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Official TranscriptEAM-370/2026/2208/22-2-2025-7(70)/2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 विषय:- केन्द्रीय कारागार, नैनी प्रयागराज A निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी देवशरन पटेल पुत्र TAO रामलाल पटेल, निवासी जनपद-सतना (म0प्र0) की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार...
EAM-370/2026/2208/22-2-2025-7(70)/2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 विषय:- केन्द्रीय कारागार, नैनी प्रयागराज A निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी देवशरन पटेल पुत्र TAO रामलाल पटेल, निवासी जनपद-सतना (म0प्र0) की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के संबंध Al महोदय, उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक (मु0) के पत्र संख्या-39803/प्रोवेशन-3-फार्म-ए/(एम-3.0.2025) feeh-6.0.2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें। 2- उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार केन्द्रीय कारागार, नैनी प्रयागराज में निरूद्थ सिद्धदोष बन्दी देवशरन पटेल पुत्र स्व0 रामलाल पटेल, पौशलहा थाना-कोतवाली नया गाँव, जनपद-सतना (म0प्र0) का निवासी है। एसटीएफ टीम को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी की दस्यु ठोकिया उर्फ अम्बिका पटेल अपने गैंग के साथ सकरीबेड़ा जंगल में उपस्थित है। कम्बिंग से वापस आते समय पहले से घात लगाकर ठोकिया गैंग द्वारा स्वचल्िित हथियारों से ताबडतोड़ फायरिंग करते हुये दिनांक 22.07.2007 की रात्रि को बन्दी ने (2 सहअभियुक्तों के साथ मिल्रकर 06 कमाण्डो व 0 जनता का व्यक्ति सहित कुल 07 व्यक्तियों की हत्या कर दी, उक्त अपराध हेतु Sect को सत्र परीक्षण सं0-40/2007 में भा0द0वि0 की emq-302/i49 सहपठित धारा-42 डी.ए.ए. एक्ट, 307/49 भा0द0वि0 सहपठित MRI-i2 डी.ए.ए एक्ट व (47, 48 भा0द0वि0 व 7 किण्ला० अमेंडमेंट एक्ट के अन्तर्गत मा0 विशेष न्यायाधीश (दण्प्र०्क्षे-अधि०)अपर सत्र न्यायाधीश, बांदा के आदेश दिनांक 30.06.2022 द्वारा आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया। acct की अपील मा0 उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, बंदी द्वारा दिनांक 05.0.2025 तक i8 वर्ष, 00 माह, 07 दिन की अपरिहार तथा i8 वर्ष, 4| माह, 04 दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है। 3- पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, सतना (म.प्र.) द्वारा शासनादेश संख्या 658/22-02-2004- 25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के Wat 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05 बिन्दुओं (जो लक्ष्मण AER बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 कि०एलग०्जे० (47 A Alo उच्चतम Meas द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या में aed! द्वारा कारित अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने एवं सामाजिक भय व्याप्त करने की श्रेणी में होने, भविष्य में गैंग के सक्रिय सदस्य होने से अपराध करने एवं गैंग तैयार करने से इन्कार नहीं किये जाने, गैंग का सक्रिय सदस्य होने से पुनः अपराध घटित करने से इन्कार नही किये जाने, क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु जेल में निरूद्ध रखना उचित होने, acl के परिवार की सामाजिक, आर्थिक दशा समयपूर्व रिहाई हेतु उपयुक्त नहीं होने के दृष्टिगत बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। 4- प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण मेँ एसटीएफ टीम को मुखबिर CaN सूचना प्राप्त हुयी की दस्यु ठोकिया उर्फ अम्बिका पटेल अपने गैंग के साथ सकरीबेड़ा जंगल में उपस्थित है। कम्बिंग से वापस आते समय पहले से घात लगाकर ठोकिया गैंग cant स्वचलित हथियारों से ताबडतोड़ फायरिंग करते हुये दिनांक
22.07.2007 की रात्रि को बन्दी ने (2 सहअभियुकतों के साथ मिलकर 06 कमाण्डो व 0l जनता का व्यक्ति सहित कुल 07 व्यक्तियों की हत्या करने का जघन्य अपराध कारित किया गया है। पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों का सम्यक परीक्षण कर माननीय उच्चतम न्यायालय cant निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या A समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बंधित ऐसा 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |कोई तथ्य परिलक्षित नहीं है, जिसके आधार पर पुलिस अधीक्षक तथा जिला मजिस्ट्रेट की आख्या/संस्तुति के प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट 938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी देवशरन पटेल पुत्र स्व० रामलाल पटेल को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है। 5- उपरोक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है केन्द्रीय कारागार, नैनी प्रयागराज में निरूद्ध सिद्धदोष sect देवशरन पटेल (Sec) संख्या-230/2024) पुत्र स्व0 रामलाल पटेल, निवासी जनपद-सतना (म0प्र0) के फार्म-ए/लाईसेंस पर यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन VeT,I938 की धारा-2 के प्राविधानों के अन्तर्गत सम्यक् विचारोपरान्त उसे मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया है। अतएव उक्त बन्दी की लाइसेन्स पर मुक्ति श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दी गयी है। तदनुसार उसके फार्म-ए/लाईसेंस पर शासन के आदेश अंकित करके एतददवारा वापस लौटाया जा रहा है। कृपया प्राप्ति स्वीकार करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें। संलग्नक: यथोपरि। (बन्दी का फार्म-ए एवं समस्त पत्रादि सहित) भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। संख्या-370/2026/2208()/22-2-2025 तटदिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- जिला मजिस्ट्रेट, सतना (म0प्र0)। 2- वरिष्ठ अधीक्षक, केन्द्रीय कारागार, नैनी प्रयागराज। 3- निजी सचिव, माए मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को AO मंत्री जी के सूचनार्थ। 4- निजी सचिव, AIO राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को माए राज्यमंत्री जी के सूचनार्थ। 5- गार्ड फाइल। आज्ञा से, अभय कुमार त्रिपाठी अनु सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |शासनादेश AEA-4370/2026/2208/22-2-2025-7(70)/2025 दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 का संलग्नक सरकार के आदेश केन्द्रीय कारागार, नैनी प्रयागराज A निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी देवशरन पटेल पुत्र TAO रामलाल पटेल, पौशलहा थाना-कोतवाली नया गाव, जनपद-सतना (म0प्र0) का निवासी है। एसटीएफ टीम को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी की दस्यु ठोकिया उर्फ अम्बिका पटेल अपने गैंग के साथ सकरीबेड़ा जंगल मैं उपस्थित है। कम्बिंग से वापस आते समय पहले से घात लगाकर ठोकिया गैंग द्वारा स्वचलित हथियारों से ताबडतोड़ फायरिंग करते हुये दिनांक 22.07.2007 की रात्रि को बन्दी ने 2 सहअभियुक्तों के साथ मित्रकर 06 कमाण्डो व 0' जनता का व्यक्ति सहित कुल 07 व्यक्तियों की हत्या कर दी, उक्त अपराध हेतु बन्दी को सत्र परीक्षण सं0- 40/2007 में भा0द0वि0 की emRt-302/449 सहपठित eMRT-i2 डी.ए.ए. एक्ट, 307/49 भा0द0वि0 सहपठित धारा-2 डी.ए.ए एक्ट व (47, 748 भा0द0वि0 व 7 किण्ला० अमेंडमेंट एक्ट के अन्तर्गत मा0 विशेष न्यायाधीश (द०प्र०क्षे ०अधि०)/अपर सत्र न्यायाधीश, बांदा के आदेश दिनांक 30.06.2022 cant आजीवन कारावास के ठण्ड से दण्डित किया गया। बन्दी की अपील मा0 उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, बंदी द्वारा दिनांक
05.0.2025 तक 8 वर्ष, 00 माह, 07 दिन की अपरिहार तथा i8 वर्ष, (/ माह, 0l दिन की सपरिहार सजा भोगी गयी है। पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, सतना (म.प्र.) द्वारा शासनादेश संख्या 658/22-02-2004- 25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के Wat 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05 बिन्दुओं (जो लक्ष्मण AER बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 कि०एलग०्जे० (47 A Alo उच्चतम नन््यायात्रय द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या में aed! cant कारित अपराध समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने एवं सामाजिक भय व्याप्त करने की श्रेणी में होने, भविष्य में गैंग के सक्रिय सदस्य होने से अपराध करने एवं गैंग तैयार करने से इन्कार नहीं किये जाने, गैंग का सक्रिय सदस्य होने से पुनः अपराध घटित करने से इन्कार नही किये जाने, क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु जेल में frees रखना उचित होने, acl के परिवार की सामाजिक, आर्थिक दशा समयपूर्व रिहाई हेतु उपयुक्त नहीं होने के दृष्टिगत बन्दी की समयपूर्व रिहाई की edict नहीं की गयी है। प्रोबेशन बोर्ड का अभिमत है कि प्रकरण में एसटीएफ टीम को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी की दस्यु ठोकिया उर्फ अम्बिका पटेल अपने गैंग के साथ सकरीबेड़ा जंगल में उपस्थित है। कम्बिंग से वापस आते समय पहले से घात लगाकर ठोकिया गैंग द्वारा स्वचलित हथियारों से ताबडतोड़ फायरिंग करते हुये दिनांक
22.07.2007 की रात्रि को बन्दी ने (2 सहअभियुक्तों के साथ मिलकर 06 Hast व 0l जनता का व्यक्ति सहित कुल 07 व्यक्तियों की हत्या करने का जघन्य अपराध कारित किया गया है। पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों का सम्यक परीक्षण कर माननीय उच्चतम न्यायालय cant निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या A समयपूर्व रिहाई का विरोध किया गया है। प्रकरण से सम्बंधित ऐसा कोई तथ्य परिलक्षित नहीं है, जिसके आधार पर पुलिस अधीक्षक तथा जिला मजिस्ट्रेट की आख्या/संस्तुति के प्रतिकूल अवधारणा बनाई जा सके। इस प्रकार बन्दी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट 938 की धारा-2 के अन्तर्गत सिद्धदोष बंदी देवशरन पटेल पुत्र स्व० रामलाल पटेल को फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर रिहा किये जाने की संस्तुति नहीं की गयी है। उक्त के दृष्टिगत सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल cant बंदी की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है। कमलेश कुमार उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |