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Official Transcriptसील्ड/रजिस्टर्ड AAT-373/2026/056/22-2-2026-47(467)/2026 373/2026/056/22-2-2026-7(467)/2026 प्रेषक, कमलेश कमार उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, अधीक्षक, जिला कारागार, बागपत। कारागार प्रशासन एवं कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ:दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 महोदय मुझे निदेश हआ है कि मैं आपके पास आपकी जेल के निम्नलिखित कैदी का लाइसेन्स भेजं और आपको यह सूचित He कि BO पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन...
सील्ड/रजिस्टर्ड AAT-373/2026/056/22-2-2026-47(467)/2026 373/2026/056/22-2-2026-7(467)/2026 प्रेषक, कमलेश कमार उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, अधीक्षक, जिला कारागार, बागपत। कारागार प्रशासन एवं कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 लखनऊ:दिनांक 06 अक्टूबर, 2026 महोदय मुझे निदेश हआ है कि मैं आपके पास आपकी जेल के निम्नलिखित कैदी का लाइसेन्स भेजं और आपको यह सूचित He कि BO पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 (सन् 938 का एक्ट-8) की धारा-2 के अन्तर्गत श्री राज्यपाल इस बन्दी को यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन रूलस के नियम-8 के अनुसार लाइसेन्स के CANT मुक्त किये जाने की अनुज्ञा प्रदान करते हैं। eel का नाम- संजीव (बन्दी सं0-329/2024) areal के पिता का नाम- श्री राजपाल सिंह निवासी- सूजरा, थाना-बागपत, जनपद-बागपत, उत्तर प्रदेश। 2- कृपया इन आदेशों की प्राप्ति स्वीकार करें। संलग्नक: लाइसेन्स की मूल प्रति। भवदीय, कमलेश कुमार उप सचिव। PAT-373/2026/056(4)/22-2-2026 तददिनांक... 373/2026/056()/22-2-2026 | प्रतित्रेषि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- (लाइसेन्स की द्वितीय प्रति के साथ) I- पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उ0प्र0 लखनऊ। 2- जिला मजिस्ट्रेट, बागपत। 3- पुलिस अधीक्षक, बागपत। 4- निजी सचिव, AIO Aa, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को AO AAT जी के सूचनार्थ। 5- निजी सचिव, माए0 राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 को मा0 मंत्री जी के सूचनार्थ। 6- PRIN प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन। 7- गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, अभय कुमार त्रिपाठी अनु सचिव। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |फार्म-घ (डी) (देखिए नियम -7) यू0पी0 प्रिजनर्स रिल्रीज आंन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-2 के अधीन शर्तों पर छोड़े जाने का लाइसेन्स। यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आंन प्रोबेशन एक्ट, (938 की धारा-2 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके श्री राज्यपाल, इस पाबन्दी के साथ कि आगे लिखी शर्तों का पालन किया जायेगा, बन्दी संजीव, जिसके पिता का नाम- श्री राजपात्र सिंह है और दिनांक 05.09.2025 तक sed) की आयु ल्रगभग 35 वर्ष है, जो सूजरा, थाना-बागपत, जनपद-बागपत, उत्तर प्रदेश का निवासी है, जिसकी बन्दी संख्या-329/2024 है, जो इस समय जिला कारागार, बागपत में बन्द है, बंदी CANT दिनांक 05.09.2025 तक अपरिहार 08 वर्ष, 4/ माह, 28 दिन तथा सपरिहार 09 वर्ष, 0। माह, 24 दिन की सजा काटी गयी है, को छोड़ने की स्वीकृति प्रदान करते हैं और निर्देश देते हैं कि sea कैदी का अभिभावक उसके भाई श्री मनोज कुमार को नियुक्त किया जाता है, की देखरेख और अधिकार में रखते हैं। यह लाइसेंस यदि वह पहले ही निरस्त न कर दिया गया हो, तो बन्दी की मृत्यु के पश्चात् समाप्त हो जायेगा। शर्तें जिनका पालन लाइसेंसदार को करना होगा I- लाइसेंस की अवधि में लाइसेंसदार उपर्युक्त अभिभावक की देख-रेख और अधिकार A रहेगा। वह उन सभी आदेशों का अनुपालन करेगा, जो अभिभावक उसके निवास स्थान, रोजगार और चाल- चलन के विषय में उसे मौखिक रूप से या लिख कर दें। 2- उसके अभिभावक ने जिन स्थानों की सीमाओं के भीतर रहने का उसे आदेश दिया हो उसके बाहर वह बिना उसकी अनुमति के नहीं जायेगा। वह उस स्थान पर चला जायेगा, जहां जाने का निर्देश उसे अभिभावक ने दिया हो और वह उस मार्ग से जायेगा, जिसे उसके अभिभावक ने निर्धारित कर दिया हो। 3- वह उस समय और उन स्थानों पर और उन व्यक्तियों के सम्मुख उपस्थित होगा, जिनके सम्बन्ध में अभिभावक समय-समय पर निदेश करे। 4- वह स्वयं यथोचित परिश्रम से अभिभावक के संतोषानुसार उस काम को करेगा जिसमें लगाने का अभिभावक उसे निर्देश करें। 5- वह कोई ऐसा अपराध न करेगा, जो किसी ऐसे कानून aan दण्डनीय हो, जो भारत में इस समय लागू हो। 6- वह ऐसे व्यक्तियों के साथ किसी भी रूप में मेल न रखेगा, जिनके विषय में यह प्रसिद्ध हो कि वे बदमाश हैं या दुराचारपूर्ण या कुत्सित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 7- यदि राज्य सरकार यह समझे कि उसने उपर्युक्त शर्तों का उल्लंघन किया है तो राज्य सरकार सम्बन्धित व्यक्ति को अपना मामल्रा, जिस जिले में वह उस समय रह रहा है, उसके जिला मजिस्ट्रेट के सम्मुख रखने का एक अवसर देने के उपरान्त उसके लाइसेंस का निरसन कर सकती है और यू0पी0 प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट, 938 की धारा-4 के उपबन्धों का पात्नन करते हुए कैद की बाकी सजा भुगतने के लिए उसे फिर से ster A बन्द किये जाने का निदेश दे सकती है। 8- इस लाइसेंस के निरसन पर उक्त कैदी निरसन के आदेश पत्र में बताई हुई उस तारीख पर या उससे पहले ही जेल में वापस आ जायेगा। 9- अभिभावक की मृत्यु हो जाने की दशा A लाइसेन्सदार उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट को, जहां कि वह रहता है, इस बात की सूचना तुरन्त देगा और यदि सम्भव हो तो मृतक के स्थान पर किसी दूसरे उपयुक्त अभिभावक का नाम प्रस्तावित करेगा और प्रस्तावित अभिभावक के सम्बन्ध मेँ पूरी जानकारी देगा। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |अभिभावक का कर्तव्य लाइसेन्स की शर्तों का पात्नन पूर्ण रूप से कराना अभिभावक का कर्तव्य होगा। वह लाइसेंसदार के चाल-चलन और उसकी भलाई का ध्यान रखेगा और साधारणतया उसके स्थानीय संरक्षक के रूप में कार्य करेगा। यदि लाइसेंसदार का आचरण खराब पाया जाये तो अभिभावक का कर्तव्य होगा कि इस बात की रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट से करें। यदि इस एक्ट के अधीन लाइसेन्स पर छोड़ा गया कोई कैदी अभिभावक की देख-रेख या अधिकार से निकल भागे या उसका लाइसेंस निरस्त कर दिये जाने पर जेल वापस न लौटे तो अभिभावक Red उसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट और सुपरिन्टेंडेन्ट को देगा और निकटतम थाने मैं रिपोर्ट करेगा और कैदी के विरूद्ध उसी प्रकार कार्यवाही की जायेगी, जिस प्रकार पुलिस के हस्तक्षेप योग्य मामले A की जाती है। दिनांक : 06 अक्टूबर, 2026 कमलेश कुमार उप सचिव। कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग उत्तर प्रदेश शासन। l- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http: //shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |