See Full Document Text
Prime Minister's Office
Text of Prime Minister's address to the Indian
community in New Zealand
प्रव तथ: 11 JUL 2026 6:53PM by PIB Delhi
नमस्ते !
क ओरा New Zealand!
हम भारत के लोग सुनते आए थ,े 20 साल के बाद। लेकन आज चालीस साल बाद कोई भारतीय पीएम न्यूज़ीलड क धरती
पर आया ह। ये मेरा सौभाग्य ह। म न्यूजीलड के सभी नवासय के लए, आप सभी लोग के लए, 140 करोड़ भारतीय क
शुभकामनाएं लेकर आया हू।ं
साथय,
ये प्रधानमंत्री के रूप म भल े ही मेरा पहला न्यूज़ीलड दौरा ह। लेकन 25-30 साल पहले, जब म कसी सरकार म भी हा
नह था, सावजनक जीवन म मुझे कोई जानता नह था, तब भी मुझे यहां न्यूजीलड आने का अवसर मला था। और उस
समय, मुझे कसी ने गफ्ट म तीन चीज दी थ जो म वापस इंडया लेकर के गया था। एक, यह मफ़लर। एक कैप, और एक
दस्ताना। क ठंड का मौसम था।
और उसम से एक चीज़ म अभी यहा ं इस कायक्रम म भी लेकर आया हू।ं यह मफ़लर जो आप दख रह ह, यह 25-30 साल
पहल े मुझे न्यूजीलड के एक साथी न े दया था। इतने साल म मन े कई बार इसका उपयोग कया, और आज भी इसे बहुत
संभाल कर के रखा ह। जैस े आपके ार को संभाल के रखता हू।ं
इस बार जब मेरा यहां आन े का कायक्रम बना, तो म वशेष तौर पर इसे अपन े साथ लेकर के आया क खबर थी क ठंड
ादा ह।
साथय,
भारत और न्यूज़ीलड के र े म याद भी ह, दोस्ती भी ह, वैूज़ भी ह और एक कमटमट भी ह। इस र े को न्यूज़ीलड क
एक सुंदर परपं रा अे से डफाइन करती ह। यहा ँ सदय से एक शब्द लोग को जोड़ता आया ह - वाका। वाका सफ़ एक
नाव का नाम नह ह, वाका हमारी शेयड जन क प्रतीक ह। और आज भारत-न्यूजीलड क यही वाका एक नई यात्रा पर
नकलने के लए तैयार ह।
हमार सामने अवसर से भरा खुला समुद्र ह, हवाएँ हमार साथ ह, समंदर क वशाल लहर हमार साथ ह, इाश का
नीला आसमान हमार साथ ह, पान े को काफ कुछ ह, और म जानता हू,ं हम सफल हगे।
साथय,
मुझे इस यात्रा क सफलता पर पूरा भरोसा ह, जानते ह ? मोदी नह, क इसके असली नावक आप सभी ह।
ऑकलड से वेलगटन तक, क्राइस्टचच से ीन्सटाउन तक, न्यूज़ीलड के कोने-कोने म फैला भारतीय समुदाय इस शेयड
जन का एक नावक ह।साथय,
आग े बढ़ने स े पहले, म अपन े मत्र, प्राइम मनस्टर क्रस्टोफर लक्सन, न्यूज़ीलड सरकार के सभी साथय और यहां लेबर
पाट के मंबस का अभनंदन करूं गा।
ये दखाता ह क भारत-न्यूज़ीलड रे को कतना बड़ा बाइ-पाटसन सपोट ह। इसस े ये भी पता चलता ह कवी इंडयन
कूनटी क अचीवमट्स आपका कंट्रीूशन कतना बड़ा ह। आप यहां आए कवी इंडयन कूनटी के इस उत्सव का
हा बने इससे ये सेलेशन और वाइट हो गया ह।
आपने जस गमजोशी से जस ेह और उत्साह से, आप ने हम सभी का स्वागत कया ह म आपका बहुत-बहुत आभारी हू।ं
वैसे एक्सीलसी, कवी इंडयन कूनटी म भी सुपरहट ह। भारत के इंडपडस ड पर आपने क्रस हपक स के साथ मलकर
दमादम मस्त कलंदर गान े पर जो डांस कया वो काफ वायरल हुआ। आपके वो मूव, Kiwi Indians के दल म छप गए
ह।
साथय,
न्यूज़ीलड वाकई एक अत दश ह। यहा ं पीस ह, प्रॉसपैरटी ह, नेचर ह, कल्चर ह, और न्यूज़ीलड क असली ताकत, यहां के
स्थानीय लोग ह। न्यूज़ीलड के लोग ने दखाया ह क कोई दश जब एक जूनून, एक जे के साथ आग े बढ़ता ह, तो वो
ुनया को इंायर करता ह।
यहां जो कवी इंडयन कूनटी ह, आप सभी को भी न्यूज़ीलड के दलदार लोग न े बहुत प्रेम से अपनाया ह, अपनी टीम का
हा बनाया ह। उन े आपके टलट, आपके वजन पर ट्रस्ट कया ह। और आज दखए, न्यूज़ीलड क इकॉनॉमी हो, यहां
क सोसायटी हो, कवी इंडयन्स नए-नए रगं भर रह ह।
न्यूजीलड वो जगह ह जहा ं नखल रवशंकर Air New Zealand के CEO बन सकते ह। जहां आनंद सानंद गवनर
जनरल बन सकत े ह जहा ं क्रकेट टीम म रचन रवद्र, ईश सोढी और एजाज़ पटल जैसे टलट को अवसर मल सकता ह।
न्यूजीलड वो जगह ह जहां क सड़क म भी भारतीय शहर को सान दया गया ह। कह खंडाला ह। कह बॉे हल्स ह।
कह कोरोमंडल ह।
कलका स्ट्रीट, दी क्रसट, अमृतसर स्ट्रीट, ऐसे कतन े ही नाम ह। यहां रहत-े रहते आप भी पूर के पूर Kiwi हो गए ह।
जैस े मुझ े बताया गया ह क कसी भी वषय पर बात शुरू कजए थोड़ी ही दर म बात मौसम पर पहुँच जाती ह!
साथय,
म न्यूज़ीलड क लीडरशप से जब भी मला हू,ं वो आप सभी क बहुत प्रशंसा करते ह। प्रशंसा आपक होती ह, और माथा
मेरा ऊंचा होता ह।
साथय,
आप सभी जानत े ह, क भारत, हज़ार वष पुरानी सभ्यता ह जो आज अपनी प्राचीनता को सहज ते हुए आधुनकता को
स्वीकार कर रहा ह। हर युग म हर दौर म भारत न े खुद को ट्रांसफॉम कया ह और इसका कारण ह, हमारी सीखन े क
ललक।
भारत सबस े सीखता ह हमार लए सामन े वाले दश क जनसंा नह जनकाण क भावना मायने रखती ह और इसलए
हमन े न्यूज़ीलड से भी बहुत कुछ सीखा ह और अब भी सीख रह ह।न्यूज़ीलड, ुनया का वो दश ह जसने सबस े पहले महलाओ ंको वोटग का राइट दया था। आज हम दखत े ह क न्यूज़ीलड
क सोसायटी म वीमेन, बहुत बड़ पैमान े म कंट्रीूट कर रही ह। भारत भी आज Women Led Development के मंत्र के
साथ महलाओ ंके लए संभावनाओ ंके नए ार खोल रहा ह।
साथय,
रूरल इकॉनॉमी, कैसे कसी दश क तकदीर बदल सकती ह य े न्यूज़ीलड न े करके दखाया ह। न्यूज़ीलड क ताकत,
एग्रीकल्चर के इद-गद बनाया गया एक एफशयंट इकोसस्टम ह। ट्रसेबलटी हो, फूड सेफ्टी हो, कंायंस सस्टम हो ये
बहुत बड़ी प्रेरणा ह। ये भारत जैसे, छोट कसान वाल े बड़ एग्रीकल्चर नेशन के लए बहुत बड़ी सीख ह।
न्यूज़ीलड ने ज़ेी मॉडल स े दखाया ह क छोट कसान भी बाज़ार के एक बड़ ड बन सकते ह। न्यूज़ीलड क ाइमेट-
ाट प्रसजन फामग टॉलॉजी म भी हमार लए सीखन े को बहुत कुछ ह।
साथय,
यहां के मानुका हनी को लड गोल्ड कहा जाता ह। जैस े यहां हनी ट्रडशन और टस्ट के अलावा हल्थ एंड वेलनेस से जुड़ा
ह वैसे ही भारत के आयुवद म भी हनी का बहुत बड़ा महत्व ह। आपको य े जानकर अा लगेगा क भारत म भी हम बी-
कपग को लेकर एक मशन चला रह ह। इसस े भारत म हनी प्रोडक्शन म काफ बढ़ोतरी हुई ह।
और आजकल तो हमालय क ऊंचाइय से जो हनी आता ह, वो गोल्ड ा, डायमंड बनता जा रहा ह। म समझता हू,ं
न्यूजीलड से हम हनी प्रोडक्शन और बढ़ान े के बार म भी बहुत कुछ सीख सकते ह।
साथय,
इस साल इंडया–न्यूजीलड ोटग रलेशन्स के सौ साल पूर हो रह ह। सौ साल पहल े हमारी हॉक टीम न्यूजीलड खेलने
आई थी। उस टर म मेजर ध्यानचंद के शानदार परफॉमस क हर तरफ चचा हुई थी। उनक हॉक ने न्यूजीलड के लोग का
भी दल जीत लया था।
साथय,
कंटट क्रएटस क भाषा म कहू,ं तो ये कोलैब का जमाना ह। न्यूज़ीलड और भारत ोट्स म भी बहुत ही शानदार कोलैब कर
सकते ह। जैस े एक उदाहरण री का ह। मुझ े अभी-अभी बताया गया ह क कुछ दर पहल े ही ऑल ैक ने री के मैच म
शानदार जीत दज क ह। भारत री म न्यूजीलड स े सीखना चाहता ह। भारत भी री म आग े आए, इसके लए हम हम
कोच चाहए, एक्सपट्स चाहए, इसम न्यूज़ीलड इसम हमारी बहुत help कर सकता ह। हाल ही म भुवनेश्वर म “न्यूज़ीलड
री” और “री इंडया” के coaching program को म एक अी शुरुआत मानता हू।ं
साथय,
आज यहा ं आने से पहल,े म यहा ँ न्यूज़ीलड के एक ोट्स स्टाटअप event म गया था। ोट्स टक म हो रह इनोवेशन्स ने
नए ideas न े वाकई मुझ े प्रभावत कया। मुझे वश्वास ह क हम ोट्स टक म साथ मलकर काफ कुछ कर सकत े ह।
भारत और न्यूज़ीलड का ूचर, आपस म जुड़ा हुआ ह। इसका एक उदाहरण, ेस सेक्टर भी ह। भारत का चंद्रयान जब
मून के साउथ पोल पर लड कया, पूरा न्यूजीलड नाच रहा था उस दन। और उस दन हम सबको गव हुआ।
अब आपको म गव क एक और बात बताता हू।ं आपको गव दलान े म इस सक्सेस म न्यूजीलड क टॉलजी का भी
योगदान रहा ह। न्यूजीलड क ेस कंपनी न े कई अवसर पर हमार साथ मलकर काम कया ह। हम इस सहयोग को और
आग े ल े जान े के लए काम कर रह ह।
साथय,ेस सेक्टर ये बतान े के लए काफ ह क भारत और न्यूज़ीलड क इकॉनॉमी, एक-ूसर को कतना कुछ द सकती ह। यही
हमार ट्रड अग्रीमट क भी रट ह। ये ट्रड अग्रीमट वकसत भारत क तरफ हमारी यात्रा को गत दगा। और भारत और
न्यूज़ीलड दोन के बजनेस को नए अवसर दगा।
साथय,
भारत और न्यूज़ीलड के बीच एक और बहुत बड़ी सानता ह। ये समानता, हमार इंडजनेस कल्चर क ह, इंडजनेस कल्चर
को सेलेट करन,े उसको संरक्षण दने क ह। और आज म माओरी समाज को वशेष रूप से याद करना चाहता हू।ं
मने हाका को केवल एक performance के रूप म ही नह दखा। मन े हाका म, एक समाज क आत्मा दखी ह। उसम
साहस ह, आत्मसान ह, अपन े पूवज के प्रत श्रा ह, और पूर समुदाय क सामूहक श का एहसास ह।
साथय,
माओरी संृत म एक बहुत सुंदर शब्द ह- मना-कतांगा। इसका मतलब ह, सान दना, अपनापन दना, और पूर मन से
उसक दखभाल करना। भारत म भी हम कहते ह 'अतथ दवो भवः।'
शब्द अलग ह, परवेश अलग ह, पहनावा अलग ह, भाषाएं अलग ह, लेकन भावना बुल एक ही ह।
ऐसे ही माओरी संृत म परवार के लए एक सुंदर शब्द ह— फानो यान परवार। इसम कई पीढ़याँ होती ह। रे होते
ह। पूरा समुदाय होता ह। भारत भी, परवार को केवल एक सामाजक व्यवस्था नह मानता, हमार लए फैमली, एक
इंस्टीूशन ह।
साथय,
माओरी परपं रा का एक और सुंदर वचार ह— काईा कतांगा। य े हम सखाती ह क हम प्रकृत के मालक नह ह। हम
उसके संरक्षक ह। भारत म भी कहा गया ह— 'माता भूमः पुत्रोऽह ं पृथव्याः।' पृी हमारी माता ह। इसी सोच को आधार
बनाते हुए हम भारत म धरती मा ं के संरक्षण के लए, एक पेड़ मा ं के नाम, प्राकृतक खेती मशन, जैसे अनेक अभयान चला
रह ह।
साथय,
म जानता हू,ं हजार कलोमीटर ूर रहते हुए भी आपके दल के कसी न कसी कोने म, दनभर क प्रक्रया म कह न कह
हुस्तान झलकता ही रहता ह, हुस्तान बसता ही ह। सही ह क नह ह? शरीर यहा ं होगा, मन? और इसीलए, आप भारत
क हर उपल पर भी नज़र रखते ह।
और जब क्रकेट स्टेडयम म बैठकर के दखते ह, तो बहुत सी चीज़ दखन े क छट जाती ह। लेकन घर म टी.वी. पर बैठकर
के जब दखत े ह, तो हर बारीक का पता चलता ह। वैसा ही, आपको भी भारत क हर बारीक का पता चलता ह। और यही
बात हम सबस े खास बनाती ह।
भारतीय दश स े बाहर जस दश म रहते ह, वहा ं उस दश क प्रगत म मदद करते ह, और अपन े दश के वकास क भी
जानकारी रखते ह।
साथय,
हम जतना ार जन्मभूम को करते ह, उतना ही समपण कमभूम को भी करते ह।
साथय,वैश्वक चुनौतय के बीच, आज भारत जस तेजी स े वकास कर रहा ह वो अभूतपूव ह। म आपके सामन े दश क
उपलय का भारत के साम का एक गुलदस्ता प्रस्तुत करुंगा। यह गुलदस्ता म आपके लए लेकर के आया हूँ। और म
पा मानता हूँ इस गुलदस्ते म आपक पसंद का कोई न कोई फूल ज़रूर होगा, जो आपको सुंदर भी लगेगा और गव स े भर
भी दगा।
तो आप तैयार ह? गुलदस्ता पेश करूँ? अब आपको ढँढना ह आपका फूल कहा ँ ह उसम, या तो सार के सार फूल आपके ह।
साथय,
भारत आज ुनया क fastest growing major economy ह। भारत ुनया का सबस े बड़ा Vaccine Producer ह।
भारत Mobile Data Consumption म ुनया के अग्रणी दश म ह। आज भारत ुनया का ूसरा सबस े बड़ा Mobile
Manufacturer ह। आज भारत ुनया का ूसरा सबस े बड़ा Telecom Market ह। आज भारत ुनया का ूसरा सबसे
बड़ा Wheat Producer ह। आज भारत ुनया का सबस े बड़ा Milk Producer ह। आज भारत ुनया का ूसरा सबसे
बड़ा Fish Producer ह।
साथय,
इतना ही नह, आज भारत ुनया का तीसरा सबसे बड़ा Automobile Market ह। आज भारत ुनया का तीसरा सबसे
बड़ा Startup Ecosystem बन चुका ह। भारत बहुत जल्द ुनया का तीसरा सबस े बड़ा Renewable Energy
Producer बनन े जा रहा ह। Solar Energy Capacity म भी भारत ुनया के बड़ दश म शामल हो चुका ह।
साथय,
आज का भारत, ुनया को वकास के नए मॉडल भी द रहा ह। आज भारत ुनया के सबस े बड़ Digital Identity
Platform का सफल संचालन कर रहा ह। आज भारत म UPI के माध्यम से हर महीन े अरब Digital Transactions हो
रह ह। भारत के Digital Public Infrastructure म आज ुनया के दजन दश दलची दखा रह ह। Drone
Technology और Space Economy म भारत नई ऊंचाइय को छ रहा ह।
साथय,
ये उस नए भारत क तस्वीर ह, जो दखाती ह क कैस े भारत न्यूजीलड क तरह क इकॉलॉजी और इकॉनॉमी दोन म बैलस
बनाकर चल रहा ह।
साथय,
भारत क इस ग्रोथ का एक और पहलू भी ह, ये पहल ू हमारी वरासत ह, हमारी ह रटज ह। भारत, जतना महत्व अपनी
इकॉनॉमी और इकॉलॉजी को दता ह, उतना ही फोकस, अपनी ह रटज पर भी करता ह।
साथय,
भारत कैस े काम करता ह, इसका उदाहरण श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के पवत्र स्वरूप ह। जब अफगानस्तान म संकट आया,
तो हम गुरू ग्रंथ साहब के पवत्र स्वरूप को पूर मान के साथ भारत लेकर आए।
साथय,
हमार महान सख गुरुओ ं ने पूरी मानवता को सेवा, साहस, समानता और करुणा का संदश दया ह। ुनया के हर ह े म
गुरुार, सेवा के सटर ह। कोई भूखा आए, उस े भोजन मलता ह। कोई संकट म हो, उसे सहारा मलता ह।इसी माहौल म सख कुनटी के कुछ भाइय और बहन ने हम बताया था क श्री हरमंदर साहब म सेवा के लए FCRA
से जुड़ी कुछ परश ानया ं आ रही ह। हमने उस समा का तुरतं समाधान कया।
साथय,
आप सभी श्री हम कुंड साहब जी के बार म भी जानत े ह। ह। हमालय क ऊंचाइय पर ह। साल का लंबा समय बफ क
चोटय स े घरा रहता ह। वहाँ अगर कोई दशन करन े के लए जाना चाह तो बड़ा कठन माग ह, बहुत कम लोग जा पात े ह।
खास करके हमार सख भाई-बहन वहाँ यात्रा के लए जाते ह।
वहाँ दशन के लए जाने म, खास करके हमार बुज़ुग को, हमार सख भाई-बहन को सहूलयत हो, इसलए सरकार हम कुंड
साहब तक रोपवे भी बनवा रही ह।
साथय,
हमारी ही सरकार ने साहबजाद के शौय और बलदान क अमर ृत म प्रत वष 26 दसंबर को ‘वीर बाल दवस’ मनाना
प्रारभं कया ह। आज यह दवस पूर दश के लए, प्रेरणा का पव बन चुका ह। आज केरलम स े लेकर असम तक का बा
भी चारो साहबजाद और माता गुजरी के बलदान के बार म जानन े लगा ह।
‘वीर बाल दवस’ ने भारत के अनगनत ब के मन म युवाओ ंके हृदय म अटट साहस का संचार कया ह।
साथय,
म आपसे पवत्र जोड़ साहब क भी बात करूं गा। मेरी सरकार म मेर एक साथी ह, श्रीमान हरदीप पुरी जी। पुरी परवार के
पूवज श्री गुरु गोबद सह जी के सेवादार थे। हरदीप पुरी जी ने मुझे यह बताया था क उनके परवार ने श्री गुरु गोबद सह
जी और माता साहब कौर जी के “जोड़ साहब” 300 साल स े संजो के रख े ह।
बंटवार के समय पुरी साहब के पूवज इ सुरक्षत दी ले आए थे। पवत्र “जोड़ साहब” को उनका परवार सख संगत को
सपना चाहता था जससे क ादा से ादा लोग इनके दशन कर सक।
फर हमन े एक समत बनाई, जो सख परपं राओ ंको जानते ह, जानकार क हमन े advice ली और हमन े नणय लया क
इन पवत्र जोड़ साहब को वहा ं ले जाया जाए जहा ं श्री गुरु गोवद सह जी के चरण पहली बार पावन भूम पर आए, जहां
उनका जन्म हुआ, यानी हमार श्री पटना साहब।
मुझे बहुत खुशी ह क अब यह पवत्र जोड़ साहब पटना साहब क पावन भूम पर ह और यह मेरा सौभाग्य ह क उस पवत्र
अवसर का मुझ े साक्षी बनन े का, वहां मौजूद रहने का सौभाग्य मला था। म आपसे भी आग्रह करूं गा क जब भी भारत जाएं,
पटना साहब म उनके दशन जरूर कर।
साथय,
आज म यहां स े बहुत सारा वश्वास, बहुत सारा ार, और बहुत सारी ृतयां लेकर जा रहा हू।ं और म आपसे य े भी कहूगं ा,
इस बार भारतीय पीएम को न्यूज़ीलड आन े म 40 साल लगे ह, लेकन अब इतना लंबा इंतज़ार आपको नह करना पड़गा।
अब 40 साल नह लगगे, ये मोदी क गारटं ी ह।
और मोदी क गारटं ी मतलब, गारटं ी पूरा होने क गारटं ी।
साथय,
म आपसे एक आग्रह भी करना चाहता हू।ं हमने कुछ समय पहल,े हमारी इंडयन डायोरा के ब के लए एक नया प्रयोग
कया ह। हमार बे भारत को समझ और भारत क ववधता क बात ुनया तक पहुँचे, इसके लए हमन े भारत को जानोज क शुरुआत क ह। अभी इसका कटन रज र ही हुआ ह, और हमार साथय न े इसम ही जस एनज स े पाटसपेट
कया ह, म वही दखकर बहुत प्रभावत हू।ं
अब हम इस इवट के सक्स्थ एडशन को और हाईटक बना रह ह। बहुत सार इवट्स इस बार ऐप के माध्यम स े होने वाले ह।
मेरा आग्रह ह क यहा ँ जतने भी युवा साथी ह, वो इस कायक्रम का हा बन। भारत को जाने और भारत क वरासत को
न्यूजीलड के लोग से जोड़।
साथय,
म एक शानदार ूचर सामने दख रहा हू,ं जसम वकसत भारत क रोशनी भी ह, और न्यूज़ीलड क प्रॉसपैरटी भी ह। इसी
वश्वास के साथ, आप सभी का फर से बहुत-बहुत धन्यवाद।
प्राइम मनस्टर लक्सन और उनक टीम का आभार! न्यूज़ीलड क जनता का धन्यवाद!
एक बार फर मेर साथ बोलए, भारत माता क जय! वंद मातरम्!
थक यू !
क ओरा !
****
MJPS/SS/ST
(रलीज़ आईडी: 2283718) आगंतुक पटल : 419
इस वज्ञ को इन भाषाओ ंम पढ़: Urdu , ही , Gujarati