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Official TranscriptPAT-378/2026/2535/22-2-2025-77(4473)/2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ,दिनांक: 06 अक्टूबर, 2026 विषय:- जिला कारागार, गौतमबुद्धनगर में निरूद्ध सिद्धदोष sect मांगेराम पुत्र श्री जयनरायन, निवासी जनपद-गाजियाबाद की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व...
PAT-378/2026/2535/22-2-2025-77(4473)/2025 प्रेषक, कमलेश कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ,दिनांक: 06 अक्टूबर, 2026 विषय:- जिला कारागार, गौतमबुद्धनगर में निरूद्ध सिद्धदोष sect मांगेराम पुत्र श्री जयनरायन, निवासी जनपद-गाजियाबाद की फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक वरिष्ठ अधीक्षक(मु0), कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उ0प्र0, लखनऊ के पत्र संख्या-47796/प्रोवेशन-3-फार्म-ए/(एम-49.42.2025) दिनांक-30.42.2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें। 2-. उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार जिला कारागार, गौतमबुद्धनगर A freq सिद्धदोष sect मांगेराम पुत्र श्री जयनरायन, जो भूपखेडी, थाना-लौनी, जनपद-गाजियाबाद का निवासी है। पाँच हजार wad उधार माँगने के विवाद को लेकर दिनांक 26.07.204 को बंदी ने 0। सहअभियुकत के साथ मिलकर लोहे के हत्थे व चाकू से मारकर लीलेराम नामक व्यक्ति की हत्या कर दी। उक्त अपराध हेतु बन्दी को एसण्टी० 0-498/20I4, भा०्द०वि० की धारा- 302, 20i के अन्तर्गत Alo प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गाजियाबाद के आदेश दिनांक 06.44.205 द्वारा आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया। sect द्वारा दिनांक 8.02.2025 तक अपरिहार 74 वर्ष, 00 माह, 9 दिन तथा सपरिहार 6 वर्ष, 74 माह, 09 दिन की सजा भोगी गयी है। 3- जिला प्रोबेशन अधिकारी, अपर पुलिस उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद द्वारा शासनादेश संख्या 658/22-02-2004-25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के प्रस्तर 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05 बिन्दुओं (जो लक्ष्मण ARAL बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 क्रि०एल० sto i47 A Alo उच्चतम नयायात्रय द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या A बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। 4-.. बंदी द्वारा पाँच हजार रूपयें उधार माँगने के विवाद को लेकर दिनांक 26.04.207 को बंदी ने 0 सहअभियुकत के साथ मिलकर लोहे के हत्थे व चाकू से मारकर लीलेराम नामक व्यक्ति की हत्या कर दी। बन्दी की फार्म-ए/ल्राईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के प्रकरण को प्रोबेशन बोर्ड की बैठक में विचार विमर्श हेतु प्रस्तुत किया गया। प्रोबेशन बोर्ड gant की गयी संस्तुति सहित प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जिसे सक्षम स्तर (श्री राज्यपात्र) के निर्णय हेतु प्रस्तुत किया गया। तत्क्रम मेँ बन्दी की कम आयु, बन्दी द्वारा कारित अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता तथा समाज को प्रभावित करने वाले अपराध एवं foto प्रोबेशन अधिकारी, अपर पुलिस उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद द्वारा 05 बिन्दुओं की आख्या में बंदी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं किये जाने के इष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट- 938 की धारा-2 के अन्तर्गत फार्म-ए/लाईसेंस के आधार पर सिद्धदोष बंदी मांगेराम पुत्र श्री जयनरायन की सम्यक विचारोपरान्त श्री राज्यपाल CANT समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |5-. अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि जिला कारागार, गौतमबुद्धनगर में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी मांगेराम (बन्दी संख्या-377/2023) पुत्र श्री जयनरायन, निवासी जनपद-गाजियाबाद को यू“पी० प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के प्राविधानों के अन्तर्गत फार्म-ए/ल्ाईसेंस के आधार पर मुक्ति का पात्र नहीं पाया गया है। अतएव उक्त बन्दी की फार्म-ए/लाइसेंस पर मुक्ति सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दी गयी है। तदनुसार उसके फार्म-ए पर शासन के आदेश अंकित करके एतददवारा वापस लौटाया जा रहा है। कृपया प्राप्ति स्वीकार करते हुए शासन के निर्णय से बन्दी को तत्काल अवगत कराने का कष्ट करें। संलग्नक: यथोपरि। (बन्दी का फार्म-ए एवं समस्त are सहित) भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। PAT-378/2026/2535()/22-2-2025 तददिनांक...
प्रतित्रेषि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- \- जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद। 2- अधीक्षक, जिला कारागार, गौतमबुद्धनगर। 3- निजी सचिव, माए मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ । 4- निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को AO AAT जी के सूचनार्थ। 5- गार्ड फाईल्र। आज्ञा से, अभय कुमार त्रिपाठी अनु सचिव | l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |शासनादेश AEAT-(378/2026/2535/22-2-2025-7(73)/2025 दिनांक: 06 अक्टूबर, 2026 का संलग्नक सरकार के आदेश जिला कारागार, गौतमबुद्धनगर में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी मांगेराम पुत्र श्री जयनरायन, जो भूपखेडी, थाना-लौनी, जनपद-गाजियाबाद का निवासी है। पाँच हजार रूपयें उधार माँगने के विवाद को लेकर दिनांक 26.07.2044 को बंदी ने 0। सहअभियुकत के साथ cat लोहे के हत्थे व चाकू से मारकर लीलेराम नामक व्यक्ति की हत्या कर दी। उक्त अपराध हेतु बन्दी को एसण०्टी० aA0-498/20], भाग्द०्वि० की धारा- 302, 204 के अन्तर्गत Alo प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गाजियाबाद के आदेश दिनांक 06.44.205 द्वारा आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया। बन्दी द्वारा दिनांक
8.02.2025 तक अपरिहार 74 वर्ष, 00 माह, 9 दिन तथा सपरिहार (6 वर्ष, 44 माह, 09 दिन की सजा भोगी गयी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी, अपर पुलिस उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद द्वारा शासनादेश संख्या 658/22-02-2004-25(94)/97, दिनांक 06.09.2004 के प्रस्तर 9-(2) के प्राविधान के अनुरूप 05 बिन्दुओं (जो AFA ARAL बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2000 क्रि०एल० sto 47 A Alo उच्चतम नयायात्रय द्वारा निर्देशित किया गया) पर परीक्षण कर आख्या प्रेषित की गई है। उक्त आख्या A बन्दी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी है। बंदी द्वारा पाँच हजार रूपयें उधार माँगने के विवाद को लेकर दिनांक 26.07.20 को बंदी ने 04 सहअभियुकत के साथ मिलकर लोहे के हत्थे व चाकू से मारकर लीलेराम नामक व्यक्ति की हत्या कर दी। बन्दी की फार्म-ए/ल्राईसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई के प्रकरण को प्रोबेशन बोर्ड की बैठक में विचार विमर्श हेतु प्रस्तुत किया गया। प्रोबेशन बोर्ड cant की गयी संस्तुति सहित प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जिसे सक्षम स्तर (श्री राज्यपात्र) के निर्णय हेतु प्रस्तुत किया गया। तत्क्रम मेँ बन्दी की कम आयु, बन्दी द्वारा कारित अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता तथा समाज को प्रभावित करने वाले अपराध एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी, अपर पुल्रिस उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद द्वारा 05 बिन्दुओं की आख्या में बंदी की समयपूर्व रिहाई की संस्लुति नहीं किये जाने के इष्टिगत प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट- 938 की धारा-2 के अन्तर्गत फार्म-ए/ल्राईसेंस के आधार पर सिद्धदोष बंदी मांगेराम पुत्र श्री जयनरायन की सम्यक् विचारोपरान्त श्री राज्यपाल द्वारा समयपूर्व रिहाई अस्वीकार कर दी गयी है। कमलेश कुमार उप सचिव। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |