ट कस डपाटमट के काम म ा मुसीबत आई ह, कसन े गलत तरीके से इसको आग े बढ़ाया और
बजट तो बढ़ता ही गया था। जो योजना 900 करोड़ म होनी थी, वह 90 हजार करोड़ तक पहुचं ा, यह हाल करके रख दया
था इने। हमन े एक टोलॉजी ेटफॉम बनाया, हर महीने बैठा, अभी मने 50वा ं एपसोड पूरा कया उस मीटग का और
लगातार काम करते-करते और संबंधत राज्य को भी बैठाया, उनक कठनाइय को भी समझा। उसके इंीमटशन म कौन
मनस्ट्री या पूरा परश ानी हो रही ह! कस स्टेट क परश ानी हो रही ह! कस कानून क परश ानी हो रही ह! हर एक क
बारीक से दखा और आज म गव से कह सकता ं क इस प्रगत के इंीमटशन को बारीक से प्रधानमंत्री के स्तर पर दखे
जान े के कारण 85 लाख करोड रुपए के काम को गत मली, 85 लाख करोड रुपए का काम, आप कल्पना कजए। दश
के कतनी बड़ी शक्त को अनलॉक कया हमने, इंीमटशन कैसा होता ह, यह हमन े करके दखाया ह। रल हो, रोड हो,
सचाई हो, ग्रामीण को व्यवस्था का काम हो, सारी चीज को हमने उसम लया। अब जैस े जम्म ू उधमपुर श्रीनगर बारामुला
रल लाइन, आज यह प्रोजेक्ट पूरा हुआ ह और बफबारी म इन दोन आपन े दखा एक वीडयो बहुत पॉपुलर हुआ ह। बफ के
बीच म से चार तरफ बफ के चादर छाई हुई ह और वंद भारत ट्रन नकल रही ह और लोग कहत े ह, गलती मत करना, यह
वदश नह, यह हुस्तान ह। यह रील चल रही ह बाजार म, लेकन तीन दशक से यही प्रोजेक्ट लटका हुआ था। तीन दशक
30 साल आप कल्पना कर सकते ह, दो पीढ़ी आगे बढ़ जाएं, यह यही के अटके पड़ थे। हमारी सरकार ने इसको पूरा कया।
आदरणीय सभापत जी,
म असम क बात करता ं और कोई यह मत सोचो क चुनाव ह, म इसलए बोल रहा ।ं इनके पाप ह, इसलए मुझे कहना
पड़ रहा ह। कांग्रेस सफ इमेजन करती ह और इंीमट करन े का उनका कोई लेना-दना ही नह होता ह। अब असम का
बोगी ब्रज, बोगीबील ब्रज, यह बोगीबील ब्रज अरुणाचल और असम को जोड़ने वाला बहुत महत्वपूण ब्रज ह। कतने ही
साल तक यह प्रोजेक्ट लटका रहा, हमने प्रगत के माध्यम से इसको र य ू कया और असम सहत पूर नॉथ ईस्ट को बहुत
बड़ी सुवधा वाला यह काम हमन े पूरा कया।
आदरणीय सभापत जी,
इंीमटशन क बात जब करते ह, तो एक बार हमारा और हमार पास तो तथ्य के साथ चीज ह के हमन े इन चीज को
समय पर पूरा करन े क दशा म आग े बढ़ रह ह और इन दन तो जो काम कर रह ह, समय से पहले हो रहा ह। हमने पूरी
ुनया को कहा था क हम 2030 तक यहां पहुचं ग,े सोलर म हमन े वह काम 2025 म कर दया। हमने एथेनॉल का समय
तय कया था, हमन े उसम भी दो-तीन साल पहल े ही काम पूरा कर लया, तो एडवांस म हम काम पूरा करन े का, इंीमटशन
क ताकत हमारी तो उससे भी ज्यादा ह।
आदरणीय सभापत जी,
भाजपा हो, एनडीए हो, हमारा अप्रोच चीज क तरफ दखने का हमारा दृष्टकोण, समस्या के समाधान के लए हमारी सोच
और कांग्रेस के बीच म आसमान-जमीन का अतं र ह। बहुत फक ह। म आपको उदाहरण दता ।ं हमारी सोच यह ह क 140
करोड़ दशवासी यह इतन े सामथ्यवान ह क वो चुनौतय को समाधान द सकते ह। यह हमारी सोच ह। हमारा भरोसा ह
दशवासय पर, उनके सामथ्य पर हमारा भरोसा ह और यही लोकतंत्र क भी सच्ची ताकत होती ह। लेकन कांग्रेस
दशवासय को ही समस्या मानती ह। अब म इनका इतना बोल करके छोड़ ूंगा, तो आज पता नह रात को उनको नद नह
आएगी और गालया ं कल कैसी द, उसका ानग चलेगा। लेकन म उदाहरण के साथ बताना चाहता ।ं कस प्रकार से यह
लोग सोचत े थ े दशवासय के लए, दश के लोग के बार म नेहरू जी और इंदरा जी क सोच ा थी? म उसके वषय म
बताना चाहता ।ं इंदरा जी एक बार ईरान गईं थी और ईरान म वह भाषण द रही थ और उस भाषण म उने नेहरू जी के
साथ जो बातचीत हुई थी, उसका उल्लेख कया। खुद न े कहा ह, उने कहा और म जो इंदरा जी ने कहा था उसको कोट
कर रहा -ं “जब कसी न े मेर पताजी से पूछा यानी नेहरू जी स े पूछा क उनके सामन े कतनी समस्याएं ह? तो उने उत्तर
दया था - 35 करोड़।” नेहरू जी न े जवाब दया था क उनके सामन े कतनी समस्या ह? बोल े 35 करोड, उस समय हमार
दश क जनसंख्या थी 35 करोड़। अब आग े दखए 35 करोड़ दशवासी नेहरू जी को समस्या लगत े थे। ऐसा कोई मुखया हो
सकता ह ा जी? और इस बात का उदाहरण दते हुए इंदरा जी ने आग े कहा क आज दश क जनसंख्या 57 करोड़ ह।
इसलए मेरी समस्याओ ंक संख्या भी उतनी ही बड़ी ह। यानी पताजी को 35 करोड़ समस्या वाले दशवासी लगत े थे। अब57 करोड़ उनको समस्या, कोई ऐसा हो सकता ह, जो अपने ही दशवासय को समस्या माने? यह फक ह, उनक सोच और
हमारी सोच म, यह फक ह उनके अप्रोच और हमार अप्रोच म। नेहरू जी ह या इंदरा जी ह या पूरी कांग्रेसी बरादरी हो, यह
लोग भारत के लोग को समस्या मानत े ह।
आदरणीय सभापत जी,
मेर कई कोटशन मलगे। मने ुनया के सामन े कहा ह, दश के सामन े कहा ह और कहा ह इसलए नह, यह मेरा कक्शन
ह। अर चुनौतयां कतने ही ना हो, 140 करोड़ समाधान हमार पास ह। हमार लए दशवासी समथक एक पूंजी ह। हमार
लए हर दशवासी भारत का उज्जवल भवष्य का नयंता ह, नमाता ह, कता-धता ह। हम उसको समस्या कैसे कह सकत े ह?
ऐसी सोच वाले लोग अपने परवार का ही भला करग े और कसका करग ?े
आदरणीय सभापत जी,
दश के लोग का अपमान करत े रहना, यह कांग्रेस के स्वभाव म पड़ा हुआ ह। उनके संार म पड़ा हुआ ह। कांग्रेस ने बीते
दन राष्ट्रपत जी का अपमान कया। चुनाव के बाद जस प्रकार से हमार राष्ट्रपत जी के लए शब्द कह गए ह। शमदगी
महसूस होती ह क यह कैसे लोग ह? भारत के राष्ट्रपत के लए ा बोल रह ह यह लोग?
आदरणीय सभापत जी,
कल लोकसभा म भी राष्ट्रपत जी के अभभाषण पर चचा नह हो पाई। यह राष्ट्रपत पद, उसका घोर अपमान कया ह,
उनको संवधान शब्द मुंह म बोलने क अधकार नह रहता ह। जो लोग गरीबी स े नकली हुई एक महला, आदवासी
परवार से आई हुई एक महला, जब आपने लोकसभा म जो व्यवहार कया ह। आपने आदवासी समाज का अपमान कया
ह, आपन े महला का अपमान कया ह, भारत के सवच्च पद पर वराजमान संवधान ने जनको सवच्च पद दया ह, आपने
उनका अपमान कया ह, आपन े संवधान का अपमान कया ह।
आदरणीय सभापत जी,
उनको कुछ भी लगता हो। कांग्रेस को यह गुनाह…
आदरणीय सभापत जी,
समय बढ़ाने के लए म आपका और सदन का बहुत आभार व्यक्त करता ।ं
आदरणीय सभापत जी,
बड़ी ददनाक लोकसभा क घटना ह और शायद हताशा नराशा तो हम समझ सकत े ह, लेकन इसके लए दश के पवत्र
लोकतंत्र के मंदर को ही इस रूप म कर दना और उस समय चेयर पर असम के ही हमार एक माननीय सांसद बैठ थे और उस
समय कागज फके गए, टबल पर चढ़ दया गया। ा यह नॉथ ईस्ट का अपमान नह ह? ा असम के नागरक का
अपमान नह ह? कल फर दोबारा कया उने और उस समय आंध्र के दलत परवार का बेटा चेयर पर बैठा था। उसने
उसको भी अपमानत कया। यानी आपने नॉथ ईस्ट का अपमान चेयर म बैठा, अपमान करो। आंध्र के एक दलत परवार का
बेटा चेयर पर बैठा, उसका अपमान करो। सदन ने इनको काम दया हुआ ह। सबन े मलकर के काम दया हुआ ह, लेकन वो
दलत समाज से आते ह, इसलए आप अपमान करते हो और ऐसा लगता ह, कांग्रेस के लोग को असम क जनता के प्रत
बड़ी नफरत ह। उनको लगता ह क उसक जनता ने उनका साथ छोड़ दया मतलब उनके ुश्मन हो गए। ा कभी लोकतंत्र
म ऐस े सोचत े ह ा? मुझ े तो तब बहुत पीड़ा हुई थी, जब भारत रत्न भूपेन हजारका जी जो क इस दश के बहुत ही
सम्मानीय व्यक्तत्व ह जी। आज भी घर-घर म उनको स्मरण करते ह लोग। उनके प्रत जो भक्त का भाव ह, आप कल्पना
नह कर सकते, लेकन उनको इसक भी कोई परवाह नह ह और जस प्रकार स े और हमारा सौभाग्य था क हमने भूपेन
हजारका जी के दश के लए जो उनका योगदान था, नॉथ ईस्ट जैसे इलाके स े पूर दश को अपने वाणी स,े अपने वचार स,े
अपनी अभव्यक्त से बांध के रखा था। हमन े भारत रत्न दने का नणय कया। इस पर भी इनको ऐतराज और म तो हर ान ,ं
खड़ग े जी अगर होते, तो म उनक हाजरी म कहता यह, इने जस प्रकार स े दख बोला ना, भारत रत्न क बात, वो वीडयो
पर उनका चेहरा दखग े ना, आपको लगेगा अर ये ऐसे लोग ह, ऐसा व्यवहार करते ह और ये कहां अर ये तो एक सगर थ,े म
समझता ं क यह कसी का भी अपमान करन े म कभी भी पीछ नह रहते ह। उने भूपेन हजारका जी को भारत रत्न दया,
उसका भी वरोध कया। यह पूर आसाम का वरोध ह, पूर दश के कला प्रेमय का वरोध ह। और मुझ े पक्का वश्वास ह,
असम कभी भी इस अपमान को भूलने वाला नह ह।
आदरणीय सभापत जी,कल जो घटना घटी, इसी सदन के एक माननीय सांसद कांग्रेस के शातर दमाग जनका ह, ऐसे युवराज ने उनको गार कह
दया। अहकं ार कतने सातव आसमान पर पहुचं चुका ह इनका और कांग्रेस को छोड़कर के कतन े ही लोग नकले ह। कांग्रेस
के कतन े टकड़ हुए ह। कई लोग ूसर दल म गए ह। लेकन और को तो कसी को गार नह कहा उने। लेकन कल
सांसद को गार इसलए कहा क वो सख थे। य े सख का अपमान था। ये गुरुओ ंका अपमान था और कांग्रेस के अंदर
जो कूट-कूट करके सख के प्रत नफरत भरी पड़ी ह ना, उसका वो अभव्यक्त थी और इसी सदन के माननीय सांसद ह वो
और उनको जरा भी दद नह, वरना आज खड़ होकर के कह सकते थे क कल जो हुआ, इसी संसद के, संसद क गरमा के
अनुरूप नह था, हम खेद ह। एक शब्द तो बोल लेत,े लेकन सख के प्रत उनके मन म जो नफरत भरी पड़ी ह और इसी के
कारण उन े कल और जसका परवार दश के लए शहादत दने वाला परवार के वो सदस्य ह, उ अपने राजनीतक
वचार म परवतन कया, इसलए गार हो गए और एक गार शब्द छोटा नह ह। मेर दशवासी को कोई गार कह, यह
कैसे दश सहन करग ा और वह भी एक सख ह, इसलए गार कहना, बहुत ुभाग्य क बात ह और ऐस े लोग कांग्रेस को नह
डबाएंग े तो ा करग े?
आदरणीय सभापत जी,
एक तरफ यह दृश्य ह और ूसरी तरफ हमार सदानंद जी मास्टर का दृश्य ह। राजनीतक वष के कारण उनके दोन पैर
काट दए गए। भरी जवानी म दोन पैर काट दए। कट हुए पैर स े जदगी गुजार रह ह। लेकन संार इतन े ऊंचे ह क वाणी
म भी अपशब्द नह नकलता ह। वतन म भी कटता नजर नह आती। गव होता ह और कल जब दश ने जब उनका पहला
भाषण हो रहा था सदन म और उन े जब अपने बच पर आपसे इजाजत लेकर के अपने कट हुए पैर के लए वो जस लम्ब
का उपयोग करते ह, आटफशयल लम्ब का, उने जब रखा, वो दृश्य दश के लए पीड़ादायक था क इस दश म ऐसा ही
बंधारण क बात करन े वाले इंडी एलायंस के लोग और ये इंडया एलायंस पूरा जम्मेवार ह इसके लए, वैचारक असहमत
के कारण एक नौजवान के और वो भी एक टीचर शक्षक के प्रत गव से आदर से दखा जाता ह, उसके पैर काटते ह। लेकन
उनको कोई खेद नह ह। उनको कोई दद नह ह। लेकन म मास्टर सदानंद जी को हृदय स े अभनंदन करता ं क उने
जस प्रकार से इतने इतनी भयानक हमले के बाद भी दश क सेवा का अपना व्रत जारी रखा और आज दश क नीत
नधारण म अदं र अपना योगदान द रह ह। यह गव क बात ह और ऐसे लोग के सहार हम राजनीत म जीते ह, काम करते
ह। दश के लए जीने मरने क प्रेरणा मलती ह। ये संार हम पाए ह। ऐसे लक्ष्यावध कायकताओ ंके तप से पाए हुए ह।
आदरणीय सभापत जी,
इन दन और वैसे कांग्रेस के हमार साथय का मुझ पर जरा वशेष प्रेम ह। वो स्पेशल प्रेम ह। और जब म जम्मेवारी जो
मली ह, उसके तहत और जम्मेवारी ना मलती तो भी दश के लए जीना हमन े सीखा ह। हम वकसत भारत क जमीन
मजबूत कर रह ह। उसको एक ताकत द रह ह। एक तरफ दश के युवाओ ंके लए मजबूत जमीन तैयार कर रहा ,ं तो कांग्रेस
मोदी क कब्र खोदन े के कायक्रम करवा रही ह। और मोहब्बत क ुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदगी के नार लगा रह
थे। यह कौन सी मोहब्बत क ुकान ह, जो दश के ही कसी नागरक के कब्र खोदने के सपन े दखती हो? यह कौन सा
संवधान से उन े सीखा ह, जो दश के ही कसी नागरक के कब्र खोदन े क बात करते हो? ा यह संवधान का अपमान
नह ह? ा यह मानवता का अपमान नह ह? ा यह सावजनक के सावजनक जीवन क मयादाओ ंका अपमान नह ह?
और उनको इसका कोई खेद नह ह। अगर इसके बाद ा बयान दगे, बयान दखो प्रधानमंत्री राज्यसभा म भी रो रहा था।
कस प्रकार के संार और वृत्तय से पले-बड़ लोग ह यह…
आदरणीय सभापत जी,
मेर लए कोई अनुभव मेरा बहुत पुराना ह। 2002 स े जब वह वपक्ष म थ,े तब स े और 2004 से जब वो सत्ता म आए, तब से
और 2014 से म जब यहां आया, तब से, पछल े 25 साल स े संसद का एक भी सत्र ऐसा नह गया, मोदी संसद का सदस्य
नह था। एक भी सत्र ऐसा नह गया, जसम इस सदन के अंदर मोदी को गाली दने का काम ना कया हो इन लोग ने, 25
साल और मुझ े कसी ने पूछा था मोदी जी आपके स्वास्थ्य का ा राज ह? मने कहा म डली दो कलो गाली खाता ।ं
आदरणीय सभापत जी,
यह मोदी क कब्र खोदना चाहते ह? यह सफ नारा नह ह। यह इनके भीतर पड़ी हुई नफरत का प्रतबब ह। इसक
अभव्यक्त ह और वह इसलए ह, हमने 370 क दीवार गरा दी, इसलए वह मोदी क कब्र खोदना चाहत े ह। हमन े नॉथ
ईस्ट म बम-बंूक और आतंक का जो छाया बना रहता था, नॉथ ईस्ट म शांत और वकास का राह अपनाई, इसलए वो
मोदी क कब्र खोदन े पर सोच रह ह। पाकस्तानी आतंकय को घर म घुस के जवाब दत े ह, इसलए मोदी क कब्र खोदने
क बात करत े ह। ऑपरश न सूर करते ह, इसक उनको परश ानी होती ह और इसलए वो मोदी क कब्र खोदते ह।माओवादी आतंक से दश को मुक्त दलान े के लए साहसपूण कदम उठा रह ह, इसलए मोदी क कब्र खोदनी ह आपको।
हमन े नेहरू जी न े दश के साथ बहुत बड़ा अन्याय कया था सध ु जल समझौता करके, उस सधु जल समझौते को हमने
abeyance म डाल दया, ा इसलए… इसलए आप मोदी क कब्र खोदन े के नार लगा रह हो?
आदरणीय सभापत जी,
कांग्रेस क परश ानी कुछ और ह। यह पचा नह पा रह क मोदी यहां तक पहुचं ा कैस?े और उनक परश ानी बढ़ती जा रही ह
क भई पहुचं ा तो पहुचं ा, लेकन अब तक टका ह? और इसलए वह एक ही रास्ता उनके लए बचा हुआ लग रहा ह क
मोदी तेरी कब्र खुदगी।
आदरणीय सभापत जी,
यह तो मान करके बैठ थे। उनका लोकतंत्र संवधान का कोई लेना दना नह। उनको तो लगता ह क प्रधानमंत्री पद उनके
परवार क जागीर ह। उस पर कोई और बैठ नह सकता। यह जो उनके भीतर म नफरत पड़ी हुई ह ना, मोहब्बत क ुकान
म जो आग भरी पड़ी हुई ह ना, उसका परणाम ह और इसलए कोई बैठा, हमारा पैतृक अधकार था, इसलए मोदी क
कब्र खोदन े का नारा लेकर के वो चल रह ह।
आदरणीय सभापत जी,
कांग्रेस के शाही परवार को दश न े दशक तक अवसर दया ह। ऐसा नह ह, दश ने आपके लए भी अपना भवष्य दांव पर
लगाया था, लेकन आपन े गरीबी हटाओ के नार लगाए, गुमराह कया। लाल कले पर स े कांग्रेस के एक भी प्रधानमंत्री के
भाषण म गरीबी हटाने क बात ना आई हो, ऐसा नह हुआ ह। लेकन कसी भी प्रधानमंत्री ने गरीबी हटान े के लए ा
कया, वो एक बार भी नह आया। और नार से अधक कुछ नह था उनका और मोदी न े रास्ता अपनाया गरीब को
Empower करन े का, गरीब को सशक्त करने का और मेर दश के गरीब को म सलाम करता ।ं उने दश क योजनाओं
को समझा, स्वीकारा और अपने सामथ्य को बढ़ाने के लए प्रयास कया। म दश के गरीब का गौरव गान करता ं क हमारी
नीतय पर भरोसा करके, हमारी नीयत पर भरोसा करके उने भी अपने आप को खपान े के लए कोई कमी नह रखी और
25 करोड़ मेर गरीब परवार के भाइय न े गरीबी को परास्त कया और खुद गरीबी से बाहर आए ह। म उनको सलाम करता
,ं मेर 25 करोड़ दशवासी, जो नराशा म पड़ हुए थे, ूर एक आशा क दखाई दी, उठ खड़ हुए और आज हमार साथ चल
पड़।
आदरणीय सभापत जी,
2014 के पहल े यह इंीमटशन क बात करते थे। हमार वहां सैकड़ लोग रल व े क्रॉसग पर मरते थे। ूल क बस रल वे
क्रॉसग से जा रही ह, 20-20, 25-25 ूल के बच्च े मरन े क खबर आती थी। अनमैन रल व े क्रॉसग, वो इतना बड़ा काम
नह था क नह कर सकत े थे। यह काम भी मुझे करना हुआ और हमने सार अनमैन क्रॉसग बंद कर दए। लाख लोग क
जदगी बचा ली। इसलए, इसलए यह मोदी क कब्र खोदना चाहत े ह।
आदरणीय सभापत जी,
2014 से पहले इस दश म 18,000 गांव ऐसे थे, जनको बजली का मतलब पता नह था। बजली का कोई तार होता ह,
कोई बल्ब होता ह, कोई ल जलता हुआ, उसम उजाला नकलता ह, पता नह था उनको। 18,000 गांव 2014 के बाद जब
आपने हम दायत्व दशवासय न े दया, उन 18,000 गांव जन े कभी बजली का मुंह तक नह दखा था। बजली का एक
शब्द भी कान प े नह सुना था। उन गांव म उजाला पहुचं ाया। इसलए, इसलए इनको मोदी क कब्र खोदने के सवाय अब
कोई रास्ता नह दख रहा ह।
आदरणीय सभापत जी,
वह भी एक वक्त था, जब दश म बार-बार खबर आती थी। मीडया म हड लाइन हुआ करती थी। सरहद क स्थत के संबंध
म बयान आते थे। गोला बारूद नह ह, बुलेट प्रूफ जैकेट नह ह, बफ के बीच खड़ा ह, बफ म खड़ रहने के लए जो जूते
चाहए, वो जूत े तक नह उसके पास। यह खबर आती थी। हमन े दश के जवान के लए खजाने खोल दए। दश के जवान
को जो चाहए वो दन े का संकल्प लया, और इसलए इसलए वो चाहत े ह क अब तो कोई रास्ता बचा नह ह। बस कब्र
खुदगी मोदी क। यही एक रास्ता उनके लए बचा ह।
आदरणीय सभापत जी,
एक बार उत्तर प्रदश के वतमान मुख्यमंत्री जी ने सदन म भाषण करते-करते वह रो पड़ थे। दमागी बुखार के कारण बच्च,े
अनगनत बच्च े मर रह थे। इनको कभी सूझा नह, इस दमागी बुखार स े मुक्त दलाई जा सकती ह।आदरणीय सभापत जी,
आंख क बीमारी ट्रकोमा, लोग परश ान होत े थे। आंख चली जाती थी और वज्ञान प्रगत कर चुका था, हो सकता था, वह
नह कर सकते थे। हमन े दमागी बुखार से भी मुक्त दलाई और हमन े ट्रकोमा स े भी दश के लोग क आंख बचाई। यही
सफलताएं ह, यही संवेदनशीलता ह, समाज के लए जीन े मरन े का यही संकल्प ह, पल-पल तल-तल समाज के लए
बताना, घसना, झलना, वो उनको परश ान कर रहा ह। तब जाकर के मोदी तेरी कब्र खुदगी, यह मंत्र लेकर के चल रह ह,
यह सपन े दख कर के चल रह ह और बात लोकतंत्र क करते ह। मोहब्बत क ुकान के साइन बोड लगाते ह। ा
सावजनक जीवन म ऐसी नफरत होती ह?
आदरणीय सभापत जी,
इनक सरकार रमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रमोट से चलती ह। 140 करोड़ दशवासी मेरा रमोट ह। 140 करोड़
दशवासय के सपन,े 140 करोड़ दशवासय क आकांक्षाएं, दश के नौजवान के संकल्प, इनके लए हम जीते ह, इनके
लए सरकार चलात े ह। सत्ता हमार लए सुख का रास्ता नह ह, सत्ता हमार लए सेवा का माध्यम ह। मुद्रा योजना लाख
करोड़ को मदद मली, स्वरोजगार को बल दया। कांग्रेस ने कभी स्टाटअप कल्चर को प्रमोट ही नह कया। कुछ सैकड़ म
स्टाटअप बेचार अपन े उनको पता भी नह था और इनका तो हाल यह ह आदरणीय सभापत जी, अपने घर के स्टाटअप को
भी वो लफ्ट नह कर पा रह। और हमारी सरकार म आज 2 लाख से ज्यादा स्टाटअप ह, और जब सफलता एक के बाद
एक जनसामान्य के दल को जीतती ह ना, तब जाकर के उनके पास एक ही रास्ता बचा ह, मोदी तेरी कब्र खुदगी। लेकन
वो जमाना याद कजए, BSNL को लेकर के चुटकुल े चलते थ,े काटन बनत े थ,े आज स्वदशी 4G स् टक हमन े खड़ा कर
दया। 5G ुनया म सबस े तेज गत से रोल आउट करन े का काम हमने कर दया। कुनकेशन क नई जनरश न, नई
टोलॉजी, नई सोच इसको हमन े आग े बढ़ाया और इसलए दद जुबान पर आ रहा ह, मोदी तेरी कब्र खुदी ह।
आदरणीय सभापत जी,
गरीब क सेवा, यह मेरा सौभाग्य ह। 4 करोड़ गरीब को पक्के घर दना, म जीवन म सुकून मानता ।ं बजली, पानी, गैस का
सलडर, टॉयलेट क सुवधा, मुझे लगता ह क हा ं परमात्मा न े मुझे सही दशा म काम करने क प्रेरणा दी ह। पहली बार,
गांव क महला गव से कह रही ह, हा,ं म लखपत दीदी बनी ।ं तो ूसरी कह रही ह, इस साल तक म लखपत दीदी बन
जाऊंगी। जो बन गई ह, उनको जब पूछता ,ं नह बोल े साहब अब तो करोड़पत के लए सोच रह ह। यह यह जो मजाज
बदला ह, जो आत्मवश्वास बढ़ा ह और ऐसे दश के कोट-कोट जन के आशीवाद जस इंसान पर हो, कोट-कोट माताओ-ं
बहन का जस पर रक्षा कवच हो, नार कतने ही लगा लो, कब्र तुम नह खोद पाओगे। यह दश क शक्त, आशीवाद रूपी
कवच, माताओ-ं बहन का मेर प्रत जो भाव रहा ह, जस श्रद्धा भाव स े मने माताओ-ं बहन क सेवा करन े का काम कया ह,
जनको कोई पूछता नह था, उसको मोदी पूजता ह। यही कारण ह और यह आशीवाद ही ह, जो इनको चूभते ह और
इसलए कब्र खोदना चाहत े ह।
आदरणीय सभापत जी,
चोरी करना जनका पुैनी धंधा ह। जन े एक गुजराती क सरनेम भी चुरा ली। महात्मा गांधी क सरनेम चुरा ली। यह
लोग और दश क जनता इतनी समझदार क ऐसी-ऐसी पटक दती ह, ऐसी पटक दती ह तुम लोग को।
आदरणीय सभापत जी,
हम एक वकसत भारत का सपना लेकर के चले ह और आज वो सपना दश के लोग क ऊजा के कारण संकल्प म बदल
चुका ह। आज कह पर भी जाइए हर कोई यह कहता ह क 2047 तक वकसत भारत बनना ह। और म हर ान ,ं कुछ
हमार साथी सदन म इतन े नराशावादी, इतन े जमीन से कट हुए लोग, बदलती हुई ुनया स े अनभज्ञ लोग, पता नह ा
बोल रह ह? वह कहत े ह, मोदी अभी 2047 क ा बोल रहा ह? 2047 कसन े दखा ह? हमार दश के लए आजादी के
लए जो लड़त े थ,े जो फांसी के तख्त पर चढ़ जात े थे, जो लाठया ं खात े थे, गोलयां खात े थे, जो काला पानी क सजा के
लए अडं मान नकोबार के सेलुलर जेल म जदगी बता दत े थ,े लक्ष्यावध नौजवान अपने पढ़ाई का भवष्य का सोच े बना,
कोई परवाह कए बना सफ दश के लए सोचने के लए नकल पड़ थे। ा उने कभी यह सोचा होता क यार हमार
कालखंड म तो आजादी मलेगी नह क म करूं ? तो ा दश कभी आजाद होता? यह इतन े नराशावादी लोग ह क,
जब म डजटल इंडया क बात करता था, म फनटक क चचा करता था, म यूपीआई क बात करता था, तो यह कहते थे
अर इस दश म गरीब आदमी मोबाइल फोन पर कैस े पैस का कारोबार करग ा? तीन साल के भीतर-भीतर दश ने दखा दया,
ये हो सकता ह। और म हर ान था, जस दन, जस दन ऐसा भाषण संसद म हुआ, दश का मीडया भी म भी ऐस े लोग उनक
जो इकोसस्टम ह, वो नाच रही थी क दखए मोदी को तगड़ा जवाब दया। मोदी ने जवाब नह दया, आपके हाथ म
मोबाइल फोन जब यूपीआई से चलता ह, काम करता ह ना, तो जवाब अपने आप मल जाता ह।आदरणीय सभापत जी,
कांग्रेस के समय एक व्यंग चला करता था और आमतौर पर और सीरयस नेचर क चचा म भी आता था, हसं ी मजाक म भी
आता था। इंडया मस द बस। यह कॉमन वड हो चुका ह। भाई मौका गवा दया। बाजी हाथ स े चली गई। इंडया मस द
बस। ये ये हमेशा होता था।
आदरणीय सभापत जी,
आज भारत कोई बस मस नह कर रहा ह। आज भारत काफले का नेतृत्व कर रहा ह।
आदरणीय सभापत जी,
दश का भवष्य उज्जवल बनाना ह। वतमान भी उज्जवल बनान े के लए अवरत काय करना होता ह। हम वकसत भारत के
सपन े के ाइट म 5 वष क योजना बनाते ह और हर वष का बजट बनाते ह और हम दशा तय करके चलते ह हम क
हमार लए अगला चुनावी लक्ष्य नह होता ह। हमारा लक्ष्य ह 2047, वकसत। अर चुनाव तो आएंगे-जाएंग,े मेरा दश अजर
अमर रहन े वाला ह और हम, हम दश क युवा पीढ़ी के हाथ म समृद्ध हुस्तान दने का सपना लेकर के चले ह। जन बच्चे,
जो आज, जो घर म बालक ह ना, उनको भी म दखकर के सोचता ं क म इसके हाथ म ऐसा हुस्तान द के जाऊं, ताक
हम अपने काम का संतोष हो। 2047 , 2047 यह बात करते ह।
आदरणीय सभापत जी,
आज जस प्रकार से हमन े इनशएटव लए ह, चाह स्पेस हो, साइंस हो, टोलॉजी हो, समंदर क गहराई हो, जल-थल-
नभ, अतं रक्ष, हर क्षेत्र म नए संकल्प, नई ऊजा, नए कदम और नई सद्धय को लेकर के दश आज आगे बढ़ रहा ह। हम ग्रीन
हाइोजन पर काम कर रह ह। हम आने वाले युग को समझ पा रह ह। हम ांटम कंूटग क बात कर रह ह। हम एआई
मशन को लेकर के चल रह ह और आज ुनया मानने लगी ह क एआई मशन भारत बहुत कुछ ुनया को द सकता ह, यह
वश्वास आज ुनया म बना ह। आज ुनया म क्रटकल मनरल रय र अथ राजनीतक हथयार बन गया ह, हम उस पर
फोकस कर रह ह, ताक कभी भारत को कसी के पास हाथ फैलान े क नौबत ना आ जाए।
आदरणीय सभापत जी,
ऐसे तो अनगनत प्रोजेक्ट ह, जसम वदश का इेस्टमट आना ही आना ह क अब हर कसी को अपना भवष्य भारत
क भूम म नजर आ रहा ह, हर कसी को अपना भवष्य भारत के टलट के भरोस े नजर आ रहा ह, हर कसी को भवष्य भारत
के उज्जवल भवष्य के साथ खुद के उज्जवल भवष्य को जोड़ करके दखता ह और इसलए ुनया, इसलए ुनया आज
भारत वकसत भारत क बात हम कर रह ह, जनके दमाग म नह पड़ता ह, ुनया को समझ आ रहा ह क भारत ने
सही दशा पकड़ी ह, चलो, अब चचा वहा ं चल रही ह, कह हम बस ना चूक जाए। कल तक चचा चलती थी, इंडया मस
बस मस करता ह, अब ुनया को लगता ह, अब हम लेट ना हो जाए, वहां आन े क स्पधा चल रही ह।
आदरणीय सभापत जी,
आन े वाला समय भारत के लए अवसर से भरा हुआ ह। भारत के नौजवान के लए अवसर स े भरा हुआ ह। भारत के
उज्जवल भवष्य के लए म पूरी संभावनाएं रख ांकत कर सकता ।ं म दख सकता ं और उसके दशा म नीतया ं बना करके
हम आग े चल रह ह। हम इसको और म चाहता ,ं मेर दशवासय को नमंत्रण दता ं और म दशवासय को आज सदन से
भी कहना चागं ा। मने मन क बात म भी इसका उल्लेख कया था, म यहां पर सभी माननीय सांसद स े भी कगं ा क आप
भी अपने-अपन े क्षेत्र म ऐसे लोग को बताइए, जब ुनया भर म इतने अवसर पैदा हुए ह, उसको स् थाय व तब मलता ह, जब
हम उत्तम प्रकार क चीज को लेकर के जाएं, हम ालटी को कंप्रोमाइज ना कर। मुनाफा कम ना हो, लेकन
ालटी को हम नरतं र उत्तम करते जाएंग,े इनोवेशन करना पड़गा करग ,े रसच करना पड़ा करग ,े प्रोडक्ट म मटरयल
बदलना पड़गा, तो बदलगे। लेकन हम ुनया म ालटी क दृष्ट से उत्तम से उत्तम हो तब जाकर के जो आज, राजनीतक
दृष्ट स े जो नणय होते ह, उसका बेनफट लेने के लए हमन े पीछ नह रहना चाहए। मेर दशवासय से म आज यही आग्रह
करूं गा क आप ालटी के वषय म मेरा साथ दीजए। ालटी म कॉोमाइज ना करए। आप दखए ुनया सफ और
सफ मेड इन इंडया, मेड इन भारत, मेड इन इंडया, मेड इन भारत, इसके लए गीत गाने लग जाएगी।
आदरणीय सभापत जी,
म कांग्रेस के मत्र का भी आज आभार व्यक्त करता ं क कम स े कम मुझे उनको पता था, पहले प्रयोग कर चुके थे। पछले
10 साल म मुझे पांच छ: बार इस प्रकार से बोलने स े रोका गया क उनको मालूम था, एक बार शुरू होता ,ं तो रुकता
नह। और मने कहा था एक बार एक अकेला, तो अब अनुभव से सीख गए क इसम कोई दाल गलन े वाली नह ह, तोसमझदारी स े काम लया और ऐसी समझ उनको नरतं र मलती रह। यह भी म प्राथना करता रगं ा।
आदरणीय सभापत जी,
म राष्ट्रपत जी के उोधन म योगदान दने वाल े सभी सांसद का भी आभार व्यक्त करता ।ं जो भी उत्तम वचार यहां प्राप्त
हुए ह, उत्तम वचार दश क प्रगत म जरूर काम आएंगे, ऐसा म वश्वास दता ं और आदरणीय राष्ट्रपत जी का इस
संबोधन के लए म हृदय से आभार व्यक्त करत े हुए मेरी वाणी को वराम दता ।ं
बहुत-बहुत धन्यवाद!
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