See Full Document Text
रजिस्ट्री स.ं डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-28112022-240612
xxxGIDHxxx
CG-DL-E-28112022-240612
xxxGIDExxx
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—अनभु ाग 3क
PART II—Section 3A
प्राजधकार स ेप्रकाजित
PUBLISHED BY AUTHORITY
स.ं 3] नई दिल्ली, सोमिार, निम्ब र 28, 2022/ अग्रिायण 7, 1944 [खण्ड. XLV
No. 3] NEW DELHI, MONDAY, NOVEMBER 28, 2022/AGRAHAYANA 7, 1944 [Vol. XLV
जिजध और न्याय मत्रं ालय
(जिधायी जिभाग)
रािभाषा खण्ड
नई दिल्ली, 16 निम् बर, 2022
दि लक्षद्वीप पंचायत रेगुलेिन, 2022 का जिन्िी अनुिाि, राष्ट्रपजत के प्राजधकार से, प्रकाजित दकया िाता ि ै और रािभाषा
अजधजनयम, 1963 (1963 का 19 ) की धारा 5 की उपधारा (1) के खण्ड (ख) के अधीन, यि जिन्िी में उसका प्राजधकृत पाठ समझा
िाएगा :—
MINISTRY OF LAW AND JUSTICE
(LEGISLATIVE DEPARTMENT)
OFFICIAL LANGUAGES WING
New Delhi, the 16th November, 2022
The translation in Hindi of the Lakshadweep Panchayat Regulation, 2022 is hereby published under the
authority of the President and shall be deemed to be authoritative text thereof in Hindi under clause (b) of sub-section
(1) of section 5 of the Official Languages Act, 1963 (19 of 1963):—
7887 GI/2022 (1)2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
गिृ मत्रं ालय
लक्षद्वीप पचं ायत जिजनयम, 2022
(2022 का जिजनयम सखं याकं 5)
भारत गणराज्य के जतित्तरिें िषष म ें राष्ट्रपजत द्वारा प्रखयाजपत।
लक्षद्वीप सघं राज्यक्षत्रे म ेंपचं ायतों के जलए
और उनस े सबं जं धत या उनके
आनषु जं गक जिषयों का उपबधं
करन े के जलए
जिजनयम
राष्ट्रपजत संजिधान के अनुच्छेि 240 द्वारा प्रित्त िजियों (च) “जिला” से प्रिासक द्वारा, इस जिजनयम के
का प्रयोग करते हुए, उनके द्वारा बनाए गए जनम्नजलजखत प्रयोिनों के जलए जिला िोने के जलए लोक
जिजनयम को प्रखयाजपत करती ि:ैं — अजधसूचना द्वारा जिजनर्िषष्ट कोई जिला अजभप्रेत ि ै;
अध्य ाय 1 (छ) “जिला न्यायाधीि” से लक्षद्वीप का जिला
प्रारंजभक न्यायाधीि अजभप्रेत ि ै;
1. सजं क्षप्त नाम, जिस्ट्तार और प्रारंभ—(1) इस जिजनयम (ि) “जिला पंचायत” से धारा 57 के अधीन गरठत
का संजक्षप्त नाम लक्षद्वीप पंचायत जिजनयम, 2022 िै । जिला पंचायत अजभप्रेत ि ै;
(2) इसका जिस्ट्तार संपूणष लक्षद्वीप संघ राज्यक्षेत्र पर ि ै। (झ) “जिला पंचायत जनजध” से धारा 87 के अधीन गरठत
(3) यि उस तारीख को प्रिृत्त िोगा, िो प्रिासक, जनजध अजभप्रेत ि ै;
रािपत्र में अजधसूचना द्वारा, जनयत करे । (ञ) “जनिाषचन आयोग” से धारा 107 की उपधारा (1)
2. पररभाषाएं—इस जिजनयम म,ें िब तक दक संिभष से में जनर्िषष्ट जनिाषचन आयोग अजभप्रते ि ै;
अन्यथा अपेजक्षत न िो,— (ट) “जित्त आयोग” से धारा 108 में जनर्िषष्ट जित्त आयोग
(क) “प्रिासन” से लक्षद्वीप संघ राज्यक्षेत्र प्रिासन अजभप्रेत ि ै;
अजभप्रेत ि ै; (ठ) “साधारण जनिाषचन” से पंचायत की अिजध की
(ख) “प्रिासक” से संजिधान के अनुच्छेि 239 के अधीन समाजि के पश् चात् या अन्यथा, उसके गठन या
भारत के राष्ट्रपजत द्वारा जनयिु लक्षद्वीप संघ पुनगषठन के जलए इस जिजनयम के अधीन कराया
राज्यक्षेत्र का प्रिासक अजभप्रेत ि ै; गया जनिाषचन अजभप्रेत ि ै;
(ग) “भिन” के अंतगषत कोई गृि, उपभिन, अस्ट्तबल, (ड) “ग्राम” से कोई ग्राम अजभप्रेत ि ै;
िौचालय, मूत्रालय, िेड, झोंपडी, िीिार (8 फीट (ढ) “ग्राम जनजध” से धारा 38 में जनर्िषष्ट कोई जनजध
से अनजधक ऊंचाई िाली सीमा िीिार से जभन्न) अजभप्रेत ि ै;
और कोई अन्य ढांचा भी िै, चाि े िि पक् की (ण) “ग्राम पंचायत” से इस जिजनयम के अधीन गरठत
जचनाई, ईंटों, लकडी, धातु या दकसी अन्य सामग्री कोई ग्राम पंचायत अजभप्रेत ि ै;
का िो, ककंतु इसके अंतगषत समारोि या त्यौिार के
(त) “ग्राम सभा” से धारा 3 की उपधारा (2) के अधीन
अिसरों पर पररजनर्मषत अस्ट्थायी ढांचा या तंबू निीं
गरठत कोई ग्राम सभा अजभप्रेत ि ै;
ि ै;
(थ) “अजधसूचना” से रािपत्र म ें प्रकाजित कोई
(घ) “मुखय कायषपालक अजधकारी” से प्रिासक द्वारा
अजधसूचना अजभप्रेत ि ै तथा “अजधसूजचत करना”
मुखय कायषपालक अजधकारी, जिला पंचायत के रूप
पि का तिनुसार अथष लगाया िाएगा ;
में जनयुि कोई अजधकारी अजभप्रेत ि ै;
(ि) “रािपत्र” से लक्षद्वीप का रािपत्र अजभप्रेत ि ै;
(ङ) “पंचायत जनिेिक” से पंचायत राि जिभाग में, उस
(ध) “लोकपाल” से इस जिजनयम के उपबंधों के अधीन
जिभाग के सजचि के प्रत्यक्ष जनयंत्रण और अधीक्षण
प्रिासक द्वारा गरठत जनकाय अजभप्रेत ि ै;
के अधीन कायष करने िाला, पंचायतों का कोई
भारसाधक अजधकारी अजभप्रेत ि ै;[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
(न) “पंचायत क्षेत्र” से धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन (यङ) “धारा” से इस जिजनयम की धारा
गरठत प्रिासक द्वारा घोजषत दकसी ग्राम पंचायत अजभप्रेत ि ै;
का प्रािेजिक क्षेत्र अजभप्रेत ि ै; (यच) “राज्य जनिाषचन आयोग” से संघ
(प) “पंचायत सजचि” से धारा 27 की उपधारा (1) के राज्यक्षेत्र का जनिाषचन आयोग अजभप्रेत ि ै;
अधीन जनयुि कोई पंचायत सजचि अजभप्रेत ि ै; (यछ) “कर” से इस जिजनयम के अधीन कोई
(फ) “िनसंखया” से अजं तम जपछली िनगणना, जिसके कर, उपकर, अन्य उि्ग्रणीय कर की िर अजभप्रेत िै,
सुसंगत आंकडे प्रकाजित िो चुके िैं, पर यथा ककंतु इसके अंतगषत फीस निीं ि ै;
अजभजनजश् चत िनसंखया अजभप्रेत ि ै; (यि) “संघ राज्यक्षेत्र” से लक्षद्वीप संघ
(ब) “जिजित” स े इस जिजनयम के अधीन बनाए गए राज्यक्षेत्र अजभप्रेत ि ै;
जनयमों द्वारा जिजित अजभप्रेत ि ै; (यझ) “उपसरपंच” से दकसी ग्राम पंचायत का
(भ) “जिजित प्राजधकारी” से इस जिजनयम के उपबंधों को उपसरपंच अजभप्रेत िै ;
कायाषजन्ित करने के जलए प्रिासक द्वारा जनयुि (यञ) “ग्राम” से प्रिासक द्वारा, इस जिजनयम
व्यजि अजभप्रेत ि ै; के प्रयोिन के जलए, गांि िोने के जलए लोक
(म) “अध्यक्ष” और “उपाध्यक्ष” से जिला पंचायत का अजधसूचना द्वारा जिजनर्िषष्ट कोई गांि अजभप्रेत िै
क्रमि: अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अजभप्रेत ि ै; और इसके अंतगषत गांिों का समूि सजम्मजलत ि ै;
(य) “सािषिजनक सडक” से ऐसा पथ्या, सडक, पथ, (यट) “िाडष” स ेदकसी जिले के िाडष से संबंजधत
चौक, प्रांगण, गली, काटष रैक, पैिल मागष या सिारी जनिाषचक नामािजलयों में रजिस्ट्रीकृत व्यजियों से
रास्ट्ता अजभप्रेत ि,ै जिस पर िनता को चलने का जमलकर बना कोई जनकाय अजभप्रेत ि ै।
अजधकार िोता ि,ै चाि ेिि साििषजनक मागष िो या अध्य ाय 2
निीं और इसके अंतगषत जनम्नजलजखत भी ि—ै ग्राम सभा
(i) दकसी सािषिजनक पुल या सेतु मागष के ऊपर 3. पचं ायत क्षत्रे की घोषणा और ग्राम सभा का गठन—
सडक मागष ; (1) प्रिासक, ऐसी िांच करने के पश् चात्, िो िि आिश्यक
(ii) कोई ऐसी सडक, सािषिजनक पुल या सेतु मागष समझ,े अजधसूचना द्वारा, दकसी गांि या गांिों के दकसी समूि
से संलग्न पैिल मागष ; या उसके दकसी भाग या दकन्िीं भागों अथिा उनमें से कोई िो
(iii) ऐसे दकसी मागष, सडक, साििषजनक पुल या सेतु या अजधक के संयोिन से जमलकर बनने िाले दकसी स्ट्थानीय
मागष से संलग्न नाजलयां ; और क्षेत्र को, इस जिजनयम के प्रयोिनों के जलए पंचायत क्षेत्र घोजषत
करेगा और उसका मुखयालय भी जिजनर्िषष्ट करेगा ।
(iv) ऐसी भूजम, िो सडक के दकसी ओर,--
(2) प्रिासक, अजधसूचना द्वारा, प्रत्येक पंचायत क्षेत्र के
(क) पार्श्षस्ट्थ संपजत्त की सीमाओं तक जस्ट्थत िै;
जलए नाम द्वारा एक ग्राम सभा का गठन करेगा ।
या
(3) प्रत्येक ग्राम सभा, इस धारा की उपधारा (2) के
(ख) मुखय कायषपालक अजधकारी द्वारा इस
अधीन, अजधसूजचत नाम से िाश् ित उत्तराजधकार और सामान्य
संबंध में सम्यक् रूप से अजधसूजचत मागष के
मुद्रा िाली एक जनगजमत जनकाय िोगी और उसे ऐसे जनबंधनों
अजधकार तक जस्ट्थत िै ;
और ितों के अधीन रिते हुए, िो इस जिजनयम द्वारा या उसके
(यक) “जिजनयम” से लक्षद्वीप पंचायत
अधीन अजधरोजपत की िाएं, िंगम और स्ट्थािर िोनों प्रकार की
जिजनयम, 2022 अजभप्रेत ि ै;
संपजत्त का अिषन, धारण, प्रबंध और अंतरण करने की तथा
(यख) “सरपंच” से दकसी ग्राम पंचायत का
संजििा करने की िजि िोगी और िि उि नाम से िाि लाएगी
सरपंच अजभप्रेत ि ै;
या उस पर िाि लाया िाएगा :
(यग) “अनुसूची” से इस जिजनयम से उपाबद्ध
परंतु इस जिजनयम में अजभव्यि रूप से अन्यथा उपबंजधत
अनुसूची अजभप्रेत ि ै;
के जसिाय, ग्राम सभा की िजियों और कतषव्यों का, धारा 12
(यघ) “सजचि पंचायत” से लक्षद्वीप संघ की उपधारा (1) के अधीन गरठत ग्राम पंचायत द्वारा प्रयोग
राज्यक्षेत्र में पंचायती राि जिभाग का भारसाधक दकया िाएगा, उसका अनुपालन और जनिषिन दकया िाएगा ।
सजचि अजभप्रेत ि ै;
4. ग्राम सभा की संरचना और ग्राम सभा का सिस्ट्य बनन े
की जनरितष ा— (1) कोई ग्राम सभा, ऐसे व्यजियों से जमलकर4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
बनेगी, िो ग्राम, या दकसी गांि या गांिों के समूि, से संबंजधत ग्राम सभा अजस्ट्तत्ििीन िो िाएगी और उसकी आजस्ट्तयों और
जनिाषचक नामािजलयों में रजिस्ट्रीकृत ि ै। िाजयत्िों का जिजित रीजत में व्ययन कर दिया िाएगा और यदि
(2) कोई व्यजि, ग्राम सभा का सिस्ट्य िोने के जलए ऐसे क्षेत्र के दकसी भाग को दकसी ग्राम सभा से अपिर्िषत कर
जनरर्ितष िोगा, यदि िि,-- दिया िाता ि ैतो ग्राम सभा की अजधकाररता उस भाग तक कम
िो िाएगी ।
(क) अठारि िषष से कम आयु का िै ;
7. ग्राम सभा की सिस्ट्यता की समाजि— (1) ग्राम सभा
(ख) भारत का नागररक निीं ि ै;
का कोई सिस्ट्य, सिस्ट्य निीं रिेगा, यदि—
(ग) जिकृत्त जचत का ि ै और सक्षम न्यायालय द्वारा
(क) िि धारा 4 के अधीन जनरर्ितष िो िाता ि ै; या
ऐसा घोजषत दकया गया ि ै; और
(ख) ऐसा क्षेत्र, ििां िि जनिास करता िै, ग्राम सभा की
(घ) उस गांि के भीतर साधारण तौर से जनिासी निीं
अजधकाररता से अपिर्िषत कर दिया गया ि ै; या
ि,ै जिसके जलए ग्राम सभा गरठत की गई ि ै।
(ग) िि ग्राम सभा की अजधकाररता के भीतर
स्ट्पष्टीकरण—इस उपधारा के प्रयोिनों के जलए यि स्ट्पष्ट
साधारणतया जनिासी निीं रिा ि ै।
दकया िाता ि ै दक दकसी व्यजि को दकसी गांि का साधारण
तौर से जनिासी समझा िाएगा, यदि िि ऐसे गांि में साधारण (2) ििां कोई व्यजि, उपधारा (1) के अधीन दकसी ग्राम
तौर से जनिास कर रिा ि ै या ििां उसके कब्िे में अजधभोग के सभा का सिस्ट्य निीं रिता िै, ििां िि दकसी ऐसे पि को
जलए जनिास गृि ि ै। धारण करने से प्रजिरत िो िाएगा, जिसके जलए िि उसके
सिस्ट्य िोने के कारण जनिाषजचत या जनयुि दकया गया ि ै।
5. ग्राम सभा के सिस्ट्यों की जनिाचष क नामािली— (1)
जिजित प्राजधकारी, ऐसी रीजत में, िो जिजित की िाए, 8. ग्राम सभा के अजधििे न—(1) प्रत्येक ग्राम सभा,
जनिाषचन आयोग के अधीक्षण, जनिेिन और जनयंत्रण के अधीन प्रत्येक जित्तीय िषष में कम से कम चार साधारण अजधिेिन
रिते हुए एक जनिाषचक नामािली तैयार करिाएगा । करेगी और यि सरपंच का िाजयत्ि िोगा दक िि ऐसे अजधिेिन
को बुलाए :
(2) उपधारा (1) में जनर्िषष्ट जनिाचष क नामािली में धारा
4 के अधीन ग्राम सभा का सिस्ट्य िोने के जलए िकिार सभी परंतु सरपंच, ग्राम सभा के सिस्ट्यों की कुल संखया के कम
व्यजियों के नाम अंतर्िषष्ट िोंगे और ऐसी जनिाषचक नामािली, से कम एक बटा िस सिस्ट्यों द्वारा जलजखत रूप में की गई
ऐसी रीजत में, िो जिजित की िाए, जित्तीय िषष में कम से कम अध्यपेक्षा के आधार पर, ऐसी अध्यपेक्षा की प्राजि की तारीख से
एक बार पुनरीजक्षत की िाएगी । तीस दिन के भीतर, ग्राम सभा का असाधारण अजधिेिन
बुलाएगा :
6. ग्राम सभा के क्षत्रे म ें पररितनष — (1) प्रिासक, दकसी
भी समय, ऐसी िांच करने के पश् चात्, िो िि आिश्यक समझे, परंतु यि और दक ििां सरपंच, इस उपधारा के अधीन
अजधसूचना द्वारा,-- अजधिेिन बुलाने में असफल रिता िै, ििां ऐसा प्राजधकारी, िो
जिजित दकया िाए, तीन दिन की अिजध के भीतर ऐसा
(क) दकसी ग्राम में दकसी क्षेत्र को सजम्मजलत कर सकेगा ;
अजधिेिन बुलाएगा ।
(ख) दकसी ग्राम से दकसी क्षेत्र को अपिर्िषत कर सकेगा ;
(2) सरपंच या उसकी अनुपजस्ट्थजत में उपसरपंच या िोनों
(ग) यि घोजषत कर सकेगा दक कोई स्ट्थानीय क्षेत्र ग्राम
की अनुपजस्ट्थजत में ग्राम सभा द्वारा चुना गया कोई व्यजि ऐसे
निीं रिा ि ै;
अजधिेिनों की अध्यक्षता करेगा ।
(घ) दकसी ग्राम सभा के मुखयालय को पररिर्तषत कर
(3) ग्राम सभा के दकसी भी साधारण अजधिेिन के जलए
सकेगा ; या
उसके सिस्ट्यों की कुल संखया के एक बटा िस सिस्ट्यों से
(ङ) दकसी ग्राम सभा का नाम पररिर्तषत कर सकेगा ।
गणपूर्तष िोगी और उपजस्ट्थत तथा मत िेने िाले सिस्ट्यों के
(2) ििां, उपधारा (1) के अधीन अजधसूचना द्वारा, दकसी बहुमत द्वारा जिजनश् चय दकए िाएंगे ।
क्षेत्र को दकसी ग्राम में सजम्मजलत दकया िाता िै, ििां ऐसा क्षेत्र
(4) अजधिेिनों के समय और स्ट्थान की सूचना जिजित
उसके द्वारा, इस जिजनयम और ग्राम सभा की अजधकाररता के
रीजत से िी िाएगी ।
भीतर के क्षेत्र में तत्समय प्रिृत्त दकसी अन्य जिजध के अधीन
(5) अजधिेिन के जलए न्यूनतम गणपूर्तष कुल सिस्ट्यों की
सभी अजधसूचनाओं, जनयमों, उपजिजधयों और दकए गए आिेिों
िस प्रजतित िोनी चाजिए, जिसमें से तीस प्रजतित मजिलाएं
के अधीन िो िाएगा ।
िोंगी।
(3) ििां, उपधारा (1) के अधीन अजधसूचना द्वारा, दकसी
ग्राम सभा का संपूणष क्षेत्र कोई ग्राम सभा निीं रि िाता िै, ििां[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 5
9. साधारण अजधििे न म ें कारबार का सव्यं ििार —(1) (क) सामान्य स्ट्थायी सजमजत ;
सरपंच, ग्राम सभा के समक्ष उसके अनुमोिन के जलए (ख) ग्राम स्ट्िास्ट्थ्य स्ट्िच्छता और पोषण सजमजत ;
जनम्नजलजखत जिषय रखेगा, अथाषत् :--
(ग) योिना और जिकास सजमजत ;
(क) लेखाओं का िार्षषक जििरण ;
(घ) जिक्षा सजमजत (जिद्यालय प्रबंधन सजमजत) ;
(ख) प्राक् कजलत बिट ;
(ङ) सामाजिक न्याय स्ट्थायी सजमजत ; और
(ग) चालू जित्तीय िषष के जलए प्रस्ट्ताजित कायष के
(च) िल आपूर्तष, िल और पयाषिरण संरक्षण
जिकासात्मक और अन्य कायषक्रम ;
सजमजत ।
(घ) नए कराधान और िर्धषत कराधान के प्रस्ट्ताि ;
(2) उपधारा (1) में जनर्िषष्ट पयषिेक्षी सजमजतयां, ग्राम
(ङ) पूिषिती जित्तीय िषष की प्रिासन की ररपोटष ; पंचायत को अपनी ररपोटष प्रस्ट्तुत करेगी और अपनी ररपोटष की
और एक प्रजत ग्राम सभा के अजधिेिन में भी िेंगी ।
(च) अंजतम संपरीक्षा के रटप्पण और उनके उत्तर । (3) सरपंच और िाडष सिस्ट्यों के अजतररि, अन्य जििेषज्ञ
(2) ग्राम सभा, जनम् नजलजखत जिषयों पर जिचार करेगी सरकारी और गैर-सरकारी सिस्ट्यों को जििेष आमंजत्रजतयों के
और ग्राम पंचायत को जसफाररिें और सुझाि िेगी, अथाषत् :-- रूप में सजम्मजलत दकया िाएगा ।
(क) पूिषिती जित्तीय िषष की िार्षषक प्रिासजनक अध्य ाय 3
ररपोटष ; ग्राम पंचायत और जनिाचष न
(ख) ग्राम पंचायत की स्ट्कीमों की योिना बनाना, 12. ग्राम पचं ायतों का गठन—(1) प्रत्येक ग्राम सभा,
उनका अधीक्षण, समन्ियन और मानीटरी ; अपने गठन के पश् चात् यथािीघ्र, प्रत्यक्ष जनिाषचन द्वारा ग्राम
(ग) पंचायत िोध्यों की िसूली ; पंचायत नामक एक कायषकारी सजमजत और सरपंच के रूप में
ज्ञात उस सजमजत के अध्यक्ष का जनिाषचन करेगी ।
(घ) अंजतम संपरीक्षा ररपोटष और उनके दिए गए
उत्तर; और (2) दकसी ग्राम पंचायत में, िाडष के उतने स्ट्थान, जिसमें
िाडष के ऐसे स्ट्थानों में से भरे िाने िाला सरपंच सजम्मजलत िै,
(ङ) दकसी कायषक्रम में सजम्मजलत दकसी जिजनर्िषष्ट
िोंग,े जितने प्रिासक, अजधसूचना द्वारा, अिधाररत करे ।
कायष के जलए स्ट्थानीय लोगों की सामुिाजयक सेिा,
स्ट्िैजच्छक श्रम या गजतिीलता संिररत करने के जलए (3) दकसी ग्राम सभा के प्रािेजिक क्षेत्र की िनसंखया और
प्रस्ट्ताि : जनिाषचन द्वारा भरे िाने िाले उस पंचायत के स्ट्थानों की संखया
का अनुपात, संपूणष संघ राज्यक्षेत्र में एक समान िोगा ।
परंतु ग्राम सभा की जसफाररिों पर यथासाध्य ग्राम
पंचायत द्वारा कारषिाई की िाएगी । (4) प्रत्येक िाडष के जलए क्षेत्रीय सीमा जनिाषचन आयोग
की जसफाररि पर प्रिासक द्वारा अजधसूजचत की िाएगी ।
10. ग्राम सभा के कृत्य — ग्राम सभा जनम् नजलजखत कृत्य
(5) प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र को, जनिाषचन आयोग द्वारा
करेगी, अथाषत् :--
ऐसी रीजत से प्रािजे िक जनिाषचन क्षेत्रों में जिभाजित दकया
(i) प्रिासन के जिजभन्न कायषक्रमों के अधीन लाभार्थषयों
िाएगा, जिससे संपूणष ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रत्येक जनिाषचन
और स्ट्थलों की पिचान ;
क्षेत्र की िनसंखया और उसको आबंरटत स्ट्थानों की संखया के
(ii) ग्राम पंचायत द्वारा दकए िाने िाले कायष की
मध्य अनुपात यथासाध्य एक समान िो िाए ।
प्राथजमकताओं का अिधारण ;
(6) प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनुसूजचत िनिाजतयों के
(iii) ग्राम पंचायत द्वारा अनुिान सिायता या ग्राम
जलए स्ट्थान आरजक्षत रिगें े और इस प्रकार आरजक्षत स्ट्थानों की
पंचायत जनजधयों से दकए गए जिकास कायष के संबंध में
संखया का अनुपात, उस ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रत्यक्ष जनिाषचन
उपयोजगता प्रमाणपत्र िारी करना ; और
द्वारा भरे िाने िाले स्ट्थानों की कुल संखया से यथािक्य ििी
(iv) कोई अन्य कृत्य, िो उसे प्रिासक द्वारा समय-समय
िोगा, िो उस ग्राम पंचायत क्षेत्र में अनुसूजचत िनिाजतयों की
पर सौंपे िाएं ।
िनसंखया का अनुपात उस क्षेत्र की कुल िनसंखया से ि ैऔर ऐसे
11. ग्राम सभा की पयिष क्षे ी सजमजतयां—(1) ग्राम सभा, स्ट्थान जनिाषचन आयोग द्वारा दकसी ग्राम पंचायत में जभन्न-जभन्न
जनम्नजलजखत पयषिेक्षी सजमजतयों का, ऐसी रीजत में, िो ग्राम जनिाषचन क्षेत्रों के जलए चक्रानुक्रम से ऐसी रीजत में आबंरटत
पंचायत के कायष और ग्राम में अन्य दक्रयाकलापों के पयषिेक्षण के दकए िाएंगे, िो जिजित की िाए :
जलए जिजित दकए िाएं, गठन करेगी, अथाषत् :—6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
परंतु ऐसा आरक्षण तब आिश्यक निीं िोगा, यदि दकसी की तारीख से चौिि दिन की अिजध के भीतर िोनों में से एक
ग्राम पंचायत म ेंअनुसजू चत िनिाजतयों की कुल िनसंखया, एक पि का त्याग कर िेगा, जिसके असफल िोने पर ग्राम पंचायत
स्ट्थान भरे िाने के जलए अपेजक्षत आनुपाजतक िनसंखया के आधे में उसका स्ट्थान खाली िो िाएगा ।
से कम ि ै। (2) ऐसे त्यागपत्र के पररणामस्ट्िरूप हुई ररजि, उस
(7) उपधारा (6) के अधीन आरजक्षत स्ट्थानों की कुल प्रयोिन के जलए उपजनिाषचन के आधार पर भरी िाएगी ।
संखया के कम से कम आधे अनुसूजचत िनिाजतयों की जस्ट् त्रयों के 14. ग्राम पचं ायत का सिस्ट्य रिन ेके जलए जनरितष ा—(1)
जलए आरजक्षत रिगें े । कोई व्यजि, दकसी ग्राम पंचायत का सिस्ट्य निीं िोगा या उस
(8) प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्यक्ष जनिाषचन द्वारा भरे रूप में निीं रिगे ा, यदि,--
िाने िाले स्ट्थानों की कुल संखया के कम से कम आधे (जिसके (क) उसने इक् कीस िषष की आयु पूरी निीं की ि ै;
अंतगषत अनुसूजचत िनिाजतयों की जस्ट् त्रयों के जलए आरजक्षत
(ख) िि भारत का नागररक निीं िै ;
स्ट्थानों की संखया भी ि)ै जस्ट् त्रयों के जलए आरजक्षत रिेंगे और ऐसे
(ग) उसे, चाि े इस जिजनयम के प्रारंभ िोने के पूिष
स्ट्थान जनिाषचन आयोग द्वारा दकसी ग्राम पंचायत के जभन्न-जभन्न
या इसके पश् चात्,—
जनिाषचन क्षेत्रों के जलए चक्रानुक्रम से ऐसी रीजत में आबंरटत
(i) जसजिल अजधकार संरक्षण अजधजनयम,
दकए िाएंगे, िो जिजित की िाए ।
1955 (1955 का 22) के अधीन दकसी अपराध के
(9) उपधारा (7) और उपधारा (8) के अधीन आरजक्षत
जलए जसद्धिोष दकया गया ि ै और उसकी िोषजसजद्ध
दकए िाने िाले स्ट्थानों की संखया प्रिासक द्वारा, रािपत्र में
को पांच िषष की अिजध, या ऐसी कम अिजध, िो
प्रकाजित आिेि द्वारा अिधाररत की िाएगी ।
प्रिासक दकसी जिजिष्ट मामले में अिधाररत करे,
(10) प्रिासक,--
व्यपगत िो चुकी ि ै;
(क) ग्राम पंचायतों में अनुसूजचत िनिाजतयों के
(ii) दकसी अन्य अपराध के जलए जसद्धिोष और
जलए सरपंच के पिों की संखया आरजक्षत करेगा, जिसका
छि माि से अन्यून के कारािास से िंजडत दकया
अनुपात ग्राम पंचायतों में ऐसे पिों की कुल संखया से
गया िै और उसकी उन्मुजि के पश् चात् पांच िषष की
यथािक्य ििी िोगा, िो संघ राज्यक्षेत्र के ऐसे क्षेत्र में,
अिजध, या ऐसी कम अिजध, िो प्रिासक दकसी
जिसमें यि जिजनयम जिस्ट्ताररत िै, अनुसूजचत
जिजिष्ट मामले में अिधाररत करे, व्यपगत िो चुकी
िनिाजतयों की िनसंखया का अनपु ात उस क्षेत्र की कुल
ि ै;
िनसंखया से ि ै;
(घ) उसे दकसी सक्षम न्यायालय द्वारा जिकृत्तजचत
(ख) ग्राम पंचायतों म ें सरपंचों के पिों की कुल
का न्यायजनणीत दकया गया ि ै;
संखया के कम से कम आधे पि जस्ट् त्रयों के जलए आरजक्षत
(ङ) उसे दििाजलया के रूप में अजधजनणीत दकया
करेगा :
गया ि ै;
परंतु इस उपधारा के अधीन आरजक्षत पि, जनिाषचन
(च) उसे इस जिजनयम के दकसी उपबंध के अधीन
आयोग द्वारा जभन्न-जभन्न ग्राम पचं ायतों के जलए चक्रानुक्रम से
दकसी ग्राम पंचायत में उसके द्वारा धाररत दकसी पि स े
ऐसी रीजत में आबंरटत दकए िाएंगे, िो जिजित की िाए ।
या इस जिजनयम के प्रारंभ से पूिष दकसी ग्राम पंचायत से
13. मतिान करन े और जनिाजष चत िोन े के जलए अर्ितष
िटा दिया गया िो और ऐसे िटाए िाने की तारीख स े
व्यजि—(1) ग्राम सभा का प्रत्येक सिस्ट्य, िब तक इस
पांच िषों की समयािजध व्यपगत निीं हुई िै, िब तक
जिजनयम के अधीन या तत्समय प्रिृत्त दकसी अन्य जिजध के
दक उसे, रािपत्र में अजधसूजचत प्रिासक के दकसी आिेि
अधीन जनरर्ितष निीं कर दिया िाता ि,ै--
के द्वारा, पि के ऐसे िटाए िाने के कारण उत्पन्न हुई
(क) ग्राम पंचायत के दकसी जनिाषचन में या ग्राम जनरितष ा से उन्मुि निीं कर दिया िाता ि ै;
सभा में दकसी अजधिेिन में मत िेने के जलए अर्ितष
(छ) िि इस जिजनयम के दकसी उपबंध के अधीन
िोगा;
पि धारण करने से जनरर्ितष िो गया ि ैऔर ऐसी अिजध,
(ख) ग्राम पंचायत के सिस्ट्य के रूप में या इसके जिसके जलए िि इस प्रकार जनरर्ितष हुआ िै, व्यपगत
सरपंच के रूप में या िोनों के रूप में, स्ट्थानों को भरने निीं हुई ि ै;
िते ु जनिाषजचत िोने के जलए अर्ितष िोगा :
(ि) िि दकसी पंचायत के िान या अजधकार में कोई
परंतु यदि कोई व्यजि, सिस्ट्य और सरपंच िोनों पि पर िैतजनक पि या लाभ का पि, इस प्रकार जिजित पि या
जनिाषजचत िो िाता ि ै तो िि रािपत्र में पररणाम के प्रकािन स्ट्थान से जभन्न, धाररत करता िै ;[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 7
(झ) उसका, पंचायत के आिेि से दकए गए दकसी स्ट्पष्टीकरण—िंकाओं के जनिारण के जलए यि स्ट्पष्ट दकया
कायष में, या पंचायत के अधीन या उसके साथ जनयोिन िाता ि ैदक,—
या उसके द्वारा या उसकी ओर से, या उसके साथ दकसी (i) कोई व्यजि जनरर्ितष निीं समझा िाएगा, यदि
संजििा में, प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत:, कोई जिस्ट्सा या जित अभ्यर्थषयों के नामांकन के जलए जिजित दिन से पूिष, उसने खंड
ि ै। (ट) में जनर्िषष्ट रकम या बकाया का भुगतान कर दिया ि ै;
स्ट्पष्टीकरण—िंकाओं के जनिारण के जलए यि स्ट्पष्ट दकया (ii) दकसी हििं ू अजिभि कुटुंब के दकसी सिस्ट्य द्वारा या
िाता ि ै दक कोई व्यजि दकसी पंचायत की सिस्ट्यता से केिल दकसी समूि या इकाई से संबंजधत दकसी व्यजि द्वारा, जिसके
इस कारण से िी जनरर्ितष निीं िोगा दक,— सिस्ट्य संपिा या जनिास में रीजत-ररिाि द्वारा संयुि ि,ैं
(i) ऐसे व्यजि का ऐसी दकसी संयिु स्ट्टॉक कंपनी में िेयर पंचायत को खंड (ट) में जनर्िषष्ट रकम या बकाया के भुगतान म ें
ि ै या तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन रजिस्ट्रीकृत ऐसी असफलता से, यथाजस्ट्थजत, ऐसे हििं ू अजिभि कुटुंब के सभी
दकसी सोसाइटी में कोई िेयर या जित िै, िो दकसी पंचायत के सिस्ट्यों या ऐसे समूि या इकाई के सभी सिस्ट्यों को जनरर्ितष
साथ संजििा करेगी या उसके द्वारा या उसकी ओर से जनयोजित समझा िाएगा ।
िोगी ; (ठ) िि सरकार या दकसी स्ट्थानीय जनकाय का सेिक ि ै;
(ii) ऐसे व्यजि का दकसी ऐसे समाचारपत्र में कोई िेयर (ड) उसने स्ट्िेच्छा से दकसी जििेिी राज्य की नागररकता
या जित ि,ै जिसमें दकसी पंचायत के कायों से संबंजधत जिज्ञापन अर्िषत कर ली िै या िि दकसी जििेिी राज्य की रािभजि या
जनकाल सकते ि ैं; जनष्ठा की दकसी अजभस्ट्िीकृजत के अधीन ि ै;
(iii) ऐसा व्यजि, दकसी पंचायत द्वारा या उसकी ओर से (ढ) उसके साधारण तौर पर जनिास िाले स्ट्थान पर िल
उठाए गए ऋण में कोई जडबेंचर धाररत करता िै या उससे िौचालय या िौचालय सुजिधा निीं ि ै:
अन्यथा संबंजधत ि ै;
परंतु आसीन सिस्ट्य को जनरितष ा उपगत हुई समझी
(iv) ऐसा व्यजि, दकसी पंचायत की ओर से जिजध िाएगी, यदि िि, इस जिजनयम के प्रारंभ की तारीख से छि
व्यिसायी के रूप में िृजत्तक रूप से संबद्ध ि ै; मास के भीतर, उस ग्राम पंचायत के, जिसकी अजधकाररता म ें
(v) ऐसा व्यजि, अचल संपजत्त के दकसी पट्टे में, जिसम ें उसका साधारण तौर पर जनिास स्ट्थान अिजस्ट्थत िै, पंचायत
ग्राम पंचायत की ििा में ग्राम पंचायत द्वारा या अपने स्ट्ियं की सजचि द्वारा िारी इस आिय का प्रमाणपत्र दक उसके साधारण
ििा में जिला पंचायत द्वारा दकराए की राजि अनुमोदित की तौर पर जनिास स्ट्थान पर िल िौचालय या िौचालय सुजिधा
गई ि ै या अचल संपजत्त के दकसी जिक्रय या क्रय में या ऐसे पट्टे, उपलब्ध िै, मुखय कायषकारी अजधकारी को प्रस्ट्तुत निीं करता
जिक्रय या क्रय के दकसी करार में, कोई िेयर या जित रखता ि ै; ि।ै
(vi) ऐसा व्यजि, दकसी पंचायत को दकसी िस्ट्तु के, (ण) िि इस जिजनयम के दकसी अन्य उपबंध के अधीन
जिसमें िि जनयजमत रूप से व्यापार करता िै, यिा-किा दकए जनरर्ितष ि,ै और िि अिजध, जिसके जलए िि जनरर्ितष िै,
िाने िाले जिक्रय में, या दकसी पंचायत से दकसी िस्ट्तु के क्रय व्यपगत निीं हुई ि ै;
में, कोई िेयर या जित रखता ि ैजिसका मूल्य, दकसी भी मामले (त) उसके िो से अजधक बच् चे ि ैं:
में, दकसी िषष में एक ििार रुपए से अनजधक ि ै; या
परंतु यदि दकसी व्यजि के इस जिजनयम के प्रारंभ की
(vii) ऐसा व्यजि, पंचायत की ओर से या उसके द्वारा या तारीख को िो से अजधक बच्चे िैं, तो िि इस खंड के जलए तब
उसके अधीन या उसके साथ जनयोजित दकसी व्यजि का मात्र तक जनरर्ितष निीं िोगा, िब तक उसके बच्चों की संखया, िो
ररश्तेिार ि ै; ऐसे प्रारंभ की तारीख को उसके थे, निीं बढ़ती ि ै:
(ञ) उसका, दकसी पंचायत के दकसी अजधकारी या सेिक परंतु यि और दक ऐसे प्रारंभ की तारीख से एक िषष की
से उधार जलए गए या उसे अजग्रम दिए गए ऋण के दकसी अिजध के भीतर एकल प्रसि में िन्मा एक बच्चा या एक से
संव्यििार में, प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत:, कोई जिस्ट्सा या जित ि ै; अजधक बच्चों को, इस खंड के अधीन जनरितष ा के प्रयोिन के जलए
(ट) िि, उसके द्वारा पंचायत या दकसी पंचायत अधीनस्ट्थ जिचार में निीं जलया िाएगा ।
को िेय दकसी भी प्रकार के दकसी बकाए का या इस जिजनयम के स्ट्पष्टीकरण—इस खंड के प्रयोिन के जलए, यि स्ट्पष्ट दकया
अधीन उससे िसूलनीय दकसी रकम का, इस जनजमत्त बनाए गए िाता ि ैदक,—
जनयमों के अनुसरण में उस े जििेष नोरटस तामील दकए िाने के
(i) ििां दकसी िंपजत्त के ऐसे प्रारंभ की तारीख को या
पश् चात्, तीन मास के भीतर संिाय करने में असफल रिता ि ै।
उसके पश् चात् केिल एक बच् चा िै, पश् चात्िती एकल प्रसि से
िन्मे दकतने भी बच् चों को एकल इकाई के रूप में माना िाएगा;8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
(ii) “बच् चा” में कोई ित्तक बच् चा या बच् च े सजम्मजलत ऐसी ररजि के संबंध में सूजचत करती ि,ै पन्द्रि दिन के अिसान
निीं ि;ैं के पश् चात् दकया िाता ि ै।
(थ) िि ग्राम पंचायत की अनुमजत के जबना तीन क्रमिती (3) िब कभी, उपधारा (1) के अधीन दकसी ऐसे सिस्ट्य
अजधिेिनों से अनुपजस्ट्थत रिता ि ै; को, िो उपसरपंच ि,ै अनुमजत प्रिान की िाती िै, तो अन्य
(ि) उसे िंड प्रदक्रया संजिता, 1973 (1974 का 2) की सिस्ट्य, ऐसे जनबंधनों के अधीन रिते हुए, जिसके अधीन ऐसे
धारा 109 या धारा 110 के अधीन सि्व् यििार के जलए स्ट्ियं को अनुपजस्ट्थत रखने िाले उपसरपंच का जनिाषचन दकया
प्रजतभजू त िेने का आििे दिया गया ि ै; या गया था, ऐसी अिजध, जिसके जलए ऐसी अनमु जत प्रिान की गई
ि,ै के िौरान उपसरपंच के सभी कतषव्यों का पालन करने के
(ध) उसे मतिान की तारीख स े पूिष पांच िषष के भीतर
जलए और उसकी सभी िजियों का प्रयोग करने के जलए
अिचार के जलए, सरकार या नगरपाजलका या ग्राम पंचायत की
जनिाषजचत दकया िाएगा ।
सेिा से पिच्युत दकया गया ि ै।
17. सिस्ट्यों का जनिाचष न—दकसी ग्राम पंचायत के
(2) कोई व्यजि ग्राम पंचायत का सिस्ट्य िोने से जनरर्ितष
सिस्ट्यों का जनिाषचन ऐसी रीजत (जिसके अंतगषत मतिान की
िोगा, यदि पांचिी अनुसूची के अधीन इस प्रकार जनरर्ितष
रीजत भी ि)ै से दकया िाएगा, िो जिजित की िाए और ऐसी
दकया गया ि ै।
तारीख या तारीखों को दकया िाएगा, िो प्रिासक, जनिाषचन
15. जनरितष ा पर जिजनश्च य—यदि इस बारे में कोई प्रश् न
आयोग के परामिष से अजधसूचना द्वारा जनिेि की िाए :
उद्भूत िोता ि ै दक क्या कोई व्यजि धारा 4 या धारा 14 में
परंतु कोई आकजस्ट्मक ररजि, ऐसी ररजि िोने की तारीख
यथाजनर्िषष्ट जनरितष ा से ग्रस्ट्त िो गया िै, तो उसको प्रिासक को
से छि मास की तारीख की अिजध के भीतर भरी िाएगी :
जनर्िषष्ट दकया िाएगा और उस पर उसका जिजनश् चय अंजतम
िोगा : परंतु यि और दक इस धारा के अधीन दकसी ग्राम पंचायत
के साधारण जनिाषचन के पूिष छि मास के भीतर हुई दकसी
परंतु प्रिासक, ऐसे दकसी प्रश् न पर कोई जिजनश् चय करने
आकजस्ट्मक ररजि को भरने के जलए कोई जनिाषचन निीं दकया
से पूिष, जनिाषचन आयोग की राय अजभप्राि करेगा और ऐसी
िाएगा ।
राय के अनुसार कायष करेगा :
18. उपसरपचं का जनिाचष न —(1) इस जिजनयम के
परंतु यि और दक कोई व्यजि तब तक जनरर्ितष निीं
अधीन पिली बार दकसी ग्राम पंचायत के गठन पर या ग्राम
िोगा, िब तक उसे मामले में सुनिाई का अिसर प्रिान निीं
पंचायत की अिजध के समाि िोने पर या उसके पुनगषठन पर,
दकया गया िो।
उपसरपंच का, ऐसी रीजत से, िो जिजित की िाए, जनिाषचन
16. अनपु जस्ट्थजत की अनमु जत—(1) ग्राम पंचायत का
करने के जलए प्रिासक द्वारा जनयत तारीख को एक अजधिेिन
कोई सिस्ट्य, िो अपनी पिािजध के िौरान,—
बुलाया िाएगा ।
(क) ग्राम से तीन क्रमागत मिीनों से अजधक
(2) प्रिासक द्वारा जनयुि दकया गया अजधकारी, ऐस े
अनुपजस्ट्थत ि ै और पंचायत द्वारा इस प्रकार अनुपजस्ट्थत
अजधिेिन की अध्यक्षता करेगा और उसे मत िेने का अजधकार
रिने के जलए चार मास से अनजधक की अनुमजत प्रिान
निीं िोगा ।
की गई ि ै; या
(3) ऐसे अजधिेिन में उपसरपंच के जनिाषचन से जभन् न
(ख) उि पंचायत की अनुमजत के जबना पंचायत के
कोई कामकाि निीं दकया िाएगा ।
अजधिेिनों से चार क्रमागत मिीनों के जलए स्ट्ियं को
(4) मत बराबर रिने की ििा में जनिाषचन का पररणाम,
अनुपजस्ट्थत रखता ि,ै
उपधारा (2) में जिजनर्िषष्ट अजधकारी की उपजस्ट्थजत में, ऐसी
सिस्ट्य निीं रिगे ा और उसका पि ररि िो िाएगा तथा
रीजत से, िो िि अिधाररत करे, लॉट से ड्रा द्वारा जिजनजश् चत
तत्पश् चात्, पंचायत, यथािीघ्र, उसे सूजचत करेगी दक ररजि िो
दकया िाएगा ।
गई िै ।
19. सरपंच के कायपष ाजलका सबं धं ी कृत्य—इस जिजनयम
(2) इस बारे में दक क्या इस धारा के अधीन कोई ररजि
के अधीन ग्राम पंचायत की कायषपाजलका संबंधी िाजि और इस
हुई ि ै या निीं, कोई जििाि जिजनश् चय के जलए सजचि पंचायत
जिजनयम के अधीन ग्राम पंचायत पर अजधरोजपत कतषव्यों की
को जनर्िषष्ट दकया िाएगा, और ऐस ेसजचि का जिजनश् चय अजं तम
सम्यक् पूर्तष और ग्राम पंचायत के संकल्प को कायाषजन्ित करने
िोगा :
का िाजयत्ि सरपंच में जनजित िोगा ।
परंतु ऐसा जनिेि ग्रिण निीं दकया िाएगा, यदि िि उस
20. ग्राम पचं ायत का कायकष ाल—(1) प्रत्येक ग्राम
तारीख से, जिसको पंचायत उपधारा (1) के अधीन सिस्ट्य को
पंचायत, िब तक तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन उसे[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 9
पिले जिघरटत निीं कर दिया िाता िै, अपने पिले अजधिेिन त्यागपत्र, मुखय कायषपालक अजधकारी द्वारा उसकी स्ट्िीकृजत की
के जलए जनयत तारीख से पांच िषष के जलए बनी रिगे ी और तारीख से प्रभािी िोगा ।
इससे अजधक निीं । (4) ििां सरपंच या उपसरपंच का पि ररि िै, ििां ग्राम
(2) उपधारा (1) में दकसी बात के िोते हुए भी, इस पंचायत के सिस्ट्य, यथाजस्ट्थजत, सरपंच या उपसरपंच के रूप में
जिजनयम के प्रिॄत्त िोने के ठीक पिले कायष करने िाली ग्राम कायष करने के जलए अपने में से साधारण बहुमत द्वारा दकसी
पंचायतों के सिस्ट्य उपधारा (1) के अधीन जिजनर्िषष्ट अिजध की व्यजि को, ऐसे पिों के जलए जनिाषचन लंजबत रिने तक
समाजि तक अपने पि पर बने रिगें े । जनिाषजचत कर सकेंगे ।
(3) दकसी ग्राम पंचायत को गरठत करने के जलए 23. अजिश्ि ास प्रस्ट्ताि—(1) सरपंच या उपसरपंच के
जनिाषचन— जिरुद्ध कोई अजिर्श्ास प्रस्ट्ताि ग्राम पंचायत के कुल सिस्ट्यों के
(क) उपधारा (1) में जिजनर्िषष्ट उसकी अिजध की कम से कम एक जतिाई सिस्ट्यों द्वारा मुखय कायषपालक
समाजि के पूिष पूणष कर जलया िाएगा ; अजधकारी को सूचना के अधीन ऐसे सरपंच को उसकी सूचना
िेकर लाया िा सकेगा :
(ख) उसके जिघरटत िोन े की तारीख से छि मास
की अिजध की समाजि के पूिष पूणष कर जलया िाएगा : परंतु ऐसी कोईष सूचना, सरपंच या उपसरपंच द्वारा पि
ग्रिण करने के छि मास के पूिष निीं िी िाएगी ।
परंतु ििां ऐसी िेष अिजध, जिसके जलए जिघरटत ग्राम
पंचायत िारी रखी िाएगी, छि मास से कम ि,ै ििां एसी (2) ग्राम पंचायत का जििेष अजधिेिन, उस तारीख से,
अिजध के जलए ग्राम पंचायत के गठन के जलए इस उपधारा के जिसको अजिश् िास प्रस्ट्ताि जिचार-जिमिष करने के जलए लाया
अधीन कोईष जनिाषचन करना आिश्यक निीं िोगा । गया ि,ै पंद्रि दिन की अिजध के भीतर बुलाया िाएगा और
अजिश् िास प्रस्ट्ताि का जिजनजश् चय दकया िाएगा ।
(4) दकसी पंचायत के उसकी अिजध के समाि िोने के पूिष
जिघटन के आधार पर गरठत कोईष ग्राम पंचायत, केिल ऐसी (3) यदि अजिश् िास प्रस्ट्ताि, ग्राम पंचायत के कुल सिस्ट्यों
िेष अिजध के जलए िी िारी रिगे ी, जिसके जलए जिघरटत ग्राम की संखया के बहुमत द्वारा लाया िाता ि ै तो ग्राम पंचायत,
पंचायत, यदि िि ऐसे जिघरटत न िोती तो, उपधारा (1) के यथाजस्ट्थजत, सरपंच या उपसरपंच को उसके पि से िटाए िान े
अधीन िारी रिती । के जलए ग्राम सभा से जसफाररि करेगी ।
21. पि की िपथ.—(1) ग्राम पंचायत के पिले (4) उपधारा (3) के अधीन जसफाररि के प्राि िोने पर
अजधिेिन के पश् चात्, उसका प्रत्येक सिस्ट्य और सरपंच तथा ग्राम सभा का अजधिेिन बुलाया िाएगा, जिसमें ग्राम सभा की
उपसरपंच, यथािीघ्र ऐसे अजधकाररयों के समक्ष, िो प्रिासक कुल सिस्ट्यता के एक जतिाई से अन्यून की गणपूर्तष िोगी और
जिजनर्िषष्ट करे, पिली अनुसूची में उपिर्णषत प्ररूप में पि की जसफाररि का उपजस्ट्थत और मतिान करने िाले सिस्ट्यों के
िपथ लेगा । बहुमत द्वारा अनुमोिन दकया िाएगा ।
(2) ऐसा कोईष सिस्ट्य, जिसने ऐसी िपथ निीं ली िै, (5) उपधारा (4) के अधीन जसफाररि का अनुमोिन दकए
दकसी अजधिेिन की कायषिाजियों में न तो मतिान करेगा या िाने पर सरपंच, जसिाय इसके दक िि पिले त्यागपत्र िे, उस
भाग लेगा और न िी उसे ग्राम पंचायत द्वारा गरठत दकसी तारीख से, जिसको जसफाररि का अनुमोिन दकया िाता िै,
सजमजत के सिस्ट्य के रूप में सजम्मजलत दकया िाएगा । तीन दिन की अिजध के पश् चात् पि धारण करने से प्रजिरत िो
िाएगा ।
22. पि स ेत्यागपत्र—(1) ग्राम पचं ायत का कोईष सिस्ट्य,
मुखय कायषपालक अजधकारी को सूचना के अधीन सरपंच को इस (6) यदि ग्राम पंचायत की जसफाररि का उपधारा (4) के
प्रभाि की जलजखत में सूचना िेकर अपने पि से त्यागपत्र िे अधीन ग्राम सभा द्वारा अनुमोिन निीं दकया िाता ि ै या ग्राम
सकेगा और ऐसा त्यागपत्र सरपंच द्वारा उसकी स्ट्िीकृजत की सभा के जििेष अजधिेिन में गणपूर्तष निीं िोती िै तो ग्राम
तारीख से प्रभािी िोगा । पंचायत के सरपंच के जिरुद्ध उस तारीख से, जिसको जसफाररि
पर ग्राम सभा का अनुमोिन निीं जमलता ि ै या उस तारीख से,
(2) उपसरपंच, मुखय कायषपालक अजधकारी को सूचना के
जिसको गणपूर्तष के अभाि में जसफाररि पर जिचार निीं दकया
अधीन सरपंच को जलजखत में सूचना िेकर अपने पि से त्यागपत्र
िा सका ि,ै छि मास की अिजध के भीतर नए जसरे से कोईष
िे सकेगा, और ऐसा त्यागपत्र, सरपंच द्वारा उसकी स्ट्िीकृजत की
अजिश् िास प्रस्ट्ताि निीं लाया िाएगा ।
तारीख से प्रभािी िोगा ।
(7) इस जिजनयम में दकसी बात के िोते हुए भी, ऐसा
(3) सरपंच, मुखय कायषपालक अजधकारी को जलजखत में
सरपंच या उपसरपंच, जिसको िटाए िाने के जलए उपधारा (3)
सूचना िेकर अपने पि से त्यागपत्र िे सकेगा, और ऐसा
के अधीन अजिश् िास प्रस्ट्ताि या जसफाररि जिचाराधीन ि,ै10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
उपधारा (2) के अधीन ग्राम पंचायत के और उपधारा (4) के परंतु दकसी भी सिस्ट्य, सरपंच या उपसरपंच को तब तक
अधीन ग्राम सभा के दकसी अजधिेिन की अध्यक्षता निीं करेगा, निीं िटाया िाएगा, िब तक ऐसे व्यजि को मामले में सुनिाई
ककंतु उसे ऐसे अजधिेिन की कायषिाजियों में बोलने या उससे का कोई अिसर न िे दिया गया िो ।
अन्यथा उनमें भाग लेने का अजधकार िोगा । (2) सजचि पंचायत, उपधारा (1) में अजधकजथत प्रदक्रया
24. ग्राम पचं ायत के सरपचं या उपसरपचं या दकसी का पालन करने के पश् चात्, आिेि द्वारा, दकसी व्यजि को,
सिस्ट्य का जनलंबन—(1) मुखय कायषपालक अजधकारी, दकसी जिसने सिस्ट्य, सरपंच या उपसरपंच के रूप में अपना पि त्याग
ग्राम पंचायत के सरपंच या उपसरपंच या दकसी सिस्ट्य को, दिया ि ैया अन्यथा अपना ऐसा पि धाररत करना बंि कर दिया
आिेि द्वारा, जनलंजबत कर सकेगा, जिसके जिरुद्ध दकसी ि ै या िो उपधारा (1) में जिजनर्िषष्ट अिचार का िोषी िो गया
अपराध, जिसमें नैजतक अधमता अंतिषजलत िै, के संबंध में कोई ि ै या अपने कतषव्यों और कृत्यों के पालन में असमथष िो गया ि,ै
आपराजधक कायषिािी संजस्ट्थत की गई िै या िि दकसी अपराध पांच िषष से अनजधक की अिजध के जलए जनरर्ितष कर सकेगा :
के जलए जिचारण के िौरान कारागार में जनरुद्ध दकया गया ि ैया परंतु इस उपधारा के अधीन कोई कारषिाई उस तारीख
िो कारािास का ऐसा िंडािेि भुगत रिा ि,ै िो उसे धारा 14 से, जिसको व्यजि त्यागपत्र िेता ि ै या कोई ऐसा पि धाररत
के अधीन पंचायत के सिस्ट्य के रूप में रिने के जलए जनरर्ितष करना बंि कर िेता ि,ै छि मास की अिजध के भीतर की
निीं करता ि ै या िो तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन िाएगी ।
जनिारक जनरोध से संबंजधत दकसी जिजध के अधीन जनरुद्ध निीं
(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन सजचि
दकया गया ि ै।
पंचायत के दकसी आिेि से व्यजथत कोई व्यजि, ऐसे आिेि की
(2) ििां कोई सरपंच या उपसरपंच या कोई सिस्ट्य, संसूचना की तारीख से तीस दिन की अिजध के भीतर, प्रिासक
उपधारा (1) के अधीन जनलंजबत दकया िाता िै, ििां ग्राम या उसके द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी के समक्ष उि आिेि
पंचायत के अन्य सिस्ट्य को, ऐसे जनबंधनों के अधीन रिते हुए, के जिरुद्ध कोई अपील कर सकेगा ।
जिसके अधीन इस प्रकार जनलंजबत सरपंच या उपसरपंच या
26. आकजस्ट्मक ररजि— ग्राम पंचायत में सरपंच या
अन्य सिस्ट्य का जनिाषचन दकया गया था, ऐसी अिजध के
उपसरपंच के पि पर कोई आकजस्ट्मक ररजि, उसकी िेष अिजध
िौरान, जिसके िौरान ऐसा जनलंबन िारी रिता िै, दकसी
के जलए इस जिजनयम के उपबंधों के अनुसार जनिाषचन द्वारा
सरपंच या उपसरपंच या अन्य सिस्ट्य के सभी कतषव्यों का
भरी िाएगी :
पालन करने के जलए और उसकी सभी िजियों का प्रयोग करने
परंतु यदि सरपंच का कोई स्ट्थान या पि अनुसूजचत
के जलए जनिाषजचत दकया िाएगा ।
िनिाजत या जस्ट् त्रयों के जलए आरजक्षत ि ै तो अनुसूजचत
(3) उपधारा (1) के अधीन पाररत दकसी आिेि के जिरुद्ध
िनिाजत के सिस्ट्य या स्ट् त्री से जभन्न कोई व्यजि, ऐसी ररजि के
कोई अपील, आिेि की तारीख से तीस दिन की अिजध के
जलए चुने िाने के जलए अर्ितष निीं िोगा ।
भीतर प्रिासक या उसके द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी के
27. ग्राम पचं ायत के अजधकारी और कमचष ारी—(1)
समक्ष की िाएगी ।
प्रत्येक ग्राम पंचायत के जलए एक पंचायत सजचि िोगा, जिनकी
25. पि स े िटाया िाना—(1) पचं ायत सजचि, पंचायत
जनयुजि प्रिासक द्वारा की िाएगी और िि ग्राम पंचायत जनजध
के दकसी सिस्ट्य को या, यथाजस्ट्थजत, सरपंच या उपसरपंच को,
से उतने िेतन और भत्ते लेगा, जितने जिजित दकए िाएं ।
उसे इस संबंध में सम्यक् सूचना िेने और सुनिाई का अिसर िेने
(2) पंचायत सजचि, ग्राम पंचायत के कायाषलय का
के पश् चात् और ऐसी िांच करने के पश् चात्, िो िि आिश्यक
भारसाधक िोगा और िि ऐसे सभी कतषव्यों का जनिषिन करेगा
समझे, आिेि द्वारा, पि से िटा सकेगा, यदि ऐसा सिस्ट्य,
और ऐसी सभी िजियों का पालन करेगा, िो इस जिजनयम या
यथाजस्ट्थजत, सरपंच या उपसरपंच अपने कतषव्यों के जनिषिन में
उसके अधीन बनाए गए जनयमों या उपजिजधयों के अधीन
अिचार का या दकसी जनष्कृष्ट आचरण का िोषी ि ै या अपनी
उसको अजधरोजपत या प्रित्त दकए िाएं ।
िजियों का िरुु पयोग करता ि ैया इस जिजनयम के अधीन अपन े
(3) पंचायत सजचि, ऐसे जनयमों के अधीन रिते हुए, िो
कतषव्यों और कृत्यों के पालन में लगातार व्यजतक्रम करता िै या
प्रिासक द्वारा अनुिासन और जनयत्रं ण के संबंध में बनाए िाएं,
इस जिजनयम के अधीन अपने कतव्यष ों और कृत्यों के पालन म ें
सरपंच के साधारण अधीक्षण के अधीन सभी मामलों म ें
असमथष िो गया िै और इस प्रकार िटाया गया, यथाजस्ट्थजत,
कारषिाई करेगा, जिसके माध्यम से िि ग्राम पंचायत के जलए
सरपंच या उपसरपंच, सजचि पंचायत के जििके ानुसार,
उत्तरिायी िोगा ।
पंचायत की सिस्ट्यता से भी िटा दिया िाएगा :
(4) ग्राम पंचायत, ऐसे अन्य अजधकाररयों और
कमषचाररयों को और उतनी संखया में, िो समय-समय पर,[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 11
प्रिासक के पूिष अनुमोिन से आिश्यक िो, और ऐसी रीजत में, ऐसी रीजत में, िो जिजित की िाए, जिघरटत या पनु गषरठत दकया
िो जिजित की िाए, जनयुजि कर सकेगी : िा सकेगा ।
परंतु ऐसा कोई पि सृजित निीं दकया िाएगा, जिसके (3) सजमजतयों की जसफाररिें सलािकारी प्रकृजत की िोंगी
जलए दकसी बिट का उपबंध निीं दकया गया ि ै और जिसका और प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी दकसी सजमजत द्वारा जलए
प्रिासक द्वारा अनुमोदित कमषचारीिृंि पद्धजत में उपबंध निीं गए दकन्िीं जिजनश् चयों को रद्द करने, पुनरीजक्षत करने या
दकया गया ि ै। उपांतररत करने की िजियां िोंगी ।
(5) उपधारा (4) के अधीन भती दकए गए कमषचारीिृंि 30. कायिष ाजियों का अजिजधमान्य न िोना—दकसी ग्राम
की तैनाती और स्ट्थानातंरण मुखय कायषपालक अजधकारी में पंचायत या उसकी दकसी सजमजत का कोई कायष या कायषिािी,
जनजित िोगा । दकसी ररजि के जिद्यमान िोने के कारण िी अजिजधमान्य निीं
(6) पंचायत सजचि की सेिा के जनबंधन और ितें तथा समझी िाएंगी ।
कतषव्य और अन्य अजधकाररयों की सेिा के जनबंधन और ितें िे अध्याय 4
िोंगी, िो जिजित की िाएं । ग्राम पंचायत की िजिया,ं कतव्यष और कृत्य
28. ग्राम पचं ायत के अजधििे न—(1) ग्राम पंचायत के 31. ग्राम पचं ायत के कतव्यष और कृत्य—(1) ग्राम
अजधिेिनों का समय और स्ट्थान तथा ऐसे अजधिेिनों में पंचायत का यि कतषव्य िोगा दक िि, ििां तक ग्राम जनजध का
अनुसररत की िाने िाली प्रदक्रया िि िोगी, िो जिजित की संबंध ि,ै िसू री अनुसूची जिजनर्िषष्ट जिषयों के संबंध में अपनी
िाए। अजधकाररता के भीतर युजियुि उपबंध करें ।
(2) दकसी ग्राम पंचायत का कोई सिस्ट्य, दकसी (2) उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन रिते हुए, ग्राम
अजधिेिन में, दकसी संकल्प का प्रस्ट्ताि कर सकेगा और ग्राम पंचायत को ऐसे जिकास और सामाजिक न्याय के जलए, जिसके
पंचायत के प्रिासन से संबंजधत जिषयों पर सरपंच या अंतगषत िसू री अनुसूची में जिजनर्िषष्ट जिषयों के संबंध में मामले
उपसरपंच से, ऐसी रीजत में, िो जिजित की िाए, प्रश् न कर भी ि,ैं योिनाएं बनाने और स्ट्कीमों को कायाषजन्ित करने की
सकेगा । िजियां और उत्तरिाजयत्ि िोंगे ।
(3) ग्राम पंचायत के दकसी संकल्प को, ग्राम पंचायत के 32. कजतपय सपं जत्तयों पर ग्राम पचं ायत का जनयत्रं ण—
सिस्ट्यों की कुल संखया के िो जतिाई सिस्ट्यों द्वारा समर्थषत (1) ग्राम पंचायत, धारा 37 के अधीन प्रिासन द्वारा उसके
दकसी संकल्प के जसिाय, उसके पाररत दकए िाने की तारीख से जनिेिन, प्रबंध और जनयंत्रण के अधीन रखी गईं सभी सडकों,
तीन मास की अिजध के भीतर ग्राम पंचायत द्वारा संिोजधत, मागों, पुलों, पुजलयाओं और अन्य संपजत्तयों के संबंध में,
पररिर्तषत या रद्द निीं दकया िाएगा । तत्समय प्रिृत्त दकसी अन्य जिजध के उपबंधों के अधीन रिते हुए,
29. सजमजतया—ं (1) ग्राम पंचायत, ऐसे जनयंत्रण और उसके रखरखाि और मरम्मत के जलए और जिजिष्ट रूप से
जनबंधनों के अधीन रिते हुए, िो जिजित दकए िाएं, अपनी जनम् नजलजखत के संबंध में सभी आिश्यक कायष कर सकेगी,--
ऐसी िजियों का प्रयोग करने और अपने ऐसे कतषव्यों या कृत्यों (क) दकसी ऐसी सडक, पुल या पुजलया को चौडा
का जनिषिन करने के जलए, िो जिजनर्िषष्ट दकए िाएं, करने, खोलने, बढ़ाने या अन्यथा कोई सुधार करने और
जनम् नजलजखत सजमजतयां जनयुि कर सकेगी, अथाषत् :-- ऐसी सडकों के दकनारों पर िृक्ष लगाना और संरजक्षत
(क) कायषकारी सजमजत ; करना ;
(ख) लोक स्ट्िास्ट्थ्य सजमजत ; (ख) धारा 89 की उपधारा (1) के खंड (ग) में
(ग) लोक जनमाषण सजमजत; उजल्लजखत दकसी िल-सरणी और अन्य संपजत्त को गिरा
करना या अन्यथा कोई सुधार करना ; और
(घ) िैक्षजणक सजमजत ;
(ग) ऐसी दकसी सािषिजनक सडक या माग ष और
(ङ) उत्पािन, सियोग और हसंचाई सजमजत ;
भिन पर प्रक्षेजपत दकसी झाडी या टिनी अथिा दकसी
(च) सामाजिक न्याय सजमजत ; और
िृक्ष को काटना ।
(छ) जियां, बाल जिकास और युिा गजतजिजध के
(2) ग्राम पंचायत का ऐसी सभी सडकों, मागों, िल-
जलए सजमजत ।
मागों, पुलों और पुजलयाओं पर भी जनयंत्रण िोगा, िो उसकी
(2) उपधारा (1) के अधीन जनयुि कोई सजमजत पांच से
अजधकाररता के भीतर अिजस्ट्थत ि,ैं िो प्राइिेट संपजत्त निीं िै
अनजधक सिस्ट्यों से जमलकर बनेगी और उसे ऐसे कारणों से और
या िो तत्समय सरकार के जनयंत्रणाधीन संपजत्त निीं ि,ै और12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
उनके तथा जिजिष्ट रूप से जनम् नजलजखत के सुधार, अनुरक्षण दकन्िीं िजियों, कृत्यों और कतषव्यों के उपांतरण के दकसी बात
और मरम्मत के जलए आिश्यक कायष कर सकेगी — के िोते हुए भी, ििां प्रिासक का यि समाधान िो िाता िै दक
(क) नई सडकों का अजभन्यास और बनाना ; और प्रकृजत में पररितषन के कारण, मामला िसू री अनसु ूची का
मामला निीं रि गया ि,ै और यि दक ऐसे मामले के संबंध में
(ख) नए पुलों और पुजलयों का संजनमाषण ।
पंचायत की िजियां, कृत्यों या कतषव्यों को प्रत्याहृत करना
33. ग्राम पचं ायत को दकसी संकम ष या सस्ट्ं था का
आिश्यक िै, िो िि, अजधसूचना द्वारा, ऐसी िजियां, कृत्य या
अतं रण—प्रिासक, ग्राम पंचायत को, प्रिासन या दकसी अन्य
कतषव्यों को, अजधसूचना में जिजनर्िषष्ट तारीख से, प्रत्याहृत
स्ट्थानीय प्राजधकारी की ओर से दकसी संकमष का जनष्पािन,
करेगा, और ऐसे आनुषंजगक और पाररणाजमक आिेि कर
अनुरक्षण या मरम्मत अथिा दकसी संस्ट्था का प्रबंध न्यस्ट्त कर
सकेगा, िो मामले में दकए िाने आिश्यक ि,ैं जिसमें पंचायत म ें
सकेगा :
जनजित संपजत्त, अजधकार और िाजयत्िों, यदि कोई िो, और
परंतु प्रिासन या ऐस े स्ट्थानीय प्राजधकारी द्वारा, िो
कमषचारी, यदि कोई िो, िो पंचायत को स्ट्थानान्तररत दकए गए
प्रिासक द्वारा अिधाररत दकया िाए, ऐसे संकमष के जनष्पािन,
ि,ैं को अजधकार में लेना भी सजम्मजलत ि ै।
अनुरक्षण या मरम्मत के जलए अथिा ऐसी संस्ट्था के प्रबंध के
अध्याय 5
जलए आिश्यक जनजधयां ग्राम पंचायत के प्रबंधाधीन िोंगी ।
जित्त, सपं जत्त और लखे े
34. रािस्ट्ि का संग्रिण—(1) प्रिासक, ऐसी ितों के
38. ग्राम जनजध—(1) प्रत्येक ग्राम पंचायत के जलए एक
अधीन रिते हुए, िो जिजित की िाए, अजधसूचना द्वारा,
“ग्राम जनजध” िोगी और उसका उपयोिन, इस जिजनयम द्वारा
जिजनर्िषष्ट स्ट्कीम के अधीन िसूलनीय करों, भ-ू रािस्ट्ि और अन्य
ग्राम पंचायत पर अजधरोजपत कतषव्यों और िाजयत्िों को
िोध्यों के संग्रिण करने के कायष और कतषव्य, ग्राम पंचायत को
कायाषजन्ित करने के जलए दकया िाएगा ।
न्यस्ट्त कर सकेगा ।
(2) ग्राम जनजध में जनम् नजलजखत से प्राि िमा दकया
(2) ििां उपधारा (1) के अधीन दकसी ग्राम पंचायत को
िाएगा, और ि ेउसका भाग िोंगे, अथाषत् :--
कोई कायष या कतषव्य न्यस्ट्त दकए िाते ि,ैं ििां प्रिासक ऐसी
ग्राम पंचायत को ऐसी िरों पर, िो जिजित की िाए, संग्रिण (क) धारा 41 के अधीन अजधरोजपत दकसी कर या
प्रभारों का संिाय करेगा । फीस के आगम ;
35. गािं स्ट्ियसं ेिक बल—(1) इस जिजनयम के अधीन (ख) सरकार या दकसी स्ट्थानीय प्राजधकारी अथिा
बनाए गए जनयमों के अधीन रिते हुए, कोई ग्राम पंचायत, गांि व्यजि द्वारा दकए गए अजभिाय ;
में रिने िाले ऐसे व्यजियों, जिनकी आयु अठारि िषष से अजधक (ग) दकसी प्राजधकारी या न्यायालय द्वारा आिेजित
ि ै और िो ऐसे बल में संयोजित िोने के जलए रिामंि ि,ै के ग्राम जनजध में िमा की िाने िाली सभी राजियां ;
समथष जनकाय को जमलाकर, एक गांि स्ट्ियंसेिक बल के नाम से (घ) ऐसी प्रजतभूजतयों से आय, जिसमें ग्रामजनजध ने
ज्ञात बल का गठन कर सकेगी और ऐसे बल को दकसी उपयुि जिजनधान दकया ि ै;
व्यजि के समािेि के अधीन रखा िाएगा ।
(ङ) भ-ू रािस्ट्ि के संग्रिण या प्रिासन से उसी
(2) गांि स्ट्ियंसेिक बल की सेिाएं साधारण पिरा और प्रकार के अन्य अनुिानों में जिस्ट्सा ;
जनगरानी के प्रयोिन के जलए तथा अजग्न , बाढ़, मिामारी के
(च) ऋण या िान द्वारा प्राि सभी राजियां ;
प्रािभु ाषि या दकसी अन्य प्राकृजतक आपिा िैसी आपात जस्ट्थजत
(छ) ग्राम पंचायत के प्रबंध के अधीन मत्स्ट्य उद्योग
में उपयोजित की िा सकेंगी ।
और अन्य सेक्टरों से व्युत्पन्न आय ;
(3) गांि स्ट्ियंसेिक बल का कोई सिस्ट्य, ऐसे बल के
(ि) ग्राम पंचायत की दकसी संपजत्त से या आगम से
दकसी सिस्ट्य के रूप में अपने कतषव्यों के सि्भािपूणष जनिषिन में
आय;
उसके द्वारा दकए गए दकसी कायष के कारण हुई नुकसानी के
(झ) ग्राम पंचायत के कृत्यकाररयों द्वारा संगृिीत
जलए िायी निीं िोगा ।
संपूणष धूल, गंिगी, गोबर या कूडा-करकट के जिक्रय
36. सजं ििाओं का जनष्पािन—दकसी ग्राम पंचायत द्वारा
आगम ;
की गई प्रत्येक संजििा या करार पर सरपंच और पंचायत सजचि
(ञ) प्रिासन के दकसी साधारण या जििेष आिेि
द्वारा िस्ट्ताक्षर दकए िाएंग े और उस पर ग्राम पंचायत की
द्वारा ग्राम जनजध को समनुिेजित राजि ; और
सामान्य मुद्रा मुद्रादं कत की िाएंगी ।
(ट) ग्राम जनजध से अनुरजक्षत या जित पोजषत अथिा
37. ग्राम पचं ायत स े िजियों, कृत्यों आदि का
ग्राम पंचायत द्वारा व्यिजस्ट्थत दकसी संस्ट्था या सेिा की
उपातं रण—दकसी ग्राम पंचायत को दकसी मामले के संबंध में[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 13
सिायता के जलए या उस पर व्यय करने के जलए प्राि उपधारा (1) में जनर्िषष्ट ग्राम जनजध में िमा, उसकी बाबत
सभी राजियां । उद्गृिीत या अजधरोजपत सभी िेय प्राि करेगी ।
(3) ग्राम जनजध की रकम इस जिजनयम के उपबंधों के 41. कर, िो अजधरोजपत दकए िा सकेंग—े (1) इस
अधीन रिते हुए और उसके प्रयोिनों के जलए उपयोजित की जिजनयम के अधीन बनाए गए जनयमों के अधीन रिते हुए, कोई
िाएगी और ऐसी अजभरक्षा में और ऐसी रीजत में रखी िाएगी, ग्राम पंचायत, उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध करिाई गई
िो जिजित की िाए । सेिाओं के संबंध में जनम् नजलजखत का उि्ग्रिण कर सकेगी,—
39. अनिु ान—प्रिासक, ऐसी ितों के अधीन रिते हुए, (क) भिनों के स्ट्िाजमयों या अजधभोजगयों से कर ;
िो िि ठीक समझे, साधारण प्रयोिनों के जलए या गांि के (ख) व्यापार, आह्िान और जनयोिन पर कर ;
सुधार और उसके जनिाजसयों के कल्याण के जलए ग्राम पंचायत
(ग) ग्राम पंचायत की सीमाओं के भीतर रखे गए
को अनुिान िे सकेगा ।
यंत्र नोदित यानों से जभन्न यानों पर कर ;
40. ग्राम पचं ायत के व्ययन, प्रबंध और जनयत्रं ण के
(घ) ग्राम पंचायत की सीमाओं के भीतर पिुओं के
अधीन रखी गई सपं जत्तयां— (1) प्रिासक, यदि िि ठीक
जिक्रय पर कर ;
समझे, नीचे जिजनर्िषष्ट प्रकृजत की और ग्राम पंचायत की
(ङ) मनोरंिन और मनोजिनोि पर जथयेटर या
अजधकाररता के भीतर जस्ट्थत सभी या दकन्िीं संपजत्तयों को,
प्रििषन कर ;
ग्राम पंचायत के जनिेि, प्रबंध और जनयंत्रण के अधीन रख
(च) जबिल कर ;
सकेगा, अथाषत् :—
(छ) िल जनकासी कर ;
(i) ऐसा खुला स्ट्थान, बंिर, खाली और चरागाि
भूजम, िो प्राइिेट संपजत्त और निी तट निीं ि ै; (ि) उसकी अजधकाररता के भीतर तीथषयाजत्रयों के
पूिा, िाटों और मेलों के ऐसे स्ट्थानों पर सफाई-व्यिस्ट्था
(ii) सािषिजनक सडकें और माग ष;
उपलब्ध करिाने के जलए फीस ;
(iii) सािषिजनक निरें, िल माग,ष कुएं, तालाब, टैंक
(झ) बािारों, मेलों, िाटो और त्यौिारों में माल के
(सरकार के जनयंत्रणाधीन हसंचाई के टैंकों को छोडकर),
जिक्रय के जलए फीस ;
सािषिजनक िलािय (सरकार के जनयंत्रणाधीन िल
उपचार संयंत्रों को छोडकर), कुंड, झरने, कृजत्रम िल (ञ) ग्राम पंचायत के जनयंत्रणाधीन चारगाि भजू म
प्रणाल और सािषिजनक टैंक या तालाब से लगी हुई कोई पर पिुओं के चरने के जलए फीस ;
सजन्नकट भूजम (िो प्राइिेट संपजत्त निीं ि)ै और उससे (ट) ग्राम पंचायत में फसलों की चौकसी और
संबंजधत भूजम ; जनगरानी की व्यिस्ट्था करने के जलए फीस ;
(iv) सािषनजिक मल प्रणाल, नाली, िल जनकास (ठ) सािषिजनक नौका चलाने के जलए अनुज्ञजि
संकमष, सुरंग और पुजलया तथा उससे संबंजधत िस्ट्तुएं और फीस;
अन्य सफाई संकमष ;
(ड) ऐसे अन्य कर, िो प्रिासक द्वारा अनुमोदित
(v) गंिा पानी, कूडा-करकट और बिबूिार पिाथष, दकए िाएं ।
िो सडक पर िमा िो िाता ि ै या ग्राम पंचायत द्वारा
(2) उपधारा (1) में जनर्िषष्ट कर और फीसें, ऐसी रीजत म ें
सडकों, िौचालयों, मूत्रालयों, मल प्रणाली िोदियों और
और ऐसे समयों पर, िो जिजित दकया िाए, अजधरोजपत,
अन्य स्ट्थानों से संगृिीत दकया िाता ि ै; और
जनधाषररत और िसूली िाएंगी ।
(vi) सडक की बजत्तयां, सािषिजनक लैंप, जबिली के
42. कर आदि के उि्ग्रिण के जिरुद्ध अपील—धारा 41 के
खंभे और उनसे संबंजधत या उनसे सिबद्ध साजधत्र ;
अधीन दकसी कर या फीस के जनधाषरण, उद्ग्रिण या अजधरोपण
(vii) सािषिजनक पुस्ट्तकालय, अध्ययन कक्ष, से व्यजथत कोई व्यजि, ऐसा कर या फीस अजधरोजपत करने के
बूचरखाने, मत्स्ट्य फामष, िमिान घाट, प्राथजमक आििे की तारीख से तीस दिन के भीतर पंचायत सजचि को
जिद्यालय, आंगनिाडी केन्द्र ; और अपील कर सकेगा और इन मामलों में िसू री अपील मुखय
(viii) सडक दकनारे के िृक्ष, ईंधन िाली लकडी के कायषपालक अजधकारी को की िाएगी ।
पौध ेलगाना, गैर पंरपरागत ऊिाष के उपकरण । 43. कर या फीस के उिग्र् िण का जनलंबन—मुखय कायषपालक
(2) सभी बािार और िाट या उसके ऐसे भाग, िो अजधकारी, आिेि द्वारा, धारा 41 के अधीन दकसी कर या फीस के
सािषिजनक भूजम के ऊपर िै, ग्राम पंचायत द्वारा जनयंजत्रत और उि्ग्रिण या अजधरोपण को जनलंजबत कर सकेगा और ऐसे जनलंबन
जिजनयजमत दकए िाएंगे और ग्राम पंचायत, धारा 38 की को दकसी भी समय उसी रीजत में जिखंजडत कर सकेगा।14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
44. बािार फीस आदि के सग्रं िण का पट्टा—दकसी ग्राम उसको जिजध के प्रजतकूल प्रतीत िोती ि ै और उसको, अिैध
पंचायत के जलए जिजनर्िषष्ट मंडी और बिारों पर, दकसी फीस के संिाय करने िाले या प्राजधकृत करने िाले व्यजि पर
संग्रिण के जलए, यदि ऐसी फीस धारा 38 के अधीन अजधरोजपत अजधभाररत कर सकेगा और--
की िाती ि,ै सािषिजनक नीलामी या प्राइिेट संजििा द्वारा
(क) यदि ऐसा व्यजि, दकसी ग्राम पंचायत का सिस्ट्य िै
जिजित प्रदक्रया का अनुसरण करने के पश् चात् पट्टा करना
तो धारा 53 की उपधारा (2) और उपधारा (3) में जिजनर्िषष्ट
जिजधपूणष िोगा :
रीजत में उसके जिरुद्ध कारषिाई करेगा ; और
परंतु ऐसे पट्टेिार को, पट्टे या संजििा की ितों की सम्यक्
(ख) यदि ऐसा व्यजि, ग्राम पंचायत का सिस्ट्य निीं िै
पूर्तष के जलए प्रजतभूजत िेनी िोगी ।
तो व्यजि से स्ट्पष्टीकरण अजभप्राि करेगा और ऐसे व्यजि को
45. करो और अन्य िये ों की िसूली—(1) िब दकसी
जिजनर्िषष्ट अिजध के भीतर अजधभाररत रकम का ग्राम पंचायत
ग्राम पंचायत को िोध्य कोई कर या फीस या अन्य राजि संिेय
को संिाय करने का जनिेि िेगा और यदि जिजनर्िषष्ट अिजध के
िोती ि,ै तब ग्राम पंचायत, यथासाध्य न्यूनतम जिलंब के साथ
भीतर उि रकम संित्त निीं की िाती ि ै तो मुखय कायषपालक
उसके संिाय के जलए िायी व्यजि को, उस पर िोध्य रकम के
अजधकारी भ-ू रािस्ट्ि के बकाए के रूप में उसे िसूल करिाएगा
संिाय के जलए, जिजित प्ररूप में एक मांग सूचना भेिेगी और
और उसको धारा 38 की उपधारा (1) में जनर्िषष्ट ग्राम जनजध में
उससे, ऐसी सूचना की तारीख से तीस दिन के भीतर रकम का
संिाय करने की अपेक्षा करेगी । िमा दकया िाएगा ।
(2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक मांग सूचना की ऐसी (4) उपधारा (3) के अधीन मुखय कायषपालक अजधकारी
रीजत में तामील की िाएगी, िो जिजित की िाए । के दकसी आिेि से व्यजथत कोई व्यजि, आिेि की तारीख से
(3) यदि ऐसी राजि, जिसके जलए मांग सूचना की तीस दिन के भीतर, सजचि पंचायत को अपील कर सकेगा,
तामील की गई ि,ै ऐसी सूचना की तारीख से तीस दिन की जिसका उस पर जिजनश् चय अंजतम िोगा ।
अिजध के भीतर संित्त निीं की िाती ि ै तो ग्राम पंचायत, भ-ू (5) ग्राम पंचायत द्वारा दकए गए मुखय संकमो की
रािस्ट्ि के बकाया के रूप में उसकी िसूली के जलए प्रिासक
सामाजिक संपरीक्षा ऐसे आयोजित की िाएगी, िो पंचायत
द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत मामलतिार या दकसी अन्य
जनिेिक द्वारा समय-समय पर जिजनजश् चत की िाए और ऐसी
अजधकारी को आिेिन कर सकेगी ।
संपरीक्षा की ररपोटष, िब कभी जनष्पादित की िाए, पंचायत
46. लखे े.—प्रत्येक ग्राम पंचायत, ऐसे प्ररूप में, िो
जनिेिक द्वारा अपने रटप्पजणयों सजित प्रिासक को प्रस्ट्तुत की
जिजित दकया िाए, अपनी प्राजियों और व्यय के लेखे रखेगी ।
िाएगी ।
47. व्यय का िार्षकष प्राक्कलन—(1) प्रत्येक ग्राम
49. प्रिासजनक ररपोटष—(1) प्रत्यके ग्राम पंचायत, मुखय
पंचायत, प्रत्येक िष ष में ऐसे समय पर, और ऐसी रीजत में, िो
कायषपालक अजधकारी को, प्रजतिषष पूिषिती िष ष के िौरान ग्राम
जिजित की िाए, उस िष ष के जलए जिकास योिना तैयार करेगी
पंचायत के प्रिासन पर एक ररपोटष प्रस्ट्तुत करेगा ।
और जिला योिना सजमजत के समक्ष प्रस्ट्तुत करेगी ।
(2) ररपोटष, सरपंच और पंचायत सजचि द्वारा तैयार की
(2) िब तक प्रिासक द्वारा बिट का अनुमोिन निीं
िाएगी और ग्राम पंचायत द्वारा उसको अनुमोदित दकए िाने के
दकया िाता ि ैतब तक कोई व्यय उपगत निीं दकया िाएगा ।
पश् चात्, उस पर ग्राम पंचायत के संकल्प की प्रजत के साथ मुखय
48. सपं रीक्षा—(1) प्रत्येक ग्राम पंचायत के लेखाओं की
कायषपालक अजधकारी को अग्रेजषत की िाएगी ।
ऐसी रीजत में, िो जिजित की िाए, प्रजतिषष संपरीक्षा की
(3) ग्राम पंचायत की िार्षषक प्रिासजनक ररपोटष में, उस
िाएगी ।
ग्राम पंचायत के बारे में आधारभूत सांजखयकी आंकडों और
(2) संपरीक्षा, जिजित प्राजधकारी या ऐसे अन्य अजधकारी
कायों, जित्त और कृत्यकाररयों के न्यागमन से संबंजधत आंकडों
द्वारा की िाएगी, जिसको प्रिासक द्वारा इस जनजमत्त जनयुि
और उनके कतषव्यों, कृत्यों तथा बाध्यताओं के अनुपालन के साथ
दकया िाए और जिजित प्राजधकारी या अन्य अजधकारी,
संपरीक्षा के पूरा िोने के एक मास के भीतर, संपरीक्षा ररपोटष पररचयात्मक खंड अंतर्िषष्ट दकया िाएगा ।
की प्रजतयां मुखय कायषपालक अजधकारी या ग्राम पंचायत को (4) मुखय कायषपालक अजधकारी, पंचायत जनिेिक के
अग्रेजषत करेगा । माध्यम से अपनी रटप्पजणयों के साथ िार्षषक प्रिासजनक ररपोटष
(3) मुखय कायषपालक अजधकारी, ररपोटष पर जिचार करने प्रिासक को अग्रेजषत करेगा ।
के पश् चात् तथा ऐसी और िांच करने के पश् चात्, िो िि अध्याय 6
आिश्यक समझ,े ऐसी दकसी मि को अननुज्ञात कर सकेगा, िो
ग्राम पंचायत का जनयत्रं ण[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 15
50. कायिष ाजियों, आदि की मागं करन े की िजि—मुखय का दकया िाना मानि िीिन, स्ट्िास्ट्थ्य और लोक सुरक्षा के
कायषपालक अजधकारी और पंचायत जनिेिक द्वारा प्राजधकृत जलए खतरा ि ै या उससे खतरा िोने की संभािना ि,ै या िि
दकसी अन्य अजधकारी को जनम् नजलजखत की िजि िोगी,-- िांजत भंग करने िाली ि ै या अिैध ि,ै तो िि उसको, तुरंत,
(क) (i) दकसी ग्राम पंचायत की कायषिािी से या दकसी मुखय कायषपालक अजधकारी की िानकारी में लाएगा, िो
ग्राम पंचायत के कब्ि े में या उसके जनयंत्रणाधीन दकसी बिी, जनष्पािन को जनलंजबत कर सकेगा या जलजखत में उसका दकया
अजभलेख, पत्र व्यििार या िस्ट्तािेिों से कोई उद्धरण मांगने िाना प्रजतजषद्ध कर सकेगा ।
की; (2) िब उपधारा (1) के अधीन मुखय कायषपालक
(ii) जनरीक्षण या परीक्षा के प्रयोिन के जलए दकसी अजधकारी कोई आिेि करता ि ै तो िि तुरंत, आिेि की एक
जििरणी, योिना, प्राक्कलन, लेखे या ररपोटष मांगन े प्रजत, उसको करने के कारणों के कथन के साथ, उसके द्वारा
की ; प्रभाजित िोने िाली ग्राम पंचायत को भेिेगा ।
(ख) दकसी ग्राम पंचायत से, — (3) मुखय कायषपालक अजधकारी, तुरंत सजचि पंचायत
को, उन पररजस्ट्थजतयों की ररपोटष प्रस्ट्तुत करेगा, जिसमें इस
(i) दकसी ऐसे आक्षेप पर, िो मुखय कायषपालक
धारा के अधीन आिेि दकया गया था और सजचि पंचायत ग्राम
अजधकारी या पंचायत जनिेिक को, दकसी ऐसी बात के
पंचायत को सूचना िेने के पश् चात् और ऐसी िांच करने के
दकए िाने का, जिसको ऐसी ग्राम पंचायत द्वारा दकया
पश् चात्, िो िि ठीक समझे, आिेि को जिखंजडत, उपांतररत या
िाना ि ै या दकया गया ि,ै जिद्यमान िोना प्रतीत िोता
पुष्ट कर सकेगा ।
ि,ै जिचार करने िते ु अपेक्षा करने की ; या
(4) धारा 50, धारा 51 और इस धारा के अधीन की गई
(ii) दकसी ऐसी सूचना पर, िो मखु य कायषपालक
सभी कारषिाइयों या दकए गए सभी आिेिों की ररपोटष यथािीघ्र
अजधकारी या पंचायत जनिेिक को िेने के जलए समथष िै
प्रिासक को भेिी िाएगी ।
और िो मुखय कायषपालक अजधकारी या पंचायत जनिेिक
53. िाजन, िव्यु यष या िरुु पयोिन के जलए सिस्ट्यों का
को, ग्राम पंचायत द्वारा कजतपय बातों को करने के जलए
अजनिायष प्रतीत िोती ि ै और, यथाजस्ट्थजत, उि मुखय िाजयत्ि.—(1) ग्राम पंचायत का प्रत्येक सिस्ट्य, ग्राम पंचायत
कायषपालक अजधकारी या पंचायत जनिेिक को ऐसी बात के दकसी धन या अन्य संपजत्त की ऐसी िाजन, िव्यु षय या
करने से प्रजिरत रिने के जलए अपने कारणों का कथन िरुु पयोग के जलए व्यजिगत रूप से िायी िोगा, जिसको ग्राम
करते हुए युजियुि समय के भीतर जलजखत उत्तर िेने के पंचायत के सिस्ट्य के रूप में उसके अिचार या अपने कतषव्य की
जलए जिचार करने िते ु अपेक्षा करने की । िानबूझकर ऐसी उपेक्षा द्वारा, िो कपट की कोरट में आती ि,ै
दकया गया ि ैया सुकर बनाया गया ि ै।
51. ग्राम पचं ायत द्वारा कतव्यष ों के अनपु ालन म ें
व्यजतक्रम—(1) यदि दकसी समय मुखय कायषपालक अजधकारी (2) यदि संबंजधत ग्राम पंचायत के सिस्ट्य को प्रजतकूल
को यि प्रतीत िोता ि ै दक ग्राम पंचायत ने इस जिजनमय द्वारा कारण िर्िषत करने के जलए युजियुि अिसर दिए िाने के
उस पर अजधरोजपत दकसी कतषव्य के अनुपालन में िानबूझकर पश् चात् पंचायत सजचि का समाधान िो िाता ि ै दक ग्राम
और लगातार व्यजतक्रम दकया ि ै तो िि, जलजखत आिेि द्वारा, पंचायत के दकसी धन या अन्य संपजत्त की िाजन, िव्यु षय या
पंचायत जनिेिक को सूचना के अधीन उस कतषव्य के अनुपालन िरुु पयोिन, ऐसे सिस्ट्य के अिचार या उसकी ओर से
के जलए अिजध जनयत कर सकेगा । िानबूझकर की गई उपेक्षा का प्रत्यक्ष पररणाम ि ै तो िि
जलजखत में मुखय कायषपालक अजधकारी को ररपोटष करेगा, िो
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन जिजनर्िषष्ट कतषव्य का,
ऐसे सिस्ट्य को दकसी जनयत तारीख के पूि,ष ऐसी िाजन, िव्यु षय
इस प्रकार जनजश् चत अिजध के भीतर अनुपालन निीं दकया
या िरुु पयोिन के जलए ग्राम पंचायत को उसकी प्रजतपूर्तष दकए
िाता ि ै तो कायषपालक अजधकारी, उसको दकए िाने के जलए
िाने के जलए अपेजक्षत रकम का संिाय करने का जनिेि िेगा :
दकसी सरकारी अजभकरण को जनयुि कर सकेगा और यि
जनिेि िे सकेगा दक ऐसे कतषव्य के अनुपालन के व्यय, व्यजतक्रमी परंतु ऐसा कोई आिेि ग्राम पंचायत के दकसी सिस्ट्य की
ग्राम पंचायत द्वारा ऐसी अिजध के भीतर, िो मुखय कायषपालक सिभािपूणष या तकनीकी अजनयजमतता या भूल के जलए निीं
अजधकारी ठीक समझे, संित्त दकए िाएंग े। दकया िाएगा ।
52. पचं ायत के सकं ल्प पर आििे जनष्पािन का (3) यदि उपधारा (2) में जनर्िषष्ट रकम का इस प्रकार
जनलंबन—(1) यदि, पंचायत सजचि की राय में ग्राम पंचायत के संिाय निीं दकया िाता ि ै तो मुखय कायषपालक अजधकारी
दकसी आिेि या संकल्प का जनष्पािन या कोई ऐसी बात, िो उसको भ-ू रािस्ट्ि के बकाए के रूप में िसूल करेगा और उसको
ग्राम पंचायत द्वारा या उसकी ओर से की िानी ि ैया की गई ि,ै धारा 38 की उपधारा (1) में जनर्िषष्ट ग्राम जनजध में िमा करेगा।16 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
(4) मुखय कायषपालक अजधकारी का कोई आिेि, पंचायत (ग) ग्राम पंचायत का, यथाजस्ट्थजत, जिघरटत िोने पर या
सजचि को अपील दकए िाने के अधीन िोगा, यदि िि आिेि अजधक्रमण की अिजध के अिसान पर, पुनगषठन इस जिजनयम में
की तारीख स ेतीस दिन के भीतर की िाती ि ै। उपबंजधत रीजत में दकया िाएगा और पि ररि करने िाले
54. व्यजतक्रम के जलए ग्राम पचं ायत का जिघटन या व्यजि पुन:जनिाषचन के पात्र िोंगे ।
जनलंबन—(1) यदि प्रिासक की राय में, कोई ग्राम पंचायत, 55. ग्राम पचं ायतों के मध्य जििाि—(1) यदि िो या
अपनी िजियों का अजतक्रमण या िरुु पयोग करती ि ै या इस अजधक ग्राम पंचायतों के मध्य कोई जििाि उद्भूत िोता िै तो
जिजनयम के दकन्िीं उपबंधों के अधीन या तत्समय प्रिृत्त दकसी उसको धारा 80 के अधीन जनयुि पंचायत की संयुि सजमजत
अन्य जिजध द्वारा या उसके अधीन उस पर अजधरोजपत कतषव्यों को जनर्िषष्ट दकया िाएगा ।
या इस पर न्यस्ट्त कतषव्यों या कतषव्यों का पालन करने में (2) यदि संयुि सजमजत समस्ट्या का समाधान करने में
लगातार व्यजतक्रम करती ि ै या इस जिजनयम के अधीन इसस े असमथष रिती िै तो उसे सजचि पंचायत को जनर्िषष्ट दकया
ज्येष्ठ ग्राम पंचायत द्वारा या प्रिासक या इसके द्वारा प्राजधकृत िाएगा और सजचि पंचायत का उस पर जिजनश् चय अजं तम
दकसी अजधकारी द्वारा इस जिजनयम के अधीन दकए गए आिेि िोगा।
का पालन करने में असफल रिती ि ै या दकन्िीं ऐसे आिेिों की
56. प्रिासक या सजचि पचं ायत द्वारा कायिष ाजियों का
लगातार अिज्ञा करती ि,ै तो प्रिासक, ग्राम पंचायत को
मागं ा िाना—प्रिासक या सजचि पंचायत, दकसी पाररत आिेि
स्ट्पष्टीकरण का अिसर िेने के पश् चात्, रािपत्र में आिेि द्वारा,-
की जिजधमान्यता या उपयुिता के बारे में अपना समाधान
(i) ऐसी ग्राम पंचायत को जिघरटत कर सकेगा ; या करने के प्रयोिन के जलए ग्राम पंचायत की कायषिाजियों का
(ii) आिेि में जिजनर्िषष्ट अिजध के जलए ऐसी ग्राम अजभलेख मांग सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा तथा
पंचायत को अजधक्रांत कर सकेगा : आिेि को ऐसे पुनरीजक्षत या उपांतररत कर सकेगा, िो िि
परंतु ऐसी अिजध छि मास से या ऐसी ग्राम पंचायत की ठीक समझ े:
अिजिष्ट कालािजध, िो भी कम िो, से अजधक लंबी निीं िोगी : परंतु दकसी भी आिेि के पुनरीक्षण या उपांतरण के जलए
परंतु यि और दक प्रिासक, पूिषिती परंतुक के अधीन प्रस्ट्ताजित आिेि के जिरुद्ध, संबजधत ग्राम पंचायत को कारण
रिते हुए, समय-समय पर, ऐसी िांच करने के पश् चात्, िो िि िर्िषत करने का युजियुि अिसर दिए जबना इस प्रकार कोई
आिश्यक समझ,े रािपत्र में प्रकाजित आिेि द्वारा, ऐसी ग्राम आिेि पुनरीजक्षत या उपांतररत निीं दकया िाएगा ।
पंचायत को अजधक्रांत करने की अिजध का, ऐसी तारीख तक, अध्याय 7
िो आिेि म ें जिजनर्िषष्ट की िाए, जिस्ट्तार कर सकेगा या इसी जिला पचं ायत
प्रकार के आिेि द्वारा ऐसे अजधक्रांत करने की अिजध को कम
57. जिला पचं ायत—प्रिासक, अजधसूचना द्वारा, संघ
कर सकेगा ।
राज्यक्षेत्र में जिलों के जलए, जिला स्ट्तर पर, जिला पंचायत
(2) िब ग्राम पंचायत जिघरटत या अजधक्रांत िोती ि,ै नामक एक पंचायत का गठन करेगी ।
तब ग्राम पंचायत के सभी सिस्ट्य आिेि में जिजनर्िषष्ट तारीख से
58. जिला पचं ायत की सरं चना—(1) जिला पंचायत,
ऐसे सिस्ट्य के रूप में अपना पि ररि कर िेंगे ।
िाडों की ऐसी संखया से भरे िाने िाले ऐसे स्ट्थानों से जमलकर
(3) िब ग्राम पंचायत जिघरटत या अजधक्रांत िोती ि,ै बनेगी िो प्रिासक, आिेि द्वारा अिधाररत करे ।
तब इसका पुनगषठन इस जिजनयम में उपबंजधत रीजत में दकया
(2) उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रिते हुए, प्रत्येक
िाएगा ।
िाडष की प्रािेजिक सीमा, जनिाषचन आयोग की जसफाररिों के
(4) यदि कोई ग्राम पंचायत जिघरटत या अजधक्रांत िोती आधार पर प्रिासक द्वारा अजधसूजचत की िाएगी ।
ि,ै—
(3) जिला पंचायत के स्ट्थान, प्रािेजिक जनिाषचन क्षेत्र से
(क) ग्राम पंचायत की, यथाजस्ट्थजत, जिघटन या प्रत्यक्ष जनिाषचन द्वारा चुने गए व्यजियों द्वारा, ऐसी रीजत में
अजधक्रमण की अिजध के िौरान, सभी िजियो का प्रयोग और भरे िाएंग,े िो प्रत्येक जनिाषचन क्षेत्र की िनसंखया और उसे
कतषव्यों का अनुपालन, ऐसे व्यजि या व्यजियों द्वारा दकया आबंरटत स्ट्थानों की संखया के बीच का अनुपात िोगा, िो
िाएगा, जिन्ि ें प्रिासक, समय-समय पर, इस जनजमत्त जनयुि यथासाध्य, संपूणष जिला पंचायत क्षेत्र में समान िोगा ।
करें ;
(4) जनम् नजलजखत व्यजि भी जिला पंचायत का
(ख) ग्राम पंचायत में जनजित सभी संपजत्त, यथाजस्ट्थजत, प्रजतजनजधत्ि करेंगे, अथाषत् :—
जिघटन या अजधक्रमण की अिजध के िौरान, प्रिासक में जनजित
(क) ग्राम पंचायतों के सभी सरपंच ;
िोंगी ; और[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 17
(ख) संघ राज्यक्षेत्र के जनिाषचन क्षेत्र का प्रजतजनजधत्ि (घ) उसे दकसी सक्षम न्यायालय द्वारा जिकृत्त जचत
करने िाला लोक सभा का सिस्ट्य : न्यायजनणीत दकया गया ि ै;
परंतु खंड (क) और खंड (ख) के अधीन प्रजतजनजध को, (ङ) उसे दििाजलया के रूप में अजधजनणीत दकया गया ि;ै
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के जनिाषचन के जलए आयोजित अजधिेिन (च) उसे इस जिजनयम के दकसी उपबंध के अधीन दकसी
से अन्यथा, अजधिेिन में मतिान करने का अजधकार िोगा । ग्राम पंचायत में उसके द्वारा धाररत दकसी पि से या इस
(5) धारा 12 की उपधारा (5), उपधारा (6), उपधारा जिजनयम के प्रारंभ से पूि षदकसी ग्राम पंचायत से िटा दिया गया
(7) और उपधारा (8) के उपबंध, जिला पंचायत को उसी प्रकार िो और ऐसे िटाए िाने की तारीख से पांच िषों की समयािजध
लाग ू िोंग,े िैसे ि े इस उपांतरण के अधीन रिते हुए दक “ग्राम व्यपगत निीं हुई ि,ै िब तक दक उसे, रािपत्र में अजधसूजचत
पंचायत” िब्िों के स्ट्थान पर, ििां किीं ि े उन उपबंधों में आत े प्रिासक के दकसी आिेि के द्वारा, पि के ऐसे िटाए िाने के
ि,ैं “जिला पंचायत” िब्ि रखे िाएंगे, “ग्राम पंचायत” को लागू कारण उत्पन्न हुई जनरितष ा से उन्मुि निीं कर दिया िाता ि ै;
िोते ि ैं। (छ) िि इस जिजनयम के दकसी उपबंध के अधीन पि
59. जिला पचं ायत का जनगमन—जिला पंचायत, धारा धारण करने से जनरर्ितष िो गया ि ै और ऐसी अिजध, जिसके
57 के अधीन अजधसूजचत नाम से िाश् ित उत्तराजधकार और जलए िि इस प्रकार जनरर्ितष हुआ ि,ै व्यपगत निीं हुई ि ै;
सामान्य मुद्रा िाला जनगजमत जनकाय िोगा और जिसे इस (ि) िि दकसी पंचायत के िान या अजधकार में कोई
जिजनयम या तत्समय प्रित्तृ दकसी अन्य जिजध द्वारा या उसके िैतजनक पि या लाभ का पि, इस प्रकार जिजित पि या स्ट्थान
अधीन अजधरोजपत ऐसे जनबषधनों और ितों के अधीन रिते हुए, से जभन्न, धाररत करता िै ;
िंगम और स्ट्थािर, िोनों िी प्रकार की संपजत्त का अिषन,
(झ) उसका, पंचायत के आिेि से दकए गए दकसी कायष
धारण, प्रिासन और अंतरण करने की और संजििा करने की
में, या पंचायत के अधीन या उसके साथ जनयोिन या उसके
िजि िोगी तथा िि उि नाम से िाि लाएगी या उस पर िाि
द्वारा या उसकी ओर से, या उसके साथ दकसी संजििा में,
लाया िाएगा ।
प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत:, कोई जिस्ट्सा या जित ि ै।
60. मतिान करने और जनिाजष चत िोन े के जलए अर्ितष
स्ट्पष्टीकरण—िंकाओं के जनिारण के जलए यि स्ट्पष्ट दकया
व्यजि—जिला पंचायत गरठत करने िाली ग्राम सभाओं का
िाता ि ै दक कोई व्यजि दकसी पंचायत की सिस्ट्यता से केिल
प्रत्येक सिस्ट्य, िब तक उसे इस जिजनयम या तत्समय प्रिृत्त
इस कारण से िी जनरर्ितष निीं िोगा दक,—
दकसी अन्य जिजध के अधीन जनरर्ितष निीं दकया िाता ि,ै
(i) ऐसे व्यजि का ऐसी दकसी संयुि स्ट्टॉक कंपनी में
जनम् नजलजखत के जलए अर्ितष िोगा,—
िेयर ि ै या तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन रजिस्ट्रीकृत
(i) जिला पंचायत के जनिाषचन में मतिान के जलए ;
ऐसी दकसी सोसाइटी में कोई िेयर या जित ि,ै िो दकसी
(ii) जिला पंचायत में जनिाषचन के जलए । पंचायत के साथ संजििा करेगी या उसके द्वारा या उसकी ओर से
61. जनरितष ाएं —(1) कोई व्यजि, दकसी जिला पंचायत जनयोजित िोगी ;
का सिस्ट्य निीं िोगा या उस रूप में निीं रिगे ा, यदि,— (ii) ऐसे व्यजि का दकसी ऐसे समाचारपत्र में कोई िेयर
(क) उसने इक् कीस िषष की आयु पूरी निीं की ि ै; या जित ि,ै जिसमें दकसी पंचायत के कायों से संबंजधत जिज्ञापन
(ख) िि भारत का नागररक निीं िै ; जनकल सकते ि ैं;
(ग) उसे, चाि े इस जिजनयम के प्रारंभ िोने के पूिष या (iii) ऐसा व्यजि, दकसी पंचायत द्वारा या उसकी ओर से
इसके पश् चात्,— उठाए गए ऋण में कोई जडबेंचर धाररत करता िै या उससे
अन्यथा संबंजधत ि ै;
(i) जसजिल अजधकार संरक्षण अजधजनयम, 1955 के
1955 का 2 अधीन दकसी अपराध के जलए जसद्धिोष दकया (iv) ऐसा व्यजि, दकसी पंचायत की ओर से जिजध
गया ि ैऔर उसकी िोषजसजद्ध को पांच िषष की अिजध, या ऐसी व्यिसायी के रूप में िृजत्तक रूप से संबद्ध ि ै;
कम अिजध, िो प्रिासक दकसी जिजिष्ट मामले में अिधाररत (v) ऐसा व्यजि, अचल संपजत्त के दकसी पट्टे में, जिसम ें
करे, व्यपगत िो चुकी िै ; ग्राम पंचायत की ििा में ग्राम पंचायत द्वारा या अपने स्ट्ियं की
(ii) दकसी अन्य अपराध के जलए जसद्धिोष और छि माि ििा में जिला पंचायत द्वारा दकराए की राजि अनुमोदित की
से अन्यून के कारािास से िंजडत दकया गया ि ै और उसकी गई ि ैया अचल संपजत्त के दकसी जिक्रय या क्रय में या ऐसे पट्टे,
उन्मुजि के पश् चात् पांच िष ष की अिजध, या ऐसी कम अिजध, जिक्रय या क्रय के दकसी करार में, कोई िेयर या जित रखता ि ै;
िो प्रिासक दकसी जिजिष्ट मामले में अिधाररत करे, व्यपगत (vi) ऐसा व्यजि, दकसी पंचायत को दकसी िस्ट्तु के,
िो चुकी िै ; जिसमें िि जनयजमत रूप से व्यापार करता ि,ै यिा-किा दकए18 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
िाने िाले जिक्रय में, या दकसी पंचायत से दकसी िस्ट्तु के क्रय (ण) िि इस जिजनयम के दकसी अन्य उपबंध के अधीन
में, कोई िेयर या जित रखता ि ैजिसका मूल्य, दकसी भी मामले जनरर्ितष ि,ै और िि अिजध, जिसके जलए िि जनरर्ितष िै,
में, दकसी िष षमें एक ििार रुपए से अनजधक ि ै; या व्यपगत निीं हुई ि ै;
(vii) ऐसा व्यजि, पंचायत की ओर से या उसके द्वारा या (त) उसके िो से अजधक बच् च ेि ैं:
उसके अधीन या उसके साथ जनयोजित दकसी व्यजि का मात्र परंतु यदि दकसी व्यजि के इस जिजनयम के प्रारंभ की
ररश्तेिार ि ै; तारीख को िो से अजधक बच् चे ि,ैं तो िि इस खंड के जलए तब
(ञ) उसका, दकसी पंचायत के दकसी अजधकारी या सेिक तक जनरर्ितष निीं िोगा, िब तक उसके बच् चों की संखया, िो
से उधार जलए गए या उसे अजग्रम दिए गए ऋण के दकसी ऐसे प्रारंभ की तारीख को उसके थे, निीं बढ़ती ि ै:
संव्यििार म,ें प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत:, कोई जिस्ट्सा या जित ि ै; परंतु यि और दक ऐसे प्रारंभ की तारीख से एक िषष की
(ट) िि, उसके द्वारा पंचायत या दकसी पंचायत अिजध के भीतर एकल प्रसि में िन्मा एक बच् चा या एक से
अधीनस्ट्थ को िेय दकसी भी प्रकार के दकसी बकाए का या इस अजधक बच् चों को, इस खंड के अधीन जनरितष ा के प्रयोिन के
जिजनयम के अधीन उससे िसूलनीय दकसी रकम का, इस जलए जिचार में निीं जलया िाएगा ।
जनजमत्त बनाए गए जनयमों के अनुसरण में उसे जििेष नोरटस स्ट्पष्टीकरण— इस खंड के प्रयोिन के जलए, यि स्ट्पष्ट
तामील दकए िान े के पश् चात्, तीन मास के भीतर संिाय करने दकया िाता ि ैदक,--
में असफल रिता ि ै।
(i) ििां दकसी िंपजत्त के ऐसे प्रारंभ की तारीख को या
स्ट्पष्टीकरण—िंकाओं के जनिारण के जलए यि स्ट्पष्ट दकया उसके पश् चात् केिल एक बच् चा ि,ै पश् चातिती एकल प्रसि से
िाता ि ैदक,— िन्मे दकतने भी बच्चों को एकल इकाई के रूप में माना िाएगा ;
(i) कोई व्यजि जनरर्ितष निीं समझा िाएगा, यदि (ii) “बच् चा” में कोई ित्तक बच् चा या बच् च े सजम्मजलत
अभ्यर्थषयों के नामांकन के जलए जिजित दिन से पूि,ष उसने खंड निीं ि;ैं
(ट) में जनर्िषष्ट रकम या बकाया का भुगतान कर दिया ि ै;
(थ) िि ग्राम पंचायत की अनुमजत के जबना तीन क्रमिती
(ii) दकसी हििं ू अजिभि कुटुंब के दकसी सिस्ट्य द्वारा या अजधिेिनों से अनुपजस्ट्थत रिता ि ै;
दकसी समूि या इकाई से संबंजधत दकसी व्यजि द्वारा, जिसके
(ि) उसे िंड प्रदक्रया संजिता, 1973 (1974 का 2) की
सिस्ट्य संपिा या जनिास में रीजत-ररिाि द्वारा संयुि ि,ैं
धारा 109 या धारा 110 के अधीन सद्व्यििार के जलए प्रजतभूजत
पंचायत को खंड (ट) में जनर्िषष्ट रकम या बकाया के भुगतान म ें
िेने का आिेि दिया गया ि ै; या
असफलता से, यथाजस्ट्थजत, ऐसे हििं ू अजिभि कुटुंब के सभी
(ध) उसे मतिान की तारीख से पिू ष पांच िष ष के भीतर
सिस्ट्यों या ऐसे समूि या इकाई के सभी सिस्ट्यों को जनरर्ितष
अिचार के जलए, सरकार या नगरपाजलका या ग्राम पंचायत की
समझा िाएगा ।
सेिा से पिच्युत दकया गया ि ै।
(ठ) िि सरकार या दकसी स्ट्थानीय जनकाय का सेिक ि ै;
(2) कोई व्यजि ग्राम पंचायत का सिस्ट्य िोने से जनरर्ितष
(ड) उसने स्ट्िेच्छा से दकसी जििेिी राज्य की नागररकता
िोगा, यदि पांचिी अनुसूची के अधीन इस प्रकार जनरर्ितष
अर्िषत कर ली िै या िि दकसी जििेिी राज्य की रािभजि या
दकया गया ि ै।
जनष्ठा की दकसी अजभस्ट्िीकृजत के अधीन ि ै;
62. जनरितष ा के प्रश्न पर जिजनश्च य—यदि इस बारे में
(ढ) उसके साधारण तौर पर जनिास िाले स्ट्थान पर िल
कोई प्रश् न उद्भूत िोता ि ै दक क्या कोई व्यजि धारा 4, धारा
िौचालय या िौचालय सुजिधा निीं ि ै:
14, धारा 15, धारा 60 और धारा 61 में यथाजनर्िषष्ट जनरितष ा
परंतु आसीन सिस्ट्य को जनरितष ा उपगत हुई समझी से ग्रस्ट्त िो गया ि,ै तो उसका जिजनश् चय करने के जलए संघ
िाएगी, यदि िि, इस जिजनयम के प्रारंभ की तारीख से छि राज्यक्षेत्र के प्रिासक को जनर्िषष्ट दकया िाएगा और उस पर
मास के भीतर, उस ग्राम पंचायत के, जिसकी अजधकाररता म ें उसका जिजनश् चय अंजतम िोगा :
उसका साधारण तौर पर जनिास स्ट्थान अिजस्ट्थत ि,ै पंचायत
परंतु प्रिासक, ऐसे दकसी प्रश् न पर कोई जिजनश्चय करने
सजचि द्वारा िारी इस आिय का प्रमाणपत्र दक उसके साधारण
से पूि,ष जनिाषचन आयोग की राय अजभप्राि करेगा और ऐसी
तौर पर जनिास स्ट्थान पर िल िौचालय या िौचालय सुजिधा
राय के अनुसार कायष करेगा :
उपलब्ध िै, मुखय कायषकारी अजधकारी को प्रस्ट्तुत निीं करता
परंतु यि और दक कोई व्यजि तब तक जनरर्ितष निीं
ि।ै
िोगा, िब तक उसे मामले में सुनिाई का अिसर प्रिान निीं
दकया गया िो ।[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 19
63. जनिाचष न—(1) दकसी जिला पंचायत के सिस्ट्यों का परंतु ऐसा जनिेि ग्रिण निीं दकया िाएगा, यदि िि उस
जनिाषचन ऐसी रीजत (जिसके अंतगषत मतिान की रीजत भी ि)ै से तारीख से, जिसको पंचायत उपधारा (1) के अधीन सिस्ट्य को
दकया िाएगा, िो जिजित की िाए और ऐसी तारीख या ऐसी ररजि के संबंध में सूजचत करती ि,ै पन्द्रि दिन के अिसान
तारीखों को दकया िाएगा, िो प्रिासक, जनिाषचन आयोग के के पश् चात् दकया िाता ि ै।
परामिष से, अजधसूचना द्वारा जनिेि करे : (3) िब कभी, उपधारा (1) के अधीन दकसी ऐसे सिस्ट्य
परंतु कोई आकजस्ट्मक ररजि, ऐसी ररजि िोने की तारीख को, िो उपाध्यक्ष ि,ै अनुमजत प्रिान की िाती ि,ै तो अन्य
से छि मास की तारीख की अिजध के भीतर भरी िाएगी : सिस्ट्य, ऐसे जनबधं नों के अधीन रिते हुए, जिसके अधीन ऐसे
परंतु यि और दक इस धारा के अधीन दकसी ग्राम स्ट्ियं को अनुपजस्ट्थत रखने िाले उपाध्यक्ष का जनिाषचन दकया
पंचायत के साधारण जनिाषचन के पूिष छि मास के भीतर हुई गया था, ऐसी अिजध, जिसके जलए ऐसी अनमु जत प्रिान की गई
दकसी आकजस्ट्मक ररजि को भरने के जलए कोई जनिाषचन निीं ि,ै के िौरान उपाध्यक्ष के सभी कतषव्यों का पालन करने के जलए
दकया िाएगा । और उसकी सभी िजियों का प्रयोग करने के जलए जनिाषजचत
दकया िाएगा ।
(2) जनिाषचन आयोग, ऐसे कारणों से, िो िि आिश्यक
समझे, उपधारा (1) के अधीन िारी अजधसूचना में आिश्यक 65. पि की िपथ—(1) इस जिजनयम के अधीन जिला
संिोधन करके, दकसी जनिाषचन को पूणष करने की तारीख का पंचायत का पिली बार गठन दकए िाने पर या उसके पुनगषठन
जिस्ट्तार करने में सक्षम िोगा । पर, प्रिासक द्वारा, पंचायत सजचि के समक्ष पिली अनुसूची में
दिए गए प्ररूप में सभी सिस्ट्यों द्वारा िपथ जलए िाने के जलए
(3) ििां दकसी ऐसी पंचायत के संबंध में, िो उसकी
जनयत तारीख को अजधिेिन बुलाया िाएगा ।
पिािजध की समाजि के कारण पुनगषरठत की िानी ि,ै प्रिासक
का यि समाधान िो िाता ि ै दक दकसी प्राकृजतक आपिा, िंगे, (2) प्रिासक द्वारा जनयुि अजधकारी ऐसे अजधिेिन की
सांप्रिाजयक अिांजत, अपररिायष घटना के कारण, पंचायत के अध्यक्षता करेगा, ककंतु उसे मत िेने का अजधकार निीं िोगा ।
पुनगषठन की अिजध के अिसान से पूि ष जनिाषचन कराना संभि (3) जिला पंचायत का कोई सिस्ट्य, जिसने ऐसी िपथ
निीं ि,ै तब, इस जिजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों निीं ली ि,ै दकसी अजधिेिन की कायषिाजियों में मतिान निीं
में अंतर्िषष्ट दकसी बात के िोते हुए भी, प्रिासक, अजधसूचना करेगा या भाग निीं लेगा और न िी उसे जिला पंचायत द्वारा
द्वारा, इस प्रभाि की घोषणा कर सकेगा । गरठत दकसी सजमजत के सिस्ट्य के रूप में सजम्मजलत दकया
(4) उपधारा (3) के अधीन अजधसूचना िारी िोने पर, िाएगा ।
पंचायत की सभी िजियों का प्रयोग और कतषव्यों का पालन, 66. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का जनिाचष न—(1) इस
ऐसी अिजध के जलए, जिसके िौरान ऐसी अजधसूचना प्रिृत्त जिजनयम के अधीन पिली बार जिला पंचायत का गठन िोने पर
रिती ि,ै ऐसे अजधकारी द्वारा दकया िाएगा, जिसे प्रिासक या जिला पंचायत की अिजध की समाजि पर या उसके पुनगषठन
जलजखत में आिेि द्वारा जिजनर्िषष्ट करे । पर, पंचायत सजचि द्वारा जनयत तारीख पर अजधिेिन बुलाया
64. अनपु जस्ट्थजत की अनमु जत—(1) जिला पंचायत का िाएगा, जिसमें जिला पंचायत के जनिाषजचत सिस्ट्य अपने म ें स े
कोई सिस्ट्य, िो अपनी पिािजध के िौरान,— अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का जनिाषचन करेंग े।
(i) जिले से तीन क्रमागत मिीनों से अजधक से अनुपजस्ट्थत (2) पंचायत सजचि द्वारा जनयुि अजधकारी ऐसे
ि ै और पंचायत द्वारा इस प्रकार अनुपजस्ट्थत रिने के जलए चार अजधिेिन की अध्यक्षता करेगा, ककंतु उसे मत िेने का अजधकार
मास से अनजधक की अनुमजत प्रिान की गई ि ै; निीं िोगा ।
(ii) उि पंचायत की छुट्टी के जबना पंचायत के (3) ऐसे अजधिेिन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के जनिाषचन
अजधिेिनों से चार क्रमागत मिीनों के जलए स्ट्ियं को से अन्यथा कोई कामकाि निीं दकया िाएगा ।
अनुपजस्ट्थत रखता ि,ै (4) मतों के बराबर िोने की ििा में, जनिाषचन का
सिस्ट्य निीं रिगे ा और उसका पि ररि िो िाएगा तथा पररणाम, जनयुि अजधकारी की उपजस्ट्थजत में, ऐसी रीजत में, िो
तत् पश् चात्, पंचायत, यथािीघ्र, उसे सूजचत करेगी दक ररजि िो िि अिधाररत करे, लाटरी द्वारा ड्रा जनकालकर दकया िाएगा ।
गई िै । (5) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पि, अनुसूजचत
(2) इस बारे में दक क्या इस धारा के अधीन कोई ररजि िनिाजतयों के जलए आरक्षण के रोस्ट्टर, जिसे ऐसे रूप और
हुई ि ै या निीं, कोई जििाि जिजनश् चय के जलए सजचि पंचायत रीजत में रखा िाएगा, जिसे जिजित दकया िा सके, के अनुसार
को जनर्िषष्ट दकया िाएगा, और ऐस ेसजचि का जिजनश् चय अजं तम आरजक्षत िोगा :
िोगा :20 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
परंतु अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पि, प्रत्येक िसू री अिजध पंचायत के गठन के जलए इस उपधारा के अधीन कोई जनिाषचन
में जियों के जलए आरजक्षत रिगे ा । कराना आिश्यक निीं िोगा ।
(6) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की पिािजध, िब तक जिला (3) दकसी जिला पंचायत का, उसकी अिजध की समाजि
पंचायत को तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन तत्काल भंग के पूि ष जिघटन िोने पर गरठत जिला पंचायत, केिल ऐसी िेष
निीं दकया िाता ि,ै उस तारीख से, जिसको ि े पिली बैठक के अिजध के जलए िी िारी रिगे ी, जिसके जलए जिघरटत जिला
जलए जनयुि दकए िाते ि,ैं अजधकतम िो साल और छि मिीने पंचायत, यदि िि इस प्रकार जिघरटत निीं की िाती तो,
की िोगी और उससे अजधक की निीं िोगी । उपधारा (1) के अधीन िारी रिती ।
67. अजधििे न— अध्यक्ष,— 70. पि स े त्यागपत्र—(1) जिला पंचायत कोई सिस्ट्य,
(i) जिला पंचायत के अजधिेिन बुलाएगा, उनकी मुखय कायषपालक अजधकारी को सूजचत करते हुए अध्यक्ष को
अध्यक्षता करेगा और उनका संचालन करेगा ; जलजखत में उस प्रभाि की सूचना िेकर अपने पि से त्यागपत्र िे
सकेगा और ऐसा त्यागपत्र अध्यक्ष उसके स्ट्िीकार दकए िाने की
(ii) की पहुचं पंचायत के अजभलेखों तक िोगी ;
तारीख से प्रभािी िोगा ।
(iii) इस जिजनयम द्वारा या उसके अधीन उसको
(2) उपाध्यक्ष, मुखय कायषपालक अजधकारी को सूचना के
अजधरोजपत सभी कतषव्यों का पालन और सभी िजियों का
अधीन अध्यक्ष को जलजखत में सूचना िेकर अपने पि से त्याग
प्रयोग करेगा ;
पत्र िे सकेगा, और ऐसा त्यागपत्र, अध्यक्ष द्वारा उसकी स्ट्िीकृजत
(iv) पंचायत के जित्तीय और कायषकारी प्रिासन पर
की तारीख से प्रभािी िोगा ।
निर रखेगा और उससे िुडे सभी प्रश् नों को, िो उसके समक्ष
(3) अध्यक्ष, पंचायत सजचि को सूजचत करते हुए
उसके आिेि के जलए प्रस्ट्तुत दकए िाते ि,ैं पंचायत को प्रस्ट्तुत
पंचायत सजचि को जलजखत में सूचना िेकर अपने पि से त्याग
करेगा ; और
पत्र िे सकेगा, और ऐसा त्यागपत्र, पंचायत सजचि द्वारा उसके
(v) पंचायत या उसकी दकसी सजमजत के जनणषयों या
स्ट्िीकार दकए िाने की तारीख से प्रभािी िोगा ।
संकल्पों के कायाषन्ियन को सुजनजश् चत करने के जलए मुखय
71. आकजस्ट्मक ररजि—आकजस्ट्मक ररजि—जिला
कायषपालक अजधकारी पर प्रिासजनक अधीक्षण का प्रयोग
पंचायत में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष अथिा सिस्ट्य के पि पर कोई
करेगा।
आकजस्ट्मक ररजि इस जिजनयम के उपबंधों के अनुसार जनिाषचन
68. उपाध्यक्ष की िजिया ंऔर कतव्यष —उपाध्यक्ष,—
द्वारा जिला पंचायत की िेष अिजध के जलए भरी िाएगी :
(क) अध्यक्ष की िजियों का प्रयोग और कतषव्यों का
परन्तु ििां अध्यक्ष का स्ट्थान या पि दकसी िी या
पालन तब करेगा, िब िि छुट्टी पर अनुपजस्ट्थत िो या काय ष
अनुसूजचत िनिाजतयों के जलए आरजक्षत रिा ि ै ििां दकसी िी
करने में असमथष िो या िब अध्यक्ष का पि ररि पडा िो ; और
या अनुसूजचत िनिाजतयों के दकसी सिस्ट्य से जभन् न कोई व्यजि
(ख) अध्यक्ष की अनुपजस्ट्थजत में या िब अध्यक्ष का पि
िेष अिजध के जलए ऐसे ररजि को भरने के जलए चुने िाने के
ररि पडा िो तो जिला पंचायत के अजधिेिनों की अध्यक्षता
जलए अर्ितष निीं िोगा ।
करेगा ।
72. जिला पचं ायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या दकसी
69. जिला पचं ायत का कायकष ाल—(1) जिला पंचायत,
सिस्ट्य का जनलंबन—(1) सजचि पंचायत जिला पंचालय के ऐसे
िब तक उसे तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन पिले
अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या दकसी सिस्ट्य को पि से आिेि द्वारा
जिघरटत निीं कर दिया िाता ि,ै उसके पिले अजधिेिन के
जनलंजबत कर सकेगा जिसके जिरुद्ध नैजतक अधमता को
जलए जनयत तारीख से पांच िष ष के जलए चालू रिगे ी और इससे
अन्तिषजलत करने िाले अपराध के संबंध में कोई िांजडक
अजधक निीं ।
कायषिाजियां संजस्ट्थत की गई ि ै या जिसे दकसी अपराध के जलए
(2) जिला पंचायत को गरठत करने के जलए जनिाषचन,— जिचारण के िौरान कारागार में जनर्िषष्ट दकया गया ि ै या िो
(क) उपधारा (1) में जिजनर्िषष्ट उसकी अिजध की समाजि कारािास के ऐसे िंडािेि को भोग रिा ि ै िो उसे धारा 58 के
के पूि षपूणष कर जलया िाएगा ; और अधीन पंचायत के सिस्ट्य के रूप में बने रिने से जनरषजित निीं
करेगा या जिसे तत्समय प्रिृत्त जनिारक जनरोध संबंधी दकसी
(ख) उसके जिघटन की तारीख से छि मास की अिजध की
जिजध के अधीन जनर्िषष्ट दकया गया ि ै।
समाजि के पूि षपूणष कर जलया िाएगा :
(2) ििां जिला पंचायत का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या
परंतु ििां ऐसी िेष अिजध, जिसके जलए जिघरटत जिला
कोई सिस्ट्य उपधारा (1) के अधीन जनलंजबत दकया गया ि ैििां
पंचायत िारी रखी िाएगी, छि मास से कम ि,ै ििां जिला
कोई अन् य सिस्ट् य इस ितष के अधीन रिते हुए, जिसके अधीन[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 21
यथाजस्ट्थजत, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या दकसी अन्य सिस्ट्य को में जिजनर्िषष्ट आचरण का िोषी रिा ि ै या अपने कतषव्यों का
यथाजस्ट्थजत, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सिस्ट्य के पालन करने में असमथष रिा ि,ै पांच िष ष से अनजधक की अिजध
सभी कतषव्यों का पालन करने के जलए और सभी िजियों का के जलए जनरर्ितष कर सकेगा ।
प्रयोग करने के जलए जनलंजबत जिला पंचायत के दकसी सिस्ट्य (3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन सजचि
को उस अिजध के िौरान जिसके जलए ऐसा जनलंबन िारी रिता पंचायत के आिेि से व्यजथत कोई व्यजि ऐसे आिेि की
ि,ै जनिाषजचत दकया िाएगा । संसूचना की तारीख स े तीस दिन की अिजध के भीतर प्रिासक
(3) उपधारा (1) के अधीन पाररत दकसी आिेि के या इस जनजमत्त उस के द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी को उि
जिरुद्ध कोई अपील आिेि की तारीख से तीन दिन की अिजध के आिेि के जिरुद्ध अपील कर सकेगा ।
भीतर प्रिासक या इस जनजमत्त उसके द्वारा प्राजधकृत दकसी 75. जिला पचं ायत का कमचष ाररििृं —(1) प्रिासक,
अजधकारी के समक्ष की िाएगी । जिला पंचायत के मुखय कायषपालक अजधकारी की जनयुजि
73. अजिश्ि ास प्रस्ट्ताि—(1) अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के करेगा िो अपर जिला मजिस्ट्रेट की पंजि से नीचे का निीं
जिरुद्ध अजिर्श्ास प्रस्ट्ताि जिला पंचायत के कम से कम एक िोगा।
जतिाई जनिाषजचत सिस्ट्यों द्वारा उसकी सूचना िेने के पश्चात्, (2) प्रिासक, जिला पंचायत के जलए एक लेखा
दकन्तु अध्यक्ष या उपाध्यक्ष द्वारा पिग्रिण करने के छि मास के अजधकारी भी जनयुि करेगा ।
पूि षनिीं लाया िा सकेगा ।
(3) प्रिासक, के पास समय-समय पर जिला पंचायत म ें
(2) यदि प्रस्ट्ताि, जिला पंचायत के जनिाषजचत सिस्ट्यों के समूि ‘क’ और समूि ‘ख’ के अजधकारी ऐसी संखया में तैनात
िो जतिाई से अन्यून बहुमत द्वारा लाया िाता िै तो, करने की िजि िोगी जिसमें जिद्यमान स्ट्थानीय प्राजधकारी द्वारा
यथाजस्ट्थजत, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष िब तक िि पिले त्यागपत्र जनयोजित कोई अजधकारी और लक्षद्वीप प्रिासन के अधीन सेिा
निीं िेता ि,ै उस तारीख से जिसको प्रस्ट्ताि लाया िाता ि,ै पि करने के जलए आबंरटत अन्य अजधकारी भी सजम्मजलत ि,ैं जिन्िें
धारण करने से प्रजिरत िो िाएगा । प्रिासक आिश्यक समझे ।
(3)इस जिजनयम में दकसी बात के िोते हुए भी, अध्यक्ष (4) इस जिजनयम या तत्समय प्रित्तृ दकसी अन्य जिजध म ें
या उपाध्यक्ष उस अजधिेिन की अध्यक्षता निीं करेगा, जिसम ें अंतर्िषष्ट दकसी बात के िोते हुए भी, जिला पंचायत या इस
उसके जिरुद्ध अजिश् िास की कायषिाजियों में बोलने या अन्यथा जनजमत्त जिला पररषि ् द्वारा प्राजधकृत अन्य प्राजधकारी के पास
उनमें भाग लेने का अजधकारी िोगा । अजधकाररयों को स्ट्थानांतररत करने और जिला पंचायत में
74. अजिश्ि ास प्रस्ट्ताि—(1) सजचि पंचायत आिेि तैनात उपधारा (3) में उजल्लजखत पिधाररयों से जभन् न
द्वारा जिला पंचायत के दकसी सिस्ट्य को, उसके अध्यक्ष या पिधाररयों का स्ट्थानांतरण करने की िजि िोगी ।
उपाध्यक्ष को पि से उसे सुनिाई का अिसर िेने और इस (5) जिला पंचायत ऐसे अन्य पिों को सृजित कर सकेगा
जनजमत्त सूचना के पश् चात् और ऐसी िांच के पश् चात् िो िि और भर सकेगा िो प्रिासक के पूि ष अनुमोिन समय-समय पर
ठीक समझे, पि से िटा सकेगा यदि ऐसा, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष आिश्यक िों :
इस जिजनयम के अधीन अपने कतव्यष ों के जनिषिन में किाचार का
परंतु ऐसा कोई पि सृजित निीं दकया िाएगा जिसके
या दकसी कलंकास्ट्पि आचरण का िोषी रिा िै या अपनी
जलए बिट का उपबंध निीं दकया गया िै और जिसे उपधारा
िजियों का िरुु पयोग करता िै या अपने कतषव्यों और कृत्यों के
(6) के अधीन यथा उपबंजधत प्रिासक द्वारा स्ट्टाफ के पैटनष म ें
पालन में जनरन्तर व्यजतक्रम करता ि ै या इस अजधजनयम के
उपबंध निीं दकया गया ि ै।
अधीन अपने कतषव्यों और कृत्यों का पालन करने में असमथष िो
(6) प्रिासक, इस जिजनयम में उजल्लजखत कृत्यों के
गया ि,ै पि से िटा सकेगा और इस प्रकार िटाया गया
दक्रयान्ियन के जलए जिला पंचायत और ग्राम पंचायत के जलए
यथाजस्ट्थजत अध्यक्ष या उपाध्यक्ष सजचि पंचायत के
स्ट्टाफ के पैटनष को अनुमोिन िेगा और ऐसे कमषचाररिृंि के
जििेकानुसार पंचायत की सिस्ट्यता से भी िटाया िा सकेगा :
जनबंधन और सेिा की ितें ऐसी िोंगी जिन्ि ें जिजित दकया िा
परन्तु जिला पंचायत का कोई सिस्ट्य, अध्यक्ष या
सके ।
उपाध्यक्ष तब तक निीं िटाया िाएगा िब तक ऐसे व्यजि को
76. जिला पंचायत के कमषचाररिृंि की सिे ा ितें—
मामले में सुनिाई का अिसर न िे दिया गया िो ।
जिला पंचायत के कमषचाररिृंि अपनी सेिा के ऐसे जनबंधनों और
(2) सजचि पंचायत, उपधारा (1) में अजधकजथत प्रदक्रया
ितों द्वारा िाजसत िोंग े िो जिला पंचायत में उनकी तैनाती के
का अनुसरण करने के पश् चात् आिेि द्वारा दकसी ऐसे व्यजि को
पूि षलाग ूिोते ि ैं।
जिसने सिस्ट्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पि से त्यागपत्र िे दिया
ि ैया अध्यक्ष ऐसे दकसी पि निीं रि िाता ि ैऔर उपधारा (1)22 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
77. मखु य कायपष ालक अजधकारी और अन्य अजधकाररयों रूप से प्रत्येक िषष अपनी राय िेगा, उसे ऐसे प्राजधकाररयों को
के कृत्य—(1) इस जिजनयम द्वारा या इसके अधीन अजभव्यि अग्रेजषत करेगा िो संघ राज्यक्षेत्र प्रिासन द्वारा जिजित दकए
रूप से िैसा अन्यथा उपबंजधत ि,ै उसके जसिाए, मुखय िाएं और जिला पंचायत के अधीन अजधकाररयों तथा सेिकों के
कायषपालक अजधकारी इस जिजनयम के उपबंधों के दक्रयान्ियन कायष के बारे में ऐसे ररपोटें जलखने की प्रदक्रया अजधकजथत
के प्रयोिन के जलए की कायषपाजलक िजियां जनजित िोगी, और करेगा;
िि — (ञ) कायषपाजलक प्रिासन के मामलों में और जिला
(क) सभी कृत्यों का पालन करेगा और इस जिजनयम का पंचायत के लेखाओं तथा अजभलेखों से संबंजधत मामलों में जिला
तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अधीन उस पर जिजनर्िषष्ट रूप से पंचायत के अधीन पि धारण करने िाले अजधकाररयों और
अजधरोजपत या प्रित्त िजियों का प्रयोगा करेगा; और सेिकों के कायों का पयषिेक्षण करेगा और उन पर जनयंत्रण
(ख) जिला पंचायत के सभी अजधकाररयों और रखेगा ;
कमषचाररयों के कतषव्यों का अजधकजथत करेगा ; (ट) ऐसे अन्य िजियों का प्रयोग करेगा और ऐसे अन्य
(2) इस जिजनयम और ति्धीन बनाए गए जनयमों के कृत्यों का पालन करेगा िो जिजित दकए िाए ;
उपबंधों के अधीन रिते हुए, मुखय कायषपाजलका अजधकारी— (3) मुखय कायषपालक अजधकारी ऐसे ितों के अधीन रिते
(क) जनम् नजलजखत जनम्नजलजखत के जलए िकिार िोगा— हुए, िो जिजित की िाएं अपनी दकन्िीं िजियों और कृत्यों
जिला पंचायत के अधीन पिधारण करने िाले दकसी अजधकारी
(i) जिला पंचायत या इसकी सजमजत की बैठकों में भाग
या कमषचारी को प्रत्यायोजित कर सकेगा परन्तु ऐसा अजधकारी
लेने;
या कमषचारी ऐसे पंजि से नीचे का न िो िो जिजित की िाए ।
(ii) जिला पंचायत के या उसके अधीन पिधारण करने
(4) इस जिजनयम के अन्य उपबंधों के अधीन रिते हुए,
िाले दकसी अजधकारी या सेिक से कोई सूचना, जििरणी-
मुखय कायषपालक अजधकारी जिला पंचायत के साधारण
जििरण, लेखा या ररपोटष की मांग करने ;
जनयंत्रण के अधीन िोगा ।
(iii) ऐसे िग ष के अजधकाररयों को अनुपजस्ट्थजत की छुट्टी
78. अजभलखे ों की अपक्षे ा का अजधकार—ग्राम पंचायत
मंिूर करने िो जिजनयमों द्वारा जिजित दकया िाए ;
या जिला पंचायत से संबंजधत धन, लेखा, अजभलेखों या अन्य
(iv) जिला पंचायत के या उसके अधीन पिधारण करने
संपजत्त का कब्िा रखने िाला प्रत्येक व्यजि इस प्रयोिन के जलए
िाले दकसी अजधकारी या सेिक से स्ट्पष्टीकरण की मांग करने ;
मुखय कायषपालक अजधकारी की जलजखत में मांग दकए िाने पर,
(ख) जिला पंचायत के जनयंत्रण के अधीन रिते हुए, उन
उसे प्राि दकए िाने की अपेक्षा म ें मुखय कायषपालक अजधकारी
मामलों के संबंध में कतषव्यों का जनिषिन करेगा और कृत्यों का
या प्राजधकृत व्यजि को ऐसा धन सौंपेगा या ऐसे लेखों,
पालन करेगा िो इस जिजनयम द्वारा या उसके अधीन जिला
अजभलेखों या अन्य संपजत्त का पररिान करेगा ।
पंचायत की दकसी सीजमत, पीठासीन अजधकारी या दकसी पर
79. जिला पचं ायत के अजधििे न—(1) जिला पंचायत
अजधकतम रूप से अजधरोजपत या पित्त निीं दकए गए ि ै;
के अजधिेिनों का समय और स्ट्थान तथा ऐसे अजधिेिनों पर
(ग) ऐसे जनबंधनों और ितों, िो जिजित की िाएं, के
अनुसररत की िाने िाली प्रदक्रया ऐसी िोगी िो जिजित की िा
अधीन रिते हुए, ऐसे िग ष के अजधकाररयों और कमषचाररयों की
सके ।
जनयुजि करेगा ;
(2) जिला पंचायत का कोई सिस्ट्य, दकसी भी अजधिेिन
(घ) जिला पंचायत के सभी नैजमजत्तक मििरू ों, िैजनक
में संकल्प का प्रस्ट्ताि कर सकेगा और ऐसी रीजत में िो जिजित
मििरू ी कमषकारों और संजििात्मक जनयोिन का पयषिेक्षण और
की िाए जिला पंचायत के प्रिासन से संबद्ध मामलों पर अध्यक्ष
जनयंत्रण, पररजनयोिन करेगा ;
या उपाध्यक्ष के समक्ष प्रश् न रख सकेगा ।
(ङ) जिला पंचायत के सभी दक्रयाकलापों का पयषिेक्षण
(3) जिला पंचायत के कुल सिस्ट्यों की संखया के िो
और जनयंत्रण, उनका दक्रयान्ियन करेगा ;
जतिाई द्वारा समर्थषत संकल्प, के जसिाए, जिला पंचायत का
(च) जिला पंचायत की सभी सकषमों और जिकास संबंधी कोई संकल्प इसमें पाररत िोने की तारीख से तीन मास की
स्ट्कीमों के त्िररत जनष्पािन के जलए आिश्यक उपाय करेगा ; अिजध के भीतर जिला पंचायत द्वारा उपांतररत संिोजधत,
(छ) जिला पंचायत से संबंजधत सभी कागिपत्रों और फेरफार या जनलंजबत निीं दकया िाएगा ।
िस्ट्तािेिों को अजभरक्षा में रखेगा ; 80. स्ट्थायी सजमजत या सयं िु सजमजत आदि—(1)
(ि) जिला पंचायत के अधीन पिधारण करने िाले स्ट्थायी सजमजत या संयुि सजमजत या आदि—(1) ऐसे जनयमों के
अजधकाररयों के कायष मूल्यांकन करेगा और उस पर गोपनीय अधीन रिते हुए िो जिजित दकए िाएं, जिला पंचायत अपने[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 23
सिस्ट्यों में स े ऐसी िजियों का प्रयोग करने और अपने कृत्यों के की उपधारा (1) के अधीन प्रिासक द्वारा रखी अन्य संपजत्तयों
जनिषिन के जलए िो जिजनर्िषष्ट दकए िाएं, जनम् नजलजखत स्ट्थायी की बाबत अपने जनिेि, प्रबंध और जनयंत्रण के अधीन उनके
सजमजतयों को जनयुि कर सकेगी, अथाषत् :-- अनुरक्षण और मरम्मत के जलए सभी आिश्यक चीि ेंकरेगा और
(क) कायषपालक सजमजत ; जिजिष्टतया --
(ख) लोक स्ट्िास्ट्थ्य सजमजत ; (क) चौडा, खुला, बडे आकार कर सकेगा या अन्यथा
दकसी ऐसी सडक, पुल या पुजलया और पौध ें का सुधार करेगा
(ग) लोक संकमष सजमजत ;
और ऐसी सडकों के िोनों ओर िृक्षों को बनाए रखेगा ;
(घ) जिक्षा सजमजत ;
(ख) धारा 89 की उपधारा (1) के खंड(ग) में उजल्लजखत
(ङ) उत्पािन, सियोग और हसंचाई सजमजत ;
दकसी िल माग ष को गिरा और अन्य संपजत्त का अन्यथा सुधार
(च) सामाजिक न्याय सजमजत ; और
कर सकेगा ;
(छ) मजिला बालजिकास और युिा दक्रयाकलाप सजमजत।
(ग) दकसी ऐसी सािषिजनक सडक या गली में प्रक्षेजपत
(2) (क) से (छ) में जनर्िषष्ट सजमजतयों की संरचना और दकसी िृक्ष के बाडे या िाखा को काट सकेगा ;
अिजध ऐसी िोगी िो जिजित की िा सके ।
(घ) नई सडकों को जबछा और बना सकेगा ; और नए
(3) उपधारा (1) में जनर्िषष्ट सजमजतयों के अजतररि, पुलों और पुजलयों का संजनमाषण कर सकेगा ।
जिला पंचायत प्रिासक के पूि ष अनुमोिन से जिला पंचायत
85. जिला पचं ायत को दकसी कायष या सस्ट्ं था का
द्वारा जिजनजश्चत दकए गए कायष या स्ट्कीम का दक्रयाजन्ित करने
अतं रण—प्रिासक, जिला पंचायत को दकसी कायष के जनष्पािन,
के जलए या ऐसे मामलों जिन्ि ें पंचायत ऐसी सजमजत या
अनुरक्षण या मरम्मत या प्रिासक या दकसी स्ट्थानीय प्राजधकारी
सजमजतयों को जनर्िषष्ट करे, में िांच करने के जलए और जिला
के जनजमत्त दकसी संस्ट्था का प्रबंध न्यस्ट्त कर सकेगा :
पंचायत को ररपोटष करने के जलए सजमजत या सजमजतयां गरठत
परंतु कायष के जनष्पािन, अनुरक्षण या मरम्मत या ऐसे
कर सकेगी और जिला पंचायत ऐसी दकसी सजमजत द्वारा
संस्ट्थान के प्रबंधन के जलए आिश्यक जनजधयां प्रिासक या ऐसे
अनुसदित की िाने िाली प्रदक्रया के जलए जिजनयम बना सकेगी।
स्ट्थानीय प्राजधकारी द्वारा जिला पंचायत के व्ययन के जलए िी
(4) अजधिेिन में उपजस्ट्थत रिने के जलए कोई फीस या
िाएगी ।
भत्तों का संिाय निीं दकया िाएगा ।
86. सजं ििा दकए िान े का ढंग—जिला पंचायत के
81. कायिष ाजियों का अजिजधमान्य न िोना—जिला
जनजमत्त की गई प्रत्येक संजििा या करार जलजखत में िोगी और
पंचायत या उसकी स्ट्थायी सजमजत का कोई कायष या कायषिािी
अध्यक्ष जिला पंचायत के िो अन्य सिस्ट्यों द्वारा िस्ट्ताक्षररत
की उसमें ररजि के अजस्ट्तत्ि या जिला पंचायत या इसकी
िोगी और उसे जिला पंचायत की सामान्य मुद्रा द्वारा मुिरबंि
सजमजत के गठन में त्रुरट या इसकी कायषिाजियों में कोई
दकया िाएगा ।
िैजथल्यता के कारण अजिजधमान्य निीं समझी िाएगी ।
87. जिला पचं ायत जनजध का गठन—“जिला पंचायत
82. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष स े परामि—ष प्रिासक, चौथी
जनजध, (जिले का नाम.......)” के नाम से ज्ञात जनजध जिला
अनुसूची म ें जिजनर्िषष्ट जिषयों से संबंजधत दकसी भी जिषय में
पंचायत द्वारा या उस जनजमत्त जनम्नजलजखत राजियों का प्रत्यय
समय-समय पर जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से
करने के जलए और उसमें राजियों को जनकालने के जलए भी
परामिष करेगा और ऐसे जिषय पर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के
गरठत की िाएगी, अथाषत््ः —
जिचार प्रकृजत में अनुिंसात्मक िोंगे ।
(i) धारा 83 द्वारा या उसके अधीन अजधरोजपत
83. जिला पचं ायत के कतव्यष और कृत्य—जिला पंचायत
कोई कर फीस का आगम ;
के पास ऐसी िजियां और प्राजधकार िोंग े िो प्रिासक आिेि
(ii) सरकार या दकसी स्ट्थानीय प्राजधकारी या
द्वारा जिजनर्िषष्ट कर सके जिससे दक आर्थषक जिकास और
व्यजियों द्वारा दकया गया कोई अजभिाय ;
सामाजिक न्याय के जलए योिनाओं की तैयारी और तीसरी
(iii) जिला पंचायत जनजध में िमा िोने के जलए
अनुसूची में सूचीबद्ध जिषयों के मामले में आर्थषक जिकास और
दकसी प्राजधकारी या न्यायालय द्वारा आिेजित सभी
सामाजिक न्याय के जलए स्ट्कीमों के दक्रयान्ियन के संबंध में
राजियां ;
स्ट्िायत्त िासन की दकसी संस्ट्था के कृत्यों को समथषकारी दकया
िा सके । (iv) प्रजतभूजतयों से आय जिसमें जिला पंचायत
जनजध का जिजनधान दकया गया ि ै;
84. कजतपय सपं जत्तयों पर जिला पचं ायत का जनयत्रं ण—
(1) जिला पंचायत, सडक, गली, पुलों, पुजलया और धारा 82 (v) उधारों या उपिारों के तरीके से प्राि सभी
राजियां ;24 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
(vi) जिला पंचायत प्रबंधन के अधीन उद्गृिीत या अजधरोजपत सभी िेयों को जिला पंचायत जनजध म ें
मत्स्ट्यपालन से व्युत्पन्न आय ; िमा दकया िाएगा ।
(vii) जिला पंचायत की दकसी संपजत्त के आगमों 90. कर जिन्ि ें अजधरोजपत दकया िा सकेगा—जिला
से आय; पंचायत, इस जनजमत्त बनाए गए जनयमों के अध्यधीन इसके
(viii) सरकार के दकसी साधारण या जििेष द्वारा प्रत्यक्ष रूप प्रिान की गई सेिा के संबंध में समुजचत करों,
आिेि द्वारा जिला पंचायत जनजध में समनुिेजित राजि ; िुल्कों, पथकरों, उपकरों और फीसों का उि्ग्रिण, संग्रिण,
जनधाषरण करेगी और ऐसी िरों पर ऐसे करों को उद्गृिीत
(ix) जिला पंचायत जनजध द्वारा अनुरजक्षत या
करेगा जिसे प्रिासक जिजित कर सके ।
जित्त पोजषत या जिला पंचायत द्वारा प्रबंजधत दकसी
संस्ट्था या सेिा की सिायता या उसमें व्यय के जलए प्राि 91. कर आदि के उग्रिण के जिरुद्ध अपील—(1) धारा
सभी राजियां ; 90 के अधीन दकसी कर या फीस के जनधाषरण, उग्रिण या
अजधरोपण से व्यजथत कोई व्यजि ऐसे कर या फीस के
(x) भारत की संजचत जनजध से अनिु ान सिायता।
अजधरोपण के आिेि की तारीख से तीस दिन के भीतर सजचि,
88. अनिु ान—प्रिासक, ऐसी ितों के अधीन िो िि
पंचायत को अपील कर सकेगा ।
ठीक समझे, साधारण प्रयोिनों के जलए या जिले के सुधार और
(2) उपधारा (1) में जनर्िषष्ट आिेि से िसू री अपील
उसके जनिाजसयों के कल्याण के जलए अनुिान कर सकेगा ।
प्रिासक को िोगी ।
89. जिला पचं ायत म ें जनजित सपं जत्त—(1) प्रिासक
(3) पिली अपील और िसू री अपील ऐसे रूप में फाइल
यदि िि ठीक समझ े तो जिला पंचायत की अजधकाररता के
की िाएगी और ऐसी फीस के साथ िोगी िो जिजित की िा
भीतर जस्ट्थत सभी या दकन्िीं जनम् नजलजखत संपजत्तयों को जिला
सके।
पंचायत के जनिेि, प्रबंध और जनयंत्रण के अधीन रख सकेगा,
अथाषत् :-- 92. कर या फीस के उग्रिण का जनलंबन—प्रिासक,
रािपत्र में अजधसूचना द्वारा धारा 90 के अधीन दकसी कर के
(क) खुल े स्ट्थल, अपजिष्ट, खाली और चारागाि भूजम िो
उि्ग्रिण या फीस के अजधरोपण का जनलंबन कर सकेगा और
प्राइिेट संपजत्त निीं ि ैऔर निी तल ;
उसी रीजत में दकसी समय ऐसे जनलंबन को जिखंजडत कर
(ख) सािषिजनक सडकें और गजलयां ;
सकेगा।
(ग) सािषिजनक चैनल, िल माग,ष कुएं, तालाब, कुंड
93. फीस आदि के संग्रिण का पट्टा—जिला पंचायत के
(सरकार के जनयंत्रणाधीन हसंचाई के कुंडों को छोडकर)
जलए यि जिजधपूणष िोगा दक जिजित प्रदक्रया के अनुसरण के
सािषिजनक झरने, िलािय, िौि, िलिािी सेतु, और दकसी
पश् चात् िि जिजनर्िषष्ट मंडी और बािारों पर दकसी फीस के
सािषिजनक कुंड या तालाबों से संबंजधत कोई जनकटिती भूजम
संग्रिण को सािषिजनक नीलामी या प्राइिेट संजििा द्वारा पट्टा
(िो जनिी संपजत्त निीं ि)ैं और उसके जनकट की भूजम ;
िे यदि धारा 90 के अधीन ऐसी फीस अजधरोजपत ि ै :
(घ) सािषिजनक मल प्रणाली, नाजलयां, िल जनकास, सुंग
परंतु पट्टाधारी, पट्टा या संजििा की ितों की सम्यक्
संकमष और पुजलयां और उससे संबंजधत बातें तथा अन्य संरक्षण
पूर्तष के जलए प्रजतभूजत िेगा ।
कायष ;
94. करों और अन्य िये ों की िसूली—(1) िब जिला
(ङ) मल व्यिस्ट्था, कूडा-करकट और गजलयों,
पंचायत को िेय कोई कर या फीस या अन्य राजि मुखय
िौचालयों, मूत्रालयों, मल प्रणाली, िौिी और अन्य स्ट्थानों से
कायषपालक अजधकारी को संिेय िो गई ि ै तो िि कम से कम
पंचायत द्वारा सडक पर िमा या इकट्ठा अजप्रय पिाथष ;
व्यििायष जिलंब से ऐसे संिेय के जलए िायी व्यजि को उससे िेय
(च) पथ प्रकाि, सािषिजनक लैंप, लैंप पोस्ट्ट, और उससे
रकम के जलए जिजित प्ररूप में मांग सूची जभििाएगा और
संबंध या उससे संबंजधत साजधत्र ;
उससे अपेक्षा करेगा दक िि ऐसी सूचना की तारीख से तीस
(छ) सािषिजनक पुस्ट्तकालय, अध्ययन कक्ष, बूचडखाना, दिन के भीतर रकम का संिाय कर िे ।
मछली पालन, िमिान, प्राथजमक जिद्यालय, आंगनिाडी केन्द्र;
(2) उपधारा (1) के अधीन मांग की प्रत्येक नोरटस की
(ि) सडक की ओर िृक्ष, ईंधन काष्ठ, बागान, गैर तामील ऐसी रीजत में िोगी जिसे जिजित दकया िा सके ।
पांपररक उिाष उपस्ट्कर ।
(3) यदि िि राजि जिसके जलए मांग नोरटस तामील की
(2) सभी बािार और मेले या उसके ऐसे भाग िो गई ि,ै उसका ऐसी सूचना की तारीख से तीस दिन के भीतर
सािषिजनक भूजम में लगते ि ैं उन्िें जिला पंचायत द्वारा प्रबंजधत संित्त निीं दकया िाता ि ै तो जिला पंचायत भूजम रािस्ट्ि के
और जिजनयजमत दकया िाएगा और उसके संबंध में सभी[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 25
बकाया के रूप में इसमें िसूली के जलए संबद्ध मामलातिार के के संिाय के जलए जनिेि िेगा और यदि रकम जिजनर्िषष्ट अिजध
रूप में नाजमत रािस्ट्ि अजधकारी को आिेिन कर सकेगी । के भीतर संिेय निीं की िाती ि ै तो सजचि पंचायत इसे भूजम
95. लखे ा—जिला पंचायत अपनी आय और व्यय के रािस्ट्ि के बकाए के रूप में िसूल कराएगा और इसे जिला
लेखा का अनुरक्षण ऐसे रूप में करेगी िो जिजित दकया िाए । पंचायत जनजध में िमा करेगा ।
96. बिट—(1) जिला पंचायत, ऐसे समय और ऐसी (4) उपधारा (3) के अधीन सजचि पंचायत के दकसी
रीजत में, जिसे जिजित दकया िा सके, प्रत्येक जित्तीय िषष में आिेि द्वारा व्यजथत कोई व्यजि, आिेि की तारीख से तीस दिन
आगामी िष ष के जलए इसकी प्राक् कजलत प्राजियों और व्यय का के भीतर प्रिासक या उसके द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत
बिट तैयार करेगी और उसे जिला योिना सजमजत के माध्यम स े अजधकारी को अपील कर सकेगा जिसका ऐसी अपील पर
सजचि पंचायत को प्रस्ट्तुत करेगी िो संघ राज्यक्षेत्र प्रिासन के जिजनश् चय अंजतम िोगा ।
जित्त जिभाग के माध्यम से प्रिासक के समक्ष रखेगा । 98. प्रिासजनक ररपोटष—जिला पंचायत का मुखय
(2) सजचि पंचायत ऐसी अिजध के भीतर जिसे जिजित कायषपालक अजधकारी, िार्षषक रूप से पूि ष िष ष के जलए जिला
दकया िा सके या तो बिट का अनुमोिन कर सकेगा या ऐसे पंचायत के प्रिासन पर एक ररपोटष ऐसी रीजत में तैयार करेगा
पररितषनों के जलए जिसे िि जनिेि कर सके, जिला योिना िो जिजित की िा सके, और जिला पंचायत द्वारा से अनुमोिन
सजमजत के माध्यम से जिला पंचायत को िापस कर सकेगा । दकए िाने के पश् चात् इसे सजचि पचं ायत के माध्यम से प्रिासक
को प्रस्ट्तुत करेगा ।
(3) यदि उपधारा (2) के अधीन कोई पररितषन दकए
िाते ि ैं तो बिट को ऐसी अिजध के भीतर सजचि पंचायत को 99. सामाजिक लखे ा परीक्षा—(1) पंचायत द्वारा
पुन्ः प्रस्ट्तुत दकया िाएगा । दक्रयाजन्ित दकए िा रि ेमुखय कायष की सामाजिक लेखा परीक्षा,
धारा 80 के अधीन जनयुि की गई सामाजिक लेखा सजमजत
(4) जिला पंचायत द्वारा कोई व्यय तब तक उपगत निीं
ऐसी रीजत में और ऐसे अंतरालों पर और ऐसे अजधकाररयों की
दकया िाएगा िब तक प्रिासक बिट का अनुमोिन न कर िें ।
सिायता से संचाजलत की िा सकेगी जिन्ि ें जिजित दकया िा
(5) जिला पंचायत, िषष के िौरान दकसी भी समय
सके ।
जिसके जलए िार्षषक बिट प्राक् कलन का अनुमोिन दकया गया
(2) सामाजिक लेखा सजमजत, उपधारा (1) के अधीन
ि,ै एक पुनरीजक्षत या पूरक बिट तैयार कर सकेगी जिसे
संचाजलत सामाजिक लेखापरीक्षा की अपनी ररपोटष ऐसे
उपधारा (2) के अधीन मूल बिट के रूप में उसी रीजत म ें
अजधकारी को प्रस्ट्तुत करेगी जिसे जिजित दकया िा सके ।
प्रिासक द्वारा जिचार दकया िाएगा और अनुमोदित दकया
िाएगा । 100. कायिष ाियों आदि को मगं ान े की िजि—प्रिासक
या सजचि पंचायत या उसके द्वारा इस जनजमत्त जनयुि कोई
97. लखे ा परीक्षा—(1) जिला पंचायत के लेखा की लेखा
अन्य अजधकारी को िजि िोगी-
परीक्षा ऐसी रीजत में की िाएगी जिसे जिजित दकया िा सके ।
(क) जनम् नजलजखत को मंगाने के जलए--
(2) लेखा परीक्षा ऐसे अजधकारी द्वारा दक्रयाजन्ित की
िाएगी जिसे प्रिासक इस जनजमत्त जनयुि कर सके और िि (i) जिला पंचायत की कायषिाजियों या जिला पंचायत के
अजधकारी लेखा परीक्षा के पूरा िोने के एक मास के भीतर लेखा कब्ि े में या उसके जनयंत्रणाधीन दकन्िीं बजियों और अजभलेखों,
परीक्षा ररपोटष की प्रजतयां सजचि पंचायत को भेिेगा । पत्र व्यििार या िस्ट्तािेिों से कोई उद्धरण ;
(3) सजचि पंचायत, ररपोटष पर जिचार करने के पश् चात् (ii) जनरीक्षण या परीक्षा के प्रयोिन के जलए कोई
और ऐसी और िांच करने के पश् चात् िो िि आिश्यक समझे, जििरणी, योिना, प्राक् कलन, कथन, लेखा या ररपोटष ;
कोई मि िो उसे जिजध के जिरुद्ध लग े प्रिासक को संसूचना के (ख) जिचार दकए िाने के जलए जिला पंचायत से अपेक्षा
अधीन अननज्ञु ात कर सकेगा और अिैध संिाय करने िाले या करना-
प्राजधकृत करने िाले दकसी व्यजि को अजधभाररत कर सकेगा (i) कोई आक्षेप िो प्रिासक या सजचि पंचायत को कोई
और जनम् नजलजखत करेगा— बात करने के जलए जिसे जिला पंचायत के बारे में दकया िाना
(क) यदि ऐसा व्यजि जिला पंचायत का कोई सिस्ट्य िै या दकए िाने के जलए िोना प्रतीत िो ;
तो धारा 103 में जिजनर्िषष्ट रीजत में उसके जिरुद्ध कायषिािी कर (ii) कोई सूचना जिसके जलए प्रिासक या सजचि
सकेगा ; पंचायत प्रस्ट्तुत करने के जलए और जिला पंचायत द्वारा कजतपय
(ख) यदि ऐसा व्यजि जिला पंचायत का सिस्ट्य निीं िै बातों को आिश्यक रूप से करने के जलए समथष ि ै और जलजखत
तो िि व्यजि का स्ट्पष्टीकरण प्राि करेगा और ऐसे व्यजि को में उसे उत्तर िेते हुए यि अपेक्षा करना दक युजियुि समय में
जिजनर्िषष्ट अिजध के भीतर जिला पंचायत को अजधभाररत रकम26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
यि कथन करते हुए दक ऐसा करने से छोडने के क्या कारण िरुु पयोग के जलए िैयजिक रूप से िायी िोगा जिसके जलए िि
कारण थे । पक्षकार रिा ि ै या जिसे अिचार या कपट की कोरट में आन े के
101. जिला पंचायत के कतव्यष के पालन म ें व्यजतक्रम— जलए दकसी सिस्ट्य के रूप में अपने कतषव्य की िानबूझकर ऐसी
(1) यदि दकसी समय, सजचि पंचायत को यि प्रतीत िोता ि ै उपेक्षा द्वारा िो कपट की कोरट में आता ि,ै दकया गया ि ै या
दक जिला पंचायत ने िानबूझकर और इस जिजनयम द्वारा इस सुकर बनाया गया ि ै ।
पर अजधरोजपत कतषव्य के पालन में लगातार व्यजतक्रम दकया ि ै (2) यदि तत्प्रजतकूल कारण बताने के जलए संबद्ध जिला
तो िि जलजखत में आिेि द्वारा उस कतषव्य के पालन के जलए पंचायत के सिस्ट्य को युजियुि अिसर िेने के पश्चात् सजचि
अिजध जनयत कर सकेगा । पंचायत का यि समाधान िो िाता ि ै दक जिला पंचायत के
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन कतषव्य का पालन इस दकसी धन या अन्य संपजत्त की िाजन, िव्यु षय या िरुु पयोिन ऐस े
प्रकार जनयत अिजध के भीतर निीं दकया िाता ि ै तो सजचि सिस्ट्य की ओर से अिचार या िानबूझकर उपेक्षा का प्रत्यक्ष
पंचायत प्रिासक के पूि ष अनुमोिन से दकसी व्यजि को पालन पररणाम ि ै तो िि प्रिासक के पूि ष अनुमोिन से जलजखत म ें
करने के जलए जनयुि कर सकेगा और जनिेि िे सकेगा दक कतषव्य आिेि द्वारा ऐसे सिस्ट्य को जनयत तारीख से पूि ष ऐसी िाजन
के पालन म ें व्यय को व्यजतक्रमी जिला पंचायत द्वारा ऐसी िव्यु षय या िरुु पयोिन के जलए अपेजक्षत रकम की प्रजतपूर्तष के
अिजध के भीतर संित्त दकया िाएगा िो सजचि पंचायत ठीक संिाय के जलए जिला पंचायत को जनिेि िे सकेगा:
समझे । परंतु ऐसा कोई आिेि िास्ट्तजिक या तकनीकी
102. जिला पचं ायत के संकल्प पर आििे के जनष्पािन अजनयजमतताएं या सिस्ट्य की भूल के जलए निीं दकया िाएगा ।
का जनलबं न—(1) यदि सजचि पंचायत की राय में जिला (3) यदि रकम इस प्रकार संित्त निीं की िाती ि ै तो
पंचायत के दकसी आिेि या संकल्प का जनष्पािन या जिला सजचि पंचायत इसे भूजम रािस्ट्ि के बकाया के रूप में िसूल
पंचायत द्वारा या उस जनजमत्त कोई बात के बारे में या दकए करेगा और इसे जिला पंचायत जनजध में िमा करेगा ।
िाने से िनता को क्षजत या परेिानी िोन े की संभािना ि ै या (4) सजचि पंचायत का कोई आिेि, प्रिासक या उसके
लोक खिाने की गंभीर क्षजत ि ैया लोकजित के जिरुद्ध प्रव्यि िै द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत अजधकारी की दकसी अपील के
या िांजत भंग का कारण िै या जिजधजिरुद्ध ि ैंतो िि जलजखत में अध्यधीन िोगा यदि इसे आिेि की तारीख से तीस दिन के
आिेि द्वारा ऐसे जनष्पािन का जनलंबन या उसको दकए िाने का भीतर दकया िाता ि ैऔर प्रिासक ऐसी िांच करने के पश् चात्,
प्रजतषेध कर सकेगा : िो िि आिश्यक समझे, और अपीलाथी को सुनने के पश् चात ्
परंतु ऐसा कोई आिेि प्रस्ट्ताजित आिेि के जिरुद्ध संबद्ध आिेि को जिखंजडत, या फेरफार या पुष्ट कर सकेगा ।
जिला पंचायत को िते ुक ििाषने के युजियुि अिसर दिए जबना (5) सभी कायषिाजियां या धारा 101, धारा 102 और
पाररत निीं दकया िाएगा । इस धारा के अधीन दकए गए आिेि यथासंभििीघ्र प्रिासक
(2) ििां सजचि पंचायत उपधारा (1) के अधीन कोई को ररपोटष दकए िाएंग े।
आिेि करता ि ै तो िि उसके द्वारा प्रभािी पंचायत को इसके 104. व्यजतक्रमों के जलए पंचायतों का जिघटन या
कथन या दकए िाने के कारणों के साथ आिेि की एक प्रजत जनलंबन—(1) यदि प्रिासक की राय में, जिला पंचायत अपनी
भेिेगा । िजियों को पार करती ि ै या उनका िरुु पयोग करती ि ैं या इस
(3) जिला पंचायत को ऐसी सूचना िेने के पश् चात्, जिजनयम के उपबंधों के अधीन या तत्समय प्रिृत्त दकसी अन्य
सजचि पंचायत िैसे िि ठीक समझे उपधारा (1) के अधीन जिजध द्वारा या उसके अधीन उस पर अजधरोजपत कतषव्यों या
दकए गए आिेि को जिखंजडत, पररिर्तषत या पुष्ट कर सकेगा । उसे न्यस्ट्त कृत्यों का पालन करने में अक्षम ि ैया उनके पालन म ें
(4) उपधारा (1) के अधीन दकसी आिेि द्वारा व्यजथत जनरंतर व्यजतक्रम करता ि ै या उससे न्यष्ठ जिला पंचायत
कोई व्यजि इस आिेि की तारीख से तीस दिन के भीतर प्रिासक द्वारा या प्रिासक या उसके द्वारा प्राजधकृत दकसी
प्रिासक या उसके द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत अजधकारी को अजधकारी द्वारा या इस जिजनयम के अधीन दकए गए आिेि का
अपील कर सकेगा िो सजचि पंचायत के आिेि को अनुमोदित पालन करने में असफल रिता िै या ऐसे आिेिों की जनरंतर
या अननुमोदित करेगा या इसे ऐसी रीजत में उपांतररत करेगा अिज्ञा करता ि,ै तो प्रिासक रािपत्र में आिेि द्वारा जिला
िो िि ठीक समझ े। पंचायत को स्ट्पष्टीकरण िेने का अिसर प्रिान करने के
पश् चात्:—
103. िाजन, िव्यु यष या िरूु पयोिन के जलए सिस्ट्यों का
िाजयत्ि—(1) जिला पंचायत का प्रत्येक सिस्ट्य िैयजिक रूप से (i) ऐसी जिला पंचायत का जिघटन कर सकेगा ; या
जिला पंचायत के दकसी धन या संपजत्त की िाजन, िव्यु षय या[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 27
(ii) आिेि में जिजनर्िषष्ट अिजध के जलए ऐसी जिला बाबत िजियों, कृत्य या कतषव्य को जिला पंचायत से िापस
पंचायत को अजतजष्ठत कर सकेगा : लेना आिश्यक ि ै तो अजधसूचना में जिजनर्िषष्ट तारीख से ऐसी
परंतु ऐसी अिजध छि मास या ऐसी जिला पंचायत के िजियों, कृत्यों और कतषव्यों को िापस लेता ि ै और ऐसे
कायषकाल के अिजिष्ट अिजध से अजधक निीं िोगी : आनुषंजगत तथा पाररणाजमक आिेि करता ि ै िो पंचायत में
जनजित िोने िाली संपजत्त, अजधकार और िाजयत्ि ; यदि कोई
परंतु यि दक प्रिासक, रािपत्र में प्रकाजित आिेि द्वारा
िो, और उनके ऐसे कमषचाररिृंि, यदि कोई िो, जिनका
ऐसी िांच, िो िि आिश्यक समझ,े करने के पश् चात् समय-
स्ट्थानांतरण पंचायत में दकया गया िो, को प्रबंध में लेने सजित
समय पर पूिषगामी परंतुक के अधीन रिते हुए ऐसी जिला
जिषयों के जलए उपबंध करने के जलए आिश्यक िो सके ।
पंचायत की अजधक्रमण की अिजध को ऐसे तारीख बढ़ा सकेगा
िो आिेि में जिजनर्िषष्ट की िाए या िैसे िी आिेि द्वारा अध्याय 8
अजधक्रमण की अिजध को कम कर सकेगा । जनिाचष न आयोग और जित्त आयोग
(2) िब जिला पंचायत जिघरटत िो िाती ि ै या 107. जनिाचष न आयोग—(1) अिं मान और जनकोबार
अजतजष्ठत िो िाती ि ै तो जिला पंचायत के सभी सिस्ट्य आिेि द्वीप (पंचायत) जिजनयम, 1994 (1994 का जिजनयम 1) की
में जिजनर्िषष्ट तारीख से ऐसे सिस्ट्य के रूप में अपना पि ररि धारा 185 के अधीन जनयुि जनिाषचन आयोग, अधीक्षण, जनिेि
करेंगे । और जनिाषचक नामािली की तैयारी के जनयंत्रण तथा संघ
(3) उस समय, िब जिला पंचायत जिघरटत या अजतजष्ठत राज्यक्षेत्र लक्षद्वीप में ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों के
िो िाती ि ैतो यि इस जिजनयम में उपबंजधत रीजत में पुनगषरठत सभी जनिाषचनों के संचालन के जलए जनिाषचन आयोग िोगा ।
की िाएगी । (2) प्रिासक, िब जनिाषचन आयोग द्वारा ऐसी अपेक्षा
(4) यदि दकसी जिला पंचायत को जिघरटत दकया िाता की िाए, उस आयोग को ऐसा कमषचाररिृंि उपलब्ध कराएगा
ि ैया अजतजष्ठत दकया िाता ि ै:-- िो उपधारा (1) द्वारा जनिाषचन आयोग पर प्रित्त कृत्यों का
जनिषिन करने के जलए आिश्यक िो सके ।
(क) जिला पंचायत की सभी िजियों और कतषव्यों का,
यथाजस्ट्थजत, जिघटन या अजधक्रमण की अिजध के िौरान ऐसे 108. जित्त आयोग—अंिमान और जनकोबार द्वीप
व्यजि या व्यजियों द्वारा प्रयोग दकया िाएगा या उनका पालन (पंचायत) जिजनयम, 1994 (1994 का जिजनयम 1) की धारा
दकया िाएगा जिन्ि ेंप्रिासक समय-समय पर जनयुि करे ; 186 के अधीन गरठत जित्त आयोग, पंचायतों की जित्तीय
प्राजस्ट्थजत के पुनर्िषलोकन के प्रयोिन के जलए जित्त आयोग भी
(ख) जिला पंचायत में जनजित सभी संपजत्त, यथाजस्ट्थजत,
िोगा और जनम्नजलजखत के बारे में प्रिासक, संघ राज्यक्षेत्र
जिघटन या अजधक्रमण की अिजध के िौरान प्रिासक में जनजित
लक्षद्वीप को जसफाररि करेगा--
िोगी ; और
(क) ि े जसद्धांत जिसे जनम्नजलजखत को िाजसत करना
(ग) यथाजस्ट्थजत, जिघटन पर या अजधक्रमण की अिजध
चाजिए--
की समाजि पर, जिला पंचायत का इस जिजनयम में उपबंजधत
रीजत में पुनगषठन दकया िाएगा और पि को ररि करने िाले (i) करों, िुल्कों, उपकरों और फीसों की िुद्ध आय
व्यजि पुन: जनिाषचन के जलए पात्र िोंग े। को संघ राज्यक्षेत्र प्रिासन और ग्राम पंचायत तथा जिला
पंचायत के बीच बांटना जिसे संघ राज्यक्षेत्र प्रिासन
105. िजियों का प्रत्यायोिन—प्रिासक, अजधसूचना
द्वारा उद्गृिीत दकया िा रिा ि ै और जिसे ग्राम पंचायत
द्वारा, और ऐसे जनबंधनों और ितों के अध्यधीन िो जिजनर्िषष्ट
और जिला पंचायत के जिस्ट्सों में दकया िा सकेगा और
की िा सके, सजचि पंचायत या उसके अधीनस्ट्थ कोई अन्य
सभी स्ट्तरों पर ऐसी आय के उनके जिस्ट्से को ग्राम
अजधकारी को जिला पंचायतों के संबंध में िजि का प्रयोग
पंचायत और जिला पंचायतों में जिभाजित करना ;
प्राजधकृत कर सकेगा जिसका उसके द्वारा िि इस जिजनयम के
अधीन धारा 130 के अधीन जनयम बनाने की िजियों के (ii) करों, िुल्कों, उपकरों, पथकरों और फीसों का
जसिाए प्रयोग कर सकेगा । अिधारण करना जिसे ग्राम पंचायतों और जिला
पंचायतों द्वारा उन्ि ें समनुिेजित या समुजचत रूप दिया
106. जिला पंचायत की िजियों, कृत्यों आदि का
िा सकता ि ै।
उपातं रण—दकसी जिला पंचायत के जिषय के संबंध में दकसी
िजि, कृत्य या कतषव्य के अंतरण के िोते हुए भी, ििां प्रिासक (iii) भारत की संजचत जनजध से ग्राम पंचायतों और
का यि समाधान िो िाता ि ै दक मामले की प्रकृजत म ें दकसी जिला पंचायतों को सिायता अनुिान ;
पररितषन के कारण मामला तीसरी अनुसूची का मामला निीं (ख) ग्राम पंचायतों और जिला पंचायत की
रि िाता ि ै और रािपत्र में अजधसूचना द्वारा ऐसे मामले की जित्तीय प्राजस्ट्थजत सुधारने के जलए आिश्यक उपाय ;28 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
(ग) भारत के राष्ट्रपजत द्वारा जित्त आयोग को (च) ओमबड्समैन द्वारा अजभयोिन आरंभ के जलए
जनर्िषष्ट कोई अन्य मामला । समुजचत प्राजधकारी द्वारा चलाई िाने िाली प्रदक्रया ;
अध्याय 9 (छ) ओमबड्समैन द्वारा िांच के िौरान अनुसररत की
पचं ायतों के जलए ओमबड्समनै िाने िाली प्रदक्रया जिसे यथासंभि संजक्षि कायषिािी िोनी
चाजिए ।
109. ओमबड्समनै की स्ट्थापना और जनयजु ि—(1)
पंचायतों और उनके अधीन कायष कर रि े लोक सेिकों द्वारा (ि) ओमबड्समैन के आिेि के दक्रयान्ियन की रीजत और
प्रिासजनक कृत्यों के जनिषिन में भ्रष्टाचार या कुप्रिासन या अगली कायषिाजियां;
अजनयजमतताओं िाली दकसी कायषिािी के संबंध में अन्िेषणों (झ) कोई अन्य जिषय जिसे प्रिासक, ओमबड्समैन के
और िांचों के संचालन के जलए ग्राम पंचायतों और जिला कतषव्यों के समुजचत जनिषिन के जलए आिश्यक समझ सके ।
पंचायतों के जलए “ओमबड्समैन” के नाम से ज्ञात एक अध्याय 10
प्राजधकारी िोगा ;
प्रकीण ष
(2) ओमबड्समैन जसजिल सोसाइटी से त्रुरटिीन
111. जनिाचष न याजचका—(1) यदि ग्राम पंचायत या
सत्यजनष्ठा स े युि प्राखयात व्यजियों के पैनल से चयन की गई
जिला पंचायत के दकसी सिस्ट्य या सरपंच, उपसरपंच, अध्यक्ष
सजमजत की जसफाररि पर, अजधसूचना द्वारा प्रिासक द्वारा
या उपाध्यक्ष के जनिाषचन की जिजधमान्यता का जनिाषचन म ें
जनयुि दकया गया एकल सिस्ट्यीय जनकाय िोगा ।
मतिान करने के जलए दकसी अर्िषत व्यजि द्वारा प्रश् नगत दकया
(3) उपधारा (2) में जनर्िषष्ट सजमजत में जनम्नजलजखत िाता ि,ै जिसमें ऐसा प्रश् न संबंजधत ि ैतो ऐसा व्यजि जनिाषचन
समाजिष्ट िोंग े:-- के पररणामों की घोषणा की तारीख के पश् चात् तीस दिन की
(क) राज्य जनिाषचन आयुि, िो पिेन अध्यक्ष तारीख के भीतर दकसी समय ऐसे प्रश् न के अिधारण के जलए
िोगा ; ऐसे प्रपत्र में जिसे जिजित दकया िा सके, जिला न्यायाधीि को
(ख) सेिाजनिृत्त जिला न्यायाधीि ; याजचका फाइल कर सकेगा ।
(ग) सेिाजनिृत्त जसजिल सेिक िो भारत सरकार (2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक याजचका को
के अपर सजचि की पंजि से नीचे का न िो ; यथासंभि िीघ्रता से सुना िाएगा और उस तारीख से जिसको
जिला न्यायाधीि के समक्ष याजचका प्रस्ट्तुत की गई थी, छि
(घ) प्रिासक द्वारा नामजनर्िषष्ट जसजिल सोसाइटी
मास के भीतर सुनिाई को समाि करने के जलए प्रयास दकए
के िो सिस्ट्य ।
िाएंग े।
(4) ओमबड्समैन िोने के जलए जनयुि दकया गया कोई
112. जनिाचष न याजचका की सनु िाई के जलए प्रदक्रया—
व्यजि अपना पिभार ग्रिण करने से पूि ष प्रिासक या उसके
(1) इस जिजनयम या उसके अधीन बनाए गए जिजनयमों द्वारा
द्वारा उस जनजमत्त अन्य व्यजि के समक्ष जिजित दकए गए प्रपत्र
यथा उपबंजधत के जसिाए, िािों के जिषय में जसजिल प्रदक्रया
के अनुसार िपथ लेगा या प्रजतज्ञान करेगा और उस पर
संजिता, 1908 (1908 का 5) में उपबंजधत प्रदक्रया ििां तक
िस्ट्ताक्षर करेगा ।
उपयोज्य िो सके, जिला न्यायाधीि द्वारा जनिाषचन याजचकाओं
(5) ओमबड्समैन सेिारत सरकारी अजधकारी निीं
की सुनिाई के जलए अनुसररत की िाएगी:
िोगा।
परंतु—
110. जिजित की िान े िाली प्रदक्रयाएं—जनम् नजलजखत
(क) िो या अजधक व्यजि जिनका जनिाषचन प्रश् नगत ि,ै
जिषयों की बाबत प्रिासक जनयम बना सकेगा, अथाषत्:--
उसी याजचका में प्रत्यथी िो सकेंग े और उनके मामलों का उसी
(क) ओमबड्समैन के कमषचाररिृंि ;
समय जिचारण दकया िा सकेगा और िो या अजधक जनिाषचन
(ख) ओमबड्समैंन और ओमबड्समैन के कमषचाररिृंि की
याजचकाओं की एक साथ सुनिाई िो सकेगी ; ककंतु ििां तक िो
सेिा के जनबंधन और ितें ;
ऐसे संयुि जिचारण या सुनिाई से संगत ि,ै याजचका प्रत्येक
(ग) ओमबड्समैन के समक्ष जिकायतें फाइल करने की प्रत्यथी के जिरुद्ध पृथक् यजचका समझी िाएगी ।
रीजत और या तो स्ट्िप्रेरणा से अथिा प्रिासक द्वारा जनिेि म ें स े
(ख) जिला न्यायाधीि से यि अपेजक्षत निीं िोगा दक िि
मामलों को फाइल दकए िाने की रीजत ;
अजभलेखन या साक्ष्यों को पूणष रूप से अजभजलजखत करे ककंतु िि
(घ) ओमबड्समैन की िजियां और कृत्य ; मामले के जिजनश् चय के प्रयोिन के जलए अपनी राय में पयाषि
(ङ) ओमबड्समैन द्वारा अन्िेषण संचाजलत करने की साक्ष्य का ज्ञापन तैयार करेगा ;
रीजत और प्रदक्रया ;[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 29
(ग) जिला न्यायाधीि, कायषिाजियों के दकसी प्रक्रम पर, (2) तत् पश् चात् ऐसा प्रत्येक अभ्यथी कारण बताओ
दकसी प्रत्यथी द्वारा उपगत संभाजित रूप से उपगत िोने िाले सूचना के साथ िाजिर िो सकेगा और उसके समक्ष रखे िाने
उपगत सभी खचों के संिाय के जलए प्रजतभूजत िेने के जलए याची िाले प्रश् न के प्रयोिन के जलए दकसी साक्षी को पुन्ः बुला सकेगा
से अपेक्षा करेगा ; िो इस मामले में िाजिर िो चुका था ।
(घ) जिला न्यायाधीि, दकसी मुद्द े को जिजनजश् चत करने (3) जिला न्यायाधीि तत् पश् चात् या तो सितष आिेि को
के प्रयोिन के जलए, अजधक साक्ष्य चाि ेमौजखक िो या िस्ट्तािेि रद्द कर िेगा या इसे आत्यंजतक करेगा, जिस मामले में िि
के रूप में िो, प्रस्ट्तुत करने या प्राि करने के जलए आबद्ध िोगा जनिाषचन आयोग को नयी जनिाषचन प्रदक्रया कराने के जलए
िैसा िि आिश्यक समझ े। उपाय दकए िाने के जलए जनिेि िेगा ।
(2) खचों के संिाय के जलए कोई आिेि या जिला 115. भ्रष्ट या अिधै आचरण के जलए जनरितष ा—जिला
न्यायाधीि द्वारा पाररत खचों के जलए प्रजतभूजतबंध की िसूली न्यायाधीि दकसी अभ्यथी को दकसी भ्रष्ट आचरण दकए िाने के
के जलए दकसी आिेि का जनष्पािन ऐसी रीजत में दकया िाएगा जलए पाए िाने पर उसे ग्राम सभा की सिस्ट्यता के जलए या इस
मानो िसूल की िाने िाली रकम भ-ू रािस्ट्ि की बकाया रकम जिजनयम के अधीन दकसी जनिाषचन के लडने के जलए या
थी । प्रिासन या स्ट्थानीय प्राजधकरण में दकसी पि या स्ट्थान पर रोके
113. जिला न्यायाधीि के जनष्कषष—(1) यदि जिला िाने के जलए या दकसी ग्राम पंचायत के सिस्ट्य के रूप में ऐसे
न्यायाधीि ऐसी िांच करने के पश् चात् िो िि आिश्यक समझ,े पांच िष ष से अनजधक अिजध के जलए िो जिला न्यायाधीि,
दकसी व्यजि की बाबत जिसका जनिाषचन दकसी याजचका द्वारा अिधाररत करे, रजिस्ट्रीकृत िोने के जलए अपात्र िोना घोजषत
प्रश्नगत ि,ै यि पाता ि ै दक उसका जनिाषचन जिजधमान्य था तो कर सकेगा ।
याजचका को ऐसे व्यजि के जिरुद्ध खचे सजित खाररि कर दिया 116. जनिाचष न क्षत्रे ों के पररसीमन के मामलों म ें
िाएगा । न्यायालयों द्वारा िखल का ििनष —(1) इस जिजनयम में
(2) यदि जिला न्यायाधीि यि पाता ि ै दक दकसी व्यजि अंतर्िषष्ट दकसी बात के िोते हुए भी, इस जिजनयम के अधीन
का जनिाषचन अजिजधमान्य ि ैतो िि दकसी आिेि द्वारा या तो-- दकए िाने या दकए िाने के जलए तात्पर्यषत जनिाषचन क्षेत्रों के
पररसीमन या ऐसे जनिाषचन क्षत्रे ों में स्ट्थानों के आबंटन से
(क) उद्भूत िोने िाली आकजस्ट्मक ररजि की घोषणा
संबंजधत तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध की जिजधमान्यता दकसी
करेगा ; या
न्यायालय में प्रश् नगत निीं की िाएगी ।
(ख) दकसी अन्य अभ्यथी को सम्यक् रूप से जनिाषजचत
(2) धारा 111, धारा 112, धारा 113, धारा 114
िोने की घोषणा करेगा िो भी जिजिष्ट पररजस्ट्थजतयों में और
और धारा 115 में यथा उपबंजधत के जसिाय, जसजिल न्यायालय
समुजचत िोने के जलए उस िौरान प्रतीत िो और िोनों में से एक
के पास इस जिजनयम के अधीन जनिाषचन के संचालन के संबंध में
मामले में जिला न्यायाधीि अपने जििेक से खचाष प्रिान कर
िैधता या जिजधमान्यता या की गई कायषिािी या जनिाषचन
सकेगा ।
आयोग या सजचि पंचायत या सजचि (जनिाषचन) (स्ट्थानीय
(3) जिला न्यायाधीि द्वारा आकजस्ट्मक ररजि के उद्भूत
जनकाय) द्वारा दिए गए जिजनजश् चय पर प्रश् न करने की
िोने की घोषणा की ििा में, िि जनिाषचन आयोग को ररजि
अजधकाररता निीं िोगी ।
भरने के जलए कायषिािी दकए िाने के जलए उपधारा (2) के खंड
117. एक साथ सिस्ट्यता का प्रजतषधे —(1) यदि कोई
(क) में जनर्िषष्ट आिेि की एक प्रजत भेिेगा ।
व्यजि से एक अजधक जनिाषचन-क्षत्रे , चाि े ग्राम पंचायत का िो
114. जनिाचष न का पररििनष —(1) धारा 111 में
या जिला पंचायत का िो या िोनों िो, से जनिाषजचत िोता ि ैतो
अंतर्िषष्ट दकसी बात के िोते हुए भी, जनिाषचन याजचका की
िि अपने द्वारा िस्ट्ताक्षररत जलजखत में सूचना िेगा और उस
सुनिाई क्रम में यदि जिला न्यायाधीि की यि राय ि ै दक
तारीख या तारीखों के बाि को जिसको िि इस प्रकार
प्रश् नगत जनिाषचन कायषिाजियों में साक्ष्य भ्रष्ट व्यििार को प्रकट
जनिाषजचत हुआ ि ै चौिि दिन के भीतर दकसी जनिाषचन क्षेत्र म ें
करता ि,ै ऐसी सीमा तक अजभभािी िोगा िो संपूणष जनिाषचन
िि सेिा करने के जलए इच्छुक ि,ै के बारे में सूचना िेगा और
प्रदक्रया को अपास्ट्त करना सलािकारी ि ै तो िि इस प्रभाि का
तिपु रर सभी अन्य जनिाषचन क्षेत्रों में उसका स्ट्थान जिनमें िि
सितष आिेि पाररत करेगा और प्रत्येक घोजषत जनिाषजचत
सेिा करने के जलए इच्छुक निीं ि,ै खाली िो िाएगा ।
अभ्यथी को सूचना िेगा िो मामल ेमें पिले पक्षकार निीं बनाए
(2) उपधारा (1) के अधीन जिजनर्िषष्ट अिजध के भीतर
गए िैं और ऐसे अभ्यर्थषयों को कारण बताओ सूचना िेगा दक
ऐसी सूचना के व्यजतक्रम में, ऐसे व्यजि के सभी स्ट्थान, उस
ऐसे सितष आिेि को अंजतम क्यों निीं कर िेना चाजिए।
अिजध की समाजि पर ररि िो िाएंग े।30 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
(3) उपधारा (1) के अधीन िी गई कोई सूचना अंजतम पंचायत द्वारा िखल में दकसी स्ट्थािर संपजत्त या ग्राम पंचायत
और अप्रजतसंिरणीय िोगी। या जिला पंचायत के जनिेि के अधीन कायष की प्रगजत के जलए
118. जिला पचं ायत, ग्राम पचं ायत आदि के जिरुद्ध प्राजधकृत कर सकेगा ।
कायषिािी का ििनष और सजं स्ट्थत िोन े के पिल े पूि ष सचू ना— 121. पचं ायतों के सिस्ट्यों का लोक सिे क िोना—ग्राम
इस जिजनयम या उसके अधीन बनाए गए दकसी जनयम या पंचायत या जिला पंचायत का प्रत्येक सिस्ट्य और ग्राम पंचायत
उपजनयम के अधीन की गई या की िाने िाली तात्पर्यषक दकसी या जिला पंचायत के अधीन कोई अजधकारी या कोई सेिक
बात के जलए दकसी ग्राम पंचायत या जिला पंचायत या दकसी भारतीय िंड संजिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 21 के
सिस्ट्य, अजधकारी, कमषचारी या ऐसी पंचायत के अजभकताष के अथांतगषत लोक सेिक समझा िाएगा ।
जिरुद्ध, यथाजस्ट्थजत, कोई िाि या अन्य जिजधक कायषिािी तब 122. जिक्रय आदि म ें भाग लने े स े सिस्ट्यों का जिरत
तक संजस्ट्थत निीं की िाएगी िब तक ग्राम पंचायत या जिला रिना—ग्राम पंचायत या जिला पंचायत का कोई सिस्ट्य या इस
पंचायत के कायाषलय में और सिस्ट्य, अजधकारी, कमषचारी या जिजनयम के अधीन दकसी जिक्रय के संबंध में दकसी कतषव्य का
उसके अजभकताष के जनिास में जिसके जिरुद्ध, यथाजस्ट्थजत, ऐसा पालन करने िाले अजधकारी या पिधारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष
िाि या कायषिािी आिजयत ि,ै की तामील या पररिान जलजखत रूप से ऐसे जिक्रय पर जिक्रीत दकसी संपजत्त के जलए कोइ बोली
में अगले िो मास की समाजि के ठीक पश्चात् न कर िी गई िो निीं लगाएंग ेया जित का अिषन निीं करेंग े।
और सूचना में िाि िते क, चािे गए अनुतोष की रकम, िािा
123. अपराधों और पचं ायतों की सिायता के संबधं म ें
दकए गए प्रजतकर की रकम और िि व्यजि िो िाि या
पजु लस की िजिया ं और कतव्यष —प्रत्येक पुजलस अजधकारी,
कायषिािी संजस्ट्थत करने का आिय रखता ि,ै के नाम आिास के
उसके ज्ञान में आन े िाले दकसी अपराध, िो इस जिजनयम या
पते का कथन िोगा :
इसके अधीन बनाए गए दकन्िीं जनयमों या उपजिजनयमों के
परंतु कोई बात िो सि्भािपूिषक की गई ि ै और इस जिरुद्ध दकया गया ि,ै की तुरंत सूचना, सजचि पंचायत को िेगा
जिजनयम या इसके अधीन बनाए गए दकसी जनयम या उपजनयम और उनके जिजधपूणष प्राजधकार के प्रयोग में ग्राम पंचायत या
के अधीन दकए िाने के जलए आिजयत ि,ै के संबंध में ग्राम जिला पंचायत के सभी सिस्ट्यों और सेिकों को सिायता िेगा ।
पंचायत या जिला पंचायत के दकसी सिस्ट्य, अजधकारी या
124. अजभलखे ों का िगीकरण और परररक्षण—प्रत्येक
अजभकताष के जिरुद्ध कोई िाि या कायषिािी निीं िोगी ।
ग्राम पंचायत और जिला पंचायत जिजित रीजत में अपन े
119. जनिाचष न सबं धं ी अपराध—लोक प्रजतजनजधत्ि अजभलेखों को िगीकृत और परररक्षण करेंगे ।
अजधजनयम, 1951 की धारा 126, धारा 127, धारा 127क,
125. अजभलखे ों का जनरीक्षण और प्रजतया—ं प्रत्येक ग्राम
धारा 128, धारा 129, धारा 130, धारा 131, धारा 132,
पंचायत और जिला पंचायत, जितबद्ध दकसी व्यजि द्वारा
धारा 132क, धारा 133, धारा 134, धारा 134क, धारा
आिेिन दकए िाने पर इसके अजभलेखों के जनरीक्षण को अनुज्ञात
134ख, धारा 135, धारा 135क, धारा 135ख, धारा 135ग
करेंग े और जिजित फीस के संिाय पर उसकी प्रमाजणत प्रजतया ं
और धारा 136 के उपबंधों का ऐसा प्रभाि िोगा िैसा दक
प्रिान करेंग े।
मानो--
126. जिकास योिना की तयै ारी—(1) प्रत्येक ग्राम
(क) दकसी जनिाषचन के प्रजत उसके जनिेि जिजनयम के
पंचायत (ग्राम सभा द्वारा दिए गए जिकास कायषक्रमों के सुझािों
अधीन दकसी जनिाषचन के प्रजत जनििे िों ;
के जिषय में ध्यान रखते हुए) प्रत्येक िषष एक जिकास योिना
(ख) पंचायत या उसके िाडष की अजधकाररता के भीतर तैयार करेगा और ऐसी तारीख के पूि ष और ऐसी रीजत में िो
क्षेत्र के प्रजत जनिेि सजित जनिाषचन क्षेत्र में प्रजतजनिेि ; और जिजित की िा सके, इसे जिला पंचायत को अग्रेजषत करेगा ।
(ग) “धारा 134 और धारा 136 में, इस अजधजनयम के (2) प्रत्येक जिला पंचायत ग्राम पंचायत की जिकास
द्वारा या उसके अधीन” िब्िों के स्ट्थान पर “लक्षद्वीप द्वारा या योिनाओं को सजम्मजलत करने के पश् चात् प्रत्येक िषष एक
उसके अधीन” िब्ि और अंक रखे गए िों ; जिकास योिना तैयार करेगी और इसे धारा 127 के अधीन
(घ) धारा 135ख की उपधारा (1) में, “लोक सभा या यथागरठत जिला जिकास सजमजत को अग्रेजषत करेगी ।
राज्य जिधान सभा” िब्िों के स्ट्थान पर “पंचायत” िब्ि रखा
127. जिला योिना सजमजत—(1) प्रिासक, ऐसे
िाएगा । प्रयोिन के जलए और ऐसी ितों के अध्यधीन जिला योिना
120. प्रििे की िजि—मुखय कायषपालक अजधकारी िाथ में जलए िाने के जलए ऐसी रीजत में जिला योिना सजमजत
अपने अजधकाररयों को उसमें प्रिेि करने के जलए और जनरीक्षण गरठत करेगी, जिन्ि ेंजिजित दकया िा सके ।
या प्रिेि दकए िाने के जलए और दकसी ग्राम पंचायत या जिला[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 31
(2) उपधारा (1) में जनर्िषष्ट सजमजत की बैठक और कृत्य (छ) िायु, िल और मृिा आदि के प्रिषू ण से दकसी प्रकार
ऐसे िोंग ेिो जिजित दकए िा सके । के बजिस्राि का प्रजतषेध या जनकासी ;
128. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरपचं उप सरपचं और अन्य (ि) भिनों के जिजनमाषण जिजनयमन करना; और
सिस्ट्यों को मानिये और भत्ते—ग्राम पंचायत के सरपंच और (झ) ग्राम पंचायत या जिला पंचायत के दकसी अन्य
उपसरपंच और जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के कतषव्य और कृत्यों को जिजनयजमत करना ।
मानिेय और अन्य पक्सष और पररलजब्धयां तथा ग्राम पंचायत
(2) उपधारा (1) के अधीन बनाई गई कोई उपजिजध यि
और जिला पंचायत के प्रत्येक भत्ते ऐसे िोंग े िो प्रिासक इस
उपबंध कर सकेगी दक उसका उल्लंघन ऐसे िुमाषने से िंडनीय
जनजमत्त जनयम बनाकर जिजनर्िषष्ट कर सके ।
िोगा िो जिजित दकया िा सके और यदि ऐसा उल्लंघन िारी
129. सरपचं , उपसरपचं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सजमजत रिने की ििा में ऐसे िुमाषने से िो प्रत्येक दिन के जलए जिसके
के सभापजत के जिरूद्ध अजभयोिन के जलए पिू षस्ट्ि ीकृजत— कोई जलए उल्लंघन िारी रिता ि,ै रकम को बढ़ाया िा सकेगा ।
न् यायालय, प्रिासक या इस जनजमत प्रिासक द्वारा प्राजधकृत
132. जनयमों का ससं ि ् के समक्ष रखा िाना—जिजनयम
दकसी अजधकारी की पूि ष स्ट् िीकृजत के जसिाय दकसी अपराध का
के अधीन बनाया गया प्रत्येक जनयम और प्रत्येक उपजिजध उसके
संज्ञान निीं लेगा, ििां कोई व् यजक् त िो सरपंच, उपसरपंच,
बनाए िाने के पश्चात् यथािीघ्र संसि ्के प्रत्येक सिन के समक्ष,
पंचायत का अध्य क्ष, उपाध्य क्ष, इस अजधजनयम के अधीन गरठत
िब िि सत्र में िो, कुल तीस दिन की अिजध के जलए रखी
सजमजत का सभापजत ि ै या रिा ि,ै अपने िासकीय कतषव् यों के
िाएगी, यि अिजध एक सत्र में अथिा िो या अजधक आनुक्रजमक
जनिषिन में कायष करते समय या कायष करने का तात् पय ष रखते
सत्रों में पूरी िो सकेगी और यदि उस सत्र के या पूिोि
समय अपने द्वारा काररत दकए गए अजभकजथत दकसी अपराध
आनुक्रजमक सत्रों के ठीक बाि के सत्र के अिसान के पूिष िोनों
का अजभयुक् त ि ै।
सिन उस जनयम या उपजिजध में कोई पररितषन करने के जलए
130. जनयम बनान े की िजक्त —(1) प्रिासक, रािपत्र सिमत िो िाएं और िोनों सिन सिमत िो िाएं दक िि जनयम
में अजधसूचना द्वारा पर्ू िषक प्रकािन के अध्यधीन, इस जिजनयम या उपजिजध निीं बनायी िानी चाजिए तो तत्पश्चात ्
के उपबंधों के दक्रयान्ियन के जलए जनयम बना सकेगा । यथाजस्ट्थजत, िि जनयम या उपजिजध केिल ऐसे उपांतररत रूप
131. उपजिजधया ं बनान ेकी िजक्त —(1) इस जिजनयम में या जनप्रभािी िो िाएगी तथाजप, ऐसा कोई उपांतरण या
और इसके अधीन बनाए गए जनयमों के उपबंधों के अधीन बाजतलीकरण से उस जनयम या उपजिजध के अधीन पिले की गई
सजचि पंचायत प्रिासक के पूि ष अनुमोिन स े जनम्नजलजखत के दकसी बात की जिजधमान्यता पर प्रजतकूल प्रभाि निीं पडेगा ।
जलए उपजिजधयां जिरजचत कर सकेगा:— 133. जिजनयम का अध्य ारोिी प्रभाि—इस जिजनयम के
(क) दकसी ऐसे स्रोत स े जिससे स्ट्िास्ट्थ्य को खतरा िोन े उपबंध, संघ राज्य क्षेत्र में तत् समय प्रिृत दकसी अन् य जिजध में
की संभािना ि,ै पीने के प्रयोिन के जलए िल के प्रयोग का अंतर्िषष् ट दकसी असंगत बात के िोते हुए भी प्रभािी िोंगे ।
प्रजतषेध या िटाना ; 134. करठनाई िरू करन ेकी िजि—(1) इस जिजनयम के
(ख) नाजलयों या सािषिजनक गली पर पररसरों, या निी, उपबंधों को प्रभािी करने में यदि कोई करठनाई उत्पन्न िोती ि ै
कुंड, तालाब, कुएं मृिा या दकसी अन्य स्ट्थान से िल, अपजिष्ट तो प्रिासक आिेि द्वारा, िब ऐसा अिसर अपेजक्षत िो,
िल या बजिस्राि को प्रजतषेध करना या जिजनयजमत करना या रािपत्र में प्रकाजित आिेि द्वारा कोई बात कर सकेगा िो
मुि करना ; करठनाई को िीघ्र िरू करने के जलए आिश्यक प्रतीत िों :
(ग) सािषिजनक गजलयों की क्षजत रोकना ; परंतु ऐसा कोई आिेि इस जिजनयम के प्रारंभ से िो िषष
(घ) ग्राम पंचायत के क्षेत्र में स्ट्िच्छता, सफाई व्यिस्ट्था, की समाजि के पश्चात् निीं दकया िाएगा ।
और िल जनकासी को जिजनयजमत करना ; (2) इस धारा के अधीन दकया गया प्रत्येक आिेि इसमें
(ङ) िकु ानिार द्वारा सािषिजनक गजलयों या अन्य बनाए िाने के पश्चात् यथािीघ्र संसि के प्रत्येक सिन के समक्ष
सािषिजनक स्ट्थान के उपयोग के प्रजतजषद्ध करना या जिजनयजमत रखा िाएगा ।
करना ; 135. जनरसन और व्यािजृ त—(1) लक्षद्वीप पंचायत
(च) उस रीजत को जिजनयजमत करना जिसमे कुंड, तालाब जिजनयम, 1994 जनरजसत दकया िाता ि ै।
और िौिी, चारागाि भूजम, खेलने की भूजम, खाि के गड्ढे ििों के (2) उि जिजनयम का जनरसन जनम्नजलजखत पर प्रभाि
स्ट्थान और स्नान के स्ट्थानों के जलए भूजम का रख-रखाि दकया निीं डालेगा--
िाएगा और उपयोग दकया िाएगा ; (क) उि जिजनयम का पूि ष प्रचालन या उसके अधीन
सम्यक रूप से की गई या हुई कोई बात ;32 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
(ख) उि जिजनयम के अधीन अर्िषत उद्भूत या उपगत और ऐसा कोई ऐसा अन्िेषण, जिजधक कायषिािी या
कोई जििेषाजधकार, बाध्यता या िाजयत्ि ; उपचार, संजस्ट्थत दकया, िारी रखा या प्रिृत्त दकया िा सकेगा
(ग) उि जिजनयम के जिरुद्ध दकए गए दकसी अपराध के और ऐसी िाजस्ट्त, समपिरण या िंड, अजधरोजपत दकया िा
संबंध में उपगत की गई िाजस्ट्त, समपिरण या िंड ; सकेगा मानो दक जिजनयम प्रखयाजपत निीं दकया गया था ।
(घ) पूिोिानुसार ऐसे जििषे ाजधकार, बाध्यता,
िाजयत्ि, समपिरण, या िंड के संबंध में कोई अन्िेषण, जिजधक
कायषिाई या उपचार,
पिली अनसु चू ी
पि की िपथ
(धारा 21 और धारा 65 िजे खए)
मैं................................ िो ग्राम पंचायत/जिला पंचायत..................... का सिस्ट्य/उपसरपंच/अध्यक्ष/उपाध्यक्ष जनिाषजचत
हुआ ह,ं ईर्श्र की िपथ लेता ह/ंसत्यजनष्ठा से प्रजतज्ञान करता ह ं दक मैं जिजध द्वारा स्ट्थाजपत भारत के संजिधान के प्रजत सच्ची श्रद्धा और
जनष्ठा रखूंगा और भारत की संप्रभुता और अखंडता को अक्षुण्ण रखूंगा और मैं श्रद्धापूिषक तथा िुद्ध अंत:करण से, अपनी पूरी योग्यता,
ज्ञान और जििेक से अपने पि के कतषव्यों का भय या पक्षपात के जबना जनिषिन करूंगा ।
िस्ट्ताक्षर
स्ट्थान .............
तारीख ............
िसू री अनसु चू ी
(धारा 31 िजे खए)
ग्राम पंचायत की अजधकाररता के भीतर जिषय
(क) साधारण कृत्य:--
1 ग्राम पंचायत क्षेत्र के जिकास के जलए िार्षषक योिनाओं की तैयारी ।
2 प्राकृजतक आपिाओं में अनुतोष प्रिान करना ।
3 ग्राम पंचायत की संपजत्तयों के अजधक्रमण को िटाना ।
4 स्ट्िैजच्छक श्रम संगरठत करना और समुिाय के कायों में योगिान करना ।
5 ग्राम की आिश्यक सांजखयकी का अनुरक्षण करना ।
(ख) अन् य कृत्य:--
1. कृजष जिसमें कृजष जिस्ट्तार सजम्मजलत ि ै।
2. भूजम सुधार, भूजम सुधार का दक्रयान्ियन, भूजम समेकन और भूक्षरण से संरक्षण ।
3. लघु हसंचाई, िल प्रबंध और िाटरिेड जिकास ।
4. पिुपालन डेयरी और कुक्कुट पालन ।
5. मत्स्ट्य पालन ।
6. सामाजिक िाजनकी और फामषिाजनकी ।
7. लघु िन उत्पाि ।
8. लघु उद्योग जिसमें खाद्य प्रसंस्ट्करण उद्योग सजम्मजलत ि ैं।
9. खािीग्राम और कुटीर उद्योग ।
10. ग्रामीण आिास ।
11. पेय िल ।
12. ईंधन और चारा ।[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 33
13. सडक, पुजलया, पुल, नौक, िलमाग षऔर संचार के अन्य साधन ।
14. ग्रामीण जिद्युतीकरण जिसमें जिद्युत का जितरण सजम्मजलत ि ै।
15. गैर-पारंपररक ऊिाष स्रोत ।
16. गरीबी उन्मूलन कायषक्रम ।
17. जिक्षा जिसमें प्राथजमक और माध्यजमक जिद्यालय सजम्मजलत ि ैं।
18. तकनीकी प्रजिक्षण और व्यिसाजयक जिक्षा ।
19. प्रौढ़ और अनौपचाररक जिक्षा ।
20. पुस्ट्तकालय ।
21. सांस्ट्कृजतक गजतजिजधयां ।
22. बािार और मेले ।
23. स्ट्िास्ट्थ्य और स्ट्िच्छता जिसमें अस्ट्पताल, प्राथजमक स्ट्िास्ट्थ्य केन्द्र और औषधालय सजम्मजलत ि ैं।
24. पररिार कल्याण ।
25. मजिला और बाल जिकास ।
26. समाि कल्याण जिसमें जिकलांग और मानजसक जन:िक् त व्यजियों का कल्याण भी सजम्मजलत ि ै।
27. समाि के िबु षल िग षऔर जिजिष्टतया अनुसूजचत िाजतयों और अनुसूजचत िनिाजतयों का कल्याण ।
28. सािषिजनक जितरण प्रणाली ।
29. सामुिाजयक आजस्ट्तयों का अनुरक्षण ।
तीसरी अनसु चू ी
(धारा 83 िजे खए)
जिला पचं ायत की अजधकाररता के भीतर जिषय
(क) साधारण कृत्य
1. िार्षषक योिनाओं की तैयारी और एक से अजधक ग्राम पंचायत में आन ेिाले कायों का जनष्पािन ;
2. जिला योिनाओं की तैयारी ;
3. ि ेकायष ग्रिण करना जिसे ग्राम पंचायत जनष्पादित निीं कर सकती दकन्तु जिला पंचायत द्वारा जनष्पादित दकया िा सकता िो ;
4. प्रिासक द्वारा जिला पंचायत को समनुिेजित कोई अन्य कायष करना ;
(ख) अन् य कृत्य:--
1. कृजष जिसमें कृजष जिस्ट्तार सजम्मजलत ि ै।
2. भूजम सुधार, भूजम सुधार का दक्रयान्ियन, भूजम समेकन और भूक्षरण से संरक्षण ।
3. लघु हसंचाई, िल प्रबंध और िाटरिेड जिकास ।
4. पिुपालन डेयरी और कुक्कुट पालन ।
5. मत्स्ट्य पालन ।
6. सामाजिक िाजनकी और फामषिाजनकी ।
7. लघु िन उत्पाि ।
8. लघु उद्योग जिसमें खाद्य प्रसंस्ट्करण उद्योग सजम्मजलत ि ैं।
9. खािीग्राम और कुटीर उद्योग ।
10. ग्रामीण आिास ।
11. पेय िल ।
12. ईंधन और चारा ।
13. सडक, पुजलया, पुल, नौक, िलमाग षऔर संचार के अन्य साधन ।
14. ग्रामीण जिद्युजतकरण जिसमें जिद्युत का जितरण सजम्मजलत ि ै।
15. गैर-पारंपररक ऊिाष स्रोत ।
16. गरीबी उन्मूलन कायषक्रम ।
17. जिक्षा जिसमें प्राथजमक और माध्यजमक जिद्यालय सजम्मजलत ि ैं।
18. तकनीकी प्रजिक्षण और व्यिसाजयक जिक्षा ।34 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3A]
19. प्रौढ़ और अनौपचाररक जिक्षा ।
20. पुस्ट्तकालय ।
21. सांस्ट्कृजतक गजतजिजधयां ।
22. बािार और मेले ।
23. स्ट्िास्ट्थ्य और स्ट्िच्छता जिसमें अस्ट्पताल, प्राथजमक स्ट्िास्ट्थ्य केन्द्र और औषधालय सजम्मजलत ि ैं।
24. पररिार कल्याण ।
25. मजिला और बाल जिकास ।
26. समाि कल्याण जिसमें जिक्लांग और मानजसक जन:िक् त व्यजियों का कल्याण भी सजम्मजलत ि ै।
27. समाि के िबु षल िग षऔर जिजिष्टतया अनुसूजचत िाजतयों और अनुसूजचत िनिाजतयों का कल्याण ।
28. सािषिजनक जितरण प्रणाली ।
29. सामुिाजयक आजस्ट्तयों का अनुरक्षण।
चौथी अनसु चू ी
(धारा 82 िजे खए)
ि ेजिषय जिन पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से प्रिासक द्वारा सलाि ली िा सकेगी ।
1. जिला पंचायत से संबंजधत सभी साधारण जिषय ।
2. जिला पंचायत के कमषचाररिृंि के प्रजिक्षण से संबंजधत जिषय ।
3. जिला पंचायत के प्रिासन का पुनर्िषलोकन और जिला पंचायतों के दक्रयाकलापों का समन्िय ।
4. जिला पंचायत की करठनाइयों को िरू करना ।
5. लघु उद्योग से संबंजधत जिषय जिसमें खाद्य प्रसंस्ट्करण उद्योग भी सजम्मजलत ि ै।
6. संघ राज्यक्षेत्र स्ट्तर के िैजक्षक संस्ट्थाओं से संबंजधत जिषय ।
7. इसके करों से संबंजधत प्रस्ट्ताि ।
8. कोई अन्य जिषय जिस पर प्रिासन परामिष करना चाि े।
पाचं िीं अनसु चू ी
(धारा 14 और धारा 61 िजे खए)
िल पररितनष के आधार पर जनरितष ा के बारे म ेंउपबधं
1. जनिचष न - इस अनुसूची में, िब तक दक संिभ षसे अन्यथा अपेजक्षत न िो,--
(क) पंचायत के दकसी सिस्ट्य के संबधं में "मूल रािनीजतक िल" ऐसा रािनीजतक िल अजभप्रेत ि ै जिसको िि पैरा 2 के उप-पैरा
(1) के प्रयोिनों के जलए सिस्ट्य ;
(ख) "पंचायत" से इस जिजनयम के अधीन गरठत जिला पंचायत अजभप्रेत ि ै;
(ग) "पैरा" से इस अनुसूची का पैरा अजभप्रेत ि ै।
2. िल पररितनष के आधार पर जनरितष ा- (1) पैरा 3 के उपबंधों के अधीन रिते हुए पंचायत का कोई सिस्ट्य िो दकसी रािनीजतक
िल का सिस्ट्य ि ैपंचायत का सिस्ट्य िोने के जलए उस ििा में जनरर्िषत िोगा जिसमें--
(क) उसने ऐसे रािनीजतक िल की सिस्ट्यता स्ट्िैच्छा से छोड िी ि ै; या
(ख) िि ऐसे रािनीजतक िल द्वारा जिसका िि सिस्ट्य ि ै अथिा उसके द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत दकसी व्यजि या प्राजधकारी
द्वारा दिए गए दकसी जनिेि के जिरुद्ध ऐसे रािनीजतक िल, व्यजि या प्राजधकारी की पूि षअनुज्ञा के जबना ऐसी पंचायत में मतिान
या मतिान करता ि ैया मतिान करने से जिरत रिता ि ैऔर ऐसे मतिान करने से जिरत रिने को ऐसे रािनीजतक िल, व्यजि या
प्राजधकारी ने ऐसे मतिान या मतिान करने से जिरत रिने की तारीख से पंद्रि दिन के भीतर माफ निीं दकया ि ै;
स्ट्पष्टीकरण-इस उप-पैरा के प्रयोिनों के जलए, पंचायत के दकसी जनिाषजचत सिस्ट्य के बारे में यि समझा िाएगा दक ऐसे
रािनीजतक िल का, यदि कोई िो, का सिस्ट्य ि ै जिसने उसे ऐसे सिस्ट्य के रूप में जनिाषचन के जलए अभ्यर्थषयों के रूप में खडा दकया
था।[भाग II—अनुभाग 3क] भारत का रािपत्र : असाधारण 35
(2) पंचायत का कोई जनिाषजचत सिस्ट्य िो दकसी रािनीजतक िल द्वारा खड े दकए गए अभ्यथी से जभन्न रूप में सिस्ट्य जनिाषजचत
हुआ ि,ै पंचायत के सिस्ट्य िोने के जलए जनरर्ितष िोगा यदि िि ऐसे जनिाषचन के पश्चात दकसी रािनीजतक िल में सजम्मजलत िो िाता ि।ै
(3) इस पैरा के पूिषगामी उपबंध में अंतर्िषष्ट दकसी बात के िोते हुए भी, दकसी ऐसे व्यजि के बारे में िो, इस जिजनयम के प्रारंभ
पर दकसी पंचायत का सिस्ट्य ि-ै -
(i) उस ििा में जिसमें िि ऐसे प्रारंभ के ठीक पिले दकसी रािनीजतक िल का सिस्ट्य था, ििां इस पैरा के उपपैरा (1) के
प्रयोिनों के जलए यि समझा िाएगा दक िि ऐसे रािनीजतक िल द्वारा खड ेदकए गए ऐसे अभ्यथी के रूप में ऐसी पंचायत का
सिस्ट्य जनिाषजचत हुआ ि ै।
(ii) दकसी अन्य ििा में यथजस्ट्थजत, इस पैरा के उप पैरा (2) के प्रयोिनों के जलए यि समझा िाएगा दक िि पंचायत का ऐसा
जनिाषजचत सिस्ट्य ि ैिो दकसी रािनीजतक िल द्वारा खडे दकए गए अभ्यथी से जभन्न रूप से सिस्ट्य जनिाषजचत हुआ ि ै।
3. िल पररितनष के आधार पर जनरितष ा के जिलय की ििा म ें लाग ून िोना- (1) पंचायत का कोई सिस्ट्य पैरा 2 के उप-पैरा (1)
के अधीन जनरर्ितष निीं िोगा ििां उसके मूल रािनीजतक िल का दकसी अन्य रािनीजतक िल से जिलय िोता ि ै और िि यि िािा
करता ि ैदक िि उसके मूल रािनीजतक िल का िि और कोई अन्य सिस्ट्य--
(क) यथाजस्ट्थजत ऐसे अन्य रािनीजतक िल के ऐसे जिलय से बने नए रािनीजतक िल के सिस्ट्य बन गए ि ैं ;
(ख) उन्िोंने जिलय को स्ट्िीकार निीं दकया ि ैऔर पृथक समूि के रूप में कायष करने का जिजनश्चय दकया ि ैऔर ऐसे जिलय के समय
से यथाजस्ट्थजत, ऐसे अन्य रािनीजतक िल या नये रािनीजतक िल या समूि के बारे में यि समझा िाएगा दक िि पैरा 2 के उप
पैरा (1) में प्रयोिनों के जलए ऐसा रािनीजतक िल ि ैजिसका िि सिस्ट्य ि ैऔर िि इस उप-पैरा के प्रयोिनों के जलए उसका मूल
रािनीजतक िल ि।ै
(2) इस उप-पैरा (1) के प्रयोिनों के जलए, पंचायत के दकसी सिस्ट्य के मूल रािनीजतक िल का जिलय हुआ तभी समझा िाएगा
यदि संबंजधत पंचायत मे ऐसे रािनैजतक िल के कम से कम िो जतिाई सिस्ट्य ऐसे जिलय पर सिमत िो गए ि ैं।
4. िल पररितनष के आधार पर जनरितष ा के बारे म ेंप्रश्न ों पर जिजनश्च य-- (1) यदि यि प्रश् न उठता िै दक पंचायत का कोई सिस्ट्य
इस अनुसूची के अधीन जनरितष ा से ग्रस्ट्त िो गया ि ै या निीं तो िि प्रश् न ऐसे संघ राज्य क्षेत्र के प्रिासक को उनके जिजनश्चय के जलए
जनिेजित दकया िाएगा और उसका जिजनश्चय अंजतम िोगा ।
(2) दकसी ऐसे प्रश्न पर जिजनश्चय करने से पूि षप्रिासक अंिमान और जनकोबार द्वीप (पंचायत) जिजनयम, 1994 (1994 का 1) की
धारा 185 के अधीन जनिाषचन आयोग की राय प्राि करेगा और तिनुसार ऐसी राय के अनुसार कायष करेगा ।
5. जनयम - प्रिासक, इस अनुसूची के उपबंधों को कायाषजन्ित करने के जलए जनयम बना सकेगा और जिजिजष्टयां और पूिषगामी
िजियों की व्यापकता पर प्रजतकूल प्रभाि डाले जबना, ऐसे जनयमों म ेंजनम्नजलजखत के जलए उपबंध दकया िा सकेगा--
(क) पंचायत के जिजभन्न सिस्ट्य जिन रािनीजतक िलों के सिस्ट्य ि,ैं उनके बारे में रजिस्ट्टर या अन्य अजभलेख रखना ।
(ख) ऐसा प्रजतिेिन िो पंचायत के दकसी सिस्ट्य के संबंध में जिधान िल का नेता उस सिस्ट्य की बाबत पैरा 2 के उप-पैरा (1) के
खंड (ख) में जनर्िषष्ट प्रकृजत की माफी के संबंध में िेगा और िि समय जिसके भीतर और िि प्राजधकारी जिसको ऐसा प्रजतिेिन
दिया िाएगा ।
(ग) ऐसा प्रजतिेिन जिन्ि ेंरािनीजतक िल पंचायत के दकसी सिस्ट्य के ऐसी रािनीजतक िल की प्रजिजष्ट करने के संबंध में िेगा और
पंचायत का ऐसा अजधकारी जिसको ऐसे प्रजतिेिन दिए िाएंग े; और
(घ) पैरा 4 में जनर्िषष्ट दकसी प्रश्न का जिजनश् चय करने के जलए प्रदक्रया जिसके अंतगषत ऐसी िांच की प्रदक्रया ि ै िो ऐसे प्रश् न के
जिजनश् चय के प्रयोिन के जलए की िाए ।
————
प्रिीप हसंि,
स० जि० प०
Uploaded by Dte. of Printing at Government of India Press, Ring Road, Mayapuri, New Delhi-110064
and Published by the Controller of Publications, Delhi-110054.