Date: 2026-02-02Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
राज्य संरक्षित स्मारक सन्त कबीरदास जी की समाधि एवं मजार, मगहर, सन्त कबीर नगर पर वृहद अनुरक्षण कार्य कराये जाने हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
ज़रूर, यहां बताया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ राज्य संरक्षित स्मारक, संत कबीरदास जी की समाधि और मजार, मगहर, संत कबीर नगर पर बड़े पैमाने पर अनुरक्षण कार्य करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय अनुमोदन प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह दस्तावेज़ 02 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए एक विशेष व्यय के लिए 28.05 लाख रुपये की मंजूरी देता है।
**मुख्य बातें**
* स्वीकृति
* उत्तर प्रदेश सरकार राज्य संरक्षित स्मारक, संत कबीरदास जी की समाधि और मजार, मगहर, संत कबीर नगर में व्यापक रखरखाव के लिए 28.05 लाख रुपये की मंजूरी देती है।
* वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए 22.94 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
* शर्ते और प्रतिबंध
* मंजूर धनराशि का उपयोग और व्यय वित्त विभाग के दिशानिर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।
* रखरखाव का काम विषय विशेषज्ञों और एक तकनीकी टीम द्वारा किया जाएगा, जिसमें जीर्ण-शीर्ण इमारतों के मूल वास्तुशिल्प को संरक्षित करने वाले हेरिटेज संरक्षण आर्किटेक्ट के डिज़ाइन शामिल होंगे।
* परियोजना को वित्तीय मंजूरी और पहली किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाएगी, जबकि बाद की किश्तें निविदा लागत के आधार पर लागत में संशोधन के बाद जारी की जाएंगी।
* पुरातत्व निदेशालय सभी औपचारिकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करेगा और नियमों के अनुसार भुगतान से पहले सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराएगा।
* परियोजना के संबंध में लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा लागत में किसी भी संशोधन को प्राथमिकता के साथ सरकार के समक्ष रखा जाना चाहिए।
* पुरातत्व निदेशालय सुनिश्चित करेगा कि इस कार्य के लिए पूर्व में किसी अन्य योजना या स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गई है।
* धनराशि निकालने और उपयोग करने के लिए बजट प्रावधानों और नियमों का पालन किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि धनराशि बैंक/पोस्ट ऑफिस में जमा नहीं की जानी चाहिए।
* धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत वस्तुओं के लिए किया जाएगा और अन्य मदों के लिए नहीं। कोई भी व्यय करने से पहले आवश्यक स्वीकृति प्राप्त की जानी चाहिए।
* स्वीकृति पुरातत्व निदेशालय द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है, और किसी भी विसंगति के लिए पुरातत्व निदेशालय ही जिम्मेदार होगा।
* स्वीकृत धनराशि के उपयोग, गुणवत्ता प्रमाण पत्र, भौतिक/वित्तीय प्रगति रिपोर्ट का प्रमाण पत्र सरकार को उपलब्ध कराया जाएगा।
* दी गई वित्तीय स्वीकृति का उपयोग चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
* व्यय का विवरण
* व्यय को चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए आवंटन संख्या 092, लेखा शीर्ष 4202048001700 के अंतर्गत, स्मारकों के संरक्षण और निर्माण के लिए एक व्यापक निर्माण गतिविधि के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **पुरातत्व निदेशालय:**
* **प्रभाव:** धन प्राप्त करना और संत कबीरदास जी के मकबरे पर अनुरक्षण कार्यों को क्रियान्वित करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि धन का व्यय वित्त नियमों और निर्दिष्ट शर्तों का पालन करता है, आवश्यक औपचारिकताओं का पालन करता है, काम की गुणवत्ता की निगरानी करता है और उपयोगिता प्रमाण पत्र और प्रगति रिपोर्ट प्रदान करता है।
* **वित्त विभाग:**
* **प्रभाव:** फंड आवंटन की देखरेख करना और व्यय को विनियमित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पुरातत्व निदेशालय द्वारा व्यय प्रक्रिया की निगरानी और वित्त नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
* **लेखा परीक्षा विभाग:**
* **प्रभाव:** अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए परियोजना की वित्तीय गतिविधियों का लेखा परीक्षा करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** वित्तीय गतिविधियों का लेखा परीक्षा करना और किसी भी अनियमितता की रिपोर्ट करना।
* **अन्य हितधारक:**
* **प्रभाव:** अनुरक्षण परियोजना में शामिल ठेकेदार और आपूर्तिकर्ता।
* **आवश्यक कार्रवाई:** ठेका शर्तों के अनुसार कार्यों को पूरा करना और गुणवत्ता मानकों का पालन करना।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश शासन: जारी करने वाली सरकार।
संस्कृति विभाग, उ०प्र० शासन: विभाग, जिसकी अध्यक्षता में अप्रेजल समिति की बैठक हुई।
उ०प्र० राज्य पुरातत्व निदेशालय: प्राप्तकर्ता विभाग, कार्यान्वयन एजेंसी।
सन्त कबीरदास जी की समाधि एवं मजार, मगहर, सन्त कबीर नगर: राज्य संरक्षित स्मारक, जिस पर अनुरक्षण कार्य किया जाना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26: वह वित्तीय वर्ष जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की गई है और जिसके दौरान व्यय किया जाना अपेक्षित है।
संख्य ा-39/2026/365/चार-2026-1802291
प्रेषक,
उमा निवेदी,
संयुक्त सनिव,
उत् तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
ननदेशक,
उ0प्र0 राज् य पुरातत्व ननदेशालय,
छतर मंनजल पररसर, एम0जी0 रोड,
कै सरबाग, लखनऊ।
संस्कृ तिअनुभागलखनऊ:तिनांक:02फरवरी, 2026
नवषय:- राज्य संरनक्षत स्मारक सन्त कबीरदास जी की समान एवं मजार, मगहर, सन्त कबीर नगर पर वृहद
अनुरक्षि कायय कराये जाने हेतु प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नतके सम् बन् में।
महोदय,
उपययक् त नवषयक आपके पत्र संख् या- 1902/प्रथम-79 वृहद अनु0 (113)/2025, नदनांक 01 जनवरी,
2026 के संदर्य में अवगत कराना है नक प्रमुख सनिव, संस्कृ नत नवर्ाग, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में नदनांक
21 नवम्बर, 2025 को सम्पन्न अप्रेजल सनमनत की बैठक में राज्य संरनक्षत स्मारक सन्त कबीरदास जी की समान
एवं मजार, मगहर, सन्त कबीर नगर पर वृहद अनुरक्षि कायय कराये जाने हेतुरू028.05लाखकी संस्तुनत
प्रदान की गई है। शासन के पत्र संख्या - 1758/िार-2025-1927234 नदनांक 30 जून, 2025 िारा ननगयत नवत्तीय
वषय 2025-26 की वानषक य कायययोजना में उक्त कायय अनुमोनदत है।
2. उपयुयक्त के क्रम में मुझे यह कहने का ननदेश हुआ है नक प्रस्तावानुसार राज्यसंरतििस्मारकसन्त
कबीरिासजीकीसमात एवंमजार, मगहर, सन्तकबीरनगर पर वृहद अनुरक्षि कायय कराये जाने हेतु
रू0 28.05 लाख (रूपये अट्ठाइस लाख पांि हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं िालू नवत्तीय वषय 2025-26 में रू0
22.94लाख(रूपयेबाईसलाखचौरानबेहजारमात्र)की नवत् तीय स् वीकृ नत प्रदान करते हुए ननम्ननलखख त शतों
/ प्रनतबं ो ंके अ ीन नरानश अवमुक् त करने की अनुमनत श्री राज् यपाल सहषय प्रदान करते है:-
3. शतें/ प्रनतबन्ध-
(1) स्वीकृ त नरानश के आहरि/व्यय एवं अन्य काययवानहयो ं में नवत्त (आय - व्ययक) अनुर्ाग - 1 के
कायायलय ज्ञाप संख्या -6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025, नदनााँक- 27-मािय, 2025 में नदये
गये नदशा ननदेशो ंका पूिय अनुपालन सुनननच त नकया जायेगा।
(2) राज्य संरनक्षत स्मारको ं के अनुरक्षि का कायय नवषय नवशेषज्ञो ं एवं उनके अ ीन कायय करने वाली
तकनीकी टीम िारा कराया जायेगा नजससे प्रािीन र्वन सामनियो ं का उपयोग कर जीिय -शीिय र्वनो ं
के मूल आनकय टेक्चर को स्थानपत नकया जा सके नजसकी नडजाइन हैररटेज कॉन्जवेशन आनकय टेक्ट् से
बनाना अननवायय होगा। ननदेशक, पुरातत्व िारा स्वयं इस कायय को ASI के पैटनय पर कराया जायेगा।
गुिवत्त ा में अ ोमानक पाये जाने पर सम् पूिय नजम्म ेदारी पुरातत्व ननदेशालय की होगी।
(3) नवत्त नवर्ाग के शासनादेश सं0-01/2023/ए-2-60/दस- 2023-17(4)/75, नदनांक 17 मई, 2023 के
अनुसार पररयोजना की नवत्तीय स्वीकृ नत व प्रथम नकश्त मूल्ांनकत लागत पर जारी की जाये, नकन्तु
नितीय नकश्त जारी करने से पूवय पररयोजना की लागत को नननवदा में प्राप्त मूल् (टेण्डर कॉस्ट) के
अनुसार नवनहत प्रनक्रया का पालन करते हुए पुनरीनक्षत करा नलया जायेगा। पररयोजना की अनुवती
नकश्तें पुनरीनक्षत लागत के आ ार पर ही जारी की जायें तानक काययदायी संस्था को कायय की वास्तनवक
लागत से अन क नरानश अवमुक्त न हो सके । यनद नननवदा के बाद कायों की लागत में कमी आती है
तो बित की नरानश को सुसंगत नवत्तीय ननयमो ंके अन्तगयत राजकोष में जमा नकया जायेगा।
(4) पुरातत्व ननदेशालय िारा समस् त औपिाररकतायें एवं नवत् तीय ननयमो ं का अनुपालन सुनननचत नकया
जायेगा। समस्त कायों का र्ौनतक सत्यापन कर ननयमानुसार र्ुगतान की काययवाही सुनननचत की
जायेगी।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।(5) लोक ननमायि नवर्ाग, लखनऊ िारा परीक्षिोपरान्त/ टेण्डर के आ ार पर पररयोजना की संशोन त
लागत से शासन को प्राथनमकता पर अवगत कराया जायेगा।
(6) पुरातत्व ननदेशालय िारा यह सुनननचत नकया जायेगा नक प्रश् नगत कायय हेतु पूवय में नकसी अन् य योजना/
स्रोत से नरानश स्व ीकृ त नही ंकी गयी है।
(7) बजट प्रानव ान के सापेक्ष नरानश की उपलब् ता का दानयत्व पुरातत्व ननदेशालय का होगा।
(8) उक् त स् वीकृ त नरानश का आहरि / उपयोग ननयमानुसार नकया जायेगा। नरानश आहररत करके
बैंक/पोस्ट आनिस में जमा नही ंकी जायेगी।
(9) उक् त स्व ीकृ नत इस प्रनतबन् के अ ीन है नक उपरोक् त स् वीकृ त नरानश स् वीकृ त मदो ंमें व् यय की जायेंगी,
अन् य मदो ं पर व् यय हेतु कदानप उपयोग नही ं की जायेगी। यह र्ी सुनननचत कर नलया जाय नक इन
नरानशयो ंका प्रदेशन ही अके ले नकसी प्रकार के व् यय करने का अन कार नही ंदेता, व् यय करने के नलए
बजट मैनुअल और नवत् तीय हस् तपुखस्तका के सुसंगत ननयमो ं अथवा अन् य स् थाई आदेशो ं से शासकीय
अथवा अन् य सक्षम प्रान कारी की, जहॉ आवश् यकता हो, व् यय करने के पूवय स्व ीकृ नत प्राप् त कर ली जाय।
(10)प्रश्न गत स् वीकृ नत पुरातत्व ननदेशालय िारा उपलब् करायी गयी सूिना के आ ार पर दी जा रही है, यनद
मानक के संबं में कोई सूिना गलत पायी जाती है तो इसका उत् तरदानयत् व पुरातत्व ननदेशालय का
होगा।
(11) स्वीकृ त नरानश का उपयोनगता प्रमाि पत्र, गुिवत्ता प्रमाि पत्र, र्ौनतक/ नवत्तीय प्रगनत ररपोटय शासन
को उपलब् कराया जायेगा तथा कायय पूिय होने के सम् प्रेनक्षत लेखे र्ी शासन को उपलब्ध कराये जाएंगे।
(12) प्रदान की गयी नवत्तीय स्वीकृ नत का सम्पूिय उपयोग िालू नवत्तीय वषय 2025-26 में नकया जाना सुनननच त
नकया जायेगा।
4. इस संबं में होने वाले व्यय को िालू नवत्तीय वषय 2025-2026 के आय-व्ययक मे अनुिान
संख्या 092 लेखाशीर्षक 4202048001700 स्मारको ं का परररक्षि एवं ननमायि मानकमि 24 वृहत् ननमायि
कायय के नामे डाला जायेगा।
5. यह आदेश नवत्त (आय - व्ययक) अनुर्ाग - 1 के कायायलय ज्ञाप संख्या -6/2025/बी-1-352/दस-
2025-231/2025, नदनााँक- 27-मािय, 2025 में प्राप् त नदशा ननदेशो ं के अन् तगयत प्रशासकीय नवर्ागो ं को
प्रनतनन ाननत अन कारो ंके अन्त गयत ननगयत नकये जा रहे हैं।
र्वदीया,
उमा निवेदी
संयुक्त सनिव।
संख् या- 39 /2026 / 365 (1)/िार-2026-1802291 तद़नदनांक
प्रनतनलनप: ननम्न नलखखत को सूिनाथय एवं आवश् यक काययवाही हेतु प्रेनषत:-
1- महालेखाकार (लेखा व हकदारी) प्रथम/नितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
2- महालेखाकार (लेखा - परीक्षा) प्रथम/नितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
3- ननदेशक, स्थ ानीय ननन लेखा परीक्षा नवर्ाग, उ0प्र0 प्रयागराज।
4- आहरि एवं नवतरि अन कारी / सहायक लेखान कारी, उ0प्र0 राज् य पुरातत्व नवर्ाग, लखनऊ।
5- मुख् य कोषान कारी, कोषागार, जवाहर र्वन, लखनऊ।
6- नवत् त व् यय ननयंत्रि अनुर्ाग-7/ नवत् त (आय-व् ययक) अनुर्ाग-1/ननयोजन अनुर्ाग-4 , उ0प्र0 शासन।
7- गाडय िाइल।
आज्ञा से,
उमा निवेदी
संयुक्त सनिव।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।